गंगा कॉरिडोर को विकसित करने को जनप्रतिनिधियों के सुझावों को करेंगे शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने भेंट की। इस अवसर पर हरिद्वार ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को आगामी 25 सालों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जाने पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा कॉरिडोर को विकसित करने के लिए जन प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल किया जाएगा। अभी जो कार्य प्रस्तावित किए जा रहे हैं इसमें कॉरिडोर के क्षेत्र में आने वाले भवनों को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। सौंदर्यीकरण का कार्य बिना ध्वस्त किए किया जाएगा।पौराणिक स्थलों के स्वरूप को भी यथावत रखा जाएगा। गंगा कॉरिडोर के तहत हरिद्वार और ऋषिकेश में ओपन स्पेस विकसित किया जाएगा। इससे स्नान पर्वों पर भीड़ का दबाव भी काम होगा।

सीएम ने नवनिर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में नव निर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में 54 करोड़ 31 लाख रूपये की 239 योजनाओं को लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा हमारी सरकार जिन योजनाओं का शिलान्यास करती है, उनका लोकार्पण भी करती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास अनवरत रूप से चलते रहे, यह हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा जिन परियोजना का आज लोकार्पण हुआ है, उनसे आने वाले समय में धर्मनगरी हरिद्वार में विकास की गंगा भी बहेगी। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से नवनिर्मित सिटी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बनाए गए लॉंग टेनिस कोर्ट, क्रिकेट प्रैक्टिस पिच, बैडमिंटन कोर्ट, हरिद्वार के साथ पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण और मददगार साबित होगा। निश्चित रूप से यह हमारे खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में हर प्रकार से उनके विकास में सहयोग करेगा। सिटी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स हमारे प्रदेश में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की दृष्टि से भी बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिथौरागढ़ में पिछले वर्ष 12 अक्टूबर को हमारे राज्य में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन का उद्घोष किया था, राष्ट्रीय खेलों की तैयारी जोरो शोरों से चल रही है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले हमने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर खेल स्टेडियम, इनडोर आउटडोर स्टेडियम का पुनर्निर्माण कार्य किया है। उन्होंने कहा हरिद्वार में भी राष्ट्रीय खेल का आयोजन किया जाएगा। जिससे कुंभ नगरी हरिद्वार को खेल नगरी के रूप में नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीतकालीन यात्रा की तेजी से तैयारी कर रही है। शीतकाल यात्रा शुरू होने से क्षेत्र में पूरे साल यात्रा अनवरत चलेगी। जिसका मुख्य आधार हरिद्वार होगा। जिससे रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। हरिद्वार में भी अनेकों विकास कार्य गतिमान है। हरिद्वार के अंदर निर्मित हो रहे मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लालढांग क्षेत्र में मॉडर्न डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्राम श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। धर्मनगरी हरिद्वार को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए राज्य सरकार हरिद्वार और ऋषिकेश में कॉरिडोर का कार्य कर रहे है। हरिद्वार में हैली सेवाओं के लिए हैलीपैड का निर्माण करने के साथ ही नगर की जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर की पैड़ी से माँ चंडीदेवी तक रोपवे के निर्माण को हरी झंडी दी गई है। जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो जायेगा। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन बनाकर खिलाड़ियों को वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, क्रिकेट सहित अन्य खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ दूधाधारी फ्लाई ओवर के नीचे बड़े स्तर पर पार्किंग, कमर्शियल एवं पार्क सहित विकास कार्य कराए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कावड़ पटरी मार्ग को स्थाई रूप से विकसित किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, पलायन को जड़ से समाप्त करने और राज्य के अंदर निवेश लाने, उद्योग स्थापित करने और स्वरोजगार को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगंधित फूलों की खेती और होम स्टे निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में पारदर्शिता के साथ 19000 से भी ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में किसी भी होनहार छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता को लागू करने वाली है। जिसके लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, कुंवर प्रताप सिंह चौंपियन, जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल, जिलाधिकारी कमेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, एचआरडीए सचिव उत्तम सिंह चौहान, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जल्द जनता के सुपुर्द होगा हरिद्वार का 23 मार्च पार्क

आवास व शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शिव मूर्ति निकट केबल पुल के समीप बने 23 मार्च पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान एचआरडीए द्वारा निर्मित पार्क की डॉ अग्रवाल ने प्रशंसा की और कहा कि जल्द से जनता के सुपुर्द किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान एचआरडीए के उपाध्यक्ष आईएएस अंशुल ने बताया कि करीब एक करोड़ 90 लाख की लागत से इस पार्क का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि पार्क में लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच, पथ प्रकाश, फाउंटेन, चलने के लिए पथ, पुष्प वाटिका लगाई गई है।

उन्होंने बताया कि 23 मार्च पार्क नाम के तहत देश के लिए प्राणों की आहूति देने वाले शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की प्रतिमा भी लगाई गई है। बताया कि करीब 15 बीघा में बने इस पार्क को लोगों के लिए निशुल्क रखा गया है।

डॉ अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान मुख्य हाइवे पर पार्क के नाम से श्राइन बोर्ड लगाने के लिए निर्देश दिए। इसके अलावा पार्क को शहीदों के नाम से रखे जाने को कहा। उन्होंने कहा कि एचआरडीए द्वारा अक्सर नवाचार किया जाता है। यह पार्क भी एचआरडीए द्वारा बनाया गया है जो बहुत ही आकर्षक है, इसे जल्द ही जनता के सुपुर्द किया जाएगा।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष एचआरडीए आईएएस अंशुल, सचिव उत्तम सिंह चौहान, अधीक्षण अभियंता टीपी नौटियाल, पूर्व महापौर नगर निगम हरिद्वार मनोज गर्ग, ओमकार जैन आदि उपस्थित रहे।

अवैध रूप से की जा रही प्लांटिंग पर एचआरडीए का चला पीला पंजा

हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण क्षेत्रांतर्गत रूड़की में अनधिकृत रूप से बन रही अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही की है।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस अंशुल ने बताया कि कई बार पूर्व में नोटिस की कार्रवाई पूर्ण करने के बावजूद अनधिकृत रूप से कॉलोनी में प्लाटिंग की जा रही थी। जिस पर आज प्राधिकरण ने संज्ञान लेकर अवैध प्लाटिंग पर जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर कार्रवाई की गई है।

उन्होंने बताया कि रूड़की में शनिदेव मंदिर के पीछे शेरपुर पर पहुंची टीम ने अवैध प्लाटिंग करने वालों को चेतावनी भी दी है। जिसमें पुनः इस तरह की अवैध कार्रवाई से बचने को कहा गया है। इस अवसर पर सहायक अभियंता व अवर अभियंता पूरी टीम के साथ मौजूद रहे।

जनता मिलन कार्यक्रम में हरिद्वार के मंगलौर उदलहेड़ी से मुख्यमंत्री से मिलने पहुँचा था किसान, सीएम ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में शुक्रवार को हरिद्वार के मंगलौर से आये किसान द्वारा खेतों में सिंचाई हेतु ट्यूबवेल के लिए बिजली का खंभा लगाने का मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री ने किसान की समस्या का तत्काल संज्ञान लिया। नतीजा आज के आज ही उसके खेत में विभाग ने बिजली का खंभा लगवा दिया।

सीएम धामी को उदलहेड़ी मंगलौर निवासी किसान संजय सिंह पुत्र बुद्ध सिंह ने भेंट कर अवगत कराया कि उदलहेड़ी मंगलौर बिजलीघर जिला हरिद्वार से उसने अपने खेत में ट्यूबवैल का सिंचाई हेतु पिछले चार महीने से कनेक्शन लिया हुआ है। उसने बताया कि पड़ोसी किसान जिसके खेत में बिजली की 11 हजार की लाईन है वो अपने खेत में बिजली हेतु खम्बा नही लगने दे रहे हैं। कहा कि बिजलीघर से जब भी कोई अधिकारी लाईनमैन को लेकर लाईन खींचने जाते हैं तो इनके विरोध के कारण वापस लौट जाते हैं जिससे पूरे सेक्टर में पानी न आने के कारण फसल सूखने की कगार पर पहुँच रही है।

संजय सिंह ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया जाये कि उसके खेत में बिजली लाईन खिंचवा दी जाये जिससे दस से ज्यादा किसानों की फसल नष्ट होने से बच जाएगी।

किसान संजय सिंह की समस्या को गंभीरता से सुनने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम के निर्देशों के क्रम में ऊर्जा निगम की ओर से पुलिस व अन्य विभागों के सहयोग से मौके पर खम्बा लगवा दिया गया है।

प्राधिकरण की टीम ने किये रूड़की और भगवानपुर में स्वीकृति से भिन्न बन रहे निर्माणाधीन भवन को सील

हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण ने रूड़की और भगवानपुर में स्वीकृत मानचित्र से भिन्न बन रहे निर्माणाधीन भवनों को सील किया है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा।

एचआरडीए के उपाध्यक्ष अंशुल ने बताया कि रूड़की में पश्चिमी अंबर तालाब रूड़की क्षेत्र में प्राधिकरण ने पाया कि अनधिकृत रूप से बन रहे भवन की जानकारी मिली। बताया कि प्राधिकरण की ओर से कई बार नोटिस की कार्रवाई अमल में लाने के बाद भी भवन का निर्माण किया जा रहा था। बताया कि प्राधिकरण की ओर से इस बार सील की कार्रवाई की गई है।

उन्होंने बताया कि भगवानपुर में रघुनाथ कॉलोनी, सिसोना में बिना स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को भी प्राधिकरण की टीम द्वारा सील किया गया है।

चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में अटल भूजल योजना

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अटल भूजल योजना के तहत राज्य के तीन जल संकटग्रस्त जनपदों चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में जल बजटिंग व कार्यक्रम के स्थानीय स्तर पर कार्यान्वयन की देखरेख और विभिन्न राज्य एजेंसियों के बीच भूजल प्रबंधन के लिए समन्वय हेतु स्टेट लेवल स्टीयरिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव द्वारा कमेटी में लघु सिचाई विभाग को नोडल विभाग बनाते हुए पेयजल व स्वच्छता, शहरी विकास, शहरी विकास, पंचायती राज, सिचाई, ग्राम्य विकास विभाग व स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कमेटी को कार्यक्रम की नियमित रूप से मासिक समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं।
सीएस रतूड़ी ने नोडल विभाग को स्थानीय निकायों के स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स नामित करने तथा उनके प्रशिक्षण हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। यह मास्टर ट्रेनर वाटर प्लान व बजटिंग बनाने में सहायता करेंगे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जल संकटग्रस्त जनपदों चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में अटल भूजल योजना के तहत कैच द रैन, अमृतसरोवर, स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण की गतिविधियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

अटल भूजल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए सीएस राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में संचालित विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच कन्वर्जेंस के माध्यम से सामुदायिक नेतृत्व व भागीदारी से स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जागरूकता कार्यक्रमों और स्थायी भूजल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए क्षमता निर्माण के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाने के लिए कार्य किए जाए। मुख्य सचिव ने जिलों में समुदायों और पंचायतों की विभिन्न गतिविधियों जैसे वाटर यूजर एसोसिएशन का गठन/मजबूती, भूजल आंकड़ों की निगरानी और प्रसार, जल बजट और ग्राम पंचायतवार जल सुरक्षा योजनाओं (डब्ल्यूएसपी) की तैयारी और उनके कार्यान्वयन में सक्रिय भागीदारी हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अटल भूजल योजना का एक मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाना है। इसके लिए जल बजट और वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार करते समय जल उपलब्धता और उपयोग जैसे जल संबंधी डेटा का उपयोग किया जाएगा। ये योजनाएँ सामुदायिक भागीदारी से तैयार की जाएंगी और योजना में इस्तेमाल किए गए डेटा को पूरे समुदाय तक पहुँचाया जाएगा। इसके अलावा, जल संबंधी डेटा को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर (डीडब्ल्यूएलआर), वाटर लेवल साउंडर, रेन गेज, वाटर फ्लो मीटर जैसे विभिन्न उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा, भारत सरकार राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत सतही और भूजल दोनों के लिए विभिन्न रियल टाइम डेटा अधिग्रहण प्रणाली (आरटीडीएएस) भी स्थापित कर रही है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की अटल भूजल योजना के तहत पंचायत स्तर के वाटर यूजर एसोसिएशन में जल बजट और वाटर सिक्योरिटी प्लान अभ्यास में महिलाओं की भागीदारी कम से कम 33 प्रतिशत रखी गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में मौजूदा ग्राम जल और स्वच्छता समिति का विस्तार किया गया है और उनका सहयोग इस कार्यक्रम में लिया जा रहा है। अटल भूजल योजना (अटल जल) गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे 7 राज्यों के 80 जिलों की 8,562 ग्राम पंचायतों में कार्यान्वित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मुख्य रूप से विभिन्न चल रही केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच अभिसरण के माध्यम से समुदाय के नेतृत्व में स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। उत्तराखण्ड राज्य के तीन जल संकटग्रस्त जिलों हरिद्वार, उधमसिंह नगर व चंपावत को भी योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में अटल भूजल योजना से सम्बन्धित आज की बैठक में सचिव शैलेश बगौली सहित पंचायती राज, पेयजल, शहरी विकास, सिचाई, लघु सिचाई, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

हरिद्वार में सिटी स्पोर्ट्स कांप्लैक्स का मंत्री अग्रवाल ने किया निरीक्षण

शहरी विकास व आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा सुंदर हरिद्वार, स्वच्छ हरिद्वार के तहत 17 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि से निर्मित सिटी स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के जीर्णाेद्धार, 06 करोड़ रुपए की धनराशि से प्राधिकरण क्रिकेट स्टेडियम के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया। डॉ अग्रवाल ने किये गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए एचआरडीए के अधिकारियों की प्रशंसा की।

मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि समग्र विकास के लिए संकल्पित हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा हरिद्वार जनपद में खेल भावना से मायापुर में भल्ला कालेज की नजदीक पूर्व से निर्मित सिटी स्पोर्टस कॉम्पलेक्स के जीर्णाेद्धार के साथ-साथ उसके विस्तारीकरण का कार्य कराया जा रहा है। बताया कि यह अन्तिम चरण में है, इस कॉम्पलेक्स में 02 स्कैवश कोर्ट तथा 02 तलों पर जिम, टेरेस पर फुटसेल कोर्ट तथा भूतल पर जलपान गृह की निर्मित किया गया है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि नवनिर्मित स्पोर्टस कॉम्पलेक्स के पार्श्व 02 नये लॉन टेनिस कोर्ट का निर्माण किया गया है। बताया कि नवनिर्मित स्पोर्टस कॉम्पलेक्स के सामने बॉक्स किकेट हेतु पफ शीट हॉल निर्मित किया गया है, जिसमें दिन-रात 03 किकेट अभ्यास मैच कराया जाएगा। बताया कि पूर्व निर्मित बैडमिंटन कोर्ट का पुनरोद्धार तथा आधुनिकीकरण करते हुए वातानुकूलित 05 बैडमिन्टन कीडाएं एक साथ कराये जायेगें तथा दर्शकों हेतु दर्शक दीर्घा का निर्माण कार्य अन्तिम चरण में है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि भल्ला कालेज के नजदीक स्थित प्राधिकरण किक्रेट स्टेडियम के नवीनीकरण में 05 पिचों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें से 03 किकेट पिचों का निर्माण तथा पूर्व एथेलीक मैदान का विस्तारीकरण करते हुए ग्रासिंग तथा स्वचलित वाटर स्प्रिंकलर कार्य पूर्ण किया गया है। बताया कि रात्रि में अभ्यास एवं खेल के लिए 04 स्पोर्टस हाईमास्ट लाईट स्थल पर स्थापित कर की गयी है। शेष 02 स्पोर्टस हाईमास्ट लाईट का कार्य गतिमान है। बताया कि प्राधिकरण स्टेडियम की सुरक्षा तथा जल निकासी हेतु दीवार तथा ड्रेनेज प्रणाली का कार्य गतिमान है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्राधिकरण स्टेडियम से सम्बन्धित समस्त कार्य, जैसेः- मैदान का विस्तारीकरण, नये किकेट पिचों का निर्माण, पार्किंग का निर्माण, दिन-रात किकेट मैच हेतु स्पोर्टस हाईमास्ट लाइट की आपूर्ति व स्थापना, किकेट मैदान के अनुरक्षण हेतु मशीनरी और औजारों की आपूर्ति तथा सुरक्षा दीवार व जल निकासी प्रणाली का कार्य किया गया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल, सचिव उत्तम चौहान, जिला अध्यक्ष भाजपा संदीप गोयल, जिला महामंत्री आशु चौधरी, आशुतोष शर्मा, निवर्तमान पार्षद अनिरुद्ध भाटी, जोली, तरुण चौधरी, विकास पाल, ध्रुव गुप्ता, जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा विक्रम भुल्लर, अमन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

बैठक कर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के सीएम ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में शासन के उच्चाधिकारियों एवं बीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस महानिदेशक सहित आयुक्तों, उपपुलिस महानिरीक्षको, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था की गहनता से समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश की कानून व्यवस्था को चुश्त, दुरुस्त बनाने तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के सख्त निर्देश दिये। प्रदेश में ज्वेलरी दुकानों पर डकैती सहित अन्य अपराधों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिये अधिकारियों का आपसी समन्वय बनाने, सूचनाओं के त्वरित संप्रेषण, इंटेलिजेंस व्यवस्था को प्रभावी बनाये जाने, रात्रि पेट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने पर ध्यान देने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को किसी भी आपराधिक घटना को ससमय ब्रिफिंग किये जाने के निर्देश देते हुए इसकी जानकारी सूचना महानिदेशक को भी अविलम्ब उपलब्ध कराये जाने को कहा, ताकि घटनाओं की वास्तविक स्थिति मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचे। उन्होंने मीडिया से निरन्तर समन्वय बनाये रखने को कहा। उन्होंने महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर नियंत्रण के लिये गौरा शक्ति एप को और अधिक सक्रिय बनाये जाने पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण, लव जिहाद आदि मामलों में कानून होने के बावजूद इस पर रोक न लगना चिन्ता का विषय है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने प्रदेश में अपराध कहां बढ़ रहे हैं और क्यों बढ़ रहे हैं इस पर भी चिन्तन की जरूरत बताई। डेमोग्राफिक चेंज की समस्या के समाधान के लिये भी संबंधित सभी एजेंसियों के मध्य समन्वय पर ध्यान देने के निर्देश भी उन्होंने दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड बाहरी प्रदेशों के अपराधियों की शरणगाह न बनें इसके लिये सीमावर्ती क्षेत्रों में निरन्तर सघन चेकिंग अभियान संचालित किया जाय। अपराधियों के मन में पुलिस का भय तथा आमजन का पुलिस के प्रति भरोसा बढे यह सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने किरायेदारों तथा बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन पर भी ध्यान देने के निर्देश देते हुए मदरसों व अन्य शिक्षण संस्थाओं में पढ़ रहे बच्चे राज्य के नागरिक कैसे बनाये जा रहे हैं, इस पर भी ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में हुए ज्वेलरी दुकान डकैती के प्रकरण में एसपी सिटी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस प्रकरण में जो भी जिम्मेदार होगा उसके विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उत्तराखण्ड को 2025 तक नशा मुक्त प्रदेश बनाने के लिये भी प्रयासरत रहने तथा सामुदायिक पुलिसिंग पर ध्यान देने पर बल दिया। प्रदेश में अपराधों पर नियंत्रण के लिये क्या बेहतर किया जा सकता है इस पर भी चिन्तन किये जाने की जरूरत मुख्यमंत्री ने बतायी। शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा अधीनस्थों के साथ अधिकारियों का सरल व्यवहार व क्षेत्रवाद की भावना से दूर रहने पर भी उन्होंने बल दिया। साइबर क्राईम पर प्रभावी रोकथाम के लिये जन जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूडी, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, ए.डी.जी. ए.पी.अंशुमन, आई.जी. के.एस. नगन्याल, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव निवेदिता कुकरेती, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार सहित आयुक्त कुमाऊं व सभी जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में शिवभक्त कांवड़ियों के चरण धोकर किया स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओम पुल घाट निकट डामकोठी, हरिद्वार में विभिन्न प्रदेशों से आये शिवभक्त कावड़ियों के चरण धोने के साथ माल्यार्पण, शॉल तथा गंगाजली भेंट कर उनका स्वागत किया। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से उत्तराखंड आए कावड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि हरिद्वार पूरे देश की श्रद्धा का केंद्र है। इस पवित्र स्थल पर मां गंगा एवं भगवान भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद है। श्रावण मास में कावड़ यात्रा का विशेष महत्व है। राज्य सरकार को कावड़ियों का स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। कावड़ यात्रा को सुगम सुरक्षित बनाकर सरकार इस यात्रा में कावड़ियों का सहयोगी बनकर कार्य कर रही है। कावड़ियों की सेवा करना सभी के लिए पुण्य का काम है। उन्होंने पुष्प वर्षा से कांवडियों के स्वागत को देवभूमि की अतिथि देवो भवः की परम्परा बतायी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कृपा हम पर बनी रहे। उन्होंने शिवभक्तों से अपील की कि हम व्यवस्था के साथ जुड़कर यात्रा का न केवल आनंद लें, बल्कि श्रद्धा-विश्वास के साथ आत्मानुशासन का परिचय देते हुए पावन श्रावण मास के कांवड़ यात्रा कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कांवड यात्रा में शामिल सभी भक्तों को सुमग, सुरक्षित यात्रा की मंगलमय शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि असीम श्रद्धाभाव के साथ देश के अलग-अलग भागों से श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर आ रहें हैं जो कि श्रद्धा व आस्था के साथ ही देश की आन बान शान तिरंगा भी साथ लेकर चल रहे हैं। उन्होंने यातायात के नियमों तथा शासन प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन करने की अपील भी कावड़ यात्रियों से की है।

मुख्यमंत्री ने ओम पुल घाट पर आयोजित शिव समागम कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार आस्था एवं विकास के साथ सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सभी कांवड़ श्रद्धालु गंगा जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ मेले के सुचारू प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, संत महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कावड़ यात्रा के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप, शौचालय, पार्किंग, टीन शेड, विश्राम स्थल की पर्याप्त व्यवस्था की है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष व्यवस्थाओं को और अधिक सुधारा गया है। उन्होंने कहा पिछले वर्ष कावड़ यात्रा में करीब चार करोड़ कांवड़िए उत्तराखंड आए। भगवान भोलेनाथ की कृपा से पिछले वर्ष की यात्रा सकुशल संपन्न हुई। उन्होंने कहा इस वर्ष भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों के उत्तराखंड आने का अनुमान है। जिसके लिए शासन प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व में भव्य एवं दिव्य केदारनाथ का निर्माण हुआ है। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान पर कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। काशी विश्वनाथ, महाकाल जैसे विभिन्न मंदिरों का पुनर्निर्माण कार्य भव्यता के साथ किया गया है। शीघ्र ही हरिद्वार ऋषिकेश केरिडोर का कार्य प्रारम्भ हो जायेगा इससे आने वाले समय में कांवड़ यात्रियों को और अधिक सुविधा होगी।

इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, आदेश चौहान, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल आदि शामिल रहे।