पिथौरागढ़ के ग्राम जाखनी स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर का होगा सौंदर्यीकरणः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से पिथौरागढ़ में आयोजित ऐतिहासिक हिलजात्रा महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर पिथौरागढ़ की जनता को हिलजात्रा पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ग्राम जाखनी, पिथौरागढ़ स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिलजात्रा उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार घर-घर में मां गौरा और भगवान महेश्वर की पारंपरिक पूजा के साथ सातू-आठू पर्व से हिलजात्रा की भक्ति धारा प्रवाहित होती है, उसी प्रकार सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की धारा निरंतर प्रवाहित होती रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्षों से अधिक समय से मनाया जा रहा हिलजात्रा पर्व पिथौरागढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की विशिष्ट पहचान बन चुका है। सोरघाटी की यह ऐतिहासिक हिलजात्रा हमारी आस्था, विश्वास और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक होने के साथ ही पहाड़ी जीवन के संघर्ष, साधना और कृषि-पशुपालन पर आधारित ग्रामीण जीवन की विशिष्टताओं को भी दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि हिलजात्रा केवल धार्मिक अथवा पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह पर्व हमें अपने पूर्वजों की महान परंपराओं, आदर्शों और वीरता का स्मरण कराने के साथ ही अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है। भगवान शिव के गण लखिया भूत का आगमन इस पर्व में सुख, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास, विरासत और विश्वास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि केदारखंड की तर्ज पर मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान, संरक्षण और सौंदर्यीकरण के कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को केवल तीर्थाटन तक सीमित नहीं रखना चाहती। उत्तराखंड को पर्यटन के विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आज उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन, एडवेंचर टूरिज्म और फिल्म शूटिंग के पसंदीदा केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का एक बड़ा संकल्प गांवों की खुशहाली है। इसी उद्देश्य से होम-स्टे योजना, लखपति दीदी और सौर स्वरोजगार योजना को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं, ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से पहाड़ के हुनर और स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि उत्तराखंड के पारंपरिक पर्व, मेले और त्योहार अपनी मूल पहचान एवं सांस्कृतिक स्वरूप के साथ आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और संरक्षित रहें। इसी क्रम में ग्राम जाखनी, पिथौरागढ़ स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि हिलजात्रा जैसे पर्व युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत के महत्व को समझने और उसे भव्य स्वरूप प्रदान करने के सरकार के ‘विकल्प रहित संकल्प’ को सिद्धि तक पहुंचाने में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने अंत में सभी को हिलजात्रा पर्व की पुनः शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और आनंद लेकर आए।

सीएम धामी के प्रयासों से रूस में फंसे उत्तराखण्ड के दो भाइयों की सुरक्षित वतन वापसी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के हस्तक्षेप और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से रूस में करीब 97 दिनों से फंसे पिथौरागढ़ निवासी दो भाई आनंद सिंह कार्की एवं भूपेंद्र सिंह कार्की सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं।

दोनों भाइयों की सकुशल वापसी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनसे दूरभाष पर वार्ता कर उनकी कुशलक्षेम जानी। मुख्यमंत्री ने दोनों युवकों और उनके परिजनों से बातचीत करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी ली। लंबे समय बाद दोनों बेटों के सुरक्षित घर लौटने पर परिवार ने राहत व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जी के संवेदनशील हस्तक्षेप एवं त्वरित प्रयासों के लिए आभार जताया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों भाइयों को सितारगंज स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से विदेश में बेहतर रोजगार दिलाने का भरोसा दिया गया था। परिवार का आरोप है कि रोजगार के नाम पर उनसे करीब ₹8 लाख लिए गए, जिसके बाद दोनों भाइयों को रूस भेज दिया गया।

दोनों भाई 5 मई 2026 को भारत से रवाना हुए और 6 मई को मॉस्को पहुंचे। परिजनों के अनुसार, रूस पहुंचने के बाद उन्हें उस कार्य में नहीं लगाया गया, जिसके लिए उन्हें विदेश भेजा गया था। इसके बजाय उनसे उनकी इच्छा के विपरीत अन्य कार्य कराए गए और उसका पारिश्रमिक भी नहीं दिया गया।

परिवार के मुताबिक, दोनों युवकों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति भी नहीं थी और कार्य करने से मना करने पर उन्हें धमकाया जाता था। लंबे समय तक नियमित संपर्क नहीं हो पाने के कारण परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती गई। अंतिम संपर्क के दौरान युवकों ने जिस परिसर में उन्हें रखा गया था, उसके आसपास ड्रोन अथवा मिसाइल हमले की जानकारी भी परिवार को दी थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई।

मामला संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को दोनों युवकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार के अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय एवं रूस स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क और समन्वय स्थापित कर दोनों भाइयों की सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज किए।

निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप दोनों भाइयों की सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित हुई और करीब 97 दिनों के लंबे इंतजार के बाद वे सकुशल अपने घर पहुंच सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा कि उत्तराखण्ड का कोई भी नागरिक दुनिया के किसी भी हिस्से में संकट में हो, राज्य सरकार उसकी सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राज्य सरकार केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय एवं संबंधित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करती है।

दोनों युवकों की सुरक्षित वापसी के प्रयासों में यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी एवं समाजसेवी रामदेव वर्मा ने भी परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा तथा सरकार एवं संबंधित अधिकारियों के स्तर पर समन्वय में सहयोग किया।

दोनों भाइयों की सकुशल घर वापसी पर परिजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास, राज्य सरकार के अधिकारियों एवं इस प्रयास में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

पिथौरागढ़ वासियों की वर्षों से लंबित मांग हुई पूरी, मुख्यमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ के दोबाटा से मर्ताेली तक 3.02 किलोमीटर मोटर मार्ग के निर्माण के लिए ₹84.12 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति से इस क्षेत्र की वर्षों से लंबित मांग पूरी हुई है। इससे सीमांत क्षेत्र मर्ताेली सीधे सड़क से जुड़ जायेगा।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर सीमांत क्षेत्र मर्ताेली एवं आस पास के गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। गांव वासियों ने अपने आभार पत्र में कहा है कि यह सड़क गांव के भविष्य को नई दिशा देगी और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार व आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करेगी। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सीमान्त गाँव मर्ताेली तक सड़क स्वीकृत कर इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री की यह पहल रिवर्स पलायन, सीमांत क्षेत्र में विकास एवं गांव को जीवंत रखने में सहायक सिद्ध होगी। सड़क स्वीकृत होने से मर्ताेली गांव तक आवागमन सुगम होगा। इसके साथ ही पूरी घाटी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

जौलजीबी पिथौरागढ़ में मेले का शुभारंभ कर सीएम ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलजीबी, पिथौरागढ़ में भारत-नेपाल सीमा पर काली और गोरी नदी के संगम पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक जौलजीबी मेला का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणाएं की। विकासखण्ड मुनस्यारी अन्तर्गत ग्राम हूपली में झलूड़ी से पल्याती तक मार्ग निर्माण किया जायेगा। बगीचा से धारचूला कोट ट्रैकिंग मार्ग एवं मेला स्थल का विकास कार्य कराया जायेगा। ग्राम पय्या पौड़ी से नालालेख शिव मंदिर तक ट्रैक रूट निर्माण कराया जायेगा। विकासखण्ड मुनस्यारी अन्तर्गत कालापानी से दशरथ पर्वत कुण्ड तक सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य कराया जायेगा। विकासखण्ड मुनस्यारी के अन्तर्गत ग्राम सुरिंग में आन्तरिक सी०सी० मार्ग का निर्माण किया जायेगा। सिमगड़ नदी भैंसकोट में आर०सी०सी० पुलिया एंव सम्पर्क मार्ग का निर्माण कराया जायेगा एवं धारचूला में सैनिक विश्राम भवन बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला सदियों से भारत और नेपाल की सांस्कृतिक, आर्थिक और पारंपरिक मित्रता का प्रतीक है। जौलजीबी मेला केवल आयोजन नहीं, भारत-नेपाल की पारंपरिक मित्रता और आर्थिक-सामाजिक एकरूपता का प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री ने कहा वो स्वयं भी बचपन में इस मेले में आते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत नेपाल की मित्रता और अधिक सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर कहा था कि उत्तराखंड की आत्मा उसके मेलों और त्योहारों में बसती है और उन्होंने आह्वान किया कि राज्य में एक जिला-एक मेला कार्यक्रम प्रारंभ किया जाए। जिसमें जिले के एक प्रमुख मेले को विशेष सहयोग दिया जाएगा जिससे उस मेले के सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पिथौरागढ़ जनपद सहित इस क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज पिथौरगढ़ में साढ़े सात सौ करोड़ रूपए से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। 34 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण कार्य भी कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा विकासखंड बेरीनाग में शीघ्र ही लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने जा रहा है। पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से 50-बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भी निर्माण करा रहे हैं। जिले में 25 करोड़ रुपए की लागत से अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही, पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य भी गतिमान है। पिथौरागढ़ में कनेक्टिवी को बढ़ावा देने के लिए नैनी सैनी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य तेज गति से आगे चल रहा है। जिसके लिए 450 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, रोजगार एवं स्वरोजगार के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश में आज रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। अब प्रदेश में सरकारी भर्तियां पारदर्शी तरीके से हो रहीं हैं। जो प्रदेश के युवा प्रतिभा और परिश्रम के आधार पर सरकारी नौकरियां प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले राष्ट्रीय एकता पद यात्रा में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर विधायक हरीश धामी, विधायक बिशन सिंह चुफाल, भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी ने सीमांत गांव में की आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात, जज्बे को किया सलाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेे पिथौरागढ़ जिले के सीमांत गांव मिलम का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों से मुलाकात कर उनके राष्ट्रसेवा के जज्बे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी समर्पण भाव से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा में जवानों का योगदान अतुलनीय है और उनका अनुशासन, परिश्रम एवं देशभक्ति सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान सीमांत क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विषयों पर चर्चा की तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत इन क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने, स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास तेजी से जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में सड़क, संचार, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि सीमाओं पर बसने वाले लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके। उन्होंने सीमा क्षेत्र के नागरिकों के सहयोग और राष्ट्र प्रति समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जोहार क्लब मुनस्यारी में इनडोर स्टेडियम बनाया जायेगा। ग्राम मिलम में नन्दा देवी मंदिर का सौर्न्यीकरण कार्य कराया जायेगा। ग्राम बिल्जू में सामुदायिक मिलन केन्द्र का निर्माण कार्य किया जायेगा।

इस अवसर पर आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, स्थानीय लोग और आईटीबीपी के जवान मौजूद थे।

सीएम ने मुनस्यारी में विकास योजनाओं की समीक्षा की

विकासखंड मुनस्यारी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मुनस्यारी हेलीपैड (राजकीय कन्या इंटर कॉलेज जी.जी.आई.सी.) पहुंचने पर जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। पुलिस बल द्वारा मुख्यमंत्री धामी को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

भव्य स्वागत के बाद मुख्यमंत्री धामी ने भारी संख्या में उपस्थित मुनस्यारी क्षेत्र की माताओं, बहनों और स्थानीय नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने लोगों से आत्मीय मुलाकात करते हुए क्षेत्रवासियों के स्नेह और समर्थन के प्रति आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचे, और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को बुनियादी सुविधाएं सुलभ हों। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि सरकार निरंतर सीमांत अंचलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री धामी ने आईटीबीपी की 14वीं बटालियन, मुनस्यारी पोस्ट का भ्रमण किया। वहां जवानों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने जवानों से मुलाकात कर सीमाओं की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की और कहा कि “आपके त्याग, अनुशासन और समर्पण से ही देश सुरक्षित है।” उन्होंने आईटीबीपी के अधिकारियों एवं जवानों को राज्य सरकार की ओर से शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री धामी ने इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों से भेंटवार्ता की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं, जनसमस्याओं और आधारभूत ढांचागत जरूरतों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अपने कॉलेज के पुराने मित्रों से भी भेंट की। उन्होंने आत्मीय संवाद करते हुए पुरानी यादें साझा कीं, उनके साथ स्मृति स्वरूप सेल्फी भी खिंचवाई, और मित्रों के परिवारजनों के कुशलक्षेम की जानकारी लेते हुए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री के इस दौरे से मुनस्यारी क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी का यह स्नेहपूर्ण और जनसंपर्क से भरा दौरा सीमांत क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणादायी और उत्साहवर्धक रहा।

सीएम धामी के प्रयासों की बदौलत पिथौरागढ़ का खूनी गांव अब देवीग्राम हुआ

पिथौरागढ़ जिले में तहसील पिथौरागढ़ स्थित ग्राम “खूनी” का नाम बदलकर अब “देवीग्राम” कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से भारत सरकार ने खूनी ग्राम का नाम बदलने की अनुमति प्रदान कर दी है, इसके बाद उत्तराखंड शासन के राजस्व विभाग ने इसकी विधिवत अधिसूचना जारी कर दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्थानीय निवासी लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग कर रहे थे, उनकी भावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर अब यह मांग पूरी कर दी है। अब आधिकारिक रूप से ग्राम “खूनी” को “देवीग्राम” के नाम से जाना जाएगा। यह कदम राज्य सरकार की जन भावनाओं के प्रति प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का प्रतीक है।

प्रभु श्री राम मर्यादा, भक्ति, त्याग, और धर्म के पथ प्रदर्शकः सीएम

रामनवमी के अवसर पर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ स्थित पांखू के माँ कोकिला कोठग्याड़ी मंदिर में आयोजित अखंड रामायण पाठ को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअली संबोधित किया।
प्रदेश वासियो को राम नवमी की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभु श्रीराम से समस्त उत्तराखंड वासियों के सुख एवं समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामायण कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि हमारे जीवन का दर्पण है, मर्यादा, भक्ति, त्याग, और धर्म का पथ प्रदर्शक है। भगवान श्रीराम के जीवन से हमें सीखने को मिलता है कि किस प्रकार से विषम परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन किया जाता है। माता सीता की पवित्रता, लक्ष्मण की सेवा भावना, भरत का त्याग, हनुमान जी की भक्ति ये सभी आदर्श हमें सदाचरण की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रामायण जैसे पवित्र धर्म ग्रंथो के अखंड पाठ के आयोजन हमारी आत्मा को शुद्ध करने के साथ-साथ वातावरण को सात्त्विक बनाने और समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हम सभी के लिए यह अत्यंत गर्व एवं हर्ष का विषय है कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद दूसरी बार रामनवमी का पर्व प्रभु श्रीराम लला अयोध्या में अपने भव्य मंदिर में विराजमान होकर मना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी का सौभाग्य है कि हमें आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में एक ऐसे प्रधान सेवक मिले हैं जिनके अटूट संकल्प और अथक प्रयासों से अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का हमारा सपना साकार हुआ है।

समस्त प्रदेश वासियों से आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम प्रभु श्री राम के आदर्शों को स्वयं में धारण कर समाज में ईमानदारी, प्रेम, सेवा और सद्भावना के साथ रहने का संकल्प ले।

कार्यक्रम में फकीर राम टम्टा विधायक, गंगोलीहाट, गिरीश जोशी, जिलाध्यक्ष, भाजपा पिथौरागढ़, मनोज कार्की, भाजपा मण्डल अध्यक्ष ग्रामीण, डॉ. स्वामी वीरेन्द्रानंद महाराज महामण्डलेश्वर, पंचदश नाम जूना अखाडा, कल्पना देवलाल, महापौर नगर निगम, पिथौरागढ़, दीपिका बोहरा, प्रशासक, जिला पंचायत पिथौरागढ़, शशिकला सत्याल, जिला संयोजक शिक्षिका प्रकोष्ठ तथा अन्य स्थानीय गणमान्य उपस्थित थे।

पिथौरागढ़ में बेस चिकित्सालय से उल्का मंदिर को बनेगा शॉर्टकट मार्ग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ में जिला कार्यालय सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान विभागों द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के निर्माण प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा बेस चिकित्सालय से उल्का मंदिर के लिए शॉर्टकट मार्ग बनाने की बात रखी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए 15 दिन के भीतर डीपीआर शासन को उपलब्ध करने की निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जनपद में निर्माणाधीन पार्किंग की समीक्षा के दौरान जाखनी तिराहा में मल्टी लेवल कार पार्किंग निर्माण की जानकारी लेते हुये कहा कि पार्किंग निर्माण कार्यों के अलावा जो भी विकास कार्य किए जा रहे हैं उन्हें निर्धारित समय के अंतर्गत पूर्ण करें।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान धारचूला से तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति की जानकारी लेते हुए बीआरओ के अधिकारी एवं जिला प्रशासन को प्राथमिकता से कार्यों में गति लाने एवं अवशेष मुआवजा की धनराशि को आवंटित करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा आदि कैलाश के लिए संपर्क मार्ग की व्यवस्था और सुदृढ़ करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आदि कैलाश आने वालों यात्रियों की संख्या तीस हजार से अधिक बड़ी है, आगे भी बढ़ने की संभावना है । पीएमजीएसवाई की समीक्षा के दौरान अधिक लंबित कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता का पूर्ण ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि नए पर्यटक स्थलों को सरकार द्वारा विकसित करने का निरंतर कार्य किया जा रहा है। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी व्यक्तियों द्वारा भूमि खरीद फरोख्त पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जन समस्याओं का समाधान जिस स्तर पर हो सकता है, वहीं पर हो जाय।समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के विकास योजनाओं एवं समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ में प्रशासन द्वारा बनाए गए सुशासन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल का उद्देश्य जनपद में प्राप्त होने वाली नागरिक शिकायतों का निस्तारण करना है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रादेशिक सेना भर्ती में आए युवाओं को मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं मैदान में जाकर भोजन कराया और उनके भोजन के इंतजामों को जांचा, स्थानीय व्यापारियों से धामी ने मुलाकात की और हाल-चाल जाना पूर्व सैनिक संगठन के लोगों से रास्ते में मिलकर मुलाकात की और उनके द्वारा भर्ती में आये युवाओं के लिए लंगर लगाए जाने की सराहना की।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, दर्जा राज्य मंत्री गणेश भंडारी, जिला अध्यक्ष भाजपा गिरीश जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, विधायक हरीश धामी, मयूर महक, फकीर राम टम्टा, ब्लॉक प्रमुख धारचूला धन सिंह धामी, जिला महामंत्री भाजपा राकेश देवलाल, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गिरी गोस्वामी,पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी के अलावा जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत तिब्बत और नेपाल के बीच आपसी सौहार्द बढ़ाता है जौलजीबी मेलाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलजीबी मेला-2024 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 64.47 करोड़ की 18 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 29.65 करोड़ के 13 लोकार्पण एवं 34.72 करोड़ के 05 शिलान्यास शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे विभिन्न उत्पादों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलजीबी मेला राज्य के लिए एक अनमोल धरोहर है, जो सदियों से भारत-तिब्बत, भारत नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में आपसी सौहार्द बढा़ता है। यह मेला हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोने का कार्य करता है। यहां का नेपाल और तिब्बत से सदियों से सांस्कृतिक संबंध रहा है। नेपाल से इस क्षेत्र का रोटी और बेटी का संबंध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारे संबंध और मजबूत हो रहे हैं। केदारनाथ और पशुपतिनाथ के बीच आध्यात्मिक यात्रा से भी दोनों राष्ट्रों के संबंधों को मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला भारत और नेपाल के बीच आर्थिक सबंधों को बढ़ाने का कार्य भी करता है। यह मेला छोटे व्यापारियों, किसानों और कारीगरों को अपने उत्पादों का मंच प्रदान करने का बड़ा माध्यम है। हमारी अनेक प्रकार की औषधियों को प्रोत्साहित करने में भी यह मेला महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। जिन गांवों को पहले अंतिम गांव कहा जाता था, इस अवधारणा को बदलकर प्रधानमंत्री ने इन गांवों को देश के पहले गांवों की संज्ञा दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदि कैलाश आने के बाद इस क्षेत्र में तेजी से आवागमन बढ़ा है। पिछले साल की तुलना में इस बार 10 हजार से अधिक लोगों ने आदि कैलाश के दर्शन किये हैं। इससे हमारे इन क्षेत्रों को आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। किसानों की आय को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा मंडवा, झिंगोरा और अन्य स्थानीनीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्टेट मिलेट मिशन को मंजूरी दी गई है। परंपरागत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में कलस्टर आधारित 18 हजार पॉली हॉऊस बनाने का निर्णय लिया गया है। सड़क कनेटिविटी में विस्तार से किसानों को अपनी उपज को मंडी तक पहुंचाने में आसानी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमवार्ती क्षेत्रों में आधुनिक सड़कों, सुरंगों और पुलों का निर्माण किया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों के विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिये अनेक कार्य योजनाओं की मंजूरी दी गई है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत पहले चरण में 16 पौराणिक मंदिरों को विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि मक्काना से सेकला तक मोटर मार्ग के निर्माण किया जायेगा। आपदा प्रभावित क्षेत्र लुमती तोक बगीचा बगड़ में सुरक्षा दीवार का कार्य किया जाएगा। मवानी रवानी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण किया जायेगा। तेजम में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जायेगा। तीनखोल ढुंगातोली और पण्डा में चेक डैम निर्माण किया जायेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, हरीश धामी, जिलाध्यक्ष भाजपा गिरीश जोशी, जिलापंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, ब्लाक प्रमुख धारचूला धन सिंह धामी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गिरी गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव उपस्थित थे।