सीएम ने की सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव एवं संबंधित कार्यक्रमों के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी एवं पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव एवं संबंधित कार्यक्रमों हेतु एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने राज्य की ैज्म्ड लैब्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जोड़ने तथा सभी विकासखंडों में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में विज्ञान एवं तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं के लिए तैयार करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को खूब पढ़ने, नए विचारों पर काम करने और सवाल पूछने की प्रवृत्ति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक ही भविष्य में देश के प्रमुख वैज्ञानिक, इंजीनियर और शोधकर्ता बनेंगे। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित इस प्रकार के विज्ञान महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ ही उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने और देश एवं प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा में आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर देते हुए रोबोटिक्स एवं ड्रोन तकनीक को शिक्षा से जोड़ने तथा महिला विकास एवं विज्ञान विषय पर सम्मेलन आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं तकनीक के माध्यम से प्रदेश में नवाचार, सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और स्मार्ट कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से प्रयास कर रही है। इसके साथ ही कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, मौन पालन और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

महोत्सव के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक कविता हरकोटिया, दीप चंद जोशी, हरिमोहन ऐठाणी एवं ख्याली दत्त को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य अव्वल सिंह तोपाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक एवं बाल वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

नजरियाः धामी सरकार का बड़ा कदम, पिथौरागढ़ जिला न्यायालय में बनेगी तीन मंजिला पार्किंग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश में सरकारी परिसरों और सार्वजनिक उपयोग की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पिथौरागढ़ जनपद के जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण कार्य को गति देने की कवायद तेज हो गई है। परियोजना के पुनरीक्षित आगणन को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में राज्य सचिवालय में आवास विभाग की सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी पिथौरागढ़ तथा कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने प्रतिभाग किया। बैठक में परियोजना के तकनीकी पहलुओं, पुनरीक्षित लागत, निर्माण की आवश्यकता और पार्किंग की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित पार्किंग का निर्माण पूरा होने के बाद जिला न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी पार्किंग सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

959.47 लाख के पुनरीक्षित आगणन पर चर्चा
जिला न्यायालय परिसर में तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, पिथौरागढ़ की ओर से संशोधित विस्तृत आगणन तैयार किया गया है। तकनीकी स्वीकृति के लिए गठित टीएसी द्वारा अनुमोदित 959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में समिति की बैठक में चर्चा की गई। परियोजना के लिए शासन स्तर से पहले ही धनराशि जारी की जा चुकी है। शासनादेश संख्या 199681/2024, दिनांक 16 मार्च 2024 के माध्यम से कुल लागत का 40 प्रतिशत यानी 270.61 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई थी। इसके बाद निर्माण कार्य की आवश्यकता और परियोजना में किए गए अतिरिक्त प्रावधानों को देखते हुए अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता सामने आई है। बैठक में पुनरीक्षित आगणन में हुई 282.93 लाख रुपये की वृद्धि के कारणों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों के अनुसार परियोजना के संशोधित आगणन में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इन अतिरिक्त मदों के कारण परियोजना की लागत में वृद्धि हुई है। समिति ने निर्देश दिए कि आगणन में इन मदों के कारण हुई अतिरिक्त वृद्धि को लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता द्वारा लिखित रूप से स्पष्ट किया जाए और विस्तृत जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि परियोजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाया जा सके।

न्यायालय परिसर के साथ आमजन को भी मिलेगा लाभ
प्रस्तावित पार्किंग का स्थल मार्केट वाली रोड पर है। ऐसे में इसका महत्व केवल जिला न्यायालय परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। पार्किंग का उपयोग न्यायालय में आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ-साथ आम नागरिक भी कर सकेंगे। पहाड़ी शहरों में सीमित स्थान और बढ़ते वाहनों के कारण पार्किंग एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। पिथौरागढ़ भी इससे अछूता नहीं है। जिला न्यायालय परिसर के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में तीन मंजिला पार्किंग का निर्माण होने से वाहनों को व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा और सड़क किनारे अनियोजित पार्किंग से उत्पन्न होने वाली समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। प्रस्तावित पार्किंग की क्षमता 43 कारों की है। बहुमंजिला स्वरूप में विकसित होने के कारण सीमित भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। वहीं दो लिफ्ट का प्रावधान किए जाने से पार्किंग के विभिन्न स्तरों तक आवागमन को सुविधाजनक बनाने में भी मदद मिलेगी।

पार्किंग संचालन के लिए शुल्क होगा निर्धारित
बैठक में पार्किंग सुविधा के संचालन से जुड़े विषय पर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि पार्किंग के संचालन के लिए निर्धारित व्यवस्था के तहत शुल्क तय किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को पार्किंग शुल्क निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य यह है कि पार्किंग का संचालन व्यवस्थित तरीके से हो और इसके रखरखाव एवं संचालन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा सके। शुल्क निर्धारण के बाद पार्किंग के नियमित संचालन, वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।

आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार सरकारी परिसरों के साथ-साथ आमजन से सीधे जुड़ी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। पार्किंग जैसी सुविधाएं केवल यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि शहरों के व्यवस्थित विकास में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जनपद में भूमि की उपलब्धता सीमित होने के कारण बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाएं अधिक उपयोगी साबित हो सकती हैं। जिला न्यायालय परिसर की प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
आवास सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग परियोजना का उद्देश्य न्यायालय में आने वाले लोगों के साथ-साथ आमजन को भी व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि परियोजना के पुनरीक्षित आगणन में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया गया है। अतिरिक्त लागत के कारणों को संबंधित कार्यदायी संस्था से स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि पार्किंग की क्षमता 43 कारों की होगी और इसके संचालन के लिए शुल्क निर्धारण के निर्देश जिलाधिकारी को दिए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि परियोजना समयबद्ध तरीके से आगे बढ़े और इसका लाभ आमजन को मिले।

स्वस्थ बचपन और सशक्त मातृशक्ति, सशक्त उत्तराखंड की मजबूत नींवः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के आंगनबाड़ी केंद्र गोसीकुआ भुड़ाई में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं तथा आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों से आत्मीय संवाद कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर नन्हे-मुन्ने बच्चों को दुलार किया और उनसे बातचीत कर उनके मन की बात जानी। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर आत्मीयता से समय बिताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गोदभराई रस्म में प्रतिभाग कर गर्भवती महिलाओं को आशीर्वाद दिया तथा 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार सामग्री की किट वितरित की। उन्होंने 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने 05 नन्हे बच्चों का अपने हाथों से अन्नप्राशन संस्कार कराया। इस अवसर पर उन्होंने 09 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं 02 आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान समृद्धि एवं हरियाली के प्रतीक के रूप में पौधरोपण भी किया।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन की यात्रा प्रेरणादायी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी वर्गों के कल्याण और राष्ट्रहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कर्मयोगी एवं साधक के रूप में उनका कार्य, समर्पण और सेवा भाव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

सेवा, स्नेह और संवाद को हर घर तक पहुंचाने का माध्यम है ‘आंगन मिलन’

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम सेवा, स्नेह और संवाद को प्रत्येक व्यक्ति और हर घर तक पहुंचाने का माध्यम है। प्रदेशभर में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य, संस्कार, प्रारंभिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास की नींव तैयार करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों की देखभाल और पोषण के साथ-साथ सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सेवा और समर्पण समाज के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके स्वयं के बच्चे भी नगला तराई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़े हैं।

माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य एवं पोषण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में

मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य एवं पोषण राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महालक्ष्मी किट योजना, पोषण योजनाओं और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना सहित अनेक योजनाओं के माध्यम से माताओं एवं बच्चों को आवश्यक सहायता एवं पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को हेली एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उन्हें आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान बच्चों को पौष्टिक आहार, उचित देखभाल, प्रारंभिक शिक्षा और अच्छे संस्कार मिलें तो उनके स्वस्थ एवं सशक्त भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

कोई बच्चा कुपोषित न रहे, सरकार का विकल्परहित संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के पोषण और स्वस्थ भविष्य की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार का प्रयास है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के अच्छे पोषण, बेहतर स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा, संस्कार एवं सर्वांगीण विकास के केंद्र बनें।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने और बच्चों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सेवा भावना और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि जब सरकार, समाज और परिवार तीनों मिलकर माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जिम्मेदारी निभाते हैं, तो स्वस्थ एवं सशक्त उत्तराखंड की नींव और अधिक मजबूत होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का विकल्परहित संकल्प है कि उत्तराखंड में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे और प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित एवं संस्कारयुक्त वातावरण मिले।

मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेक प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब परिसर में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग कर श्रमदान किया।

मुख्यमंत्री ने स्वयं साफ-सफाई कर लोगों को स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने इससे पहले गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेक प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री को सरोपा एवं स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ ही अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है और यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। ऐसे में धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के साथ ही बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी की भावना को नई मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितम्बर से प्रदेश में प्रारंभ ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता किसी एक अभियान या कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे निरंतर जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक नागरिक को अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने में योगदान देना चाहिए।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार जोगेंद्र सिंह, महासचिव सरदार अमरजीत सिंह बोपराय, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने चंपावत जनपद के लिए की जनहित से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं

देहरादून/चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के बनबसा में क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास के साथ ही स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टे एवं तराई-भाभर स्टेट के पट्टे की भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की कार्यवाही यथाशीघ्र की जाएगी। इससे संबंधित पट्टेदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा कॉरिडोर एवं कैनाल कॉरिडोर के अंतर्गत बनबसा एवं टनकपुर के प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण किया जाएगा। इससे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर के विस्तारीकरण के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। इससे संस्थान के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

मुख्यमंत्री ने बनबसा एवं टनकपुर शहरी निकायों के अंतर्गत प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सरकारी भूमि पर लंबे समय से कच्चे एवं अस्थायी भवनों में निवास कर रहे नागरिकों के लिए स्थायी एवं पक्के आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की। इससे लंबे समय से अस्थायी आवासों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय सुविधा मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। बनबसा और टनकपुर जैसे सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास, शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार और आवासीय समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

आदर्श चम्पावत में विकास की योजनाओं से बदल रही तस्वीर, धार्मिक पर्यटन को मिल रहा नया विस्तारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से है। सरकार का प्रयास है कि विकास के साथ विरासत का संरक्षण हो और प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं के साथ नई ऊंचाई दी जाए। उन्होंने कहा कि आदर्श चम्पावत के संकल्प के तहत जनपद की धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं को आधुनिक विकास से जोड़कर एक प्रभावी विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टनकपुर में नवयुवक रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन अपने आप में अत्यंत दिव्य अवसर है। जहां श्रद्धा और आस्था के साथ भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां भगवान की कृपा बनी रहती है। मां पूर्णागिरि एवं मां शारदा की पावन धरती पर ऐसे धार्मिक आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड भी विकसित भारत के संकल्प में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों, मंदिरों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श चम्पावत का संकल्प केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चम्पावत की पहचान और संभावनाओं को नई ऊंचाई देने का संकल्प है। टनकपुर में लगभग 237.74 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन आईएसबीटी, शारदा घाट का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर, मां पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार तथा विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य जनपद के विकास को नई गति प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ककराली गेट से धाम की ओर लगभग 8.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि मां पूर्णागिरि धाम सहित जनपद के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही चम्पावत में सड़क, परिवहन, पर्यटन, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इन प्रयासों से जहां श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स हॉस्टल टनकपुर के खिलाड़ियों से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग कर आमजन से सीधा संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। चम्पावत की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पर्यटन क्षमता को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए ऐसा विकास सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसमें विकास की गति के साथ विरासत की गरिमा भी बनी रहे।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, दायित्वधारी मनोज कालाकोटी, दायित्वधारी हेमा जोशी, दायित्वधारी किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि चम्पावत प्रकाश तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

खटीमा में सीएम धामी ने किया 108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्दीघेरा, खटीमा में ₹7.23 करोड़ की लागत से नवनिर्मित गौशाला का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें प्रमुख रूप से ₹34.44 करोड़ की लागत से राज्य मार्ग-70 के सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग तक 13.60 किमी मार्ग के उच्चीकरण का कार्य शामिल है।

मुख्यमंत्री ने हल्दीघेरा गौशाला के भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि इससे अधिक से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गौशाला निराश्रित गोवंश के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिलने से जहां उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी, वहीं किसानों और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। इससे सड़कों पर गोवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान है। गौ माता का संरक्षण केवल हमारी परंपरा ही नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य, धर्म और जिम्मेदारी भी है। देवभूमि उत्तराखण्ड सदैव गौ संरक्षण और गौ सेवा की परंपरा वाली भूमि रही है। राज्य सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गौ सदनों के माध्यम से 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है। ग्राम्य गौ सेवक योजना को भी प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। शहरी विकास और पंचायती राज विभाग के सहयोग से प्रदेश में 63 स्थानों पर गौशाला निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण के साथ-साथ गोवंश को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। बद्री गाय के शुद्ध घी और दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष ग्रोथ सेंटर स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ ही पशुधन के संवर्धन की दिशा में भी अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा सहित पूरे ऊधम सिंह नगर जनपद में सड़क, पुल, शिक्षा, बाढ़ सुरक्षा और अन्य अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, सेवा, साहस और राष्ट्रभक्ति भारत की शक्ति का प्रतीक: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रुद्रपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर पूरा परिसर “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, संस्कार, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं की महान परंपरा भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। गुरु साहिबान का जीवन हमें अन्याय के आगे न झुकने, जरूरतमंदों की सेवा करने, मानवता की रक्षा करने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। सिख परंपरा वास्तव में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की जीवंत मिसाल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी समाज ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और उद्यमशीलता के बल पर देश के निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सीमा पर देश की रक्षा से लेकर खेतों में अन्न उत्पादन, उद्योग एवं व्यापार को गति देने तथा आपदा के समय सेवा कार्यों में पंजाबी और सिख समाज का योगदान अनुकरणीय रहा है। उन्होंने कहा कि तराई क्षेत्र के विकास और यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी पंजाबी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अपने परिश्रम और संकल्प से समाज ने इस क्षेत्र को नई पहचान देने में अहम योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सिख समाज की आस्था, बलिदान और गौरवशाली परंपराओं को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने की दिशा में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए हैं। करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण, लंगर को सभी प्रकार के करों से मुक्त करना, श्री हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान की स्वीकृति प्रदान करना तथा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती का भव्य आयोजन इसी भावना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए वीर बाल दिवस घोषित किया गया। अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित भारत लाने का कार्य भी किया गया। साथ ही, वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों को न्याय और सम्मान दिलाने की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।

देवभूमि उत्तराखंड के साथ सिख समाज के भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र चरण इस देवभूमि पर पड़े हैं। हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब जैसी पवित्र धरोहरें उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक लगभग 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण की दिशा में कार्य आगे बढ़ चुका है। इस रोपवे के निर्माण से बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं के लिए हेमकुंड साहिब की यात्रा अधिक सुगम होगी तथा तीर्थयात्रियों की संख्या में भी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण और सर्वस्व गंवाने वाले लोगों की स्मृति को सम्मान देने के लिए ‘विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल’ के निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य में धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को सख्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में सभी समुदायों की संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली विरासत को सम्मान देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि विद्यालयों में गुरुबाणी की गूंज और गुरुओं के पावन संदेश नई पीढ़ी तक पहुंच सकें।

मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को अपने गुरुओं के जीवन से प्रेरणा लेकर मेहनत, अनुशासन, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ युवाओं का अपनी संस्कृति, संस्कारों और गौरवशाली विरासत से जुड़ा रहना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकसित उत्तराखंड का निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसा प्रदेश बनाना है जहां विकास के साथ विरासत का सम्मान हो, आधुनिकता के साथ संस्कार हों और प्रगति के साथ सामाजिक समरसता भी कायम रहे।

मुख्यमंत्री ने तराई क्षेत्र के विकास में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी ने तराई क्षेत्र को बसाने और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने उनकी जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को नमन किया।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सिख समाज ने राष्ट्र निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण योगदान दिया है और भविष्य में भी देश के विकास एवं प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। देश की जनता के सामूहिक प्रयासों से इस लक्ष्य को निश्चित रूप से साकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में सिख समाज सहित प्रत्येक वर्ग की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने बनबसा में प्रबुद्धजनों से किया संवाद, योजनाओं पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम के उपरांत प्रबुद्धजनों से संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रबुद्धजनों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रबुद्धजन समाज के दर्पण होते हैं। उनके विचार और चिंतन समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रबुद्धजनों से मिलने वाली ऊर्जा, सुझाव और आशीर्वाद विकास कार्यों को नई गति प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत के प्रबुद्धजनों से मिलने वाला मार्गदर्शन और आशीर्वाद सरकार को और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों के साथ उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चम्पावत को आदर्श चम्पावत बनाने के संकल्प के साथ उत्तराखंड को आदर्श उत्तराखंड बनाने के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टनकपुर में आईएसबीटी और शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम को वर्षभर तीर्थयात्रियों के लिए सुगम बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। ककराली गेट से मां पूर्णागिरि धाम तक स्थायी प्रकाश व्यवस्था के साथ ही रोपवे एवं हेलीपैड के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के दृष्टिगत टनकपुर पर्यटन एवं तीर्थाटन का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद में पार्किंग, एपीजे अब्दुल कलाम संस्थान, अत्याधुनिक साइंस सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड सतत विकास, कानून-व्यवस्था, निवेश और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य की जीएसडीपी पिछले पांच वर्षों में दोगुनी हुई है तथा पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर मानसखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिलना भी उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव है।

कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्धजन बंशीधर उपाध्याय ने मुख्यमंत्री द्वारा अपने व्यस्ततम कार्यक्रम के बीच समय निकालकर संवाद करने के लिए आभार व्यक्त किया। पूर्व सैनिक पुष्कर कापड़ी, पूर्व कैप्टन भानी चंद एवं अर्जुन सिंह ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चम्पावत सहित पूरा उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने खेल, पर्यटन, मंदिरों के सौंदर्यीकरण, महिला सशक्तिकरण, साइंस सेंटर, टनकपुर में रेल सुविधाओं, शारदा कॉरिडोर एवं आईएसबीटी टनकपुर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर बनबसा की प्रथम महिला ग्राम प्रधान एवं दिव्यांग कमला देवी जो मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आगे आना चाह रही थी, उन्हे देखकर मुख्यमंत्री स्वयं उनके पास पहुंचे और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया।

युवाओं से संवाद पर सीएम धामी ने किया संबोधित, बोले पारदर्शिता और निष्ठा ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान युवाओ से संवाद कर उनके सवालों के जवाब दिए।

मुख्यमंत्री ने चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल, समाज सेवा, स्वरोजगार तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली स्थानीय युवा प्रतिभाओं को राजकीय सम्मान प्रदान कर प्रोत्साहित किया।

संवाद के दौरान छात्रा मिलन कलखुड़िया द्वारा मुख्यमंत्री के जीवन सफर पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने अपनी संक्षिप्त जीवनी, शिक्षा, युवावस्था और राजनीतिक यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने प्रेरणा देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से महान नहीं होता, बल्कि अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और मनोयोग से निर्वहन कर महान बनता है।छात्रा प्रीति पांडे द्वारा नकल विरोधी कानून की सराहना की एवं स्थानीय परीक्षा केंद्र को टनकपुर में बनाए जाने के अनुरोध किया इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए उचित प्रयास किया जाएगा।

छात्र रोहित शर्मा द्वारा नशे के खिलाफ से संबंधी सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि श्ड्रग फ्री उत्तराखंडश् अभियान की चर्चा की और युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने व दूसरों को प्रेरित करने का आह्वान किया। छात्र सुमित सिंह नायक द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में 56 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे युवाओं को विज्ञान व तकनीक का ज्ञान प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि नकल विरोधी सख्त कानूनों से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और अब तक 34,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं।

छात्र नमन पुरी द्वारा युवा आयोग के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवा आयोग का गठन किया जा रहा है, जो प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को सही दिशा, मार्गदर्शन, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा निष्ठा और परिश्रम के बल पर साधारण व्यक्ति भी सर्वाेच्च पद तक पहुँच सकता है। हमने अपने जीवन को अनुशासित बनाना है। जीवन में अनुशासन का पालन ही हमें सफलता की ओर ले जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा देश की 65 प्रतिशत युवा आबादी को 21वीं सदी की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख किया और कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर यही युवा शक्ति देश का परिदृश्य बदल सकती है। मुख्यमंत्री ने अपने विकल्प रहित संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य में पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए अल्मोड़ा, चमोली और पौड़ी जैसे जनपदों में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए श्युवा आयोगश् का गठन किया जा रहा है, जबकि देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के माध्यम से अब तक 34,000 से अधिक पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त नियुक्तियाँ संपन्न कराई जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा सीमांत क्षेत्रों के विकास के अंतर्गत चम्पावत में आधुनिक पुस्तकालय, राजकीय पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, साइंस सेंटर और राज्य के पहले बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने समारोह में नीट परीक्षा में सफल बसटिया की हिमानी विश्वकर्मा, अमेजॉन में 47 लाख रुपये का सालाना पैकेज प्राप्त करने वाली बिचई की श्वेता चंद और राष्ट्रीय पैरा आर्म रैसलिंग के स्वर्ण पदक विजेता टनकपुर के पवन गढकोटी को सम्मानित किया गया। खेल व दिव्यांग कल्याण में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार विजेता बनबसा के संदीप रस्तोगी, निःशुल्क गौ सेवक पवन मेहता, नशा मुक्ति अभियान के संचालक मनीष सिंह तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सेवारत अजंता विजय को भी मंच से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने बागवानी से स्वरोजगार स्थापित करने वाले चंपावत के कमल गिरी, माउंट एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत, लोक संस्कृति व मीडिया इंफ्लुएंसर तरुण भट्ट तथा युवतियों को सेना व पुलिस भर्ती की निःशुल्क ट्रेनिंग देने वाली बनबसा की अरुणिमा रावत को भी उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी, जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सामन्त, जिला महामंत्री भाजपा मुकेश कलखुडिया, प्रभारी गुंजन सुखीजा, सह प्रभारी नितिन देउपा, श्याम नारायण पाण्डेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी एवं किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव एवं अन्य लोग मौजूद रहे।