केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह में किया प्रतिभाग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरूवार को हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह में गायत्री परिवार द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों की सराहना की तथा आचार्य श्रीराम शर्मा के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं में विश्व की समस्याओं का समाधान निहित है।

गृह मंत्री ने कहा कि श्रीराम शर्मा आचार्य ने सनातन धर्म में व्याप्त विकृतियों को दूर कर आध्यात्मिकता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा तथा समानता, संस्कृति, एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ किया। उन्होंने “व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण” के विचार को व्यवहार में उतारने का मार्ग प्रशस्त किया। शाह ने आचार्य जी के संदेश “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” को मानव कल्याण का मूल मंत्र बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

गृह मंत्री ने कहा कि बीते दस वर्षों में देश की कार्य-संस्कृति और सोच में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज भारत को उसकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के संदर्भ में आदर भाव से देखा जा रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और अरविंद घोष जैसे युगपुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के उत्कर्ष से मानवता का उत्कर्ष सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि हरिद्वार में कदम रखते ही आध्यात्मिक अनुभूति होती है और गायत्री मंत्र व्यक्ति के भीतर सद्भाव, राष्ट्र सेवा और मानव कल्याण की चेतना को जाग्रत करता है। उन्होंने युवाओं से आत्म-सुधार को सबसे बड़ी सामाजिक सेवा मानकर इसे जीवन में अपनाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि गायत्री परिवार एक वटवृक्ष के समान है, जो आध्यात्मिक चेतना का प्रचार-प्रसार करते हुए समाज को शांति और सकारात्मकता की छाया प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नए स्वरूप में पुनः स्थापित कर रहा है और सनातन संस्कृति का यह विराट संदेश विश्व तक पहुँचे, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार समाज में आध्यात्मिक जनजागरण का कार्य कर रहा है।

अखिल विश्व गायत्री परिवार से डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का मूल दर्शन समाज से विमुख होना नहीं, बल्कि समाज में रहकर मानव कल्याण और सामाजिक उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि संस्थान प्राचीन वेद, उपनिषद और गीता से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक तकनीक को आत्मसात कर शिक्षा, प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म रक्षा के लिए राष्ट्र धर्म रक्षा जरूरी हैं।

कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह, विधायक मदन कौशिक सहित देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में गायत्री साधक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कुंभ के आयोजन के लिए गंगा किनारे पहली बार बैठक की गई, सीएम रहे मौजूद

हरिद्वार में होने वाले 2027 के कुंभ के भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार में गंगा किनारे सभी 13 अखाड़ों के आचार्यों एवं संतगणों के साथ बैठक की। कुंभ के भव्य आयोजन के लिए पहली बार गंगा तट पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 2027 कुंभ स्नान की महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा भी की। उन्होंने 14 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति, 06 फरवरी 2027 को मौनी अमावस्या, 11 फरवरी 2027 को वसंत पंचमी, 20 फरवरी 2027 को माघ पूर्णिमा, 06 मार्च 2027 को महाशिवरात्रि (अमृत स्नान), 08 मार्च 2027 को फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान), 07 अप्रैल 2027 को नव संवत्सर (नव वर्ष), 14 अप्रैल 2027 को मेष संक्रांति (अमृत स्नान), 15 अप्रैल 2027 को श्रीराम नवमी तथा 20 अप्रैल 2027 को चौत्र पूर्णिमा के स्नान की तिथियों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कुंभ के सफल आयोजन के लिए अखाड़ों के आचार्यों से सुझाव एवं मार्गदर्शन लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ से जुड़े सभी निर्णयों में संतगणों की परम्पराओं, आवश्यकताओं एवं सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि कुंभ के सुव्यवस्थित और भव्य आयोजन के लिए उन्हें संतगणों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि संतों की प्रेरणा, सुझाव और आशीर्वाद के बिना इस महायोजना की पूर्णता की कल्पना भी संभव नहीं है। हमारा प्रयास है कि सभी के अमूल्य सुझावों से कुंभ 2027 की तैयारियों को और अधिक व्यापक, सुव्यवस्थित और संत समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया है। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार कुंभ 2027 को भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में आयोजित कुंभ कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण केवल अल्प अवधि के लिए आयोजित किया गया था और शाही स्नान भी प्रतीकात्मक रूप से ही संपन्न हुआ था, लेकिन वर्ष 2027 में होने वाला हरिद्वार कुंभ कई दृष्टियों से ऐतिहासिक और विशेष महत्व का होगा। इस बार आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2010 और 2021 के कुंभ की तुलना में कई गुना अधिक होने की संभावना है। राज्य सरकार ने हरिद्वार कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए अभी से व्यापक स्तर पर तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग और फायर विभाग सहित सभी संबंधित विभाग सुरक्षा के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सभी संभव उपाय सुनिश्चित करेंगे। कुंभ के दौरान पूर्व में घटित दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आकस्मिक आपात स्थिति की तैयारी पहले से ही प्रारंभ कर दी गई है। पूर्व में आयोजित कुंभ मेलों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले अधिकारियों का भी पूर्ण सहयोग लिया जाएगा, ताकि हर प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके। कुंभ के दौरान नगर और घाट क्षेत्रों की स्वच्छता के लिए विशेष टीमों का गठन कर कचरा प्रबंधन, जल निकासी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अखाड़ों के आचार्य एवं संतगणों द्वारा संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि भव्य एवं दिव्य कुंभ के आयोजन के लिए संत समाज द्वारा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अखाड़ों के आचार्यों एवं संतगणों के साथ भोजन भी किया।

इस दौरान महंत रविन्द्र पुरी महाराज श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा, महंत कौशल गिरी महाराज-श्री पंचायती आनंद अखाड़ा, महंत हरिगिरी महाराज-श्री पंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा, डॉ. साधनानन्द जी महाराज-श्री पंचअग्नि अखाड़ा, महंत सत्यगिरि महाराज-श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा, महंत सत्यम गिरी महाराज-श्री पंचायती अटल अखाड़ा, महंत मुरली दास महाराज-श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा, महंत वैष्णव दास महाराज-श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा, महंत राजेन्द्र दास महाराज-श्री पंच निर्माेही अनी अखाड़ा, महंत दुर्गादास महाराज-श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा, महंत भगतराम दास महाराज-श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा, महंत जसविंदर महाराज-श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा, सांसद राज्यसभा कल्पना सैनी, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, महापौर नगर निगम हरिद्वार किरन जैसल, महापौर नगर निगम रुड़की अनीता देवी अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा/पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा मौजूद थे।

उत्तराखंडः बद्रीनाथ में तीर्थयात्रियों का आंकड़ा 14.53 लाख के पार

सुप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम की यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में भारी उत्साह बना हुआ है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या ने पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बुधवार तक कुल 14 लाख 53 हजार 827 तीर्थयात्री भगवान बद्रीविशाल के दर्शन को पहुंच चुके हैं, जबकि कपाट बंद होने में अभी डेढ़ माह का समय शेष है। बीते वर्ष 2024 में पूरे यात्रा काल में कुल 14 लाख 35 हजार 341 श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर पहुंचे थे।

धामी सरकार के कुशल यात्रा प्रबंधन के चलते चारधाम यात्रा कीर्तिमान स्थापित कर रही है। शासन-प्रशासन ने खराब मौसम को यात्रियों की राह में रोड़ा नहीं बनने दिया। मौसम के मिजाज को देखते हुए सभी यात्रा रूटों और पड़ावों में चाक चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा मार्ग पर वाहनों का आवागमन सुचारू बना रहे, इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर सड़कों को तुरंत खुलवाने के लिए विशेष टीम की तैनाती के साथ ही जेसीबी की व्यवस्था की गई है। धामों में यात्रियों को ठहराने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यात्रा मार्ग में यात्रियों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ जवानों की तैनाती है। अब बर्फवारी के चलते ठंड बढ़ने पर अलाव की भी व्यवस्था कर दी गई है।

सरकार की ओर से किए गए इन पुख्ता इंतजामों के चलते श्रद्धालु पूरी निश्चिन्तता के साथ चारधाम यात्रा पर पहुंच रहे हैं। केदारनाथ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में भी पिछले वर्ष की तुलना में यात्रियों की बढ़ती संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। बुधवार को 5042 यात्रियों ने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए। जैसे जैसे कपाटबंदी की तिथि करीब आ रही है, यात्रियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। बता दें धाम के कपाट आगामी 25 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

आज बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट
चमोली जिले में स्थित श्री हेमकुंड साहिब के कपाट कल 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बेहतर यात्रा प्रबंधन के चलते हेमकुंड साहिब यात्रियों की संख्या भी हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है। इस वर्ष यहां बुधवार तक दो लाख 71 हजार 367 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो अब तक की रिकॉर्ड संख्या है।

समुद्रतल से करीब 15 हजार 230 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंट साहिब की यात्रा अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण है, इसके बावजूद यहां हर वर्ष यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्ष 2024 में एक लाख 83 हजार 722 तीर्थयात्री हेमकुंट पहुंचे थे जबकि इस यात्राकाल में बीते दिवस बुधवार तक दो लाख 71 हजार 367 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।

चारधाम यात्रा-कब बंद होंगे कपाट
गंगोत्री 22 अक्टूबर
यमुनोत्री 23 अक्टूबर
केदारनाथ 23 अक्टूबर
बद्रीनाथ 25 नवंबर

अर्द्धकुंभ की तैयारियों के लिए लगभग 54 करोड़ रुपये का अनुमानित बजटः डा. आर राजेश कुमार

उत्तराखंड सरकार ने 2027 के अर्द्धकुंभ मेले को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। विभाग ने अनुमानित 54 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इस बजट में स्थायी व अस्थायी दोनों प्रकृति के कार्य शामिल हैं।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि हमारा प्रयास है कि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को चिकित्सा सुविधा में कोई कमी महसूस न हो। इसके लिए 2924 बेड, 40 एम्बुलेंस, नए अस्पताल भवन और आधुनिक मशीनों तक की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वर्ष 2027 का अर्द्धकुंभ ‘दिव्य और भव्य’ स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और समृद्धि की झलक भी होता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को सर्वाेत्तम सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। शासन-प्रशासन की सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं, ताकि कोई भी श्रद्धालु स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। धामी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि अर्द्धकुंभ में आने वाला हर तीर्थयात्री सुरक्षित, स्वस्थ और संतुष्ट अनुभव लेकर लौटे।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कुंभ की तैयारी के तहत स्वास्थ्य विभाग स्थायी और अस्थायी प्रकृति के कार्य कराएगा। इन कार्यों पर अनुमानित 54 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना है। इसमें से 683 लाख रुपये स्थायी कार्यों पर और 3765 लाख रुपये अस्थायी कार्यों पर खर्च होंगे।

2924 बेड की होगी व्यवस्था
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि कुंभ के दौरान 35 अस्थायी अस्पतालों में 373 बेड की सुविधा होगी। कुम्भ क्षेत्र के 13 सरकारी अस्पतालों में 1101 बेड तीर्थयात्रियों के लिए आरक्षित होंगे जबकि विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में 1450 बेड की व्यवस्था की जाएगी।

40 एम्बुलेंस रहेंगी तैनात,
कुंभ मेले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मज़बूत बनाने के लिए विभाग एम्बुलेंस और फूड सेफ्टी सेवाओं का दायरा भी बढ़ा रहा है। कुल 40 एम्बुलेंस की व्यवस्था में से 16 एम्बुलेंस विभाग के पास पहले से मौजूद हैं, जबकि 24 नई एम्बुलेंस खरीदी जाएंगी। इनमें एडवांस लाइफ सपोर्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट दोनों तरह की एम्बुलेंस शामिल होंगी।

विभाग तीन नई फूड सेफ्टी वैन भी खरीदेगा
इतना ही नहीं, श्रद्धालुओं के खानपान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग तीन नई फूड सेफ्टी वैन भी खरीदेगा। इन वैन की मदद से मेला क्षेत्र में बिकने वाले खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तीर्थयात्री के स्वास्थ्य से समझौता न हो।

रोशनाबाद में बनेगा ड्रग वायर हाउस
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने जानकारी दी कि कुम्भ के दौरान स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार में स्थायी प्रकृति के कार्य भी करेगा। इनमें 54 लाख की लागत से चार वाहन खरीदे जाएंगे। इसके अलावा रोशनाबाद में सीएमओ ऑफिस के निकट 120 लाख की लागत से ड्रग वायर हाउस बनाया जाएगा। रोशनाबाद में ही स्वास्थ्य विभाग का ड्रग वायर हाउस निर्मित किया जाएगा। इसमें 6 कमरे, दो हॉल और एक स्टोर होगा। इस पर 80 लाख रुपये की लागत आने की संभावना है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मेले के दौरान विभाग को 60 वाहन चाहिए। इनमें से चार वाहनों को विभाग खरीदेगा जबकि अन्य वाहन किराए पर लिए जाएंगे।

संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए योजना
स्वास्थ्य सचिव डा आर राजेश कुमार ने बताया कि मेले के दौरान बड़ी संख्या में तीर्थयात्री हरिद्वार आएंगे। ऐसे मे संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए भी विभाग ने व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत मेला क्षेत्र में छिड़काव के लिए 25 लाख की लागत से पांच माउंटेबल फागिंग मशीनें खरीदी जाएगी। इसके अलावा 35 पोर्टेबल फागिंग मशीनें खरीदी जाएंगी। जिस पर 18 लाख की लागत आने की संभावना है।

भूपतवाला अस्पताल का होगा कायाकल्प
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार के मुताबिक भूपतवाला अस्पताल में 15 लाख की लागत से डॉप्लर सुविधायुक्त अल्ट्रासाउंड मशीन भूपतवाला खरीदी जाएगी। इसके अलावा इस अस्पताल में 18 लाख की लागत से एक्सरे सीआर मशीन की सुविधा भी मुहैया होगी।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कुंभ मेले की स्वास्थ्य तैयारियां समन्वित रूप से की जा रही हैं। इसके लिए कुंभ मेला अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा के नेतृत्व में पूरी टीम लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर स्वास्थ्य सुविधाओं को व्यवस्थित और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। डॉ. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग का प्रयास है कि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।

चारधाम यात्रा प्रबंधन में व्यक्तिगत तौर पर जुटे सीएम धामी

उत्तराखंड की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली चारधाम यात्रा जोर शोर से शुरू हो गई है। यात्रा के पहले ही दिन से यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। इसी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारों धामों से लेकर प्रमुख यात्रा पड़ावों तक लगातार यात्रा तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी कपाट खुलने के दिन चारों धामों में मौजूद रहने वाले पहले मुख्यमंत्री भी बने हैं।

चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को गंगोत्री- यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दिन पहले गंगोत्री और फिर यमुनोत्री धाम में पहुंच, यात्रा तैयारियों का जायजा लिया। यमुनोत्री धाम में इससे पहले कोई भी सीएम, कपाट खुलने के दिन नहीं पहुंच पाए थे। इसी तरह सीएम धामी दो मई को केदारनाथ और चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन भी दोनों धामों में मौजूद रहे। इस तरह राज्य के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई सीएम चारों धामों में कपाट खुलने के दिन मौजूद रहे। इससे जहां यात्रा तैयारियों को गति मिली, वहीं यात्रियों को भी बेतहर सुविधाएं मिल पाई। इसी तरह सीएम पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव ऋषिकेश में भी लगातार यात्रा तैयारियों का जायजा लेते हुए, प्रबंधन अपने हाथ में लिए हुए हैं। सीएम लगातार यात्रियों से भी बातचीत करते हुए, फीडबैक ले रहे हैं। साथ ही जरूरी दिशा निर्देश भी दे रहे हैं।

मौसम को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन – प्रशासन के अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्ग पर मौसम को देखते हुए खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम प्रतिकूल होने पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए, साथ ही यात्रियों को भी मौसम की जानकारी दी जाए।

मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पूजा अर्चना कर की प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के भ्रमण के दौरान ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित पाण्डव नृत्य में हुए शामिल होकर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विकास के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समेकित प्रयासों पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने आशा नौटियाल को उप चुनाव में विजय बनाने पर जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केदारनाथ क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र के लिए की कई घोषणाएं भी की गई हैं, जिन्हें जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। केदार घाटी में आई आपदा के बाद अनेक निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस वर्ष जुलाई में आई आपदा के दौरान वे सभी लोगों के साथ स्वयं जनता के बीच में मौजूद रहे। आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा को भी जल्दी शुरू किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रूद्रप्रयाग जनपद को आदर्श जनपद के रूप में पहचान मीलेे, इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा केदार घाटी में महिलाएं निरंतर नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं। हमारी बहनों द्वारा एक से बढ़कर एक गुणवत्तापूर्ण और अच्छी पैकिंग के साथ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आज हमारे स्थानीय उत्पादों की मांग पूरे देश और दुनिया में हो रही है। उन्होंने कहा स्वयं सहायता समूह, विभिन्न संगठनों एवं आमजन के साथ मिलकर हम इस क्षेत्र में विकास एवं समृद्धि का नया अध्याय स्थापित करने का काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के मकसद से दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। शीतकालीन यात्रा को लेकर भी सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही है। आगामी दिनों में चार धाम यात्रा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक भी की जानी है। उन्होंने कहा हमारी सरकार यात्रा समाप्त होते ही आगामी यात्रा की तैयारी में जुट गई है। शीतकालीन यात्रा में भी लोगों को काम मिले इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की भूमि से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। अब राज्य सरकार उनके संकल्पों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड प्रथम स्थान में आया। राज्य में बेरोजगारी दर घटी है। जीएसटी संग्रह में राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जीएसडीपी में भी राज्य 1.3 गुणा की वृद्धि की है। राज्य में बीते तीन सालों में अब तक लगभग 19 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा जल्द ही राज्य सरकार भू कानून लाने वाली है। उन्होंने कहा इस क्षेत्र के सभी मंदिरों के सौर्दयीकरण कार्य को शीघ्र ही आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी रविवार को हम केदार की इस भूमि से शीतकालीन चार धाम यात्रा की भी शुरुआत करने जा रही है।

इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी, आशा नौटियाल, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, दायित्वधारी चण्डी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष महावीर पंवार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

आदि कैलाश मार्ग पर कई स्थानों पर फंसे यात्रियों का किया सुरक्षित रेस्क्यू

भूस्खलन के कारण अवरुद्ध आदि कैलाश यात्रा मार्ग में अलग-अलग स्थानों पर फंसे अधिकांश यात्रियों का हेलीकॉप्टर के जरिये सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। रविवार को खेला से 10 यात्रियों को हेली सेवा के जरिये धारचूला स्थित सेना के हेलीपैड में पहुंचाया गया। वहीं इस दल में शामिल एक यात्री रवदेश नंदचहल का स्वास्थ्य खराब होने के कारण मृत्यु हो गई थी, जिनके शव को धारचूला पहुंचाया गया। बूदी में फंसे तमिलनाडू के 30 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर धारचूला में सेना के हेलीपैड पहुंचाया गया है। नारायण आश्रम में कुछ लोग अभी रुके हुए हैं, जिन्हें सोमवार को हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन के अनुसार दो से तीन दिन में यात्रा मार्ग को सुचारू कर दिया जाएगा। चौतलधार में भूस्खलन के कारण काफी मात्रा में मलबा आया है। बीआरओ की टीम युद्धस्तर पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं इस रेस्क्यू अभियान की निगरानी की तथा यात्रियों को सकुशल निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ, एसएसबी, उत्तराखंड पुलिस तथा चिपसम एविएशन कंपनी ने युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाकर यात्रियों को सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रेस्क्यू अभियान के सफल संचालन पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़, एसएसपी पिथौरागढ़ के साथ ही एनडीआरएफ, एसएसबी तथा सिविल एवीएशन की टीम की प्रशंसा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और देश-विदेश के यात्री सुरक्षित माहौल में यात्रा कर सकें, इसके लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि पिछले दिनों तमिलनाडू, पंजाब, दिल्ली के यात्री आदि कैलाश के दर्शन के लिए आए थे। 13 सितंबर को भारी बारिश के कारण आदि कैलाश यात्रा मार्ग तवाघाट के पास चौतलधार तथा कुछ अन्य स्थानों पर भूस्खलन होने के कारण मार्ग बंद हो गया। इस कारण पंजाब के दस यात्री तथा दिल्ली का एक यात्री खेला में फंस गए। वहीं तमिलनाडू के 30 यात्री बुदी में फंस गए थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जैसे ही आदि कैलाश मार्ग के भूस्खलन के कारण अवरुद्ध होने तथा यात्रियों के फंसे होने की जानकारी मिली, उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से यात्रियों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाने तथा हेलीकॉप्टर से यात्रियों का रेस्क्यू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के निर्देशों पर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ ने यात्रियों के हेली रेस्क्यू के लिए अभियान चलाया।

आस्थाः इस्कॉन द्वारा जन्माष्टमी महोत्सव में आठ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किये दर्शन

इस्कॉन ऋषिकेश द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान आठ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन करते हुए राधा कृष्णा का दुग्ध, दही, शर्करा आदि से अभिषेक किया।

इस दौरान अंतर विद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं ने प्रदर्शन किया। नृत्य प्रदर्शन, गायन प्रदर्शन, नाटक, भजन, कीर्तन और सभी के लिए प्रसाद वितरण किया गया। सभी आगंतुकों ने झूले पर बैठे राधा कृष्ण को भी झुलाया। इस्कॉन द्वारा बुक स्टॉल, गिफ्ट स्टॉल, यूथ काउंटर और कोर्स पेश किए गए। यह वास्तव में ऋषिकेश के सबसे खूबसूरत जन्माष्टमी समारोहों में से एक था। शहर के कई गणमान्य व्यक्ति, जिनमें शैक्षणिक, राजनीतिक और स्वास्थ्य सेवा पृष्ठभूमि से कई हस्तियां शामिल थीं।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, इस्कॉन के प्रमुख लोग राधाकुंड दास, माधवाचार्य दास, दीन गोपाल दास, चौतन्य लीला दास, पार्थमित्र दास, राजेश्वर दास, राजेश शर्मा और किरण भट्ट उपस्थित थे।

सीएम ने कैबिनेट सहयोगियों के साथ की श्रीराम मंदिर अयोध्या में पूजा व अर्चना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। इस दौरान सभी बेहद उत्साहित और भक्ति भाव में डूबे हुए नजर आए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल में अपने सहयोगियों सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ धन सिंह रावत, रेखा आर्य एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल के साथ जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे श्री अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा में पहुंचे पर मुख्यमंत्री धामी और उनके सहयोगियों का भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। यहां से वह राम जन्मभूमि के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री एवं उनके सहयोगी श्री अयोध्या धाम में प्रभु राम को साष्टांग नमन कर पूजा अर्चना की। दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला के दर्शन से रोम-रोम भक्तिमय और मन प्रफुल्लित है। उन्होंने कहा कि रामलला को कई वर्षों तक टेंट में रहना पड़ा। आज भव्य मंदिर में रामलाला के दर्शन किए। मैं भाव विह्वल हूं और प्रभु श्रीराम के चरणों में समर्पित हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में उत्तराखंड वासियों के लिए उत्तराखंड सरकार राज्य अतिथि गृह बनाने की तैयारी कर चुकी है। 4700 वर्ग मीटर में बनने वाले इस राज्य अतिथि गृह को बनाने के लिए हमारी सरकार ने भूमि की खरीद को लेकर 32 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से भगवान श्री राम के दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुंचने वाले श्रीराम भक्तों को इस राज्य अतिथि गृह में सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।

सीएम धामी ने साध्वी ऋतंभरा को दी शुभकामनाएं, की सुदीर्घ जीवन की कामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मथुरा में साध्वी ऋतंभरा के षष्ठिपूर्ति महोत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने साध्वी ऋतंभरा को वात्सल्य और ममता की प्रतिमूर्ति बताते हुए शुभकामना दी तथा उनके सुदीर्घ जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित संत महात्माओं को भी नमन कर उनका आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साध्वी ऋतंभरा का व्यक्तित्व अद्भुत और कृतित्व अकल्पनीय है। उनकी वात्सल्य शक्ति से न जाने कितनी बच्चियों को प्रेरणा और नया जीवन मिला। उनसे सदैव वात्सल्य और ममता का सानिध्य प्राप्त होता हे। मुख्यमंत्री ने कहा कि साध्वी ऋतंभरा के स्नेह और आशीर्वाद से उन्हें व्यक्तिगत रूप से हमेशा लोगों की सेवा करने की शक्ति मिलती है। वे स्वयं उनसे सबसे पहले तब प्रभावित हुए थे जब उनके मुखारबिंदु से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के समय प्रखर उद्बोधन सुना था। उनके ओजस्वी उद्बोधन ने लाखों लोगों को हृदय की गहराइयों तक प्रभावित किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 22 जनवरी को करोड़ों देशवासियों का रामलला को उनकी जन्मस्थली पर विराजमान करने का संकल्प पूर्ण होने जा रहा है। आज रामलला उस समय अपने जन्मस्थान में विराजमान हो रहे हैं, जब भारत दुनिया की पांचवी अर्थव्यवस्था बन चुका है, सनातन संस्कृति का परचम चारों ओर लहरा रहा है, चाँद पर भारत का चंद्रयान उतर चुका है, सूर्य के चारों ओर आदित्य एल वन चक्कर लगा रहा है, पूरा विश्व, भारत की बात कर रहा है, सनातन का भगवा ध्वज चारों ओर फिर से लहरा रहा है, हम दुनिया को कोरोना की मुफ्त वैक्सीन प्रदान करने में सक्षम हो चुके हैं, हम सफलतम जी-20 सम्मेलन की अध्यक्षता करने में सफल हुए हैं और जब हमारे देश के नेतृत्व का लोहा सारे विश्व के नेता मान रहे हैं, यही नहीं प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश पहली बार गुलामी की मानसिकता से बाहर आने में सफल हुआ है। आज काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर के भव्य कॉरिडोर का बनना, उज्जैन में महाकाललोक कॉरिडोर का बनना, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का सौंदर्यीकरण होना, केदारनाथ तथा हेमकुन्ट साहिब के लिये रोपवे का निर्माण इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आज हमारे मंदिरों का ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति का भी संरक्षण और संवर्धन हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वाले न तो राम मंदिर बना पाते, न धारा 370 हटा पाते और न ही तीन तलाक हटा पाते। यह प्रधानमंत्री मोदी की ही क्षमता है जो बिना झुके, थके, व डिगे अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ते ही रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से ही वे भी बिना थके, बिना डिगे उत्तराखण्ड की जनता की सेवा कर रहे हैं। उत्तराखंड में विगत ढाई वर्षों में अनेक ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय हमने लिए हैं, जो विगत 23 वर्षों में संभव नहीं हो पाये थे। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई कर पांच हजार हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया है। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी पहली बार कार्रवाई करने से हम पीछे नहीं हटे,यही नहीं अब हम देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं, शीघ्र ही इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जायेगा। उत्तराखण्ड देवभूमि है, हमारी देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे इस दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जन समूह से अनुरोध किया कि यहां से हम अपने संतों का आशीर्वाद पाकर भगवान श्री राम को स्वयं में धारण करने की यात्रा पर आगे बढ़ें, राम को स्वयं में धारण करने के लिए प्रेम से बढ़कर कोई दूसरा मार्ग नहीं है। राम चरित मानस में कहा भी गया है ‘रामहि केवल प्रेम पियारा’ उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा जब हम श्री राम और श्री कृष्ण को मानने के साथ साथ उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण भी करेंगे।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत महात्मा एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।