विकसित भारत संकल्प 2024 मेगा प्रदर्शनी कार्यक्रम को सीएम ने किया वर्चुअल संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में आयोजित विकसित भारत संकल्प 2024 मेगा प्रदर्शनी कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को ’’विकसित भारत’’ बनाने का संकल्प महज एक संकल्प नहीं, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरू बनाने का दृढ़ विश्वास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से ऐलान किया था कि ’’जब 2047 में देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब हमारा राष्ट्र ध्वज ’’एक विकसित भारत’’ का ध्वज होना चाहिए। इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमें बिना रूके, बिना थके आगे बढ़ना है और इस संकल्प के लिए सुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्य करना है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। महज दो माह में ही इस यात्रा से लगभग 60 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा साढ़े 9 वर्षों में अपने महत्वपूर्ण निर्णयों, दूरदर्शी सोच एवं योजनाओं से देश भर में जो सकारात्मक माहौल बनाया है, वह किसी भारतीय से छिपा नहीं है। इस संकल्प में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं अत्यंत सहायक सिद्ध हुई हैं, जिसका भव्य रूप आज हम सभी को देखने को मिल रहा है। विकसित भारत संकल्प यात्रा, आने वाले कुछ वर्षों में विकसित भारत की संकल्पना को जन-जन तक पहुंचाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में देश भर के गांवों में करोड़ों परिवारों को सरकार की किसी न किसी योजना का लाभ अवश्य मिला है। उसमें भी जब ये लाभ अंत्योदय की भावना को ध्यान में रखते हुए अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मिलता है तो एक विश्वास बढ़ता है, जिंदगी जीने की एक नई ताकत आ जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार में, 80 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई। दिव्यांग जनों को सशक्त बनाया, करीब 50 करोड़ जनधन खाते खोले गए, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग साढ़े तीन करोड़ आवास बनाए गए, 8.67 करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचाया गया। जहां एक ओर किसान सम्मान निधि के रूप में 2019 से हर वर्ष किसानों को छह हजार रुपये दिए गए वहीं प्रधानमंत्री जी ’’फसल बीमा योजना’’ भी लेकर लाए। महिला सशक्तिकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 11.72 करोड़ इज्जत घर बनाए गए और दस करोड़ से ज्यादा उज्ज्वला कनेक्शन दिए गए। इसके अलावा रोजगार मेला लगाकर दस लाख भर्तियों का अभियान प्रारंभ किया गया। कोरोना जैसी महामारी का हमने डटकर मुकाबला किया और लोगों को इसके मुफ्त टीके लगाए गए। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना से दस करोड़ परिवारों का पांच लाख रुपए का बीमा भी कराया गया। पूर्वोत्तर में शांति व समृद्धि स्थापित करने के उद्देश्य से कई समझौते किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में जहां भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का उद्घाटन किया गया, वहीं दूसरी ओर वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक सहित कई अन्य परियोजनाएं पूरी की गई। राम मन्दिर को लेकर देश में अनेक भ्रांतियां फैलायी गई किन्तु प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार में सभी भ्रांतियां शून्य साबित हुई। इसके अलावा 34 साल पुरानी शिक्षा नीति भी बदली गई और कश्मीर घाटी में घुसपैठ की घटनाओं में भी कमी आई। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में जी-20 सम्मेलन में भारत ने जहां एक ओर अपनी धाक जमाई वहीं, भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में भी सफल रहा। देश में डिजिटल लेन-देन भी बढ़ा और 776 अरब डॉलर का निर्यात भी हुआ। 2014 से पूर्व देश के विकास का इंजन बहुत धीमी गति से चल रहा था परन्तु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास का यही इंजन आज हर क्षेत्र में तेजी से दौड़ रहा है। 2014 से पूर्व देश में स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं बीमार थी, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज स्वास्थ्य सेवाओं का जिस तरह विस्तार हुआ है, वह पहले संभव नहीं था।

2014 से पूर्व देश में सड़कों की खस्ता हालत किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज देश में प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। 2014 से पूर्व बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था, लेकिन मोदी के नेतृत्व में मिशन इन्द्रधनुष योजना के तहत बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है। आज मोदी जी के नेतृत्व में देश का सांस्कृतिक वैभव पुनः वापस लौट रहा है। 2014 से पहले भारत एक पिछलग्गू राष्ट्र की श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व का एक अग्रणी राष्ट्र बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन का ही प्रतिफल है कि हम उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री से प्रेरणा पाकर हमने भी उत्तराखंड में विगत ढाई वर्षों में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए हैं, जो विगत 23 वर्षों में नहीं लिए गए थे। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया। हमने देवभूमि में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कठोर कदम उठाए। इसके अलावा उत्तराखंड बनने के 23 वर्षों में पहली बार भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। मातृशक्ति को मजबूत करने के लिए जहां हमने प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की वहीं वर्ष में तीन मुफ्त सिलेंडर रिफिल देने की योजना भी हम लेकर आए। अब हमने देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू कर ये देखा दिया है कि हम जो कहते हैं, वो अवश्य करते हैं। यूसीसी के माध्यम से हमने सभी को समान अधिकार देने का एजेंडा तैयार किया हैं। लेकिन, कई लोग यूसीसी को लेकर भी भ्रांतियां फैला रहे हैं, इस मामले में अब जनता किसी भी प्रकार से फैलाए जा रहे भ्रम से भ्रमित होने वाली नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको यह संकल्प लेना होगा कि हम 2047 तक विकसित भारत बनाने के यज्ञ में अपने परिश्रम की आहुति प्रदान करेंगे। हम उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने संकल्प को लेकर चल रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम अपने इस ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को सभी के सहयोग से पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने हरिद्वार में 30 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्धाटन व शिलान्यास किया

हरिद्वारः केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पावन धाम के निकट आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों के लोकार्पण शिलान्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन किलोमीटर लम्बे दूधाधारी एलिवेटेड फ्लाई ओवर का लोकार्पण तथा श्यामपुर रेलवे फाटक के निकट वैली ब्रिज के साथ 04 लेन चौड़ीकरण एवं कॉजवे के निर्माण का शिलान्यास सहित 4750 करोड़ रूपये की लागत के 30 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने इस अवसर पर हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण की 409 लाख रूपये की लागत की दो परियोजनाओं-हरिद्वार में ऊंची शिवमूर्ति के समीप केबल ब्रिज पर डायनमिक स्थाई फसाड विद्युत सौन्दर्यीकरण का कार्य व शंकराचार्य चौक के समीप स्पोर्ट्स जोन का विकास एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य का उद्घाटन किया।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि श्यामपुर फाटक आरओबी आदि का तीन महीने के अन्दर टेण्डर निकाल कर कार्य प्रारम्भ कर देंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में वर्ष 2016 में 2 हजार 517 किमी राष्ट्रीय मार्ग था जो वर्ष 2024 में बढ़कर 3608 किमी पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि हमने उत्तराखण्ड में 16 हजार करोड़ रूपये के रोपवे मंजूर किये हैं। उत्तराखण्ड में जो भी सड़कें बनेंगी, वे राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की होंगी। उन्होंने घोषणा कि त्यूनी-चकराता-मसूरी-टिहरी-मलेठा तीन हजार करोड़ की लागत से 315 किमी टू लेन 2024 तक बन जायेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल परिवहन को आसान बनाएंगी बल्कि ऋषिकेश से भारत-चीन सीमा तक बेहतर कनेक्टिविटी भी प्रदान करेंगी। फ्लाईओवर से धार्मिक नगरी हरिद्वार में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज जिन 28 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उनके निर्माण से उत्तराखंड विकास की तेज गति हासिल करेगा। चारधाम मार्गों पर श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी। उत्तराखंड की अन्य राज्यों से कनेक्टिविटी बढ़ने से आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का हार्दिक स्वागत व अभिनन्दन करते हुये कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में सड़कों आदि के क्षेत्र में अनेक काम उत्तराखण्ड में होने के साथ ही पूरे देश में कनेक्टविटी के क्षेत्र में एक क्रान्ति आई है। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता की यात्रा के लिये सड़कों का निर्माण अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पूरे देश में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिसकी वजह से सभी की यात्रा अब सुगम होती जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा पाकर और उनके ही मार्गदर्शन में, उत्तराखंड में भी विकास के एक नए युग का सूत्रपात हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेकों कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में हर स्तर पर कनेक्टिविटी को सुधारा जा रहा है, उद्योगों के विकास पर बल दिया जा रहा है और भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रख कर नीतियां बनाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर अब तेजी से आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन रहे हैं और इसी के दृष्टिगत हम निरंतर अपने शहरों को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। युवा उत्तराखंड अब एक नए जोश और एक नई उमंग के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है और हम उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प को लेकर निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हम इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का देश के सामाजिक एवं सामरिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण योगदान है, क्योंकि मानव सभ्यता की यात्रा के लिए सड़कों का निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में एक महत्वाकांक्षी परियोजना प्रारंभ करना और उसे समय पर पूरा करना एनएचएआई के लिए एक सामान्य बात बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपका काम सिर्फ सड़कें, ओवरब्रिज, अंडर पास बनाकर एक जगह को दूसरी जगह से जोड़ना नहीं है, बल्कि आपको अपने कार्यों से लोगों के दिलों को भी जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा मानना है कि निर्माण ऐसा होना चाहिए जो जनता के लिए, जनता का और जनता द्वारा की भावना से प्रेरित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मैं, कहूँ कि एनएचएआई आज सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास हेतु एक मजबूत स्तंभ बन चुका है तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आज ही 47 सौ करोड़ रुपए लागत की 28 परियोजनाओं का भूमि पूजन और 2 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद उत्तराखंड विकास पथ पर अग्रसर होने के साथ ही देवभूमि की तरह ही डेवलप भूमि कहलायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हरिद्वार से देहरादून जाने में ढाई से तीन घण्टे का समय लगता था, परन्तु अब यही समय घटकर 45 से 50 मिनट हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा उत्तराखण्ड भी प्रधानमंत्री द्वारा जलाए गए विकास के दीप से निरंतर प्रकाशमान हो रहा है। राज्य में चारधाम ऑल वेदर सड़क परियोजना के एक बड़े हिस्से का निर्माण हमने पूरा कर लिया है जिससे हम श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बना पाए हैं। छोटा राज्य होने के बावजूद उत्तराखण्ड में आज 21 हाईवे और 69 स्टेट हाईवे हैं। प्रदेश में सड़कों की दशा में पहले से अद्भुत सुधार हुआ है, जहां एक ओर भारत माला परियोजना के तहत उत्तराखण्ड में 5 महत्वपूर्ण योजनाएं चल रही हैं, वहीं ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट से चारोंधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री की यात्रा लगातार सुगम होती जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देहरादून एलिवेटेड एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है और इस एक्सप्रेस वे के बनने से देश की राजधानी से उत्तराखंड की राजधानी पहुंचने का समय भी महज ढाई घंटे हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नितिन गडकरी के नेतृत्व में देश में 38 से 39 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रतिदिन होना यह दर्शाता है कि किस तरह देशभर में रोड कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। यदि उत्तराखंड की बात करें तो हम प्रतिदिन 4.14 किमी सड़क का निर्माण कर रहे हैं।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री व सांसद हरिद्वार डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व कैबिनेट मंत्री व नगर विधायक मदन कौशिक ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश व प्रदेश में खासतौर पर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुये अभूतपूर्व चहुंमुखी विकास पर विस्तृत प्रकाश डाला।

इस अवसर पर सांसद तीरथ सिंह रावत, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, कैबिनेट मंत्री प्रेम चन्द्र अग्रवाल, सुबोध उनियाल, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, अन्य विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष हरिद्वार संदीप गोयल, रूड़की शोभाराम प्रजापति, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव लोक निर्माण पंकज पाण्डेय, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, एनएचआई महाप्रबन्धक अमरेन्द्र कुमार आदि उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री व सीएम ने किया देव संस्कृति विवि के व्याख्यान माला में प्रतिभाग

हरिद्वारः केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में आयोजित व्याख्यान माला कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। व्याख्यान माला का मुख्य विषय ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’ रहा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मेरी एक बार पुनः गायत्री परिवार का हिस्सा बनने के लिए हरिद्वार आने की प्रबल इच्छा थी। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे आप सभी से यहां दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में किए अपने अच्छे कार्य गिनाने की जरूरत नहीं है, उत्तराखण्ड के लोगों का उनके मुख्यमंत्री के प्रति यह स्नेह और विश्वास उनका कार्य कौशल साफ दिखता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह मेरा भी सौभाग्य है कि मुझे इस पावन धरा परम वैभवशाली मंदिर में आने का मौका मिला है। हम सभी के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि आज वसुधैव कुटुंबकम की थीम पर आयोजित इस विशेष व्याख्यानमाला में हम सभी को केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय एक प्रमुख शिक्षा संस्थान है जो विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान करता है। यहां विश्व भर से छात्रों को अद्वितीय शिक्षा और विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं।

इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने शौर्य दीवार पर देश के अमर वीर जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने विश्वविद्यालय परिसर में मौलश्री के पौधे भी रोपित किए।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति चिन्मयानंद पांडेय, विधायक मदन कौशिक, विश्वविद्यालय के आचार्यगण और समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

हरिद्वार में सीएम ने किया 1168 करोड़ रूपये की लागत से 158 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में नारी शक्ति महोत्सव कार्यक्रम में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने हरिद्वार जनपद के लिए 1168 करोड़ रूपये की लागत के 158 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वनभूलपुरा अतिक्रमण वाले स्थल पर पुलिस और अन्य संस्थान खोले जायेंगे। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के शहरी क्षेत्र की सम्पूर्ण सीवरेज व्यवस्था के सुदृढीकरण के लिए जर्मन बैंक की मदद से 523 करोड़ की स्वीकृत परियोजना, ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था, पर्यटक स्थलों के विकास, पार्किंग व्यवस्था सहित अन्य कार्यों का आज शिलान्यास किया। इन योजनाओं से हरिपुरकलां, भूपतवाला, भीमगोडा, हरकी पैड़ी, मायापुर, कनखल, ऋषिकुल, ज्वालापुर, आवास विकास कॉलोनी, गोविन्दपुरी, जगजीतपुर सहित अन्य क्षेत्रों को सीवरेज सहित पेयजल, पार्किंग आदि की समस्या से निजात मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी समाज या राज्य की रीढ़, उसकी सशक्त महिलाएं ही हैं, अगर किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है तो उस राज्य का विकास सुनिश्चित है। उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में राज्य की महिलाओं का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए अनेक प्रयास हुए हैं। उत्तराखण्ड में भी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंगनबाड़ी केन्द्रों को उन्नत रूप से विकसित करते हुए भविष्य के नौनिहालों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट तारा की शुरुआत करने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन की सराहना की। इस प्रोजेक्ट के अन्तर्गत 150 आंगनबाड़ी केन्द्रों को आधुनिक व तकनीकी रूप से समृद्ध बनाते हुए प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र में स्मार्ट टी०वी०, बच्चों के लिए फर्नीचर, खिलौने और आंगनबाडी कार्यकत्री को नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रणाली की बारीकी से ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रोजेक्ट द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों के 3000 बच्चों एवं 300 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सीधे लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री के “अमृतकाल की आंगनबाड़ी“ के सपने को मूर्तरूप देने का प्रशंसनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के अन्तर्गत राज्य सरकार ने हरिद्वार में “मीठी गंगा“ नामक एक और महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत भी की है, जिसमें स्थानीय महिलाओं द्वारा शहद उत्पादन एवं बिक्री का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम महिलाओं को होम मेकर के साथ -साथ नेशन मेकर के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि तभी हम सही अर्थों में राष्ट्र का विकास कर पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनरोत्थान के लिये निरंतर कार्य हो रहे हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य व दिव्य मंदिर का उद्घाटन, काशी विश्नाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक कॉरिडोर सहित बाबा केदार के पुनर्निर्माण कार्य और बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के कार्य इस बात का सबूत है, उन्होंने जो कहा वह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हम हरिद्वार और ऋषिकेश कॉरिडोर का निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, क्योंकि हम अयोध्या, काशी विश्वनाथ और महाकाल लोक कॉरिडोर की तरह ही हरकी पैड़ी कॉरिडोर को विश्व के मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाना चाहते हैं। उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और अब समान नागरिक संहिता विधेयक विधानसभा से पास हो गया है। हमें 21वीं सदी के इस तीसरे दशक को महिला सशक्तिकरण को समर्पित दशक बनाना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति महोत्सव कार्यक्रम से पहले देवपुरा चौक से ऋषिकुल मैदान तक आयोजित भव्य रोड शो प्रतिभाग कर मातृ शक्ति और विशाल जन समूह का अभिनंदन स्वीकार किया।

इस अवसर पर सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष हरिद्वार राजेन्द्र चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष श्यमवीर सैनी, शोभाराम प्रजापति, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल, जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज गर्ब्याल, एस.एस.पी प्रमेन्द्र डोभाल, सीडीओ प्रतीक जैन उपस्थित थे।

सीएम ने हरिद्वार से अयोध्या आस्था स्पेशल ट्रेन का किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार रेलवे स्टेशन से अयोध्या जाने वाली आस्था स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ट्रेन से 1504 श्रद्धालु प्रथम रवानगी में अयोध्या पहुँचेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हरिद्वार से अयोध्या के मध्य आस्था स्पेशल ट्रेन के संचालन की शुभकामनाएं देते हुए ट्रेन के संचालन पर प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ट्रेन के संचालन से हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून सहित गढ़वाल व कुमाउं क्षेत्र के रामभक्तों को सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए हम सभी ने कितना संघर्ष किया, अब हमें उस संघर्ष का प्रतिफल प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार में मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर के लिए चलाए गए आंदोलन में अर्पण भी था, तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था। उन्होंने कहा कि जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से वर्षों पुराना ये स्वप्न साकार हुआ, जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की भांति जुड़ी हुई है, मैं उन सभी लोगों को नमन करता हूँ, उनका वंदन करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने भगवान भास्कर के सानिध्य में सरयू के किनारे एक स्वर्णिम अध्याय रचा है। अब सदियों का इंतजार समाप्त हो गया है और हर कोई अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन करने को लालायित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं स्टेशन में प्रवेश कर रहा था तो राम भक्तों के चेहरों पर जो भाव देख रहा था, उन्हें शब्दों में बयां करना संभव नहीं है। सभी रामभक्त वर्षों पुराने स्वप्न को सच होते देखने के लिए अयोध्या जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा, हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा, हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और ये मंदिर करोड़ों-करोड़ लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर आने वाली पीढ़ियों को आस्था, श्रद्धा, और संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड को भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्पित हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के मंत्र को लेकर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और इस लक्ष्य में हमें आप सभी का सहयोग व समर्थन चाहिए।

इस अवसर पर महानिर्वाणी के सचिव रविन्द्र पुरी, महामंडलेश्वर रूपेन्द्र प्रकाश, पदम जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री व नगर विधायक मदन कौशिक, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, जिला महामंत्री विकास तिवारी, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, एडीएम (प्रशासन) पीएल शाह, डीआरएम राजकुमार, एसडीएम अजय वीर सिंह, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, एसपी रेलवे सरिता डोबाल, नितिन गौतम, उज्ज्वल पंडित, जगदीश लाल पाहवा सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री आवास में किसानों ने किया सीएम धामी का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में हरिद्वार के किसानों के प्रतिनिधिमण्डलों ने भेंट की। उन्होंने वर्ष 2023-24 के लिए राज्य में गन्ना मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल वृद्धि करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने किसानों के हित में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर लिये गये निर्णयों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कृषि, बागवानी के क्षेत्र में अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 2023-24 के लिए गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 375 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति का मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साढ़े नौ साल के कार्यकाल में गरीबों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं। हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का लाभ दिया गया है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी तेजी से कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी योजनाएं लोगों के लिए वरदान साबित हुई हैं। राज्य में भी हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, भाजपा के हरिद्वार जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, रूड़की जिलाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेन्द्र पुण्डीर, गन्ना विकास सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्यामवीर सैनी एवं किसानों के प्रतिनिधिमण्डल उपस्थित थे।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को रूड़की कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित नमो नवमतदाता सम्मेलन में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सभी नव मतदाताओं से अपील की कि अपने मत का प्रयोग अवश्य करें और सबको मत का प्रयोग करने के लिए जागरूक भी करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोट का सबसे अधिक महत्व होता है। मतदाता ही देश के भाग्य विधाता हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे अहम भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं से आह्वान किया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें। जो मताधिकार के प्रयोग के लिए योग्य हो चुके हैं, अपना पंजीकरण कर मतदान करने का अधिकार लें। मतदान करने का पवित्र कार्य सभी को करना चाहिए। हमारी सोच होनी चाहिए कि पहले मतदान, फिर जलपान। उन्होंने कहा कि मतदान के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ी है, इसके परिणामस्वरूप मतदान का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मतदान के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाये जाते हैं। हमारे युवाओं को भी स्कूल, कॉलेजों, संस्थानों और विभिन्न क्षेत्रों में जाकर इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने होंगे।
इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष हरिद्वार किरण चौधरी, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भाजपा के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत, युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष गौरव कौशिक, भाजपा के जिलाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

हरकीपैडी में सीएम ने मनाया श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अयोध्या में श्रीराम लला विग्रह के दिव्य, भव्य, नव्य मन्दिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पावन एवं गौरवशाली शुभ अवसर पर विशेष रामनाम ध्वजा से सजे हुये हरकीपैड़ी में आयोजित दीपोत्सव व विशेष आरती कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने हरकीपैड़ी पहुंचकर बजाओ ढोल स्वागत में मेरे भगवान आये हैं….., मंगल भवन अमंगल हारी, अयोध्या आये मेरे प्यारे राम बोलो जै-जै श्रीराम आदि श्रीराम भजनों के बीच देश तथा प्रदेश की समृद्धि की कामना करते हुये पूजा-अर्चना तथा विशेष आरती की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जैसे ही दीपोत्सव में दीप प्रज्ज्वलित करना प्रारम्भ किया, देखते ही देखते पूरी हरकीपैड़ी हजारों दीपकों की रोशनी से जगमगा उठी तथा सभी दिशायें पटाखों की ध्वनि तथा जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो गयी। हरकीपैड़ी की दीपोत्सव तथा विशेष आरती की यह छटा देखकर श्रद्धालु तथा उपस्थित जन-समूह अपने आपको इस अप्रतिम क्षण का साक्षी मानकर धन्य तथा सौभाग्यशाली समझ रहे थे।
दीपोत्सव तथा विशेष आरती कार्यक्रम का आयोजन श्रीगंगा सभा द्वारा किया गया। महामंत्री श्रीगंगा सभा तन्मय वशिष्ठ तथा पदाधिकारियों ने हरकीपैड़ी पहुंचने पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत व अभिवादन किया तथा आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री व सांसद हरिद्वार डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व कैबिनेट मंत्री व हरिद्वार नगर विधायक मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) दीपेन्द्र सिंह नेगी, महामंत्री श्रीगंगा सभा तन्मय वशिष्ठ, उज्ज्वल पण्डित, सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश जमदग्नि, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ0 जयपाल सिंह चौहान, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, लव शर्मा, आशू चौधरी, संजय चोपड़ा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, साधू-सन्त, श्रद्धालुजन सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने गुरुकुलों से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अग्रसर होने का किया आह्वान

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वामी दर्शनानन्द गुरूकुल महाविद्यालय, हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल एवं योग गुरु स्वामी रामदेव की उपस्थित में ’पतंजलि गुरूकुलम’ एवं ’आचार्यकुलम’ का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि देश में गुरूकुलों में न केवल आधुनिक शिक्षा प्रदान की जाए, बल्कि भारत की नैतिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए और अधिक गुरुकुल स्थापित किए जाने चाहिए। ऐसे समय में जब विदेशी संस्कृति के अनुकरण के कारण नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है, युवाओं को नैतिक मूल्यों के समावेश के साथ आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए गुरुकुलों को यह दायित्व निभाने के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने गुरुकुलों से आज के निरंतर विकसित हो रहे समय के साथ तारतम्य बिठाते हुए पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसी उभरती और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अग्रसर होने का आह्वान किया। “ऐसी प्रौद्योगिकियां विकसित करें जो देश को इस क्षेत्र में अग्रणी बनायें। उन्होंने कहा कि गुरुकुलों को अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए मार्गदर्शक के रूप में कार्य करना चाहिए, आने वाले समय में वे एक बार फिर देश और उसकी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करें और भारत की नई पहचान बनें। रक्षा मंत्री ने कहा कि “लगभग 1,500 वर्ष पूर्व भारत में कई बड़े विश्वविद्यालय थे, जिनमें गुरुकुल परंपरा प्रचलित थी। उसके बाद, देश ने विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा उस व्यवस्था को लगभग नष्ट होते हुए देखा। बदले में, उन्होंने एक ऐसी प्रणाली विकसित की जो हमारे युवाओं को देश की सांस्कृतिक भावना के अनुरूप शिक्षा प्रदान नहीं करती थी। रक्षा मंत्री ने कहा कि उस दौरान, स्वामी दर्शनानंद जी ने इस गुरुकुल की स्थापना की, जो तत्कालीन समय से हमारी युवा पीढ़ियों को ज्ञान और संस्कृति के माध्यम से दीप्तिमान कर रहा है।”

रक्षा मंत्री ने देश में सांस्कृतिक विकास में गुरुकुलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि “काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकालेश्वर धाम से राम मंदिर तक बुनियादी ढांचागत विकास से पता चलता है कि सरकार हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके उत्थान की दिशा में कार्यरत है। यह विचार सांस्कृतिक संरक्षण से भी आगे जाता है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां इस महान देश की संस्कृति पर गर्व कर सकें। उन्होंने कहा कि गुरुकुल इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।” राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने प्राथमिक शिक्षा से ही युवाओं के मन में नैतिक मूल्यों को विकसित करने के सरकार के संकल्प को दोहराया।

रक्षा मंत्री ने योग के महत्व का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे इसके हितकारी होने के कारण संपूर्ण विश्व ने प्राचीन भारतीय पद्धति का अनुसरण किया है। “भारत वसुधैव कुटुंबकम (विश्व एक परिवार) की अवधारणा का पालन करता है। हमारे ज्ञान का विशाल भंडार पूरी दुनिया को समर्पित है। अब 21 जून को संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि योग की इस प्रथा को, कभी केवल भारत तक ही सीमित माना जाता था, लेकिन अब इसे विश्व स्तर पर लोगों ने स्वीकार किया है, अब योग प्रणाली पूरे विश्व के लोगों के दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।” भारतीय साहित्य में संस्कृत के महत्वपूर्ण स्थान की चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने प्राचीन भारतीय भाषा को उसी तरह बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया जिस प्रकार से योग को लोगों के लिए सुलभ बनाया गया था।

गुरूकुलम में छात्र शिक्षा के साथ संस्कारवान बनकर आदर्श नागरिक के रूप में समाज में देंगे अपना योगदान

स्वामी दर्शनानंद का प्राचीन गुरूकुल परंपरा को पुर्नजीर्वित करने में है बड़ा योगदानः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती और स्वामी दर्शनानंद का प्राचीन गुरूकुल परंपरा को पुर्नजीर्वित करने में बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा जिस प्रकार स्वामी रामदेव ने पतंजलि योगपीठ के माध्यम से विश्व में योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने का कार्य किया, उसी प्रकार पतंजलि गुरूकुलम भी शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव का द्योतक बनेगा। गुरूकुलम में बच्चों को शिक्षा के साथ ही संस्कार भी मिलेंगे, जिससे वो एक आदर्श नागरिक के रूप में समाज में अपना योगदान दे सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुकुल में गुरु अपने छात्रों को अपना कुलवाहक मानकर उन्हें तैयार करते हैं तथा शिक्षित कर उन्हें आदर्श मनुष्य बनाने का काम करते हैं। भविष्य में पतंजलि गुुरुकुलम् रूपी गंगोत्री से निकले छात्र भारतीय शिक्षा पद्धति की धर्म ध्वजा को चारों ओर फहराने का कार्य करेंगे। व्यक्ति निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण संभव है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में देश में अनेक ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। भगवान राम का भव्य और दिव्य मंदिर बन रहा है। जिसके साक्षी हम सभी 22 जनवरी को बनेंगे। काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर के भव्य कोरिडोर, उज्जैन में महाकाललोक कॉरिडोर, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का सौंदर्यीकरण हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने राज्य हित में ऐतिहासिक फैसले लेते हुए उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया गया है। देवभूमि में पहली बार अतिक्रमण के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए। इसके साथ ही भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा अब हम देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।

इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सात प्रमुख नगरियों में से मध्य प्रदेश की अवन्तिका नगरी तथा यहां की मायापुरी प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह श्रीकृष्ण की धरा है। यहां आचार्य संदीपनी के आश्रम में श्रीकृष्ण ने 64 कला तथा 14 विद्याओं का अध्ययन किया था। नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुये कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने योग गुरू स्वामी रामदेव से अपेक्षा की कि इस गुरूकुलम को जल्द से जल्द तैयार करने के साथ ही ऐसा ही गुरूकुलम मध्य प्रदेश में भी स्थापित करने का प्रयास करें, जिसके लिये मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पूरा सहयोग प्रदान किया जायेगा।

कार्यक्रम में केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सांसद सुधांशु त्रिवेदी, भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एमपी सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। योग गुरू स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण ने भारतीय संस्कृति, गुरूकुलम एवं आचार्यकुलम के इतिहास आदि की जानकारी दी।

इस अवसर पर सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री व नगर विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, बालकनाथ महाराज, स्वामी परमानन्द, ज्ञानदेव, राजीव, महन्त रविन्द्रपुरी, स्वामी हरिचेतनानन्द, रूड़की विधायक पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, कुलाधिपति डॉ0 सत्यपाल सिंह, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मंगलौर में हुआ हादसा, सीएम ने परिजनों को दो-दो लाख देने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद हरिद्वार के लहबोनी, मंगलौर में ईंट भट्ठे की दीवार गिरने से वहां कार्यरत श्रमिकों की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत हृदय विदारक बताते हुए दिवंगतों की आत्मा को श्री चरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये एवं घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश भी दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में हम शोक संतप्त परिजनों के साथ खड़े हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर सचिव मुख्यमंत्री द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों एवं घायल श्रमिकों को प्रदान की जाने वाली धनराशि की स्वीकृति का शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।