भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने को मेयर ने लिया भगवाकरण का सहारा, प्रेसवार्ता में पार्षदों ने रखी अपनी बात

इन दिनों में ऋषिकेश में भगवा रंग काफी चर्चा में है। बीते 15 मार्च को नगर निगम ऋषिकेश की बोर्ड बैठक में ओरेंज सिटी को लेकर मेयर अनिता ममगाईं की ओर से प्रस्ताव लाया गया। इसमें भाजपा के अधिकांश पार्षद सहित कांग्रेसी पार्षदों ने विरोध जताया था। करीब 27 पार्षदों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। इसके बावजूद यह प्रस्ताव को निरस्त नहीं किया गया। इसके अगले ही दिन से ऋषिकेश में हर कोई भगवा रंग को लेकर अपनी-अपनी राय देने लगा।

हुआ यूं कि मेयर अनिता ममगाईं ने संतों के साथ न सिर्फ बैठक की, बल्कि नगर के मुख्य मार्ग घाट रोड पर संतों के साथ रैली निकाली। संतों ने भी अपनी-अपनी राय देकर उन पार्षदों की निंदा कर डाली। अब आज मेयर की संतों के साथ रैली में भाजपा पार्षदों ने काउंटर जवाब मारा है। रेलवे रोड स्थित भाजपा कार्यालय में भाजपा पार्षदों की बैठक हुई। इसमें निर्वाचित 16 भाजपा पार्षद शामिल हुए, जबकि चयनित पार्षदों ने भी शिरकत की। सभी ने भगवा रंग को लेकर पार्षदों पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया। पार्षदों ने कहा कि भगवा रंग उनके दिलों, दिमाग में बसता है। उसके बारे में गलत कहना तो दूर सुन भी नहीं सकते। उन्होंने बल्कि मेयर अनिता ममगाईं पर ही भाजपाई पार्षदों को संतों के साथ मतभेद पैदा करने का आरोप लगाया।

भाजपा से ही तीन बार के पार्षद शिवकुमार गौतम ने कहा उनका विरोध भगवा रंग के लेकर नहीं है, उन्होंने सिर्फ ओरेंज सिटी के नाम वित्तीय अनियमितता करने का आरोप लगाया था। मगर, मेयर अनिता ने इसे दूसरे रूप में घुमा दिया और पार्षदों के खिलाफ गलत माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद जनता से मत से जीत कर सदन में पहुंचे है, लिहाजा प्राथमिकता वार्डों में धरातल स्तर पर विकास कार्यों को लेकर होनी चाहिए। जबकि विकास कार्य ठप पड़े हुए है। उन्होंने यहां तक कहा कि मेयर अनिता ममगाईं विकास कार्यों में हुई अनियमितताओं पर पर्दा डालते हुए अपने भ्रष्टाचार को छुपाने को भगवाकरण का शिगूफा चला रही है।
ग्रामीण क्षेत्र से भाजपा पार्षद सुंदरी कंडवाल और शहरी क्षेत्र से भाजपा पार्षद रीना शर्मा ने कहा कि भाजपा हिंदुत्व की पार्टी है। उनके खून में भगवा है। ऐसे में भगवा रंग को लेकर राजनीति करना अच्छी बात नहीं है। उन्होंने मेयर पर आरोप लगाया कि मेयर तानाशाही कर रही है, सदन में पार्षदों की आवाज नहीं सुनी जा रही है।
भाजपा पार्षद विकास तेवतिया ने स्ट्रीट लाइट के यूनीपोल की खरीद फरोख्त को लेकर मेयर अनिता ममगाईं को घेरा। उन्होंने कहा कि इसमें मेयर ने अनियमितता की है। जिस पर उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि आगामी 21 मार्च की बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को भी रखा जाएगा। कहा कि भगवा रंग हमारी पहचान है। इसका कोई विरोध नहीं है।

मतभेदों को लेकर दोनों पक्षों से होगी बातः दिनेश सती

ऋषिकेश भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश सती ने कहा कि तीन दिनों से मेयर और भाजपा पाषदों के बीच मतभेद का मुद्दा गरमाया हुआ है। उक्त मामले को संगठन दोनों पक्षों के साथ मिलकर निपटायेगा। उन्होंनें कहा कि मेयर व पार्षद संगठन के ही लोग है।

प्रेस वार्ता में पार्षद शौकल अली, लव कांबोज, मीनाक्षी बिरला, शारदा देवी, सोनू प्रभाकर, तनु तेवतिया, जयेश राणा, चेतन चैहान, राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट, राजेश दिवाकर, लता तिवारी आदि 16 पार्षद व नामित पार्षद मौजूद रहे।

सब्जी विक्रेताओं ने बनाई अर्थी, किया प्रदर्शन


फुटकर फल व सब्जी विक्रेता समिति का धरना तीसरे दिन भी लगातार जारी है। आज फुटकर फल व सब्जी विक्रेताओं ने आक्रोशित होकर चिता पर लेट कर आंदोलन किया। मौके पर अटल विचार मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र कुलियाल वंदे मातरम द्वारा स्वयं चिता पर लेट कर आंदोलन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि गरीबों की पीड़ा वही समझ सकता है।

समिति के संरक्षक आशुतोष शर्मा ने बताया कि एक तरफ स्वयं को तीसरी सरकार कहने वाले नगर निगम की बोर्ड बैठक चल रही है। वहीं दूसरी ओर यह अधिकांश फुटकर फल व सब्जी विक्रेता लगभग 1 वर्ष से रोजगार विहीन है। जिसके कारण गरीब सब्जी व फल वालों के लिए अपने परिवार का भरण पोषण करना अत्यंत ही कठिन हो रहा है। जिसके लिए नगर निगम ऋषिकेश पूर्ण रूप से जिम्मेवार है। नगर निगम ऋषिकेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय फेरी नीति के तहत पथ विक्रेताओं को जो सामाजिक सुरक्षा मिलने चाहिए उसका सरासर उल्लंघन कर रहा है। कोविड-19 के दुष्कर समय में नगर निगम प्रशासन द्वारा इन सब्जी वालों पर एपिडेमिक डिजीज कंट्रोल एक्ट 1897 व आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का दुरुपयोग करते हुए इनको परेशान किया गया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत जी द्वारा अपने सब सर्वप्रथम फैसले में कुंभ में आने यात्रियों के लिए कोविड-19 के परीक्षण की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया साथ ही पुराने सभी मुकदमे जो कोविड-19 के समय में आमजन को लगे थे। उन्हें समाप्त करने की घोषणा कर दी। वहीं नगर निगम ऋषिकेश इन फल व सब्जी विक्रेताओं को उनके यथा स्थान जीवनी माई मार्ग से व्यापार नहीं करने दे रहा है और ना ही उनके लिए रोजगार हेतु उपयुक्त वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था कर रहा है जिसका कि हम सभी विरोध करते हैं।

समिति के अध्यक्ष राजू गुप्ता ने भी यथाशीघ्र अपनी मंडी को जीवनी माई मार्ग से संचालित होने की बात कहीं इस अवसर पर अंशुल अरोड़ा हरीश आनंद गोविंद गुप्ता राजेश गुप्ता कैलाश चंद साहनी कीमत गुप्ता शंकर शाह हरद्वारी साहनी बबलू गुप्ता सोनू गुप्ता महेंद्र राजीव मद्धेशिया अरविंद उनियाल बेचन गुप्ता अमित पाल संजय कुमार हरेंद्र आदि उपस्थित थे

हिजामं ने की भगवा रंग के विरोध करने वालों की निंदा

नगर निगम की बोर्ड बैठक में ओरेंज सिटी को लेकर पार्षदों का विरोध करने पर हिन्दु जागरण मंच ने कड़ी निंदा की है। हिजामं ने भगवा रंग का विरोध करने वाले पार्षदों के निर्णय का विरोध किया है।

हिजामं के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवीर तोमर ने कहा कि अधिकांश पार्षद वह हैं जो भगवा रंग से अपनी राजनीति चला रहे है और आज भगवा रंग को स्थान दिलाने की बात हुई तो उसका खुलकर विरोध कर रहे है। उन्होंने कहा कि भगवा रंग हिंदुओं का आध्यात्मिक रंग है। यह धार्मिक नगरी है, यहां भगवा रंग का विरोध क्यों हो रहा है। ऐसे पार्षद क्या हरे रंग का समर्थन कर रहे है। ऐसे पार्षद निंदा के पात्र है। हिंदु जागरण मंच इसकी घोर निंदा करता है। उन्होंनें कहा कि भगवा रंग यदि ऋषिकेश जैसी नगरी जहां संतों का निवास है, यहां नहीं होगा। तो फिर कहां होगा।

नगर निगम बोर्ड बैठक में सिर्फ हंगामा हुआ, बजट और प्रस्ताव नहीं हुए पास

नगर निगम ऋषिकेश की आज बोर्ड बैठक अब तक की सबसे शर्मशार रही। ढाई साल में एक पहला वाक्या रहा जब एक भी प्रस्ताव और न ही बजट पास हुआ। पूरे दिन सदन में सिर्फ हंगामा देखने को मिला। हंगामें में पार्षद द्वारा मेयर पर व्यक्तिगत आरोप भी लगाया गया, तो कई पार्षदों ने अपने वार्ड में विकास कार्यों की अनदेखी करने की अपनी पीड़ा भी बयान की। साथ ही निगम के अधिकारियों को पार्षदों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। सदन में नए प्रस्तावों पर चर्चा के बजाए पुरानी बोर्ड बैठक की पुष्टि की गई। इसमें हंगामा जोरदार देखने को मिला। सदन में पक्ष विपक्ष ने एक दूसरे पर राजनीति करने के आरोप भी जड़े।

सुबह 11 बजे नगर निगम की बोर्ड बैठक होनी थी। मगर, करीब 20 मिनट बाद यह बैठक शुरू हुई। सदन की कार्रवाई को शुरू किया ही जा रहा था कि पार्षद राकेश मियां ने बीते वर्ष 30 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक के प्रस्तावों व कार्यों को लेकर निगम अफसरों से रिपोर्ट मांगी। इसपर मेयर अनिता ने पूर्ववर्ती बैठक की पुष्टि के लिए हामी भरी गई। पार्षद मियां ने नगर के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि जब पूर्व में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास है, तो किस कारण इसमें विलंब हो रहा है। इस पर निर्माण विभाग के एई आनंद मिश्रवाण ने बताया कि यह कार्य अगले वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल माह से शुरू किया जाना है, यह अमुत योजना के तहत किया जाएगा। इसी तरह पार्षद शिव कुमार गौतम ने डेढ़ वर्ष से अधर में लटके नाले के निर्माण, पार्षद सुंदरी कंडवाल ने पास प्रस्तावों का निर्माण कार्य शुरू न किए जाने पर सवाल किए।

इस पर नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल ने कहा कि ऐसे वार्ड जहां बहुत काम हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।

त्रिवेणी घाट के आरती स्थल पर लगे पत्थर गलतः रीना शर्मा
पार्षद रीना शर्मा ने सदन के समक्ष यह मामला उठाया कि त्रिवेंणी घाट स्थित आरती स्थल पर ग्रेनाइट के पत्थर लगा दिए गए है, जिस पर चलकर श्रद्धालु चोटिल हो रहे है। इस पर मेयर ने भी माना कि ग्रेनाइट पत्थर का वहां लगाया जाना गलत फैसला रहा है। इसमें उन्होंने एमडीडीए के अफसरों से भी बात की है।

निगम के दिए कूड़ेदान में सज रहे गमलेः राधा रमोला
पार्षद राधा रमोला ने कहा कि नगर निगम ने जो गीले और सूखे कूड़ेदान वितरित किए हैं, उन पर लोग अपने घरों में आटा, चावल रखने के उपयोग में ला रहे है। इतना ही नहीं अधिकांश लोग उसमें गमला लगाकर घरों में टांगे रखे है। इस पर एमएनए ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जाएगा। जो भी आवश्यक कार्यवाही हो सकती है, की जाएगी।

कब-कब हंगामे का माहौल बना और जोरदार हंगामा हुआ

1. पार्षद का निकला दर्द, रूदन भरी आवाज में मेयर पर लगा डाले आरोप
सदन में प्रत्येक वार्ड के पुराने प्रस्तावों पर अपनी रिपोर्ट देने के दौरान पार्षद जयेश राणा का भी नंबर आया। उन्होंने अपनी बात जरूर रखी। मगर, अमर्यादित तरीके से। हुआ यूं कि मेयर अनिता ममगाईं पर पार्षद जयेश राणा ने वार्ड में काम न होने देने, विधानसभा अध्यक्ष के कार्यों को सोशल मीडिया पर अपलोड करने तथा प्रचारित करने पर सड़क बनवाने की मांग को ठुकरा देने व इग्नोर करने का आरोप जड़ दिया। पार्षद भाव विभोर होते हुए बहुत आगे तक निकल गए। इसी बीच मेयर अनिता ममगाईं ने भी रूठे स्वर में पार्षद से बात की और सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला।

2. इसी बीच शिवाजी नगर में चले धरने को लेकर भी बात उठी। पार्षद शिवकुमार गौतम ने सदन के समक्ष मेयर पर आरोप लगाया कि उक्त धरना उन्हीं के इशारे पर किया गया। उन्हीं के साथ हर वक्त रहने वाले लोगों ने धरने को समर्थन दिया। इसके बाद रणनीति के तहत मेयर ने ही धरने को समाप्त कराया। इस पर मेयर बिफर गई और आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि मेरे साथ जो कोई भी रहे, इससे आपको क्या लेना देना।

3. पार्षद मनीष शर्मा ने पार्षद शिव कुमार गौतम को कहा कि यह भाजपा कार्यालय नहीं है जो यहां भाजपा की बात की जा रही है। इस पर अधिकांश चयनित और नामित पार्षदों ने आपत्ति जताई और एक बार फिर सदन में भयंकर हंगामा देखने को मिला।

4. पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट ने निगम के अफसरों पर यह आरोप लगाया कि जो कार्य पूर्व में टीएचडीसी की ओर से किया गया है, उसे नगर निगम का दिखाकर वहां साइन बोर्ड क्यों लगाया गया। इतना ही नहीं निगम की ओर से एक साल की उपलब्धि वाली पुस्तक पर इसे प्रकाशित तक कर दिया गया। इस पर ज्यादातर पार्षदों ने नाराजगी जताई और पुनः सदन में हंगामा देखने को मिला। इस पर निगम ने अपनी गलती स्वीकार की और इसे सुधारने की बात कही।

5. वार्ड 40 पार्षद शारदा देवी ने निगम पर बिना काम किए उपलब्धि वाली पुस्तक पर निर्माण कार्यों को प्रकाशित करने पर घोर आपत्ति जताई। इस पर भी हंगामा होता रहा।

6. करीब शाम चार बजे बोर्ड की आज की बैठक शुरू हुई। पार्षद विकास तेवतिया, पार्षद शिव कुमार गौतम ने निगम पर बजट की काॅपी पूर्व में न देकर मौके पर दिए जाने का आरोप लगाया। यहां भी हंगामा हुआ।

7. आज की बोर्ड बैठक का पहला प्रस्ताव ऋषिकेश को ओरेंज सिटी करने को लेकर मेयर अनिता ममगाईं की ओर से दिया गया। इस पर पहले तो पार्षद शिव कुमार गौतम ने आपत्ति जताई कि क्या एक मेयर अपना प्रस्ताव दे सकती है। काफी देर इस पर बहस होती रहीं। इसके बाद ओरेंज सिटी को लेकर करीब 27 पार्षदों ने सदन को बीच में ही छोड़ दिया और नगर निगम के खिलाफ बाहर नारेबाजी की गई। पार्षदों के बैठक में न आने पर मेयर अनिता ममगाईं ने उक्त बैठक 21 मार्च दिन रविवार को करने की घोषणा की। इस पर उपस्थित पार्षदों ने सहमति दी।

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स्थान चयनित न होने पर सब्जी विक्रेताओं का धरना नगर निगम ऋषिकेश के खिलाफ जारी

फुटकर फल व सब्जी विक्रेता समिति के स्थान चयन को लेकर नगर निगम ऋषिकेश के विरुद्ध सब्जी विक्रेताओं का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा।

समिति के संरक्षक आशुतोष शर्मा ने बताया कि कॉविड 19 के बाद से अधिकांश चयनित फल व सब्जी विक्रेता रोजगार विहीन है जिसके संदर्भ में नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संवेदनहीन रवैया अपनाया हुआ है। जिससे इनके परिवार को अपनी आजीविका चलाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है इसके विरोध स्वरूप कल 15 मार्च 2021 को सब्जी व फल विक्रेता सुबह 10 से 12 बजे तक चिता पर लेट कर आंदोलन करेंगे।

समिति के अध्यक्ष राजू गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कई बार नगर निगम प्रशासन से उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की प्रार्थना की परंतु निगम प्रशासन द्वारा इनकी जायज मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

इस अवसर पर समर्थन देने वालों में सुरेंद्र कुलियाल वंदे मातरम, कैलाश चंद्र साहनी, सनी जायसवाल, सुभाष गुप्ता, गणेश गुप्ता, राधा कृष्ण, मनोज साहनी, शंकर साहनी, सुरेश साहनी, राजेश गुप्ता, अजय, देवेंद्र कुमार, हरिश्चंद्र, सोनू गुप्ता, मनोहर गुप्ता, दिनेश कुमार गुप्ता, राजेश कुमार, राम महेंद्र, विजय, ऋषि राम गोसाई, मनीष गुप्ता, मुन्ना, दीनानाथ राजभर, भरत साहनी, कीमत, विनोद, मनभोग गुप्ता, विनोद वर्मा आदि उपस्थित थे।

मेयर अनिता से आश्वासन मिलने पर शिवाजी नगर में समाप्त हुआ धरना

नगर निगम मेयर अनिता ममगाईं ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी एक मांग पर तुरंत कार्यवाही कर दी जाएगी, जबकि अन्य 2 मांगों को 6 माह के भीतर पूरा करा दिया जाएगा। मेयर के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा कर दी।

मेयर अनिता ममगाई शिवाजी नगर क्षेत्र में शंख उद्घोष फाउंडेशन के बैनर तले तीन सूत्रीय मांग को लेकर चल रहे धरने को समाप्त कराने पहुंची। इस दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और उस पर कार्यवाही का आश्वासन दिया। मेयर अनिता के आश्वासन से संतुष्ट आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। इससे पूर्व मेयर अनिता द्वारा जूस पिलाकर प्रदर्शन कारियों का अनशन समाप्त कराया गया। आंदोलनकारियों को अवगत कराया कि क्षेत्र में 260 स्ट्रीट लाईटों के अलावा 90 लाख की सड़क एवं 65 लाख की लागत से नाली निर्माण कार्य सम्पन्न कराया जा चुका है। आगे और तेजी से शहर के सभी वार्डों के साथ-साथ शिवाजीनगर का भी भरपूर विकास किया जाना है। क्षेत्र में मुख्य मार्ग में 350 मीटर का निर्माण कार्य जल्द करा दिया जाएगा। क्षेत्र के 1000 मीटर के सुधारीकरण एवं मुख्य मार्ग से सटी नहर से गंदे पानी की निकासी व हयूम पाइप डालकर बरसाती पानी की निकासी बहाल करने के लिए भी जल्द ही कार्रवाई शुरू करा दी जाएगी।

मेयर के आश्वासन के बाद आंदोलनरत शंख उद्घोष फाउंडेशन ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त एलम दास, सहायक अभियंता आनंद मिश्रावान, पार्षद गुरविंदर सिंह, पार्षद अनीता प्रधान, पंकज शर्मा, राजपाल ठाकुर, हैप्पी सेमवाल, ममता नेगी, दुर्गा देवी, जसवंत सिंह, बीएन तिवारी, पुरुषोत्तम भट्ट, राजीव राणा, बद्री बहादुर थापा (अनशन कारी), हौसला प्रसाद (अनशन कारी), सुरेंद्र सिंह नेगी, सुंदर सिंह भंडारी, विक्रम सिंह, संतोष पांडे, मुकेश जोशी, उपेंद्र नेगी, विनोद प्रजापति, महेश कंडवाल, पदम, संजय शर्मा, कुणाल सिंह, धनवीर सिंह, राजीव राणा, सुमेर सिंह, हरपाल, संतोष आदि मौजूद रहे।

नगर निगम ऋषिकेशः बीजेपी पार्षदों ने एसएनए का किया घेराव, घर के बाहर अन्य पार्षद का बोर्ड लगाने पर जताई आपत्ति

बीते रोज कांग्रेस पार्षदों द्वारा नगर निगम ऋषिकेश में सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया गया था। मामले में कांग्रेस के पार्षदों ने नगर आयुक्त को सख्त लहजे में पार्षद जगत सिंह नेगी के बोर्ड लगाने को लेकर ज्ञापन दिया गया था। वहीं, आज सत्ता पक्ष के भाजपा पार्षदों ने सहायक नगरायुक्त का घेराव किया।

पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट ने भाजपा पार्षदों के साथ सहायक नगर आयुक्त को ज्ञापन दिया। बताया कि उनके घर के बाहर अन्य पार्षद के निवास होने का बोर्ड लगाया जा रहा था। इस मामले में उन्होंने निगम के ठेकेदार से वार्ता की और इस पर आपत्ति दर्ज कराई। उस वक्त ठेकेदार ने हटाने का भरोसा भी दिया। मगर, दो मार्च को उनके घर के बाहर बोर्ड लगाया जा रहा था जिस पर पुनः आपत्ति दर्ज की गई और बोर्ड हटवाया गया।

पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट ने कहा कि जब बोर्ड लगवाने का कार्य बैठक में स्वीकृत नहीं हुआ है, तो किस आधार पर बोर्ड लगाए जा रहे हैं। यदि कोई कार्य स्वीकृत भी होता है तो जिस स्थान पर कोई विवाद होता है तो जब तक विवाद निपटा न लिया जाए। तब तक विवादित कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि उनके घर के बाहर दूसरे पार्षद का बोर्ड लगाने पर फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी भी की गई तथा मेरी छवि खराब करने की कोशिश भी की जा रही है। जिसका सभी भाजपा पार्षदों ने पुरजोर विरोध किया। इस अवसर पर पार्षद विजय बड़ौनी, पार्षद लव कांबोज, पार्षद प्रभाकर शर्मा, पार्षद लक्ष्मी रावत, पार्षद लता तिवारी, पार्षद विजेंद्र मोघा, पार्षद मनीष मनवाल, पार्षद ज्योति अशोक पासवान, पार्षद विपिन पंत, पार्षद अनीता रैना, पार्षद शारदा देवी, पार्षद अनिता प्रधान, किशन मण्डल, पार्षद चेतन चैहान, सुजीत यादव आदि उपस्थित थे।

शिकायत पर संज्ञान न लिया तो करूंगा आंदोलनः पार्षद नगर निगम

नगर निगम ऋषिकेश पर एक विपक्ष के पार्षद ने सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने 24 घंटे के भीतर अपनी मांग पूरी न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

पार्षद जगत सिंह नेगी ने नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल को ज्ञापन दिया। बताया कि उनके वार्ड में दो बार आवासीय साइन बोर्ड लगाया गया। मगर दोनों ही बार उसे कुछ लोगों ने हटा दिया। पार्षद का आरोप है कि नगर निगम को इस संबंध में दो बार लिखित में अवगत कराया गया, इसके बावजूद निगम स्तर से कोई भी कार्यवाही नहीं की गई।

इस पर उन्होंने आज नगर निगम पर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के भीतर यदि उचित कार्रवाई नहीं की जाती है। तो वह विपक्षी दल के पार्षदों के साथ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

ज्ञापन देने वालों में पार्षद मनीष शर्मा, राधा रमोला, भगवान सिंह पंवार, देवेंद्र कुमार प्रजापति, विजयलक्ष्मी शर्मा, राकेश सिंह मियां, पुष्पा मिश्रा, शकुंतला शर्मा आदि मौजूद रहे।

नगर निगम ने कूड़ा पृथक्करण अभियान का किया आगाज

स्वच्छता संकल्प के तहत रविवार विशेष आज नगर निगम ऋषिकेश द्वारा ( हम हैं तैयार ) थीम पर डोर टू डोर जाकर कूड़े का पृथक्करण अभियान चलाया गया। साथ ही नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल ने तहसील कॉलोनी परिवारों को होम कंपोस्टिंग यूनिट वितरित किए। साथ ही सभी परिवारों को हरा-नीला और काले डस्टबिन के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

स्थानीय पार्षद एडवोकेट राकेश सिंह मियां ने लोगों से अपील की। वह होम कंपोस्ट यूनिट में खाद बनाने का काम करें। ताकि कम से कम कूड़ा उत्पन्न हो। हमारा वार्ड व शहर स्वच्छ, साफ रहे। इस मौके पर सफाई निरीक्षक सचिन रावत, प्रशांत कुकरेती, गंभीर राणा, नरेश, सुधीर श्रीवास्तव, अश्वनी कुमार, मनोज कुमार, मूर्तितेश कुमार आदि उपस्थित थे।

स्वच्छता ही सेवा है, गन्दगी जानलेवा हैः मेयर अनिता ममगाई

स्वच्छता सर्वेक्षण में शानदार प्रदर्शन करने के लिए नगर निगम का महास्वच्छता अभियान जारी है। मौनी अमावस्या का पर्व निपटने के पश्चात नगर निगम ने दून तिराहे से लेकर चन्द्रभागा पुल तक सफाई अभियान चलाया।

आज मेयर अनिता ममगाईं की अगुवाई में निगम की तमाम स्वच्छता टीम अभियान में उतरी और स्वच्छता अभियान चलाया। समाजिक संस्थाओं के बाद आज शहर के संत समाज ने स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर पंडित रवि शास्त्री के नेतृत्व में निगम प्रशासन को अपना सहयोग देते हुए न सिर्फ अभियान मे सहयोग किया बल्कि लोगों से भी निगम की स्वच्छता मुहिम में सहयोग की अपील की।

तीर्थ नगरी में स्वच्छता अभियान को लेकर नगर निगम का मिशन जारी है। महाकुंभ के दौरान सफाई व्यवस्था चाकचैबंद रहे ,साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण में भी अव्वल आने का सपना साकार हो सके इसको लेकर निगम प्रशासन संजीदा कोशिशों में जुटा हुआ है।मौनी अमावस्या पर्व निपटने के बाद नगर निगम प्रशासन ने ऋषिकेश -बद्रीनाथ मार्ग पर दून तिराहे से चन्द्रभागा पुल तक महासभा सफाई अभियान चलाया। जिसके तहत जगह-जगह बिखरे पड़े कूड़े-करकट को एकत्रित कर उनका निस्तारण कराया गया। मेयर अनिता ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर वन रैंकिंग दिलाने और शहर को स्वच्छ रखने के लिए निगम प्रशासन लगातार जुटा हुआ है। शहर की कॉलोनियां और सड़को को साफ रखने की मुहिम जारी है।प्रचार प्रसार के माध्यम से भी इस दिशा में हर मुमकिन प्रयास किए जा रहे हैं। शहर की विभिन्न संस्थाओं से मिल रहे सहयोग के चलते जनता में भी जागरूकता आई है।

अभियान मेें स्वामी महामंडलेश्वर दयाराम दास, महामंडलेश्वर स्वामी शंकर तिलक, मंडलेश्वर उपेंद्र गिरी महाराज, चंद्रवीर पोखरियाल, दिनेश डबराल, स्वतंत्रता चैतन्य, गौरी चैतन्य, आरती चैतन्य, संकरी चैतन्य, शिवा साधक, उमाया साधिका, विनोद शर्मा, नरेश अग्रवाल, नवल कपूर, अमित गोयल, भारत भूषण, चेतन शर्मा, संदीप शास्त्री, हितेंद्र पंवार, डीपी रतूड़ी, देव पाल, रवि चैहान, पवन शर्मा, पंकज शर्मा, राजीव खुराना, हैप्पी सेमवाल, रोमा सहगल, अनिता रैना, रमेश अरोड़ा, अमरीक सिंह, राजपाल ठाकुर, देवदत्त शर्मा, अजय कालरा, मदन कोठारी, राजीव गुप्ता, यशवंत रावत, प्रकान्त कुमार, अक्षय खैरवाल, विपिन कुकरेती, किरण त्यागी, सुनील उनियाल, गौरव केथोला, रणवीर सिंह, शैलेन्द्र रस्तोगी, कुलदीप टंडन, राजेश गौत्तम, रूपेश गुप्ता, अभिषेक मल्होत्रा, धीरेंद्र सेमवाल, अभिषेक मल्होत्रा, नरेश खेरवाल, महेंद्र आदि शामिल रहे।