टनकपुर में सीएम ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी ‘खुशियों की चाबी’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्रीड़ा स्थल छीनीगोठ, टनकपुर में आयोजित “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव” कार्यक्रम के दौरान टनकपुर में नवनिर्मित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय भवन सहित कुल 15 महत्त्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में कुल ₹3630.89 लाख (लगभग ₹36.30 करोड़) की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन योजनाओं का उद्देश्य शिक्षा, पेयजल, कानून व्यवस्था, पर्यटन और कल्याण जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना और जनता को सुगम सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।

09 योजनाओं का लोकार्पण- ₹938.33 लाख की लागत से
मुख्यमंत्री श्री धामी ने विभिन्न विभागों की कुल 09 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया।
टनकपुर में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय भवन का लोकार्पण-प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, चंपावत द्वारा निर्मित ₹45.00 लाख की लागत से बने इस भवन में आधुनिक व्यवस्था स्थापित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह कैंप कार्यालय केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान केंद्र बनेगा। इससे स्थानीय जनता और प्रशासन के बीच संवाद और समन्वय और अधिक सुदृढ़ होगा।”

इसके साथ साथ राजकीय प्राथमिक विद्यालय फागपुर एवं जूनियर हाई स्कूल फागपुर को स्मार्ट कक्षाओं में परिवर्तित कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया (₹76.40 लाख)।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय भजनपुर के भवन का पुनर्निर्माण (₹74.50 लाख)।

डेविड पेंटर स्कूल, गुदमी में दो कक्षा-कक्षों का निर्माण (₹16.00 लाख)।

भैंसियाखाल पंपिंग पेयजल योजना (₹136.77 लाख)।

बिचाई पंपिंग पेयजल योजना (₹182.61 लाख)।

कोतवाली टनकपुर परिसर में सिटी कंट्रोल रूम की स्थापना एवं यातायात व्यवस्था के सुधार हेतु उपकरण व सामग्री की आपूर्ति (₹239.05 लाख)।

पर्यटक आवास गृह, टनकपुर के अवशेष कक्ष एवं हॉल का उच्चीकरण (₹68.00 लाख)।

एनएचपीसी बनबसा द्वारा टनकपुर पावर स्टेशन मुख्य गेट से पाटनी तिराहा, बनबसा तक सड़क की मरम्मत (₹100.00 लाख)।

06 योजनाओं का शिलान्यास- ₹2692.56 लाख की लागत से
मुख्यमंत्री श्री धामी ने 06 महत्त्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास भी किया।

ब्रिडकुल हल्द्वानी द्वारा राजकीय महाविद्यालय टनकपुर में परीक्षा हॉल का निर्माण (₹826.99 लाख)।

जल संस्थान द्वारा लादीगाड़ श्री पूर्णागिरी पंपिंग पेयजल योजना (₹811.70 लाख)।

ठुलीगाड़/बाबलीगाड़ पंपिंग पेयजल योजना (₹712.87 लाख)।

ग्राम खिरद्वारी में बुक्सा एवं राजी जनजाति के लिए बहुउद्देशीय भवन का निर्माण (₹60.00 लाख)।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बनबसा में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की स्थापना (₹50.00 लाख)।

एनएचपीसी बनबसा द्वारा माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले यात्रियों के लिए ग्राम चुका, टनकपुर में शेड निर्माण (₹231.00 लाख)।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “इन योजनाओं के पूर्ण होने से टनकपुर क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलेगी। यह निवेश सीमांत क्षेत्र के सर्वांगीण उत्थान का आधार बनेगा।”

मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी ‘खुशियों की चाबी’
मुख्यमंत्री श्री धामी ने इस दौरान रीप परियोजना के अंतर्गत प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 5 ई-रिक्शा की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने स्वयं महिला समूह की प्रतिनिधियों को ई-रिक्शा की ‘खुशियों की चाबियाँ’ सौंपते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नई शुरुआत है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि “यह ई-रिक्शा केवल एक वाहन नहीं, बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता और गरिमा की नई पहचान है। इसके माध्यम से महिलाएं न केवल बेहतर आय अर्जित करेंगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन जैसे पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगी।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को ‘सहायता प्राप्तकर्ता’ नहीं, बल्कि ‘सशक्त उद्यमी’ के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को सामूहिक रूप से इस प्रकार के उद्यम स्थापित करने के लिए हर संभव वित्तीय, तकनीकी और प्रशिक्षण सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भरता के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगे, बल्कि “नारी शक्ति को नये अवसरों और सम्मान से जोड़ने का माध्यम बनेंगे।”

मुख्यमंत्री ने किया 20.89 करोड़ रुपये की लागत से खटीमा मेलाघाट सड़क पुनर्निर्माण कार्यों का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा मेलाघाट राज्य मार्ग (राज्य मार्ग संख्या 107) के पुनर्निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर शिलान्यास किया। यह परियोजना ₹2089.74 लाख की लागत से बनाई जाएगी। इसके अंतर्गत 11.50 किलोमीटर लंबी सड़क का पुनर्निर्माण, केसी ड्रेनेज सिस्टम, सड़क सुरक्षा कार्य, रोड साइनएज की स्थापना, तथा टीबीएम एवं बीसी द्वारा सुदृढ़ीकरण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क केवल खटीमा क्षेत्र के विकास की धुरी नहीं है, बल्कि भारत-नेपाल सीमावर्ती संपर्क का भी महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क के सुधारीकरण से खटीमा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को न केवल सुगम यातायात सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमावर्ती व्यापार, पर्यटन और शिक्षा से जुड़े अवसरों को भी नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के साथ-साथ भू-कटाव रोकने और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था के सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित बनी रहे। उन्होंने कहा कि खटीमा अब शिक्षा का हब बन चुका है, जहाँ से प्रदेश ही नहीं बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थी भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का हर क्षेत्र सुगम, सशक्त और समृद्ध बने। विकास की हर परियोजना जनता के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। खटीमा मेलाघाट सड़क परियोजना भी इसी दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कनेक्टिविटी ही विकास की रीढ़” के संकल्प को आगे बढ़ा रही है। इसी भावना के अनुरूप राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में सड़कों का विस्तार और आधुनिकीकरण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को आगामी दीपावली और अन्य त्योहारों की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पर्वों के अवसर पर राज्य की सुरक्षा, सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दायित्वधारी फरजाना बेगम, अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

वे साइड एमिनिटी बनने से पर्यटन व स्थानीय रोजगार को मिलेगा नया आयामः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अमोड़ी में लगभग ₹1.60 करोड़ की लागत से बनने वाली “वे साइड एमिनिटी परियोजना का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत ग्राम उत्थान परियोजना तथा उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड, रुद्रपुर के सहयोग से स्थापित की जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना ‘आदर्श चम्पावत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल क्षेत्र के पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएँगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वे साइड एमिनिटी कॉम्प्लेक्स में आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए आरामदायक विश्राम स्थल, स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालय, जलपान एवं कैफेटेरिया की सुविधा, साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि एवं वन उत्पादों के बिक्री केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही वाहन पार्किंग, हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन), और सूचना केंद्र भी प्रस्तावित हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य चम्पावत को विकास के मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करना है, जहाँ पर्यटन, कृषि, बुनियादी ढांचा और स्थानीय उद्यमिता मिलकर प्रदेश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर बल दे रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, जैविक उत्पाद, और पारंपरिक हस्तकला को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएँ न केवल पर्यटन विकास को नई दिशा देंगी, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता के सहयोग से चम्पावत को सर्वांगीण विकास का केंद्र बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि “जनभागीदारी से ही विकास की परिकल्पना साकार हो सकती है।”

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन स्थानीय प्रशासन द्वारा किया गया तथा अंत में मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े विभागों को समयबद्ध रूप से निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का किया ग्राउंड ज़ीरो से निरीक्षण कर बोले सीएम, 2026 तक निर्बाध होगा मार्ग यातायात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वाला डेंजर जोन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन से आमजन की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुँचकर भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी, मलबे की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था तथा सड़क की स्थिरता का प्रत्यक्ष जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री को स्वाला भूस्खलन स्थल की भौगोलिक स्थिति, मलबे की मात्रा, जल प्रवाह की दिशा, भू-संरचना की प्रकृति तथा वैकल्पिक मार्गों की उपलब्धता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वाला क्षेत्र में स्थायी समाधान के लिए ठोस तकनीकी योजना तैयार की जाए ताकि भविष्य में इस मार्ग पर यातायात बाधित न हो। उन्होंने कहा कि 2026 तक इस मार्ग को पूर्णतः निर्बाध एवं सुचारु बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र के निवासियों और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए।

उन्होंने कहा कि राजमार्ग पर मलबा हटाने हेतु पर्याप्त मशीनरी, जेसीबी, और मैनपावर हमेशा तत्पर रखी जाए ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही वैकल्पिक मार्गों को भी पूरी तरह चालू और सुरक्षित रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि मार्ग से जुड़े गांवों के लोगों को समय-समय पर अपडेट किया जाए और आवश्यकतानुसार राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार ऐसी संवेदनशील स्थलों के स्थायी भू-वैज्ञानिक समाधान पर कार्य कर रही है ताकि राज्य की सड़कें हर मौसम में सुचारु बनी रहें। उन्होंने कहा कि चम्पावत-टनकपुर मार्ग क्षेत्रीय आवागमन और सीमांत इलाकों की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है, इसलिए इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ विकसित किया जा रहा है।

चंपावत में सीएम ने स्वदेशी उत्पादो को अपनाने की अपील की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद मुख्यालय के मुख्य बाज़ार में जीएसटी जागरूकता रैली का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया, साथ ही केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में कम किए गए जीएसटी स्लैब के संबंध में आवश्यक जानकारी साझा की और उनका फीडबैक लिया।

मुख्यमंत्री धामी ने बाज़ार में विभिन्न प्रतिष्ठानों, जिनमें प्रकाश तिवारी, तिवारी स्वीट्स, मयूख चौधरी की चौधरी वस्त्र भंडार तथा बस स्टेशन स्थित प्रकाश तिवारी के जनरल स्टोर पर पहुँचकर व्यापारियों से मुलाकात की और नए जीएसटी स्लैब पर उनकी राय जानी। उन्होंने व्यापारियों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे घटी हुई जीएसटी दरों के बारे में आम जन को भी पूरी जानकारी दें, ताकि उपभोक्ता को इसका सीधा और पूर्ण लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कई आवश्यक उत्पादों और सेवाओं पर जीएसटी स्लैब में कमी की है, जिसे वह नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी बता रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दरों में कमी का सीधा लाभ देश की आम जनता को प्राप्त होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने व्यापारियों और जनता से कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर हमें भारत के लोगों और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। सीएम धामी ने तमाम प्रतिष्ठानों में जाकर दुकानदारों से फीडबैक लिया और उन्हें स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा बेचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सभी को स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देना केवल आर्थिक मजबूती के लिए ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

वरिष्ठजन के अनुभव और आशीर्वाद से ही चंपावत आदर्श जनपद बनेगाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला पंचायत सभागार, चंपावत में प्रबुद्ध नागरिकों एवं वरिष्ठजनों के साथ संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज के अनुभव, ज्ञान और मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा हमारे वरिष्ठजन समाज के मार्गदर्शक स्तंभ हैं। उनके अनुभव और आशीर्वाद से ही चंपावत आदर्श जनपद बनेगा, और आदर्श चंपावत से ही आदर्श उत्तराखंड का मार्ग प्रशस्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत जिले के केवल सिप्टी क्षेत्र में ही ₹100 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि समूचे जनपद में इससे कहीं अधिक कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि अब तक उनकी ओर से की गई 306 घोषणाओं में से 196 पूरी की जा चुकी हैं, जबकि शेष पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श चंपावत केवल एक जिला नहीं, बल्कि “आदर्श उत्तराखंड” के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में साइंस सेंटर का निर्माण पूर्ण हो चुका है, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का नया परिसर आरंभ हो चुका है और चंपावत को स्मार्ट सिटी मिशन में भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि रोपवे परियोजना, शारदा कॉरिडोर और वेडिंग डेस्टिनेशन उत्तराखंड योजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य जारी है।

सम्मेलन में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि चंपावत ने जिस विश्वास के साथ उन्हें 93 प्रतिशत से अधिक मत देकर विधायक बनाया था, वही विश्वास अब विकास कार्यों के रूप में धरातल पर दिख रहा है। उन्होंने कहा आने वाले समय में यह समर्थन 100 प्रतिशत तक पहुँचेगा।

वरिष्ठजनों ने जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में हो रहे सुधारों की सराहना की। उन्होंने पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और अपेक्षा जताई कि सरकार इसी संवेदनशीलता के साथ आगे भी कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख अचला बोहरा, बाराकोट ब्लॉक प्रमुख सीमा आर्या, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल सहित जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन, वरिष्ठ नागरिक एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक दीयों और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर सीएम ने दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने गृह क्षेत्र खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक मिट्टी के दियों और स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुओं की खरीदारी की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली के पर्व पर स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पाद निर्माताओं को प्रोत्साहित करें, जिससे न केवल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल मिलेगा, बल्कि गांवों और कस्बों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीपावली केवल रोशनी, उत्साह और आनंद का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा “जब हम अपने गाँव-कस्बों में बने दीये या अन्य स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम किसी परिवार की आजीविका, उसकी मेहनत और उसकी उम्मीद को सम्मान देते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद से स्थानीय शिल्प, कुटीर उद्योग और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ मिलता है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के कारीगरों की परंपरा और कौशल अत्यंत समृद्ध है। मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री, जैविक उत्पाद और पहाड़ी खाद्य पदार्थ न केवल स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय हैं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हर नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि इस दीपावली वह स्वदेशी उत्पादों से ही अपने घरों को रोशन करें, ताकि किसी अन्य परिवार के घर में भी खुशियों के दीप जल सकें। “इस दीपावली हम सब मिलकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करें। हमारी छोटी-छोटी खरीदारी किसी परिवार के जीवन में नई उम्मीद की किरण बन सकती है।”

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावली, धनतेरस और भैयादूज की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व सबके जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारीगण, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने किया हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ

हल्द्वानी शहर के आम नागरिकों के लिए मंगलवार का दिन नई राहत लेकर आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिटी बस सेवा का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नगर में आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि आम जन को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रारंभ किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी), राम सिंह कैड़ा (भीमताल), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर त्वरित निस्तारण करेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हल्द्वानी आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सर्किट हाउस, हल्द्वानी पहुंचने पर आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक (आई.जी.) कुमाऊँ रिद्धिमा अग्रवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री धामी ने इसके उपरांत सर्किट हाउस के सभागार में जनता से सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं सुझाव सुने। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी संगठनों, महिला समूहों, युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है और सरकार का उद्देश्य जनता की हर समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर त्वरित निस्तारण करें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी भेदभाव के पहुँचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना ही सरकार की प्राथमिकता है। प्रशासनिक तंत्र को आम नागरिकों की सुविधा के अनुरूप और अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनना होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाए, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें आमजन को प्रशासन के पास बार-बार भटकना न पड़े।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुछ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करने हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए। उन्होंने उपस्थित जनता से कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है और शासन जनता के द्वार तक पहुँचाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि “डबल इंजन की सरकार” का संकल्प उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने का है, और इसके लिए प्रत्येक स्तर पर जनसहभागिता आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जनता से सीधा संवाद राज्य सरकार की पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली का प्रतीक है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, विधायक लालकुआं डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक भीमताल रामसिंह कैड़ा, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राज्य सरकार में विभिन्न दायित्वधारी, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत, आईजी रिद्धिमा अग्रवाल, प्रभारी जिलाधिकारी अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी के आगमन से हल्द्वानी में जनसामान्य में उत्साह का वातावरण रहा। नागरिकों ने मुख्यमंत्री के जनसंपर्क कार्यक्रम को जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

सीएम धामी ने चंपावत में विभिन्न रामलीलाओं को किया वर्चुअल संबोधित, बोले चंपावत में तेजी से हो रहा विकास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज डबल इंजन सरकार की योजनाओं का लाभ चंपावत सहित पूरे प्रदेश में सीधे पहुँच रहा है। चंपावत में विभिन्न मोटर मार्गाे के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के साथ ही जाम की समस्या हल करने के लिए मल्टीस्टोरी पार्किंग्स का निर्माण कराया जा रहा है, वहीं आईएसबीटी का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपए की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के साथ ही, महिला छात्रावास व आईटी लैब का कार्य भी कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चूका क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न मन्दिरों के पुर्ननिर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों के साथ ही माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए रोपवे का निर्माण कार्य गतिमान है। चंपावत में साहसिक पर्यटन की दृष्टि से भी असीम संभावनाएं हैं, इसके विकास के लिए भी हम कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा शारदा कॉरिडोर बनाने की हमारी विस्तृत परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। हम पूर्णागिरि क्षेत्र में स्पिरिचुअल जॉन और ईको टूरिज्म विकसित करने के लिए भी प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में विज्ञान केंद्र का निर्माण कार्य जारी है, जो नई पीढ़ी को विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में आगे बढ़ने का अवसर देगा। साथ ही महिला प्रौ‌द्योगिकी पार्क स्थापित कर महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा श्यामलाताल झील में डेवलपमेन्ट का कार्य प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चंपावत में विभिन्न रामलीला मंचन कार्यक्रमों को वर्चुअल सम्बोधित कर रहे थे।

सभी को शारदीय नवरात्रि की महानवमी एवं विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामलीला का मंचन हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है, ये केवल धार्मिक कथा का मंचन नहीं है, बल्कि संपूर्ण जीवन का दर्शन है। रामलीला के प्रत्येक पात्र में एक संदेश छिपा है और प्रत्येक प्रसंग हमें बताता है कि असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की सदैव विजय होती है। जब हमारे बच्चे और युवा रामलीला देखते हैं, तो वे धर्म, त्याग, सत्य, कर्तव्य और मर्यादा जैसे सनातन मूल्यों को आत्मसात करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का पूरा जीवन एक अद्भुत दर्शन है और यदि हम उनके आदर्शों का अनुसरण कर अपने जीवन में कुछ कदम भी बढ़ा पाएं, तो हमारा ये जीवन सार्थक हो जाएगा। पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों तक वनवास में रहकर उन्होंने बताया कि एक पुत्र का धर्म क्या होना चाहिए।भरत को गले लगाकर उन्होंने ये बताया कि एक बड़े भाई का धर्म क्या होना चाहिए। सुग्रीव और विभीषण से मित्रता निभाकर उन्होंने ये बताया कि एक मित्र का धर्म कैसा होता है। रावण से सामना होने पर भी उन्होंने ये दिखाया कि शत्रुता के बावजूद अपने धर्म का पालन किस प्रकार करना चाहिए। और जब राम राजा बने, तब भी उन्होंने ये बताया किया कि एक राजा का असली धर्म क्या होना चाहिए। इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया और आज भी जब हम किसी आदर्श शासन की बात करते हैं, तो उसमें हमारी कल्पना राम राज्य की ही होती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रभु श्री राम का आदर्श जीवन हमें ये सिखाता है कि जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न हों, हमें अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन करना चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड का भी प्रभु श्री राम से गहरा नाता रहा है। हमारे राज्य के अनेकों तीर्थ स्थल, पर्वत और नदियाँ रामायण कालीन घटनाओं के साक्षी हैं। रावण से युद्ध के दौरान जब लक्ष्मण जी शक्ति लगने से मूर्छित हो गए थे, तब सुषेण वैद्य के निर्देश पर हनुमान जी ने चमोली जिले के द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी का जीवन बचाया था। इसी प्रकार, ऋषिकेश स्थित विष्णु पर्वत पर भगवान राम के कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ जी की तपस्थली आज भी विद्यमान है। हमारे राज्य के प्रत्येक गाँव और कस्बे में जो रामलीलाएँ मंचित होती हैं, वे केवल नाट्य प्रस्तुतियाँ नहीं बल्कि आस्था, संस्कार और शिक्षा के जीवंत विद्यालय हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष रामलीला का मंचन हमें ये स्मरण कराता है कि धर्म की विजय और अधर्म का पतन एक शाश्वत सत्य है। हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही हमें एकजुट और सशक्त बनाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कर हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का ऐतिहासिक कार्य किया। हमारी प्रदेश सरकार अयोध्या जी की पावन भूमि पर उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह का निर्माण करा रही है। इस अतिथि गृह में रामलला के दर्शन के लिए जाने वाले उत्तराखंड के श्रद्धालुओं के रुकने की उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, हमने पौलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नाम बदलकर माँ सीता के नाम पर ष्सीतावनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरीष् रखा है। यही वो पवित्र भूमि है जहां पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सीता महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में रही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। हम राज्य में विभिन्न रावण रूपी बुराइयों को समाप्त करने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं। इसके लिए हमने जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है, वहीं लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए हमने 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही करीब 250 अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाने का काम हमारी सरकार ने किया है। हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात राज्य में 1 जुलाई 2026 के पश्चात से वो सभी मदरसे बंद हो जाएंगे जो हमारी सरकार द्वारा दिए गए सरकारी सेलेबस को अपने यहां नहीं पढ़ाएंगे। इतना ही नहीं, हमारी सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर अपने सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी चम्पावत सहित चम्पावत के विभिन्न रामलीला कमेटीयों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।