सीएम धामी ने खटीमा में छात्रसंघ के विंटर कार्निवाल का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवंती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा में छात्र संघ द्वारा आयोजित विंटर कार्निवाल में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया व हौसला अफज़ाई की। उन्होंने विंटर कार्निवाल का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया व छात्र संघ के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को उनके सफल कार्यकाल हेतु हार्दिक शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छात्र संघ द्वारा पहली बार विंटर कार्निवल के अंतर्गत भजन क्लम्बिंग जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत की जा रही है। मेरा मानना है, इस प्रकार की पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, लोक परंपराओं और युवा चेतना के संगम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भजन क्लंबिंग जैसे आयोजन ये सिद्ध करते हैं कि हमारा युवा वर्ग आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से भी मजबूती से जुड़ा हुआ है और संगीत, भक्ति और संस्कृति के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देना, ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस पहल के लिए मैं, छात्र संघ की पूरी टीम को बधाई देता हूँ। ऐसा आयोजन कर आप सभी ने नेतृत्व क्षमता, संगठन शक्ति और सामाजिक दायित्व का परिचय दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि जिन छात्र-छात्राओं ने आज इस कार्यक्रम का संचालन किया है, वही छात्र कल राज्य और देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि खटीमा मेरे लिए कोई विधानसभा सीट नहीं बल्कि ये मेरा घर है, मेरी कर्मभूमि है और मेरी पहचान है। खटीमा की मिट्टी ने मुझे सेवा का संस्कार दिया है, यही वो धरती है जहाँ से मैंने जनसेवा की पहली सीढ़ी चढ़ी थी। यही वजह है कि यहां की हर गली, हर गांव मेरे दिल के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल सहित बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए हैं। खटीमा में हमने विकास को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे ज़मीन पर उतारने का काम किया है। हमने एक ओर जहां क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण कराया है, वहीं पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि हमने खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ-साथ चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है वहीं, विद्यार्थियों के लिए “साथी केंद्र” की स्थापना करने के साथ ही औद्योगिक विकास को गति देने लिए सिडकुल की स्थापना भी की गई है। इतना ही नहीं, हम खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भी संकल्पित है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। यही नहीं, हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य कर रहे है वहीं, क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एम्स के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना करने के साथ-साथ खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड रोजगार सृजन के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय सीमित थी, लेकिन आज उसी प्रतिव्यक्ति आय में 17 गुना की वृद्धि हुई है। प्रदेश में सड़कों का नेटवर्क दोगुना हुआ है, और बिजली उत्पादन में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। ये परिवर्तन केवल सरकारी रिपोर्टों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम जन के जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन हुआ है। यानी आज हमारा पहाड़ का युवा, बेहतर भविष्य, स्वरोजगार और आत्मसम्मान की उम्मीद के साथ फिर से अपनी मिट्टी, अपने गांवों की ओर लौट रहा है। प्रदेश की बेरोजगारी दर में एक ही वर्ष में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, अस्मिता और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन पर सख्ती से लागू करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हमने 11 हज़ार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया। इतना ही नहीं, 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओं पर बुलडोजर चलाकर ये स्पष्ट संदेश भी दिया है कि देवभूमि की एक-एक इंच भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से हमने सनातन धर्म को बदनाम करने वाले ढोंगियों और पाखंडियों पर भी कठोर कार्रवाई की है। क्योंकि आस्था की आड़ में ठगी करने वालों के लिए देवभूमि में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने समान नागरिक संहिता लागू कर प्रदेश में समरसता, समान अधिकार और सामाजिक न्याय की मज़बूत नींव रखी है। ये सिर्फ कानून नहीं, बल्कि नए उत्तराखंड का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर नकल माफिया की कमर तोड़ने की पहल की, और इसका परिणाम है कि आज प्रदेश के 28 हज़ार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा है कि युवाओं के हक पर किसी माफिया का साया नहीं पड़ने दिया जाएगा, अब प्रदेश में पर्ची नहीं, परिश्रम चलता है, सिफारिश नहीं, सिस्टम चलता है। उन्होंने कहा कि हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ भी “जीरो टॉलरेंस की नीति” अपनाकर पिछले साढ़े चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। यहाँ विकास भी होगा, परंपराएँ भी सुरक्षित रहेंगी, और जो ताकतें राष्ट्र, संस्कृति और समाज के खिलाफ खड़ी होंगी, उन्हें जवाब भी अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है, और मुझे पूर्ण विश्वास है कि खटीमा के मेरे परिवारजनों का स्नेह, विश्वास और सहयोग हमें इसी प्रकार मिलता रहेगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री खटीमा में पूर्व जिला पंचायत सदस्य राम सिंह जेठी के पत्नी के निधन पर उनके आवास, ढील्लू सिंह राणा एवं जशोधर भट्ट के निधन पर उनके आवास पर पहुँच कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर दीपक बाली, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत,अमित पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, गौरव पांडे, सी ओ बी एस धोनी सहित छात्र संघ के सभी पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

सीएम धामी ने क्रिकेट टूर्नामेंट में खिलाड़ियों का जाना परिचय, दी शुभकामनाएं

बिरिया मझोला खटीमा में स्वर्गीय मनीष चंद स्मृति द्वितीय ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 के समापन एवम् पुरुस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग कर खिलाड़ियों को पुरुस्कार वितरित किया। टूर्नामेंट में 16 टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया। फाइनल मुकाबला नगला तराई खटीमा व उजालिकोट टनकपुर के बीच खेला गया। मुख्यमंत्री धामी ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर शुभकामनाएं दी व क्रिकेट में हाथ भी आजमाए। पहले खेलते हुए नगला तराई खटीमा ने 108 का लक्ष्य दिया जबकि उजलीकोट ने लक्ष्य प्राप्त कर 03 विकेट से जीत हासिल की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय मनीष चंद के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित की व संबोधित करते हुए कहा कल भारतीय युवा अंडर 19 टीम ने विश्व कप जीता है इसके लिए उन्होंने सभी को बधाई दी।उन्होंने कहा खिलाड़ी लक्ष्य लेकर संकल्प के साथ आगे बढ़ें सिद्धि तक अवश्य पहुंचेंगे। उन्होंने कहा अब खेल एक मनोरंजन का साधन नहीं है,खेलो में कैरियर की अपार संभावनाएं हैं इसलिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए अनुशासन के साथ खेले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल शरीर व मनमस्तिष्क को स्वस्थ रखता है तथा हमें अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व सिखाता है इसलिए टीम भावना से खेले। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने खेलो इंडिया,फिट इंडिया योजनाओं के अन्तर्गत खेलो का ढांचागत विकास किया है इसलिए हमारे खिलाड़ी आज सभी खेलो में परचम लहरा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री खिलाड़ियों से मिलते हैं व उनका हमेशा उत्साहवर्धन करते हैं। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो में हमारे खिलाड़ी यों ने 103 पदक जीते है यह हमारे लिए गर्व की बात है हमारी देव भूमि अब खेल भूमि बन रही है।उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, स्वर्गीय मनीष चंद की माता हरिकेश चंद,जिला पंचायत सदस्य रीता काफलटा,भास्कर संभल ,क्षेत्र पंचायत सदस्य मंदीप राणा,प्रेम प्रकाश,तेज सिंह महर,प्रधान भागीरथी राणा, दीपक एरी, चन्द्रकला, माया जोशी, गणेश सिंह महर,गीता ज्याला, सांसद प्रतिनिधि रवींद्र राणा,पूर्व मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत,अमित पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी,गौरव पांडे, सी ओ बी एस धोनी सहित टूर्नामेंट कमेटी के सदस्य एवं जनता मौजूद थे।

सीएम ने जमरानी परियोजना को निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद भ्रमण के दौरान गोला नदी पर सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से निर्माणाधीन जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थल पर उपस्थित अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों से निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने परियोजना की समयबद्धता, गुणवत्ता एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर, उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की भी विस्तार से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से पर्यावरणीय एवं तकनीकी बाधाओं का समाधान किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने क्षेत्रवासियों की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जमरानी बांध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाले स्थानीय निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार योजनाओं को कागजों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार शब्दों में नहीं, कार्यों में विश्वास करती है। जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अड़चन या धनराशि की कमी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। राज्य में कोई भी जनकल्याणकारी योजना अधूरी नहीं रहेगी, सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना राज्य की समृद्धि का प्रतीक है। यह परियोजना उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगी। बांध के निर्माण से जहां एक ओर सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा सुदृढ़ होगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग के अनुरूप परियोजना से विद्युत उत्पादन की संभावनाओं पर केन्द्र सरकार से वार्ता की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से कुमाऊं के तराई क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के किसानों एवं क्षेत्रवासियों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर जमरानी बांध परियोजना के महाप्रबंधक महेश खरे ने जानकारी दी कि परियोजना के अंतर्गत निर्मित की जा रही दो टनलों का कार्य लगभग 88 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नदी के जल प्रवाह के डायवर्जन हेतु कॉफर डैम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक टनल निर्माण एवं कृत्रिम डैम का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिसके पश्चात आगामी मानसून के दौरान नदी का जल टनलों के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा। इसके उपरांत स्थायी बांध के निर्माण कार्य को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने अवगत कराया कि परियोजना का संपूर्ण निर्माण कार्य जून 2029 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्य, नवीन वर्मा, दीपक मेहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, के.डी. रूबाली, मण्डलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, क्षेत्रीय नागरिक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कैंचीधाम जाम से मिलेगी स्थायी राहत, प्राथमिकता पर हो रहा बाईपास का निर्माण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी प्रशासनिक निर्णयों के परिणामस्वरूप नैनीताल जनपद की बहुप्रतीक्षित कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम–रातीघाट) परियोजना तेजी से अपने निर्णायक चरण की ओर अग्रसर है। आज मुख्यमंत्री ने नैनीताल भ्रमण के दौरान इस महत्वपूर्ण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पूर्व बाईपास मार्ग को पूर्ण कर यातायात के लिए खोलना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन होता है। श्रद्धालुओं को सुचारु, सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कैंचीधाम बाईपास का निर्माण तेज़ी से कराया जा रहा है, जिससे वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।

लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू ने अवगत कराया कि 18.15 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास मार्ग में से 8 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर हॉटमिक्स किया जा चुका है, जिसके लिए 12 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रभावी उपयोग किया गया है। शेष 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग कार्य हेतु प्राप्त 5 करोड़ 6 लाख रुपये की धनराशि से कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में इस खंड में 9 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से कलमठ निर्माण, सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्य तेजी और गुणवत्ता के साथ प्रगति पर हैं।

परियोजना के अंतर्गत बाईपास को रातीघाट स्थित अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने हेतु 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी निर्मित किया जा रहा है। इसके लिए शासन से 9 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और पुल निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के पूर्ण होने से न केवल कैंचीधाम में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी, बल्कि पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी एक वैकल्पिक, सुगम और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा। यह परियोजना पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय आवागमन—तीनों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित सैनिटोरियम से अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बाईपास सड़क एवं इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर निर्मित 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के चालू होने से भवाली बाजार में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान होगा और पर्यटन सीजन में यात्रियों को निर्बाध आवागमन सुविधा मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा उनके कल्याण और सुरक्षा के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने बर्फबारी देखने पहुंचे देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों से भी बातचीत की। पर्यटकों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षित वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें यहां किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई है और वे भविष्य में भी यहां आते रहेंगे।

सीएम ने 11 करोड़ 27 लाख 50 हजार की धनराशि से नवनिर्मित हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन का किया शुभारंभ

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 33 करोड़ 36 लाख 49 हजार की 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें जिला विकास प्राधिकरण द्वारा 11 करोड़ 27 लाख 50 हजार की धनराशि से नवनिर्मित हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नानकमत्ता में बाला जी मंदिर के सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत ब्राह्मदेव मंदिर लोहिया पुल खटीमा में सौंदर्यीकरण व पुनःनिर्माण कार्य किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत देवभूमि धर्मशाला में कक्ष, हॉल एवं सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत सोनूखरी – किशनपुर – बरकीडांडी – कैथुला – टुकड़ी मार्ग का हॉटमिक्स सड़क का कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन, नगर पालिका के वार्ड नंबर 7 व 8 में 48.45 लाख की धनराशि से निर्मित पेयजल नलकूप, ओवर हेड टेंक, पाईप लाईन कार्यों, विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता के अंतर्गत 490.21 लाख की धनराशि से राजस्व निरीक्षक व उपनिरीक्षक के आवासीय भवनों व 359.91 लाख की लागत से उपनिरीक्षकों के कार्यालय भवनों, खटीमा में ग्राम मझोला में झील से लेकर पॉलिगंज की ओर 225.62 लाख की लागत से नाला निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा खटीमा क्षेत्र में 499.65 लाख की लागत से 300 नग हेंडपम्प स्थापना कार्य, 29.65 लाख की लागत से खटीमा के नवनिर्मित बस अड्डे में महाराणा प्रताप द्वार निर्माण, 24.50 लाख की लागत से खटीमा में हाईटेक शौचालय निर्माण एवं 95 लाख की लागत से थारू इंटर कॉलेज खटीमा का पुनःनिर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति और घुघुतिया पर्व के पावन अवसर पर 11 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित हाईटेक बस स्टैंड का शुभारंभ हो रहा है, जो पूरे क्षेत्र के लिए हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने स्वयं कई बार बस स्टैंड की स्थापना के लिए प्रयास किए थे और इसकी घोषणा भी की थी। जिसका कार्य आज धरातल में उतर गया है। मुख्यमंत्री ने कहा नवनिर्मित बस स्टैंड क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुव्यवस्थित बनाएगा साथ ही स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के नए अवसर सृजित कर क्षेत्र के विकास को भी गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गाँवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बन रहा है। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है और सभी खटीमावासी उनके परिवार के सदस्य हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने खटीमा से ही जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी। क्षेत्र की प्रत्येक गली और गाँव उनके दिल के बेहद करीब है। खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है, उसी के बल पर वो प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, खटीमा के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। खटीमा क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण, पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ ही चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। विद्यार्थियों के लिए साथी केंद्र एवं औद्योगिक विकास को गति देने लिए सिडकुल की स्थापना भी की गई है। उन्होंने कहा कि हम खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण पर कार्य कर रही हैं। जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई गई हैं, जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया गया है। राज्य सरकार ने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य किया है। वहीं, क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एम्स के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना करने के साथ-साथ खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे भी खटीमा के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया गया है। राज्य सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में अवैध रूप से संचालित लगभग 250 से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया है। हमारा प्रयास है कि राज्य में शिक्षा के मंदिर स्थापित हों, जहां तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए । उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध भी ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के लगभग 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, जो अपने आप में नया रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के बाद बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा हमने समाज में असमानताओं को समाप्त करने तथा सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले ‘समान नागरिक संहिता’ कानून को लागू करने का साहसिक कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देवभूमि है इसकी संस्कृति, अस्मिता और सम्मान के साथ हम किसी भी प्रकार का कोई षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं करेंगे।

सांसद अजय भट्ट एवं पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा ने नवनिर्मित बस अड्डे के लोकार्पण पर सभी क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा की यह बस अड्डा निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट था। उन्होंने नवनिर्मित हाईटेक बस अड्डे का का नाम महाराणा प्रताप रखने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री धामी के कार्यों व निर्णयों को देश के अन्य राज्य भी अनुशरण कर रहे है यह हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री क्षेत्र व प्रदेश के सर्वागींण विकास के लिए कटिबद्ध है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक शिव अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष खटीमा रामेश चंद्र जोशी, नगर पंचायत अध्यक्ष नानकमत्ता प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, मंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, महामंत्री रमेश जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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मंदिर में भगवान की प्रतिमा का किया अनावरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर ब्रह्मदेव मंदिर, लोहिया पुल, खटीमा पहुँचकर भगवान शिव एवं हनुमान जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की व प्रसाद ग्रहण किया।

इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री ने लाल कोठी पहुंचकर उत्तरायणी मेले का फीता काटकर शुभारम्भ भी किया।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा,
राम सिंह जेठी, नवीन बोरा, महेंद्र सिंह दिगारी, मन्नू मेहर, पूरन जोशी, नरेंद्र सिंह, मनोहर पांडे आदि उपस्थित थे।

खटीमा में लोहड़ी पर्व की बधाई देने पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नगला तराई रोड हर्षु इंक्लेव में सुमित गुम्बर के आवास पहुँचकर सार्वजनिक लोहड़ी समारोह में प्रतिभाग किया। उन्होंने सभी को लोहड़ी पर्व की बधाई व शुभकामनायें दीं।

कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता,पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ प्रेम सिंह राणा, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, जिलाध्यक कमल जिन्दल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, वी सी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी,सीएमओ डॉ के के अग्रवाल,उप जिलाधिकारी तुषार सैनी आदि मौजूद थे।

खटीमा में कौतिक मेले का शुभारंभ कर बोले सीएम, उत्तरायणी मेले को कैलेंडर में रखते हुए आर्थिक सहायता देंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ सांस्कृतिक उत्थान मंच खटीमा द्वारा बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए घोषणा की कि पर्वतीय विकास भवन बनाया जाएगा, इस हेतु उन्होंने जिलाधिकारी को भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस उत्तरायणी मेले को कैलेंडर में रखते हुए आर्थिक सहायता दी जाएगी एवं समिति के अनुरोध पर उन्होंने मंच निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है, जिसका महत्व आध्यात्मिक भी है और वैज्ञानिक भी। उन्होंने कहा कि हम सभी मकर संक्रांति को सूर्य के उत्तरायण होने के उपलक्ष्य में मनाते हैं। हमारी संस्कृति में सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है, इसलिए मकर संक्रांति का यह पावन पर्व एक राजा का अपनी प्रजा के घर जाने का दिन भी माना जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी का पर्व मात्र एक त्यौहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था और हमारे जीवन दर्शन का उत्सवe है। उन्होंने कहा कि इस समय सूर्य नारायण हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश लेकर आते हैं। मुझे खुशी है कि उत्तरायणी कौथिक जैसे आयोजनों के माध्यम से हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ रही है। इस आयोजन में जब बच्चे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य करते हैं, युवा लोकगीत गाते हैं और हमारी माताएं-बहनें पारंपरिक परिधान में सजकर इस उत्सव का हिस्सा बनती हैं, तब यह विश्वास और मजबूत हो जाता है कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित हाथों में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बदलते वक्त में जब आधुनिकता चारों और बढ़ रही है, तब अपनी पहचान को बचाए और बनाए रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। ऐसे समय में इस प्रकार के आयोजन अत्यन्त महत्वपूर्ण हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में आज भारत न केवल विकास के नए शिखर छू रहा है, बल्कि सनातन संस्कृति के गौरव को भी पूरे विश्व में पुनः स्थापित कर रहा है। उनके “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र से प्रेरणा लेकर हमारी राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विकास का आदर्श मॉडल बनाने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खटीमा, मेरे लिए केवल एक विधानसभा नहीं, बल्कि मेरा घर है और आप सभी मेरा परिवार हैं। यहीं से मैंने जनसेवा की यात्रा शुरू की थी और यहां की हर गली, हर गांव, हर चेहरा मेरे दिल में बसता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमने जहां एक ओर खटीमा में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का काम किया है, वहीं औद्योगिक विकास को गति देने के साथ ही, युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने हेतु राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु हमने गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नौसर में पुल के निर्माण के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हमारी सरकार ने खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक बनाने की भी घोषणा की है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके अलावा हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई हैं, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं, पूरे विश्वास से कहता हूं कि खटीमा के विकास की गति को कभी रुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने एक ही वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। लेकिन विपक्ष को यह सच दिखाई नहीं देता, क्योंकि उन्हें सिर्फ अफवाह और भ्रम फैलाने की राजनीति आती है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की संस्कृति से न तो कोई खिलवाड़ होगा, न ही डेमोग्राफी से कोई समझौता किया जाएगा और न ही कानून व्यवस्था से कोई सौदा होगा। इसीलिए हमने लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि हमने दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किए और सिर्फ कानून ही नहीं बनाए, बल्कि उन्हें धरातल पर भी उतारा। एक ओर जहां लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हमने 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भूमाफियाओं से मुक्त कराया। वहीं 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओं पर बुलडोजर चलाकर ये भी साबित किया कि देवभूमि की एक-एक इंच भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा हमने “ऑपरेशन कालनेमि” के जरिए सनातन धर्म को बदनाम करने वाले ढोंगियों और पाखंडियों पर भी कार्रवाई की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने एक ओर जहां समान नागरिक संहिता लागू कर प्रदेश में समरस समाज की नींव रखी, वहीं सख्त नकल विरोधी कानून बनाकर नकल माफिया की कमर तोड़ने का काम भी किया। जिसके चलते ही आज लगभग 27 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर हमने “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाकर पिछले साढ़े चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे भेजने का काम किया। इन कठोर और ऐतिहासिक निर्णयों के साथ ही सरकार की स्पष्ट नीति और नीयत के कारण आज उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था राज्य गठन के मुकाबले 26 गुना बढ़ चुकी है। राज्य का बजट 1 लाख करोड़ को पार कर चुका है। इसके साथ ही आज राज्य का बिजली उत्पादन चार गुना बढ़ा है, सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है और राज्य में 10 सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाकर हमने वर्ष 2027 का लक्ष्य 2025 में ही हासिल कर लिया। उन्होंने कहा कि पहले योजनाओं की धनराशि में भी बंदरबांट हुआ करती थी और लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन, आज डीबीटी के माध्यम से शत-प्रतिशत धनराशि खातों में स्थांतरित की जा रही है। इसी का परिणाम है कि नंदा गौरा योजना के तहत प्रदेश की 40 हजार से अधिक बेटियों को 172 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता सीधे खाते में दी गई।

मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति को विशेष रूप से सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति की असली वाहक आप हैं। आपके संस्कार, आपकी मेहनत और आपका त्याग ही हमारे समाज की सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए महिला सशक्तिकरण हमारे लिए केवल नारा नहीं, बल्कि संकल्प है। उन्होंने कहा कि जो लोग दशकों तक सिर्फ वादे करते रहे, वे आज हमारी उपलब्धियों से घबराए हुए हैं, लेकिन मैं, आज इस मंच के माध्यम से ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि “ये देवभूमि है, यहां विकास भी होगा, हमारी संस्कृति भी बचेगी और राष्ट्रविरोधी लोगों को यहां से अंतोतगत्वा जाना ही पड़ेगा”। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। और ये लक्ष्य कोई नारा नहीं, बल्कि हमारा “विकल्प रहित संकल्प” है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए आप सभी इसी प्रकार हमारी सरकार का सहयोग करते रहेंगे।

कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ प्रेम सिंह राणा,ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, जिलाध्यक कमल जिन्दल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, वी सी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, सीएमओ डॉ के के अग्रवाल, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, अध्यक्ष कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान समिति ठाकुर सिंह खाती, सचिव भुवन चंद्र भट्ट, कोषाध्यक्ष बी एस मेहता,मेला प्रभारी के डी भट्ट, जे एस बसेड़ा, नवीन कापड़ी, किशन सिंह किन्ना, राजेंद्र सिंह मितडी, गोपाल दत्त पाठक, सावित्री चंद, शांति पांडेय, गीता कांडपाल, जानकी गोस्वामी, संदीप कांडपाल, कमला मेलकानी, कुंदन सिंह बोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व भारी संख्या में मेलार्थी मौजूद थे।

सीएम धामी ने चंपावत को दी 170.15 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत स्थित पावन माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की तथा मंदिर परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने ‘‘मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल’’ के अंतर्गत जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट वितरित की, जिसमें वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री एवं अन्य सांस्कृतिक सामग्री शामिल थीं। इस पहल का उद्देश्य नशा मुक्त भारत एवं नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करना है।

मुख्यमंत्री ने माता रणकोची मंदिर परिसर से जनपद चम्पावत के लिये ₹ 170.15 करोड़ की लागत की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें ₹ 33.95 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹136.20 करोड़ की लागत की 11 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं सहायता सामग्री भी वितरित की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के विकास हेतु 7 महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं जिसमें सीम, खेत, चूका एवं सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्लादेश क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण कार्य, पूर्णागिरि मेला 2026 के सुचारु संचालन हेतु ₹2.5 करोड़ की धनराशि दिये जाने के साथ विधानसभा चम्पावत के मंचकारी मोटर मार्ग तथा रमैला-गागरी-दमतोला मोटर मार्ग का डामरीकरण कार्य, जिला चिकित्सालय चम्पावत की निर्माणाधीन क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट सहित अन्य मरीज सुविधाओं के विस्तार का कार्य, ग्राम सभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएनएम उपकेंद्र) की स्थापना सहित चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु 15 नाली भूमि उपलब्ध कराई जाने की घोषणा शामिल हैं।

जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है, जहाँ आस्था केवल पूजा का माध्यम नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने वाली चेतना है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति में निहित होती है। माता रणकोची मंदिर का विकास केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत में किये जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का मूल मंत्र “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” है। जनपद चम्पावत में न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में जनसमस्याओं का समाधान हुआ है और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आस्था, संस्कृति, संवाद और विकास के समन्वित प्रयास से जनपद चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड का एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से संस्कृति संरक्षण, विकास और जनभागीदारी के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सामन्त, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन वर्मा, नगर पंचायत बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, नगर पालिका अध्यक्ष चम्पावत प्रेमा पाण्डेय, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ रेखा यादव, सूरज प्रहरी, शंकर पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

राजा जगत देव का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उधमसिंह नगर के गदरपुर क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रोशनपुर डलबाबा में बुक्सा जनजाति समाज के राजा जगतदेव की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजा जगत देव जी का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं, बल्कि बुक्सा जनजाति की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और बलिदान की स्मृति को नमन करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि राजा जगत देव जी ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। यह केवल वीरता की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आस्था की अदम्य शक्ति की प्रतीक गाथा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, कोटद्वार सहित अनेक क्षेत्रों में बसे बुक्सा समाज के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान को जीवंत रखे हुए हैं। राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के सांस्कृतिक संरक्षण, इतिहास के दस्तावेजीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा जगत देव जी की गौरवगाथा को शोध कार्य भी होने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित तीन घोषणाएँ भी कीं—ग्राम सभा रोशनपुर स्थित श्री डलबाबा मंदिर परिसर में चाहरदीवारी, टीनशेड, फर्श और शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। ग्राम बलरामनगर से खेमपुर तक 3 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्राम सीतापुर से एएनके इंटर कॉलेज तक 4 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा।

इस अवसर ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ, दर्जामंत्री मंजीत सिंह राजू, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर नितिन भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा मौजूद थे।

सीएम ने नैनीताल के कालादूंगी क्षेत्र के विकास को 114 करोड़ से अधिक के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कोटाबाग में आयोजित दो दिवसीय ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में प्रतिभाग कर क्षेत्र के विकास हेतु 114 करोड़ से अधिक की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति, पुस्तकों और प्रकृति को जोड़ने का घोड़ा लाइब्रेरी का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों में पुस्तक संस्कृति विकसित करने और शिक्षा को दूरस्थ छोर तक पहुँचाने का अद्वितीय उपक्रम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में भी सराहा गया है।

मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी की युवा टीम एवं इसके प्रेरक शुभम बधानी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल केवल पुस्तकें पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम बन रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, वे हमारी सच्ची मित्र और मार्गदर्शक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिये राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मानसखंड के पौराणिक मंदिरों-नैनीदेवी, कैंचीधाम, हनुमानगढ़ी व मुक्तेश्वर धाम-का पुनरुत्थान का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में कोटाबाग के तोक भटकानी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का जीर्णाेद्धार व सौंदर्यीकरण कार्य भी संपन्न हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने हेतु नई शिक्षा नीति लागू की गई है। सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों को लागू किया गया है, तथा कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 226 विद्यालय ‘पीएम श्री विद्यालय’ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएँ संचालित हैं। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा से 42 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं और छात्रों को नकलमुक्त वातावरण देने हेतु देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिली हैं तथा संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस आदि की परीक्षाएँ पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी हेतु ₹50,000 की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं जैसी स्थानीय भाषाओं के संरक्षण हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिला समूहों और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कोटाबाग के आंवलाकोट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, दीवान सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।