रुद्रपुर में आवास, ट्रांसपोर्ट नगर और कॉमर्शियल हब परियोजनाओं का निरीक्षण, सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने दिए त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में आवासीय एवं शहरी विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने उधमसिंहनगर जनपद के रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर विकास प्राधिकरण की विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने बागवाला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1872 आवासों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इन आवासों का लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को आवासों की चाबियां सौंपी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन लाभार्थियों द्वारा अभी तक निर्धारित अंशदान जमा नहीं किया गया है, उनसे शीघ्र धनराशि जमा कराकर आवंटन प्रक्रिया को गति दी जाए।

उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रति आवास 3 लाख रुपये की सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है, जबकि 3 लाख रुपये लाभार्थी को जमा करने होते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 185 लाभार्थियों द्वारा पूरी धनराशि जमा की जा चुकी है, जबकि 222 लाभार्थियों को पत्र एवं दूरभाष के माध्यम से भुगतान हेतु सूचित किया गया है।

सचिव जिला विकास प्राधिकरण ने जानकारी दी कि आवास परिसर में साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण एवं पौधारोपण का कार्य तेजी से चल रहा है। परिसर में निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। निरीक्षण के दौरान सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लिए भी उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने त्रिशूल चौक के समीप लोक निर्माण विभाग की 6.5 एकड़ भूमि का निरीक्षण किया, जहां प्रस्तावित ‘कुमाऊं कॉमर्शियल कुटीर’ बहुमंजिला परियोजना विकसित की जानी है। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण किया जाएगा तथा इसकी प्रारंभिक डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ आर राजेश कुमार ने रामपुर रोड स्थित प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना का भी स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार 48 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की 72 करोड़ रुपये की प्रारंभिक डीपीआर शासन को प्रेषित की गई है। सचिव ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर बनने से परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इसके उपरांत उन्होंने त्रिशूल चौक से मेडिकल कॉलेज तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य तथा कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन विकास प्राधिकरण कार्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, सचिव जिला विकास प्राधिकरण पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग गजेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बागवाला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 1872 आवास लगभग तैयार हैं और हमारी प्राथमिकता है कि पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द इनका लाभ मिले। सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0, ट्रांसपोर्ट नगर और कुमाऊं कॉमर्शियल कुटीर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के समग्र शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।

हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्मोड़ा पहुंचकर करीब 138 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना विवि के नवीन प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा को विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, नगर विकास एवं ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेशभर में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था एवं पेयजल योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जनपद सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के पूर्ण होने से जनपदवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा की जनता को इन विकास कार्यों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि उत्तराखंड सरकार जनसेवा एवं प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

यहां केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, कुलपति एसएसजे विवि सतपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के सहित जनप्रतिनिधि, विवि प्रशासन के अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी अल्मोड़ा।

*लोकार्पण एवं शिलान्यास का विवरण*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 138.092 करोड़ रू0 की योजनाओं का लोकापर्ण एवं शिलान्यास किया गया जिनमें 112.113 करोड़ रू0 का लोकार्पण एवं 25.979 करोड़ रू0 की योजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें तहसील रानीखेत में क्षतिग्रस्त आवास एवं कांफ्रेन्स हॉल निर्माण कार्य लागत 4.141 करोड़ रू0, राजकीय महिला पॉलीटेक्निक अल्मोड़ा में बाउण्ड्रीवाल लागत 3.833 करोड रू0़, जनपद अल्मोड़ा में भैरव मन्दिर अन्तर्गत अल्मोड़ा में एक पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 2.867 करोड़ रू0, जी0आई0सी0 अल्मोड़ा में बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 4.850 करोड़ रू0, अल्मोड़ा में के0एम0ओ0यू0 बस स्टैण्ड में बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 3.295 करोड़ रू0, चचरोटी-खटलगॉव-दीपामाई ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना लागत रू0 9.919 करोड़ रू0, बदनगढ़ भौनडांडा ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना लागत 14.265 करोड़ रू0, शीतलाखेत-कठपुड़िया-दौलाघट मोटर मार्ग का सुधारीकरण लागत 10.081 करोड़ रू0, सोनी-तिलालीखेत मोटर मार्ग सुधारीकरण लागत 5.286 करोड़ रू0, रानीखेत-बुचड़ी-पन्त कोटुली से गगास मोटर मार्ग का सुधारीकरण लागत 9.946 करोड़ रू0, राजकीय कन्या इण्टर कालेज सारकोट लागत 1.346 करोड़ रू0, चौखुटिया में कुथलाड़ नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य लागत 2.933 करोड़ रू0, विकासखण्ड स्याल्दे में ग्राम सियानगर, स्याल्दे बाजार एवं विनोद नदी से बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य लागत 6.749 करोड़ रू0, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लमगड़ा में ट्रान्जिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 1.980 करोड़ रू0, जागेश्वर में चायखान-थुवासिमल मोटर मार्ग के किमी0 10 से निरई ग्राम पंचायत तक 02 किमी0 सड़क का डामरीकरण व अन्य कार्य लागत 1.784 करोड़ रू0, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के प्रशासनिक भवन एवं कुलपति आवास का निर्माण कार्य लागत 25.226 करोड़ रू0, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के प्रशासनिक भवन एवं कुलपति आवास के अतिरिक्त निर्माण कार्य लागत 3.612 करोड़ रू0 है।

*मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें* गोविन्दपुर, दौलाघट में बैराज निर्माण कार्य लागत 2.058 करोड़ रू0, दन्या बाजार में स्थित श्री सैम देवता मन्दिर के सौन्दर्यीकरण का कार्य लागत 1.842 करोड़ रू0, विधानसभा चौखुटिया में राजकीय इण्टर कालेज महाकालेश्वर में 04 कक्षा-कक्षों का निर्माण कार्य लागत 1.000करोड़ रू0 , विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के एन0टी0डी0-कफड़खान-धौलछीना एमडीआर मोटर मार्ग के किमी0 01 से 11 में सुधारीकरण/डामरीकरण का कार्य लागत 8.403 करोड़ रू0, विकासखण्ड द्वाराहाट के अन्तर्गत मजखाली दिगोटी से मजेठी मोटर मार्ग में डामरीकरण का कार्य लागत 2.165 करोड़ रू0, अल्मोड़ा-खूॅट मोटर मार्ग के अवशेष भाग में सुधारीकरण/डामरीकरण का कार्य लागत 1.161 करोड़ रू0, विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर के अन्तर्गत मोरनौला-जैंती मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 4.263 करोड़ रू0, विकासखण्ड लमगड़ा के अन्तर्गत पेटशाल-बमनस्वाल से कपकोट मोटर मार्ग के मरम्मत हेतु वन टाईम मेन्टेनेन्स का कार्य लागत 3.096 करोड़ रू0, विकासखण्ड लगमड़ा अन्तर्गत थुवासिमल-बिनौला से कुंज-आरा-लोहाना मोटर मार्ग का वन टाईम मेन्टेनेन्स का कार्य लागत 1.992 करोड़ रुपए है।

मुख्यमंत्री धामी ने एचीवर्स अवार्ड में उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का दोहराया संकल्प

राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह अल्मोड़ा के उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस वर्ष के लिए 32 संगठनों, व्यक्तियों, समूहों को उनके द्वारा किए गए नवाचारी एवं सतत पहलों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में 6 जनपदों को शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत विजेताओं को बधाई दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसडीजी अचीवर्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह अवसर उन सभी व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित करने का है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार, उत्कृष्ट कार्य एवं समाजहित में अनुकरणीय योगदान दिया है। उन्होंने सभी महानुभावों एवं संस्थाओं का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसे कर्मयोगियों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गौरव का विषय है, जिन्होंने अपने समर्पण, परिश्रम और संकल्प के बल पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 32 ऊर्जावान औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने यह सिद्ध किया है कि मजबूत इरादों और सीमित संसाधनों के बावजूद असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं तथा साधारण से असाधारण की यात्रा तय की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को प्रत्येक वर्ष अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब पर्यावरण और विकास साथ-साथ चलते हैं तभी संतुलित एवं स्थायी विकास संभव होता है। यदि दोनों अलग-अलग हो जाएं तो विकास अधूरा रह जाता है। इकोलॉजी और इकोनॉमी की इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तराखंड 10वें स्थान पर था, जबकि ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज राज्य पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अभी भी कई ऐसे पैरामीटर हैं जिनमें और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है तथा सरकार उन क्षेत्रों में भी तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन, गरीब कल्याण, सीमांत क्षेत्रों के विकास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि एसडीजी में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की विकास यात्रा सही दिशा में आगे बढ़ रही है। विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा प्रदेश के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र के लिए विशेष नीति बनाए जाने से राज्य के समग्र विकास को गति मिली है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की जीडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रति व्यक्ति आय में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखंड ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में उद्योग, स्टार्टअप, हेलीकॉप्टर सेवा, हाईवे निर्माण, ग्रीन एनर्जी एवं बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हुए सकारात्मक बदलावों का ही परिणाम है कि राज्य में रिवर्स पलायन में वृद्धि दर्ज की गई है। अब लोग अपने पैतृक गांवों की ओर लौट रहे हैं तथा स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के रोजगार एवं स्वरोजगार अपनाकर प्रदेश के विकास में भागीदारी निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि एसडीजी रैंकिंग में राज्य का श्रेष्ठ स्थान आना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राज्य के प्रति लिए गए संकल्पों का परिणाम है। यह हमारे लिए गौरव की बात है जिसे हमारे राज्य के कर्मयोगियों ने सफल किया है।

प्रमुख सचिव नियोजन तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) डॉ आर मीनाक्षी सुन्दरम ने एसडीजी की अवधारणा आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा एसडीजी अचीवर्स अवार्ड प्राप्त करने वाले अवॉर्डियों का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य को एसडीजी रैंकिंग में मिले पहले स्थान के लिए किए गए प्रयासों एवं उपलब्धियों को भी विस्तार से बताया।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जनपद का समग्र विकास हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जनपद की जनता को लाभान्वित करना, उनका जीवन स्तर ऊंचा करना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कार्यक्रम के लिए पधारे अतिथियों, विजेताओं और आम जनमानस का धन्यवाद ज्ञापित किया।

उल्लेखनीय है कि स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में *प्रथम* स्थान रुद्रप्रयाग को मिला। *द्वितीय* स्थान उत्तरकाशी तथा नैनीताल ने प्राप्त किया। *तृतीय* स्थान पर बागेश्वर, चमोली तथा टिहरी शामिल हैं।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जधारी राज्य मंत्री गंगा बिष्ट और गोविंद पिलख्वाल, सदस्य पलायन आयोग अनिल सिंह साही, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल , मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) मनोज पंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम जनमानस एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने खटीमा में पंजाबी कॉलोनी में दिवंगत लोगों के परिजनों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा भ्रमण के दौरान पंजाबी कालोनी में स्वव विवेक रघुवंशी, टनकपुर रोड में स्वव भूपेंद्र सिंह चुफाल एवं राजेंद्र नगर निवासी स्वव प्रकाश रावत के आवास पर पहुँच कर उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की और उनके परिवारजनों को ढांढस बँधाते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शान्ति और अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने टीडीसी अस्थाई हेलीपैड में जनप्रतिनिधियों व जनता से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनी तथा समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा जनसमस्याओं का निराकरण सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए अधिकारी जन समस्याओं का त्वरित समाधान करें।

इस दौरान अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी, मेयर विकास शर्मा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, नंदन सिंह खरायत, रनदीप पोखरिया, भवानी भंडारी, सतीश भट्ट, नवीन बोरा, महामंत्री रमेश जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि व जनता मौजूद थी।

फेक नैरेटिव और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित “सोशल मीडिया मंथन विथ सीएम धामी” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल वॉलेंटियर्स एवं युवाओ के साथ संवाद किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने सोशल मीडिया, उत्तराखंड के विकास, रोजगार, संस्कृति, राष्ट्रवाद और युवाओं की भूमिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री श्री धामी से सवाल पूछे, जिनका उन्होंने बेबाकी, स्पष्टता और आत्मीयता के साथ जवाब दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का एक प्रभावशाली प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज का युवा डिजिटल माध्यमों के जरिए अपनी बात पूरी दुनिया तक पहुंचाने की क्षमता रखता है और उत्तराखंड के युवाओं में अपार प्रतिभा मौजूद है।

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मकता, सत्य और समाजहित के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फेक नैरेटिव, भ्रामक सूचनाओं और समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार और तथ्यपरक जानकारी साझा करना आज प्रत्येक युवा की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया को जनसंवाद का सशक्त माध्यम बनाया है और निरंतर युवाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को आगे बढ़ाने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, स्टार्टअप, नवाचार, खेल, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लेकर युवाओं और प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है। उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और देवभूमि की पहचान को संरक्षित रखते हुए विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने सुझाव एवं अनुभव भी साझा किए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार युवाओं के सुझावों और सकारात्मक सहभागिता का सदैव स्वागत करती है तथा डिजिटल इंडिया के इस दौर में उत्तराखंड के युवा प्रदेश के ब्रांड एम्बेसडर बनकर दुनिया के सामने राज्य की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करें।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, जिलाध्यक्ष भाजपा प्रताप सिंह बिष्ट, दायित्वधारी शंकर कोरंगा, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

यदि गांव विकसित होंगे, तो राज्य और राष्ट्र स्वतः ही विकास ऊँचाइयों को प्राप्त करेगाः धामी

विकास खण्ड सभागार खटीमा में जन जन की सरकार, मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत व निकाय जनप्रतिनिधियों से संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा हमारे गांवों में बसती है और देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब हमारे गाँव और कस्बे सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि यदि गांव विकसित होंगे, तो राज्य और राष्ट्र स्वतः ही विकास ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा। यही कारण है कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, वी बी जीरामजी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान जैसी अनेकों योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य सरकार भी विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवथा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जहां एक ओर एक जनपद, दो उत्पाद योजना और हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से अपने पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम कर रहे हैं। वहीं, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से हम प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए व्यापक रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलों ने न केवल हमारी ग्रामीण आर्थिकी को सशक्त किया है, बल्कि स्थानीय युवाओं को उनके गांव में ही रोजगार के अवसर प्रदान कर पलायन पर भी प्रभावी अंकुश लगाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हम आज जहां एक ओर प्रदेश की लाखों महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहे हैं। साथ ही रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को भी निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। ये हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि आज राज्य की 2 लाख 65 हजार से अधिक बहनों ने ष्लखपति दीदीष् बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने एक ओर जहां क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण कराया है, वहीं पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया है। इसके साथ ही, खटीमा में अत्याधुनिक बस स्टैंड का निर्माण कराकर यातायात सुविधाओं को सुदृढ़ किया है, जिससे आज आमजनों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि हमने खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ-साथ चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया है। इसके अलावा, खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ष्साथी केंद्रष् की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि उधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। हम पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाईअड्डा का निर्माण भी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में अरोमा पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, हम खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। इसके साथ ही, हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य भी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है। हमारी सरकार ने गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में सुनियोजित लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। उन्होंने कहा कि हमनें 550 के करीब अवैध मजारों को ध्वस्त किया है, वहीं वन भूमि पर अतिक्रमण करके बनाई गई अवैध मस्जिदों को भी हटाया है। इसके साथ ही, हमने प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए एक सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सड़कों पर कब्जा कर धार्मिक आयोजन करने वालों के लिए सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं जिसके अंतर्गत हमने यातायात को बाधित कर सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाई है। इसके अलावा, हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। जिसके अंतर्गत अब उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में अवैध रूप से संचालित लगभग 250 से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि राज्य में शिक्षा के मंदिर स्थापित हों, जहां तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए, न कि शिक्षा के नाम पर बच्चों को अलगाववादी मानसिकता की ओर धकेला जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध भी ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है। हमारी सरकार ने ही भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसी का परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है, जिन्होंने पूर्व की सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समाज में व्याप्त असमानताओं को समाप्त करने तथा सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले ष्समान नागरिक संहिताष् कानून को लागू करने का साहसिक कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में धर्मांतरण का खेल चल रहा था। हाल ही में इस क्षेत्र में भी कई धर्मांतरण के मामले सामने आये थे, लेकिन हमने ये गलत काम करने वालों को ऐसा सबक सिखाया है कि अब ये पाखंडी और घुसपैठिए स्वतः ही अपना बोरिया बिस्तर उठाकर राज्य छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ष्विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने के लिए लगातार काम कर रही है। और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को साकार करने में खटीमा के मेरे आप सभी परिवारजन इसी प्रकार हमारी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपना योगदान देते रहेंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद रमेश चंद्र जोशी, अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन आशा बिष्ट, ज्येष्ठ प्रमुख भागीरथी राणा, कनिष्ठ प्रमुख गौरव नेगी, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

89 लाख रुपये की विकास योजनाओं का खटीमा में हुआ लोकार्पण, सीएम धामी ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा भ्रमण के दौरान विकासखंड कार्यालय परिसर में शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और जनसुविधाओं को नई दिशा देने वाली विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने लगभग 89 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुई परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 55 लाख रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक “दीदी की लाइब्रेरी”, 7.50 लाख रुपये की लागत से नवीनीकृत,आधुनिकीकृत व्यायामशाला भवन तथा 26.50 की लागत से विकासखंड सभागार के आधुनिकीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि ये सभी सुविधाएं क्षेत्र के विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी तथा शिक्षा विकास की नई संभावनाओं को गति देंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार होती है। खटीमा में स्थापित की गई दीदी की लाइब्रेरी विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह पुस्तकालय छात्रों को शांत एवं अनुकूल अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगा, जिससे वे अपने लक्ष्य निर्धारण के साथ बेहतर तैयारी कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं सीमांत क्षेत्रों के अनेक प्रतिभाशाली छात्र संसाधनों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधाओं से वंचित रह जाते थे। नई लाइब्रेरी ऐसे विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगी,यहां उपलब्ध पुस्तकों, अध्ययन सामग्री से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर मिलेगा। यह पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, इसी क्रम में इस लाइब्रेरी का संचालन भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा संचालित किया जयेगा जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके। इसके लिए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। खटीमा में स्थापित यह लाइब्रेरी आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने व्यायामशाला भवन के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण को भी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। आधुनिक उपकरणों एवं बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित व्यायामशाला युवाओं को फिटनेस, खेलकूद और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में सहायक होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में फिट इंडिया मूवमेंट और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को नशामुक्त, स्वस्थ और अनुशासित जीवन की ओर प्रेरित करने के लिए खेल एवं फिटनेस से जुड़ी सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। आधुनिक व्यायामशाला स्थानीय युवाओं को नियमित व्यायाम, शारीरिक दक्षता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में समान रूप से कार्य कर रही है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके। खटीमा उनका गृह क्षेत्र होने के साथ-साथ विकास के प्रति उनकी विशेष प्रतिबद्धता का भी केंद्र है और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और युवाओं को अपने सपनों को साकार करने तथा आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए मजबूत आधार प्राप्त होगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

जनसमस्याओं के निराकरण को सीएम धामी ने मौके पर अधिकारियों को दिए निर्देश

जनपद नैनीताल के भ्रमण पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी-काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आम जनता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध और संतुष्टिपरक समाधान राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसलिए जनता को राहत पहुंचाने के लिए अधिकारी संवेदनशीलता से कार्य करें।

इस दौरान पेयजल आपूर्ति, ग्रामीण सड़कों की स्थिति, विद्युत आपूर्ति एवं सिंचाई से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। मुख्यमंत्री ने पेयजल निगम को ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था करने तथा खराब नलकूपों एवं हैंडपंपों, को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को प्राथमिकता पर गड्ढामुक्त करने और विद्युत विभाग को निर्धारित रोस्टर के अनुसार निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर आवास विभाग ने तेज की कार्रवाई, पार्किंग परियोजनाओं को मिली सैद्धान्तिक सहमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जनपद चमोली के गैरसैंण और जनपद बागेश्वर के काण्डा में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण परियोजनाओं को लेकर आवास विभाग ने विभागीय व्यय समिति की बैठकों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ आ राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में दोनों परियोजनाओं के विस्तृत आगणनों पर चर्चा करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए अग्रेतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठकों में आवास विभाग, वित्त विभाग, नियोजन विभाग, संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पर्वतीय नगरों में बढ़ते वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के साथ स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

गैरसैंण में 91 वाहनों की आधुनिक पार्किंग का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में गैरसैंण में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण हेतु पेयजल निगम द्वारा ₹1504.35 लाख लागत का विस्तृत आगणन प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार भू-तल पर 36 कार पार्किंग, 7 दुकानें और 2 कार लिफ्ट का प्रावधान किया गया है, जबकि टेरेस पर 55 कार पार्किंग और 1 अतिरिक्त कार लिफ्ट प्रस्तावित है। इस प्रकार कुल 91 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। प्रस्ताव में बीआरसी/सीआरसी फैकल्टी हॉल और तीन क्लास रूम का भी प्रावधान रखा गया था। इस पर सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर राजेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवास विभाग की जिम्मेदारी केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित है और अन्य अतिरिक्त निर्माण प्रस्तावों को हटाकर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना को व्यवहारिक और जनहितकारी स्वरूप में तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

काण्डा में 53 वाहनों की पार्किंग सुविधा
बागेश्वर जनपद के काण्डा में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना के संशोधित आगणन पर भी विभागीय व्यय समिति ने विस्तार से विचार किया। ₹540.85 लाख लागत की इस परियोजना में भूतल पर 7 दुकानें और 26 कार पार्किंग तथा प्रथम तल पर 27 कार पार्किंग प्रस्तावित की गई हैं। इसके अलावा शौचालय सुविधा का भी प्रावधान रखा गया है। इस प्रकार कुल 53 वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। बैठक में सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि पार्किंग का संचालन जिला विकास प्राधिकरण, बागेश्वर द्वारा किया जाए और दुकानों का आवंटन जिला स्तरीय समिति के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। विभागीय व्यय समिति ने परियोजना की अनुमोदित लागत पर सैद्धान्तिक सहमति प्रदान करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

पर्वतीय शहरों को मिलेगी राहत – डॉ आ राजेश कुमार
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ आ राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाएं केवल वाहन खड़े करने की व्यवस्था नहीं हैं, बल्कि यह स्थानीय बाजारों को व्यवस्थित करने, यातायात दबाव कम करने और पर्यटन गतिविधियों को गति देने का माध्यम भी बनेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।

सीएम धामी ने सितारगंज में सीसी पुल का किया शिलान्यास, 150 मीटर लंबे पुल बनने से 50 हजार की आबादी को मिलेगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सितारगंज के शक्तिफार्म को सिडकुल क्षेत्र से जोड़ने हेतु सिसौना नदी पर लगभग 11 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 150 मीटर स्पान सीसी पुल का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण से क्षेत्र के लगभग 50 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा तथा सिडकुल सितारगंज एवं विकासखंड कार्यालय सिसौना तक पहुंचने के लिए लगभग 9 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर जनपद एवं शक्तिफार्म-सितारगंज क्षेत्र के विकास हेतु अनेक महत्वाकांक्षी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्तिफार्म में पीपीपी मॉडल के माध्यम से मिल्क पाउडर, आइसक्रीम एवं चीज निर्माण से संबंधित आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है। इसके साथ ही प्रह्लाद पलसिया में लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसका लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएचसी को 30 बेड के सीएचसी में उच्चीकृत किया गया है। साथ ही सितारगंज-टनकपुर फोरलेन सड़क, आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली, विभिन्न मोटर मार्गों और मल्टी स्टोरी पार्किंग के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद ऊधमसिंह नगर में किच्छा में लगभग 351 करोड़ रुपये की लागत से 100 एकड़ भूमि पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाईअड्डे के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गदरपुर एवं खटीमा बाईपास, खटीमा और किच्छा बस अड्डों, खेल स्टेडियमों, साइकिलिंग ट्रैक, एथलेटिक्स ट्रैक तथा औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को नई पहचान दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना को पुनः प्रारंभ कर तराई क्षेत्र की पेयजल एवं सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। किसानों के हित में गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जो भी विकास कार्य प्रारंभ करती है, उसे समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर जनता को समर्पित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और पारदर्शी प्रशासन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु किए जा रहे कार्य ऐतिहासिक हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह बल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।