वित्तीय प्रबंधन में दक्षता के लिए राज्यों को प्रोत्साहन के अंतर्गत मिले 350 करोड़, सीएम ने पीएम का आभार जताया

उत्तराखंड राज्य को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) के भाग-IX “वित्तीय प्रबंधन में दक्षता के लिए राज्यों को प्रोत्साहन” के अंतर्गत 350 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।* इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा अपनाए गए सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और राजकोषीय अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ने कर संग्रह बढ़ाने, व्यय नियंत्रण, डिजिटल भुगतान प्रणाली को सशक्त करने तथा बजटीय प्रबंधन में सुधार जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पूर्व राज्य को खनन क्षेत्र में पारदर्शी नीतियों, ई-टेंडरिंग एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने तथा परिवहन विभाग में सुधारों के लिए भी केंद्र सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो चुकी है। यह दर्शाता है कि उत्तराखंड लगातार सुधार आधारित शासन मॉडल को अपनाकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सुशासन, पारदर्शिता और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर दिया गया यह प्रोत्साहन राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे हमारी विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।

सीएम ने पीएम मोदी को कुंभ मेले को 500 करोड़ देने को जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के लिए भारत सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये की धनराशि जारी किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक समरसता का विश्वविख्यात महापर्व है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह धनराशि कुंभ मेला 2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में प्रधानमंत्री से कुंभ में सहायता हेतु अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर उत्तराखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। चारधाम परियोजना, ऑल वेदर रोड, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार सहित विभिन्न विकास कार्यों में केंद्र का सहयोग राज्य के लिए संबल सिद्ध हुआ है। कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए यह सहयोग राज्य सरकार के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।

धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से कुंभ मेला 2027 ऐतिहासिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन के रूप में स्थापित होगा तथा देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित करते हुए दिव्य और भव्य कुंभ मेला 2027 आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हाउस आफ हिमालयाज बिक्री का आंकड़ा 3.7 करोड़ के पार पहुंचा

पहाड़ की महिलाओं की मेहनत तैयार विशुद्ध उत्तराखंडी उत्पादों का ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, लांचिंग के दो साल के भीतर साढ़े तीन करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री करने में कामयाब रहा है। जल्द ही हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद विदेशों में भी बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।
ग्राम्य विकास विभाग के अधीन, हाउस ऑफ हिमालयाज, उत्तराखंड के महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों का कॉमन ब्रांड है। इसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों, दिसंबर 2023 के दौरान देहरादून में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट के दौरान हुआ था। प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटन के बाद हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों की एकाएक मांग बढ़ी है। बीते दो साल में कुल बिक्री का आंकड़ा 3.7 करोड़ के पार पहुंच गया है। अब हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के उत्पाद ऑफलाइन के साथ ही ई कामर्स साइट जियो मार्ट, अमेजन, ब्लिंकिट, बिग बास्केट और ब्रांड की खुद की अपनी वेबासइट https://houseofhimalayas.com/ पर भी मिल रहे हैं।
*50 विशिष्ट उत्पाद शामिल*
वर्तमान में इस ब्रांड में कुल 50 उत्पादों को शामिल किया गया है। इसमें मिलेट्स बिस्किट, मुन्स्यारी, चकराता, हर्षिल की राजमा, चौलाई, तोर दाल, पहाड़ का परंपरागत लाल चावल, झंगोरा, गहथ, काले भट्ट, चाय, तेल, पर्सनल केयर, हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद शामिल हैं। इसके उत्पादों की गुणवत्ता की जांच तीन स्तरों पर की जा रही है। सरकार स्थानीय मेलों, त्यौहार के मौकों पर हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों को खरीदने पर जोर दे रही है। साथ ही सरकारी कार्यक्रमों और कार्यालयों के जरिए भी बिक्री बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई है। दिवाली जैसे त्यौहार के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज की ओर से खास गिफ्ट पैक उपलब्ध कराए गए थे, जिन्हें खूब पसंद किया गया।
*तीन हजार से महिलाओं को रोजगार*
हाउस ऑफ हिमालयाज में अब तक कुल 22 ट्रेडमार्क पंजीकृत किए जा चुके हैं। इस उत्पाद श्रंखला से राज्य की 3,300 से अधिक ग्रामीण महिलाएं प्रत्यक्ष तौर पर जुड़ी हुई हैं। जबकि व्यापक क्रय नेटवर्क के माध्यम से 28,000 से अधिक महिलाओं को इसका अप्रत्यक्ष लाभ मिला है। ये उत्पाद प्रमुख शहरों में 26 आउटलेट्स के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इसमें जौलीग्रांट एयरपोर्ट का एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट शामिल है। इसके साथ ही प्रतिष्ठित होटल श्रृंखलाओं एवं यात्रा केंद्रों में भी हाउस ऑफ हिमालयाज की प्रीमियम कार्ट्स स्थापित किए गए हैं। साथ ही चार धाम मार्ग पर 10 फ्लोर स्टैंडिंग यूनिट्स तैनात की गई हैं। कंपनी Reliance Freshpik, Flipkart एवं Zepto के साथ अनुबंध का प्रयास कर रही है। हाउस ऑफ हिमालयाज़ के उत्पाद को विदेशी बाजार में उपलब्ध कराने के लिए Amazon Global, Walmart के साथ साझेदारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

*माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल टू ग्लोबल विजन के अनुसार हाउस ऑफ हिमालयाज का उद्देश्य उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग को सुदृढ़ बनाकर, प्रामाणिक हिमालयी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम बाज़ारों में स्थापित करना है। इससे प्रदेश के किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी मजबूत हुई है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

पीएम मोदी ने दी संत रविदास को सच्ची श्रद्धांजलि, आदमपुर हवाई अड्डे का नाम अब संत रविदास के नाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के नाम पर समर्पित किया जाना, उनके महान विचारों, सामाजिक चेतना और मानवता के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि है। संत रविदास की जयंती के पावन अवसर पर लिया गया यह निर्णय न केवल अत्यंत सराहनीय है, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और मानव मात्र के सम्मान का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भेदभाव, ऊँच-नीच और असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाकर एक समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों और संतों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है। आदमपुर हवाई अड्डे को संत गुरु रविदास महाराज जी के नाम से जोड़ना, उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संत रविदास जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज समरसता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।

नजरियाः पीएम मोदी ने मन की बात में की उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन की ब्रॉडिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रति अपने विशेष स्नेह को प्रकट करते हुए राज्य में विंटर टूरिज्म, साहसिक खेलों, वेडिंग डेस्टिनेशन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए, देशवासियों से सर्दियों के सीजन में हिमालय की वादियों का अनुभव लेने की अपील की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उत्तराखंड टूरिज्म के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेस्डर हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात” कार्यक्रम में करीब ढाई मिनट उत्तराखंड को समर्पित किए। उन्होंने कहा कि इन दिनों उत्तराखंड का विंटर टूरिज्म लोगों को खूब लुभा रहा है। सर्दियों के मौसम में औली, मुनस्यारी, दयारा, चोपता जैसी जगहें लोकप्रिय हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ सप्ताह पहले ही पिथौरागढ़ में साढ़े 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई ऑल्टीट्यूट अल्ट्रा रन मैराथन आयोजित की गई, जिसमें देशभर के 18 राज्यों से 750 से अधिक एथिलीट ने भाग लिया। 60 किमी लंबी आदि कैलाश परिक्रमा रन का प्रारंभ कड़कड़ाती ठंड में सुबह पांच बजे हुआ, इतनी ठंड के बावजूद प्रतिभागियों का उत्साद देखते ही बनता था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तीन साल पहले तक आदि कैलाश की यात्रा पर प्रतिवर्ष मात्र दो हजार लोग ही आते थे, अब यह संख्या 30 हजार तक पहुंच गई है।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन की प्रशंसा करते हुए कहा कि कुछ ही हफ्तों में उत्तराखंड विंटर गेम्स का भी आयोजन करने जा रहा है, जिसमें प्रतिभाग करने के लिए देशभर के खिलाड़ी, एडवेंचर प्रेमी और खेलों से जुड़े लोग उत्साहित हैं। उन्होंने उत्तराखंड में बढ़ती पर्यटन आधारभूत सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने विंटर टूरिज्म को बढावा देने के लिए कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष तौर पर फोकस किया है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने होम स्टे के लिए नई पॉलिसी भी बना दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड में डेस्टिनेशन वेडिंग की ब्रांडिंग करते हुए कहा कि सर्दियों की सुनहरी धूप और पहाड़ों से उतरते कोहरे के बीच, उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी लोकप्रिय हो रहा है। खासकर गंगा जी के किनारे अब खूब डेस्टिनेशन वेडिंग हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि वो, सर्दियों में कहीं जाने का विचार कर रहे हैं तो हिमालय की वादियों को अपने विकल्प के रूप में जरूर शामिल करें, हिमालय की वादियां आपको जीवनभर साथ चलने वाली अनुभूतियों से भर देंगी।

पीएम के दौरे से बढ़ा पर्यटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन हर बार, यहां के पर्यटन को नई गति प्रदान कर जाता है। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले श्री केदारनाथ, श्री बद्रीनाथ, आदि कैलाश और जागेश्वर धाम की यात्रा पर आ चुके हैं, जिसके बाद इन तीर्थ स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। इसी तरह प्रधानमंत्री गत वर्ष उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन का शुभारंभ करने उत्तरकाशी के मुखबा गांव में पहुंचे, इसके बाद से पूरी हर्षिल घाटी में पर्यटन गतिविधियों में तेजी नजर आ रही है। जिससे स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।

धामी सरकार के कार्यों पर पीएम की मुहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में गत वर्ष से सरकार शीतकालीन यात्रा भी संचालित कर रही है। सरकार राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन को भी बढ़ावा दे रही है, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए, एक तरह से धामी सरकार के कार्यों पर अपनी सकारात्मक मुहर लगा दी है।

देवभूमि उत्तराखंड के सतत विकास और संभावनाओं को विश्व पटल पर रेखांकित करने के लिए समस्त प्रदेशवासी प्रधानमंत्री के आभारी हैं। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के संकल्प के अनुसार उत्तराखंड को प्राकृतिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के मानचित्र पर उभारने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

डेढ़ लाख से अधिक लोग राज्य स्थापना के जश्न में हुए शामिल, पीएम मोदी को सुनकर ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष पर एफ.आर.आई, देहरादून में आयोजित मुख्य समारोह में राज्य भर से आए करीब 1 लाख 50 हज़ार से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुना। करीब 1 कि.मी तक कार्यक्रम स्थल में पंडाल की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त एक किलोमीटर क्षेत्र में लगाए गए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने। उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार किसी कार्यक्रम में करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने एक साथ प्रतिभाग किया।

राज्य के इतिहास में किसी कार्यक्रम में पहली बार डेढ़ लाख से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। राज्य भर से आए लोगों में रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम के लेकर खासा उत्साह नजर आया। इसके साथ यह आयोजन राज्य की 25 वर्ष की यात्रा को नई दिशा देने वाला, उत्तराखंड की एकता, जनसहभागिता का प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री के आग्रह पर डेढ़ लाख से अधिक लोगों का एक स्थान पर एकत्र होना जनता का सरकार के प्रति विश्वास को दिखाता है।

मुख्यमंत्री धामी ने जनता से की अपील, अधिक से अधिक अपनाएँ स्वदेशी उत्पाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करने का आग्रह किया था। इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के चकराता रोड स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन से सामान खरीदा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र या उत्पाद नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की पहचान और महात्मा गांधी के स्वदेशी विचारों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाया गया स्वदेशी अभियान और वोकल फॉर लोकल आज देशभर में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

उन्होंने कहा कि खादी और स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे त्योहारों के अवसर पर विशेष रूप से स्वदेशी उत्पादों को अपनाएँ और अधिक से अधिक खादी एवं स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा है। वोकल फॉर लोकल केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह आर्थिक और सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड खादी और अन्य स्वदेशी उत्पादों का बड़ा केंद्र बनेगा और यह प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी उपस्थित रहे।

स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प हर घर स्वदेशी घर घर स्वदेशी कार्यक्रम में मीडिया से संवाद के दौरान स्वदेशी के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव है। ये प्राचीन काल से सनातन संस्कृति की हमारी जीवन पद्धति है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत का जो संकल्प लिया है उस संकल्प को पूरा करने के लिये यह अभियान और मजबूती प्रदान करेगा। स्वदेशी का संकल्प हमारे किसानों, कारीगरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के प्रति सम्मान का भी विषय है। स्वदेशी का संकल्प केवल आर्थिक मजबूती का साधन नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति हमारा प्रेम और समर्पण है। जब हम स्वदेशी अपनाते हैं तो हम न केवल अपने देश की मिट्टी से जुड़ते हैं, बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी इतिहास में स्वदेशी आंदोलन ने स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा भरी। लोकमान्य तिलक, महर्षि अरविंदो और महात्मा गांधी जैसे नेताओं का नेतृत्व हमें दिखाता है कि स्वदेशी आंदोलन राष्ट्रनिर्माण का आधार था। स्वतंत्रता के बाद भी दत्तोपंत ठेंगड़ी और पं. दीनदयाल उपाध्याय ने स्वदेशी आधारित आर्थिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को लाल किले से देश को संबोधित करते हुए जीएसटी की दरों में संशोधन कर इन दरों को 22 सितम्बर नवरात्रि से लागू करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री की यह घोषणा साकार हुई है इसका परिणाम है कि आज जीएसटी की दरों में कमी के कारण व्यापारियों के साथ आम आदमी को फायदा हुआ है। उन्होंने अनेक स्थानों पर जाकर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से स्वयं संवाद कर इससे हुए लाभ की जानकारी ली है, इसके प्रति सभी में उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया है और वोकल फॉर लोकल से लेकर मेक इन इंडिया तक कई अभियान प्रारंभ किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्वदेशी का स्वरूप केवल खादी और दीयों तक सीमित नहीं है, ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस विमान, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंडिया और यूपीआई जैसी आधुनिक तकनीक तक फैल चुका है। इसका प्रभाव ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर आतंक के ठिकानों को ध्वस्त करने तक दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कोविड के संकट में पीपीई किट और वैक्सीन निर्माण भारत की स्वदेशी शक्ति का जीवंत उदाहरण है। पीपीई किट पहले आयात करते थे अब स्वदेश में बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों के विपणन हेतु हाउस ऑफ हिमालयाज नामक अंब्रेला ब्रांड की स्थापना की है। कम संसाधनों के बाद भी इसकी गुणवत्ता बेहतर है। साथ ही एक जिला दो उत्पाद जैसी योजना के माध्यम से भी जमीनी स्तर पर कार्य किया जा रहा है। हमारे किसान और काश्तकार शहद, मंडुवा, झंगोरा, रागी, मसालों और औषधीय पौधों की खेती द्वारा आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और लघु उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। युवाओं को स्टार्टअप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वदेशी उद्यमिता की ओर आगे बढ़ाया जाएगा। हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी अभियान के तहत उत्तराखंड में जन जागरण किया जाएगा। उन्होंने उत्तराखंड की जनता के साथ ही सभी देशवासियों का आह्वान किया कि अभी नवरात्रि का पर्व चल रहा है फिर दशहरा व दीपावली पर्व के साथ ही विवाह के अवसरों पर दैनिक उपयोग की वस्तुओं के क्रय में हमें स्वदेशी को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वदेशी को अपनाएं तथा हमारे उपयोग में आने वाली अधिकांश वस्तुयें स्वदेशी हो हमें इस पर ध्यान देना होगा। हमारे यही सामूहिक प्रयास हमें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे ले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड मंत्र को अपनाएं तथा इसे आत्मसात करें।

’’स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ अभियान परिवार और समाज दोनों की मजबूती की आधारशिलाः गर्वनर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मध्य प्रदेश के धार से ’’स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ और ’’आठवें राष्ट्रीय पोषण माह’’ अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने अन्य पहलों का शिलान्यास और शुभारंभ भी किया। साथ ही उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देश भर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में आयोजित किया जाएगा। एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे यह देश में महिलाओं और बच्चों के लिए अब तक का सबसे बड़ा स्वास्थ्य अभियान बन जाएगा। देश भर के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।

’’स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ और ’’आठवें राष्ट्रीय पोषण माह’’ अभियान का शुभारंभ के अवसर पर देहरादून में वर्चुअल रूप से राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर निरीक्षण किया।

कार्यक्रम के पश्चात पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने कहा कि “स्वस्थ और जागरूक नारी ही समाज को नई दिशा दे सकती है। यह अभियान परिवार और समाज दोनों की मजबूती की आधारशिला है।” उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी करें और इसे जन-आंदोलन का रूप दें, ताकि हर महिला तक समग्र स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे और वह सम्मानपूर्वक, सुरक्षित तथा स्वस्थ जीवन जी सके।

उन्होंने कहा कि हमारे परिवार के मुखिया की सोच ही हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उनकी हर एक बात, हर एक विचार से यह स्पष्ट झलकता है कि उनके हृदय की धड़कनें नारी शक्ति, युवा शक्ति, किसानों और गरीबों के लिए समर्पित हैं। उनकी सोच हमें यह विश्वास दिलाती है कि भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र, आत्मनिर्भर भारत और विश्व गुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि आज विशेष रूप से अच्छा लगा कि हमारे राष्ट्र के मध्यप्रदेश के धार से जो विचारों की धार निकली है, वह पूरे देश को एक नए परिवर्तन और नवजागरण की ओर ले जाएगी। आज का सबसे बड़ा संदेश यही है कि हम सबको स्वदेशी अपनाना है, हमारी हर एक चीज स्वदेशी होनी चाहिए। मुझे दृढ़ विश्वास है कि यह संकल्प एक महान क्रांति का सूत्रपात बनेगा। राज्यपाल ने कहा कि हमारे उत्तराखण्ड के परिवार, हमारी महिला स्व-सहायता समूह, हमारी उत्पादन लाइन ने गुणवत्ता, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के क्षेत्र में जो प्रगति की है, जब उसे स्वदेशी का मंत्र मिलेगा, तो यह परिवर्तन अवश्य ही क्रांति का रूप लेगा।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद मीडिया से वार्ता करते हुए प्रधानमंत्री को जन्म दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का चहुंमुखी विकास हुआ है। वहीं इस दौरान उत्तराखण्ड में चारधाम परियोजना, हवाई सेवा विस्तार के साथ ही सभी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जी का सहयोग मिला है।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय भी हर बार प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड का सहयोग किया है, चाहे रैणी आपदा रही हो या जोशीमठ, सिलक्यारा या इस साल की प्राकृतिक आपदा, प्रधानमंत्री ने हर बार राज्य को सहयोग देने के साथ ही हमारे प्रयासों को प्रोत्साहन भी दिया है। उन्होंने कहा कि आज विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जन्मदिन है। इस अवसर पर ‘‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ अभियान शुभारंभ किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी तैयारी की है, यह अभियान दो अक्टूबर तक चलेगा, इसलिए राज्य की माताएं, बहनें इसका लाभ उठाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में मातृशक्ति ने बड़ा योगदान दिया है, महिलाएं अब होम स्टे सहित अन्य स्वरोजगार में अपना कौशल दिखा रही है, इसलिए महिलाओं का स्वस्थ होना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम की यात्रा सुचारू हो गई है, जल्द ही यमुनोत्री धाम का मार्ग भी खोलते हुए यात्रा का संचालन किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, सविता कपूर, सुरेश गड़िया, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में राहत कार्य और तेज़ी से संचालित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तत्परता से सक्रिय है और बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी देहरादून जनपद के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ उपस्थित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो और राहत सामग्री, सुरक्षित ठहराव, भोजन, पानी एवं स्वास्थ्य सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय हैं।”