हवाई यात्रियों के लिए सरकार ने संस्थागत क्वारंटीन की जगह होम क्वारंटीन की दी मंजूरी

उत्तराखंड सरकार ने हवाई जहाज से सफर करने वाले यात्रियों के लिए कुछ राहत दी है। यदि 75 संवेदनशील शहरों में ऐसे यात्री नहीं आते हैं, तो उन्हें संस्थागत क्वारंटीन की जगह होम क्वारंटीन किया जाएगा। यानी यदि आप संवेदनशील शहरों से उत्तराखंड आ रहे हैं तो आपको संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा। संवेदनशील शहरों से आने वालों को भुगतान कर होटल या फिर सरकार के संस्थागत क्वांरटीन सेंटर में सात दिन के लिए क्वारंटीन रहना होगा।

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार अब घोषित 75 संवेदनशील शहर से नहीं आने वाले यात्री को 14 दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा। अगर कोई यात्री कनेक्टिंग फ्लाइट से दिल्ली या किसी अन्य संवेदनशील शहर पर विमान बदलता है तो उसे भी होम क्वारंटीन रहना होगा।

प्रदेश सरकार ने देश के 75 शहरों को कोविड-19 के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानते हुए सात दिन का अनिवार्य संस्थागत क्वारंटीन रहने के आदेश दिए हैं। सरकार ने इसमें संशोधन किया है अब गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार, बुजुर्गों और परिवार में किसी की मृत्यु पर आने वाले लोगों को सात दिन का अनिवार्य संस्थागत क्वारंटीन नहीं होना होगा।

गांवों के क्वारंटीन सेंटर में सुविधाओं में सुधार किया जाएः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के कोरोना संक्रमित की मृत्यु पर आश्रित को एक लाख रूपये की सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कन्टेनमेंट जोन में गाइडलाइन का कङाई से साथ पालन करवाया जाने के निर्देश दिये। कन्टेनमेंट जोन के बाहर भी फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क की अनिवार्यता के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। जो लोग इनका पालन न करें, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए फील्ड सर्विलांस पर विशेष ध्यान दिया जाए।

होम क्वारंटीन का आकस्मिक निरीक्षण

सीएम ने कहा कि क्वारंटीन सेंटरो में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। होम क्वारंटीन का मानकों के अनुरूप पालन हो रहा है या नहीं, इस पर लगातार चेकिंग भी की जाए। आकस्मिक निरीक्षण किए जाएं। गांवों में क्वारेंटाईन फेसिलिटी पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से लङाई में जन सहयोग बहुत जरूरी है। हमें लोगों को साथ लेकर ये लङाई लड़नी है। सख्ती और जागरूकता हमारे दो प्रमुख अस्त्र हैं।

शनिवार व रविवार दो दिन देहरादून में पूर्ण बंद कर सेनेटाइजेशन करवाया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार व रविवार दो दिन देहरादून में पूर्ण बंद कर सेनेटाइजेशन करवाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए देहरादून की निरंजनपुर सब्जी मण्डी को बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था कर ली जाए। फ्रंटलाईन वारियर्स की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए। राशन की कालाबाजारी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। इसमें लिप्त लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचना चाहिए।

त्वरित रोजगार और आजीविका के लिए कृषि व संबंधित क्षेत्रों पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें त्वरित रोजगार और आजीविका सृजन के लिए खेती, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य को प्राथमिकता देनी होगी। हाल ही में किसानों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, इनका लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। स्थानीय मांग का अध्ययन कर लिया जाए और उनकी आपूर्ति स्थानीय संसाधनों से ही पूरा कराए जाने की कोशिश की जाए। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों को किस प्रकार रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है, इस पर फोकस किया जाए। यह हर जिलाधिकारी का लक्ष्य होना चाहिए।

होम क्वारंटीन का फॉर्म भरकर हेलमेट बेचता मिला युवक, मुकदमा

कोरोना संक्रमण के कारण पुलिस से लेकर सरकार तक लोगों की जान बचाने को दिन-रात एक कर रहे है, जबकि कुछ लोग इस पर ध्यान देने की बजाए अपने नियमों का उल्लंघन कर रहे है। देहरादून में एक शख्स होम क्वारंटीन होने के बावजूद हेलमेट बेचता मिला, तो वहीं दूसरा शख्स घर पर ताला लगाकर गायब मिला। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आईएसबीटी चौकी प्रभारी विवेक भंडारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि राकेश गुप्ता ने 20 मई को बदायूं (उत्तर प्रदेश) से आकर चौकी आईएसबीटी पहुंचकर होम क्वारंटीन का फार्म भरा। इसके अनुसार उसे 14 दिन तक घर में रहना था। जांच करने पर वह आईएसबीटी चौक के पास सड़क किनारे हेलमेट बेचते मिला। पुलिस को पास आता देखकर राकेश गुप्ता भाग गया। होम क्वारंटीन के नियमों के उल्लंघन पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

दूसरा मामला प्रेमनगर से सामने आया है। उप निरीक्षक प्रवीण कुमार क्वारंटीन सेंटर मांडूवाला विधौली में गश्त कर रहे थे। इसी बीच मांडूवाला प्रधान संदेश धीमान ने बताया कि 11 मई को सुरेश गुप्ता को बाहर से आने पर होम क्वारंटीन कराया गया था। लेकिन वह घर में नहीं है, उसके घर पर ताला लगा हुआ है।

पुलिस ने मौके पर जाकर जानकारी जुटाई तो मालूम हुआ कि सुरेश गुप्ता 20 मई को ताला लगाकर कहीं चला गया था। तब से वह वापस नहीं आया है। दिल्ली से पहुंचे सुरेश गुप्ता के खिलाफ धारा-188 और आपदा प्रबंधन के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किये गये पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके परिवार के सदस्य

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नई दिल्ली से लौटे उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात और उनके परिवार को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया है। कल शाम को ही पूर्व कैबिनेट मंत्री परिवार समेत नई दिल्ली से लौटे हैं। विभाग ने सभी के स्वास्थ्य की जांच भी की है। बीते बृहस्पतिवार सुबह ही नवप्रभात अपनी पत्नी रुपा शर्मा समेत अपनी नातिनों को लेने के लिए दिल्ली गए थे।
उनकी बेटी बानी शर्मा और दामाद राहुल चैधरी नई दिल्ली स्थित आरके पुरम में रहते हैं। उनके दामाद नई दिल्ली में आईपीएस अधिकारी हैं। बृहस्पतिवार की शाम को ही वह अपनी नातिनों को लेकर वापस विकासनगर लौट आए। घर लौटने के बाद उन्होंने सरकारी की गाइडलाइन के अनुसार इसकी जानकारी विकासनगर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घर पहुंचकर सभी की स्वास्थ्य जांच की। इसके बाद उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया। उन्होंने 14 दिन घर में ही रहने संबंधित एक शपथ पत्र विकासनगर कोतवाली में भी दिया है। अपर स्वास्थ्य निदेशक उप जिला अस्पताल विकासनगर डॉ. केके शर्मा ने बताया कि पूरा परिवार स्वस्थ मिला है। ट्रैवल हिस्ट्री को देखते हुए पूर्व मंत्री को परिवार समेत होम क्वारंटीन किया गया है। इस दौरान डॉक्टरों की टीम लगातार उनके और उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करती रहेगी।

नवप्रभात के बयान की मुन्ना ने की निंदा
क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चैहान ने पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात के दिल्ली में फंसे छात्रों को लेने के लिए बस भेजने संबंधित बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया है। विधायक ने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री के बयान से दिल्ली में फंसे छात्रों में असमंजस की स्थिति पैदा होगी। उनके बीच अफरातफरी भी मच सकती है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व कैबिनेट मंत्री का सम्मान करते हैं, लेकिन महज राजनीतिक बढ़त के लिए इस तरह के बयान देना उनके गैर जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है।