विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास कर सीएम ने अल्मोड़ा में की 14 घोषणाएं

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा जनपद के सल्ट विधानसभा की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कुल 38 करोड, 44 लाख, 44 हजार रूपये की योजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण किया, जिसमें 35.13 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण तथा 3.31 करोड की योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर सल्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए 14 घोषणाएं भी की। जिसमें मरचूला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रत्येक वर्ष पर्यटन विभाग के सहयोग से स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना की स्मृति में एडवेंचर मीट का आयोजन किये जाने, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मानिला कुणीधार का नाम स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना के नाम पर रखे जाने तथा उनकी मूर्ति सहित स्मारक का निर्माण किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मरचूला में एडवेंचर स्पोर्ट्स सेंटर का निर्माण किये जाने, मोलेखाल सल्ट स्थित तहसील परिसर में स्थित भवनों का सुदृढ़ीकरण किये जाने, मछोड़ उप तहसील में तहसील भवन एवं आवासीय भवनों का निर्माण किये जाने, भिकियासैंण से मरचूला तक रामगंगा नदी के किनारे के क्षेत्र को एंगलिंग हब के रूप में विकसित करने, सल्ट विधानसभा के समस्त प्राथमिक विद्यालयों का रूपान्तरण कार्यक्रम के अन्तर्गत कायाकल्प किये जाने, विकासखण्ड सल्ट खुमाड़ के विकासखण्ड कार्यालय एवं आवासीय भवन का सुदृढ़ीकरण करने, राजकीय इण्टर कॉलेज पैसिया का भवन निर्माण किया जायेगा। रतखाल से हनेड़-बसेड़ी तक मोटर मार्ग का निर्माण किये जाने, हरड़ा-नगचूला मोटर मार्ग का भिकियासैंण तक मिलान किये जाने, हरड़ा में जिला सहकारी बैंक की शाखा खोले जाने, राजकीय इण्टर कॉलेज मझोड़ के भवन का निर्माण करने तथा राजकीय इण्टर कॉलेज मझोड़ को करगिल शहीद गोपाल सिंह रावत के नाम पर रखे जाने की घोषणा शामिल है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 18 मार्च को सरकार के चार साल पूर्ण हो जायेंगे। इन चार सालों में हमारी सरकार ने विकास के अनेक आयाम स्थापित किये गये। जिसमें सड़को के निर्माण, रेल लाईन से संबंधित कार्य ऑल वेदर रोड, ग्राम और शहरी कनेक्टिविटी, नेटवर्किंग के क्षेत्र में अनेक कार्य किये गये। रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में भी विशेष प्रयास किये गये। जल जीवन मिशन, ग्रामीण आजीविका से जुड़े हुए क्षेत्रों में केन्द्र सरकार से राज्य को भरपूर सहयोग मिला है। राज्य के विकास के लिये 01 लाख करोड़ से अधिक की योजनाये भारत सरकार से लाने में सफल हुए हैं। पिछले चार वर्ष में राज्य में 11 हजार किमी सड़को का निर्माण एवं पुनर्निमाण किया है। गांवों को सडक कनेक्टिविटी से जोड़ने का रिकार्ड कार्य किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत मात्र एक रूपये में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। शहरी गरीबों को भी 100 रूपये में पानी का कनेक्शन देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत अधिकतम पानी के कनेक्शन देने वाले राज्यों में उत्त्राखण्ड देश में पांचवे स्थान पर पहुंच चुका है। 14 लाख 61 हजार कनेक्शन राज्य में दिये जाने हैं, अभी तक 06 लाख 30 हजार कनेक्शन दिये जा चुके हैं। पानी की पर-कैपिटा मात्रा 40 लीटर से बढ़ाकर 55 लीटर किया जायेगा। इसके लिए 100 जूनियर इंजीनियर की आउटसोर्सिंग से भर्ती की जायेगी। राज्य में महिलाओं को पति की पैतृक सम्पति में सह खातेदार बनाया गया है। इससे आने वाले समय में महिलाओं की प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री घस्यिरी कल्याण योजना राज्य में लाई जा रही है। महिलाओं के सिर से घास के बोझ को हटाने के लिय यह योजना लाई जा रही है। इस बार हरेला पर्व पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जायेगा। इसलिए 16 जुलाई को राज्य में अवकाश घोषित किया गया है। इस दृष्टि से सभी जनपद अपनी योजना बनायेंगे। वृक्षारोपण में फलदार, चारे वाले वृक्षारोपण भी किया जायेगा।

इस अवसर पर वन मंत्री व अल्मोड़ा जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी अल्मोड़ा नितिन भदौरिया उपस्थित थे।

अल्मोड़ा को सीएम त्रिवेंद्र ने दी सौगात, करोड़ों की योजनाओं का हुआ शिलान्यास व लोकार्पण

अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज अल्मोड़ा पहुॅचकर जनपद को अनेक सौगातें दी। उन्होंने कुल 150.31 करोड़ रूपए की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 67.95 करोड़ रू0 की योजनाओं का लोकार्पण एवं 82.36 करोड़ रू0 की योजनाओं का शिलान्यास किया।
विधानसभा क्षेत्र अल्मोडा के अर्न्तगत जिन विकास योजनाओं का लोकापर्ण किया। उसमें रमसा में रा0इ0का0 बाड़ेछीना भवन निर्माण लागत 46.48 लाख रू0, रमसा के अन्तर्गत रा0इ0का0 डीनापानी भवन निर्माण लागत 59.85 लाख रू0, जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में आक्सीजन सप्लाई पाईप लाईन निर्माण कार्य लागत 36.89 लाख रू0, टैक्सी स्टैण्ड कम शापिंग काम्पलैक्स में लिफ्ट व फायर फाईटिंग इक्यूपमैन्ट लगाने का कार्य लागत 52.36 लाख रू0, हेमवती नन्दन बहुगुणा र्स्पोटस स्टेडियम अल्मोड़ा में जिम हाल व बॉक्सिंग रिंग का निर्माण लागत 60.47 लाख रू0, अल्मोड़ा पिथौरागढ़ मुख्य मोटर मार्ग से बाडेछीना से ग्राम कुमौली तक ग्रामीण मार्ग का निर्माण लागत 484.60 लाख रू0, रीवर व्यू फैक्ट्री अल्मोड़ा मुख्य भवन का मरम्मत कार्य लागत 25.59 लाख रू0, लाट लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण लागत 82.72 लाख रू0, राजकीय प्राथिमक विद्यालय बौड़ा में कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 35.130 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय पलना में कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 35.280 लाख रू0, माडल कैरियर सेन्टर क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय अल्मोड़ा लागत 15.100 लाख रू0, रतखान से चैमू मोटर मार्ग लागत 152.26 लाख रू0, सुपई खान बमनतिलाड़ी मोटर मार्ग के किमी0 03 से 24 मी0 स्पान स्टील गार्डर ब्रिज का निर्माण लागत 131.48 लाख रू0, हिलांस किसान आउटलेट चैघानपाटा अल्मोड़ा लागत 4.87 लाख रू0, कृषि प्रसंस्करण इकाई ग्रोथ सेन्टरध्गुणवत्ता नियन्त्रण प्रयोगशाला हवालबाग लागत 42.38 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र प्रगति आजीविका स्वायत्त सहकारिता पातलीबगड़ लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र शीतला आजीविका सहकारिता शीतलाखेत लागत 12.50 लाख रू0 है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर में रमसा के अन्तर्गत अर्न्तगत जिन विकास योजनाओं का लोकापर्ण किया उसमें रा0इ0का भेटा बडोली भवन निर्माण लागत 47.28 लाख रू0, रमसा के अन्तर्गत राजकीय इण्टर कालेज बमनस्वाल भवन निर्माण लागत 49.65 लाख रू0, रमसा के अन्तर्गत राजकीय इण्टर कालेज चमतोला भवन निर्माण लागत 50.28 लाख रू0, सामु0 स्वास्थ्य केन्द्र धौलछीना में चिकित्साधिकारी के लिए ट्रांजिट हास्टल का निर्माण कार्य लागत 242.86 लाख रू0, पशु सेवा केन्द्र धन्यान का निर्माण लागत 28.53 लाख रू0, जैंती पिपली मुख्य मोटर मार्ग से ग्राम तल्ला भटयाड़ा तक मोटर मार्ग का निर्माण लागत 223.60 लाख रू0, आटी डसीली मुख्य मोटर मार्ग से ग्राम डसीली तक ग्रामीण मोटर मार्ग का निर्माण लागत 211.77 लाख रू0, रा0इ0का0 चैड अनुली में 04 कक्षा कक्ष, 02 प्रयोगशाला, प्रधानाचार्य एवं कार्यालय कक्ष, 02 शौचालय एवं 01 कम्प्यूटर कक्ष का निर्माण लागत 18.63 लाख रू0, वृद्ध जागेश्वर मंदिर अल्मोड़ा का जीणोद्धार कार्य लागत 20.00 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कनरा में कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 35.380 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज दन्या में कक्षा-कक्ष का निर्माण लागत 30.360 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भीमादेवी में भवन निर्माण लागत 35.250 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज चैसाला में 02 कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 39.970 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बानठौक में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण लागत 17.170 लाख रू0, कुशल बैण्ड से रूल डूॅगरा मोटर मार्ग के किमी0 02 से 24 मी0 स्पान स्टील गर्डर ब्रिज का निर्माण लागत 117.01 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र झारसैम आजीविका स्वायत्त सहकारिता गुरूड़ाबाज धौलादेवी लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र प्रगति आजीविका स्वायत्त सहकारिता मोतियापाथर लागत 12.50 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट अर्न्तगत जिन विकास योजनाओं का लोकार्पण किया उसमें सलना तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य ल0 3. किमी0 लागत 187.86 लाख रू0, विकासखण्ड भिकियासैंण के अन्तर्गत तकुल्टी-सुन्दरखाल मोटर मार्ग का डामरीकरण का कार्य ल0 4 किमी0 लागत 258.36 लाख रू0, कोटिला-ग्वाड़ मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य ल0 3 किमी0 लागत 127.12 लाख रू0, विजयपुर-धनखलगॉव मोटर मार्ग में सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य ल0 3 किमी0 लागत 140.78 लाख रू0, बमनपुरी पम्पिंग पेयजल योजना लागत 82.38 लाख रू0, चॉदीखेत ग्राम समूह पेयजल योजना लागत 103943 लाख रू0, बिजयपुर ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना लागत 367.86 लाख रू0, छाना भेट ग्राम समूह पम्पिंग योजना लागत 673.84 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र रामगंगा आजीविका स्वायत्त सहकारिता दूनागिरी लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र रामगंगा आजीविका स्वायत्त सहकारिता खीड़ाताल चैखुटिया लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र उगतासूरज आजीविका स्वायत्त सहकारिता काम लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र हिमदृश्य आजीविका स्वायत्त सहकारिता मजखाली लागत 12.50 लाख रू0, तडागताल खोला प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क मार्ग से ग्राम न्योली मोटर मार्ग लागत 146.51 लाख रू0, गैरसैण विकास परिषद के अन्तर्गत विभिन्न कार्य लागत 112.50 लाख रू0 है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विधानसभा क्षेत्र रानीखेत अर्न्तगत जिन विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। उसमें राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में आक्सीजन सप्लाई पाईप लाइन एवं आई0सी0यू0 की स्थापना लागत 343.19 लाख रू0, राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में चिकित्साधिकारियों के लिए ट्राजिंट हास्टल का निर्माण लागत 242.78 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय हरनौली में कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 35.270 लाख रू0, राजकीय कन्या इण्टर कालेज रानीखेत में प्रयोगशाला का निर्माण लागत 30.140 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज रघुलीपीपली में 02 कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 30.050 लाख रू0, गोविन्द सिंह मेहरा राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में चिकित्साधिकारियों के लिए ट्रान्जिट हास्टल का निर्माण लागत 242.780 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय मनिहार मटेला में भवन निर्माण लागत 35.250 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र नई क्रान्ति आजीविका स्वायत्त सहकारिता मल्ला विश्वा ताड़ीखेत लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र फल्दाकोट आजीविका स्वायत्त सहकारिता जैनोली लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र नई शक्ति आजीविका स्वायत्त सहकारिता पंतकोटली लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र नई उड़ान आजीविका स्वायत्त सहकारिता पीपली लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र शेर चैगॉव स्वायत्त सहकारिता बमस्यूॅ लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र अनमोल आजीविका स्वायत्त सहकारिता आजीविका स्वायत्त सहकारिता विल्लेख लागत 12.50 लाख रू0, चापड-हिडाम-विल्लेख मोटर मार्ग के लोधियाखान से थलाड़ तक ग्रामीण मोटर मार्ग लागत 142.86 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा में किये जाने वाले शिलान्यास के अन्तर्गत जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में आक्सीजन प्लान्ट का निर्माण लागत 99.66 लाख रू0, अल्मोड़ा बेरीनाग अस्कोट मोटर मार्ग के किमी0 31 से 42 में बी0एम0 द्वारा सुधारीकण लागत 245.57 लाख रू0, एनटीडी कफड़खान मोटर मार्ग के कि0मी0 02 से ग्राम भुल्यूड़ा सब्जी उत्पादन क्षेत्र हेतु मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य लागत 188.06 लाख रू0, विकासखण्ड हवालबाग में खूॅट-महारूद्रेश्वर मोटर मार्ग के किमी0 01 से 3.00 में डामरीकरण का कार्य ल0 03 किमी0 लागत 125.54 लाख रू0, राज्य योजना के अन्तर्गत कठपुड़िया-बंगसर मोटर मार्ग का निर्माण ल0 03 किमी0 लागत 105.00 लाख रू0, विकासखण्ड हवालबाग के अन्तर्गत करबला से ग्राम माल को जोड़ने हेतु लिंक मोटर मार्ग का निर्माण ल0 04 किमी0 लागत 237.99 लाख रू0, ईवीएम वीवीपैट के गोदाम का निर्माण लागत 334.41 लाख रू0, डाईट अल्मोड़ा में चाहरदीवारी का निर्माण कार्य लागत 158.23 लाख रू0, रूरल बिजनेस इन्यक्यूवेटर की स्थापना कार्य लागत 86.69 लाख रू0, विकासखण्ड भैसियाछाना में जिंगल में लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण लागत 71.87 लाख रू0, पशु चिकित्सालय एनटीडी अल्मोडा में चारागाह का निर्माण लागत 14.31 लाख रू0, श्रा0प्रा0वि0 बमौरी तरोला में भवन निर्माण लागत 35.50 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा जागेश्वर में किये जाने वाले शिलान्यास के अन्तर्गत मोरनौला से खॉकर मोटर मार्ग ल0 4.400 किमी0 लागत 287.14 लाख रू0, जैंती से नया सिंगरोली मोटर मार्ग ल0 7.075 किमी0 लागत 385.04 लाख रू0, चनोली से नगरधारा तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य लागत 273.06 लाख रू0, विकासखण्ड लमगड़ा मे चैमू से कलसीमा तक मोटर मार्ग का निव निर्माण कार्य ल0 3 किमी0 लागत 24.70 लाख रू0, विकासखण्ड धौलादेवी का निर्माण लागत 163.87 लाख रू0, धौलानेली में पशु चिकित्सालय का निर्माण लागत 36.64 लाख रू0, नैनी पारकोट में पशुचिकित्सालय का निर्माण लागत 36.13 लाख रू0, रा0 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जलना में कक्षा कक्षों का निर्माण लागत 30.25 लाख रू0, चलमोड़ी गाड़ा से कलौटा मोटर मार्ग लागत 1550.71 लाख रू0, रा0उ0मा0वि0 चगेठी में कला, शिल्प एवं कम्प्यूटर कक्ष निर्माण लागत 77.965 लाख रू0, रा0उ0मा0वि0 नैनीचैगर्खा में कला, शिल्प एवं कम्प्यूटर कक्ष निर्माण लागत 77.965 लाख रू0, रा0उ0मा0वि0 झालडुंगरा में कला, शिल्प एवं कम्प्यूटर कक्ष निर्माण लागत 77.965 लाख रू0 , रा0उ0मा0वि0 जसकोट में कला, शिल्प एवं कम्प्यूटर कक्ष निर्माण लागत 77.965 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने विधानसभा द्वाराहाट में किये जाने वाले शिलान्यास के अन्तर्गत कोटिला-ग्वाड़ मोटर मार्ग का सुरईखत तक मिलान ल0 15 किमी0 लागत 598.30 लाख रू0, कुनीगाड़-हिरूली बजार मोटर मार्ग का रामपुर चैखुटिया तक लागत 177.55 लाख रू0, नौबाड़ा से नैथाना देवी मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण लागत 135.71 लाख रू0, जालली-तकुल्टी-भन्टी-पटास-उत्तमछानी मोटर मार्ग का नव निर्माण लम्बाई 05 किमी0 लागत 139.00 लाख रू0, असगोली-चमीनी-कुनस्यारी मोटर मार्ग लागत 330.85 लाख रू0, बकरीगाड़-गोदी-मोहणी-तल्ला बिठौली बयेडा मोटर मार्ग का नव निर्माण ल0 10 किमी0 लागत 499.65 लाख रू0, दुधोली बैण्ड से पंचायत घर तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण लागत 134.31 लाख रू0, द्वाराहाट सुरईखेत मोटर मार्ग से बयेला-नाड मोटर मार्ग का निर्माण लम्बाई 4.00 किमी0 लागत 111.20 लाख रू0 गनाई-अखेती मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य ल0 03 किमी0 लागत 103.16 लाख रू0, गनाई-जौरासी मोटर मार्ग से आगर मनराल तक मोटर मार्ग ल0 4.50 किमी0 लागत 125.10 लाख रू0, ग्राम सभा ईडा में जमीनीवार से सेल्टा बाखली चैधार तक मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 135.93 लाख रू0, बरल में लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण लागत 60.12 लाख रू0, शक्रेश्वर महादेव मन्दिर साकुनी का जीर्णोद्धार लागत 125.00 लाख रू0, रा0इ0का0 योगसैण रामपुर में दो कक्षा कक्ष निर्माण लागत 30.28 लाख रू0, रा0प्रा0वि0 मुझोली में भवन निर्माण लागत 56.18 लाख रू0, मिनी स्टेडियम विन्ता का निर्माण लागत 96.04 लाख रू0, रा0इ0का0 महतगॉव में कला, शिल्प, प्रयोगशाला, पुस्तकालय भवन का निर्माण लागत 58.42 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा रानीखेत के में किये जाने वाले शिलान्यास के अन्तर्गत स्वास्थ्य उपकेन्द्र सूरी विकासखण्ड ताड़ीखेत का निर्माण लागत 45.00 लाख रू0, रा0उ0मा0वि0 सौनी में 02 कक्षा कक्ष निर्माण लागत 3030 लाख रू0, रा0उ0मा0वि0 सरमोली में 02 कक्षा कक्ष निर्माण लागत 30.29 लाख रू0, रा0इ0का0 शेर में 02 कक्षा कक्ष निर्माण लागत 40.91 लाख रू0, विकासखण्ड भिकियासैंण में कार्यालय व सभागार का पुर्ननिर्माण लागत 14.85 लाख रू0, विकासखण्ड ताड़ीखेत अन्तर्गत चमड़खान में आयुर्वेदिक चिकित्सालय निर्माण लागत 59.97 लाख रू0, रा0इ0का0 जमोली में कला, शिल्प, पुस्तकालय, कम्प्यूटर कक्ष निर्माण लागत 58.39 लाख रू0 है।
इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा0 धन सिंह रावत, बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, सहकारी बैंक अध्यक्ष ललित लटवाल, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग ज्योति साह , मुख्यमंत्री के जनसर्म्पक अधिकारी विजय बिष्ट, जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, महामंत्री महेश नयाल, आयुक्त कुमाऊ मण्डल अरविन्द सिंह हयांकी, पुलिस महानिरीक्षक अजय रौतेला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे, उपजिलाधिकारी सीमा विश्वकर्मा, मोनिका आदि उपस्थित रहे।

सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सल्ट में स्व. जीना दंपति को दी श्रद्धाजंलि, की स्मारक बनाने की घोषणा

विधानसभा सल्ट के पूर्व विधायक स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्व. जीना दंपति को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जनहित के कार्यों व प्रदेश के विकास में स्व. जीना का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। उनके अधूरे कार्यों को राज्य सरकार पूरा करेगी। सीएम ने सल्ट क्षेत्र में जीना की स्मृति में एक स्मारक बनाने समेत क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं।

मुखयमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्व. जीना से सबका बहुत ही सहज और सरल रिश्ता था। उन्होंने कहा कि स्व. जीना का अपने क्षेत्र के लोगों से गहरा लगाव था। उन्होंने कहा कि उनके कहने पर इस क्षेत्र जनहित की 63 विकास योजनाओं की मैंने घोषणाएं की हैं। जिसमें से 42 पूर्ण हो चुकी हैं। बाकी भी जल्द पूरा हो जायेंगी। इस मौके पर उन्होंने राजकीय महाविद्यालय मनीला को स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना के नाम पर करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र में स्व. जीना का स्मारक बनाने की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मार्चुला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के एडवेंचर मीट का आयोजन, हरडा में एडवेंचर स्पोर्ट्स सेंटर की स्थापना, रामगंगा के तट को एंगलिग हब के रूप में विकसित करने, हरडा में जिला सहकारी बैंक की स्थापना के साथ ही स्कूलों में रूपांतरण कार्यक्रम के तहत बेहतर करने की घोषणा की।

रामनगर गर्जिया में पर्यटन जोन अति शीघ्र अस्तित्व में आएगाः त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रामनगर स्थित धनगढ़ी गेट पहुंचकर लगभग 01 करोड़ की लागत से निर्मित अत्याधुनिक तकनीकि से युक्त कार्बेट परिचय केंद्र, नेचर शॉप, कैंटीन का लोकार्पण किया। सीएम ने कार्बेट टाइगर रिजर्व की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के स्मारक पर दीप जलाकर व पुष्प चक्र एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कार्बेट परिचय केंद्र के खुलने से पर्यावरण एवं वन्य जीव प्रेमियों को कार्बेट पार्क की जैव विविधता को जानने एवं समझने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र वन एवं वन्य जीव संरक्षण के साथ ही पर्यावरण व वन्यजीव प्रेमियों को प्रेरित करने का कार्य करेगा। उन्होंने आयोजित हो रहे वन्य जीव सप्ताह में सभी से जैव विविधता के संरक्षण एंव महत्व के बारे में जागरूक होने को कहा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पार्क का आकर्षण बढ़ने के साथ ही जिम्मेदारियां भी बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिरूल जिसे संकट एवं समस्या माना जाता है उसके रेजिन एवं लीसा से मलेशिया में 127 किस्म के उत्पाद बनाए जा रहे हैं, बैजनाथ में लीसा एवं रेजिन से 7 से 8 प्रकार के उत्पाद बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीड़ की पत्तियों से चारकोल, बिजली उत्पादन हो रहा है। सीएम ने कहा कि पीरुल से 25 किलो वाट की विद्युत उत्पादन यूनिट में 207 लोगों को पहले फेज में एक यूनिट द्वारा काम दिया गया है। यूनिट की क्षमता बढ़ने के साथ ही रोजगार में भी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में अटल आयुष्मान योजना बहुत अधिक कारगर सिद्ध हुई है। अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत राज्य के दो लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला है, जिसमें 192 करोड़ रुपये खर्च हुए है। योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा संबंधित अस्पतालों को 1 सप्ताह के भीतर भुगतान भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत 175 अस्पतालों के स्थान पर अब देश के 22 हजार से अधिक चिन्हित अस्पतालों में जाकर गोल्डन कार्ड दिखाकर मरीज अपना इलाज करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्जिया में पर्यटन जोन अति शीघ्र अस्तित्व में आएगा, जिसमें 50 जिप्सी तथा 50 नेचर गाइड को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही क्षेत्रीय जनता को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने चोपड़ा, लेटी, रामपुर गांव को राजस्व ग्राम बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कार्बेट पार्क बाघों के संरक्षण के साथ ही इस बात के लिए भी जाना जाएगा कि यह वही पार्क है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा आतंकी हमले का बदला एवं प्रतिकार लेने के लिए दृढ़ निश्चय एवं संकल्प लिया था जिसका प्रतिकार सेना द्वारा लिया गया।

कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की जनगणना का डाटा जारी करते हुए बताया गया कि वर्ष 2018 में कार्बेट टाइगर रिजर्व में टाइगर रॉकी संख्या 231 थी जो कि वर्ष 2020 में 252 से अधिक हो चुकी है।

हल्द्वानी में सीएम बोले, प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त व पारदर्शी सरकार देना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा हल्द्वानी तहसील प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में 11936.77 लाख की 62 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 20 योजनाओं लागत 3163.56 लाख की धनराशि का लोकार्पण तथा 42 योजना लागत 8773.21 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया गया तथा प्लाज्मा डोनर राहुल दानी, तारा कोरंगा व 6 गरीब अनाथ बच्चियों कोमल राणा, कान्ता आर्या, अर्चना भारती, चन्द्रकला, केसिया गोरखा तथा फेबा गोरखा को उनकी पढाई हेतु 4 लाख 93 हजार के चेक वितरित किये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी सरकार देना हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल 1905 में प्राप्त 30 हजार समस्याओं का समाधान किया गया है। प्रदेश में 500 विद्यालयों में ऑनलाईन शिक्षा दी जा रही है। उन्होने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़को पर बेहतर कार्य किये हैं। सरकार द्वारा स्वरोजगार देने के ज्यादा से ज्यादा प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में स्वरोजगार की पर्याप्त सम्भावनाएं ह,ै प्रदेश में चीड की पत्तियों से विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हो चुका है, प्रदेश की चीड के जंगलों से 200 मेगावाट विद्युत उत्पादन सामथ्र्य है तथा 40 हजार लोगों को रोजगार देने की भी सामथ्र्य है। उन्होने कहा कि 10 हजार व्यक्तियों को चीड़ की पत्तियों से विद्युत उत्पादन हेतु स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है, राज्य सरकार स्वरोजगार हेतु 10 हजार नौजवानों को बाईक के लिए ऋण देगी तथा 02 वर्ष तक ब्याज सरकार वहन करेगी, साथ ही 03 माह में 25 हजार लोगो को कैम्पा योजना के तहत रोजगार दिया जायेगा। फसलों को बन्दरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जनपदों में 04 बन्दरवाडे बनाये जायेगे, जिसका शिलान्यास 09 नवम्बर राज्य स्थापना दिवस पर किया जायेगा। जिनकी क्षमता 30 हजार बन्दरों को रखने की होगी। चिकित्सा विभाग को और सुदृढ़ किया जायेगा, 720 चिकित्सकों व 1000 नर्सो की शीघ्र भर्ती की जायेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन ऑडिटोरियम हेतु 08 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। आई बैक के लिए 32 करोड तथा पनचक्की चैराहे से काठगोदाम तक सडक निर्माण हेतु 8 करोड की धनराशि स्वीकृत कर दी है। कैंसर रिसर्च इंस्टिटूट के लिए भूमि का ऑनलाइन प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। उन्होने कहा कि हल्द्वानी चिडियाघर एवं आईएसबीटी हेतु भूमि चयन कर वनभूमि हस्तान्तरण प्रस्ताव ऑनलाइन भारत सरकार को भेजा गया है तथा 1822 करोड से बनने वाले हल्द्वानी रिंग रोड का प्रस्ताव भी स्वीकृति हेतु भारत सरकार को भेजा गया है। जिसकी 5 अक्टूबर को केन्द्र सरकार मे महत्वपूर्ण बैठक भी है।

मुख्यमंत्री ने जनपद के विभिन्न पर्यटन में म्यूरल्स में लागत 50.56, आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन निमार्ण कालाआगर में लागत 51.46, माध्यमिक शिक्षा प्रयोगशाला रा.उ.मा.वि. किशनपुर निर्माण कार्य लागत 86.79, रा.उ.मा.वि. शिवपुर बैलजुडी रामनगर में लगात 102.34, रा.आ.इ.का. सुन्दरखाल धारी में लागत 27.85, रा.आ.इ.का. लामाचैड़ लगात 18.72, एन.आर.एल.एम. तहसील हल्द्वानी में कैन्टीन का निर्माण में लागत 7.70, सिंचाई विभाग नाबार्ड योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विकास खण्ड कोटाबाग एंव रामनगर में 70.60 किमी लम्बी सिचांई गूलों के निर्माण में लागत 1092.02, नाबार्ड योजना के अर्न्तगत विकास खण्ड भीमताल, धारी, रामगढ़ में 64.07 किमी पर्वतीय नहरों का पुनरोद्धार व 2.65 किमी गूलों का निर्माण तथा 37 संख्या सिचांई टैकों की योजनाओं की लागत 607.04, विकास खण्ड बेतालघाट में 62.60 किमी नहरों का पुनरोद्धार, लाईनिंग एंव 11 संख्या सिचाई टेकों का निमार्ण योजना में लागत 738.45, बलियानाला में भू-स्खलन से आये मलवे की रोकथाम की योजना में लागत 86.60, पशुपालन विभाग में निराश्रित दुर्घटना ग्रस्त पशुओं की सहायतार्थ आपातकालीन वाहन के शुभारम्भ से संबंधित सूचना में लागत 10.70 एनआर.एल.एम. राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन के अन्तर्गत गठित स्वंय सहायता समूहों द्वारा संचालित 11 हिलान्स आउट्लेटस निर्माण में लागत 33.15, पर्यटन विभाग में जिला योजना के अन्तर्गत ट्रेक रूट सौन्दर्यीकरण हाईटैक शौचालय निमार्ण कार्य में लागत 67.85,चिकित्सा एंव स्वास्थ्य जिला योजना के अन्तर्गत सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय हेतु 05 वेन्टीलेटरों की स्थापना में लागत 51.95, बीडी पाण्डे पुरूष चिकित्सालय हेतु कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउण्ड मशीन की स्थापना लागत 17.84, निर्माण खण्ड लोनिवि जिला खनिज फाउन्डेशन न्यास मद के अन्तर्गत महिला चिकित्सालय से सरस बाजार तक डिवाईडर के ऊपर रैलिंग लगाने का कार्य नैनीताल माटर मार्ग के किमी 84 से 92 के माध्य फुटपाथ पर जाल लगाने व जल निकासी आउटलेट लगाने का कार्य किमी 87 से 90 के मध्य अनावश्यक क्रांसिग को बन्द करने एंव वर्कशाप लाईन मोटर मार्ग में डिवाईडर का कार्य शहर में यातायात को नियन्त्रण करने हेतु रोड सेफ्टी उपकरणों की आपूर्ति का कार्य लागत 64.69, जमरानी बाध निमार्ण खण्ड-2 गौला बेराज स्थित स्टोर की बाउड्री वाला तथा स्टोर रूम के पास चैकीदार हेतु कक्ष निर्माण का कार्य लगात 19.70, जल संस्थान रामनगर 07 नग हैण्डपम्पों का अधिष्ठापन का कार्य में लगात 22.61, प्राथमिक शिक्षा जिला खजिन फाउन्डेशन न्यास मद के अन्तर्गत विभिन्न विद्यालयों में सुदृढीकरण कार्य हेतु लागत 5.54 लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने बिसोद पाडली मोटर मार्ग का नव निर्माण लगात 38.13, घुघुखान सौड मोटर मार्ग के मध्य मिसिंग लिंक का निर्माण लागत 32.62, क्षतिग्रस्त लोअर माल रोड सुदृढीकरण कार्य लगात 82.01, पंगोट दैचोरी का नव निर्माण लागत 356 लाख, मैट्रोपोल पांर्किग समतलीकरण, नाली एंव वायर फेन्सीग कार्य 42.05 लाख, नैनीताल- कालाढूगी मोटर मार्ग नलनी तक हल्का वाहन मार्ग का पुनः निर्माण 179.08 लाख, भीमताल से ढुॅगसिल मोटर मार्ग डामरीकरण 60.47 लाख, भगवानपुर बिचला, हिम्मतपुर तल्ला, कमुलागांजा मेहता कबडाल एंव लोहरियासाल तल्ला के आन्तरिक मार्गो में पीसी एंव नव निर्माण 238.28 लाख, ग्राम सभा डडालय नयाबाद, वासुदेवपुरम हिम्मतपुर मल्ला, बच्चीनगर, भरतपुर न. 02, महाऋषि दयानन्द, कृष्णा इनक्लेव व केशव इनक्लेव आन्तरिक मार्गो का पीसी व नव निर्माण कार्य 86.44 लाख, कार्तिकेय कालोनी फेस -1, हिम्मतपुर मल्ला, लोहरियासाल तल्ला, शिवपुरम, हिम्मतपुर तल्ला, कृष्णा इन्कलेव, वैवभव कॉलोनी, ऊचापुल के आन्तरिक मार्गो का सुधारीकरण डामरीकरण का कार्य 117.34 लाख, विकासपुरम, जजफार्म, गिरिजा विहार, छडायल नायक, उत्तराचंल कालोनी, नीलाचंल कॉलोनी, केशर कॉलोनी व संगम विहार, फेस-5 के आन्तरिक मार्गो का सुधारीकरण एंव डामरीकरण का कार्य 189.44 लाख, रामनगर में पडने वाले विभिन मार्गो पर साईनेज लगाने का कार्य 25.92 लाख, रानीबाग-भीमताल-पदमपुरी-लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग लोडिग स्टील ट्रस सेतु का निर्माण 717.59 लाख,खैरना-रानीखेत मोटर मार्ग स्टाल गर्डर ब्रिज का निर्माण 1003.77 लाख, थाना भीमताल परिसर में टाईप- 2 के दो आवासीय भवनों के निर्माण कार्य 49.54, रा.इ.का कशियालेख में विज्ञान प्रयोगशाला, आर्ट एंव क्राफ्ट कक्ष निर्माण 86.84 लाख, राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट भवन निर्माण हेतु 224.39 लाख , ओखलकाण्डा विकास खण्ड के खनस्यूॅ ग्राम में गौला नदी के बायें एंव दायें पाश्र्व पर बाढ़ सुरक्षा योजना 226.15 लाख, खैरना के अन्तर्गत कोसी नदी पर रोपा एंव चापड़ गांव को जोडने हेतु 125 मी. विस्तार सेतु का निर्माण का कार्य 700.88 लाख, खैरना के अन्तर्गत कोसी नदी पर अमेल एंव खैराली गांव को जोडने हेतु 160-200 मी. विस्तार के पैदल सेतु का निर्माण का कार्य 1186 लाख, खैरना के अन्तर्गत तल्ली सेठी एंव सिमटिया गांव को जोडने हेतु कोसी नदी पर 160ध्90 मी. विस्तार का पैदल सेतु का निर्माण का कार्य 581.43 लाख, विकास खण्ड रामनगर के गाम नया झरना न. 2 नया ढांग, देवीपुरा बॉसीटीला, रूपपुर एंव नािपर छोई में 05 सं. राजकीय नलकूपों के निर्माण की परियोजना 496.33 लाख, नलकूप निमार्ण की योजना हिम्मपुर, सावल्दें 198.19 लाख, विकास खण्ड कोटाबाग के गा्रम मोहनपुर बजवालध् मोहनपुरा मेहरा में 01 सं. राजकीय नलकूप निमार्ण की योजना 97.12 लाख, गरमापानी, कोश्याकुटोली, नैनीताल में कार पार्किग एंव कामर्शियल शॉप के निर्माण कार्य 251.42 लाख, के.एम.बी.एन. के बारातघर तक एंव देवदार लॉज के सामने सड़क के किनारे सतह पार्किग विकसित किये जाने का कार्य 70.03 लाख, विद्यालयों में सुदृढीकरण व नवावार का कार्य 80.05 लाख, विद्यालयों में सुदृढीकरण व नवाचार कार्य 78.80 लाख, पर्यटन स्थलों का अवस्थापना विकास, ओपन एयर थियेटर , ओपन एयर जिम तथा साइनेजेज की स्थापना 87.45 लाख, पर्यटन स्थलों में म्यूरल्स की स्थापना 60 लाख, बी.डी. पाण्डे महिला चिकित्सालय में उपकरणों की स्थापना एंव विभिन्न अनुभागों में लघु निर्माण व मरम्मत कार्य 41.98 लाख, राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग के भवन निर्माण हुत 230.39 लाख, गौलापार नहर के 0.00 किमी से 1.100 किमी तक जीर्णोद्धार की योजना ध्तीनपानी बाईपास में पेराफीट निर्माण 33.41 लाख, बेतालघाट में रामनगर-भण्डारपानी-अमगढी-बोहराकोट-ओखलढूॅगा-तल्लीसेठी- बेताघाट-रतौडा- भुजान-विशालकोट-जैना- रीची-बिल्लेख मोटर मार्ग के किमी 52,53 एंव 54 में पुनः निमार्ण कार्य 104.11 लाख, हल्द्वानी नगरीय-ग्रामीण पेयजल योजना के सुदृढीकरण का कार्य 213.74 लाख, हल्द्वानी ग्रामीण, लालकुऑ अन्तर्गत वि.ध्या. एंव पाईन लाईन कार्य 46.35 लाख, 04 पेयजल योजनाओं ताकुला, बुरूसिया-देवीधुरा, दोगड़ा एंव रानीबाग में पाईप लाईन सुदृढीकरण एंव जलाशय निर्माण का कार्य 16.35 लाख, शक्तिनगर पूछडी में पाईप लाईन बिछाये जाने तथा नरसिंहपुर ऐरडज्ञ में सिचांई नलकूप से पाईप लाईन जोडे जाने का कार्य 26.54लाख, लालकुऑ मे निकासी नाली, शौचालय निर्माण तथा हाथी गेट निर्माण का कार्य 11.80 लाख, विभिन्न चिकित्सालयों में उपकरण क्रय व सुदृढीकरण कार्य 305.86 लाख, चित्रशाला गेट के समाने मुख्य मार्ग से चैहानपाटा तक हल्का वाहन मार्ग का निर्माण तथा जवाहर नवोदय विद्यालय गंगरकोट सुयालबाडी के छात्रावासों में प्लाईवुड व मुख्य द्वार के पास शैड निर्माण का कार्य 35.62 लाख तथा समम्त जनपद के विद्यालयों में सुदृढीकरण का कार्य 62.80 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया।

कालाढूगी विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि सरकार जनस्वास्थ को ध्यान मे रखते हुये 108 वाहनों की संख्या बढा रही है साथ ही एयर एम्बुलैस भी चलायेगी। उन्होने प्लाज्मा डोनरों का स्वागत करते हुये इस पुण्य कार्य हेतु उन्हंे बधाई दी।

मानव अस्तित्व के लिए सरला बहन ने दिया था प्रकृति संरक्षण का मंत्र

केशव भट्ट (वरिष्ठ पत्रकार)
जंगल में जानवरों को भेजने की जगह खेतों में चारा लगाओ। छोटे पेड़ बचाओ। पत्तियां न तोड़ो ,पेड़ों से प्रेम करो, प्रकृति की चाल के साथ चलो। पर्यावरण संरक्षण शब्द की रचियता और जिन्होंने अपना पूरा जीवन प्रकृति में आत्मसात करके जिया और प्रकृति पर आने वाले संकट के प्रति सचेत किया और दर्शन भी विश्व को प्रदान किया। शोर से दूर हिमालय के आगोश में शांत वातावरण में विश्व पर्यावरण के संरक्षण पर गहन चिंतन और मनन करने वाली सरला बहन के जन्मदिन 5 अप्रैल को उनकी कहीं और लिखी एक एक बात मार्ग दर्शक की तरह विकास की सही दिशा की ओर आज ही इशारा करती है।
गांधी जी ने कुछ सोच कर सरला बहन को कौसानी भेजा होगा। उनको सरला बहन में एक बड़ी संभावना दिखी होगी। सरला बहन ने कौसानी से ही स्त्री शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जय जगत को सिद्ध करने के लिए अपना जीवन आहूत किया।
प्रथम विश्व युद्ध की विभीषिका और पागलपन को देख उन्होंने शांति और अहिंसा का मार्ग खोजने की अपनी यात्रा में गांधी जी को एक अडिग पड़ाव ही नही मंजिल के रूप में पाया। युद्ध और विकास के उफनते उन्मांद और युद्ध रोमांस से दुनिया विनाश की उस नाव में बैठी हुई है, जिसका चप्पू उनके हाथ के नियंत्रण से बेकाबू होने के कगार पर होता जा रहा है। प्रकृति की अपनी एक चाल होती है। सतत और निरंतर, कोई जल्दबाजी नही, उतावलापन नही जीत और हार की रेस से परे केवल चलते जाना ही है। गांधी ने इस चाल को अनुभव किया और उसकी चाल और उससे निकल रहे संगीत को समझा और उसकी चाल में कदम मिलाकर ग्राम स्वराज्य का मॉडल निर्मित किया। शिक्षा की नई तालीम में इन सब को पिरो दिया। प्रकृति ने जो दिया है, उसकी चाल के साथ सतत चला जा सकता है। प्रकृति के इर्द गिर्द ही मानव अपना विकास कर सकता है। मानव अस्तित्व के लिए प्रकृति का विनाश नही अपितु संरक्षण ही मंत्र हो सकता है। शिक्षा प्रकृति के अनुसार होनी चाहिए, उसके विरुद्ध नही। प्रकृति के परे कोई मार्ग हो ही नही सकता।
गांधी के जीवन दर्शन और जीवन ने ये सब एक सूत्र में सरला बहन ने विश्व को प्रदान किया। विश्व युद्ध की विभीषिका को देख कैथरीन, उनका असली नाम, संमझा की युद्ध जीतने वाला और युद्ध हारने वाला दोनों ही हारते है। केवल मानव के भीतर दम्भ और दूसरे को हराने का उन्माद जो विनाश का पर्याय है, ही जीतता है। आज ये सब हमारे सामने चरितार्थ हो रहा है।
सरला बहन के जन्मदिन पर उनकी हिमदर्शन की धार पर बैठना और प्रकृति के संरक्षण की गहन चिंतन करना मानव को एक दिशा प्रदान करता है। लक्ष्मी आश्रम का सतत परिवेश आज ही एक आशा प्रदान तो करता ही है। हालांकि विश्व में बेतरतीव भागता विकास सब कुछ लील लेने को अंधी दौड़ में चारो ओर भाग रहा है। उसकी अंधी दौड़ को रोक पाना संभव नही है। लेकिन गांधी के ग्राम स्वराज्य में अभी भी गांव को गांव बनाने की दिशा और मार्ग संरक्षित है। पुरखों की सतत और मेहनत के परिचायक खेत और गांव आज भी मानव सभ्यता को अमरता प्रदान करने की असीम क्षमता है।

सरला बहन ने लक्ष्मी आश्रम को एक मॉडल के रूप में विकसित किया। ये गांधी का ही जीवित मॉडल है। दूसरी और हिमदर्शन कुटीर को चिंतन स्थली के रूप में सरला बहन ने विश्व को प्रदान किया।
आज विकास के बेतरतीव मॉडल को मानव ही नही वन्य प्राणियों की सहज और नीरव जीवन शैली को भी प्रभावित किया है। विकास की तुरत गति ने सतत गति को बाधित ही किया है। वन्य प्राणियों का जंगल से बाहर आना इसका संकेत है। पर्यावरण संरक्षण ही इसका एक मात्र समाधान हो सकता है।
विश्व में जल संकट का गहराता भयावह रूप प्रकृति की चाल को बाधित करने वाले तुरत विकास का ही परिणाम है। मुट्ठी भर लोग दुनियां को तेजी से भागना चाहते है, इस भागमभाग में वो न जाने किस मंजिल को छूना चाहते है और पूरी मानव जाति को इस चाल में अपने अंधकूप में झोंकना चाह रहे है। ये आज प्रकृति के विनाश से संमझा जा सकता है। जब महानगर की चकाचैंध में सांस लेना कठिन हो जाती है, उस वक्त सब बेमानी लगता है। खाने के स्वाद में तेजी से आये बदलाव, विश्व में पिघलते ग्लेशियर, भारत में गंगा नदी समेत सारी नदियों को नालों में परिवर्तित होते देख प्रकृति की सतत चाल को समझना भी कहाँ रह गया है, संभव।
ये सब सहसा सरला बहन के जन्मदिन पर याद हो चला। कृत्रिम शोर से दूर प्रकृति के संगीत के साथ कैसे सुरताल मिल कर चला जा सकता है। ये सरला बहन के जीवन दर्शन और उनकी यादों में आज भी कौसानी के लक्ष्मी आश्रम और उनकी चिंतन स्थली हिमदर्शन में खोजा जा सकता है, बस प्रकृति की चाल के संग चलने मात्र से, जंगल के संगीत में सराबोर हुए, आज भी तमाम कोलाहल के बावजूद भी पक्षियों का कलरव ध्यान खींच ही लेता है। हिमालय की बर्फानी चोटियां अपनी ओर आकर्षित आज भी करती है। घाटियों से आती हवा एक संगीत ही तो है। घने जंगल में अनहद का संगीत तनिक एकाग्र होने से सुना जा सकता है। आज भी सूर्यास्त की लालिमा, रात का सन्नाटा, चन्द्रमा का प्रकाश अपने होने का अहसास छोड़ ही जाता है। ये सब सतत और निरंतर ही है। तुरत विकास की अवधारणा से ये कब तक रहेगा, इस पर चिंतन तो करना ही होगा, ये तय है।