लोहियाहेड वाटर बाईपास को प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा क्षेत्र में स्थित उभरते हुए पर्यटक स्थल लोहियाहेड वाटर बाईपास का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता एवं पर्यटन की संभावनाओं का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से स्थल के विकास से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोहियाहेड वाटर बाईपास क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र को एक आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा कॉरिडोर एवं शारदा रिवर फ्रंट जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के अंतर्गत भी इस क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही स्थानीय व्यवसायों, स्वरोजगार एवं लोगों की आय में वृद्धि होगी। सरकार का प्रयास है कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र की पर्यटन क्षमता का उपयोग कर स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिले।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को लोहियाहेड वाटर बाईपास के विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण एवं स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित जनपद स्तरीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रामनगर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने बीच पाकर बच्चे हुए उत्साहित, जमकर खिंचवाईं तस्वीरें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार रविवार को रामनगर के अहाना रिसॉर्ट हैलीपेड पहुँचें। रामनगर पंहुचने पर मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय, बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राकेश नैनवाल, संजय डॉर्बी, इंदर रावत आदि ने स्वागत किया।

इस दौरान हैलीपैड पर भारी संख्या में क्षेत्र के बच्चे एकत्रित हुए उन्हें देखते ही स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बच्चों के बीच स्वयं पहुंच गए। मुख्यमंत्री के बच्चों के पास पहुंचते ही बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ खूब तस्वीरें खिंचवाईं और उनसे आत्मीय संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ कुछ समय बिताते हुए उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को जीवन में अनुशासन, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरंतर प्रयास, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के साथ बिताए इन यादगार पलों का भरपूर आनंद लिया और उनके साथ सेल्फी व समूह फोटो खिंचवाए।

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र से आए लोगों की समस्याओं को भी सुना तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए।

रूद्रपुर में 369.66 करोड़ रूपए की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री एवं परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री का दायित्व किसानों के प्रथम सेवक के रूप में कार्य करना है तथा किसानों की सेवा ही उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है तथा कृषि क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, किंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश प्रत्येक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निकट भविष्य में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दिशा में भारत सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन हेतु मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹2 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा रही है, जिससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकाधिक लाभ लेने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देकर भूमि की उर्वरा शक्ति को संरक्षित किया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुरक्षित रखी जा सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि ष्खेत बचाओ अभियानष् केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना तथा डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। यदि मिट्टी का स्वास्थ्य प्रभावित होगा तो कृषि उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए किसानों को नियमित मृदा परीक्षण कराकर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज तथा मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाएं एवं संसाधन उपलब्ध करा सकती है, किंतु कृषि क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन किसानों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने किसानों से मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि का संरक्षण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए घेरबाड़ के लिए ₹65 करोड़, जैविक खेती के लिए ₹10 करोड़ की सहायता उपलब्ध कराने तथा मंडुवा एवं झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, सचिव डॉ. एस.एन. पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कृषक एवं आमजन उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने दन्या में राजकीय महाविद्यालय में नवनिर्मित भवन का का किया लोकार्पण

मुख्य घोषणाएं

’ शहीद बीरेश्वर गोस्वामी के नाम पर अल्मोड़ा में भव्य द्वार का निर्माण किया जाएगा।
’ चमतोला खेल मैदान का निर्माण किया जाएगा।
’ राजकीय महाविद्यालय गरुड़ाबाँज में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।
’ जीआईसी गरुड़ाबाँज में चार अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण किया जाएगा।
’ प्रेम मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर स्थल का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
’ खेती जटेश्वर मोटर मार्ग के कचौरी नामक स्थान से कलूटा पोलिंग बूथ तक मोटर मार्ग बनाया जाएगा।
’ राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चगेठी का उच्चीकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दन्या स्थित रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के समस्त क्षेत्रों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास एवं समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है तथा उत्तराखण्ड भी तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है तथा केदारखंड और मानसखंड में पर्यटन गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक राज्य में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम के मूल स्वरूप को संरक्षित रखते हुए जागेश्वर मास्टर प्लान के माध्यम से वहां विकास एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। पार्किंग क्षमता बढ़ाने के साथ ही धाम को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धामों के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा आयुर्वेद एवं योग आधारित पर्यटन के क्षेत्र में भी व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ की अवधारणा के तहत मेलों और स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान दी जा रही है, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और प्रदेश आर्थिक रूप से लगातार मजबूत हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि नक़ल विरोधी कानून के माध्यम से युवाओं का पारदर्शी भर्ती परीक्षाओं में विश्वास पुनः स्थापित हुआ है तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना है।

जनसभा के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दन्या निवासी पवन पंत के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सहभाग करते हुए कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

कार्यक्रम में विधायक मोहन सिंह महरा, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, दर्जा राज्य मंत्री गंगा बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

युवा शक्ति ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने का सबसे बड़ा आधारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर, चंपावत में आयोजित “युवा संवाद युवा शक्ति, उत्तराखंड की प्रगति” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय जनता एवं युवाओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ संवाद करते हुए उनके विचारों, सुझावों एवं विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों को सुना और उनका उत्तर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उत्तराखंड के युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और नवाचार की क्षमता से भरपूर हैं। उनके सामर्थ्य के बल पर ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही युवा ऊर्जा देश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने की क्षमता रखती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं को केवल अवसर तलाशने वाला नहीं, बल्कि अवसर देने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी पहलों से युवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना और ग्रामीण कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए “एक जनपद, दो उत्पाद” योजना और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं से युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति और पारदर्शी व्यवस्था के कारण उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही, पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और योग्यता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो, इसके लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। अब भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल संस्कृति को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन ने यह साबित किया है कि देवभूमि अब खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा, खेल और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट जारी कर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, नवाचार एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा ही नए उत्तराखंड का निर्माता है और उनकी प्रगति में ही प्रदेश की प्रगति निहित है।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

मंदिर परिसर पर श्रमदान कर सीएम धामी ने दिया स्वच्छता का संदेश

खटीमा स्थित पूर्णागिरि मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छता अभियान चलाते हुए मंदिर परिसर में साफ-सफाई की तथा ष्एक पेड़ मां के नामष् अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि स्वच्छ और स्वस्थ उत्तराखंड के निर्माण के लिए सभी नागरिक अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लें तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही एक जनआंदोलन का रूप ले सकते हैं।

खटीमा में “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गिनाई केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा 3 दिवसीय खटीमा प्रवास के दौरान रविवार को शहीद हरी किशन शिक्षण संस्थान, बगुलिया में आयोजित जन-जन की सरकार, मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का फूल मलाओं, थारू सांस्कृतिक नृत्य के साथ एवं अंगवस्त्र ओढ़ाकर जोरदार स्वागत किया गया। जिलाधिकारी द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित पंचमुखी हनुमान तस्वीर भेंट की गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरिक्षण किया एवं ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत सदभावना सीएलएफ द्वारा संचालित दीदी कैफे का फीता काटकर शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजित “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने गरीब, किसान, महिला और युवाओं के हित में ऐतिहासिक फैसले लेकर देश को नई दिशा देने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन, उज्ज्वला योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पारदर्शिता और तकनीक के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया है तथा योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर ऐतिहासिक पहल की है और नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम इसी संकल्प को मजबूत करने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने खटीमा को अपना परिवार बताते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में सहभागी बनने का आह्वान किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि धामी सरकार प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी केवल खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की जनता की समस्याओं के प्रति सजग रहते हैं और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हैं।

उन्होंने कहा कि खटीमा मुख्यमंत्री जी का गृह क्षेत्र होने के कारण उनसे इस क्षेत्र का विशेष भावनात्मक जुड़ाव है। मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में क्षेत्र की छोटी से छोटी समस्या का भी गंभीरता से समाधान किया जा रहा है। वहीं जिन मामलों का समाधान शासन स्तर पर आवश्यक होता है, उन्हें तत्काल मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में लाया जाता है ताकि उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

अजय मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में खटीमा सहित पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।

कार्यक्रम में मत्स्य विभाग द्वारा ओर्नामेंटल फिश यूनिट निर्माण कार्य के लिए संजीत कुमार को 1 लाख, 80 हजार एवं परदेशी राय को 1 लाख 20 हजार की धनराशि से लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा रुद्रपुर के शशिकांत वर्मा कृषि समाधान समिति सैजनी, सृजन स्वयं सहायता समूह खटीमा, राधा स्वयं सहायता समूह, मटिहा सितारगंज को 80 प्रतिशत अनुदान पर फार्म मशीनरी बैंक स्थापना हेतु 7.12 लाख एवं स्वायत सहकारिता गोलू स्वयं सहायता समूह भगचुरी खटीमा को 9.18 का अनुदान से लाभान्वित किया गया एवं 22 किसानों को रासायनिक उर्वरक वितरण किये गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा 10 लोगों को सहायक उपकरण वितरित किये गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जननी सुरक्षा योजना से 5 महिलाओं को लाभान्वित किया गया। सहकारिता विभाग द्वारा प0 दीन दयाल योजना के अंतर्गत शून्य ब्याज दरों पर 1 लाख रूपये प्रति व्यक्ति से 8 लोगों को ऋण का चेक वितरित किया गया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष जनसंपर्क अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री का छोलिया एवं थारू सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों तथा पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह दो दिवसीय खटीमा प्रवास पर हैं और अपने प्रवास के कार्यक्रमों की शुरुआत बग्घा चौवन से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इन 12 वर्षों में प्रधानमंत्री ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनसे भारत आज विश्व में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं और अभियानों की शुरुआत की। मातृ शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान शुरू किया गया, जिससे बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देशभर में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाया गया और करोड़ों परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं और बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया गया। हर घर जल योजना के माध्यम से दूरस्थ और जल संकट वाले क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का अभियान चलाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तराखंड में भी प्रत्येक पात्र नागरिक को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, जिसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब पूरी दुनिया प्रभावित थी और लोगों के रोजगार पर संकट आया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई, जिसके माध्यम से करोड़ों लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर देशवासियों को निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई तथा विश्व के अनेक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर वैश्विक सहयोग और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक क्षेत्र में विकास की गति तेज हो और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बग्घा चौवन क्षेत्र में भी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री रंजीत सिंह नामधारी, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, राजपाल सिंह, विमला बिष्ट, सोमनाथ मौर्य, मोहन सिंह चुफाल, देवेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी देवेश शाशनी, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. उत्तम सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल, उपजिलाधिकारी तुषार सैनी, हिमांशु कफल्टिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।

इस अवसर पर विधायक अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

राज्य में किसानों के हित में हो रहा कार्य, बढ़ रही है आयः मुख्यमंत्री

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। मोटे अनाजों विशेषकर मांडुआ, झंगोरा, चौलाई एवं अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्राविधान भी किया है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के ष्मन की बातष् कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में देश में उत्तराखंड का नाम प्रथम श्रेणी में आना सरकार की नीतियों की सफलता का जीता जागता उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती और मिट्टी का परीक्षण कराने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने घोषणा भी की।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा अब तक सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी तथा मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई गई हैं। खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद कृषि उत्पादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपदवासियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।