दैणा होया खोली का गणेशाय से की गई वैश्विक व्याघ्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत

दैणा होया खोली का गणेशाय से सीआरवीआर रामनगर में ग्लोबल टाइगर डे की शुरूआत की गई। संस्कृति विभाग के सौजन्य से उत्तराखंड की अनूठी परम्परा के साथ ही झोड़ा, छपेली कार्यक्रम की रंगारंग सांस्कृतिक झलक की मनोहर प्रस्तुति दी गई।
सीआरवीआर रामनगर में वैश्विक व्याघ्र दिवस आयोजित किया गया। ग्लोबल टाइगर्स दिवस बाघों के संरक्षण के लिए मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाघों की प्रजातियों की घटती आबादी के बारे में जागरूकता पैदा करना है। इस अवसर पर राज्यवार बाघों के आंकड़े जारी किए व बाघों के संरक्षण व संवर्धन हेतु तीन रिपोर्ट भी जारी की गई। इसके साथ ही भारत के 06 टाइगर रिजर्व को ग्लोबल कैट्स ऐक्ररेडिशन सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। पूरे भारत मे वन्य जीव संरक्षण की दिशा में असाधारण व सराहनीय कार्य करने वाले वन विभाग के कुल 11 फ्रंटलाइन वर्कर को सम्मानित किया गया जिसमें सिमलीपाल टाइगर रिजर्व के 02 कार्मिकों को मरणोपरांत उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

ग्लोबल टाइगर डे पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वनों एवं वन्यजीवों का संरक्षण देवभूमि की संस्कृति एवं दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाना हमारा संस्कार है। यह उत्तराखंड की संस्कृति है जो हमें धरोहर के रूप में हमें पुरखों से संस्कार में मिली है। हमें इको टूरिज्म में स्थानीय समुदाय की और अधिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए होम स्टे, बर्ड वॉचिंग व अन्य क्रियाकलापों पर अधिक कार्य करने की आवश्यकता है।
उत्तराखंड में बाघों की संख्या में इजाफा होने पर सीएम ने उत्तराखण्ड की जनता, वन विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ही स्थानीय प्रतिभागियों को बधाई दी। कहा कि वर्ष 2018 में 442 बाघों की संख्या थी जो वर्ष 2022 तक बढ़ कर 560 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने देश भर के टाइगर रिजर्व से पहुँचे प्रमुख वन्य जीव संरक्षकों से जिम कॉर्बेट संग्रहालय कालाढूंगी में जाने का अनुरोध किया। कहा कि विश्व विख्यात जिम कॉर्बेट ने अपने जीवन का काफी समय कालाढूंगी में व्यतीत किया। कालाढूंगी में उनका पुराना घर है जिसे एक संग्रहालय का रूप दिया गया है।

हम उत्तराखंडवासी पीढ़ियों से पर्यावरण के संरक्षक हैं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम अपनी सदियों पुरानी परंपरा का आज भी पालन कर रहे हैं, जो हमें सिखाती है कि हमें जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों के संग समरसता के साथ रहना चाहिये, क्योंकि ये सब भी इस धरती पर हमारे साथ ही रहते हैं। चिपको आंदोलन के नाम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हुए इस महिला सत्याग्रह ने पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और नारी सशक्तिकरण को नए अर्थों में परिभाषित किया। हमने हाल ही में इस आंदोलन के 50 वर्ष पूर्ण किए हैं और मैं आज इस मंच से उन सभी सत्याग्रहियों को नमन करता हूं, जिन्होंने उस समय हमारे पेड़ों को बचाया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हल्द्वानी में जल्द ही वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल का शिलान्यास भी किया जाएगा। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों पर कार्य करके उनके समाधान के प्रयास पर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि वन्यजीव और मानव संघर्ष के प्रकरणों पर विभाग को स्वतः ही सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुमन्य सहायता दी जानी चाहिए जिससे पीड़ित पक्ष को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े।
केंद्रीय वन, पर्यावरणीय ,जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनि कुमार चौबे ने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना मानव जीवन का कर्तव्य है। जब मनुष्य प्रकृति की रक्षा करेगा तो प्रकृति स्वयं ही प्राणियों की रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि आज बाघ संरक्षण के 05 दशक पूरे किए हैं जो कि उपलब्धियों से परिपूर्ण है। पूरे विश्व के 75 प्रतिशत से अधिक बाघ भारत में पाए जाते है। उन्होंने कहा बाघों के संरक्षण संवर्धन में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए वन विभाग को अत्याधुनिक उपकरणों के प्रयोग से लैस किया गया है किन्तु आवश्यकता है अधिक सशक्त बनाने की। उन्होंने कहा जिस प्रकार सेना व पुलिस को उनकी वीरता के लिए पदक दिया जाता है उसी प्रकार वन विभाग को भी उनके साहसिक कार्यों के लिए वीरता पदक से राष्ट्रपति द्वारा नवाजा जाए, इस दिशा में कारगर प्रयास जारी है।
उन्होंने बाघों के महत्व के विषय मे बताया कि बाघ को स्थानीय समुदायों की आजीविका एवं सतत विकास का प्रतीक चिन्ह माना गया है। इसे पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का संकेतक मानते हुए वैश्विक स्तर पर सतत विकास, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन निवारण के मानक के रूप में देखा गया है।
केंद्रीय मंत्री एवं पर्यटन रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि वन्य जीव टाइगर के संरक्षण व संवर्धन के लिये 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत की गई। कहा कि बाघों के संरक्षण व संवर्धन के लिए वित्तीय सहयोग भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्यवार बाघों के आंकड़े जारी किए गए। पूरे भारत वर्ष में 2018 की तुलना में 2022 में 715 बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 2022 के आंकड़ों के आधार पर बाघों की कुल संख्या 3682 है जो कि 2018 में 2967 थी। सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में 785 फिर कर्नाटक में 563 व उत्तराखंड में 560 बाघों की संख्या रही। जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तरखण्ड कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की सँख्या बड़ी है। 2018 की तुलना में 118 बाघ बड़े है राज्य में अब कुल बाघ 560 हो गए है। वहीं कार्बेट टाइगर रिजर्व में पहले 231 बाघ जो बढ़कर 260 हो गए है।
प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी व नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री द्वारा एक चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसकी थीम थी टाइगर, द किंग ऑफ जंगल। 18 राज्यों व 02 केंद्र शासित प्रदेशों से 6892 प्रविष्टि देशभर में की गई थी जिसमें से 20 लोगों को पुरस्कृत किया गया। प्रथम तीन स्थान पर आने वालों को क्रमशः 5000 4000 व 3000 की धनराशि दी गई। प्रथम स्थान पर दिल्ली के ग्यारहवीं के युवराज द्वितीय स्थान पर दिल्ली के ही बारहवीं कक्षा के अनुराग कुमार व तृतीय स्थान पर भुवनेश्वर की 11वीं की नयनिका जीना रही।
कार्यक्रम में भारत के विभिन्न टाइगर रिजर्व से आये ईडीसी व स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थानीय उत्पादों का स्टाल लगाकर प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल राम सिंह, नैनीताल सरिता आर्या,यमकेश्वर रेणु बिष्ट, महानिदेशक वन सीपी गोयल, सदस्य सचिव एनटीसीए डॉ ऐस पी यादव, आईजीएफ अमित मलिक, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, समीर सिन्हा, कुमाऊँ मुख्य वन संरक्षक पी के पात्रो, आईजी नीलेश आंनद भरणे, डायरेक्ट कॉर्बेट डॉ धीरज पांडेय, राजाजी डॉ साकेत बड़ोला सहित अन्य वन अधिकारी उपस्थित थे।

अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराएंगी सरकारः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मांग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिक से अधिक संचालित किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए ऐप भी तैयार किया जा सकता है, जिसमें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए उनके कार्य के अनुरूप प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध रहें। उन्होंने भारत सरकार के सभी प्रशिक्षण मॉड्यूल्स के साथ ही राज्य में पहले से उपलब्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल्स को भी इससे जोड़े जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑनलाईन कोर्सेज को अधिक से अधिक बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होंने अकादमी के ई-लाईब्रेरी सिस्टम में नेशनल लाईब्रेरी को शामिल किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने मिशन कर्मयोगी को गेम चेंजर बताते हुए इसे अधिक से अधिक लागू किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसके लिए एटीआई की पूरी टीम का मजबूतीकरण किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने गवर्निंग बॉडी और कार्यकारिणी समिति में 2-2 विशेषज्ञों को रखे जाने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने एटीआई को शहरी स्थानीय निकायों को गोद लिए जाने का भी सुझाव दिया। कहा कि स्थानीय निकाय को गोद लेकर इसमें पूर्ण रूप से प्रशिक्षण मॉड्यूल को लागू किया जाए।
इस अवसर पर महानिदेशक डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल बी.पी. पाण्डेय, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली एवं दिलीप जावलकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एक्शन मोड में स्वास्थ्य सचिव, नैनीताल जिला अस्पताल में अब्यस्थाओं पर लगाई अधिकारियों को फटकार

नैनीताल। ट्रेनिंग से वापस आते हैं एक बार फिर पहले की तरह स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। विगत एक माह से स्वास्थ्य सचिव मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षणरथ थे। प्रशिक्षण खत्म होने के बाद ज्वाइन करते ही स्वास्थ्य सचिव ने ग्राउंड जीरो पर बवस्थाओं को परखना शुरु कर दिया है। बिना समय गवाएं स्वास्थ्य सचिव कुमाऊ दौरे पर निकल गये। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने नैनीताल जनपद के जिला अस्पताल बीडी पांडे का निरीक्षण किया। अस्पताल पहुँचने पर पीएमएस डॉ. एलएमएस रावत व अस्पताल स्टाफ ने उनका पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

उत्तराखंड स्वास्थ्य सचिव डॉ.राजेश कुमार ने जिला अस्पताल बीडी पांडे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सर्जिकल वार्ड ,जिरियाट्रिक वार्ड, ऑर्थाे वार्ड, आइसीईयू , चिल्ड्रन वार्ड समेत अन्य वार्डाे का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ़ सफाई को लेकर नाराजगी व्यक्त की, स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल में सीएमओ को सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, साथ ही वार्डाे के बेडों व बेडशीट्स को बदलने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सचिव डॉ.आर राजेश कुमार ने निर्देश देते हुए कहा आपातकालीन केस आने पर डॉक्टर उपस्थित रहे।

इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल भी जाना और मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं व सुविधाओं को लेकर जानकारी प्राप्त की जिस पर उन्हें कोई शिकायत नही मिली। वही पीएमएस से डॉक्टरों की जानकारी ली गई लेकिन पीएमएस को डॉक्टरों की जानकारी न होने पर भी स्वास्थ्य सचिव ने नाराजगी व्यक्त की। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल में खराब स्वास्थ्य उपकरण हटाकर नए उपकरण लाने के निर्देश दिए, साथ ही उन्होंने हेल्थ एटीएम को जल्द शुरू करने के भी निर्देश दिए ,ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकें। साथ ही स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यदि अस्पताल आने वाले मरीजों द्वारा कोई शिकायत मिली या मरीजों के साथ लापरवाही की हुई बर्दाश्त नही की जाएगी।
वही स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में नर्सों की कमी को पूरा किया जाएगा, जल्द ही एक हजार से अधिक नर्सों की नियुक्ति की जाएगी।

इस दौरान डायरेक्टर तारा आर्य, सीएमओ भागीरथी जोशी, पीएमएस डॉ.एलएमएस रावत, डॉ.अनिरुद्ध गंगोला, डॉ.एमएस रावत, वार्डन शशिकला पांडे, कुंदन बिष्ट समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने नैनीताल में सुनी पीएम के मन की बात कार्यक्रम का 100वां संस्करण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीएसए मैदान, मल्लीताल, नैनीताल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 100 वां संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि 03 अक्टूबर, 2014 से अनवरत रूप से प्रसारित हो रहे मन की बात कार्यक्रम का 100 वें संस्करण ने ऐतिहासिक मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री के वचनों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम ने आज तमाम भारतीयों के जीवन को बदलने का काम किया है। समाज के अंतिम छोर पर काम कर रहे व्यक्ति के समाज के लिए अथक प्रयासों का जिक्र इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री करते हैं जो समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन तमाम लोगों का जिक्र भी प्रधानमंत्री ने ‘‘मन की बात’’ में किया है जो चुपचाप समाज सेवा में जुटे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम की ‘मन की बात’ से आज जन-जन जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम ने देशवासियों को जोड़कर एक नई सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का कार्य किया है। मन की बात कार्यक्रम ने सरकारी योजनाओं में सामूहिक जनसहभागिता को जोड़कर सफल बनाया है। वहीं संघर्षरत युवाओं के अधूरे सपने को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मानसखंड मंदिर माला मिशन से पर्यटकों की संख्या मे इजाफा होगा व पहाड़ की आर्थिकी सशक्त होगी। इसके साथ ही वोकल फोर लोकल को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की स्वयं सहायता समूह को सशक्त किया गया है व उनके उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग की जा रही है। लोकल फोर ग्लोबल के लिए स्थानीय उत्पादों में मूल्य सम्वर्द्धन किया जा रहा है। मूल्य संवर्धन से काश्तकारों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रेरक शब्दों का अनुसरण कर हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पित हैं।
उत्तराखंड में भी पीएम की ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम को सुनने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। स्कूल, कॉलेज इत्यादि में भारी संख्या में छात्रों के साथ आम लोगों ने पीएम के मन की बात को सुना। इस अवसर पर विधायक सरिता आर्य, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एस एस पी पंकज पांडेय, जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी महेंद्र पांडेय, सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत, डॉ अनिल कपूर डब्बू, सीडीओ संदीप तिवारी, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी राहुल शाह, परितोष वर्मा, आनंद बिष्ट, दया किशन पोखरिया, मनोज जोशी, सीएमओ डॉ भागीरथी जोशी सहित स्कूली बच्चे व आमजनता उपस्थित थी।

रामनगर में 10062.02 लाख की विकास योजनाओं का हुआ लोकापर्ण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर में 5904.68 लाख लागत की 14 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 4157.34 लाख लागत की 02 योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रामनगर में कार्बेट पार्क स्वागत कक्ष को आमडंडा में शिफ्ट करने की घोषणा की साथ ही उन्होंने रामनगर में एनएच मार्ग के दोनो ओर विद्युत लाईन को भूमिगत करने तथा रामनगर में प्राइवेट बसों हेतु सिंचाई विभाग की भूमि पर बस स्टेंट बनाने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें रामनगर एवं बैलपडाव में वालपेंटिग एवं कल्चर पेंटिंग योजना हेतु कुल लागत 20.00 लाख, रामनगर के गांधीनगर मार्ग से ढैला बैराज व शमशानघाट तक मार्ग निर्माण लागत 94.23 लाख, रामनगर के आनन्दनगर पीपलपडाव मे जितेन्द्र के घर से चन्दन के घर तक निर्माण लागत 100.00 लाख, गांधीनगर शिवपुरी पुरानी बस्ती में जूनियर हाईस्कूल से मोहन प्रसाद के घर तक मार्ग निर्माण लागत 109.34 लाख, चन्द्रनगर मालधन चौड से शमशानघाट तक मार्ग निर्माण कार्य लागत 220.03 लाख, मालधन चौड मे ओमपाल चौधरी के घर से मुख्य मार्ग तक निर्माण कार्य लागत 80.15 लाख, ग्राम पंचायत गौतम नगर में भूपालराम के घर से चन्द्रनगर मुख्य मार्ग तक निर्माण कार्य लागत 48.29 लाख, रामनगर-हल्द्वानी -काठगोदाम -सितारगंज बिजटी मोटर मार्ग सतह निर्माण लागत 643.75 लाख, कालाढूगी के सरदार नगर-बाजपुर केशोवाला-बैलपडाव-कोटाबाग पुनः निर्माण कार्य लागत 2063.03 लाख, तुमडियाडाम में द्वितीय 60 मीटर स्पान निर्माण हेतु कार्य लागत 653.72, रामनगर में रिंग रोड का पुनः निर्माण कार्य लागत 751.14 लाख, नैनीताल-कालाढूगी-बाजपुर मोटर मार्ग सतह निर्माण कार्य लागत 378.81 लाख, रामनगर-कालाढूगी के नयांगाव से ढिकुली तक विद्युत लाइनों का सुदृढीकरण एवं लाइन शिफ्टिंग कार्य लागत 459.33 लाख तथा रामनगर मे रिंगरोड हाथीडंगर से मालधन ढेला तक पुनः निर्माण कार्य लागत 282.86 लाख की योजनायें शामिल हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पुरानी तहसील में खाली पड़ी भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग निर्माण लागत 1300.00 लाख एवं रामनगर में अन्तर्राज्जीय बस टर्मिनल का निर्माण कार्य लागत 2857.34 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में आठ सालो में एक लाख करोड़ की योजनाओं का कार्य धरातल पर अवतरित किया गया जो दशकों से रूकी हुई थी उन योजनाओं पर स्वीकृति प्रदान की गई है। हल्द्वानी में जमरानी बांध की परियोजना पर अंतिम स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो चुकी है, जल्द ही इस योजना पर कार्य प्रारम्भ होगा। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड का युवा एवं किसान विकास की मुख्यधारा की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जिससे आने वाले वर्षाे में उत्तराखण्ड देश का अग्रणी राज्य में शुमार होगा। उन्होंने कहा विकास के कार्यों वर्तमान में गतिमान में यह कार्य रामनगर शहर के साथ ही उसके आसपास के क्षेत्रों के लोगों लिए कारगर सिद्ध हांगे।

उन्होंने कहा हम नकल अधिनियम का कानून लेकर आये इस कानून के लागू होने से नकल करने व कराने वालों पर कठोर सजा दी जायेगी, नकल करने व कराने वाले इस सम्बन्ध में सोच भी नही सकते हैं। उन्होने कहा परीक्षाओं को समयबद्ध तरीके से संपन्न करायेंगे। उन्होंने कि कहा सरकार अप्रैल माह में चार बडी परीक्षायें आयोजित करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परीक्षायें कैलेण्डर के अनुसार होगी। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य अन्त्योदय की सिद्वान्त पर कार्य करना है यानी कि समाज के अन्तिम छोर के व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुचाना है। राज्य में पर्यटन एवं रोजगार को बढावा देने के लिए सरकार कार्य कर रही है हमारा बजट रोजगार परक है, हम सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण मंत्र पर कार्य कर रहे है। जिससे उत्तराखण्ड देश का अग्रणी राज्य बन सके।

कार्यक्रम में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, विधायक सल्ट महेश जीना, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, प्रमुख रेखा रावत, डॉ. अनिल कपूर डब्बू, राकेश नैनवाल, भुवन भट्ट ,नवीन भट्ट, आदित्य कोठारी, राजेन्द्र बिष्ट, लाखन निगलटिया, इन्द्र रावत, भगीरथ चौधरी, चंदन बिष्ट, रवि कुरिया के साथ ही आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट आदि मौजूद थे।

नैनीताल में दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन का मामला, मुकदमा दर्ज

नैनीताल में नाम बदलकर युवती से दोस्ती और फिर दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने पीड़ित युवती की तहरीर पर आरोपी समेत पांच पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत कुमाऊं में दर्ज यह पहला मुकदमा है।

कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि क्षेत्र निवासी एक युवती ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि साकिब सैफी उर्फ शिव ठाकुर निवासी बंबाघेर ने उसके साथ नाम बदलकर दोस्ती की। जान पहचान होने पर साकिब ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसे साकिब की असलियत पता चली तो उसने विरोध किया।

आरोप है कि युवक ने उसे पीटा और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद साकिब ने अपने दोस्तों के साथ उसकी बहन का भी पीछा करवाया। तहरीर में बताया कि आरोपी के परिजन भी उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं।

कोतवाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने साकिब सैफी ऊर्फ शिव ठाकुर, सबा, यूनुस, राहिला और गजाला के खिलाफ धारा 323/354/354डी/376/504/506 व उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
बताया कि आरोपी की ओर से भी तहरीर दी गई है जिसमें युवती ने शादी के लिए धर्म परिवर्तन करने की बात कही है। प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। इधर, सीओ बलजीत सिंह भाकुनी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

रानीबाग पुल के निर्माण से जाम की समस्या से मिलेगी निजातः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद नैनीताल में रुपए 72 करोड़ लागत से केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत निर्मित रानीबाग भीमताल पदमपुरी लोहाघाट पंचेश्वर राज्यमार्ग टू -लेन ’ए’ क्लास लोडिंग स्टील गार्डर पुल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टू लेन पुल के शुरू होने से अब अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल के पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले लोगों को काफी आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यह पुल कुमाऊँ की लाइफ लाइन है जिससे पूरे कुमाऊँ का कारोबार जुड़ा हुआ है। अक्सर यहां पर सिंगल लेन पुल होने की वजह से जाम लगा करता था, लेकिन अब इस पुल के बनने से कुमाऊं के पर्वतीय इलाकों में जाने वाले सैलानियों को भी जाम की दिक्कत नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुल पर भारी वाहनों का आवागमन होने से क्षेत्र का आर्थिक एवं सामाजिक विकास के साथ-साथ क्षेत्र का चहुमुखी विकास होगा।

ज्ञातव्य है कि वर्तमान में उक्त पुराने पुल से लगभग 3600 कार व जीप 2500 दुपहिया वाहन, 2000 छोटे वाणिज्य वाहन एवं 150 बसें तथा 1750 ट्रक (दो एक्सेल) इत्यादि, औसतन 10,000 वाहनों का प्रतिदिन आवागमन होता है। उक्त टू लेन ए क्लास लोडिंग पुल के बन जाने से मल्टी एक्सेल ट्रकों एवं अन्य वाहनों के आवागमन में वृद्धि होगी।

लोकार्पण कार्यक्रम में जनपद प्रभारी मंत्री रेखा आर्या, क्षेत्रीय विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, बंशीधर भगत, मा० डॉ मोहन सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, ब्लॉक प्रमुख कमलेश कैड़ा एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

भीमताल के रामलीला मैदान में जिला पंचायत सदस्य लाखन नेगी ने दिखाई ताकत

जिला पंचायत सदस्य दाड़िम व विधायक प्रत्याशी-2022 लाखन सिंह नेगी ने आज जनसभा के जरिए राज्य सरकार से भीमताल विधानसभा को आपदा प्रभावित विधानसभा घोषित करने की मांग की। साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सही तरीके से आंकलन कर उचित मुआवजे की मांग भी की। इस मौके पर लाखन सिंह नेगी ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना शक्ति प्रदर्शन किया तथा युवा एकता मंच विधानसभा भीमताल का गठन भी किया। लाखन नेगी ने रामलीला मैदान से तिकोनिया होते हुए कई सूत्रीय मांगों को लेकर पदयात्रा भी निकाली। 
जिला पंचायत सदस्य व विधायक प्रत्याशी-2022 लाखन सिंह नेगी ने भीमताल स्थित रामलीला मैदान में आज बड़ी संख्या में मौजूद मातृशक्ति, बुजुर्गों व युवाओं को संबोधित किया। लाखन नेगी ने कहा कि अक्टूबर में प्राकृतिक आपदा का कहर भीमताल विधानसभा पर सबसे ज्यादा बरपा है। इस आपदा में कई लोगों ने अपनों को खो दिया। किसी ने अपनी जिंदगीभर की कमाई गंवा दी। किसी का आशियाना बह गया। कहा कि भीमताल विधानसभा के हर एक परिवार को इस आपदा से कुछ न कुछ नुकसान हुआ है। मगर, अफसोस की बात है कि जो उम्मीद पीड़ितों ने अपने स्थानीय जनप्रतिनिधि व विधायक से की थी। उन्हें मायूस ही होना पड़ा। विधायक आपदा की घड़ी में भीलोगों के आंसू पोंछने तक नहीं आये। राज्य सरकार से भी कोई खास मदद नहीं मिली। लाखन नेगी ने राज्य सरकार से भीमताल विधानसभा को आपदा प्रभावित विधानसभा घोषित किए जाने की मांग की। साथ ही नुकसान का सही तरीके से आंकलन कर उचित मुआवजे की भी मांग की। 
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख रामगढ़ पुष्पा नेगी, दीपा लोधियाल, आनंदी हर्नवाल, पूजा थापा, पूनम देवी, भगवती नयाल, जानकी देवी, प्रियंका बिष्ट, शांति बिष्ट, सुनीता आर्य, चंपा बिष्ट, देवकी बिष्ट, टीकम खोलिया, कृष्ण पाल, लक्ष्मण बिष्ट, वीरेंद्र रूवाली, डॉ कुलदीप जोशी, मदन लाल आदि चारों ब्लॉक से जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। 

युवा एकता मंच विधानसभा भीमताल का किया गठन 
जिला पंचायत सदस्य व विधायक प्रत्याशी लाखन सिंह नेगी ने जनसभा के दौरान ही युवा एकता मंच विधानसभा भीमताल का भी गठन किया। उन्होंने कहा कि यह मंच विधानसभा के युवाओं के लिए एकता का परिचायक होगा। कहा कि इस मंच युवाओं की आवाज को बुलंद करेगा। इस मंच के जरिये युवाओं को अपनी बात रखने के लिए एक मंच मिलेगा। इस मौके पर भीमताल के 1200 से अधिक युवाओं ने एकता मंच की सदस्यता भी ग्रहण की। 

पदयात्रा के जरिए उठाये कई अहम विषय
जनसभा के बाद लाखन नेगी के नेतृत्व में रामलीला मैदान से डाठ होते हुए वापस रामलीला मैदान तक पदयात्रा का भी आयोजन किया गया। पदयात्रा में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लेते हुए कई अहम विषय उठाकर सरकार से मांग की। पदयात्रा के दौरान मातृशक्तियों, बुजुर्गों व युवाओं के हाथों में तख्तियां देखने को मिली। इनमें भीमताल में कुमाऊॅं यूनिवर्सिटी का तीसरा कैंपस खोलने, लॉ कॉलेज खोलने, पहाड़ों में प्राधिकरण द्वारा किये जा रहा शोषण बंद करने, भीमेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णाेद्धार, पौराणिक मंदिरों को धार्मिक पर्यटन के रूप में पहचान मिलने, कोविड मुआवजे से वंचित रह गए रजिस्टर्ड चालक, बोट चालक, होटल व्यवसायी, होम स्टे, ट्रेवल्स, कैटरिंग, टैंट व्यापारी को मुआवजा देने की मांग, चारधाम की तर्ज पर उत्तर भारत के एकमात्र देवगुरु वृहस्पति मंदिर को पहचान मिलने, नई सीवर लाइन बिछाने, राजकीय चिकित्सालयों में चिकित्सकों की नियुक्ति, अग्निशमन केंद्र खुलने, भीमताल में पार्किंग, रोडवेज बस स्टेशन, गांवों तक सड़कों का जाल, न्याय पंचायत स्तर पर वैज्ञानिक खेती, न्याय पंचायत स्तर पर सामुदायिक केंद्र खोलने, न्याय पंचायत स्तर पर ही खेल मैदान का निर्माण, ओखलकांडा राजकीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था, झीलों का सौंदर्यीकरण आदि मांग प्रमुख रही।

एम्स ऋषिकेश में रोगी को किया गया सीआरटी-डी मशीन का सफल प्रत्यारोपण

हार्ट फेलियर की समस्या से जूझ रहे नैनीताल निवासी एक व्यक्ति के उपचार में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने मरीज को बिना बेहोश किए सफलतापूर्वक सीआरटी-डी मशीन प्रत्यारोपित की है। उत्तराखंड राज्य का यह पहला मामला है, जिसमें एम्स में हुए इलाज पर किसी गोल्डन कार्ड धारक को 6 लाख रुपए का लाभ मिला है। मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे एम्स अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

पुलिस लाइन, नैनीताल निवासी 62 वर्षीय मोहम्मद हासिम पिछले एक साल से हार्ट फेलियर की समस्या से ग्रसित थे। रोगी को सांस फूलने और हृदय की पम्पिंग एक समान नहीं होने से उसे अक्सर बेहोशी आने की शिकायत थी। यहां तक कि कभी-कभी उसके दिल की धड़कन भी कुछ समय के लिए रुक जाती थी।

मरीज का सफलतापूर्वक उपचार करने वाले एम्स के काॅर्डियोलाॅजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. बरुण कुमार ने बताया कि रोगी का जीवन बचाने के लिए उसके शरीर में स्पेशल पेसमेकर की तरह कार्य करने वाली एक सीआरटी-डी डिवाइस लगाई जानी बेहद जरूरी थी। रोगी को लंबे समय से बार-बार सांस फूलने की तकलीफ भी थी। जांच में पाया गया कि उसका हार्ट फंक्शन सही ढंग से कार्य नहीं कर रहा है और हार्ट का साइज भी बड़ा हो चुका है। ऐसे में मरीज का जीवन बचाने के लिए सीआरटी-डी डिवाइस लगाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि सीआरटी-डी डिवाइस लगाने की प्रक्रिया में ढाई घंटे का समय लगा है।

डा. बरुण ने बताया कि डिवाइस लगाने की यह प्रक्रिया उच्च तकनीक के आधार पर मरीज को बिना बेहोश किए संपन्न कराई गई है। उन्होंने बताया कि पेशेंट के इलाज का खर्च गोल्डन कार्ड योजना द्वारा वहन किया गया है। उन्होंने बताया कि मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। सीआरटी-डी प्रत्यारोपित करने वाले चिकित्सकों की टीम में डा. बरुण के अलावा सीनियर रेजिडेंट डा. शिशिर, स्टाफ नर्सिंग ऑफिसर हंसराज, इन्दू, विपिन, हरिमोहन, अंकित आदि शामिल थे।

एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने मरीज को डिवाइस प्रत्यारोपण की जटिल प्रक्रिया को सकुशल अंजाम देने वाले चिकित्सकों की टीम के कार्य की सराहना की है। उन्होंने बताया कि संस्थान में मरीजों को वर्ल्ड क्लास स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि जटिल से जटिल बीमारी के इलाज के लिए भी एम्स, ऋषिकेश में उच्च अनुभवी चिकित्सक और आधुनिक मेडिकल तकनीकें उपलब्ध कराई गई हैं। इस बाबत आयुष्मान भारत योजना के उत्तराखंड राज्य समन्वयक अतुल जोशी ने एम्स में हुए इस उपचार के बारे में बताया कि गोल्डन कार्ड धारक किसी भी व्यक्ति के उपचार में 5 लाख से अधिक धनराशि खर्च होने वाला यह राज्य में पहला मामला है।

क्या है हार्ट फेलियर
हार्ट फेलियर (दिल की विफलता) एक गंभीर बीमारी है। डा. बरुण ने बताया कि कुछ लोगों का हृदय शरीर के अन्य अंगों का सहयोग करने के लिए पर्याप्त स्तर पर पम्प नहीं करता है। ऐसे में हृदय की मांसपेशियां कठोर हो जाने के कारण हृदय से रक्त का प्रवाह कम या अवरुद्ध हो जाता है। यदि मरीज का समय पर इलाज नहीं हुआ तो उसके जीवन को क्षति पहुंच सकती है।

सीआरटी-डी
जिन लोगों को हार्ट फेलियर की समस्या होती है, उनके लिए सीआरटी-डी (कार्डियक रीसिंक्रोनाइजेशन थैरेपी डिफिब्रिलेटजिन) आधुनिक तकनीक आधारित यह विशेष पेसमेकर बहुत लाभकारी है। सीआरटी-डी एक विशेष प्रकार का पेसमेकर है, जिसे शरीर में हृदय और कंधे के मध्य भाग में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह मशीन माचिस की डिब्बी के आकार की होती है। यह हार्ट की पम्पिंग को बढ़ाने का काम करती है।

नैनीताल जनपद में संचालित व प्रस्तावित कार्यों की सीएम त्रिवेंद्र ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नैनीताल जनपद में संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की गहनता से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ.धनसिंह रावत, विधायक बंशीधर भगत, नवीन दुम्का, संजीव आर्य, राम सिंह कैड़ा, जिलाध्यक्ष भाजपा प्रदीप बिष्ट उपस्थित थे।
सीएम ने जिला योजना, राज्य सैक्टर, केन्द्र पोषित योजना एवं बाह्य सहायतित योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए जनहित में अवमुक्त धनराशि का समय से शतप्रतिशत उपयोग करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जनपद में सिंचाई विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि फार्म मशीनरी बैंको का आवंटन जनपद के सभी क्षेत्रों में समान रूप से किया जाए और कृषि सिंचाई हेतु गूल के स्थान पर हाई डेंसिटी पाइप लाइन व्यवस्था पर कार्य किया जाये। उन्होंने उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान मशरूम विलेज भवालीगांव, नथुवाखान में मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में किये गये कार्य की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि रामगढ़ में 162 हैक्टेयर क्षेत्रफल वाले फार्म के उद्यान तथा वन को नुकसान पहुॅचाऐं बिना आध्यात्मिक ईको जोन के रूप में विकसित किया जाये, आध्यात्मिक जोन के रूप में विकसित करने के लिए उद्यान विभाग, केएमवीएन संयुक्त रूप से मण्डी परिषद द्वारा तैयार अवधारणा का अध्ययन करते हुए पर्यटन विकास हेतु भी कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि जनपद में सैक्स्ड सार्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान विधि को बढ़ावा दिया जाये।
जिलाधिकारी धीराज गब्र्याल ने बताया कि जनपद में हैचरी खोलने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गों की मांग को देखते हुए जनपद में कार्यवाही की जा रही है, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजार की मांग एवं आवश्यकता के अनुसार हैचरी स्थापित की जाये। सीएम ने ग्राम्य विकास की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जनपद में खुलने वाले हिलांस आउटलेट का एक ही डिजाइन एवं कलर कोडिंग की जाये ताकि दूर से देखने में ही हिलांस आउटलेट की पहचान हो सके और सभी में एकरूपता भी बनी रहे। उन्होंने जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित में मानकों में शिथिलता लाते हुए लक्षित कार्यो को यथाशीघ्र पूरा करना सुनिश्चित करें।
सीएम ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि योजना के हिसाब से सबसे ज्यादा फिजिबल क्षेत्रों का चयन करते हुए उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाये और योजना से लाभांवित करने के लिए जनपद स्तर पर ही लक्ष्य निर्धारित किया जाये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि योजना का प्रचार-प्रसार व योजना में अधिक से अधिक लोगों को लाभांवित करने के लिए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से प्रधानों को भी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाये। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जो बैंक रोजगारपरक योजनाओं के अन्तर्गत लाभार्थियों को ऋण आवंटित करने में सहयोग प्रदान नहीं कर रहे हैं, ऐंसे सभी बैंको से सरकारी खाते अन्य बैंकों में स्थानान्तरित कर दिये जायें।
मुख्यमंत्री ने नैनीताल में बन रहे बीएम साह ओपन एयर थियेटर की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि किसी ऐंसी वॉल (दीवार) का चयन किया जाये कि जिस पर म्यूरल्स आदि के माध्यम से उत्तराखण्ड की पूरी कला एवं संस्कृति की झलक देखने को मिल सके और राज्य की महिलाओं की पूर्व दशा, महिलाओं की वर्तमान स्थिति तथा महिलाओं की स्थिति सुधार हेतु भविष्य के लिए निर्धारित लक्ष्य को भी प्रस्तुत किया जा सके।
उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को स्कूलों में शिक्षक, फर्नीचर, वर्चुअल क्लास, गुणवत्तायुक्त शिक्षा मुहैया हो। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों को क्लब किया जाये और बच्चों को बस की सुविधा उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने जिलाधिकारी को जिला स्तर पर टास्क फोर्स बनाकर मिशन मोडल में 15 दिन में इस कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाली होने वाले स्कूल के भवन को अन्य जनहित कार्यों हेतु उपयोग में लाया जाये।
उन्होंने पर्यटन एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चोखुटिया हवाई पट्टी निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश मण्डलायुक्त अरविन्द सिंह ह्यांकी को दिये।
उन्होंने कहा कि हरेला पर्व पर 16 जुलाई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है और इस दिन मार्केट,स्कूल, कार्यालय बन्द रहेंगे। उन्होंने कहा मान्यता है कि हरेला के दिन लगाया गया पौधा सूखता नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में दो माह का लक्षित वृक्षारोपण हरेला पर्व पर एक घण्टे में पूरा किया जायेगा। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी प्रकार के पौधों का रोपण किया जाये। इस प्रकार के पौधों को भी प्राथमिकता दी जाये जो पशु-पक्षियों के चारे एवं आवास के रूप में काम आये। उन्होंने इस कार्य हेतु जनपद में पौध की पर्याप्त व्यवस्था, गडडों की व्यवस्था, डबटेलिंग आदि की सभी व्यवस्थाऐं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में व्यापक जन सहयोग से वृक्षारोपण कार्यक्रम को महोत्वस के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने मण्डलायुक्त को हरेला पर्व पर आयोजित होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारियों हेतु जिलाधिकारियों के साथ बैठक आहूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था के दौरान अकाल मौत का शिकार होने वाली महिलाओं की मृत्यु पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की दशा में सुधार हेतु मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना की शुरूआत की जाने की योजना बनाई गयी है। उन्होंने कहा कि पॉच साल के भीतर महिलाओं को घास की समस्या से पूर्ण मुक्ति दिलानी है, इस कार्य के लिए बढ़िया व कारगर योजनाऐं बनायी जायें।
सीएम ने चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि पानी की निरन्तर मांग एवं उपयोग बढ़ रहा है, जिस कारण जल संरक्षण एवं संवर्धन की बहुत आवश्यकता है। जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी प्राथमिकता से कार्य किया जाये।
समीक्षा दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद में राशन वितरण व्यवस्था तथा राशन की गुणवत्ता की जानकारी भी ली। हल्द्वानी बाईपास निर्माण कार्य हेतु जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने रानीबाग-नैनीताल हेतु प्रस्तावित रोपवे की भी जानकारी ली। उन्होंने जमरानी बांध परियोजना की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि आर एण्ड आर पोलिसी तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि पोलिसी में सभी के हित समाहित हों। बैठक में महाप्रबन्धक जमरानी बांध परियोजना प्रशान्त विश्नोई ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना को तीन चरणों में लिया जा रहा है। प्रथम चरण की विभिन्न स्वीकृतियॉ प्राप्त हो चुकी हैं। द्वितीय चरण में योजना की फण्डिंग हेतु भारत सरकार द्वारा एडीबी को फॉरवर्ड किया गया है। एडीबी के अधिकांश बिन्दुओ को शॉर्ट आउट कर लिया गया है तथा शेष बिन्दुओ पर रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि आर एण्ड आर पोलिसी तैयार करने की दिशा में भी लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक्ट के हिसाब से विस्थापन हेतु लगभग 350 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। सितारगंज में 284 एकड़ जमीन उपलब्ध होने के साथ ही बनबसा में भी जमीन उपलब्ध है।
बैठक में विधायक बंशीधर भगत तथा संजीव आर्य ने विधायक निधि के अन्तर्गत धनराशि खर्च करने में आ रही दिक्कतों के बारें में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विधायकों को विधायक निधि खर्च करने में आ रही दिक्कत का समाधान करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी नरेन्द्र सिंह भण्डारी को दिये। विधायक संजीव आर्य ने बिजली के बिल ज्यादा आने की शिकायत की जिस पर सीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को तत्काल समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दीन दयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों हेतु जनपद नैनीताल के निर्मित नये ई-मार्केट पोर्टल www-himalyankart-in की लॉचिंग की।
बैठक में जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत नैनीताल शहर के प्रत्येक घर पर बेटियों के नाम की नेम प्लेट लगायी जायेगी। जिस पर मुख्यमंत्री ने इस कार्य को अविलम्ब शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जिला योजना के अन्तर्गत अवमुक्त धनराशि 46.72 करोड़ के सापेक्ष 37.28 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है अर्थात जिला योजना में 80 प्रतिशत धनराशि व्यय हो चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य सैक्टर में अवमुक्त धनराशि 226.13 करोड़ के सापेक्ष 168.27 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है तथा व्यय प्रतिशत 74.41 है। उन्होंने बताया कि केन्द्र पोषित योजना में अवमुक्त धनराशि 221.06 करोड़ के सापेक्ष 179.57 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है तथा व्यय प्रतिशत 81.23 है। बाह्य सहायतित योजना के अन्तर्गत अवमुक्त धनराशि 23.75 करोड़ के सापेक्ष 20.21 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है तथा व्यय प्रतिशत 85.10 है। उन्होंने बताया कि जनपद बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत 23 मदों में से 21 मदों में ए श्रेणी में है तथा दो मदों में डी श्रेणी में है।