सीएम ने नैनीताल के कालादूंगी क्षेत्र के विकास को 114 करोड़ से अधिक के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कोटाबाग में आयोजित दो दिवसीय ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में प्रतिभाग कर क्षेत्र के विकास हेतु 114 करोड़ से अधिक की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति, पुस्तकों और प्रकृति को जोड़ने का घोड़ा लाइब्रेरी का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों में पुस्तक संस्कृति विकसित करने और शिक्षा को दूरस्थ छोर तक पहुँचाने का अद्वितीय उपक्रम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में भी सराहा गया है।

मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी की युवा टीम एवं इसके प्रेरक शुभम बधानी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल केवल पुस्तकें पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम बन रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, वे हमारी सच्ची मित्र और मार्गदर्शक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिये राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मानसखंड के पौराणिक मंदिरों-नैनीदेवी, कैंचीधाम, हनुमानगढ़ी व मुक्तेश्वर धाम-का पुनरुत्थान का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में कोटाबाग के तोक भटकानी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का जीर्णाेद्धार व सौंदर्यीकरण कार्य भी संपन्न हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने हेतु नई शिक्षा नीति लागू की गई है। सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों को लागू किया गया है, तथा कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 226 विद्यालय ‘पीएम श्री विद्यालय’ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएँ संचालित हैं। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा से 42 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं और छात्रों को नकलमुक्त वातावरण देने हेतु देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिली हैं तथा संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस आदि की परीक्षाएँ पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी हेतु ₹50,000 की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं जैसी स्थानीय भाषाओं के संरक्षण हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिला समूहों और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कोटाबाग के आंवलाकोट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, दीवान सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

वीर बाल दिवस पर सीएम ने किया गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों का स्मरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिला मुख्यालय के मल्लीताल स्थित गुरुद्वारे में पहुंचकर माथा टेका तथा वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी तथा उनके चारों साहिबजादों — बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह — की शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों का बलिदान केवल भारत के इतिहास में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व इतिहास में साहस, धर्मनिष्ठा और त्याग का एक अनुपम एवं अनोखा अध्याय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साहिबजादों की शहादत को सम्मान देने हेतु ‘वीर बाल दिवस’ मनाने की घोषणा उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों तक साहिबजादों की वीरता, शौर्य और पराक्रम की गाथाओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों ने अल्पायु में ही धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अद्भुत साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह बलिदान नई पीढ़ी को साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है तथा हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और समर्पित बने रहने की शक्ति प्रदान करता है।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, नवीन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार जोगिंदर सिंह आनंद, सचिव अमरप्रीत सिंह नोनू, संदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, जीत सिंह आनंद, जगजीत सिंह, गगनदीप सिंह, जसमीत सिंह, सतनाम सिंह, हरनमन सिंह, अजीत सिंह के अलावा जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. व अन्य प्रशासनिक अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने नैनीताल में 13 विकास कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास

लोकार्पण योजनाओं में – 29 करोड़ 16 लाख की लागत से सूखाताल झील को रिचार्जिंग जोन एवं टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्वाइंट के रूप में विकसित किया गया जिसके अंतर्गत सूखाताल झील का संवर्धन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया। योजना अंतर्गत स्थल पर दो झीलों का निर्माण व उनके मध्य डक्ट का निर्माण , झील में पानी की शुद्धता हेतु एयरेशन प्लांट की स्थापना, 9 दुकानों का निर्माण, शौचालय ब्लॉक का निर्माण व विकसित स्थल पर प्रवेश हेतु मुख्य मार्ग से लगते हुए लिफ्ट एवं ट्रांजिट भवन का निर्माण एवं झील के चारों तरफ पैदल पथ का निर्माण कराया गया।

इसके अतिरिक्त 1 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से हल्द्वानी में जिला खनिज न्यास योजना अंतर्गत स्वीकृत कालाढूंगी रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी में पुस्तकालय के संरचनात्मक दृढ़ता एवं पुनरुद्धार का कार्य कराया गया।

*इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों के विकास हेतु कुल 11 योजनाओं का शिलान्यास भी किया*

जिसमें
* *9 करोड़ 63 लाख 9 हजार रूपये* की लागत से जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट पाडली मोटर मार्ग के किलोमीटर 11 में 74.15 मीटर स्थान के प्री स्ट्रेस सेतु (मोटर पुल) का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में सुगम आवागमन, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही क्षेत्र की सामाजिक आर्थिकी में सुधार आएगा।

* नैनीताल जिला मुख्यालय में *34 करोड़ 3 लाख 13 हजार* रुपये की लागत से नेशनल होटल तल्लीताल में प्राधिकरण की कार पार्किंग से लगती नगर पालिका की भूमि पर ऑटोमेटेड मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 202 चार पहिया एवं 96 दो पहिया वाहनों हेतु पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। पार्किंग निर्माण से जन सामान्य में पर्यटकों को पार्किंग सुविधा का लाभ मिलेगा

* रामनगर में *38 करोड़ 57 लाख 64 हजार* रुपए की लागत से माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा रामनगर पुरानी तहसील की खाली भूमि पर बहु मंजिला पार्किंग निर्माण किया जाएगा। पार्किंग स्थल पर 343 वाहनों हेतु पार्किंग सुविधा एवं 16 दुकानों का निर्माण कार्य किया जाएगा जिससे क्षेत्र वासियों एवं पर्यटकों को वाहन पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
* रामनगर में *10 लाख 29 हजार* की धनराशि से जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत विकासखंड रामनगर के पेयजल से जुड़े राजकीय नलकूपों से 62 आर0जी0 ग्राम शंकरपुर में एक सर्वो वोल्टेज स्टेबलाइजर की स्थापना की जाएगी जिससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।

* रामनगर में *10 लाख 29 हजार* रुपये की लागत से जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत विकासखंड रामनगर के पेयजल से जुड़े राजकीय नलकूपों से 17 आर0जी0 ग्राम जोगीपुरा में एक सर्वो वोल्टेज स्टेबलाइजर की स्थापना की जाएगी जिससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।

* जनपद नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में *60 लाख 57 हजार* रुपये की लागत से ग्राम अमेल में नलकूप के स्थान 1 लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण किया जाएगा, जिससे किसानों की सिंचाई का समाधान होगा।
* विधानसभा हल्द्वानी में *61 लाख 23 हजार* रुपए की लागत से चार विद्यालयों की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जाएगा। जिससे छात्र-छात्राओं को अधिक सुरक्षित व स्वच्छ माहौल एवं पठन-पाठन में सुविधा मिलेगी।
* विधानसभा लालकुआं अंतर्गत *4 करोड़ 4 लाख 33 हजार* रुपए की लागत से 14 विद्यालयों एवं 1 आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर पठन पाठन व सुविधा का लाभ मिलेगा।

* विधानसभा कालाढूंगी में *2 करोड़ 8 लाख 85 हजार* की लागत से पांच विद्यालयों, एक सड़क निर्माण, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा एक उपकेंद्र के मरम्मत व निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
* विधानसभा रामनगर के अंतर्गत *78 लाख 22 हजार* की लागत से 4 विद्यालयों में मरम्मत व निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
* जिले के गोला नदी के दानीजाला में *28 लाख ब्याज 82 हजार* रुपए की लागत से रिवर क्रॉसिंग केबल का निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी विकास कार्य जनपद नैनीताल के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने,पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने,जनोपयोगी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में निरंतर आधारभूत जनसुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने,अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने हेतु निरंतर संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास हुवा है यह सभी कार्य समय बद्धता एवं गुणवत्ता युक्त हों इसका विशेष ध्यान रखा जाय।
इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट,उत्तराखंड सरकार में दायित्व धारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, नवीन वर्मा,मंडी परिषद के सलाहकार सदस्य मनोज जोशी, आयुक्त कुमाऊँ व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टी सी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटन नगरी नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल में प्रतिभाग किया। उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि नैनीताल कार्निवाल उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान से राज्य के सभी पर्यटन क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल एवं पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और इन क्षेत्रों में पलायन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को भी सशक्त बना रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
*नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल से क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन विकास को और अधिक गति मिलेगी।* उन्होंने नैनीताल विंटर कार्निवाल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह शीतकालीन कार्निवाल कई मायनों में विशेष है क्योंकि आज हम जहां एक ओर नैनीताल में इस भव्य विंटर कार्निवाल के लिए एकत्रित हुए हैं वहीं नैनीताल के समग्र विकास के लिए सैंकड़ों करोड़ रुपए की परियोजनाओं को भी जनता को समर्पित किया है। आज का यह दिन इसलिए भी अत्यंत विशेष है क्योंकि आज हमारे पृथक राज्य निर्माण के स्वप्न को साकार करने वाले भारतीय राजनीति के अजातशत्रु पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न स्व अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती भी है, इस अवसर पर समस्त प्रदेश वासियों की ओर से श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी को कोटि कोटि नमन करते हुए उन्हें भावांजलि अर्पित करता हूं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नैनीताल जनपद के अंतर्गत 121 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 13 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास का भी जिक्र करते हुए कहा कि नैनीताल जिला निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी के लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि नैनीताल की पावन भूमि पर सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शीतकालीन कार्निवल का आयोजन इतने भव्य रूप में किया जा रहा है। इस शीतकालीन कार्निवल के माध्यम से जहां एक ओर यहां आने वाले लोगों को हमारी समृद्ध संस्कृति, परम्पराओं और प्राकृतिक सुंदरता को नजदीक से अनुभव करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं पर्यटक हमारी लोक संस्कृति, कारीगरी और पारंपरिक स्वाद से भी परिचित हो रहे हैं।

इस महोत्सव के दौरान जहाँ एक ओर प्रतिदिन अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश और राज्य के कई प्रख्यात कलाकारों द्वारा अपनी प्रस्तुतियाँ दी गई,वहीं, बोट रेस, सांस्कृतिक झांकियो, लाइट एंड साउंड शो तथा मनमोहक बैंड प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी हुआ। इस कार्निवाल में पर्यटकों के लिए प्रकृति भ्रमण, ट्रेकिंग, एस्ट्रो टूरिज़्म तथा आर्टिफ़िशियल रॉक क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विंटर कार्निवल न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं को प्रस्तुत करने का एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ-साथ राज्य में तीर्थाटन और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। सिद्धपीठ नैनादेवी मंदिर के साथ-साथ कैंची धाम, तल्लीताल में हनुमानगढ़ी और मुक्तेश्वर धाम सहित क्षेत्र के विभिन्न पौराणिक मंदिरों का भी विकास किया जा रहा है। आज एक ओर जहां प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है, वहीं राज्य में साहसिक पर्यटन जैसे ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग को भी बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बारहों महीने पर्यटन की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “शीतकालीन यात्रा” की शुरुआत भी की है। इतना ही नहीं, सरकार प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ”स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” की स्थापना भी करने जा रहे है।
इसके साथ ही सरकार अपने पारंपरिक मेलों, उत्सवों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल का विंटर कार्निवल भी शीतकाल के दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमारी लोक संस्कृति, कला और पारंपरिक विरासत को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच रहा।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से अपील की, कि जिस प्रकार पूर्व में नवरात्रों के अवसर पर नैनीताल में शरदोत्सव तथा ओटम फेस्टिवल का आयोजन किया जाता था।
हमें ऐसे आयोजनों को पुनः शुरू करना चाहिए, ताकि क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहॉं एक ओर *एक जनपद, दो उत्पाद* योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया है, वहीं *हाउस ऑफ हिमालयाज* ब्रांड ने स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया है। इसके साथ ही राज्य में ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाओं के माध्यम से अपनी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य भी राज्य में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिले में सैकड़ों की संख्या में होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय लोगों को रोज़गार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप, आज उत्तराखंड राज्य विभिन्न चुनौतियों के बावजूद भी अनेकों क्षेत्रों में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य ने पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके साथ ही राज्य को पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए Best Wildlife तथा Best Adventure Destination जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।
इसके साथ ही सतत पर्यटन के लिए World Responsible Tourism Award में “One to Watch” पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। वहीं केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्य के चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को “सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार” से भी सम्मानित किया गया है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार, राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है, इसलिए सरकार ने देवभूमि के देवत्व की रक्षा के लिए अनेकों कठोर निर्णय लिए हैं। सरकार ने सुनियोजित लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अभी तक 10 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त कराया है। राज्य में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 500 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया है,और आगे भी इस अभियान को जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में एक सख्त भू-कानून भी लागू कर दिया है, जिससे राज्य के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही राज्य में सख्त दंगारोधी कानून लागू कर दंगा फैलाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया,जिससे बहुविवाह, हलाला जैसी कुकृत्यों से महिलाओं को आजादी मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जहां एक ओर राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है वहीं भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की है। जिसके माध्यम से पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, वहीं, 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया गया है। राज्य में भ्रष्टाचार करने वाले आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित 200 से अधिक लोगों पर सख्त कार्रवाई कर प्रशासन को पारदर्शी बनाने का प्रयास भी किया है।

इस अवसर पर अपने संबोधन के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग करने की अपील उपस्थित जनता से की। उन्होंने कहा कि *हम स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो हमारा ये कदम न केवल हमारे कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।*

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखंड के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई विभिन्न प्रस्तुतियों का भी आनंद लिया गया।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, सुरेश भट्ट, दिनेश आर्या,शांति मेहरा नवीन वर्मा,आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटक, क्षेत्रीय जनता आदि उपस्थित रही।

नैनीताल में ग्राम सौड़ से आए ग्रामीणों ने पंगोट देचौड़ी सड़क स्वीकृति देने पर किया मुख्यमंत्री का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने नैनीताल प्रवास के दौरान प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई जनता से मुलाकात की व उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम सौड़ से आए ग्रामीणों द्वारा पंगोट देचौड़ी सड़क स्वीकृति पर मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि काफी लंबे समय से उनकी सड़क निर्माण की जो मांग थी आज उनके द्वारा पूरी कर ली गई है, इससे क्षेत्र वासियों को सड़क सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

इस दौरान ग्रामीणों ने राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ में अध्यापकों की तैनाती एवं भवन निर्माण की मांग भी मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित रही।

नैनीताल में सीएम ने विद्या भारती विद्यालयों के मेधावी बच्चों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नैनीताल के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान उत्तराखंड द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा में विद्या भारती विद्यालयों के उत्कृष्ट स्थान प्राप्त अभ्यर्थियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में मैरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान सभी में एक नई ऊर्जा का संचार करेेगा, नया उत्साह लाएगा तथा भविष्य में जीवन में आने वाली सभी परीक्षाओं में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के विचारों को आत्मसात करते हुए विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में बडा योगदान दे रहा है। इसके स्पष्ट प्रमाण हैं कि यदि कोई भी कार्य अच्छी सोच के साथ कड़ी मेहनत के साथ निरंतर किया जाए तो उस कार्य को सफल होने से रोका नहीं जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष में ये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, इस विशिष्ट कार्यक्रम में उपस्थित होना उनके लिये गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के पश्चात यह अनुभव किया गया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता है इन्हीं विचारों को मूर्त रूप देते हुए 1952 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से गोरखपुर में संस्कारी, चरित्रवान और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाने के दिव्य संकल्प के साथ पहला सरस्वती शिशु मंदिर प्रारंभ हुआ। इसी उद्देश्य से विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान का गठन हुआ। आज विद्या भारती ने भारतीय शिक्षा पद्धति और आधुनिक शिक्षा के मेल से शिक्षा जगत में नई क्रांति फैलाई है। शिक्षा के क्षेत्र में बोया गया वह एक छोटा सा बीज आज एक विशाल वृक्ष बनकर देशभर को शिक्षा और संस्कार की छांव भी दे रहा है। विद्या भारती देश भर में लगभग 13000 औपचारिक एवं 12000 अनौपचारिक विद्यालयों के माध्यम से 35 लाख छात्रों में ज्ञान, करुणा, संस्कृति और सदाचार जैसे मानवीय गुणों को उनके संस्कारों में लाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती द्वारा आदिवासी बहुल इलाकों, अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले क्षेत्रों में भी सैकड़ों विद्यालय खोले गए हैं, उत्तराखंड में भी विद्या भारती का योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा विद्या भारती के सात स्कूलों को सैनिक स्कूल के रूप में स्थापित करने हेतु चयन किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के भविष्य निर्माण में 70 वर्षों से अधिक समय से अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, विद्या भारती और उसके सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, संचालकों, आचार्याे, शिक्षक गणों को उनके द्वारा शिक्षा के जगत में है किए गए महान योगदान के लिए भी धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखकर उत्तराखंड सरकार ने सर्वप्रथम नई शिक्षा नीति को उत्तराखंड में लागू करने का काम किया है, साथ ही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और व्यवहारिक बनाने के लिए अनेक स्तरों पर सरकार नीति तैयार कर अनेक निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से लेकर 12 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें और कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के बच्चों को पाठ्य पुस्तकों के साथ जूट बैक भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत मेधावी छात्रों को प्रतिभा छात्रवृत्ति भी दी जा रही है, इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड के हाई स्कूल और इंटर में टॉप करने वाले छात्रों को भारत भ्रमण पर भी लेकर जाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। राज्य में 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। महिला छात्रावास, आईटी लैब सहित परीक्षा भवन आदि का निर्माण भी किया जा रहा है इसके साथ ही ब्रिटेन के साथ उत्तराखंड छात्रवृत्ति हेतु समझौता किया गया है जिसके तहत पंच श्रेष्ठ विद्यार्थियों को मास्टर डिग्री के लिए ब्रिटेन भेजा जाएगा, हमने इन्फोसिस स्प्रिंग बोर्ड के साथ भी राज्य के उच्च शिक्षण संस्थाओं में कंप्यूटर आधारित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करने हेतु भी समझौता किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के युवाओं को और बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से देश के 100 श्रेष्ठ रैंकिंग वाली संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले युवाओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही हैं। उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां बुनियादी शिक्षा को बढ़ाने के साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थीयों की रचनात्मकता को और बढ़ावा देने हेतु बस्ता रहित दिवस को भी पाठ्य चर्चा में शामिल किया गया है। इसके अलावा विरासत पुस्तक के माध्यम से कक्षा छः से लेकर आठ तक के छात्रों को भारत की संस्कृति लोक परंपरा और देश और प्रदेश की महान विभूतियों के जीवन परिचय कराने का कार्य भी किया जा रहा है।

उन्होेंने कहा कि राज्य की पुस्तक पाठ्यक्रम में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के जननायकों की शौर्य गाथाओं को भी सम्मीलित किया है जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी को उनके योगदान, आंदोलन व उनके बलिदान को समझ सके और राज्य के प्रति उनके अंदर उत्तरदायित्व की एक भावना विकसित हो सके। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा को विकसित करने के लिए कौशल कार्यक्रम भी राज्य में प्रारंभ किया है इसके अतिरिक्त संघ लोक सेवा आयोग सीडीएस एनडीए इन सभी परीक्षाओं में पास होने पर उनके साक्षात्कार की तैयारी करने के लिए 50000 की धनराशि का प्रावधान भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण विश्व सनातन धर्म और संस्कृति के महत्व को समझ रहा है इसे देखते हुए देहरादून में दून विश्वाविद्यालय में आईटी सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की है। जिसमें हिंदू सभ्यता और संस्कृति से जुड़े अनेक पहलुओं पर शिक्षण और शोध कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है जिसका परिणाम है पीछले चार वर्षों में राज्य में 25000 से भी अधिक अभ्यर्थियों को योग्यता, क्षमता और प्रतिभा के आधार पर नौकरियां प्राप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है उन्होंने पिछले कुछ दिनों से देवभूमि में घटित घटना का जिक्र करते हुए कहा कि नकल माफियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा की उनकी दाल अभी उत्तराखंड में गलने वाली नहीं है और उनके जीते जी कोई भी राज्य के गरीब माता-पिता के बेटे, बेटियों उनके भाई बहनों के साथ ,युवा नौजवानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं कर पाएगा।

उन्होंने कहा कि यूकेएसएसएससी पेपर में नकल का प्रकरण एक सेंटर पर एक विशेष व्यक्ति के ऊपर आया है उसकी गिरफ्तारी की जा चुकी है उससे संबंधित सभी लोगों से जानकारियां ली जा रही है व उसकी जांच की जा रही है हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज उसका पूरा सुपरविजन करेंगे,उन्होंने कहा कि कहीं पर भी कोई ऐसा प्रकरण आएगा जिससे छात्रों का अहित हो रहा हो, तो सरकार, वही करेगी जो छात्र हमारे चाहते हैं उनके हित में वही निर्णय सरकार द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा की पूरी जांच होने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और जो भी दोषी होंगे उनको कठोर से कठोर दंड दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान देश की युवा पीढ़ी को भारतीय मूल्यों संस्कृति के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने के इस महान कार्य को और अधिक विस्तार देते हुए देश को विकसित राष्ट्र बनाने के हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सपनों को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका इसी प्रकार निभाता रहेगा जिससे युवाओं में राष्ट्र प्रथम की भावना होगी और राष्ट्र को विश्व गुरु बनाने में सफल होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों से विद्या भारती के विद्यालयों से बोर्ड परीक्षा में मेरिट लिस्ट में आए छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। तथा उनके उज्जवल भविष्य का उन्हें आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर डोमेश्वर साहू, प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र, अखिल भारतीय शिक्षा समिति उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ.नरेंद्र सिंह भंडारी, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दायित्वधारी डॉ अनिल डब्बू, शांति माहरा, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत, आईजी कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा, प्रंबधक पार्वती प्रेमा जगाती श्याम अग्रवाल एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम ने पीएम के मन की बात का 126वां एपिसोड देखा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार मैदान, वीरभट्टी, नैनीताल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का 126वां एपिसोड सुना। मुख्यमंत्री ने कहा यह कार्यक्रम देश को नई सोच और सकारात्मक दिशा देने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को जोड़ने का काम किया है। जनहित में कार्य कर रहे लोगों की मेहनत और लगन को उन्होंने जन-जन तक पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में नारी-शक्ति का सम्मान करने और स्वदेशी को अपनाने का संकल्प लेने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर खादी और स्वदेशी अपनाने का भी आह्वान किया है। प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि 2 अक्टूबर को कोई न कोई खादी उत्पाद अवश्य खरीदें और सोशल मीडिया पर रुटवबंसथ्वतस्वबंस के साथ साझा करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी इस मुहिम में अपना सहयोग देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने भारत की उन बेटियों का मान बढ़ाया, जिन्होंने नाविका सागर परिक्रमा जैसी कठिन 47,500 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर नया इतिहास रचा है। प्रधानमंत्री ने लोकल उत्पादों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने की भी बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के सपने को पूरे करने के लिए सभी के सामने जो संकल्प रखें हैं, उन्हें हम सबने मिलकर पूरा करना है।

इस अवसर पर डोमेश्वर साहू, प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र, डॉ. नरेंद्र सिंह भंडारी, विधायक नैनीताल सरिता आर्य, विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दायित्वधारी डॉ अनिल डब्बू, शांति माहरा, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत, आईजी कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
———————–
बच्चों को स्वच्छता ही सेवा के तहत दिलाई गंगा शपथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार नैनीताल में आयोजित स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में प्रतिभाग कर विद्यालय के बच्चों को स्वच्छता ही सेवा के तहत गंगा शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का अभियान तभी सफल होगा जब इसमें जन भागीदारी होगी। मुख्यमंत्री ने छात्रों का आह्वान किया कि वे अपने आस-पास सफाई पर ध्यान देकर स्वच्छ उत्तराखण्ड की दिशा में किये जा रहे प्रयासों को गति देने में सहयोगी बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे स्वभाव व संस्कार में स्वच्छता की भावना आये इस दिशा में भी हमे प्रयासरत रहना होगा।

इससे पूर्व विद्यालय के छात्रों ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय परिसर में बृहद स्वच्छता अभियान भी चलाया।

इस दौरान आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ पराग मधुकर धकाते, आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना, नमामि गंगे कार्यक्रम उत्तराखंड के कार्यक्रम निदेशक विशाल मिश्रा,संचार विशेषज्ञ पूरन कापड़ी, सरस्वती विहार के प्रधानाचार्य डॉ सूर्यप्रकाश सहित विद्यालय के छात्र आदि उपस्थित रहे।

सीएम धामी बोले, देवभूमि उत्तराखंड अब खेल भूमि के रूप में सशक्त रूप से उभर रहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल स्थित डीएसए मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि डीएसए मैदान को उच्च स्तरीय खेल सुविधाओं के साथ एक मॉडल स्पोर्ट्स सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन संभव हो सकेगा। नैनीताल में वैकल्पिक पार्किंग का विकास किया जाएगा और फ्लैट्स मैदान में हॉकी टर्फ तथा बॉक्सिंग रिंग स्थापित की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्लैट्स मैदान का उपयोग केवल खेल एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किया जाएगा और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक रहेगी, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों के हित सुरक्षित रह सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत नैनीताल व हल्द्वानी में सात राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेलों में हार-जीत से ऊपर उठकर खेल भावना को अपनाना ही सच्ची जीत है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “हमारी देवभूमि अब खेलभूमि के रूप में सशक्त रूप से आगे बढ़ रही है।” उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष जैसे गुणों का भी निर्माण करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में खेल संस्कृति को मजबूत आधार मिला है और भारत अब वैश्विक खेल मंचों पर नई पहचान बना रहा है। उत्तराखंड भी अब देवभूमि के साथ-साथ खेल भूमि बनने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में हाल ही में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। इन खेलों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भव्य रूप से किया गया और नैनीताल व हल्द्वानी में सात राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही स्पोर्ट्स लिगेसी प्लान लागू करेगी, जिसके अंतर्गत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी, जहाँ हर साल सैकड़ों खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जा रहा है। सरकार द्वारा लागू नई खेल नीति के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। साथ ही मुख्यमंत्री खेल विकास नीति, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, उदयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना के माध्यम से उभरते खिलाड़ियों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उत्तराखंड खेल रत्न और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार जैसे प्रोत्साहनों से खिलाड़ियों की प्रतिभा को उचित मान-सम्मान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष भाजपा प्रताप सिंह बिष्ट, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भीमताल विधायक राम सिंह केड़ा, मंडी अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू, गंगोलीहाट विधायक फकीर राम टम्टा, राज्य दर्जा मंत्री सुरेश भट्ट, राज्य दर्जा मंत्री दिनेश आर्य, दायित्वधारी दीपक मेहरा, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, अजय वर्मा (महापौर अल्मोड़ा), प्रदेश महामंत्री महिला मोर्चा भाजपा भावना मेहरा, कार्यक्रम आयोजक मोहित आर्या, शांति मेहरा, अधिवक्ता शिवांशु जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता तथा प्रशासनिक अधिकारी कृ कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी कुमाऊं रिद्धिमा अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा, उप जिलाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने नैनीताल में विकास कार्यों का किया निरीक्षण, डीएसए मैदान में कई अहम घोषणाएं की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को नैनीताल पहुँचे। प्रवास के पहले दिन उन्होंने मल्लीताल में मानसखण्ड मंदिर माला योजना के तहत 1101 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस योजना के अंतर्गत 12 नई दुकानों का विकास किया जा रहा है, जिनका उद्घाटन भी किया गया।

इस अवसर पर ’मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की
धुनीघाट एवं रातीघाट पैदल मार्ग के सुधार का कार्य किया जाएगा।
शहीद संजय बिष्ट मोटर मार्ग (कैंची-हरतपा-हैलीमोटर मार्ग से तितोली तक) का उच्चीकरण एवं सुधार होगा।
राज्य मार्ग संख्या-71 (रामनगर-भंडारपानी-अमगड़ी-भौराकोट-बेतालघाट-भुजान रिची-बिल्लेख) के खंडों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
डीएसए मैदान को राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण के लिए मॉडल स्पोर्ट्स सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
नैनीताल में वैकल्पिक पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
फ्लैट्स मैदान में हॉकी टर्फ और बॉक्सिंग रिंग बनाई जाएंगी।
फ्लैट्स मैदान का उपयोग केवल खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किया जाएगा, अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक रहेगी।
नैनीताल बस अड्डा परिसर का पुनर्विकास लाइटवेट स्ट्रक्चर के माध्यम से किया जाएगा ताकि सार्वजनिक परिवहन सुविधा बढ़े और ट्रैफिक जाम कम हो।
मुख्य स्थलों का रोड सेफ्टी सर्वेक्षण कर वॉटर लेक्स कम किए जाएंगे।
स्थानीय वेंडरों के लिए वेंडिंग ज़ोन का निर्माण किया जाएगा।
नैनी झील की डिसिल्टिंग की जाएगी और रेलिंग बदली जाएगी।’

मुख्यमंत्री ने डीएसए मैदान में बास्केटबॉल कोर्ट का शुभारंभ किया, खिलाड़ियों को खेल किट वितरित की तथा जिले के पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेल 2025 उत्तराखंड में जनपद नैनीताल के पदक विजेता और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों-लतिका भंडारी, भूमिका जंतवाल, नितेश बिष्ट, निर्मल बिष्ट, अंश बिष्ट, कनिष्क जोशी, सूर्या पटेल, भाग्रवी रावत, श्रद्धा जोशी, कोमल, न्वया पांडे, वैभव सिंह पडियार, एसडीएम नवाजिश खलीक सहित अन्य खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, स्व. श्री एन.के. आर्य स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट के प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नैनीताल में सीवर लाइन और एसटीपी का कार्य प्रगति पर है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए ऑटोमेटिक पार्किंग की मंजूरी दी गई है। जल्द ही अशोक पार्किंग का विस्तार और मेट्रो पार्किंग का निर्माण भी शुरू होगा, जिसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि मानसखण्ड कॉरिडोर के अंतर्गत मां नैना देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण चल रहा है। डीएसए मैदान का सुधारीकरण और वलिया नाला व ठंडी सड़क पर भूस्खलन सुरक्षा के कार्य भी तेजी से हो रहे हैं। बच्चों की मांग पर यहां वॉलीबॉल ट्रैक का लोकार्पण किया गया है। मां नैना देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण हेतु 12 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा रही है, और आवश्यकता पड़ने पर इस कार्य को आगे भी बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन विकास कार्यों से स्थानीय जनता और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और सुगम आवागमन मिलेगा, जिससे नैनीताल का विकास और गति पकड़ेगा ।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री सड़क परिवहन, अजय टाम्टा, मंत्रीविधायक सरिता आर्य, फकीर राम आर्य, राम सिंह कैडा, दीवन सिंह विष्ट, शिव ओरोर, मण्डी परिषद उत्तराखण्ड, डॉ. अनिल कूपर डूब्बू, दर्ज राज्य मंत्री दीपक मेहरा, दिनेश आर्य, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, अविद पडियार, दया पोखरिया, मोनज जोशी, मनोज साह, नितिन कार्की सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। साथ ही कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी वंदना सिंह, आईजी रिधिम अग्रवाल, एसएसपी पीएम मीणा, एडीएम विवेक राय एवं पी आर चौहान भी मौजूद थे।

नैनीताल में पार्किंग के लिए शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर अस्थायी रूप से उत्तराखंड सरकार को आवंटित

भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा नैनीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र द्वारा इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नैनीताल में पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए शत्रु संपत्ति – मेट्रोपोल होटल परिसर के खुले स्थान को पार्किंग हेतु अस्थायी रूप से आवंटित करने का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री के अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नैनीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया गया है।

इस निर्णय से नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल में आने वाले पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। पार्किंग की बढ़ती समस्या से निजात मिलने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे नैनीताल में पार्किंग की समस्या को दूर करने में काफी सुविधा होगी।