मन की बात देशवासियों के लिए करता है प्रेरणा देने का कामः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जाखन, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 109 वां संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों के ऐसे प्रयासों को सामने लाया जा रहा है,जो निस्वार्थ भावना के साथ समाज और देश को सशक्त करने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आज पद्म सम्मान प्राप्तकर्ताओं का जिक्र किया। पद्म पुरस्कार पाने वाले अधिकतर लोग, अपने-अपने क्षेत्र में काफी अनूठे काम कर रहे हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में काफी तेजी से कार्य हुए हैं। इसी का परिणाम है कि आज हमारी नारी शक्ति हर क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों का जिक्र किया। उत्तराखण्ड में आयुर्वेद के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड का अधिकांश भाग वनों से आच्छादित है। राज्य में आयुर्वेद के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। आयुर्वेद की संभावनाओं को बढ़ाने के राज्य में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से साज सेवा के लिए विशिष्ट कार्य करने और जन सरोकारों से जुड़े अभियानों में सराहनीय कार्य करने वालों को आगे लाने का कार्य किया है। इससे समाज में अन्य लोगों को भी अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों को व्हील चेयर भी प्रदान किये।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सीएम ने अल्मोड़ा के लाभार्थियों से संवाद कर जाना हाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय से वर्चुअल माध्यम से विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत अल्मोड़ा जनपद के लाभार्थियों से संवाद किया। इन्हें विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 12 लाभार्थियों से संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 9 साल के कार्यकाल में समाज के हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई गई और उनका लाभ समाज के अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का पूरा लाभ मिले। राज्य की सभी ग्राम पंचायतों तक विकसित भारत संकल्प यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के 9 साल के कार्यकाल में देश में कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। 2047 तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया का विकसित देश बने, इस दिशा में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड का तेजी से विकास हो रहा है। इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुचाने के लिए शिविरों के आयोजन और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। समाज के हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके, इसके लिए उन्होंने विभिन्न योजनाओं का लाभ ले चुके लोगों को भी अन्य लोगों को इनकी जानकारी देने का आह्वाहन किया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी अल्मोड़ा को निर्देश दिये कि पी.एम विश्वकर्मा योजना के तहत पात्र लोगों को पूरा लाभ मिल सके, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं।
मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान अल्मोड़ा के पान सिंह परिहार ने बताया कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 3 लाख रूपये का लोन लिया था। वे पोल्ट्री फार्म का कार्य कर रहे हैं। इस व्यवसाय से उनकी सालाना 8 से 10 लाख रूपये की आय हो रही है। प्रीति भंडारी ने बताया कि उन्होंने 2014 से मशरूम का कार्य शुरू किया। सरकार का इसके लिए पूरा सहयोग मिला। 2021 में दीन दयाल किसान कल्याण योजना से उन्होंने 3 लाख का लोन लिया। अभी उनकी संस्था से 26 महिलाएं जुड़ी हैं। सीमा कुमारी ने बताया कि वे 2021 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी। उन्हें सीआईएफ और आर.एफ के तहत धनराशि मिली। उनके द्वारा अन्य महिलाओं के साथ जूट बैग बनाये जा रहे हैं। उनका सालाना लाभांश तीन से साढ़े तीन लाख रूपये का है। अमर सिंह मेहता ने कहा कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड और आयुष्मान योजना का लाभ लिया। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान रहते हुए उन्होंने ग्राम सभा के सभी परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाये। इस योजना का गांव से अनेक लोग फायदा भी ले चुके हैं। सभी लाभार्थियों ने इन विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, आनंद स्वरूप, वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी अल्मोड़ा विनीत तोमर और मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे उपस्थित रहे।

जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्यः सीएम

विकसित भारत संकल्प यात्रा का राज्य में सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने के लिए इस अभियान को मिशन मोड में लें। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद स्तर पर एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए और उनसे प्रतिदिन की रिपोर्ट भी ली जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप विकसित भारत संकल्प यात्रा उन लोगों तक पहुंचने का बड़ा माध्यम बन गई है जो अब तक सरकारी योजनाओं से नहीं जुड़ पाये थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन कल्याण से जुड़ी योजनाओं की आम जनता तक पहुंच बनाने के लिए हमें स्कूली बच्चों से लेकर बजुर्गों तक सभी को सहयोगी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि हमारा ध्येय है कि लोगों को उनके घरों पर ही सभी आवश्यक सुविधाएं मिले। जन सुविधाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन सिस्टम को प्रभावी बनाया गया है। आम जनता को जन कल्याणकारी योजनाओं की पूरी जानकारी होने पर वे सभी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि ग्राम पंचायतों में प्रचार वाहन भेजने से पूर्व इसकी सूचना स्थानीय लोगों तक पहुंचे। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी मौके पर लोगों को लाभ मिले, इसके लिए शिविरों का आयोजन भी किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि सांसदगणों, विधायकगणों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को भी विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाए ताकि उनका भी मार्गदर्शन एवं सहयोग इसमें मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी 2024 तक आयोजित हो रही विकसित भारत संकल्प यात्रा के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी सचिव भी दो-दो दिन जनपदों में जाएं। सभी सचिव इस आयोजन के संबंध में अपने विभागों की नियमित समीक्षा भी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला एवं विकासखण्ड स्तर के अधिकारी विकास संकल्प यात्रा के दौरान निरन्तर फील्ड में रहें और सरकार की योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सीमान्त क्षेत्रों में भी इस आयोजन को और प्रभावी बनाया जाए। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विकसित भारत संकल्प यात्रा में स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाए। आजादी के अमृत महोत्सव में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल फैनेई, सचिव शैलेश बगोली, राधिका झा, अरविन्द सिंह ह्यांकी, दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, आनन्द स्वरूप, वर्चुअल माध्यम से अपर सचिव भारत सरकार श्री राकेश वर्मा, सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं भाजपा संगठन से प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी और विकसित भारत संकल्प यात्रा के प्रदेश सह संयोजक सौरभ थपलियाल उपस्थित थे।

सफलताः सभी श्रमिक 17वें दिन सुंरग से सकुशल निकाले गए

देहरादून। आज का मंगलवार पूरे देश के लिए मंगलमयी खबर सामने लाया है। डबल इंजन सरकार के सशक्त नेतृत्व और रेस्क्यू टीमों के अथक परिश्रम से ऑपरेशन सिलक्यारा फतह कर लिया गया है। सुरंग में फंसे सभी 41 श्रमिक 17वें दिन सकुशल बाहर आ गए हैं।

उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग में 12 नवंबर को भूधंसाव होने से 41 श्रमिक सुरंग में ही फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। देहरादून से पहुंचे एसडीआरएफ के जवान स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के साथ तत्काल रेस्क्यू में जुट गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके का जायजा लेने पहुंचे। सीएम के दौरे के साथ ही रेस्क्यू अभियान जोर पकड़ गया। राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हो गईं।

सुरंग में मलबा हटाने के लिए सबसे पहले जेसीबी लगाई गई, लेकिन ऊपर से मलबा गिरने पर सफलता नहीं मिल पाई तो देहरादून से ऑगर मशीन मंगाकर सुरंग में ड्रिलिंग शुरू की गई।
ऑगर मशीन जवाब दे गई। फिर दिल्ली से अमेरिकन ऑगर मशीन मौके पर पहुंचाई गई। इसके लिए वायुसेना के हरक्यूलिस विमानों की मदद ली गई। इन विमानों ने मशीन के पुर्जों को चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर पहुंचाया और यहां से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर सिलक्यारा पहुंचाया गया।

सुरंग में लगभग 50 मीटर ड्रिलिंग के बाद सरिया सामने आने के कारण इस मशीन में भी खराबी आ गई। फिर हैदराबाद से प्लाज्मा कटर मंगाया गया। कटर से ऑगर को काटने के बाद 16वें दिन मैनुअल ड्रिलिंग शुरू की गई और आज 17वें दिन जिंदगी का पाइप श्रमिकों तक पहुंचा दिया गया। यही नहीं सरकार तीन अन्य मोर्चों पर भी काम कर रही थी। इसमें वर्टिकल ड्रिलिंग का काम भी 50 मीटर तक पहुंच चुका था।

रेस्क्यू टीमों को सैल्यूट

राज्य और केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां, अधिकारी और कर्मचारी आज 17वें दिन तक पूरी तन्मयता और मनोयोग से रेस्क्यू में जुटी रही। मुख्यमंत्री धामी निरंतर स्थलीय निरीक्षण करने साथ ही रेस्क्यू टीमों की हौसला-अफजाई करते रहे। इसी का फल रहा है कि आज यह मिशन सफल हुआ।
रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, आरवीएनएल, एसजेवीएनएल, ओएनजीसी, आईटीबीपी, एनएचएआईडीसीएल, टीएचडीसी, उत्तराखंड राज्य शासन, जिला प्रशासन, भारतीय थल सेना, वायुसेना समेत तमाम संगठनों, अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही।

‘आस्था’ और ‘विज्ञान’ से अंजाम तक पहुंचा ‘मिशन सिलक्यारा’

सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू, विज्ञान और भगवान दोनों की बदौलत सफल हो पाया। कहीं न कहीं इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी देखने को मिला, जिससे एक आस बंधी कि सब कुछ ठीक होगा।
दरअसल, टनल में फंसे श्रमिकों का तो ईश्वर पर अटल विश्वास था ही बचाव अभियान दल ने भी हर रोज देव आराधना के बाद ही रेस्क्यू की शुरुआत की। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और ‘इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन’ के अध्यक्ष अर्नाेल्ड डिक्स भी टनल के मुहाने पर बनाए गए बौखनाग मंदिर में सिर झुकाकर श्रमिकों को सकुशल वापसी के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगा।

पीएम मोदी ने सिलक्यारा में बचाव कार्य में उत्पन्न होने वाली बाधा और रुकावट के बारे में सीएम से ली जानकारी

उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद संवेदनशील हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोजाना सिलक्यारा टनल में फंसे 41 श्रमिकों एवं उनके परिजनों के बारे में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को फोन कर अपडेट ले रहे हैं।
आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत में प्रधानमंत्री ने बचाव कार्य में उत्पन्न होने वाली बाधा और रुकावट के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें अवगत कराया कि न्यू ऑस्ट्रियन टनल मेथड से इस सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस्पात से बनी वस्तुओं के ऑगर मशीन के सामने आने पर कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। ऐसे में ऑगर मशीन को रोककर और फिर उसे बाहर निकालकर सभी अवरोधों को श्रमिकों द्वारा दूर किया जा रहा है, जिसके कारण इस प्रक्रिया में समय लग रहा है।
मुख्यमंत्री को इस दौरान प्रधानमंत्री ने विशेष निर्देश दिए कि जब श्रमिक टनल से बाहर निकलेंगे तो उनके स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान सुरंग के अंदर फँसे श्रमिकों की स्थिति और उनको दी जाने वाली खाद्य और दैनिक दिनचर्या की वस्तुओं के बारे में जानकारी लेने के साथ ही राहत और बचाव कार्य में लगे श्रमिकों की स्थिति और उनके लिए किए जा रहे सुरक्षा के उपाय के बारे में पूछा और निर्देश दिए कि इसमें किसी तरह की कोई कमी न रहे। उन्होंने बचाव कार्य की प्रगति और किए जा रहे कार्यों के साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और यदि किसी अन्य सहयोग की ज़रूरत है तो उस पर जानकारी ली। साथ ही श्रमिकों के परिजनों के बारे में जानकारी भी ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि सिलक्यारा सुरंग में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग करने के साथ ही उनके द्वारा मातली उत्तरकाशी में ही अस्थायी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थापित किया है ताकि बेहतर ढंग से पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग हो सके।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 6 इंच व्यास के पाइप लाइन मलवे के सफलतापूर्वक बिछाए जाने के बाद वैकल्पिक लाइफ लाइन बनाई गई है। जिसके माध्यम से टनल में फंसे श्रमिकों तक ताजा पका भोजन, फल, ड्राई फ्रूट्स, दूध, जूस के साथ ही डिसपोजेबल प्लेट्स, ब्रश, तौलिया, छोटे कपड़े, टूथ पेस्ट, साबुन, आदि दैनिक आवश्कता की सामग्री बोतलों में पैक कर भेजी जा रही है। जिससे श्रमिकों के भोजन एवं पोषण की समस्या को लेकर अब कोई चिंता नहीं है। इसी पाइप लाइन के जरिए एसडीआरएफ द्वारा स्थापित कम्युनिकेशन सेटअप के माध्यम से श्रमिकों से नियमित संवाद किया जा रहा है। इसी माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवार जनों को भी बातचीत कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं भी इसी माध्यम से श्रमिकों का हाल-चाल जाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रमिकों एवं उनके परिजनों का मनोबल बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सिलक्यारा में स्थापित अस्थाई अस्पताल में तैनात डॉक्टर्स के द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य के निरंतर निगरानी की जा रही है। एम्बुलेंस से लेकर नजदीकी अस्पताल में 41 विशेष बेड श्रमिकों हेतु तैयार किये गए हैं। मनोचिकित्सकों के द्वारा भी नियमित रूप से टनल में फंसे श्रमिकों की काउंसलिंग की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों में लगे राहत एवं बचाव कार्य में जुटे श्रमिक पूरे मनोयोग एवं अथक परिश्रम से जुटे हुए हैं। इन श्रमिकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेस्क्यू स्थल पर प्री कॉस्ट आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और ह्यूम पाइप के जरिए सुरक्षा कैनोपी और एस्केप टनल बनाई गई है। इससे किसी भी आपात स्थिति में सुरंग के भीतर रेस्क्यू में जुटे लोगो को सुरक्षित निकासी सुनिश्चित हो सकेगी। सुरक्षा से जुड़ी अन्य विशेष हिदयतो पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन में केंद्र एजेंसीयों के साथ बेहतर समन्वय बनाने हेतु राज्य सरकार की ओर से एक सचिव स्तर के अधिकारी को सिलक्यारा में ही तैनात किया गया है। उत्तरकाशी जिला प्रशासन और राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र प्रतिबद्धता के साथ जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के परिजनों का भी ध्यान रख रही है। परिजनों के आवास, भोजन, कपड़े, एवं परिवहन की व्यवस्था की गई है। परिजनों के समन्वय और उनकी सुविधाओं के जिला एवं राज्य स्तर पर अलग से अधिकारियों की तैनाती की गई है।

पीएम के नेतृत्व में जी20 देशों की मेजबानी पर वैश्विक नेताओं ने जानी देश की संस्कृति, गतिशील अर्थव्यवस्था

दिसंबर में उत्तराखंड में प्रस्तावित इन्वेस्टर समिट के आयोजन को लेकर दिल्ली में रोड शो का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में एक साल के अंदर 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री के इस विजन को साकार करने में हम भी निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत माह प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जी 20 देशों के सम्मेलन की मेजबानी द्वारा वैश्विक नेताओं को देश के समृद्ध इतिहास, संस्कृति एवं गतिशील अर्थव्यवस्था से परिचित कराने में मदद मिली। उत्तराखण्ड को भी जी 20 की तीन बैठकें आयोजित करने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके इंग्लैंड भ्रमण के दौरान वहां के पर्यटन मंत्री द्वारा इस सम्मेलन की सफलता बयान की। जी 20 के सफल आयोजन से हमें भी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन की प्रेरणा मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात की भांति उत्तराखण्ड में ऐसी शुरुआत की गई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी द्वारा उत्तराखण्ड को औद्योगिक पैकेज स्वीकार किये जाने से राज्य में औद्योगिक वातावरण के सृजन में मदद मिली। 2014 से पूर्व के कुछ वर्षों में यद्यपि इसमें कुछ व्यवधान रहा किन्तु 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है तथा 1.50 लाख करोड़ की विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा आज उत्तराखण्ड विश्वस्तरीय पसंदीदा पर्यटन गंतव्य बन रहा है। अब तक राज्य में 44 लाख लोग चार धाम यात्रा पर आ चुके हैं। कांवड़ यात्रा में इस वर्ष 4.15 करोड़ शिवभक्त आये जबकि गत वर्ष यह संख्या 3.75 करोड़ रही थी। पर्यटन सीजन में राज्य के सभी होटल, होम स्टे आदि की फुल बुकिंग रही, यह राज्य के पर्यटन के लिये निश्चित रूप् से शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है, इसके लिये सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटि आदि पर ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के आधारभूत ढांचे को विकसित करने में भी औद्योगिक निवेश अत्यंत आवश्यक है। इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए हमने उत्तराखंड में ’’ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से लन्दन एवं बर्मिंघम के रोड शो के दौरान 400 से अधिक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से 20 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, उससे यह सिद्ध होता है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी उद्यमी उत्तराखंड में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ हमारा प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण, ऑटो कम्पोनेन्ट विनिर्माण, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे अनेकों क्षेत्रों में निवेश हेतु औद्योगिक जगत का एक पसंदीदा स्थल भी है।
राज्य में लाइसेंस आदि के अनुमोदनों के लिए ’’सिंगल विंडो सिस्टम’’ की व्यवस्था में सुधार किया गया है। इस आयोजन हेतु राज्य के लिये फोकस सैक्टरों की पहचान की है जिनमें राज्य के पारम्परिक क्षेत्रों जैसे पर्यटन, आयुष, वेलनेस, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाईल्स, फार्मा के साथ-साथ वैकल्पिक ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र सम्मिलित हैं। इन फोकस सैक्टर्स की आवश्यकताओं को पूर्ण करने हेतु भूमि और आधारभूत संरचनाओं की पहचान की है, जिसके अंतर्गत राज्य में 6 हजार एकड़ से अधिक के एक विशिष्ट लैंड बैंक की स्थापना की गई है। इन सेक्टर्स में निवेश योग्य परियोजना प्रस्ताव भी साथ-साथ तैयार किये जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निवेशकों के पास राज्य में विभिन्न निवेश अवसरों का आकलन करने हेतु एक विशिष्ट रेफरेंस उपलब्ध हो। सरकार द्वारा मजबूत नीतिगत ढांचे में निवेशक हितैषी नीतियां बनाने के लिए विगत 4 माह में 27 से अधिक नीतियों को या तो बनाया गया है या नवीनीकृत किया गया है। जिनमें पर्यटन नीति-2023, डैडम् नीति-2023, स्टार्टअप नीति-2023, लॉजिस्टिक्स नीति-2023 आदि शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में उपस्थित उद्यमियों से आपसी संवाद के दौरान उनके विचार सुने तथा उनके द्वारा दिये गये सुझावों पर अमल करने का आश्वासन भी दिया।
सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम ने अपने संबोधन में उत्तराखंड को आर्थिक रूप से सक्षम राज्य बताते हुए देश भर के उद्यमियों को उत्तराखण्ड में निवेश के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का वातावरण उद्योगों के सर्वथा अनुकूल है।
रोड़ शो के दौरान महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा द्वारा अपने विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उत्तराखण्ड में निवेशकों की सुविधाओं के लिये किये जा रहे प्रयासों, राज्य के औद्योगिक, आर्थिक, विकास, पर्यटन की संभावनाओं के साथ आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के राष्ट्रीय परिदृष्य में उत्तराखण्ड के योगदान एवं प्रयासों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड निवेश की दृष्टि से सुरक्षित गंतव्य स्थल के रूप में उभर रहा है।
पुनीत कौरा, चेयरमैन सीआईआई दिल्ली और एमडी और सीईओ सैमटेल एवियोनिक्स लिमिटेड, कनिष्क जैन, उपाध्यक्ष, सीआईआई उत्तराखंड और कार्यकारी निदेशक, एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड, प्रशांत जैन, सीईओ, जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने इन्वेस्ट समिट की सफलता के लिये पूरे सहयोग का आश्वासन मुख्यमंत्री को दिया।
इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

स्वच्छता ही सेवा के तहत चला स्वच्छता अभियान, मंत्री अग्रवाल ने भी की शिरकत

भारतीय जनता पार्टी ऋषिकेश मंडल की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन पर महात्मा गांधी जी की जयंती के पूर्व दिवस पर श्रद्धांजलि स्वरूप एक तारीख एक घंटा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसमें क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ एक घंटा श्रमदान किया। साथ ही स्वच्छता के प्रति शपथ लेते हुए अपने परिवेश को स्वच्छ रखने का संकल्प भी लिया।

पुराना रेलवे स्टेशन के समीप श्रमदान कर शहरी विकास मंत्री मंत्री डा. अग्रवाल ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकने की अपील की। साथ ही लोगों से अपने आसपास के परिवेश में स्वच्छता बनाये रखने का आवाहन किया।

मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आवाहन पर आज पूरा देश स्वच्छता के प्रति जागरूक हुआ है। लोगों के भीतर पिछले साढ़े नौ वर्षों में स्वच्छता के प्रति एक अलख जगी है। उन्होंने कहा हमारे राज्य में भी स्वच्छता को लेकर अनेक अभियान निकाय स्तर पर चलाये जा रहे हैं। यही कारण है कि उत्तराखंड को इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में छह पुरस्कार प्राप्त हुए है।

मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि पूरे देश में महात्मा गांधी की जयंती के एक दिन पूर्व एक तारीख एक घंटा कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। कहा कि स्वच्छता पखवाड़ा के तहत आयोजित कार्यक्रम में हमें संकल्प लेना होगा कि अपने आसपास का वातावरण स्वच्छ रखेंगे। कूड़ा को सार्वजनिक स्थलों पर नहीं फेंकेंगे। साथ ही कूड़ा दिखने पर उसे कूड़ादान पर डालेंगे।

मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि यदि कूड़ा को सार्वजनिक स्थलों पर कोई डालता हुआ दिखाई दें तो जागरूक नागरिक की भूमिका निभाते हुए रोके। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, महामंत्री नितिन सक्सेना, हरीश तिवाड़ी, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, संजय शास्त्री, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष माधवी गुप्ता, जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा अंकित बिजल्वाण, युवा मोर्चा ऋषिकेश अध्यक्ष जगावर सिंह, महामंत्री अभिनव पाल, पार्षद शिव कुमार गौतम, राजेश दिवाकर, राजू नरसिम्हा, रूपेश गुप्ता, जितेंद्र भारती, सन्दीप शर्मा, संजीव सिलस्वाल, सहायक नगर आयुक्त रमेश रावत, सचिन अग्रवाल, भावना किशोर गौड़, राधे जाटव, रंजन अंथवाल, विवेक शर्मा, राघव, अनिमेष बिष्ट, आशीष अग्रवाल, त्रिलोक परमार, अमन कालड़ा, करन ग्रोवर, प्रवीण रावत सहित पर्यावरण मित्र आदि उपस्थित रहे।

डीएवीपीजी कॉलेज में सीएम ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने करनपुर, देहरादून स्थित डी.ए.वी.पी.जी कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 105वाँ संस्करण सुना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डी.ए.वी.पी.जी कॉलेज के स्मार्ट लाइब्रेरी स्थापना के कार्यों का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मन की बात एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों द्वारा सामान्य परिस्थितियों में किए जा रहे सराहनीय कार्यों को आगे लाया जाता है। इससे अन्य लोगों को भी विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। प्रधानमंत्री जी ने नैनीताल के युवाओं द्वारा बच्चों के लिए शुरू की गई अनोखी घोड़ा लाइब्रेरी का जिक्र किया। जिसके माध्यम से नैनीताल जनपद के दुर्गम 12 गांवों में रहने वाले बच्चों को स्कूल की किताबों के अलावा ‘कविताएँ’, ‘कहानियाँ’ और ‘नैतिक शिक्षा’ की किताबें भी पढ़ने को मिल रही है। यह पहल बच्चों को खूब भा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में मातृशक्ति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का विधेयक लोकसभा और राज्यसभा में पारित हो चुका है। राज्य में भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई। राज्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ हों, इसके लिए सख्त नकल विरोधी कानून लाया गया है। समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजानदास, प्रधानाचार्य डी.ए.वी पी.जी कॉलेज डॉ. के.आर. जैन, अध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

यूसीसी को लेकर सीएम का बड़ा बयान, इसी वर्ष होगा लागू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आई.एस.बी.टी. के समीप स्थित होटल में आयोजित बढ़ता अत्तराखण्ड उभरता उत्तराखण्ड कार्यक्रम में राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में एक पार्टी की सरकार दुबारा न चुनने का मिथक टूटा है यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं देवतुल्य जनता का हमारे लिये आशीर्वाद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिये 2022 के चुनाव में जनता से वादा किया था। सरकार के गठन के बाद हमने पहला निर्णय इस संबंध में कमेटी गठन का किया। कमेटी ने 2.33 लाख लोगों से सुझाव लेने तथा तमाम संगठनों, संस्थाओं के साथ राज्य की तमाम जनजातियों के भी सुझाव कमेटी ने लिये है। देश के अन्दर समान नागरिक कानून होना चाहिए। यह जनता की मांग रही है इसकी शुरूआत उत्तराखण्ड से होगी। संवैधानिक व्यवस्थाओं के तहत हम इसी साल राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू करेंगे।
उन्होंने कहा कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी दोनों पहाड के काम आये इस पर कार्य किया जा रहा है। टिहरी डैम बांध, पानी व बिजली देने का कार्य कर रहे है। युवाओं को स्वरोजगार की विभिन्न योजनाओं से जोडा जा रहा है। राज्य के युवा देश व प्रदेश में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे है। अब प्रदेश में रिवर्स पलायन की ओर युवा लौट रहे है। कोरोना के बाद हमारे लोग अपने क्षेत्रों में स्वरोजगार पर ध्यान दे रहे है। राज्य का पलायन आयोग भी इस दिशा में कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियां राज्य के विकास में बाधा न बने इसे ध्यान रखते हुए पहाड और मैदानी क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार नीतियां बनाई जा रही है। राज्य ने हाल ही में राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए 27 क्षेत्रीय नीतियां बनाई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश हिमालय की गोद में बसा है, हम इसे सुरक्षित रखने का कार्य कर रहे है। जोशीमठ की आपदा के बाद प्रदेश के शहरों की धारण क्षमता का आकलन कर इकोलॉजी और इकोनॉमी का समन्वय बनाकर योजना बनायी जा रही है। आपदा के प्रभावों को कम करना हमारा उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य 71 प्रतिशत वन भू-भाग वाला है। वन क्षेत्र के साथ अन्य सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने का कार्य किया जा रहा है। 3 हजार हैक्टेयर वन भूमि पर से अतिक्रमण हटाये गये है। जो भी निर्माण अतिक्रमण की जद में आये है वे तोडे जा रहे है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सब आपसी भाई चारे से रहते है। राज्य में धर्मांतरण घुन की तरह लगा था। धोखे और लालच देकर मनगढ़ंत बातों से धर्मांतरण का कार्य हो रहा था। इसे रोकना देवभूमि का मूल स्वरूप बनाये रखने के लिये जरूरी है। देव भूमि के प्रति देश विदेश के लोगों की श्रद्धा रही है। गंगा, यमुना धर्म आध्यात्म की इस भूमि का स्वरूप बना रहना देश हित में है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड शान्त प्रदेश है, कानून व्यवस्था अच्छी है। बिना पहचान और वेरिफिकेशन से लोग यहां आकर अवैध रूप से बस रहे है। इससे हो रहे डेमोग्राफिक चेंज को देखना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में कानून व्यवस्था अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जायेगी। अतिक्रमण हटाने में किसी प्राकर का पक्षपात नही हो रहा है। कोई भी किसी मजहब, जाति, धर्म, पंथ का हो सबके साथ समान व्यवहार किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य की जरूरतों के हित में कानून बनाये है। युवाओं के बेहतर भविष्य के लिये नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पहले इसकी जांच नहीं हो पाती थी। अब हमने इसकी गहराई से जांच कर 80 लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है। देश का सख्त कानून बनाकर कड़ी सजा का प्राविधान किया है। नया माहौल बनाकर नकल रोकने का परिणाम हुआ कि अब युवा कई प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफल हुए है। इससे अभिभावकों को भी संतोष हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले लोग यहां से अच्छा अनुभव लेकर जा रहे है। उन्हें बेहतर सुविधाएं मिले इसका ध्यान रखा गया है। अब तक 38 लाख यात्री तथा कांवड यात्रा में 4.15 करोड श्रद्धालु आये । ऋषिकेश हरिद्वार कॉरिडोर की डीपीआर तैयार की जा रही है। विकास नगर के समीप यमुना नदी किनारे स्थित पौराणिक स्थल हरिपुर का पुनरुद्धार कर वहां भी यमुना की आरती की व्यवस्था की जायेगी। अपने समृद्ध इतिहास में उल्लिखित नगरों के विकास पर हमारा ध्यान है। हमें राज्य में आने वाले करोडो पर्यटकों, श्रद्धालुओं की भी व्यवस्था करनी होती है। इसके लिये राज्य के संसाधनों को बढावा देने के लिये भी हम प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने चंद्रयान 3 के लैंड़िग स्थल को प्रधानमंत्री ने शिवशक्ति स्थाल घोषित करने पर उनका आभार जताया। यह भारत की विज्ञान एवं तकनीकि दक्षता का प्रतीक है। चंद्रयान 2 के समय जो कमी रह गयी थी उनके सफल नेतृत्व में चंद्रयान 3 के रूप में बडी सफलता देश को मिली है। अब चंदा मामा दूर के नहीं हमारे घर के हो गये है। उन्होंने कहा कि हमारे लोग मुजफ्फरनगर काण्ड, खटीमा और मसूरी गोलीकांड को नहीं भूल सकते है। इसके लिये दोषी लोगों के व्यवहार से राज्य की जनता कभी भूल नहीं सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता केन्द्र एवं राज्य सरकार के कार्यों पर 2014 व 2019 के चुनावों की भांति 2024 के चुनावों में भी राज्य की जनता का आशीर्वाद हमें मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से कर्म और मर्म का संबंध है।

उत्तराखंड को 33558 पीएम आवास योजना ग्रामीण के अतिरिक्त आवास हुए आवंटित

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में उत्तराखंड को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 33558 अतिरिक्त आवास आवंटित किए गए हैं। इसके लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्राम्य विकास मंत्री गिरिराज सिंह का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किए जाने का अनुरोध किया था। उत्तराखंड में योजना की टाइम बाउंड प्रगति को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2023-24 में 33558 अतिरिक्त आवास आवंटित किए जाने को मंजूरी दी गई है।