केदारनाथ में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी होगी दूर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में केदारनाथ धाम यात्रा को सुचारु, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए राज्य सरकार लगातार यात्रा व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है। इसी क्रम में प्रभारी सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने जनपद रुद्रप्रयाग में संचालित केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की वर्चुअल माध्यम से विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से यात्रा मार्ग, प्रमुख पड़ावों, यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही यात्रा के दौरान सामने आ रही चुनौतियों और उनके त्वरित समाधान को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं सुचारु, पेयजल-विद्युत की स्थिति सामान्य
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने प्रभारी सचिव को अवगत कराया कि वर्तमान में केदारनाथ यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है। यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। जनपद में पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी प्रकार की बड़ी समस्या सामने नहीं है। संबंधित विभागों द्वारा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को लगातार प्रभावी बनाए रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यात्रियों की सुविधा से जुड़ी छोटी से छोटी समस्या का भी तत्काल संज्ञान लेकर उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं, हालांकि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कुछ कमी महसूस की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की अतिरिक्त तैनाती का अनुरोध किया गया। डॉ. आर. राजेश कुमार ने यात्रियों को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मजबूत करने तथा यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सेवाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं, ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।

प्रभारी सचिव ने यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों एवं अन्य पशुओं से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य, उनके संचालन और यात्रा मार्ग पर पशु कल्याण से जुड़े प्रबंधों की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा के दौरान घोड़ा-खच्चरों एवं अन्य पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी, आवश्यक चिकित्सा सुविधा तथा संचालन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि यात्रा व्यवस्था के साथ-साथ पशु कल्याण के मानकों का भी पालन हो।

सभी विभाग आपसी समन्वय से करें कार्य
डॉ. आर. राजेश कुमार ने यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, यातायात, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा राज्य की महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में शामिल है और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने जिलाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर उसका समाधान किया जाए। साथ ही यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए।

प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। यात्रियों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता को भी पूरा किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी हो। घोड़ा-खच्चरों के साथ मानवीय व्यवहार और निर्धारित मानकों का पालन भी सुनिश्चित किया जाए। छोटी से छोटी समस्या का तत्काल समाधान कर श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए।

केदारनाथ धामः घोड़ा खच्चर संचालन से 40 करोड़ रुपए, हेली सेवाओं ने किया 35 करोड़ का व्यापार

श्री केदारनाथ धाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। एक ओर जहां बाबा केदारनाथ के दर्शन को देश विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा नए रिकॉर्ड कायम कर रहा है वहीं स्थानीय लोगों के रोजगार को भी बढ़ती हुई यात्रा से लगातार लाभ मिल रहा है। दूसरी ओर शासन प्रशासन द्वारा यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं से सरकार को भी भारी राजस्व प्राप्त हो रहा है। बाबा के कपाट खुले एक महीने का समय पूर्ण हो चुका है और इसी एक महीने में सरकारी सुविधाओं से लेकर स्थानीय व्यापारियों ने दो अरब से अधिक का कारोबार कर लिया है। वहीं जून का महीना शुरू होने के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा भी होने लगा है, जिसका स्थानीय व्यापारियों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को पूरा लाभ मिलेगा।

सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन
वर्ष 2025 की यात्रा के लिए 02 मई को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल गए थे। बाबा के कपाट खुले एक महीने का समय पूर्ण हो चुका है। रविवार 01 जून को बाबा के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 07 लाख पार हो चुकी है। पिछले एक महीने का औसत निकला जाए तो प्रतिदिन 24 हजार श्रद्धालु बाबा के दर्शनों को केदारपुरी पहुंचे हैं।

घोड़ा -खच्चर संचालन से 40.5 करोड़ रुपए की आय
श्री केदारनाथ धाम यात्रा देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक है। करीब 20 किलोमीटर का कठिन पैदल मार्ग पार करने के बाद हिमालय पर्वत की गोद में बसे 11 वें ज्योतिलिंग के दर्शन हो पाते हैं। इस कठिन पैदल धार्मिक यात्रा में घोड़ा -खच्चरों का बेहद अहम योगदान होता है। असमर्थ एवं बुजुर्ग भक्त अक्सर इन्हीं के माध्यम से यात्रा करते हैं वहीं खाद्य पदार्थ से लेकर अन्य अनिवार्य सामग्री इन्हीं घोड़े खच्चरों से यात्रा मार्ग एवं केदारपुरी में पहुंचाई जाती है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष रावत ने बताया कि 31 मई तक 1,39,444 तीर्थलु घोड़े खच्चरों के माध्यम से दर्शनों को पहुंचे हैं जिसके माध्यम से 40 करोड़ 50 लाख से अधिक की आय प्राप्त हुई है। बताया कि इस वर्ष संक्रामक बीमारी इक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस के चलते कुछ दिन घोड़ा खच्चर संचालन प्रभावित भी रहा।

हेली सेवाओं ने किया 35 करोड़ रुपयों का कारोबार
हेली सेवाओं की श्री केदारनाथ धाम यात्रा में अपनी एक अहम भूमिका है। हेली सेवाओं के माध्यम से किसी भी हालात में पैदल यात्रा करने में असमर्थ श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन का मौका मिलता है। वहीं रेस्क्यू अभियान में हेली सेवाएं अहम किरदार निभा रही हैं। प्रत्येक दिन दो से तीन मेडिकल आपातकाल से जूझ रहे लोगों को हेली सेवाओं से ही समय पर हायर सेंटर रेस्क्यू किया जाता है। जिला पर्यटन अधिकारी एवं नोडल हेली सेवा राहुल चौबे ने बताया कि इस वर्ष आठ हेली कंपनियां नौ हेलीपैड से अपना संचालन कर रही हैं। 31 मई तक लगभग 33000 श्रद्धालु हेली सेवाओं के माध्यम से बाबा केदारनाथ धाम पहुंचे हैं जिससे करीब 35 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई है। चौबे ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि हेली बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट से ही बुकिंग की जाए।

डंडी -कंडी से एक करोड़ से अधिक की आय
श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग पर जितने घोड़े- खच्चरों का संचालन महत्वपूर्ण है उतना ही डंडी- कंडी संचालन भी। पैदल चलने में असमर्थ कई भक्त डंडी कंडी की जगह डंडी- कंडी से यात्रा करना पसंद करते हैं। वहीं छोटे बच्चों के लिहाज से भी यह ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा कई श्रद्धालु खुद पैदल यात्रा कर केवल समान डंडी- कंडी की मदद से केदारपुरी पहुंचा देते हैं। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रुद्रप्रयाग संजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष की यात्रा के लिए 7000 से अधिक डंडी- कंडी संचालक पंजीकृत हैं। 31 मई तक 29275 श्रद्धालु डंडी- कंडी के माध्यम से यात्रा कर चुके हैं, जिससे एक करोड़ 16 लाख, 89 हजार 100 रुपए की आय प्राप्त हुई है। वहीं गंदगी फैलने एवं अन्य नियमों के उल्लंघन पर विभिन्न प्रतिष्ठानों का 2,26,000 रुपए का चालन कर अर्थदंड भी वसूला गया है।

टैक्सी संचालन से करीब 7 करोड़ रुपए अर्जित
सहायक परिवहन अधिकारी रुद्रप्रयाग कुलवंत सिंह चौहान ने बताया कि इस वर्ष श्री केदारनाथ धाम यात्रा में शटल सेवा के लिए 225 गाड़ियां पंजीकृत हैं। इन्हीं गाड़ियों में श्रद्धालु सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पहुंचते हैं।

अब तक सात लाख से अधिक श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं हर यात्री को 50 रुपए जाने एवं 50 रुपए वापस सोनप्रयाग आने के चुकाने पड़ते हैं। 01 जून तक 7 लाख श्रद्धालु धाम में पहुंच चुके हैं यानी अब तक टैक्सी संचालक करीब 7 करोड़ रुपए शटल सेवा के माध्यम से अर्जित कर चुकी हैं। वहीं इस वर्ष नई पहल करते हुए 25 गाड़ियां महिला एवं बुजुर्गों के लिए आरक्षित की गई हैं। प्रति गाड़ी में औसतन 10 सवारी यात्रा कर सकती हैं। इन गाड़ियों में बकायदा स्टीकर भी लगाए गए हैं। पहले चरण में 25 वाहन ही इसके लिए लिए गए हैं अगर प्रयोग सफल रहता है और अधिक गाड़ियों की आवश्यकता महसूस हुई तो गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

होटल प्रतिष्ठानों ने किया 100 करोड़ से अधिक का कारोबार
श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग एवं केदारपुरी में श्रद्धालुओं की ठहरने की व्यवस्था जीएमवीएन एवं स्थानीय व्यापारी करते हैं। श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग से लेकर केदारपुरी तक स्थानीय लोगों के सैकड़ों होटल, टेंट एवं रेस्तरां हैं जिनमें ठहरने एवं खाने के लिए श्रद्धालु रुकते हैं। व्यापार संघ अध्यक्ष गौरीकुंड रामचंद्र गोस्वामी ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा का स्वरूप हर वर्ष बढ़ता जा रहा है। इस वर्ष भी ऐतिहासिक रूप से यात्रा चल रही है, अकेले गौरीकुंड में करीब 350 प्रतिष्ठान हैं जहां श्रद्धालुओं के रहने- खाने की व्यवस्था होती है।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा पर आने वाले एक यात्री का रहने एवं खाने का औसत खर्चा 1500 से 2000 रुपए न्यूनतम होता है। इसमें कुछ लोग अपने खाने की व्यवस्था स्वयं करते हैं। एक महीने में यात्रा पर पहुंचे 7 लाख श्रद्धालुओं के हिसाब से औसत निकाला जाए तो 100 करोड़ रुपए होटल एवं रेस्तरां प्रतिष्ठानों ने कारोबार कर लिया है। उधर, जीएमवीएन के रीजनल मैनेजर गिरवीर रावत ने बताया कि जीएमवीएन के 15 प्रतिष्ठान केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हैं जिसमें जिसमें ध्यान गुफा भी शामिल हैं। इन सभी में मिलकर एक महीने में 3 करोड़ 80 लाख 1582 रुपए का राजस्व प्राप्त किया है।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति की धुरी बन चुकी है। सरकार का लक्ष्य केवल तीर्थयात्रियों को सुविधाएं देना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। हम प्रयासरत हैं कि यात्रा सुरक्षित, सुगम और समृद्ध बनाने की दिशा में हर संभव कदम उठाएं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

आर्यन कंपनी का हेलीकॉप्टर केदारनाथ जाते वक्त दुर्घटनाग्रस्त, सात यात्रियों की मौत

केदारनाथ धाम में हेली सर्विस में शामिल आर्यन कंपनी का हेलिकॉप्टर आज अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें 7 लोगों की मौत की सूचना है। मारे गए लोगों में चॉपर के पायलट औऱ यात्री शामिल हैं। बताया जा रहा है कि खराब मौसम के कारण ये हादसा हुआ। 7 people died as chopper crash in kedarnath route

मिली जानकारी के अनुसार आर्यन कंपनी का हेलिकॉप्टर-VTRPN गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम के लिए 6 यात्रियों के साथ उड़ान भर रहा था। लेकिन बीच में बेहद खराब मौसम औऱ घने कोहरे के कारण पायलट का आगे जा पाना संभव नहीं था। इसी दौरान करीब 12 बजे पायलट ने वापस गुप्तकाशी में लैंडिंग की सोची। लेकिन गरुड़चट्टी के पास जैसे ही पायलट टर्न लेने की कोशिश कर रहा था, चॉपर का नियंत्रण बिगड़ गया और पहाड़ी से टकराकर क्रैश हो गया। हादसे में चॉपर के पायलट कैप्टन अनिल समेत 6 अन्य यात्रियों की मौत हो गई है।

हादसे की सूचना के बाद रेस्‍क्‍यू के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया। क्रैश होने से हेलीकॉप्टर कई हिस्सों में टूट गया है और बीच का हिस्सा जलकर राख हो गया। मृतकों की पहचान अनिल कुमार (हेलीकॉप्टर के पायलट) उर्वी बरार (25), कुर्ती बरार (30), पूर्वा रामानुज (26), प्रेम कुमार वी (63), सुजाता (56) कला (60) के तौर पर हुई है।

2019 में भी केदारनाथ में हेलीकॉप्‍टर क्रैश हुआ था। केदारनाथ से यात्रियों को लेकर फाटा के लिए उड़ान भरते समय हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी और इस दौरान हेलीकॉप्‍टर क्रैश हो गया था। इससे पहले 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान भी रेस्क्यू करते हुए वायु सेना के एमआइ-17 हेलीकॉप्टर समेत तीन हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। इन दुर्घटनाओं में 23 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।