पंडित दीनदयाल की जयंती पर वित्त मंत्री ने अंत्योदय परिवारों को दिया तोहफा

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर राज्य में अंत्योदय राशन कार्डधारकों के लाभार्थियों के लिये वित्त मंत्री ने खजाना खोला है। उनके जन्मदिवस पर वित्त मंत्री ने अंत्योदय राशन कार्डधारकों को दिये जाने वाले मुख्यमंत्री निशुल्क तीन गैस सिलेंडर योजना को वर्ष 2027 तक बढ़ाने पर अपना अनुमोदन प्रदान किया है।

वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा के तहत अंत्योदय परिवारों के पुनरूत्थान के लिये मुख्यमंत्री निशुल्क तीन गैस सिलेंडर देने संबंधी योजना को 2022-23 में लागू किया गया था। बताया कि यह योजना इस वर्ष मार्च माह में समाप्त हो गयी थी।

डा. अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने इस योजना को अति महत्वपूर्ण पाते हुये इसे बढ़ाने का विचार किया है। बताया कि इस योजना को वर्ष 2027 तक बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव पर उन्होंने अपना अनुमोदन प्रदान किया है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने सदैव अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को उत्थान कैसे हो, इस पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल जी अंत्योदय के प्रेरक थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में समाज के दूर, जो अतिदुर्गम और आर्थिक रूप से कमजोर रहे व्यक्ति के कल्याण के लिए काम किया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि पंडित जी का मानना था कि विकसित और सम्पन्न व समृद्ध राष्ट्र, समाज की कल्पना अंत्योदय परिवारों के बिना नहीं की जा सकती है। इनके कल्याण के लिए सरकारों को योजनाएं बनाकर कार्य करना होगा।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि आज देश मे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार देश के अंत तक बैठे व्यक्ति के विकास को लेकर कार्य कर रही है। वहीं, राज्य की धामी सरकार भी पंडित जी के सिद्धांतों को अपनाते हुए दुर्गम क्षेत्रों के अंत्योदय परिवारों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।

समाज के सर्वश्रेष्ठ चिंतक रहे दीनदयाल उपाध्यायः प्रेमचंद

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बुजुर्गों व मातृ शक्ति का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुमानीवाला में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ अग्रवाल जी ने कहा कि देश में जब भी सामाजिक, आर्थिक चिंतन की बात की जाती है तो पं.दीनदयाल जी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। पं.जी स्वदेशी आधारित सामाजिक, आर्थिक चिंतन के सर्वश्रेष्ठ चिंतक रहे।

मंत्री डॉ अग्रवाल जी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय सादा जीवन, उच्च विचार और दृढ़ संकल्प व्यक्तित्व के धनी थे। वे एक मेधावी छात्र, संगठक लेखक, पत्रकार, विचारक, राष्ट्रवादी और एक उत्कृष्ट मानवतावादी थे। उनके सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन में सबसे कमजोर और सबसे गरीब व्यक्ति की चिन्ता सदैव कचौटती थी। उनका मानना था कि अंत तक बैठे व्यक्ति का विकास हो। उनकी योजना आज भी देशहित में कारगार साबित हो रही है।

इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने बुजुर्गों व मातृ शक्ति का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष श्यामपुर दिनेश पयाल, महामंत्री चंद्रमोहन पोखरियाल, सतपाल राणा, हरपाल राणा, मण्डल अध्यक्ष किसान मोर्चा रविन्द्र रमोला, सच्चिदानंद रतूड़ी, संजय पोखरियाल, सोहन लाल, भरत सिंह आदि मौजूद रहे।

पंडित दीनदयाल ने गरीबों के कल्याण को किया सदैव प्रयास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने तहसील चैक, देहरादून स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही अपने आवास में उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी पुष्प अर्पित कर कहा कि पंडित दीनदयाल ने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद मंत्र और समाज सेवा जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी। उनका राजनीतिक दर्शन भारतीय चिंतन पर आधारित था। उनका मानना था कि देश तभी खुशहाल व समृद्ध हो सकता है, जब समाज के अन्तिम पंक्ति पर खड़े गरीबों का उत्थान हो। गरीबों के कल्याण के लिए वे निरन्तर प्रयासरत रहे। केन्द्र व राज्य सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा दिये गये जीवन दर्शन का अनुसरण करते हुए समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं, उनके जीवन दर्शन एवं चिन्तन को सबने साराहा।

पीएम मोदी की प्राथमिकताओं में किसानः त्रिवेंद्र
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों की सबसे बड़ी हितैषी सरकार है। संसद में सरकार द्वारा पारित कराए गए कृषि विधेयकों से किसानों की दशा और दिशा में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। इन विधेयकों में ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे किसान स्वयं अपनी उपज को अच्छी कीमतों पर मंडी में या मंडी के बाहर कहीं भी बेच सकेगा। मोदी हमेशा से किसानों के हितैषी रहे हैं। वे जब गुजरात के सीएम थे तो उन्होंने वहां किसानों के लिए 7 घंटे नियमित और निश्चित बिजली की व्यवस्था की। उन्होंने कृषि महोत्सवों की शुरूआत की। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी किसान हमेशा उनकी प्राथमिकताओं में रहे। उनकी सरकार में गांव, गरीब और किसानों का सबसे पहले ख्याल रखा गया है। वर्ष 2009 में यूपीए की सरकार में कृषि मंत्रालय का बजट केवल 12 हजार करोड़ रूपए था जो आज कई गुना बढ़ाकर 1 लाख 34 हजार करोड़ किया गया है। पहले कभी भी केंद्र सरकार एक साल में 75 हजार करोड़ रूपए किसानों के हित में खर्च नहीं कर पाई थी। लेकिन मोदी सरकार ने यह मुमकिन कर दिया। पीएम किसान योजना से अब तक 92 हजार करोड़ रूपए सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में पहुंच चुके हैं। मोदी सरकार ने कृषि अवसंरचना के लिए 1 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की है। यूपीए के समय किसानों को 8 लाख करोड़ का कर्ज मिलता था, आज 15 लाख करोड़ का ऋण सालाना दिया जा रहा है।