प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को सीएम त्रिवेंद्र ने सुना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के अनुसार त्योहारों के समय कोरोना का ध्यान रखते हुए मर्यादा का पालन करना है।

प्रधानमंत्री ने त्योहारों में कोरोना काल में पूरे मनोयोग से लगे कोरोना योद्धाओं एवं सफाई नायकों को खुशियों के पर्वों को मनाने के लिए अपने साथ शामिल करने की अपील की है। उन्होंने मन की बात में सीमा पर तैनात सैनिकों को भी याद किया। हम सभी भारत माता के इन सपूतों के सम्मान में भी घर में एक दीपक जरूर जलाएं। हमारे जवान राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सीमाओं पर पूरे साल 24 घंटे ड्यूटी करते हैं। कहा जाता है कि राजा को शास्त्रों एवं राज्य की रक्षा के लिए शस्त्रों की जरूरत होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपील की है कि वोकल फॉर लोकल को बढावा देने के लिए बाजार से सामान खरीदते समय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आत्मनिर्भरता के लिए स्थानीय उत्पादों की दिशा में अधिक ध्यान देना होगा। देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी खादी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। मार्शल आर्ट और नये इनोवेशन की ओर भी ध्यान देना होगा। सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती, 31 अक्टूबर को ‘‘राष्ट्रीय एकता दिवस’’ मनाया जाएगा। सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकजुटता के लिए समर्पित किया।

उत्तरांचल कला दर्पण का सीएम ने किया विमोचन
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास में संस्कार भारती द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘‘उत्तरांचल कला दर्पण’’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि संस्कार भारती की स्मारिका में कला तथा संस्कृति से संबंधित लेखों, विभिन्न ऐतिहासिक एवं पुरातत्व से जुड़ी जानकारियों, लेखों, कविताओं एवं चित्रण के माध्यम से विभिन्न पहलुओं का ध्यान दिया गया है। यह स्मारिका पाठकों को रोचक एवं तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध करायेगी।

इस स्मारिका के मुख्य संपादक सतीश कुमार माथुर ने कहा कि इस स्मारिका का प्रकाशन पुरातत्व वेत्ता तथा चित्रकार डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में किया गया है। संस्कार भारती विविध ललित कलाओं के प्रयोग से समाज में सद्गुण, प्रेम, सौहार्दता, सहयोग, एकता और विश्वास का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री ने जिस कहावत का जिक्र किया वह क्या है, आइए जानते है

एक कहावत है-यथा अन्नम तथा मन्न्म यानी जैसा अन्न होता है, वैसा ही हमारा मानसिक और बौद्धिक विकास भी होता है। पीएम ने भी आज मन की बात कार्यक्रम में इस कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि नेशन और न्यूट्रीशन के बीच गहरा रिश्ता है। उन्होंने प्राकृतिक आपदा में सहायक की भूमिका निभाने वाले बहादुर क्वहे के बलिदान को याद किया। शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए पीएम ने कहा कि कोरोना काल में शिक्षक अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं।
मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Nation और Nutrition के बीच संबंधों को गहरा बताया और कहा कि पोषण आंदोलन को जन-भागीदारी ही सफल बनाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए मौसम के मुताबिक सम्पन्न आहार योजना बनानी चाहिए और पोषण माह में पौष्टिक खाने और स्वस्थ रहने के लिए सभी को प्रेरित करना चाहिए। स्वतंत्रता दिवस पर प्रकाशित दिलचस्प खबरों पर प्रकाश डालते हुए पीएम ने कहा कि सुरक्षाबलों के पास बहादुर श्वान हैं जो देश के लिये अपनी प्राण न्यौछावर कर देते हैं।
आगामी शिक्षक दिवस को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिये छात्रों तक शिक्षा का लाभ पहुंचाने में शिक्षकों से अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया।
पीएम ने युवा पीढ़ी से कहा कि वो आजादी की जंग के नायकों को कभी न भूलें। पीएम ने शिक्षकों से देश के हजारों लाखों गुमनाक नायकों को छात्रों के सामने लाने का आग्रह किया। साथ ही देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ष्दो गज की दूरी, मास्क जरुरीष्, संकल्प के साथ स्वस्थ और सुखी रहने की अपील की।

पीएम के मन की बात सुन सीएम त्रिवेन्द्र बोले, सृजनशीलता से होगा आत्मनिर्भर भारत का निर्माण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि तमाम चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरा देश अपने प्रधानमंत्री के साथ है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ’मन की बात’ कार्यक्रम को सुना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का हर नागरिक राष्ट्र के लिए समर्पित है। कोरोना जैसी महामारी से प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सफलतापूर्वक लङाई लङी जा रही है। प्रधानमंत्री द्वारा सही समय पर लिए गए सही निर्णयों से ही भारत में कोरोना को नियंत्रित रख पाए हैं।

साल 2020 चुनौतियों का वर्ष है। हम इन चुनौतियों पर जीत हासिल करेंगे। कोई भी देश की ओर आंख उठाकर नहीं देख सकता है। हमारे वीर जवानों ने अपनी वीरता से यह साबित किया है। देश रक्षा के लिए उनके बलिदान को पूरा देश नमन करता है। आज समय है अपने जवानों का मनोबल बढ़ाने का उनका साथ देने का।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी सृजनशीलता से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होगा। लोकल के लिए वोकल हमारा ध्येय होना चाहिए। हर संकट का सामना करते हुए देश आगे बढ़ता रहेगा।

सीएम ने डिजिटल हस्ताक्षर कर डिजिटल अभियान से जुड़े सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी स्वावलंबन अभियान के तहत चलाए जा रहे डिजिटल अभियान के तहत जुड़कर डिजिटल हस्ताक्षर किए। इस अभियान का उद्देश्य विदेशी उत्पादों का बहिष्कार करना एवं स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के प्रयासों को सफल बनाने के लिए हमें स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना होगा। लोगों को स्वावलंबी होना जरूरी है। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने एवं चीन के उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए व्यापक स्तर पर जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है।