आपदा की स्थिति एवं राहत-बचाव कार्यों की प्रगति पर गृहमंत्री ने सीएम से ली जानकारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखण्ड में हाल ही में हुई आपदा की स्थिति एवं राहत-बचाव कार्यों की प्रगति के संबंध में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर वार्ता की।

गृह मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली और राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग एवं आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार राज्य के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और प्रभावित जनता को शीघ्र राहत पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए अवगत कराया कि राज्य प्रशासन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन एवं सहयोग से उत्तराखण्ड इस कठिन परिस्थिति से शीघ्र उबर सकेगा।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में राहत कार्य और तेज़ी से संचालित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तत्परता से सक्रिय है और बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी देहरादून जनपद के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ उपस्थित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो और राहत सामग्री, सुरक्षित ठहराव, भोजन, पानी एवं स्वास्थ्य सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय हैं।”

सीएम धामी ने पीएम और गृहमंत्री का जताया आभार, आप भी जानिए…

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (एसडीआरएफ) के केंद्रीय अंश के रूप में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 455 करोड़ 60 लाख रुपए की धनराशि अग्रिम तौर पर जारी की है। उक्त धनराशि 15वें वित्त आयोग की संस्तुति के अनुसार की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस राशि को उत्तराखंड में आपदा राहत कार्यों में खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को हर मुश्किल समय में सहारा प्रदान किया है, इसके लिए उत्तराखंड की जनता प्रधानमंत्री का विशेष तौर पर आभारी है।

धराली गांव में बादल फटा, जन धन के नुकसान की सूचना पर सीएम पीएम और गृहमंत्री ने जताया दुख

उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में बादल फटने की घटना से हुए जन-धन के नुकसान की सूचना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख व्यक्त करते हुए प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। इस दौरान प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने सीएम से फोन पर घटना की संपूर्ण जानकारी हासिल की। उन्होनंे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ एवं अन्य राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपना दौरा स्थगित कर तत्काल देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा स्थिति की नियमित जानकारी ले रहे हैं ।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों को शीघ्र राहत पहुँचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

एक्स पर नंबर-1 पर ट्रेंड हुआ उत्तराखंड निवेश उत्सव

प्रदेश में ₹01 लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग पूरी होने पर रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर में उत्तराखंड निवेश उत्सव मनाया गया तो सोशल मीडिया पर इसकी धूम मच उठी। सोशल मीडिया साइट X (पूर्व में ट्विटर) पर #UttarakhandNiveshUtsav दिनभर देशभर में नंबर-1 पर ट्रेंड करता रहा।

आम नागरिकों के साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों और निवेशकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेशवासियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी।

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने सीएम धामी को “कुशल प्रशासक” बताते हुए लिखा कि उत्तराखंड में इतने बड़े पैमाने पर निवेश की ग्राउंडिंग संभव हो सकी है, तो इसका श्रेय उनके निर्णायक नेतृत्व, पारदर्शी कार्यशैली और विकास के प्रति प्रतिबद्ध दृष्टिकोण को जाता है। कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री धामी के विजन के चलते ही आज उत्तराखंड निवेश, नवाचार और नौकरियों का केंद्र बनता जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में देहरादून में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के दौरान ₹3 लाख करोड़ से अधिक के निवेश करार किए गए थे। उस समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्तिगत रूप से देश और विदेश के निवेशकों से संवाद किया, रोड शो किए और उत्तराखंड को निवेश के अनुकूल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

इस निवेश से प्रदेश में 81,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। यह पहली बार है जब प्रदेश में किए गए निवेश करारों का 33% से अधिक हिस्सा धरातल पर उतरने में सफल हुआ है। इससे उत्तराखंड देश के निवेश मानचित्र पर एक भरोसेमंद और सक्रिय राज्य के रूप में उभरा है।

उत्तराखंडः एक लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग पर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्साहित

उत्तराखंड में एक लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग पर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड उत्साहित है। एसोसिएशन की प्रतिक्रिया गर्मजोशी से भरी है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पंकज गुप्ता का मानना है कि निवेशक सम्मेलन के सिर्फ डेढ़ साल बाद कुल निवेश का तीस फीसदी धरातल पर उतरना असाधारण उपलब्धि है। यह पॉजिटिव डेवलपमेंट हैं, जिसके दूरगामी परिणाम निकलेंगे।

एक बातचीत में गुप्ता ने कहा कि निवेशक सम्मेलन हर राज्य कर रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने की तमाम कोशिशें हो रही हैं। मगर देखने में ये ही आया है कि पांच से दस फीसदी ग्राउंडिंग पर आकर बात ठहर जाती है। इस संदर्भ में उत्तराखंड की तीस फीसदी ग्राउंडिंग की उपलब्धि बहुत बड़ी है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार के प्रयासों का प्रतिफल है, जिससे निवेश लायक अनुकूल माहौल बना है। निवेशकों का उत्तराखंड के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

गुप्ता ने कहा कि पूर्व में सिर्फ उद्योगों को फोकस करके आर्थिक विकास की तरफ कदम बढ़ाए गए, लेकिन धामी सरकार ने उद्योगों के साथ ही ऊर्जा, पर्यटन, हाउसिंग समेत सभी क्षेत्रों को ध्यान में रखकर सर्वांगीण आर्थिक विकास की मजबूत बुनियाद रख दी है। बकौल, गुप्ता-राज्य सरकार निवेश लायक माहौल बनाने के लिए इंटरनल कनेक्टिविटी पर काम कर रही है, तो केंद्र सरकार एक्सटरनल कनेक्टिविटी पर भरपूर सहयोग दे रही है। केंद्र और राज्य का यह बेहतर तालमेल न सिर्फ उत्तराखंड को मजबूत आर्थिक आधार देगा, बल्कि रोजगार की भी नई राह खोलेगा।

सीएम की नजर में निवेशक हैं ब्रांड एंबेसडर

राज्य सरकार निवेशकों को उनके अनुकूल माहौल देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी का नतीजा है कि निवेशक उत्तराखंड को लेकर उत्साहित हैं। आंकड़ों की बाजीगरी से हटकर निवेश की ग्राउंडिंग के जो असल आंकडे़ नजर आ रहे हैं, वह उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य के हिस्से आई बड़ी उपलब्धि है। निवेशकों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हमेशा उत्तराखंड का ब्रांड एंबेसडर बताया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि राज्य में निवेश करने वाले निवेशकों को उत्तराखंड में जो अच्छे अनुभव प्राप्त हो रहे हैं, उसे वह देश-दुनिया के सामने ला रहे हैं। एक तरह से वे हमारे ब्रांड एंबेसडर बनकर कार्य कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने बंपर निवेश पर पीठ थपथपाई, साथ ही ब्रांडिंग भी की

वर्ष 2023 में निवेशक सम्मेलन के समापन में मौजूद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से एक खास चर्चा की थी। यह चर्चा पराक्रम से संबंधित थी। तब गृह मंत्री ने कहा था-निवेश के एमओयू लाने में पराक्रम नहीं है। असल पराक्रम निवेश के प्रस्ताव को धरातल पर उतारने में है। करीब डेढ़ साल बाद निवेश उत्सव के मौके पर उत्तराखंड के इस पराक्रम को केंद्रीय गृह मंत्री ने खुले दिल से मान्यता दी। सीएम पुष्कर सिंह धामी को सुपर शाबासी दी। यह भी विश्वास दिला दिया कि उत्तराखंड के इस तरह के हर प्रयास में केंद्र की मोदी सरकार मजबूती से उसके साथ खड़ी है।

निवेश उत्साह में बतौर मुख्य अतिथि अमित शाह ने वर्ष 2023 के निवेशक सम्मेलन के समापन का खास तौर पर जिक्र किया। रूद्रपुर के कार्यक्रम में उपस्थित निवेशकों और लोगों को बताया कि किस तरह से उन्होंने पराक्रम दिखाने का सीएम से आह्वान किया था। शाह ने खुले दिल से स्वीकार किया कि निवेश प्रस्तावों को तीस फीसदी तक धरातल पर उतार देना सचमुच बहुत बड़ी उपलब्धि है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार के बेहतरीन प्रदर्शन को गृह मंत्री ने एक बार नहीं, बल्कि बार-बार सराहा। सीएम के नाम का खास तौर पर उल्लेख करते हुए उन्होंने कभी भाई कहा, तो कभी लोकप्रिय और यशस्वी मुख्यमंत्री बताया। उत्तराखंड की सराहना करते हुए शाह ने अपने गृह राज्य गुजरात की भी चर्चा की और पहाड़ में निवेश के संबंध में चुनौती को दिलचस्प ढंग से सामने रखा। उन्होंने उत्तराखंड में निवेश लायक बने बेहतरीन माहौल के पीछे छिपी बुनियादी बातों का जिक्र किया। साथ ही, सिलसिलेवार उन नीतियों की ब्रांडिंग भी कर डाली, जिनसे आर्थिक विकास को गति मिल रही है।

गृह मंत्री के वे शब्द, जो बने विश्वास के प्रमाण

01
मैं पूरे उत्तराखंड के प्रतिनिधि के रूप में पुष्कर सिंह धामी जी और उनकी टीम को बधाई और साधुवाद देना चाहता हूं, क्योंकि आज एक लाख करोड़ का निवेश जमीनी सच्चाई बन गया है।
02
पहाड़ी राज्यों में निवेश लाने में पहाड़ चढ़ने जितनी कठिनाई होती है, लेेकिन धामी जी ने सारी परिकल्पनाओं को तोड़ा है। आज उत्तराखंड में एक लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट आने के साथ ही 81 हजार से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है।
03
धामी जी ने औद्योगिक विकास और पर्यावरण के बीच में संतुलन भी स्थापित किया है। रोजगार को स्थायित्व देने का काम किया है। नीतियों में पारदर्शिता, क्रियान्वयन में तीव्रता और दृष्टि में दूरदर्शिता के साथ ही उत्तराखंड के समग्र विकास का खाका खींचा है।

ग्राउंडिंग सेरेमनी से स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन और राज्य की आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खुलेंगेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को रुद्रपुर में प्रस्तावित 1 लाख करोड़ रूपये की ग्राउंडिंग सेरेमनी के सफल आयोजन के लिए तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भव्य और प्रभावशाली स्वरूप में आयोजित किया जाए, जिससे राज्य की औद्योगिक प्रगति को नई गति और पहचान मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। यह आयोजन राज्य के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देगा तथा उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर प्रदान करेगा। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान राज्य सरकार को ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से ₹1 लाख करोड़ की ग्राउंडिंग हो चुकी है, जो उत्तराखंड के औद्योगिक विकास के प्रति निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देगा और राज्य की आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सजगता और समन्वय के साथ सुनिश्चित की जाएं, जिससे राज्य की सकारात्मक छवि और निवेश-अनुकूल वातावरण को देश-दुनिया के समक्ष सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी.अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, प्रबंध निदेशक उद्योग सौरभ गहरवार उपस्थित थे।

सीएस ने प्रदेश में नागरिक सुरक्षा पूर्वाभ्यास के सम्बन्ध में अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश में नागरिक सुरक्षा पूर्वाभ्यास के सम्बन्ध में अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि यह पूर्वाभ्यास गतिविधियां/मॉक ड्रिल प्रदेशभर में आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह पूर्वाभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में अत्यधिक सहायक होंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि इन पूर्वाभ्यास गतिविधियों से आमजन में किसी प्रकार का पैनिक न हो इसके लिए जनता से लगातार संवाद किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिक को इन मॉक ड्रिल और उसके लाभ से अवगत कराया जाए। आपातकालीन परिस्थितियों में सभी विभागों द्वारा क्या-क्या गतिविधियां और कार्यवाही की जानी है, उसके लिए सभी विभागाध्यक्षों द्वारा अपने स्तर से तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि यह एक पूर्वाभ्यास कार्यक्रम है, जिससे राज्य के प्रत्येक नागरिक को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं के प्रति प्रदेश के नागरिकों को जागरूक किए जाने हेतु पूरे प्रदेश में पूर्वाभ्यास गतिविधियां/मॉक ड्रिल आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि आपातकालीन एवं विपरीत परिस्थितियों में आमजन को क्या-क्या करना है या क्या नहीं करना है, इसकी जानकारी उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने विद्यालय एवं अस्पतालों में आपदा से बचाव हेतु जागरूक किए जाने पर भी जोर दिया।

मुख्य सचिव कहा कि पूर्वाभ्यास के साथ ही स्थायी तौर पर आपातकालीन परिस्थितियों के लिए ठोस प्लान तैयार किया जाना चाहिए। इसके लिए राज्य स्तरीय एवं जनपद स्तरीय नागरिक सुरक्षा समितियों को सक्रिय किया जाए। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर लिया जाए। उन्होंने प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं के दौरान प्रदेश में अलर्ट जारी करने के लिए सायरन सिस्टम दुरूस्त किए जाने के भी निर्देश दिए, साथ ही, एसएमएस और वॉट्सऐप सहित अन्य विकल्पों के माध्यम से अलर्ट का संदेश भेजे जाने के लिए मैकेनिज्म तैयार कर लिए जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (आईआरएस) को मजबूतीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा एवं मानव जनित आपदा सहित युद्ध जैसी परिस्थितियों के लिए भी प्रदेश को और प्रदेश के नागरिकों को जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए संचार तंत्र को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में संचार तंत्र फेल होने पर आपातकालीन संचार व्यवस्था, वायरलैस, सैटेलाईट फोन आदि के लिए भी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने इसमें सामुदायिक सहभागिता, आपदा मित्र, मंगल दल, एनएसएस एवं एनसीसी को भी शामिल किए जाने की बात कही। मुख्य सचिव ने बड़े बांध एवं संवेदनशील भवनों में सम्भावित खतरे की स्थिति में सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं सहित आपदा प्रबन्धन योजना तैयार रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी वाटर हाईड्रेंट्स को सुचारू किया जाएं। नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से बड़े भवनों के सुरिक्षत बेसमेंट आदि को तैयार रखा जाए।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय एवं सचिव विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत, जनपदों से जिलाधिकारी, भारतीय सेना के प्रतिनिधि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नेशनल गेम्स के उद्घाटन समारोह की तरह ही होगा समापन का भव्य व विराट आयोजन

38 वें राष्ट्रीय खेलों का समापन शुक्रवार 14 फरवरी को हल्द्वानी में होने जा रहा है। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। 28 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ किया था। हल्द्वानी के अंर्तराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में आयोजित होने वाले समापन समारोह को भी उसी स्तर का भव्य व विराट बनाने की तैयारी है।

राष्ट्रीय खेलों में इस बार 35 खेलों की स्पर्धाएं आयोजित की गईं, जिनमें से दो को छोड़कर बाकी सभी मेडल टेली के खेल थे। देहरादून राष्ट्रीय खेलों का प्रमुख आयोजन स्थल रहा। इसके बाद हल्द्वानी, हरिद्वार, रूद्रपुर जैसे शहरों में सबसे ज्यादा खेल स्पर्धाएं आयोजित की गईं। आयोजन की खूबसूरती यह भी रही कि खटीमा, टनकपुर, अल्मोड़ा, टिहरी जैसे ठेठ पर्वतीय क्षेत्रों में भी खेल गतिविधियां संचालित की गईं।

राष्ट्रीय खेलों का समापन समारोह शुक्रवार 14 फरवरी को हल्द्वानी के अंर्तराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में दोपहर दो बजे से शुरू होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि बतौर उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मेघालय के मुख्यमंत्री कोंगकल संगमा, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा, केंद्रीय खेल एवं युवा मामले की मंत्री रक्षा निखिल खडसे, खेल मंत्री उत्तराखंड रेखा आर्या, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष व सांसद डा पीटी ऊषा इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।