मुख्यमंत्री ने कुमाऊं रेजिमेंट में सैनिकों एवं अग्निवीरों के साथ संवाद कर किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र, रानीखेत पहुंचकर अमर बलिदानियों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं अग्निवीरों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र में प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं, आधुनिक हथियारों एवं वीर नारियों के कल्याण की गतिविधियों का अवलोकन भी किया।

कुमाऊं रेजीमेंट मुख्यालय के अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्य अधिकारियों एवं सैनिकों के परिवारजनों से भी भेंट की। सैनिकों एवं अग्निवीरों के संवाद के दौरान मुख्यमंत्री के कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में भारतीय सेना पहले से अधिक सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनी है।

आज हमारी सेना दुश्मनों की गोलियों का जवाब गोलों से देकर देश की सीमाओं की मजबूती से रक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों तथा अमर बलिदानियों के आश्रितों के सम्मान और कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेंशन एवं आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि वीर परिवारों को हर स्तर पर सम्मान, सुरक्षा और संबल मिल सके।

सीएम ने मुख्यसेवक के स्टाल पर बैठकर सुनी जनसमस्याएं, दिए त्वरित समाधान के निर्देश

प्रशासन गाँव की ओर अभियान के अंतर्गत विकासखंड ताड़ीखेत की न्याय पंचायत जैनोली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिविर में लगाए गए सभी विभागों के स्टालों का एक-एक कर निरीक्षण किया तथा मुख्यसेवक के स्टाल पर बैठकर आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना।

मुख्यमंत्री ने शिविर में उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए प्राप्त शिकायतों पर एक-एक कर चर्चा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सेवाएं आमजन को उनके द्वार पर उपलब्ध हों, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से दौड़-भाग न करनी पड़े। अधिकारी स्वयं गांव में आकर जनता के कार्य करेंगे और उनकी परेशानियों का समाधान करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सभी विभाग एक ही मंच पर जनता के द्वार पर उपस्थित हैं और आमजन को इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। यह कार्यक्रम विशेष रूप से जनता की सुविधा के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।

शिविर के दौरान पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज जैनोली के जर्जर भवन को लेकर प्राप्त शिकायत पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन गाँव की ओर अभियान शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को सशक्त करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है, जिससे जनसमस्याओं का समाधान त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी रूप से किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, जॉइंट मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सीएम ने ताड़ीखेत में किया 77.25 करोड़ रुपये की 32 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत में आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता से संवाद करने के साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण भी किया। इस शिविर में पात्र लोगों को सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ ही जनसमस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले की लगभग 77.25 करोड़ रुपये की लागत की 32 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें रू. 47.85 करोड़ की लागत की 9 योजनाओं का शिलान्यास तथा रू. 29.40 करोड़ की लागत की 23 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं में विकासखण्ड भिकियासैंण में गगास नदी तथा रामगंगा नदी पर तटबन्ध निर्माण एवं पैदल पथ के नव निर्माण कराने सहित देवलीखेत, चौनलिया, खिरखेत एवं भुजान स्थित राजकीय इंटर कॉलेजों में मिनी स्टेडियमों का निर्माण कराने, सनणा सिंचाई लिफ्टिंग योजना का उच्चीकरण करने, रानीखेत में एनसीसी ग्राउंड/स्टेडियम के निर्माण हेतु एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने, रानीखेत स्थित रानीझील के विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराने, रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत हैलीपैड निर्माण कराने की घोषणा सम्मिलित हैं।
शिविर में हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रशासन से जुड़े सभी कार्य और सेवाएँ जनता को उनके ही क्षेत्र में सुलभ कराने हेतु सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए सरकार की अधिकांश सेवाओं को ऑनलाइन करने के साथ ही समय-समय पर बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं को मौके पर ही त्वरित समाधान भी सुनिश्चित कराया जा रहा है। सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू कर शासन-प्रशासन को सीधे आमजन के बीच ले जाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने अभियान के तहत न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को निःसंकोच साझा करें, ताकि शासन-प्रशासन उन्हें शीघ्र और प्रभावी ढंग से सुलझा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के आध्यात्मिकता एवं पावनता को संरक्षित रखने के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों से पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु ठोस कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रतिबद्ध प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में मातृशक्ति के कल्याण के लिए भी समर्पित होकर कार्य कर रही है। हर क्षेत्र में की महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित कर सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कारगर कदम उठाए गए हैं। राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी’’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 17 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भवानी देवी पेयजल योजना तथा 5 करोड़ रुपये की लागत से भतरौजखान रामगंगा पम्पिंग पेयजल योजना का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टमटा, क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी कैलाश पंत, अनिल शाही, ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट भी उपस्थित रहे।

2047 का भारत आज के बच्चों के संकल्प से बनेगा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सरस्वती शिशु मंदिर, ताड़ीखेत में अध्ययनरत स्कूली बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्नेहपूर्वक अभिवादन करते हुए कहा कि आप सभी उत्तराखंड और देश का भविष्य हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए वर्ष 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होंगे और तब देश की बागडोर आज के बच्चों के हाथों में होगी। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक सरकार का नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी का सामूहिक संकल्प है, जिसकी सिद्धि सभी के साझा प्रयासों से ही संभव है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को अनुशासन और समय पालन का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए समय का सदुपयोग और अनुशासित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से उनके स्कूल आने-जाने की दिनचर्या पर सहज प्रश्न करते हुए संवाद को रोचक बनाया और मुस्कराते हुए अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को पौष्टिक भोजन एवं अच्छे स्वास्थ्य का महत्व बताते हुए कहा कि आगे बढ़ने के लिए शरीर और मन दोनों का स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को संतुलित आहार लेने और नियमित रूप से खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि आज का दिन विशेष है, क्योंकि आज महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती है, जिसे राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राज्य के सर्वांगीण विकास की सबसे मजबूत नींव बताते हुए बच्चों से खूब पढ़ने, खूब खेलने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के बच्चे कठिन परिस्थितियों में पलकर संघर्ष करना सीखते हैं, जिससे उनमें आगे बढ़ने की विशेष क्षमता होती है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारण, अच्छे नागरिक बनने और अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संदेश दिया। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को मजबूत करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपनी भाषा, बोली और संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान करते हुए कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, वही ऊँचाइयों तक पहुँचता है। संवाद के अंत में उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में उत्तराखंड का हर बच्चा देश को दिशा देने वाला नागरिक बनेगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मेहनत, ईमानदारी और बड़े सपने देखने का संदेश देते हुए कहा कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है।

रुद्रपुर में मेडिकल कॉलेज, बाईपास, रेलवे स्टेशन नवीनीकरण और ड्रेनेज मास्टर प्लान तेजी से प्रगति पर: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर के स्थानीय होटल में आयोजित कुमाऊँ उदय सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सम्मान समारोह में सम्मानित हुए व्यक्तियों को बधाई व शुभकामनाएं हुए कहा कि प्रदेश में अभी रजत जयंती वर्ष मनाया है, प्रदेश में अनेक उत्कृष्ट कार्य हुए हैं। सरकार प्रदेश को देश मे अग्रणी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा आज राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा ऊधमसिंह नगर जनपद और रूद्रपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा रुद्रपुर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं। इसके साथ ही, हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के साथ-साथ नई सिग्नल लाइनें और दो रेल ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया जा रहा है। जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए रुद्रपुर के मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी प्रदान की गई है, साथ ही सार्वजनिक स्थानों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण भी प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर में 15 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड के पहले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भी निर्माण कराया जा रहा है, साथ ही, 17 करोड़ रुपये की लागत से एक एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट भी स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज यदि हम उधमसिंह नगर जनपद की बात करें तो, किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, हम पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाईअड्डा का निर्माण भी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जहां एक ओर गदरपुर और खटीमा में बाईपास का निर्माण कार्य कराया है, वहीं खटीमा और किच्छा में बस अड्डों का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हमने रूद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर में खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य भी कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, हम खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य कर रहे है। इसके साथ ही, हमारी सरकार ने गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से हाल ही में गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। जिससे हमारे गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार तराई क्षेत्र के समग्र विकास और लोगों की समृद्धि के लिए अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी और हम सभी मिलकर तराई को एक आधुनिक और विकसित क्षेत्र बनाने के स्वप्न को अवश्य साकार करेंगे।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा शाहिद अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की उत्कृष्टता और सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में अद्वितीय भूमिका को मुख्यमंत्री धामी ने सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के भवाली स्थित सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के हीरक जयंती समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षको, अभिभावकों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया तथा ईश्वर से ऐतिहासिक सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों एवं कैडेट्स के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों से विभिन्न क्षेत्रों में जाकर देश एवम् राज्य, शिक्षकों, अभिभावकों का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय के बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि यह स्कूल न सिर्फ़ हमारे राज्य बल्कि पूरे देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है,उन्होंने कहा कि ये वो संस्था है, जिसने दशकों से राष्ट्र को अनुशासन, परिश्रम और अदम्य राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत युवा प्रदान किए हैं और जिसके बारे में बचपन से मैं स्वयं सुनता आया हूँ। उन्होंने कहा कि यह सैनिक स्कूल उत्कृष्टता की परंपरा और उच्चतम मानकों के साथ सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में अपना जो योगदान देता आया है वो अद्वितीय है। इस स्कूल की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। यहां से निकले हुए छात्र न केवल भारतीय सेना में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर देश की सेवा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विशिष्ट विद्यालय आपको सिर्फ किताबी शिक्षा नहीं देता बल्कि आपके व्यक्तित्व तथा भविष्य का निर्माण भी करता है। उन्होंने कहा कि यहॉं एक अच्छा नागरिक, एक आदर्श सैन्य अधिकारी और सबसे महत्वपूर्ण एक अच्छा एवं अनुशासित इंसान बनने की सीख एवं प्रेरणा मिलती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि इस विद्यालय में पढ़ते हुए उनमें कब नेतृत्व, शौर्य और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो जाएगी, इसका पता उन्हें इस स्कूल से जाने के बाद लगेगा। क्योंकि ये बात यहां से पास आउट होकर बड़े सैन्य अधिकारी बने बहुत से ऑफिसर्स ने कहीं है व बताई है। उन्होंने कहा कि घोड़ाखाल की मिट्टी में जो जज्बा है, वो यहॉं पढ़ने वाले बाकी छात्रों से अलग खड़ा करता है। यही जज्बा आप सभी को आगे चलकर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में श्रेष्ठ अधिकारी के रूप में देश की सेवा के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में सर्वाधिक प्रविष्टियाँ देने का रिकॉर्ड भी स्थापित किया है। इस उपलब्धि को हासिल करना और रक्षा मंत्री ट्रॉफी को 10वीं बार जीतना, सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के कैडेट्स, शिक्षकों और संस्थान के नेतृत्व की लगन, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर सभी को हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ ही वीरभूमि भी है, क्योंकि उत्तराखंड की माटी में जन्मे अनेकों वीरों ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। आज भी बड़ी संख्या में उत्तराखंड के वीर जवान देश की रक्षा में तैनात हैं।

मुख्यमंत्री ने सैनिक पुत्र के रूप में स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि मैं भी एक सैनिक का पुत्र हूँ और एक सैनिक-पुत्र होने के नाते मैं सैनिक परिवारों में बच्चों को मिलने वाले राष्ट्रसेवा और अनुशासन के संस्कारों से भली भाँति परिचित हूँ और चुनौतियों तथा परेशानियों को बहुत नजदीक से देखा है। उन्होंने सभी कैडेट्स से कहा कि आपने यहां जो अनुशासन, कड़ी मेहनत और समर्पण सीखा है, वही आपको जीवन की हर चुनौती का सामना सफलतापूर्वक करने की शक्ति देगा। क्योंकि, इस विद्यालय की स्कूल ड्रेस एक साधारण कपड़ा नहीं, बल्कि एक अनुशासन, एक सम्मान और एक वचन है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना और सैनिक स्कूलों को मजबूत करने के लिए अनेकों कदम उठाए गए हैं। नई शिक्षा नीति में देश के सैनिक स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए आज सैनिक स्कूलों का विस्तार करने के साथ ही नए सैनिक स्कूलों की स्थापना भी की जा रही है। आदरणीय मोदी जी द्वारा रक्षा बजट में भी निरंतर वृद्धि की गई है, जिससे सेना के आधुनिकीकरण और उसकी क्षमताओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले हम बड़ी संख्या में विदेशों से रक्षा उत्पाद ख़रीदते थे लेकिन आज भारत विश्व के अनेकों देशों को अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों एवं हथियारों का निर्यात कर रहा है। आज भारत टॉप निर्यातक देशों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी ने दशकों से लंबित ’वन रैंक-वन पेंशन’ योजना को लागू करके पूर्व सैनिकों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने के साथ ही उनके मान-सम्मान की रक्षा करने का भी ऐतिहासिक कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सैनिकों, शहीदों एवं पूर्व सैनिकों का मान-सम्मान और उनके परिवार का कल्याण सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि को 5 गुना बढ़ाना हो, शहीदों के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देना हो या पूर्व सैनिकों को विभिन्न प्रकार की छूट प्रदान करना हो, हमारी सरकार हर वो प्रयास कर रही है जिससे सैनिकों एवं उनके परिवारों का उत्थान सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है। वहीं दूसरी ओर, प्रदेश के बलिदानियों की स्मृति में भव्य सैन्य धाम का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसका जल्द ही लोर्कापण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कैडेट्स और विद्यार्थियों को अभिभावक के रूम में मार्गदर्शित करते हुए कहा कि आप जीवन में जो भी संकल्प लें, उस पर मन लगाकर कार्य करें, उसके आगे किंतु-परंतु का कोई विकल्प न रखें। उन्होंने कहा कि आपका संकल्प विकल्प रहित होना चाहिए, क्योंकि जब आपका संकल्प, विकल्प रहित होता है तो सिद्धि अवश्य मिलती है।

उन्होंने सैनिक स्कूल, घोड़ाखाल के प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन विजय सिंह एवं उनकी पूरी टीम को विद्यालय में शिक्षा के “स्टैंडर्ड” को “मेंटेन” रखने के लिए साधुवाद किया।

इस दौरान बेस्ट जूनियर हाउस, बेस्ट सीनियर हाउस, सी.हाउस आदि के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक राम सिंह कैड़ा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी सहित विद्यार्थी, अभिभावक आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड में रिवर्स पलायन 44% बढ़ा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लेटीबुंगा मैदान, ग्राम पंचायत शशबनी, नैनीताल में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 112 करोड़ 34 लाख रुपये की कुल 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर महिला स्वयं सहायता समूहों एवं विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण कर महिला उत्पादों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की भीमताल क्षेत्र के कई गांवो भीड़ापानी, नाई, डालकन्या, देवनगर, सिलौटी, सुन्दरखाल में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। ओखलकांडा के करायल बैण्ड–टकुरा वन चौकी रोड का डामरीकरण किया जाएगा। भीमताल बाईपास नहर कवरिंग का शेष कार्य पूर्ण कराया जाएगा। भीमताल में नई पार्किंग और नया रोडवेज बस स्टेशन स्थापित होगी। भीमताल नगर में अग्निशमन केंद्र खोला जाएगा।।नौकुचियाताल–खड़की खरौला रोड का मिलान किया जाएगा। कसियालेख – काफली – पदीकनाला रोड का डामरीकरण किया जाएगा। बडोन–सिमलिया – साननी मोटर मार्ग का मिलान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमताल विधानसभा सहित पूरे नैनीताल जिले के समग्र विकास के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा उठाए गए मुख्य मार्ग–10 की खराब स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेते हुए लगभग 9.5 करोड़ रुपये सड़क पुनर्निर्माण हेतु स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी क्षेत्रों में तेज़ी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैंची धाम, नैनादेवी मंदिर, मुक्तेश्वर धाम सहित सभी पौराणिक मंदिरों का पुनर्विकास कार्य मिशन मोड में चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए ‘एक जनपद–दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘होमस्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाएँ स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रही हैं। पलायन आयोग की नवीन रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी, बेरोजगारी दर में 4.4% कमी, तथा नीति आयोग के SDG इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं पर लगाम कसने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पिछले वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। इसके अलावा, भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत विजलेंस के माध्यम से 200 से अधिक सरकारी कार्मिकों पर कार्यवाही की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा भवाली बाईपास पार्ट–1 और 2 सुधारीकरण, भीमताल बाईपास सड़क सुधार, 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट, नैनीताल, हल्दूचौड़ एलबीएस कॉलेज में पुस्तकालय व बहुउद्देश्यीय हॉल, पुछड़ी में गौशाला निर्माण, राजकीय विद्यालय जाडापानी में पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला जैसी विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया गया है। वही मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय लालकुआँ में परीक्षा भवन, लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में चाहरदीवारी, गौलापार स्टेडियम में पूल कवरिंग व सुरक्षा कार्य, बेतालघाट, पंगोट–दैचौरी, ओखलकांडा सभागार आदि का शिलान्यास किया।

विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति पर आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। अपने संबोधन में उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख धारी भावना आर्या, ओखलकांडा केडी रूबाली, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसपी यातायात जगदीश चंद्र सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय जनता आदि मौजूद रही।

कपकोट में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री धामी के स्वागत में जुटी भारी भीड़, हुआ 108 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने बागेश्वर दौरे के दूसरे दिन, केदारेश्वर मैदान, कपकोट में आयोजित जन सम्मेलन में प्रतिभाग किया, जहाँ उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री ने 108 करोड़ रुपये की 42 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जिसमें लगभग 62 करोड़ की 24 योजनाओं का लोकार्पण तथा 45.95 करोड़ की 18 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसने वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता की विशाल उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार विकास के सही मार्ग पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब वर्ग, महिलाओं और युवाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने ‘मानस खंड माला’ परियोजना के तहत धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की प्रगति की जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन की नई पहल से प्रदेश में वर्षभर पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्यरत है और वन डिस्ट्रिक्ट–टू प्रोडक्ट के तहत बागेश्वर की पारंपरिक ताम्र शिल्प को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है। सरयू एवं गोमती नदियों के संरक्षण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं, वहीं बागेश्वर रेल लाइन का सर्वेक्षण भी पूर्ण हो चुका है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि गरुड़ अस्पताल का उच्चीकरण किया जाएगा, जिससे स्थानीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

इसके साथ ही विभिन्न स्वायत सहकारिता एवं स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता के चेक प्रदान किए गए। जिसमे संकल्प स्वायत सहकारिता समूह सीएलएफ (हर्षिला) को ₹3 करोड़ 23 लाख, ऊर्जा स्वायत सहकारिता सीएलएफ को ₹22 लाख 50 हजार,एनआरएलएम की संवाद महिला स्वयं सहायता समूह और जय गोलू देवता स्वयं सहायता समूह को ₹5 -5 लाख के चेक प्रदान किए गए।

कार्यक्रम स्थल पर कृषि, उद्यान, रेशम, सहकारिता, ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, डेयरी, पशुपालन एवं उद्योग विभाग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल स्थापित किए, जिन पर आमजन को योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, स्थानीय हस्तशिल्पकारों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उनके कार्य का उत्साहवर्द्धन किया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय, शिव सिंह विष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौंरयाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभा गड़िया, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, एसपी चंद्र सिंह घोड़के, सीडीओ आर.सी. तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बागेश्वर में सरयू नदी तट पर चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में सरयू नदी तट पर चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और सरकार की योजनाओं पर फीडबैक प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री बागेश्वर भ्रमण के दौरान बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम पहुंचे, जहाँ उन्होंने खिलाड़ियों के साथ बैडमिंटन खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल उपकरणों एवं संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि उत्तराखण्ड के खिलाड़ी राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

मुख्यमंत्री धामी इसके बाद बागनाथ मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और अपने विचार साझा किए।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस देश के वीर सैनिकों की अदम्य वीरता, बलिदान और उत्कृष्ट सेवाओं को स्मरण करने का अवसर है। इस दौरान सैनिक कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री को टोकन फ्लैग एवं लापेल पिन लगाया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, विधायक सुरेश गडिया, पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, एसडीएम प्रियंका रानी, ललित मोहन तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बागेश्वर से सीएम धामी का सख्त निर्देश, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्रों तक पहुँचे, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार बागेश्वर में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों—लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, कृषि एवं उद्यान—की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ निरंतर सुचारू रहें और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बागेश्वर में पर्यटन, प्राकृतिक संसाधन, सांस्कृतिक धरोहर और कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों के विकास की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने साहसिक पर्यटन के नए स्थलों की पहचान करने और विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने बताया कि जनपद में प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और हेली सेवाओं के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

कृषि एवं उद्यान विभाग को लाल चावल, अदरक, हल्दी जैसी स्थानीय फसलों के लिए मजबूत बाज़ार उपलब्ध कराने, शहद उत्पादन को मिशन मोड में बढ़ाने तथा एप्पल-कीवी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को आधुनिक तकनीक व मार्केट लिंक से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

समाज कल्याण विभाग को जागरूकता शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब पेंशन राशि प्रत्येक माह की 05 तारीख को समय पर खातों में भेजी जा रही है, जबकि पहले इसमें तीन माह तक लग जाते थे।

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान, लंबित प्रकरणों का निस्तारण और लगातार जनसेवा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी कार्य लंबित न रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे सहित सभी विभागाध्यक्षों ने मुख्यमंत्री को जनपद में संचालित प्रमुख विकास योजनाओं, उपलब्धियों एवं प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया ।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त ताइक्वांडो खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ी प्रदेश का गौरव बढ़ाते हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

इस दौरान विधायक सुरेश गढ़िया एवं पार्वती दास तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।