सीएम धामी ने जीएसटी बचत उत्सव के तहत विभिन्न दुकानों का किया भ्रमण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में जीएसटी बचत उत्सव के तहत विभिन्न दुकानों का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने व्यवसायियों से बातचीत भी की। मुख्यमंत्री ने जीएसटी की नई दरों के लागू होने पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा इस ऐतिहासिक निर्णय को जनता के हित में बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी स्लैब में व्यापक सुधार किए गए हैं। नई दरों की वजह से प्रदेश के लाखों परिवारों और छोटे व्यापारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों व दुकानदारों से मिलकर फीडबैक प्राप्त किया और सभी से घटे हुए जीएसटी का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए आग्रह किया। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी जागरूकता के लिए प्रदेश में यह अभियान 29 सितम्बर तक चलाया जाएगा, जिसमें मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने कहा अधिक से अधिक लोग नए जीएसटी स्लैब के फायदे समझें और इसका लाभ उठा सकें, इसके लिए स्थान-स्थान पर जानकारी साझा की जाएगी।

राजपुर रोड में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार सीजन से पहले जीएसटी की नई दरें लागू होने से लोगों की बचत बढ़ेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय देशवासियों के हित के लिए ऐतिहासिक व क्रांतिकारी सिद्ध होगा।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, राज्य मंत्री विनय रुहेला, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल मौजूद थे।

व्यापारियों से बोले सीएम, घटे जीएसटी का लाभ आम जन तक पहुँचाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून के प्रेमनगर में आयोजित जीएसटी बचत उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। यह आयोजन देशभर में जीएसटी दरों में की गई कटौती को लेकर जनजागरूकता फैलाने और जनता को इसके प्रत्यक्ष लाभों से अवगत कराने के उद्देश्य से किया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने आज शाम देहरादून के प्रेमनगर स्थानीय बाज़ार पहुंचकर व्यापारियों से मुलाकात कर नए जी.एस.टी स्लैब के बारे में फीडबैक लिया एवं व्यापारियों से आम जन को भी घटे हुए जी.एस.टी के बारे में जानकारी देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने जनता से किया संवाद

मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में जाकर दुकानदारों से फीडबैक भी लिया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा हम स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर भारत के लोगों और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करें।

मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में जनता से मुलाकात कर उनको घटे हुए नेक्स्ट जनरेशन जी.एस.टी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए कई आवश्यक उत्पादों और सेवाओं पर जी.एस.टी स्लैब में कमी की है। जिसका सीधा लाभ देश के आम जनता को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने जनता से अधिक से अधिक स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों की खरीददारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से हमारे कुटीर उद्योग, स्थानीय कारोबारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे प्रदेश एवं देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा जब हम अपने स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे, तभी हमारे ग्रामीण एवं शहरी उद्यमी सशक्त होंगे और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ने स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधार और जनकल्याण एक साथ चल रहे हैं। ळैज् दरों में कमी से हर वर्ग को राहत मिली है गृहिणियों से लेकर छोटे व्यापारियों तक, हर कोई इससे लाभान्वित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ जैसे कार्यक्रमों से जनता को सीधे संवाद का अवसर मिलता है, और वे सरकार की नीतियों के लाभों को नज़दीक से महसूस कर पाते हैं।

जनता ने जताया प्रधानमंत्री मोदी का आभार

कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने जीएसटी में दी गई राहत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दैनिक जीवन से जुड़े उत्पादों पर कर दरों में कमी से घरेलू बजट पर बोझ कम हुआ है, जिससे आमजन को वास्तविक राहत मिली है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की जोड़ी को बताया भरोसेमंद

कार्यक्रम में नागरिकों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी की जोड़ी पर लोगों को पूरा विश्वास है। इस जोड़ी ने जनता को विकास, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के मार्ग पर आगे बढ़ाया है।

कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में आम नागरिक, व्यापारी, महिलाएं, युवा और वरिष्ठजन उपस्थित रहे, जिन्होंने जीएसटी दरों में कटौती को ‘डबल इंजन सरकार’ द्वारा जनता को दिया गया उपहार बताया।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के तहत प्रदेश में स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जन सुविधाओं के लिए बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लोगो को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने सभी को सेवा पखवाड़ा की गतिविधियों में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, अन्य जन प्रतिनिधिगण मौजूद थे।

अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त मुख्य सड़कों की शीघ्र मरम्मत करते हुए यातायात सामान्य बनाया जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा परिचालन केंद्र से प्रदेशभर में हुई अतिवृष्टि की समीक्षा करने के बाद मसूरी रोड एवं किमाड़ी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। राहत कार्यों के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य सड़कों की शीघ्र मरम्मत करते हुए यातायात सामान्य बनाया जाए तथा आवश्यकतानुसार लोगों के आवागमन हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएं तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को शीघ्र सामान्य करने के लिए सभी संबंधित विभाग युद्धस्तर पर कार्य करें। सभी प्रभावित परिवारों को आपदा मानकों के अनुसार त्वरित आर्थिक सहायता एवं मूलभूत सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएं। निरंतर हो रही वर्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में आवागमन अवरुद्ध हुआ है, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक मार्ग एवं राहत शिविर स्थापित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा की इस घड़ी में पूरी संवेदनशीलता के साथ आपदा पीड़ितों के साथ खड़ी है और प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को जल्द से जल्द सामान्य बनाने के लिए सभी संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रोहिल्ला, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।

सीएम धामी से मिले विभिन्न विधायक, क्षेत्रों की विकासपरक मांगों से अवगत कराया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में विधायक सहदेव पुंडीर, खजान दास, सुरेश चौहान, भरत चौधरी, संजय डोभाल, अनिल नौटियाल, प्रीतम पंवार एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की।

शिष्टाचार भेंट के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न विकासपरक मांगों एवं स्थानीय समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों के शीघ्र समाधान हेतु सम्बन्धित विभागों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य जनता को त्वरित और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से समस्याओं का समाधान और विकास कार्य और अधिक प्रभावी होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों का स्वयं भ्रमण करने और जरूरतमंद परिवारों तक समयबद्ध सहायता पहुँचाने में सहयोग का विधायकगणों से आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपदा प्रभावित सभी परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी और राहत-पुनर्वास कार्यों की गति तेज़ की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, पर्यटन, पेयजल एवं ऊर्जा जैसे बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का संतुलित और सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं को निकटता से सरकार तक पहुंचाएं और सभी मिलकर प्रदेश की प्रगति में भागीदारी सुनिश्चित करें।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सीएम और मंत्रीगण करेंगे निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री और मंत्रीगण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुए नुकसान का जनपदों में जाकर गहनता से समीक्षा करेंगे। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण भी करेंगे। इस समीक्षा का उद्देश्य राहत और पुनर्वास कार्यों की प्रगति की बारीकी से निगरानी करना और समस्त प्रभावित परिसंपत्तियों के नुकसान का व्यापक स्तर पर आकलन करना है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आपदा प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर समन्वित प्रयास करेंगे। इसके अंतर्गत आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करना तथा पुनर्वास कार्यों को शीघ्र पूरा करना प्राथमिकता होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से हुए नुकसान की व्यापक समीक्षा की जाएगी ताकि आगामी रणनीतियाँ और नीतिगत निर्णय समयानुसार और प्रभावी ढंग से लिए जा सकें।

सीएम ने की नेपाल से लगे तीन सीमांत जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पड़ोसी देश नेपाल में हाल के दिनों में उत्पन्न हुए राजनीतिक हालातों को ध्यान में रखते हुए राज्य के तीन सीमांत जनपदों चंपावत, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर के जिला प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में नेपाल से सटी उत्तराखण्ड की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा को लेकर संपूर्ण स्थिति की समीक्षा की गई ।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नेपाल से लगी सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाए जाएं और वहां किसी भी असामाजिक या उत्पाती तत्व की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी भी सतत रूप से की जाए ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या उकसाने वाले कंटेंट पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि वे केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों एवं एसएसबी के साथ निरंतर संपर्क व समन्वय बनाकर कार्य करें। सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों, स्थानीय ग्राम समितियों, पुलिस बल एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सामूहिक भागीदारी से निगरानी व्यवस्था को सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सीमाओं से लगे प्रवेश मार्गों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और सीमा पार से होने वाले आवागमन पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने भारत सरकार द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, साथ ही आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के भी आदेश दिए।

बैठक में सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियों, सामुदायिक भागीदारी, खुफिया सूचना तंत्र की मजबूती, तथा केंद्रीय एजेंसियों से तालमेल के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव (गृह), एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एडीजी इंटेलिजेंस, कुमाऊं मंडलायुक्त, कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, तथा चंपावत, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक व सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित

शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में ‘‘शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार’’ सम्मान समारोह आयोजित हुआ। समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्ष-2024 में शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कारों के लिए चयनित 16 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। वर्ष-2024 में चयनित 09 प्रारम्भिक शिक्षक, 05 माध्यमिक शिक्षक, 01 शिक्षक प्रशिक्षक एवं 01 संस्कृत शिक्षक को यह सम्मान प्रदान किया गया है।

राज्यपाल ने पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे शिक्षक समाज की मेहनत और तपस्या का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले ही नहीं, बल्कि चरित्र, नैतिकता और जीवन मूल्यों के निर्माता होते हैं। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, अध्यापक बच्चों को संस्कारवान, जिम्मेदार और राष्ट्रभक्त नागरिक बनाने में योगदान दें।

राज्यपाल ने कहा कि माता-पिता के बाद गुरु ही बच्चों के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं और बच्चों का भविष्य सही दिशा में ले जाने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने में शिक्षकों का योगदान निर्णायक रहेगा। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड शिक्षा का एक प्रमुख केन्द्र रहा है, इसलिए हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि हम इस परंपरा को और मजबूत बनाएं।

राज्यपाल ने कहा कि आज के इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में बच्चों को भटकाव से बचाने, उनमें विवेक और सही जीवन-दृष्टि विकसित करने का कार्य भी शिक्षक ही कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों में किताबें पढ़ने की आदत विकसित करें और उन्हें खेल, संस्कृति तथा रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने अनुभव, ज्ञान और परिश्रम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य को संवारने की शिक्षकों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। मुख्यमंत्री ने शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शैलेश मटियानी पहाड़ के दर्द और संवेदनाओं को गहराई से समझने वाले कथाकार थे। उन्होंने कथा-साहित्य के साथ-साथ गद्य और सामयिक चिंतन में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी। शैलेश मटियानी ने भी अपनी कहानियों और उपन्यासों में उत्तराखण्ड के पर्वतीय इलाकों और ग्रामीणों के संघर्ष को शब्दों के माध्यम से पिरोया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राचीन परंपरा से ही गुरु को केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पथ प्रदर्शक माना जाता है। वे शिष्यों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नैतिकता और संस्कारों के बीज को रोपित करने का कार्य करते हैं। आज इस डिजिटल युग के बदलते दौर में शिक्षकों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, जो हमारे बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों से परिचित कराते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। शिक्षकों के प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए भी विशेष योजनाएं प्रारंभ की हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का कार्य देश में सबसे पहले उत्तराखण्ड ने किया। राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में ‘बाल वाटिका’ की शुरुआत कर प्रदेश में शैक्षिक क्रांति प्रारंभ की। उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया है जहाँ बुनियादी शिक्षा के लिए ‘राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा’ तैयार की गई है। बच्चों में कौशल, उद्यमिता और भारतीय ज्ञान परंपरा को विकसित करने के लिए ’कौशलम कार्यक्रम’ भी प्रारंभ किया गया है।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के 1340 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासें और 950 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासें शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सभी जिलों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। इस वर्ष 550 स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू कर दिया गया और प्रदेश के 22 हजार प्राथमिक शिक्षकों को टेबलेट प्रदान किए गए है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस वर्ष शिक्षा विभाग में लगभग 9500 भर्तियां की जा रही है।

कार्यक्रम में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रामन ने सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों का स्वागत किया और सम्मान समारोह की विस्तृत जानकारी दी। अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा रंजना राजगुरु ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में स्वर्गीय शैलेश मटियानी के सुपुत्र राकेश मटियानी एवं गीता मटियानी, शिक्षा विभाग के अन्य उच्च अधिकारीगण और पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

अंबाला में उत्तराखंड के युवकी की हत्या पर सीएम धामी ने हरियाणा सीएम से की वार्ता

अंबाला में उत्तराखंड के युवक साहिल बिष्ट की हत्या की घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से दूरभाष पर वार्ता की।

मुख्यमंत्री धामी ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी एवं कठोरतम दंड सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया।

इस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वस्त किया कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस को शीघ्र कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार इस पूरे मामले में हर संभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ है तथा परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

सीएम ने आपदा राहत कार्यों में पीएनबी द्वारा दिए सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार जताया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पंजाब नेशनल बैंक से आए प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। इस दौरान पंजाब नेशनल बैंक द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए ₹ 1 करोड़ का योगदान प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने पीएनबी द्वारा दिए सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा यह राशि आपदा प्रभावित परिवारों के त्वरित सहायता और पुनर्वास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने कहा संकट की घड़ी में संस्थाओं एवं संगठनों का इस प्रकार आगे आना समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि धराली क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी है और प्रभावितों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मेंनाली, पंजाब नेशनल बैंक के जी.एम अनुपम, ए.जी.एम अजित कुमार उपाध्याय, चीफ मैनेजर सर्वेश मौजूद रहे।