सीएम ने नक्शे पास करने तथा वन टाइम सेटलमेंट प्रक्रिया की ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एमडीडीए कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कम्प्यूटर कक्ष में बैठकर भवनों आदि के स्वीकृत हेतु प्राप्त नक्शों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री को सचिव एमडीडीए हरवीर सिंह ने अवगत कराया कि कम्प्यूटर में दर्ज 13561 आवेदनों में से 8109 स्वीकृत किये जा चुके हैं, 1106 आवेदन निरस्त किये गये जबकि 4346 पेंडिंग हैं। मुख्यमंत्री ने पेंडिंग नक्शे के आवेदनों का तुरंत निस्तारण के निर्देश देते हुए जीरो पेंडेंसी के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने अकाउंट सेक्सन का भी निरीक्षण किया तथा वन टाइम सेटलमेंट के प्रस्तावों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस प्रकार की 260 पत्रावलियां 4 दिन पहले की हैं। बताया कि ऐसे प्रकरणों के निस्तारण की अवधि 15 दिन निर्धारित है। मुख्यमंत्री ने सचिव एमडीडीए को एमडीडीए के आय और व्यय का पूरा विवरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

सीएम ने राजकीय महाविद्यालय रायपुर में किया विज्ञान संकाय भवन का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर) देहरादून में विज्ञान संकाय भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि राज्य में 08 नये महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। जिन नये महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी उनमें देहरादून शहर, हरिद्वार शहर (भूपतवाला), हल्द्वानी शहर में, गदरपुर ऊधमसिंह नगर, दन्या अल्मोड़ा, कल्जीखाल पौड़ी, खिर्सु पौड़ी, देवाल चमोली, शामिल हैं। राज्य के 07 महाविद्यालयों का स्नातक से स्नातकोत्तर में उच्चीकरण किया जायेगा। इनमें राजकीय महाविद्यालय, मुनस्यारी (पिथौरागढ़), राजकीय महाविद्यालय, गैरसैंण (चमोली), राजकीय महाविद्यालय, कपकोट (बागेश्वर), राजकीय महाविद्यालय सोमेश्वर, राजकीय महाविद्यालय, हल्दूचौड़ (नैनीताल), राजकीय महाविद्यालय, लक्सर (हरिद्वार), राजकीय महाविद्यालय, थलीसैंण (पौड़ी) शामिल हैं।

राजकीय महाविद्यालयों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शैक्षणिक पद सृजित होंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि पूर्व से संचालित राजकीय महाविद्यालयों में वहां की आवश्यकतानुसार स्नातक स्तर पर 50 एवं स्नातकोत्तर स्तर पर 10 अतिरिक्त शैक्षणिक पदों का सृजन किया जायेगा। राज्य के समस्त शासकीय महाविद्यालयों में कम से कम एक वीडियो कांफ्रेसिंग एवं अन्य आवश्यक आधुनिक तकनीकी सुविधायुक्त लैक्चर हाल स्थापित किया जायेगा।

पाठ्यक्रमों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप करने के लिए उच्च स्तरीय समिति होगी गठित

नई शिक्षा नीति के क्रम में शासकीय विश्वविद्यालयों में इण्टर-डिसिप्लिनरी कोर्स प्रारंभ करने एवं वर्तमान पाठ्यक्रमों में बदलाव हेतु राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के सुविख्यात शिक्षाविद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर) में स्नातकोत्तर स्तर पर विज्ञान संकाय एवं गृह विज्ञान की कक्षाएं भी प्रारम्भ की जायेंगी।

रायपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रायपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए भी विभिन्न घोषणाएं की जिसमें मालदेवता खेरी ग्रामीण क्षेत्र में 33 के.वी. विद्युत घर का निर्माण तथा आई.टी पार्क के समीप डांडा लखोंड में 33 के.वी विद्युत केन्द्र का निर्माण किया जायेगा। मालदेवता के अंतर्गत पंजाब नेशनल बैंक वाले खाले में आर.सी.सी. पाइप लाइन द्वारा जल निकासी का कार्य स्वीकृत किया जायेगा। विकासखण्ड रायपुर में सोंग नदी पर मालदेवता फार्म से मालदेवता बाजार तक बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जायेगा। रायपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नगर निगम क्षेत्र में नदी/नाले/खाले में आपदा से क्षतिग्रस्त पुस्तों का निर्माण किया जायेगा, बाल्टी नदी में दिनांक 24 एवं 25 अगस्त को आयी आपदा से नदी व सडक की बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जायेगा। रायपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त सहस्त्रधारा-खैरी- मालदेवता मार्ग का मरम्मत कार्य किया जायेगा। वार्ड संख्या 58 डिफेंस कॉलोनी के मुख्य करिय्पा मार्ग का चौड़ीकरण, नवीनीकरण व सौंदर्यीकरण का कार्य किया जायेगा। रायपुर-तुनवाला-मियावाला मार्ग का चौड़ीकरण किया जायेगा। रायपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत क्षतिग्रस्त मुख्य व आंतरिक मार्गों का निर्माण किया जायेगा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर) के विस्तारीकरण के लिए भूमि उपलब्ध करने एवं ग्राम सभा खेरी मानसिंह, मालदेवता, सौडा द्वारा एवं केशर वाला में जंगली हाथियों से फसलों के बचाव हेतु सोलर फेंसिंग का कार्य एवं आबादी क्षेत्रों के समीप आरक्षित वन भूमियों में कूड़े-करकट से बचाव हेतु जाल लगवाये जायेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 02 माह पूर्व राज्य के मुख्य सेवक रूप में कार्य करने का मौका मिला। शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। जन समस्याओं के त्वरित निदान के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी फिक्स की गई। जो कार्य विकासखण्ड एवं तहसील स्तर के हों उनका समाधान वहीं पर हो और जो कार्य जिला स्तर पर हो सकते हैं, उनका निदान जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा ही किया जायेगा। सभी अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि जो कार्य जनपद स्तर पर पूर्ण हो सकते हैं, उन्हें शासन स्तर पर न भेजा जाय। उनका वहीं निदान किया जाय। कार्यों के सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नो पेंडेंसी के आधार पर कार्य करने के अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि प्रत्येक कार्यदिवस को प्रातः 10 से 12 बजे तक अपने कार्यालयों में जन समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे। तहसील दिवसों का नियमित आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर सरकार का विशेष ध्यान है। विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। ये सभी प्रक्रियाएं जल्द पूर्ण कर ली जायेगी। समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू की है। सरकार का प्रयास है कि समाज के अन्तिम पंक्ति पर खड़े लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में एक लाख सात हजार छात्र-छात्राएं वर्तमान में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सभी महाविद्यालयों में 4जी वाईफाई की सुविधा दी गई है। एक-एक टेबलेट की व्यवस्था की जा रही है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। रोजगारपरक शिक्षा एवं शिक्षा के गुणात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, दिलीप सिंह रावत, मुकेश कोली, प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर) के प्राचार्य प्रो. सतपाल सिंह सहानी आदि उपस्थित थे।

‘ग्राम्य श्री’ विक्रय केंद्र का मुख्यमंत्री धामी ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजपुर रोड देहरादून पर निर्मित ’ग्राम्य श्री’ विक्रय केंद्र का लोकार्पण किया। इस विक्रय केन्द्र में जलागम विभाग उत्तराखण्ड के अंतर्गत गठित कृषक संघों के उत्पाद उपलब्ध रहेंगे। मुख्यमंत्री ने यहां रखे उत्पादों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के विक्रय केन्द्र से जहां उपभोक्ताओं को गुणवत्तापरक उत्पाद मिलेंगे, वहीं किसानों, ग्रामीणों को भी उनके उत्पादों के लिये बाजार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए बहुत सी महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं। किसान सम्मान निधि से प्रदेश के 9 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं। इसके लिये मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें खेती में नये तरीकों को अपनाना होगा। जहां खेत छोटे-छोटे हैं वहां मिलकर कृषि की जा सकती है। बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करना होगा। साथ ही ग्राम्या श्री जैसे विक्रय केन्द्र जगह जगह स्थापित करने होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाएंगे। ग्राम्या फेज 3 के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां सुरकण्डा समूह धारकोट को डीप फ्रीजर, ग्राइन्डर, माइक्रोवेव ओवन प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने ग्राम्य श्री रेडियो जिंगल और कैटेलॉग का भी लोकार्पण किया।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन सहित जलागम विभाग द्वारा गठित कृषक संघों से जुड़े कृषक और महिलाएं भी उपस्थित थे।

30 सितम्बर तक सभी 13 जिलों में आयोजित होंगे 240 शिविर, मौके पर होगा आवेदनों का निस्तारण


अगले 30 दिनों में राज्य में स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरे करने का काम अभियान के रूप में चलेगा। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सभी जनपदों में ’स्वरोजगार शिविर’ लगाये जायेंगे। इन शिविरों में जिला स्तरीय अधिकारी एवं बैंक के अधिकारी स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही मौके पर ही आवेदकों की समस्याओं का समाधान करेंगे। इस माह 30 सितम्बर से पहले ये शिविर आयोजित कर लिए जाऐंगे। शिविरों के आयोजन का रोस्टर सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों ने शासन को उपलब्ध करवा दिया है।

प्रदेश में स्वरोजगार की योजनाओं के आवेदनों के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में कार्यवाही शुरू हो गई है। प्रदेश के सभी 13 जिलों में 30 सितम्बर से पहले स्वरोजगार शिविर आयोजित होंगे। बीते 5 अगस्त को समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वरोजगार योजनाओं के जुड़े आवेदकों के ऋण की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के बाद सभी जनपदों में विकासखंड स्तर पर स्वरोजगार शिविरों के आोजन का रोस्टर तैयार कर लिया गया है। इसके तहत अलग- अलग स्थानों में अल्मोड़ा जनपद में 45, उत्तरकाशी में 11, चमोली में 9, देहरादून में 16, टिहरी गढ़वाल में 9, पौड़ी गढ़वाल में 15 तथा जनपद रुद्रप्रयाग में 7 स्वरोजगार शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

इसके अलावा जनपद उधमसिंहनगर में 11, पिथौरागढ़ में 21, बागेश्वर में 16, हरिद्वार में 13, नैनीताल 28 और चंपावत में 39 स्वरोजगार शिविर लगेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरे करने के निर्देश आधिकारियों को दिए हैं। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियां सीमित होने के कारण स्वरोजगार से आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। खासकर पहाड़ी राज्य उत्तराखण्ड स्वरोजगार से ही आर्थिक समृद्धि की ओर आगे बढ़ सकता है।

उत्तराखंडः एनवीपी एवं भूमि अधिग्रहण मद के भुगतान हेतु 102 करोड़ की धनराशि को मिली स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत एनवीपी एवं भूमि अधिग्रहण मद के भुगतान हेतु 102 करोड़ की धनराशि को स्वीकृति प्रदान की है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र टिहरी के अन्तर्गत विभिन्न 05 कार्यों हेतु 02 करोड़ 81 लाख, विधानसभा क्षेत्र हरिद्वार के अन्तर्गत विभिन्न 08 निर्माण कार्यों हेतु 03 करोड़, विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्रनगर के अन्तर्गत जाजल शिवपुरी मोटर मार्ग के अवशेष भाग के निर्माण हेतु 87.38 लाख, विधानसभा क्षेत्र पौड़ी के अन्तर्गत घोड़ीखाल-कण्डारा-नौसेलू मोटर मार्ग का निर्माण एवं 24 मीटर स्पान स्टील गार्डर पुल के निर्माण हेतु 34.51 लाख, विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के अन्तर्गत विभिन्न 03 निर्माण कार्यों हेतु 4 करोड़ 97 लाख, विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के अन्तर्गत विभिन्न 03 निर्माण कार्यों हेतु 6 करोड़ 24 लाख, विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के अन्तर्गत दुर्गापुरी-जीवानन्दपुर एवं खूनीबड़ में विभिन्न मोटर मार्गों का इण्टरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण हेतु 1 करोड़ 21 लाख, विधानसभा क्षेत्र लालकुऑ के अन्तर्गत 14 निर्माण कार्यों हेतु 6 करोड़ 15 लाख, विधानसभा क्षेत्र लक्सर के अन्तर्गत विभिन्न 08 निर्माण कार्यों हेतु 4 करोड़ 94 लाख, विधानसभा क्षेत्र बाजपुर के अन्तर्गत 09 निर्माण कार्यों हेतु 5 करोड़ 17 लाख, विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता के अन्तर्गत ग्राम ज्ञनपुरगोढ़ी के पीपलगोला (बरकीडांडी) मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 06 करोड़ 57 लाख, विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के अन्तर्गत विभिन्न 08 निर्माण कार्यों हेतु 1 करोड़ 78 लाख, जनपद पिथौरागढ़ में जल संवर्द्धन एवं पेयजल विकास हेतु थरकोट झील निर्माण की पुनरीक्षित लागत 32 करोड़, विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के अन्तर्गत ग्राम दौलाघाट सिलौनीबगड़ से लक्ष्मीपुर तक होते हुये रा.प्रा.वि.पनकोट लिंक मोटर मार्ग हेतु 13 लाख 65 हजार, विधानसभा क्षेत्र कपकोट के अन्तर्गत शीप फार्म कर्मी से ग्रामसभा डोला तक मोटर मार्ग निर्माण हेतु 69 लाख रूपये की स्वीकृति के साथ ही विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के अन्तर्गत विभिन्न 02 निर्माण कार्यों हेतु 01 करोड़ 12 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

सीएम की घोषणा के बाद राज्य के 1.60 लाख राज्य कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनर होंगे लाभान्वित


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज विधानसभा सदन में राज्य कर्मचारियों के फ्रीज किये गये महंगाई भत्ते को बहाल करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 प्रतिशत डीए वृद्धि से अब राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को कुल 28 प्रतिशत डीए मिलेगा। सितम्बर माह के वेतन में बढ़ा हुआ डीए मिलेगा। जबकि जुलाई व अगस्त माह का एरियर दिया जाएगा। इससे प्रदेश के लगभग 1 लाख 60 हजार कर्मचारी और 1 लाख 50 हजार पेंशनर लाभान्वित होंगे।

पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे पर गम्भीरता व संवेदनशीलता से कर रहे विचार
इसके लिए पहले से गठित है मंत्रिमण्डल उपसमिति

पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर पहले ही मंत्रिमंडल उपसमिति बनी हुई है। हम इस पर पूरी गम्भीरता और संवेदनशीलता से विचार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा पुलिसकर्मी दिन रात अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं। राज्य सरकार, राज्य और पुलिस विभाग के हित में हर जरूरी निर्णय लेगी।

विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री ने की घोषणा, कांग्रेस सरकार में वंचित बालिकाओं को मिलेगा नंदा गौरा योजना का लाभ

विधानसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि वर्ष 2015-16 व 2016-17 में गौरा देवी कन्याधन योजना के लाभ से वंचित बालिकाओं, जिनके आवेदन प्राप्त थे। उन्हें सरकार द्वारा योजना का लाभ दिया जाएगा।

कांग्रेस विधायक मनोज रावत द्वारा उक्त विषय को सदन के समक्ष रखा। जिस पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने सदन में जवाब दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 में 11300 बालिकाएं व वर्ष 2016-17 में 21916 बालिकाएं ऐसी थी जो कन्याधन योजना के लाभ से वंचित थी। उन्होंने बताया कि कुल 33216 बालिकाओं को लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री जी ने 49.42 करोड़ की शेष धनराशि अवमुक्त करने की घोषणा की है।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कारनामों से वंचित रह गयी हमारी बेटियों को उक्त जनकल्याणकारी योजना का लाभ देने को हमारी प्रदेश की धामी सरकार ने विशाल हृदय दिखाया है। उन्होंने कहा कि वंचित रह गयी 33216 बालिकाओं को लाभान्वित करने को 49.42 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय कदम है।

कहा कि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री जो स्वयं को महिलाओं और बेटियों का हितैषी बताते नहीं थकते हैं, उनके ही कार्यकाल की करनी प्रदेश की 33216 बेटियां झेल रही थी। जिसे आज हमारी धामी सरकार ने योजना का लाभ दिलाने का निश्चय किया है।

हमारी सरकार मात्र सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री बनने के लिए कांग्रेस के नेताओं की तरह घड़ियाली आंसू न बहाकर सदा जनता के लिए कार्य करती है । हमारी सरकार द्वारा लिया गया आज का फैसला एक दूरगामी व दूरदृष्टि को परिलक्षित करता है। इसके लिए सरकार बधाई की पात्र है तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का आभार यक्त करते हैं।

पात्र बालिका को निम्नानुसार दी जाएगी सहायता
1. बालिका के जन्म पर पांच हज़ार रुपए।
2. 1 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पांच हज़ार रूपए।
3. कक्षा 8 पास करने व नवी कक्षा में प्रवेश लेने पर पांच हज़ार रूपए।
4. कक्षा 10 पास करने तथा 11वीं कक्षा में अथवा डिप्लोमा में प्रवेश लेने पर पांच हज़ार रुपए।
5. कक्षा बारहवीं पास करने एवं स्नातक अथवा डिप्लोमा में प्रवेश लेने पर पांच हज़ार रुपए।
6. डिप्लोमा अथवा स्नातक अविवाहित उत्तीर्ण करने पर 10 हज़ार रुपए।
7. बालिका के विवाह पर 16 हजार रुपये की राशि उन्हीं बालिकाओं को देय होगी जिन्होंने डिप्लोमा अथवा स्नातक उत्तीर्ण की है।

हरीश धामी की मांग के संबंध में अधिकारियों को सीएम के निर्देश


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा भवन पहुंचते ही परिसर में अपनी मांगों को लेकर बैठे धारचूला विधायक हरीश धामी और केदारनाथ विधायक मनोज रावत से मुलाकात की और उन्हें अपने कक्ष में आमंत्रित किया।

विधायक हरीश धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र धारचूला में मोबाईल कनेक्टिविटी की समस्या की बात कहते हुए मोबाइल टावर लगाए जाने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने क्षेत्र की सड़कों के संबंध में भी अपनी बात कही।

विधायक केदारनाथ मनोज रावत ने कहा कि कोविड संक्रमण में कमी को देखते हुए चारधाम यात्रा को पुनः शुरू किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि धारचूला क्षेत्र में मोबाईल कनेक्टिविटी के लिए जल्द से जल्द आवश्यक कार्यवाही की जाए। इसके लिए केंद्र सरकार से भी अनुरोध किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के संबंध में राज्य सरकार ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा है।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु उपस्थित थे।

बुलंदशहर में कल्याण सिंह की निकली अंतिम यात्रा, सीएम धामी भी हुए सम्मिलित


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नरोरा, बुलंदशहर जाकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान के निवर्तमान राज्यपाल कल्याण सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. कल्याण सिंह योग्य प्रशासक एवं कुशल राजनीतिज्ञ थे, वे हम सभी के लिये हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगे।

मुख्यमंत्री के साथ ही केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक एवं भाजपा प्रदेश अक्ष्यक्ष मदन कौशिक ने भी स्व. कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

अंतराष्ट्रीय टाइगर दिवसः टाइगरों की संख्या में बढ़ोत्तरी तथा टाइगर सफारी पर्यटन के लिय सुखदः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में अन्तराष्ट्रीय टाइगर दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में तराई क्षेत्र से उच्च हिमालयी क्षेत्रों तक टाइगर की उपस्थिति स्थानीय निवासियों की टाइगर संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 2006 में 178 बाघों की अपेक्षा वर्ष 2018 में 442 बाघों की उपस्थिति भी राज्य के निवासियों की टाइगर संरक्षण में निभाई जा रही भागीदारी को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मानव वन्य-जीव संघर्ष को कम करने के लिये अन्य राज्यों द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं एवं उपायों का भी अध्ययन करने की अपेक्षा की ताकि राज्य में मानव वन्य जीव संघर्ष को रोकने में मदद मिल सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के पहले नर टाइगर जिसका कार्बेट से राजाजी में रि-इन्ट्रोडक्शन किया गया था, के चित्र का भी अनावरण किया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में टाइगरों की संख्या में बढ़ोत्तरी तथा टाइगर सफारी को पर्यटन के लिये भी सुखद बताया। इन क्षेत्रों में पर्यटकों का आवागमन प्रदेश की आर्थिकी को भी मजबूती प्रदान करेगा।

इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड के तराई-भाबर क्षेत्र के टाइगर रिजर्व में टाइगर घनत्व देश में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टाइगरों की उपस्थिति तराई-भाबर के अलावा उच्च हिमालयी क्षेत्र, केदारनाथ एवं अस्कोट वन्य जीव विहार के इनकी कैमरा ट्रेप की गई है। यह टाइगरों के निवास स्थलों के बढ़ने के भी संकेत है। वन मंत्री ने कहा कि पारस्थितिकी तंत्र में वन्य जीवों के उच्च स्तर पर भोजन श्रृंखला निचले स्तर भोजन स्तर की सुदृढ़ता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि टाइगर सफारी पाखरो से भी आर्थिकी को बढ़ावा मिल सकेगा।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अनन्द बर्द्धन, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डा. पराग मधुकर धकाते, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जेएस सुहाग, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अनूप मलिक आदि उपस्थित थे।