राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में कुमायूं के दो प्रकरणों पर हुई चर्चा

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद नैनीताल के रामनगर में स्थित गर्जिया देवी मंदिर के मुख्य टीले के सुरक्षात्मक कार्याे तथा गोला नदी से सटे आपदा प्रबंधन से संबंधित बाढ़ सुरक्षात्मक व सड़क सुधार कार्यों के दो प्रकरणों पर चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने नैनीताल के रामनगर में स्थित गार्जिया देवी मंदिर के कार्यों की प्रगति प्राप्त करते हुए अवशेष सुरक्षात्मक कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जनपद नैनीताल के लालकुआं के बनभूलपूरा रेलवे क्रॉसिंग से गोला पुल तक गोला नदी के अत्यधिक पानी के बहाव के चलते क्षतिग्रस्त मार्ग तथा विभागों से जुड़ी हुई सभी परिसंपत्तियों की आईआईटी रुड़की से हाइड्रोलॉजिकल स्टडी कराते हुए सुरक्षात्मक कार्यों को तत्काल पूरा करने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे, श्रीधर बाबू अदांकी, विनोद कुमार सुमन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

नैनीताल में पार्किंग के लिए शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर अस्थायी रूप से उत्तराखंड सरकार को आवंटित

भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा नैनीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र द्वारा इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नैनीताल में पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए शत्रु संपत्ति – मेट्रोपोल होटल परिसर के खुले स्थान को पार्किंग हेतु अस्थायी रूप से आवंटित करने का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री के अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नैनीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया गया है।

इस निर्णय से नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल में आने वाले पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। पार्किंग की बढ़ती समस्या से निजात मिलने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे नैनीताल में पार्किंग की समस्या को दूर करने में काफी सुविधा होगी।

नई दिल्ली में उत्तराखंड की राधा भट्ट को मिला पद्मश्री, राज्य के लिये गर्व की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रपति द्वारा नागरिक अलंकरण समारोह में उत्तराखंड की राधा भट्ट को सामाजिक कार्य, ह्यूग गैंट्ज़र और कोलीन गैंट्ज़र (मरणोपरांत) को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये इसे राज्य का भी सम्मान बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के सुदूर इलाके में जन्मी पद्म श्री से सम्मानित होने वाली राधा भट्ट का पर्यावरण एवं समाज सेवा के साथ महिला शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान रहा है। वह हिमालय सेवा संघ, नई दिल्ली की अध्यक्ष होने के नाते कई गांधीवादी संस्थाओं से जुड़ी रही हैं तथा उन्हें अनेक प्रतिष्ठित पुरुस्कारों से पूर्व में भी सम्मानित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने पद्म श्री से सम्मानित ह्यूग गैंट्ज़र को उत्तराखंड का प्रसिद्ध यात्रा वृतांत लेखक बताते हुए कहा कि उनके यात्रा वृतान्तों से भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में लेख लिखने के लिए लोग प्रेरित हुए, जबकि स्व0 श्रीमती कोलीन गैंट्ज़र ने 3,000 से अधिक लेख, कॉलम और पत्रिका फीचर्स लिखे हैं और 30 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। उन्होंने भारत में यात्रा लेखन के उच्च मानक स्थापित किए। उन्होंने अपनी लेखनी के द्वारा पाठकों के मन में देश के प्रति प्रेम को और गहरा ही नहीं किया, बल्कि कई लेखकों को प्रेरित भी किया।

सीएम के नेतृत्व में हल्द्वानी में निकली तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सफलतापूर्वक चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक विजय को समर्पित रही तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा में प्रतिभाग किया।

तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा मिनी स्टेडियम, हल्द्वानी से शहीद पार्क तक आयोजित की गई। जिसमें हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिकों, पूर्व सैनिकों सहित युवाओं एवं मातृशक्ति ने तिरंगे के साथ पदयात्रा में भाग लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल में पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी दी।

मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने वाले वीर सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि भारत ने फिर से यह सिद्ध किया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में पूरी तरह सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने अपने वीर सपूतों की बहादुरी का प्रदर्शन किया। भारत ने आतंकवाद और उसके समर्थकों को यह स्पष्ट संदेश भी दिया है कि नया भारत अब हर आतंकी कार्रवाई का जवाब उसी की भाषा में देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड वीर भूमि है, जहाँ का लगभग हर परिवार देश सेवा से जुड़ा है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया कि वे सेना और सुरक्षाबलों के अनुशासन, शौर्य और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत किसी भी आतंकी चुनौती का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम है और अब देश की सीमाओं की रक्षा अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक से की जा रही है। आज भारत की सेना गोली का जवाब गोलों से दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के वीर जवानों ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में, वो सभी वीर जवानों का अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने पहले ही कहा था कि भारत के खिलाफ उठी दुश्मनों की आंख को हम मिट्टी में मिला देंगे। और यही हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकियों को ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया है कि कोई भी दुश्मन भारत की तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत भी नहीं करेगा। प्रधानमंत्री की स्पष्ट नीति और मजबूत नेतृत्व के कारण आज आतंकवाद के खिलाफ हम निर्णायक वार करने में सफल रहे हैं। उन्होंने शौर्य सम्मान यात्रा को भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करने, उनको प्रोत्साहित करने की यात्रा बताया। उन्होंने कहा तिरंगा यात्रा इस बात का प्रतीक है कि आज हमारा देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गोली का जवाब गोलों से देना जानता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अब सीधा एक्शन लेता है। भारत के सैनिकों की गोलियां अब आतंक, आतंकवाद और उनके आकाओं को नष्ट करने का कार्य करती है। हमारी सेनाएं किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हरदम तैयार रहती हैं। उन्होंने कहा जिस तरह से भारत के नागरिक जन-गण-मन यात्रा में शामिल हो रहे हैं वह इस बात का प्रतीक है कि पूरा भारत एकता के साथ आतंकवाद को जवाब देने के लिए हर समय तैयार है। उन्होंने कहा 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देश में जो गुस्सा आतंकियों को लेकर था उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महसूस किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सीधे आतंक की जड़ पर वार करने का फैसला लिया। जिसके लिए भारत की सेना को खुली छूट दी गई। भारतीय सेना ने बिना पाकिस्तान की सीमा में घुसे ही पाकिस्तान परस्त आतंकवाद को ऐसा सबक सिखाया जिसे देख पाकिस्तान भी सहम गया। भारत की सेना ने पाकिस्तान में पल रहे आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के साथ ही, आतंकियों को पालने-पोसने वाली पाकिस्तान सेना के सैन्य ठिकानों को भी भारत के ड्रोन और मिसाइलों ने सीधा निशाना बनाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश मजबूत हाथों में है। साल 2014 के बाद से भारतीय सेना को और मजबूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने सेना की मजबूती के लिए जो मेड इन इंडिया हथियार बनाने पर जोर दिया है उसी का परिणाम आज दुनिया देख रही है। आतंकियों पर मेड इन इंडिया हथियारों ने जो कहर बरपाया है उससे दुनिया भारत की सैन्य ताकत को समझ चुकी है। भारत के सैन्य अभियान ने साबित कर दिया कि रक्षा के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में निर्मित नवीनतम तकनीकी से युक्त स्वदेशी हथियार और अन्य संसाधन अन्य किसी भी देश के हथियारों और संसाधनों से कई हजार गुना अधिक कारगर है। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व को यह बताया कि हम किसी से कम नहीं है। भारतीय सेना ने मात्र चार दिनों के अंदर ऐसा पराक्रम दिखाया कि पाकिस्तान को घुटनों के बल आकर संघर्ष विराम के लिए झुकना पड़ा। पाकिस्तान के डीजीएमओ को भारत से विनती करनी पड़ी।

तिरंगा सम्मान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने देवभूमि के वीर शहीदों और सैनिकों को याद करते हुए कहा कि सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे जवानों में हर पांचवें जवान का संबंध वीर भूमि उत्तराखंड से है। हमारे वीर सैनिकों ने देश की आन-बान-शान के लिए खुद को न्यौछावर किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका संबंध भी सैन्य परिवार से है। उन्होंने कहा वो एक सैनिक पुत्र होने पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने कहा जब भी वो शहीदों के बारे में सोचते हैं तो उनकी आंखें नम हो जाती हैं।

इस दौरान सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, दिवान सिंह बिष्ट, सरिता आर्या, राम सिंह कैड़ा, मोहन सिंह बिष्ट, मेयर गजराज बिष्ट, जिला पंचायत की प्रशासक बेला तोलिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा, दर्जाधारी अनिल कपूर डब्बू, दीपक मेहरा, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा, रेनू अधिकारी, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन मार्ग का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा स्थित भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में निर्माणाधीन नेपाली सूखा बंदरगाह (ड्रायपोर्ट) तक पहुँचने वाले फोरलेन मार्ग का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने निर्माण स्थल पर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली और निर्माण की गुणवत्ता एवं समय सीमा के अनुपालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बनबसा से नेपाल सीमा तक बनने वाला यह मार्ग रणनीतिक, व्यापारिक और सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (छभ्।प्) द्वारा किया जा रहा है।

इस परियोजना के लिए एनएचएआई को 7.28 हेक्टेयर भूमि विधिवत रूप से हस्तांतरित की जा चुकी है। कुल 3.06 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन मार्ग के निर्माण हेतु प्रारंभिक रूप से 177 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन भौगोलिक एवं तकनीकी कारणों से अनुमानित लागत में 80 करोड़ रुपये की वृद्धि संभावित है, जिससे कुल बजट 250 करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है।

निर्माण कार्य मार्च 2023 में प्रारंभ हुआ था और पहले इसे 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य था। किंतु बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब यह परियोजना 2027 तक पूर्ण की जाएगी।

इस मार्ग में एक फ्लाईओवर, एक बड़ा पुल और दो छोटे पुलों का निर्माण प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह परियोजना भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आवागमन की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य को तेजी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।

सीएम ने दिए आदेश तो बनबसा में एक घंटे के भीतर शुरू हुई सनिया नाले की सफाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवीपुरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सनिया नाले में अत्यधिक कटाव के कारण गांव को भारी खतरे का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, नाले में मगरमच्छ देखे गए हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया था।

मुख्यमंत्री धामी ने जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही वन विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, 1 घंटे के भीतर श्रब्ठ मशीन बुलवाकर नाले की सफाई का कार्य शुरू किया गया। इसके बाद, सिंचाई विभाग द्वारा सफाई कार्य को तत्परता से पूरा किया गया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, जनता की सुरक्षा सर्वाेपरि है, और ऐसे खतरों से निपटने के लिए प्रशासन को तत्पर और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नाले की नियमित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ग्राम देवीपुरा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री धामी का धन्यवाद किया और आभार प्रकट किया। इस मौके पर ग्रामीण सुरेश उप्रेती, अशोक सिंह, हरीश सिंह, विवान सिंह वर्मा, देवी ललिता देवी, पुष्पा देवी, आनंदी देवी और कई अन्य महिलाएं भी उपस्थित थीं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मिलकर खुशी जाहिर की और इस त्वरित कार्यवाही के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में उत्तराखंड पॉवर लिफ्टिंग एसोसिएशन“ द्वारा आयोजित “एशियन सब जूनियर-जूनियर मैन एवं वूमेन कप एवं एशियन यूनिवर्सिटी कप पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता 2025” का शुभारंभ किया।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड को खेलभूमि के रूप में स्थापित करने उद्देश्य से हमारी सरकार राज्य में शीघ्र ही एक ’स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। हमारी सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने एक नवीन खेल नीति लागू की है। इस नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होटल हयात सेंट्रिक देहरादून में उत्तराखंड पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन“ द्वारा आयोजित “एशियन सब जूनियर-जूनियर मैन एवं वूमेन कप एवं एशियन यूनिवर्सिटी कप पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता 2025” का शुभारंभ किया।
5 मई से 12 मई तक आयोजित हो रही इस पॉवरलिफ्टिंग चौंपियनशिप में भारत सहित एशिया महाद्वीप के 16 देशों के करीब 300 से अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार ’मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ’मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ’मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ’खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। हम ‘उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार’ और ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित कर रहे हैं। इसके साथ ही हमने राज्य की राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और उत्कृष्टता को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्राचीन भारतीय इतिहास में शारीरिक शक्ति और कौशल का विशेष स्थान रहा है। प्राचीन समय में जहां हमारे पूर्वज मुगदर, गदा और हल जैसे पारंपरिक उपकरणों से अपने बल और परिश्रम का प्रदर्शन करते थे, वहीं आज उनकी जगह वेट लिफ्टिंग और पावरलिफ्टिंग जैसे आधुनिक खेलों ने ले ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक पावर लिफ्टिंग में वजन उठाने के जो तरीके हैं, वो इन पारंपरिक भारतीय खेलों से ही प्रेरित हैं। पावर लिफ्टिंग जैसी प्रतिस्पर्धाएं न केवल युवाओं में आत्मविश्वास और अनुशासन को बढ़ावा देती हैं, बल्कि उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने में भी अपनी अहम भूमिका निभाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही “खेलो इंडिया“ और “फिट इंडिया मूवमेंट“ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहे हैं।
आज प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।
उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इसी वर्ष हमारे राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि“ के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया हैद्यइस बार के राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक पदक जीतकर इतिहास रचते हुए राज्य का गौरव बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।हमने उत्तराखंड में, 517 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के साथ ही लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण लाकर उत्तराखंड में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है, इसी का परिणाम है कि आज उत्तराखंड केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन रहा है। जिसका एक उदाहरण ये “पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता“ भी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज यह विश्व स्तरीय स्टेडियम और खेल सुविधाएँ प्रदेश के खिलाड़ियों की ट्रेनिंग का एक मजबूत आधार बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल में हार-जीत से कहीं अधिक महत्वपूर्ण ’खेल भावना’ होती है, क्योंकि ये हमें अनुशासन, धैर्य, सहनशीलता और परस्पर सम्मान सिखाती है, जो केवल खेल परिसर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जीवन के हर पहलू में हमारे लिए मार्गदर्शक बनते हैं।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर सचिव प्रशांत आर्य एवं बड़ी संख्या में विभिन्न देशो के पावर लिफ्टर मौजूद रहे।

सीएम ने किया तीन दिवसीय पुगराऊँ महोत्सव का वर्चुअली शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से पुंगराऊँघाटी महोत्सव समिति पाँखु, पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित आदिशक्ति मां कोकिला कोटगाडी भगवती के पावन आशीर्वाद से पहले तीन दिवसीय पुगराऊँ महोत्सव का वर्चुअली शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, खेल-कूद, शैक्षिक विकास और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। इस ऐतिहासिक पहल से हमारी सांस्कृतिक जडों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम होते हैं बल्कि ये हमारी परंपराओं को जीवत रखते हैं, तथा युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं, साथ इससे स्थानीय कला व संस्कृति को नई पहचान भी मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय व्यस्तताओं के कारण वे स्वयं इस अवसर पर उपस्थित नहीं हो पाये, लेकिन उनका मन आप सभी के साथ है। शीघ्र ही वे माला कोटगाड़ी भगवती की पूजा अर्चना हेतु आयेंगे।

मुख्यमंत्री ने थल-धरमघर-पांखू मोटर मार्ग के निर्माण तथा बंद आई. टी.आई. को पुनः संचालन का आश्वासन देते महोत्सव के सफल आयोजन के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य केवल शहरों का विकास नहीं, बल्कि गाँवों को भी सशक्त बनाना है। इस दिशा में राज्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक कार्य भी हुए हैं। हमारी सरकार वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, और अमृत मिशन जैसी योजनाओं से गाँवों को आत्मनिर्भर बना रही है। डिजिटल इंडिया के तहत सुदूर गाँवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी लाई जा रही है, ताकि युवा ऑनलाइन शिक्षा और स्टार्टअप क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पहली बार पर्यटन को ग्रीन इकोनॉमी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। होम स्टे योजना, और जैविक उत्पादों का बढ़ावा इस दिशा में अहम कदम है। इसका सबसे बड़ा लाभ हमारी माताओं-बहनों को मिलने वाला है। इससे अब पहाड़ की बेटियां सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पर्यटन उद्यमी बनकर पूरे प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी सशक्त बना रही है। मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं मण्डल के प्राचीन मंदिरों को संवारने का काम जोरों पर है। माँ कोटगाड़ी मन्दिर को भी इस मिशन के तहत द्वितीय चरण में विकसित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब श्रद्धालु हमारे पौराणिक मंदिरों में आएंगे, तो गांवों में आस्था के साथ-साथ रोजगार भी आएगा। छोटे-छोटे व्यापार, स्थानीय उत्पाद, और धार्मिक पर्यटन से पहाड़ के हर घर को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के तहत हर गाँव की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आज हमारे पहाड़ों की महिलाएँ हर्बल खेती, जैविक उत्पाद, बागवानी, और लोक कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रही हैं और सरकार द्वारा भी वोकल फॉर लोकल के तहत एक जनपद दो उत्पाद योजना से स्थानीय लोगों हेतु स्वरोजगार के अवसर पैदा किये जा रहे हैं।

रूद्रपुर में सीएम ने किया 40 करोड़ की 14 विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर में आयोजित गल्ला मंडी से मेन बाजार होते हुए भव्य रोड शो के साथ कार्यक्रम स्थल गांधी पार्क पहुंचे। रोड शो में मुख्यमंत्री का रूद्रपुर की जनता, जनमानस, विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों ने पुष्प वर्षा, फूल मालाओं, पुष्पगुच्छ से भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने गांधी पार्क रूद्रपुर में आयोजित सरकार के सेवा, सुशासन एवं विकास के 3 वर्ष पूर्ण होने पर जन सेवा थीम पर आधारित भव्य बहुउद्देशीय एवं चिकित्सा शिविर का भी अवकलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 40 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जिसमें लगभग 30 करोड़ की 7 योजनाओं का शिलान्यास तथा 10 करोड़ की 7 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नें वेंडिंग जोन में 15 गरीब रेडी, ठेली वालों को दुकानों की चाबियां सौपी। मुख्यमंत्री ने सेवा सुशासन एवं विकास के 3 साल पूर्ण होने पर जनपद की 9 विधानसभाओं हेतु 9 जन सेवा प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जन सेवा रथ प्रत्येक विधानसभा में आगामी 30 मार्च 2025 तक प्रचार-प्रसार कर योजनाओं की जानकारियां देगें। मुख्यमंत्री ने बहुउद्देशीय शिविर में स्टॉलो का निरीक्षण किया तथा दही मथकर मक्खन निकाला। उन्होंने स्टॉलो की सराहना भी की। रूद्रपुर वेंडिंग जोन व हंस स्पोर्ट्स अकादमी का शुभारम्भ करते हुए, मुख्यमंत्री ने स्वयं भी बैडमिंटन खेल में हाथ आजमाए।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना हेतु अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों तथा आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि हम राज्य आंदोलनकारियों के स्वपनों का उत्तराखण्ड बनाने की दिश में पूरे मनोयोग से जुटे हैं। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष पूर्व जिस विश्वास के साथ राज्य की जनता ने हमें राज्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उस विश्वास पर हमारी सरकार खरी उतर रही है। इन तीन वर्षों में, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार ने प्रदेश में ’’सेवा, सुशासन और विकास’’ की एक नई गाथा लिखने का प्रयास किया है। हमने अपने कार्यकाल में एक ओर जहां, शहरों से लेकर सुदूर गांवों को सड़कों से जोड़ने का प्रयास किया है, वहीं ’’उड़ान योजना’’ के माध्यम से प्रदेश के लगभग दर्जनभर नगरों के लिए हेली सेवाओं की शुरुआत कर प्रदेश की एयर कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया है। इसी प्रकार, हमनें प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं खेल सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने, उद्योग, पर्यटन, आयुष और खाद्य प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित लगभग 30 से अधिक नई नीतियों को लागू कर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करने के साथ ही रोजगार के अवसर सृजित कर पलायन की समस्या से निपटने की दिशा में भी काम किया है। इतना ही नहीं, हमारी सरकार द्वारा होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाएं लागू कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में लाखों गरीब परिवारों के लिए पक्का घर बनाने, निःशुल्क राशन वितरित करने, प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर प्रदान करने और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाने के साथ ही पति-पत्नी दोनों को पेंशन की सुविधा देने जैसे अनेकों निर्णयों एवं योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचकर उनका जीवन बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। आज जहां एक ओर, किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 8 लाख से अधिक किसान भाइयों को आर्थिक संबल मिल रहा है, वहीं किसानों को सभी प्रमुख फसलों पर बढ़ी हुई एमएसपी देकर उनकी आय में बढ़ोत्तरी भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, राज्य में दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगन्धित पौधों एवं फूलों की खेती के साथ-साथ मोटे अनाज की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे प्रदेश में किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के देना हो, किसानों के लिए नहर से सिंचाई को बिल्कुल मुफ्त करना हो, या फिर फार्म मशीनरी बैंक् योजना के अंतर्गत कृषि उपकरण खरीदने पर 80 प्रतिशत की सब्सिडी देनी हो। हम प्रदेश के किसानों को उन्नत एवं समृद्ध बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर बड़ी संख्या में लोग हमारे उधमसिंह नगर जिले में भी रहते हैं, दुर्भाग्य की बात थी कि इस समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित लिखा जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सेवक के रूप में राज्य की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने कहा था कि दशकों से बंगाली समाज के लोग यहां रहकर इसी मिट्टी की सेवा कर रहे हैं, इसलिए ये लोग भी हमारे अन्य नागरिकों की तरह ही हैं, इनके साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। हमने फैसला लिया कि इनके जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हैं, शब्द नहीं लिखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नजूल भूमि पर बड़ी संख्या में बसे हुए बंगाली समाज के परिवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिया, ताकि वो बेफिक्र होकर अपना पक्का मकान बना सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के आयोजन के साथ-साथ जी-20 की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बैठकों के आयोजन तथा 38वें राष्ट्रीय खेलों का अभूतपूर्ण आयोजन कर हमने ये साबित किया है कि उत्तराखंड अब किसी से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे इन सभी कार्यों, नीतियों और योजनाओं का परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों् के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, इतना ही नहीं, हमने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में प्रति व्यक्ति आय के मामले में 11.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है। प्रदेश का विकास और समृद्धि सुनिश्चित करने के साथ ही हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है, जिसके लिए प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू करने के साथ-साथ लैंड जिहाद, लव जेहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकता के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की जनता से किए गए वादे को निभाते हुए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है। ये कानून विशेष रूप से हमारी मुस्लिम बहनों को विभिन्न प्रकार के उत्पीड़नों से मुक्ति दिलाने में मील की पत्थर सिद्ध होगा। इतना ही नहीं, देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर परीक्षाओं में नकल की समस्या को जड़ से मिटाने के साथ ही नकल माफियाओं की रीढ़ तोड़ने का काम भी इन तीन वर्षों में किया है। पिछले तीन वर्षों में पूरी पारदर्शिता के साथ प्रदेश के 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना इस बात का सबूत है कि हमारी सरकार जो कहती है, उसे करने का पूरा प्रयास करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत और राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का वो ऐतिहासिक कार्य भी किया है, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि आज यदि हम उधमसिंह नगर जनपद की बात करें तो, जहां एक ओर रूद्रपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है, वहीं किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इसके साथ ही, हल्द्वानी से कई शहरों के लिए हेली सेवाएं शुरु करने के साथ-साथ हम पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा भी बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 170 करोड़ रूपए की लागत से गदरपुर बाईपास और 95 करोड़ रूपए की लागत से खटीमा बाईपास का निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही 1152 करोड़ रूपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा जहां एक ओर खटीमा और किच्छा में बस अड्डे का निर्माण किया जा रहा है। वहीं करोड़ों रूपए की लागत से जनपद के रूद्रपुर और चकरपुर मे खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण किया गया है। जहां पर अभी हाल ही में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान कई प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, आज जहां एक ओर, सितारगंज में मछली पालकों के लिए एक्वा पार्क बनाया जा रहा है, वहीं खुरपिया में एक स्मार्ट औद्योगिक नगर विकसित करने की प्रक्रिया भी गतिमान है। इस औद्योगिक नगर के स्थापित होने से न केवल उधम सिंह नगर बल्कि पूरे उत्तराखंड के हजारों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण लगभग 27 सौ करोड़ रुपए की लागत से कराये जाने को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात कि प्रधानमंत्री मोदी ने गोविन्द घाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे को विकास के 9 रत्नों में शामिल किया है। इस रोपवे के निर्माण के बाद हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, क्योंकि 19 किमी की पैदल चढ़ाई रोपवे से महज 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक हम उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी और आत्मनिर्भर नहीं बना लेंगे, तब तक चौन से नहीं बैठेंगे।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। उनमें 494.89 लाख की लागत से गौशाला निर्माण, 60.11 लाख की लागत से बिगवाड़ा शमशान घाट में स्व0 शहीद वीरेन्द्र सिंह सामन्ती स्मृति में चाहर दीवारी, मुख्य द्वार, क्रियाघर जीर्णाेद्धार एवं टाईलिंग कार्य, 49.72 लाख से नगर निगम क्षेत्रान्तार्गत सब्जी मंडी का जीर्णाेद्धार, 39.89 लाख से 5 ग्रीन पार्क सौन्दर्यकरण, 165.09 लाख से 4 हाईटेक शौचालय निर्माण, 1801.93 लाख से कलेक्टेªट परिसर में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण कार्यालय भवन निर्माण व 317.90 लाख की धनराशि से निर्माणाधीन किच्छा नवीन बस अड्डा के मुख्य द्वारा पर आवगमन व निकासी हेतु पुलिया निर्माण कार्याे का शिलान्यास एवं 601.49 लाख से निर्मित वेन्डिंग जोन, 171.23 लाख से वेस्ट प्लांट निर्माण कार्य, 34.15 लाख की धनराशि से ट्रांजिट कैम्प में स्ट्रीट लाईट, 43.87 लाख से एबीसी सेंटर कार्य, 171.83 लाख की लागत से एफएसटीपी सेंटर कार्य व नगर निगम रूद्रपुर कार्यालय में कमांड सेंटर एवं स्वच्छता एप व नगर निगम जोनल कार्यालय का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से संबंधित लिखित मांग पत्र भी सौंपा। महापौर विकास शर्मा ने रूद्रपुर की कई समस्याएं गिनाते हुए अटरिया माता मंदिर का सौंदर्गीकरण, बगवाड़ा से तीन पानी डाम तक जाने वाली सड़क के किनारे नाले को कवर कर सड़क का चौड़ीकरण करने, मुख्य बाजार में बचे हुए फुटपाथ और नाले का निर्माण करने, शिवनगर मोड़ पर शॉपिंग काम्म्पलेक्स का निर्माण करने, ट्रांजिट कैम्प में सिटी पार्क बनाने, गंगापुर रोड का चौड़ीकरण करने, रूद्रपुर को स्पोर्ट सिटी के रूप में विकसित करने, नगर निगम को एंबुलेंस उपलब्ध कराने सहित 20 सूत्रीय मांगें रखी।

इस अवसर पर विधायक काशीपुर त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर काशीपुर दीपक बाली, राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, प्रशासक जिला पंचायत रेनू गंगवार, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रामू जोशी, जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ0 प्रेम सिंह राणा, पूर्व मेयर रामपाल सिंह, आयुक्त कुमांऊ मण्डल दीपक रावत, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, सहित पार्षद व क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

अल्मोड़ा में चिकित्सा एवं बहुउद्देशीय शिविर में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्तमान सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम अल्मोड़ा में आयोजित चिकित्सा एवं बहुउद्देशीय शिविर में प्रतिभाग किया। सेवा सुशासन और विकास की थीम पर आधारित इस आयोजन में मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों एवं आन्दोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि बीते तीन सालों में हमने राज्य को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत अल्मोड़ा की इस पुण्य धरा में आयोजित यह कार्यक्रम जन उपयोगी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सेवक के रूप में शपथ लेते ही उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक हम राज्य को प्रत्येक क्षेत्र में विकसित और आत्मनिर्भर नहीं बना देते है तब तक चौन से नहीं बैठेंगे। हमने अब तक विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य करने का प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य हित से जुड़े निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेेगी इसी का प्रमाण है कि हमने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करके देश में नया कीर्तिमान बनाया है। राज्य में सशक्त भू कानून लाकर उत्तराखंड को संरक्षित करने का काम किया है। पिछले तीन वर्षों में उत्तराखण्ड में सेवा, सुशासन और विकास के नये आयाम स्थापित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, हवाई कनेक्टविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों को इन्फ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने का काम मजबूती के साथ किया है। पिछले तीन वर्षों में सरकार द्वारा औद्यौगिक नीति, स्टार्टअप नीति सहित ऐसी 30 नितियां बनाकर राज्य में निवेश को आकर्षित करने का कार्य किया है। जहां हम एक ओर राज्य की मुख्य समस्या पलायन से निपटने की दिशा में भी लगातार प्रयास कर रहे हैं वहीं रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना सहित अनेक योजनाओं के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में लगे विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह स्टाल मात्र औपचारिकता न रहे बल्कि इनके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा के करबला में स्वामी विवेकानंद द्वार का भी किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा के करबला में पहुंचकर राम कृष्ण मिशन द्वारा निर्मित स्वामी विवेकानंद द्वार का भी लोकार्पण किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए उनके आदर्शों के अनुरूप कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी हमारे ही नहीं बल्कि विश्व के आदर्श हैं। हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

गौ सेवा कर जिला बछिया योजना का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर पशुपालन विभाग द्वारा प्रारंभ की गई जिला बछिया योजना का भी शुभारंभ कर गौमाता की पूजा की तथा गुड एवं चारा खिलाकर गौ सेवा एवं संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ योगेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को इस योजना की जानकारी दी तथा कहा कि इस योजना के तहत किसानों को ऐसी गाय दी जाएंगी जो यहां की भौगौलिक एवं वातावरणीय परिस्थितियों के अनुकूल हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को एक मजबूत एवं सशक्त राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल को बेमिसाल बताया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने की संकल्पना को दोहराया।

स्टालों के माध्यम से लोगों ने उठाया लाभ

इस कार्यक्रम में 50 विभागीय स्टाल लगाए गए थे। इन स्टालों के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम में राज्य में नवनिर्मित लागू कानून समान नागरिक संहिता के स्टाल के माध्यम से लोगों के विवाह पंजीकरण जैसे अनेक कार्य किए गए। चिकित्सा विभाग के स्टालों के माध्यम से लोगों की निशुल्क जांचें की गई तथा दवाएं दी गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग उपकरण वितरित किए गए।

इस दौरान विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, रानीखेत प्रमोद नैनवाल, अल्मोड़ा मनोज तिवारी, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी सीएस मर्ताेलिया, अपर पुलिस अधीक्षक हरवंश सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा आम जनमानस उपस्थित रहे।