प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही हैः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अन्तर्गत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित 240 ई.डब्ल्यू.एस लाभार्थियों को आवास कब्जा स्थानान्तरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने 10 लाभार्थियों को आवास कब्जा प्रदान किया। शेष सभी लाभार्थियों को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा आवास के कब्जे दिये जा रहे हैं। आलयम् आवासीय योजना के तहत ये आवास आमवाला, तरला, सहस्त्रधारा रोड़ में बनाये गये हैं। मुख्यमंत्री द्वारा जिन लाभार्थियों को आवास का कब्जा दिया गया उनमें रश्मि पाण्डेय, निताशा सैनी, रामबती, संतोष सिंह, इकादशी भट्ट, रेनू, बबीता रावत, सतपाल, शालू, आरती शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाई गई प्रधानमंत्री आवास योजना से अनेक जरूरतमंद लोगों के अपने घर का सपना पूरा हो रहा है। आर्थिक रूप से गरीबों के लिए लिए यह योजना वरदान साबित हुई है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को मात्र 06 लाख रूपये में आवास मिल रहा है। जिसमें से 1.50 लाख केन्द्रांश एवं 01 लाख राज्यांश दिया जा रहा है। लाभार्थी को केवल 3.50 लाख रूपये में आवास प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले आवासों के कार्यों में तेजी लाई जायेगी।

उपाध्यक्ष मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण रणवीर सिंह चैहान ने कहा कि आमवाला, तरला, सहस्त्रधारा रोड़ में ई.डब्ल्यू.एस के लिए कुल 240 आवास बनाये गये हैं। जिसमें 15 ब्लॉक्स एवं 30 पार्किंग बनाई गई है। इस परियोजना के तहत आवासीय ईकाई का सुपर ऐरिया 505.04 वर्ग फुट एवं आच्छादित क्षेत्रफल 237.56 वर्ग फुट है। नगर निगम द्वारा चिन्हित पात्र अभ्यार्थियों में से लॉटरी द्वारा आंवटियों का चयन किया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण पीसी दुमका आदि मौजूद थे।

कैबिनेट बैठक में नौ अहम निर्णय हुए पारित


आज कैबिनेट द्वारा कुल 09 निर्णय लिये गये, इसकी जानकारी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा दी गई।

1. कैम्पा अधिसूचना के अन्तर्गत प्राधिकरण के वार्षिक लेखा वित्तीय वर्ष 2013-14, 2014-15,2015-16, 2016-17 को विधानमण्डल के पटल पर रखा जायेगा।

2. उत्तराखण्ड वन विकास निगम में स्केलर संवर्ग में 02 वर्ष की दैनिक श्रम अवधि सेवा को समयमान वेतनमान व एसीपी को जोड़ने के लिये विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में उपसमिति का गठन किया गया जिसमें वित्त और न्याय विभाग के अधिकारी होंगे।

3. देहरादून महायोजना-2025 के जोनल प्लान में सरकारी भवनों के भवन निर्माण के लिये भूमि पर छूट का प्रावधान सभी राष्ट्रीय दलों पर भी लागू होगा।

4. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को शामिल किया जायेगा। इसमें 4,000 रूपये से कम आय वालों को अन्तोदय योजना में और 15,000 रूपये आय से कम को प्राथमिक परिवार योजना में शामिल करते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के अन्तर्गत रखा जायेगा।

5. कोविड प्रभाव को देखते हुए लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत एवं लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर समूह-ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को एक वर्ष की छूट सीमा दी गई है जो कि 30 जून 2022 तक लागू रहेगी।

6. मा0 उच्च न्यायालय के अधीन परिवहन विभाग के कर्मचारियों को वेतन इत्यादि विषय के सम्बन्ध में एकमुश्त सहायता के लिये मा0 मुख्यमंत्री को निर्णय लेने के लिये अधिकृत किया गया है।

7. श्रीनगर, देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज कुल 501 पद सृजित किये गये हैं जिनमें श्रीनगर के लिये 122, देहरादून के लिए 250 और हल्द्वानी के लिए 129 पद होंगे। इसके अतिरिक्त श्रीनगर सुपर स्पेस्लिटी पर 44 पद स्पेस्लिस्ट के होंगे।

8. जनपद देहरादून स्थित राजकीय रेशम फार्म विकासनगर एवं रेशम फार्म अम्बाड़ी की भूमि को लखवाड़ व्यासी जल विद्युत परियोजना हेतु आवंटित 14.50 एकड़ भूमि को निरस्त किया गया है। अब यह भूमि रेशम विभाग के पास रहेगी।

9. जिला बार ऐशोसियेशन बागेश्वर को जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता चैम्बर्स निर्माण हेतु न्याय विभाग की 40.80 वर्ग मीटर की भूमि निशुल्क लीज पर दी जायेगी।

सीएम ने अफसरों को 15 अगस्त तक फाइल पेश करने का समय दिया

देहरादून। उत्तराखंड के इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, प्रभारी सचिवों को 30 दिन का टास्क दे दिया गया है। अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री आनंद वर्धन ने शासन के सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए वित्तीय वर्ष 2021 22 हेतु तमाम योजनाओं, कार्यक्रमों परियोजनाओं हेतु वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति हेतु एक माह के भीतर पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि 15 अगस्त तक सभी विभाग के अधिकारी वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति करवा लें, इसके लिए बकायदा समय सीमा निर्धारित कर दी है।

अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी इस आदेश से का मकसद चरणबद्ध तरीके से सरकार के कामों को गति देना है, गौरतलब है कि उत्तराखंड में अगले 4 महीनों में चुनाव होने हैं ऐसे में राज्य सरकार इस वर्ष किसी भी प्रकार से किसी भी योजना को आधे अधूरे तरीके से बीच में नहीं छोड़ना चाहती। लिहाजा मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अपर मुख्य सचिव द्वारा यह आदेश जारी किए गए हैं, ताकि एक महीने में सरकार द्वारा निर्धारित कार्य को प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी जा सके और धरातल पर काम दिखाया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भेंट की

उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। मौके पर उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं के लिए उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपये से बढ़ाते हुए 150 करोड़ रूपये करने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्ट व पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण और निस्तारण योजनाओं के लिये अवशेष केन्द्रांश की धनराशि अवमुक्त करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपये से बढ़ाते हुए 150 करोड रूपये करने का अनुरोध किया ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के अंतर्गत उक्त योजनाओं का शीघ्र कियान्वयन किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन एवं सहयोग से उत्तराखण्ड सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को गंभीरता से पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य के 07 नगर निगमों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण की डी०पी०आर० कुल योजना लागत रू० 126.53 करोड़, एस०एच०पी०सी० (स्टेट हाई पॉवर कमेटी) से अनुमोदित कराकर स्वीकृति के लिये भारत सरकार को प्रेषित की गई है। उक्त 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्टध्पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण की डी०पी०आर० हेतु रू0 48.78 लाख की धनराशि भारत सरकार द्वारा अवमुक्त की गयी है।
स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को 89 करोङ रूपए का बजट आवंटन किया गया है। उत्तराखण्ड राज्य के 07 नगर निगमों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट एवं अन्य नगर निकायों के प्रसंस्करण एवं निस्तारण हेतु लगभग रू० 126 करोड तथा अन्य निकायों की ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन योजनाओं हेतु लगभग रू0 24 करोड़ की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उक्त 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण योजनाओं हेतु अवशेष केन्द्रांश की धनराशि अवमुक्त करते हुए स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपए से बढ़ाते हुए 150 करोड रूपए किये जाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से की शिष्टाचार भेंट


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। उत्तराखण्ड के सीएम पद की शपथ के बाद प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट करने आए मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य के विकास में केन्द्र सरकार के सहयोग पर प्रधानमन्त्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तीव्र गति से विकास पथ पर आगे बढ रहा है।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री बनने पर पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि युवा नेतृत्व में राज्य का तेजी से चहुँमुखी विकास होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य से संबंधित ज्वलंत मुद्दों के बारे मे बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री को कोविड की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए राज्य सरकार की तैयारियों के बारै में अवगत कराया। साथ ही चारधाम यात्रा, कांवङ यात्रा पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री की वार्ता निर्धारित 15 मिनट से अधिक 1 घंटा 15 मिनट तक चली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम में कुल 108 करोङ 78 लाख रूपये की लागत से द्वितीय चरण के निर्माण व पुनर्निर्माण कार्य आरम्भ किए जाने हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से श्री केदारनाथ धाम में द्वितीय चरण के निर्माण व पुनर्निर्माण कार्यों के शिलान्यास-वर्चुअल शिलान्यास के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से राज्य में हेल्थ सेक्टर में सुधार के लिये अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। एम्स ऋषिकेश उत्तराखण्ड को केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण देन है। कोविड महामारी से लङाई में इसकी बङी भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुमायूं मण्डल में भी इसी प्रकार के एक एम्स की स्थापना का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। कुमायूं में एम्स की स्थापना से विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं से क्षेत्र की जनता लाभान्वित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय महत्व की लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिये आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की स्वीकृति प्रदान करवाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना से यमुना नदी में जल उपलब्धता बढ़ेगी एवं छः राज्य उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश लाभान्वित होंगे। इस परियोजना को समस्त स्वीकृतियाँ प्राप्त है एवं भारत सरकार के आर्थिक मामलों की कैबीनेट समिति की स्वीकृति प्राप्त होना शेष है, जिसके उपरान्त परियोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बना रहा है। निर्धारित समय से एक घंटा अधिक समय दिये जाने पर आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखण्ड की जनता के प्रति प्रधानमन्त्री के लगाव एवं चिंतन का परिचायक है।

जन समस्याओं को सीएम ने जाना, ज्यादातर समस्याओं का मौके पर कराया निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में जन समस्याओं को सुना। लोगों ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता से संबंधित समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित निदान के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें। मुख्यमंत्री ने अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण के निर्देश अधिकारियों को दिए। दीर्घावधि के कार्यों में भी उन्होंने तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान के साथ ही रोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं उत्तराखंड के ग्रामीण विकास पर भी राज्य सरकार का विशेष फोकस है।

सीएम ने मां गंगा की पूजा अर्चना कर की प्रदेश की खुशहाली की कामना


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरकी पैड़ी हरिद्वार में मां गंगा की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस अवसर पर संत महात्माओं को सम्मानित कर उनका भी आर्शीवाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गंगा हमारी जीवन दायिनी है, हमारी आस्था, श्रद्धा एवं विश्वास का भी प्रतीक है। गंगा हमारे जीवन का आधार भी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम सबके सामुहिक प्रयासों से उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास में सफल होंगे। समाज के अन्तिम पक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिये हम सतत प्रयत्नशील रहेंगे।

मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के पश्चात् मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहली बार हरिद्वार पधारे। हरकी पैड़ी पर गंगा पूजा से पूर्व मुख्यमंत्री का भानियावाला, छिद्दरवाला, रायवाला, हरिपुरकला, भोपतवाला में बड़ी संख्या में आम जनता एवं पार्टी कार्यकर्ताओ द्वारा भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सभी का आभार जताते हुए जन अपेक्षाओं के अनुरूप समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे जन अपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिये निरन्तर प्रयासरत रहेंगे। छिद्दरवाला में मुख्यमंत्री का स्वागत क्षेत्रीय जनता एवं पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा भी किया गया।

हर की पैड़ी में गंगा पूजन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्य, स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक प्रणव सिंह चैम्पियन, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, आदेश चैहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, स्वामी चिदानंद मुनि, गंगा सभा अध्यक्ष प्रदीप झा के साथ सभी अखाड़ों के संत महात्मा उपस्थित थे।

मनोनीत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ली राजभवन में शपथ, 11 मंत्रियों ने भी मौके पर ली शपथ

उत्तराखंड के सबसे युवा 45 वर्षीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने उन्हें शपथ दिलाई। इस दौरान हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, मदन कौशिक समेत, तमाम भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। 5 बजकर 14 मिनट पर शपथ ग्रहण समारोह शुरू होने की घोषणा हुई। इसके बाद राज्यपाल पोडियम पर पहुंचीं और उन्होंने पुष्कर सिंह धामी को शपथ दिलाई। शपथग्रहण समारोह के दौरान नारेबाजी का दौर भी खूब चला। सीएम धामी के समर्थकों ने खूब नारे लगाए।

इन्होंने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने के बाद राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने 11 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई। ​मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में सबसे पहला नाम सतपाल सिंह महाराज का रहा। इसके बाद पौड़ी से विधायक हरक सिंह रावत ने शपथ ली। मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले अगले विधायक वंशीधर भगत रहे। वंशीधर भगत पांच बार मंत्री रह चुके हैं और वह छठवीं बार मंत्री बने हैं। इसके बाद यशपाल आर्य मंत्रीपद की शपथ लेने पहुंचे। यशपाल पिछली सरकार में परिवहन मंत्री थे। डिडिहार से विधायक बिशन सिंह को भी राज्यपाल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद सु​बोध उनियाल, अरविंद पांडेय, मसूरी से लगातार दूसरी बाद विधायक गणेश जोशी, धनसिंह रावत, रेखा आर्या, यतीश्वरानंद ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

पुष्कर सिंह धामी के रूप में उत्तराखंड को मिला 11वां सीएम


देहरादून। उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बनाये गए हैं। राज्य को 11वां मुख्यमंत्री मिला है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी है।

दो बार बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे धामी

2017 के बाद उत्तराखंड को मिले तीसरे मुख्यमंत्री

पुष्कर सिंह धामी

जीवन परिचय, मा0 विधायक, पुष्कर सिंह धामी, 70 विधान सभा क्षेत्र, खटीमा, ऊधमसिंह नगर (उत्तराखण्ड)

देव भूमि उत्तराखण्ड प्रदेश के अति सीमान्त जनपद पिथौरागढ की ग्राम सभा टुण्डी, तहसील डीडी हाट में जन्म हुआ। सैनिक पुत्र होने के नाते राष्ट्रीयता, सेवा भाव एवं देशभक्ति को ही धर्म के रूप में अपनाया। आर्थिक आभाव में जीवन यापन कर सरकारी स्कूलों से प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। तीन बहनों के पश्चात अकेला पुत्र होने के नाते परिवार के प्रति जिम्मेदारियाॅ हमेशा बनी रही।

1.विधान सभा का नाम 70, विधान सभा क्षेत्र, खटीमा

2.माता का नाम विश्ना देवी

3.पत्नी का नाम गीता धामी

4.शैक्षिक योग्यता (क) शैक्षणिक योग्यता – स्नातकोत्तर
(ख) व्यावसायिक – मानव संसाधन प्रबंधन और औद्योगिक संबंध के मास्टर

5.जन्म तिथि 16.09.1975

6.राजनितिक दल का नाम भारतीय जनता पार्टी

प्रारंभिक जीवन- माता जी का एक धर्मपरायण, मृदुभाषी एवं अपने परिवार के प्रति समर्पित धरेलू महिला होने तथा पिता की सैनिक होने के कारण देश की सरहद पर हर पल तन-मन न्यौछावर करने की दशा भक्ति की प्ररेणा से ओत-प्रोत वाल्य मन-मस्तिष्क में सदैव देश एवं प्रदेश के लिए कुछ कर गुजरने की ललक के कारण बचपन से ही स्काउट गाइड, एन0सी0सी0, एन0एस0एस0 इत्यादी शाखाओं में प्रतिभाग एवं समाजिक कार्यो को करने की भावना तथा ’’संधे शक्ति कलयुगें’’ के मूलमंत्र के आधार पर छात्र शक्ति को उनके हकों एवं उत्थान के लिए एक जुट करने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुडने के मुख्य कारक रहे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों को एक जुट करके निरन्तर संधर्षशाील रहते हुए उनके शैक्षिणक हितों की लडाई लडते हुए उनके अधिकार दिलाये गये तथा शिक्षा व्यवस्था के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। राजनितिक दल भारतीय जनता पार्टी से जुडने का कारण भी राष्ट्रीयता, देशभक्ति, कमजोर एवं युवा बेरोजगार के प्रति कुछ कर गुजरने की भावना रही। यही राजनिति में आने का उदे्श्य रहा।

राजनीतिक जीवन

राजनितिक यात्राः- सन् 1990 से 1999 तक जिले से लेकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में विभिन्न पदों में रहकर विद्यार्थी परिषद में कार्य किया है। इसी दौरान अलग-अलग दायित्वों के साथ-साथ प्रदेश मंत्री के तौर पर लखनऊ में हुये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सम्मेलन में संयोजक एवं संचालन कर प्रमुख भूमिा निभाई।

राज्य की भौगोलिक परिस्थियों को नजदीक से समझते हुए क्षेत्रीय समस्याओं की समझ और उत्तराखण्ड राज्य गठन के उपरान्त पूर्व मुख्यमंत्री जी के साथ एक अनुभवी सलाहकार के रूप में 2002 तक कार्य किया। कुशल नेतृत्व क्षमता, संधर्षशीलता एवं अदम्य सहास के कारण दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए सन 2002 से 2008 तक छः वर्षो तक लगातार पूरे प्रदेश में जगह-जगह भ्रमण कर युवा बेरोजगार को संगठित करके अनेकों विशाल रैलियां एवं सम्मेलन आयोजित किये गये। संधर्षो के परिणाम स्वरूप तत्कालीन प्रदेश सरकार से स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत आरक्षण राज्य के उद्योगों में दिलाने में सफलता प्राप्त की। इसी क्रम में दिनांक 11.01.2005 को प्रदेश के 90 युवाओं को जोड़कर विधान सभा का धेराव हेतु एक ऐतिहासिक रैली आयोजित की गयी जिसे युवा शक्ति प्रदर्शन के रूप में उदाहरण स्वरूप आज भी याद किया जाता है।

कुशल नेतृत्व क्षमता तथा शैक्षिणिक एवं व्यावसायिक योग्यता के कारण पूर्ववर्ती भा0ज0पा0 सरकार में वर्ष 2010 से 2012 तक शहरी विकास अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यशील रहते हुए क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान कराने में आशातीत सफलता प्राप्त की जिसका प्रतिफल जनता द्वारा 2012 के विधान सभा विधान सभा चुनाव में ’’विजयश्री’’ दिलाते हुए अपने जनप्रिय विधायक के रूप में विधान सभा मंे पहुॅचाकर उनकी आवाज को और भी अधिक बुलन्दी के साथ सरकार के समक्ष उठाते हुए क्षेत्रीय जनता को उनके मौलिक अधिकारों एवं जीवन यापन के हकों को दिलवाने के लिए उनके विधानसभा प्रतिनिध होने का गौरव प्राप्त हुआ है।

विधान सभा के मुख्य मुद्देः-

(क) राज्य स्तरीयः-
1. शिक्षित बेरोजगार युवक आज राज्य की प्रमुख समस्या है। राज्य के युवाओं को अपने लिये रोजगार के अवसर प्राप्त हो, गाॅवों से पलायन रूके यही मुख्य समस्या है।
2. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी रोजगार परक शिक्षा और तकनीकी शिक्षा यह राज्य सरकार दे, जिससे सभी वर्गो को जीवन यापन एवं विकास के समान अवसर प्राप्त हो एवं प्रचलित शिक्षा का बाजारीकरण बंद हो, जिसके लिए बहुत कार्य किया जाना है।
3.बुनियादी जरूरतों में स्वच्छ पानी तक प्रदेश की जनता को प्राप्त नही पा रहा है। स्वच्छ पेय जल लोगों तक निःशुल्क पहुॅचे आज एक प्रमुख मुद्दा है।

(ख) क्षेत्रीय स्तरीयः-

विधान सभा क्षेत्र खटीमा एक सीमान्त पिछड़ा, तराई जनजातिय बहुल्य क्षेत्र है। स्वच्छ पानी से लेकर शिक्षा तक अनेकों क्षेत्र में अत्यधिक कार्य किया जाना है।
2. नेपाल से लगा हुआ सीमान्त क्षेत्र होने के कारण अनेकों समस्याएं जैसेः- माओवाद, तस्करी इत्यादी समस्याओं के सामाधान हेतु अनेंको कार्य जानेे हैं।
3. जनजाति एवं गैरजनजाति जमीनों के विवादों का समाधान।
4. कृषि आधारित क्षेत्रों में बाढ की समस्या एवं भूमि का कटानों का समाधान।
5. पाॅलिटेक्निक का निर्माण।
6. आई0टी0आई0 का निर्माण।
7. निर्माणधीन सरकारी अस्पताल का यथा शीध्र निर्माण कार्य पूर्ण करवाना।
8. रोडवेज बस स्टेशन का निर्माण कार्य।
9. खटीमा शहर में बाईपास का निर्माण।
10. खटीमा में 4-लेन सड़क का निर्माण कार्य।
11. सीमान्त बग्गा चैवन ग्राम सभा को राजस्व ग्राम धोषित करवान एवं सम्पर्क मार्ग से जोडना।
12. स्पोर्टस स्टेडियम का निर्माण।
13. डिग्री कालेज में अन्य पाठ्यक्रमों को शुरू करवाना।
14. लम्बे समय से जीर्ण क्षीर्ण सड़क बगिया धाट से चकरपुर तक निर्माण करवाना।
15. परवीन नदी पर यथा शीध्र पुल का निर्माण।
16. खटीमा क्षेत्र में आन्दोलकारीयों का चिन्ह्ीकरण एवं शहीद स्मारक का निर्माण।
17. उधोगों की स्थापना कर नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराना।
18. किसानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान।
19. सभी ग्राम सभाओं में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

समाधान हेतु प्रयासः- राज्यों से शिक्षित बेरोजगारों का पलायन रूके इसके लिए आवश्यक है राज्य में अधिक से अधिक उद्योगों की स्थापना, पर्यटन के क्षेत्र का विकास, जल स्रोतों का वैज्ञानिक सोच के साथ उचित दोहन कर बिजली उत्पादन, हाॅटी कल्चर, फ्लोरी कल्चर, उद्यान, फल उत्पादन, जड़ी बूटी उत्पादन एवं फूल उत्पादन इत्यादी क्षेत्रों में बेरोजगारी युवकों को प्रशिक्षण देकर राज्य में ही पहाड़ों की जवानी का प्रयोग किया जाए जिससे पलायन रूके तथा युवा शक्ति का सदुपयोग प्रदेश के चहुॅमुखी विकास में हो सकें।
विजनः- चॅूकि समस्त युवा बेरोजगारों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना वर्तमान में चुनौतीपूर्ण है इसलिए आवश्यकता है कि सरकार अपने प्रयासों से सभी वर्गो को सरकारी विद्यालय एवं महाविद्यालयों में से ऐसी तकनीकी, रोजगार परक शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान करे जिससे कि युवा वर्ग के लोगों को ड्रिगी प्राप्त करने के पश्चात तकनीकी रूप से स्वरोजगार के अवसरांे का लाभ उठाने हेतु कुशल बने एवं रोजगार प्राप्त हो सकंे। यह प्रशिक्षण राज्य सरकार अनेकों क्षेत्रों जैसेेंः- उद्योगों, पर्यटन के क्षेत्र में बिजली उत्पादन, हाॅटी कल्चर, फ्लोरी कल्चर, उद्यान, फल उत्पादन, जड़ी बूटी उत्पादन, एवं फूल उत्पादन इत्यादि क्षेत्रों में दे सकें। इन सभी के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण विजन यह भी रहेगा कि जनसंख्या वृद्वि रोक जाने हेतु परिवार नियोजन, जन जागरण एवं जनता को सचेत किया जाना।

जनता के प्रति आपका सन्देशः- क्षेत्र एवं राज्य की जनता से मेरा यही विनम्र निवेदन है कि अपनी समस्याओं के समय-समय पर अवगत कराते रहें जिससे मैं उन्हे विधानसभा में सरकार के सम्मुख प्रमुखता से उठाते हुए उनका निराकरण आपके सहयोग से समय पर करा सकूॅ। मेरे द्वारा सदैव आपके स्वागत के लिए खुल हैं। सभी लोग, सभी वर्ग, सभी क्षेत्रों में जाति-धर्म के विचार से ऊपर उठकर सामाजिक उत्थान के लिए मिलजुलकर कार्य करें। अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति संजग रहते हुए सकारात्मक एवं प्रगतिशील सोच के साथ कार्य करें जिससे हमारा राज्य प्रगति एवं विकास के मार्ग पर अग्रसर हों।

खटीमा विधायक को मिला ’’भारत के आदर्श युवा विधायक का सम्मान’’

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित दसवीं छात्र संसद में भारत के आदर्श युवा विधायक का सम्मान उत्तराखंड खटीमा के विधायक पुष्कर सिंह धामी को दिया गया। धामी ने यह सम्मान उत्तराखंड की जनता को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक समर्पण के साथ जनसेवा के लिए प्रेरित करेगा।
एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नेंस पुणे, युवा एवं खेल मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से आयोजित चार दिनी छात्र संसद में यह सम्मान विधायक और उत्तराखंड डेवलपमेंट एंड रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष पुष्कर सिंह धामी को दिया गया। बतातें चले कि पुष्कर सिंह धामी लगातार दो बार से विधायक है। धामी की संगठन में मजबूत पकड़ है। वह पूर्व में युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे है। उत्तराखंड में सांस्कृतिक और युवाओं के कार्यों के लिए पुष्कर धामी काफी लोकप्रिय है। उन्होंने बताया कि दसवीं छात्र संसद 20 फरवरी को शुरू हुए कार्यक्रम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने किया था। कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु रविशंकर, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा महामंत्री राम माधव, जनरल जीडी बख्शी आदि थे। 23 फरवरी को कार्यक्रम का पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने समापन किया। वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल से सांसद अजय भटट ने कहा कि विधायक को सम्मान मिलने से उत्तराखंड का गौरव बढ़ा है।