धामी सरकार के विजन को जमीन पर उतारने में जुटा आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग

उत्तराखंड की विकास यात्रा अब केवल सड़कों, भवनों और बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में विकास की तस्वीर में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं और युवा शक्ति को भी समान महत्व दिया जा रहा है। इसी व्यापक विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में दो अलग-अलग शहरों से जुड़ी दो बड़ी परियोजनाएं केंद्र में रहीं। अयोध्याधाम में करीब 67.83 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से उत्तराखंड का भव्य राज्य अतिथि गृह प्रस्तावित है, जबकि उधमसिंहनगर के रुद्रपुर स्थित मोदी मैदान में 2332.05 लाख रुपये की संशोधित लागत से इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की तैयारी है। दोनों परियोजनाओं का स्वरूप अलग है, लेकिन उद्देश्य एक, उत्तराखंड की पहचान और संभावनाओं को नई ऊंचाई देना।

अयोध्याधाम में बनने वाला उत्तराखंड का राज्य अतिथि गृह केवल सरकारी आवासीय सुविधा के रूप में विकसित नहीं किया जाएगा। इसकी कल्पना ऐसे भवन के रूप में की गई है, जहां प्रवेश करते ही उत्तराखंड की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता की झलक दिखाई दे। करीब 6783.33 लाख रुपये के विस्तृत आगणन वाले इस भवन की डिजाइन में पारंपरिक पहाड़ी वास्तुशैली को प्रमुखता देने के निर्देश दिए गए हैं। भवन की आंतरिक सज्जा में भी उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को प्रमुखता मिलेगी। सबसे खास बात यह है कि भवन के अलग-अलग तल अलग-अलग थीम पर आधारित होंगे। ओम पर्वत, ग्लेशियर, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और पंचाचूली पर्वत शिखर जैसे उत्तराखंड के प्रमुख प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक प्रतीकों को भवन की थीम का हिस्सा बनाने की योजना है। इसका मकसद साफ है-अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को केवल उत्तराखंड के अतिथि गृह में ठहरने का अनुभव न मिले, बल्कि उन्हें देवभूमि की संस्कृति, प्रकृति और स्थापत्य से भी परिचित होने का अवसर मिले।

बारात घर की जगह बनेगा बेहतर अतिथि गृह

प्रस्तावित भवन की मूल योजना में शामिल ‘बारात घर’ को हटाने का निर्णय भी लिया गया। इसके स्थान पर भवन को पूरी तरह अतिथि गृह के निर्धारित मानकों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। भवन की गुणवत्ता, उपयोगिता और आकर्षक स्वरूप पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। यानी योजना में केवल निर्माण नहीं, बल्कि ‘उत्तराखंड की ब्रांडिंग’ का पहलू भी दिखाई देता है। बैठक में अपर सचिव/राज्य संपत्ति अधिकारी अभिषेक रुहेला, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी तथा कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, निर्माण इकाई देहरादून के परियोजना प्रबंधक राकेश चंद्र तिवारी मौजूद रहे।

मोदी मैदान में खेलों का नया हब

जहां अयोध्या में उत्तराखंड की संस्कृति अपनी पहचान दर्ज कराने की तैयारी में है, वहीं रुद्रपुर में प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया जा रहा है। रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के मोदी मैदान में प्रस्तावित इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के संशोधित प्रस्ताव को विभागीय व्यय समिति की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया गया है। परियोजना का पूर्व आगणन 2374.56 लाख रुपये था, जिसे संशोधित कर 2332.05 लाख रुपये किया गया है।परियोजना में खेल सुविधाओं का दायरा भी व्यापक रखा गया है। इंडोर परिसर में पहले प्रस्तावित स्क्वैश और बिलियर्ड्स को हटाकर जिम, टेबल टेनिस और बैडमिंटन को शामिल किया गया है। वहीं आउटडोर परिसर में वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, फुटबॉल, पिकलबॉल और टेनिस की सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इसके साथ करीब एक किलोमीटर लंबा साइकिलिंग रूट और ट्रैक पाथ भी बनाया जाएगा। खिलाड़ियों और आगंतुकों की सुविधा के लिए पर्याप्त टॉयलेट एवं चेंजिंग रूम की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है।

लागत में संतुलन, सुविधाओं में विस्तार

संशोधित योजना में लागत को नियंत्रित करने के साथ सुविधाओं को अधिक उपयोगी बनाने पर जोर दिया गया है। बाउंड्रीवाल की ऊंचाई कम कर उसके स्थान पर लोहे की ग्रिल लगाने का प्रावधान किया गया है। इससे परियोजना की लागत में कमी आई है। टीएसी और नियोजन विभाग द्वारा आगणन के परीक्षण के बाद 14 अगस्त 2026 को हुई विभागीय व्यय समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप संशोधन किए गए। कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, उधमसिंहनगर की ओर से संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। समिति ने संशोधित आगणन पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए प्रस्ताव को व्यय वित्त समिति के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने का निर्णय लिया।

फाइल से फील्ड तक-विकास का एक साझा सूत्र

इन दोनों परियोजनाओं में एक महत्वपूर्ण समानता दिखाई देती है। अयोध्या का अतिथि गृह उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को प्रदेश से बाहर मजबूत करने का माध्यम बनेगा, तो रुद्रपुर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रदेश के भीतर युवा प्रतिभाओं को आधुनिक अवसर देने का आधार तैयार करेगा। एक परियोजना में पहाड़ की संस्कृति और प्राकृतिक विरासत की झलक होगी, दूसरी में मैदान पर पसीना बहाते युवाओं के सपनों को नई दिशा मिलेगी। यही वह व्यापक दृष्टिकोण है जिसमें विकास को केवल निर्माण कार्य के आंकड़ों से नहीं, बल्कि उसके सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव से भी देखा जा रहा है। अयोध्या में देवभूमि की पहचान और रुद्रपुर में युवा शक्ति, दोनों को एक साथ साधने वाली ये परियोजनाएं उत्तराखंड के बदलते विकास मॉडल की तस्वीर पेश करती हैं।

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा परियोजना बने तो ऐसी, जो दिखे भी और काम भी आए। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य की विकास परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और जनोपयोगी बनाने पर हमारा विशेष फोकस है। अयोध्या में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। वहीं रुद्रपुर में प्रस्तावित इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स युवाओं और खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दोनों परियोजनाओं की समीक्षा में गुणवत्ता, लागत का संतुलन, उपयोगिता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। हमारा प्रयास है कि स्वीकृत परियोजनाएं धरातल पर बेहतर परिणाम देने वाली साबित हों।

सीएम धामी ने रूद्रपुर कलेक्ट्रेट परिसर पर किया 40 लाख की लागत से स्थापित 9 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान रुद्रपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर ₹40 लाख की लागत से स्थापित 9 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन देशभक्ति, आत्मसम्मान और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का अमर प्रतीक है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने ₹120.18 लाख की लागत से कलेक्ट्रेट परिसर में निर्मित पार्किंग, लैंडस्केपिंग एवं ड्रेन निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इस परियोजना से परिसर में पार्किंग व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण एवं जल निकासी की सुविधाएं भी सुदृढ़ होंगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर स्थित कैनाल कॉलोनी में ₹264.97 लाख की लागत से बनने वाली सरफेस पार्किंग का शिलान्यास भी किया। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात प्रबंधन को मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ जनसुविधाओं के विस्तार और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में प्रत्येक विकास कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को उनका सीधा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल माध्यम से पंजाब में निवासरत शहीद ऊधम सिंह के परिजनों से भी वार्ता की। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह के बलिदान और साहस को वे दिल से सलाम करते हैं तथा प्रदेश उनके सर्वाेच्च बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, मंजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह नामधारी, फरजाना बेगम, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, रामपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

रूद्रपुर में 369.66 करोड़ रूपए की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री एवं परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री का दायित्व किसानों के प्रथम सेवक के रूप में कार्य करना है तथा किसानों की सेवा ही उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है तथा कृषि क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, किंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश प्रत्येक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निकट भविष्य में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दिशा में भारत सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन हेतु मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹2 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा रही है, जिससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकाधिक लाभ लेने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देकर भूमि की उर्वरा शक्ति को संरक्षित किया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुरक्षित रखी जा सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि ष्खेत बचाओ अभियानष् केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना तथा डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। यदि मिट्टी का स्वास्थ्य प्रभावित होगा तो कृषि उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए किसानों को नियमित मृदा परीक्षण कराकर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज तथा मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाएं एवं संसाधन उपलब्ध करा सकती है, किंतु कृषि क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन किसानों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने किसानों से मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि का संरक्षण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए घेरबाड़ के लिए ₹65 करोड़, जैविक खेती के लिए ₹10 करोड़ की सहायता उपलब्ध कराने तथा मंडुवा एवं झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, सचिव डॉ. एस.एन. पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कृषक एवं आमजन उपस्थित रहे।

रुद्रपुर में आवास, ट्रांसपोर्ट नगर और कॉमर्शियल हब परियोजनाओं का निरीक्षण, सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने दिए त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में आवासीय एवं शहरी विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने उधमसिंहनगर जनपद के रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर विकास प्राधिकरण की विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने बागवाला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1872 आवासों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इन आवासों का लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को आवासों की चाबियां सौंपी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन लाभार्थियों द्वारा अभी तक निर्धारित अंशदान जमा नहीं किया गया है, उनसे शीघ्र धनराशि जमा कराकर आवंटन प्रक्रिया को गति दी जाए।

उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रति आवास 3 लाख रुपये की सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है, जबकि 3 लाख रुपये लाभार्थी को जमा करने होते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 185 लाभार्थियों द्वारा पूरी धनराशि जमा की जा चुकी है, जबकि 222 लाभार्थियों को पत्र एवं दूरभाष के माध्यम से भुगतान हेतु सूचित किया गया है।

सचिव जिला विकास प्राधिकरण ने जानकारी दी कि आवास परिसर में साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण एवं पौधारोपण का कार्य तेजी से चल रहा है। परिसर में निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। निरीक्षण के दौरान सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लिए भी उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने त्रिशूल चौक के समीप लोक निर्माण विभाग की 6.5 एकड़ भूमि का निरीक्षण किया, जहां प्रस्तावित ‘कुमाऊं कॉमर्शियल कुटीर’ बहुमंजिला परियोजना विकसित की जानी है। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण किया जाएगा तथा इसकी प्रारंभिक डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ आर राजेश कुमार ने रामपुर रोड स्थित प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना का भी स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार 48 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की 72 करोड़ रुपये की प्रारंभिक डीपीआर शासन को प्रेषित की गई है। सचिव ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर बनने से परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इसके उपरांत उन्होंने त्रिशूल चौक से मेडिकल कॉलेज तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य तथा कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन विकास प्राधिकरण कार्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, सचिव जिला विकास प्राधिकरण पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग गजेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बागवाला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 1872 आवास लगभग तैयार हैं और हमारी प्राथमिकता है कि पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द इनका लाभ मिले। सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0, ट्रांसपोर्ट नगर और कुमाऊं कॉमर्शियल कुटीर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के समग्र शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।

रुद्रपुर में मेडिकल कॉलेज, बाईपास, रेलवे स्टेशन नवीनीकरण और ड्रेनेज मास्टर प्लान तेजी से प्रगति पर: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर के स्थानीय होटल में आयोजित कुमाऊँ उदय सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सम्मान समारोह में सम्मानित हुए व्यक्तियों को बधाई व शुभकामनाएं हुए कहा कि प्रदेश में अभी रजत जयंती वर्ष मनाया है, प्रदेश में अनेक उत्कृष्ट कार्य हुए हैं। सरकार प्रदेश को देश मे अग्रणी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा आज राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा ऊधमसिंह नगर जनपद और रूद्रपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा रुद्रपुर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं। इसके साथ ही, हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के साथ-साथ नई सिग्नल लाइनें और दो रेल ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया जा रहा है। जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए रुद्रपुर के मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी प्रदान की गई है, साथ ही सार्वजनिक स्थानों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण भी प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर में 15 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड के पहले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भी निर्माण कराया जा रहा है, साथ ही, 17 करोड़ रुपये की लागत से एक एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट भी स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज यदि हम उधमसिंह नगर जनपद की बात करें तो, किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, हम पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाईअड्डा का निर्माण भी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जहां एक ओर गदरपुर और खटीमा में बाईपास का निर्माण कार्य कराया है, वहीं खटीमा और किच्छा में बस अड्डों का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हमने रूद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर में खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य भी कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, हम खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य कर रहे है। इसके साथ ही, हमारी सरकार ने गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से हाल ही में गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। जिससे हमारे गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार तराई क्षेत्र के समग्र विकास और लोगों की समृद्धि के लिए अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी और हम सभी मिलकर तराई को एक आधुनिक और विकसित क्षेत्र बनाने के स्वप्न को अवश्य साकार करेंगे।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा शाहिद अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः एक लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग पर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्साहित

उत्तराखंड में एक लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग पर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड उत्साहित है। एसोसिएशन की प्रतिक्रिया गर्मजोशी से भरी है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पंकज गुप्ता का मानना है कि निवेशक सम्मेलन के सिर्फ डेढ़ साल बाद कुल निवेश का तीस फीसदी धरातल पर उतरना असाधारण उपलब्धि है। यह पॉजिटिव डेवलपमेंट हैं, जिसके दूरगामी परिणाम निकलेंगे।

एक बातचीत में गुप्ता ने कहा कि निवेशक सम्मेलन हर राज्य कर रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने की तमाम कोशिशें हो रही हैं। मगर देखने में ये ही आया है कि पांच से दस फीसदी ग्राउंडिंग पर आकर बात ठहर जाती है। इस संदर्भ में उत्तराखंड की तीस फीसदी ग्राउंडिंग की उपलब्धि बहुत बड़ी है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार के प्रयासों का प्रतिफल है, जिससे निवेश लायक अनुकूल माहौल बना है। निवेशकों का उत्तराखंड के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

गुप्ता ने कहा कि पूर्व में सिर्फ उद्योगों को फोकस करके आर्थिक विकास की तरफ कदम बढ़ाए गए, लेकिन धामी सरकार ने उद्योगों के साथ ही ऊर्जा, पर्यटन, हाउसिंग समेत सभी क्षेत्रों को ध्यान में रखकर सर्वांगीण आर्थिक विकास की मजबूत बुनियाद रख दी है। बकौल, गुप्ता-राज्य सरकार निवेश लायक माहौल बनाने के लिए इंटरनल कनेक्टिविटी पर काम कर रही है, तो केंद्र सरकार एक्सटरनल कनेक्टिविटी पर भरपूर सहयोग दे रही है। केंद्र और राज्य का यह बेहतर तालमेल न सिर्फ उत्तराखंड को मजबूत आर्थिक आधार देगा, बल्कि रोजगार की भी नई राह खोलेगा।

सीएम की नजर में निवेशक हैं ब्रांड एंबेसडर

राज्य सरकार निवेशकों को उनके अनुकूल माहौल देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी का नतीजा है कि निवेशक उत्तराखंड को लेकर उत्साहित हैं। आंकड़ों की बाजीगरी से हटकर निवेश की ग्राउंडिंग के जो असल आंकडे़ नजर आ रहे हैं, वह उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य के हिस्से आई बड़ी उपलब्धि है। निवेशकों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हमेशा उत्तराखंड का ब्रांड एंबेसडर बताया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि राज्य में निवेश करने वाले निवेशकों को उत्तराखंड में जो अच्छे अनुभव प्राप्त हो रहे हैं, उसे वह देश-दुनिया के सामने ला रहे हैं। एक तरह से वे हमारे ब्रांड एंबेसडर बनकर कार्य कर रहे हैं।

रुद्रपुर में आयोजित उत्तराखंड निवेश उत्सव 2025 में केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में रुद्रपुर में आयोजित, उत्तराखंड निवेश उत्सव-2025 में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने, उत्तराखंड में दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के बाद निवेश के रूप में हुए, एक लाख करोड़ रुपए की सफल ग्राउंडिंग का उत्सव मनाया। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर तारीफ करते हुए, केंद्र सरकार से भरपूर सहायता का आश्वासन दिया।

टीम धामी ने दिखाया पराक्रम

स्पोर्ट्स स्टेडियम रुद्रपुर में आयोजित, उत्तराखंड निवेश उत्सव – 2025 को संबोधित करते हुए, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वो जब भी चार धामों और गंगा यमुना की भूमि उत्तराखंड आते हैं तो नई चेतना लेकर लौटते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने पूरी दुनिया को आध्यात्मिक ऊंचाई पर ले जाने का काम किया है। यहां की नदियां आधे भारत की पेयजल, सिंचाई की जरूरतों को पूरा करती हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने दिसंबर 2023 में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के समापन समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि तब उन्हांेने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कहा था कि, राज्य सरकार का असल पराक्रम समिट में हुए तीन लाख 56 हजार करोड़ के एमओयू को धरातल पर उतारने का होगा, लेकिन अब उन्हें खुशी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की टीम ने तमाम चुनौतियों के बावजूद, आज एक लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट धरातल पर उतार दिया है। इससे 81 हजार नए रोजगार सृजन का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही सहायक उद्योगों के जरिए भी ढाई लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद जगी है।

पारदर्शिता, तीव्रता और दूरदर्शिता

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, उत्तराखंड के दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में भी उद्योग लग रहे हैं। राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए, नीति में पारदर्शिता, क्रियान्वयन में तीव्रता और विजन में दूरदर्शिता के साथ विकास का नया खाका खींचने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई सरकार ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ के रूप में तीन नए राज्य बनाने का काम किया। आज ये तीनों राज्य अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। 2014 के बाद केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से उत्तराखंड में तो लगातार डबल इंजन की सरकार चल रही है।

2027 तक दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में विकास का खाका खींचते हुए हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई दस साल में 60 प्रतिशत बढ़ी है, इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आठ लाख किमी सड़कें बनी हैं। 333 जिलों में सुविधाजनक वंदे भारत ट्रेन पहुंच चुकी है। दस सालों में 45 हजार किमी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया, 88 नए हवाई अड्डे बने साथ ही इनलैंड वाटर वे कारगो में 11 गुना बढ़ोत्तरी हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अटल जी देश की अर्थव्यवस्था को 11वें नंबर पर छोड़ गए थे, मोदी जी इसे चौथे नंबर पर ले आए हैं। अब 2027 में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय में कहा जाता था कि आधारभूत सुविधाएं विकसित करते हुए, देश के गरीबों का कल्याण संभव नहीं है। लेकिन मोदी जी ने इस मिथक को तोड़ते हुए 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर पहुंचा दिया है। मोदी सरकार गरीबों को पांच किलो मुफ्त अनाज देकर खाद्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, साथ ही 55 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान कर रही है। इस दौरान 16 करोड़ घरों में पहली बार नल से जल पहुंचा, 12 करोड घरों में शौचालय, 13 करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर की सुविधा प्रदान की गई। मोदी सरकार के कार्यकाल में तीन करोड़ घरों में पहली बार बिजली पहुंची, चार करोड़ लोगों को पक्के मकान दिए गए।

विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा मोदी ने 2047 तक विकसित भारत की कल्पना की है, लेकिन विकसित उत्तराखंड के बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। देश के समग्र विकास के लिए, छोटे राज्यों सहित उत्तर पूर्व के राज्यों का विकास भी जरूरी है। इस पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तो वैसे भी ज्योर्तिलिंग, शक्तीपीठ, पर बद्री, पंच केदार और पंच प्रयाग की भूमि है, इस राज्य का विकास कोई नहीं रोक सकता। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ दिन रात काम कर रही है। राज्य में वर्ष भर पर्यटक आएं, इसके लिए 360 डिग्री पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी उत्तराखंड के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं, यही कारण है कि जब कुछ लोगों ने ऑलवेदर रोड का विरोध किया तो केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी कर ऑलवेदर रोड को चारधामों तक पहुंचाने का काम किया। इसी तरह सरकार हेमकुंड साहिब के साथ ही केदारनाथ के लिए रोपवे परियोजना पर काम कर रही है। उन्होंने पुष्कर सिंह धामी सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा किस तरह इस छोटे से राज्य में निवेश का बढ़ावा देने के लिए पयर्टन, एमएसएमई, स्टार्टअप, फिल्म नीति सहित कई प्रयास किए गए, जिससे राज्य में निवेश का वातावरण बना है। आने वाले समय में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक उपचार और जैविक खेती उत्तराखंड के विकास का आधार बनेंगे।

चार गुना अधिक सहायता दी

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के दस साल के कार्यकाल में उत्तराखंड को साढ़े तीन गुना से अधिक एक लाख 86 हजार करोड़ रुपए प्रदान किए गए। इसके अलावा 31 हजार करोड़ सड़कों के लिए, चालीस हजार रेलवे प्रोजेक्ट के लिए, सौ करोड़ एयरपोर्ट के लिए प्रदान किए, इस तरह कुल केंद्रीय सहायता, पिछली सरकार के मुकाबले चार गुना अधिक हो जाती है। उन्होंने एक लाख करोड़ रुपए की सफल ग्राउंडिंग के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि शेष निवेश लक्ष्य को बिना थके जमीन पर उतारने का काम किया जाए, केंद्र सरकार इस काम में पूरा सहयोग देने को तैयार है।

सीएम बोले, निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास की ऊंचाइयों को छू रहा उत्तराखंड

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का स्वागत करते हुए कहा कि आज हम उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की सफलतापूर्वक ग्राउंडिंग का उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का उत्सव केवल आर्थिक निवेश नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध संभावनाओं, उद्यमिता की भावना और जन भागीदारी पर आधारित समावेशी विकास का प्रतिबिंब है, जो राज्य को आत्मनिर्भरता और औद्योगिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। आज 1342 करोड़ रुपए से अधिक की लागत की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023 के अंतर्गत 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौतों में से 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता प्राप्त हुई है। आज उत्तराखंड निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के लिए देश में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जा रहे हैं। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। ’’वोकल फॉर लोकल’’, ’’मेक इन इंडिया’’, ’’स्किल इंडिया’’ और ’’स्टार्टअप इंडिया’’ जैसी पहलों के माध्यम से देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में औद्योगिक विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति, एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियों को लागू कर राज्य में उद्योगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। स्टार्टअप के लिए 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की स्थापना की गई है। राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिये ’’निवेश मित्र’’ की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। करीब 13 सौ करोड़ रूपए की लागत से खुरपिया में स्थापित होने वाली इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी भी उत्तराखंड के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। प्रदेश में 260 से अधिक व्यावसायिक सेवाओं में ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड निवेशकों के मध्य, विश्वसनीय, प्रतिस्पर्धात्मक और भविष्य के लिए तैयार गंतव्य के रूप में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निवेशकों को शांतिप्रिय वातावरण के साथ ही कुशल प्रशासन के जरिए हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

इस मौके पर पतंजलि समूह के संस्थापक बाबा रामदेव ने कहा कि उत्तराखंड राज्य भारत माता का मुकुट है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रकृति और पर्यावरण के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रही है। उत्तराखंड ने वेलनेस की र्स्वश्रेष्ठ नीति घोषित की है। राज्य सौर ऊर्जा, हाइड्रो पावर के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। बाबा रामदेव ने समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा की।

यूपीईएस शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष डॉ सुनील राय ने कहा कि उत्तराखंड के ज्यादातर शिक्षण संस्थान, किसी ना किसी संस्था से मान्यता प्राप्त हैं, इससे यहां शिक्षण की गुणवत्ता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान, उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर राज्य के विकास में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब कनेक्टिविटी काफी सुधर गई है, इससे यहां निवेश के अवसर और भी लाभप्रद हो जाते हैं। राज्य में 10 से अधिक रिसर्च संस्थान होने से भी, शिक्षण संस्थानों को इसका फायदा मिलता है।

नैनी पेपर्स के प्रबंध निदेशक पवन अग्रवाल ने कहा कि उनकी कंपनी अपना नया अत्याधुनिक प्लांट से उत्पादन शुरु कर चुकी है, जिससे 300 नए रोजगारों का सृजन हुआ है। उन्होंने कहा कि वो गन्ने की खोई से कागज बना रहे हैं, साथ ही प्लांट में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी भी शत प्रतिशत कृषि उपज है। कृषि उपज के रूप में पेड़ उगाने से ना सिर्फ पर्यावरण को फायदा पहुंच रहा है, बल्कि किसानों की भी आय बढ़ रही है।

समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, महेंद्र भट्ट, विधायक शिव अरोड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक सहित राज्य सरकार के कई मंत्री और विधायक उपस्थित हुए। इससे पहले सांस्कृतिक टीमों ने मंगलगान के जरिए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर गृह मंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास करने के साथ ही प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा कुल 1342.84 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिसमें 1263.5 करोड़ के 16 योजनाओं का शिलान्यास और 79.34 करोड़ की 04 योजनाओं का लोकार्पण किया गया।

लोकार्पण

01. उत्तराखण्ड गृह विभाग जिला कारागार पिथौरागढ़ (लागत रू0 34.49 करोड़)
02. तकनीकी शिक्षा विभाग जनपद चम्पावत के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक चम्पावत का भवन (लागत रू0 18.00 करोड़)
03. तकनीकी शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड जनपद चम्पावत के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक टनकपुर का भवन (लागत रू0 16.00 करोड़)
04. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के आवासीय भवनों (लागत रू0 10.85 करोड़)

शिलान्यास

01. उत्तराखण्ड शहरी विकास विभाग केन्द्रपोषित योजना के अन्तर्गत हल्द्वानी नगर में प्रशासनिक भवन सहित बस टर्मिनल सम्बन्धित विकास कार्य (लागत रू0 378.35 करोड़)
02. उत्तराखण्ड शहरी विकास विभाग केन्द्रपोषित योजना के अन्तर्गत हल्द्वानी नगर में वर्षाजल प्रबन्धन प्रणाली एवं सड़क निर्माण सम्बन्धित विकास कार्य (लागत रू0 217.82 करोड़)
03. उत्तराखण्ड शहरी विकास विभाग केन्द्रपोषित योजना के अन्तर्गत टनकपुर नगर क्षेत्रान्तर्गत पेयजल आपूर्ति प्रणाली सम्बन्धित विकास कार्य (लागत रू0 171.54 करोड़)
04. महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास निगम उत्तराखण्ड जनपद-ऊधमसिंह नगर में केन्द्र पोषित योजना के अन्तर्गत काम काजी महिला छात्रावास (लागत रू0 126.00 करोड़)
05. उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, हर्रावाला देहरादून परिसर में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना (लागत रू0 71.58 करोड़)
06. उत्तराखण्ड गृह विभाग 31वीं वाहिनी पीएसी रूद्रपुर जनपद-ऊधमसिंह नगर के अन्तर्गत टाईप-2 के 108 आवासों (लागत रू0 47.79 करोड़)
07. उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड केन्द्र पोषित योजना च्ड-न्ैभ्। (डम्त्न्) के अन्तर्गत कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल में विभिन्न विभागों के आधुनिकीकरण जीर्णाेद्वार, उच्चीकरण एवं अन्य सुविधाओं आदि के निर्माण (लागत रू0 45.68 करोड़)
08. उत्तराखण्ड आवास विभाग जनपद-नैनीताल के अन्तर्गत मेट्रो पोल होटल परिसर (शत्रु सम्पति) में सरफेस पार्किंग (लागत रू0 42.77 करोड़)
09. उत्तराखण्ड गृह विभाग 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार के अन्तर्गत टाईप-2 के 108 आवासों (लागत रू0 42.66 करोड़)
10. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के आवासीय भवनों (लागत रू0 35.66 करोड़)
11. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों (लागत रू0 26.52 करोड़)
12. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के नये कानूनों के क्रियान्वयन हेतु वी०सी० कक्षों (लागत रू0 18.56 करोड़)
13. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों (लागत रू0 14.90 करोड़)
14. उत्तराखण्ड आवास विभाग के अन्तर्गत जनपद-चम्पावत के नगर पालिका परिसर चम्पावत में लकड़ी के टाल के पास की भूमि पर मल्टी लेबल कार पार्किंग एवं कॉपलैक्स (लागत रू0 9.99 करोड़)
15. जिला विकास प्राधिकरण जनपद-ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर शहर के आंतरिक मार्ग के अन्तर्गत एन.एच.-87 में डीडी चौक से इंदिरा चौक तक बांई एवं दायीं ओर सड़क का चौड़ीकरण (लम्बाई 0.900 किमी) कार्य (लागत रू0 8.13 करोड़)
16. जिला विकास प्राधिकरण जनपद-ऊधमसिंह नगर के अन्तर्गत शहर रूद्रपुर में गांधीपार्क का सौन्दर्गीकरण / विकास कार्य (लागत रू0 5.55 करोड़)

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान हुए एमओयू और ग्राउंडिंग
ऊर्जा – कुल 1,03,459 करोड़ के 157 एमओयू (रोजगार 8,472) में ग्राउंडिंग 40341 करोड़ रुपए
उद्योग – कुल 78,448 करोड़ के 658 एमओयू, (रोजगार 44,663) में ग्राउंडिंग 34086 करोड़ रुपए
आवास – कुल 41,947 करोड़ के 125 एमओयू, (रोजगार 5,172) में ग्राउंडिंग 10055 करोड़ रुपए
पर्यटन – कुल 47,646 करोड़ के 437 एमओयू, (रोजगार 4694) में ग्राउंडिंग 8635 करोड़ रुपए
उच्च शिक्षा – कुल 6,675 करोड़ के 28 एमओयू, (रोजगार 4428) में ग्राउंडिंग 5116 करोड़ रुपए
अन्य- कुल 79,518 करोड़ के 374 एमओयू, (रोजगार 13898) में ग्राउंडिंग 3292 करोड़ रुपए।

ग्राउंडिंग सेरेमनी से स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन और राज्य की आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खुलेंगेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को रुद्रपुर में प्रस्तावित 1 लाख करोड़ रूपये की ग्राउंडिंग सेरेमनी के सफल आयोजन के लिए तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भव्य और प्रभावशाली स्वरूप में आयोजित किया जाए, जिससे राज्य की औद्योगिक प्रगति को नई गति और पहचान मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। यह आयोजन राज्य के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देगा तथा उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर प्रदान करेगा। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान राज्य सरकार को ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से ₹1 लाख करोड़ की ग्राउंडिंग हो चुकी है, जो उत्तराखंड के औद्योगिक विकास के प्रति निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देगा और राज्य की आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सजगता और समन्वय के साथ सुनिश्चित की जाएं, जिससे राज्य की सकारात्मक छवि और निवेश-अनुकूल वातावरण को देश-दुनिया के समक्ष सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी.अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, प्रबंध निदेशक उद्योग सौरभ गहरवार उपस्थित थे।

रूद्रपुर में सीएम ने किया 40 करोड़ की 14 विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर में आयोजित गल्ला मंडी से मेन बाजार होते हुए भव्य रोड शो के साथ कार्यक्रम स्थल गांधी पार्क पहुंचे। रोड शो में मुख्यमंत्री का रूद्रपुर की जनता, जनमानस, विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों ने पुष्प वर्षा, फूल मालाओं, पुष्पगुच्छ से भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने गांधी पार्क रूद्रपुर में आयोजित सरकार के सेवा, सुशासन एवं विकास के 3 वर्ष पूर्ण होने पर जन सेवा थीम पर आधारित भव्य बहुउद्देशीय एवं चिकित्सा शिविर का भी अवकलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 40 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जिसमें लगभग 30 करोड़ की 7 योजनाओं का शिलान्यास तथा 10 करोड़ की 7 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नें वेंडिंग जोन में 15 गरीब रेडी, ठेली वालों को दुकानों की चाबियां सौपी। मुख्यमंत्री ने सेवा सुशासन एवं विकास के 3 साल पूर्ण होने पर जनपद की 9 विधानसभाओं हेतु 9 जन सेवा प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जन सेवा रथ प्रत्येक विधानसभा में आगामी 30 मार्च 2025 तक प्रचार-प्रसार कर योजनाओं की जानकारियां देगें। मुख्यमंत्री ने बहुउद्देशीय शिविर में स्टॉलो का निरीक्षण किया तथा दही मथकर मक्खन निकाला। उन्होंने स्टॉलो की सराहना भी की। रूद्रपुर वेंडिंग जोन व हंस स्पोर्ट्स अकादमी का शुभारम्भ करते हुए, मुख्यमंत्री ने स्वयं भी बैडमिंटन खेल में हाथ आजमाए।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना हेतु अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों तथा आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि हम राज्य आंदोलनकारियों के स्वपनों का उत्तराखण्ड बनाने की दिश में पूरे मनोयोग से जुटे हैं। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष पूर्व जिस विश्वास के साथ राज्य की जनता ने हमें राज्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उस विश्वास पर हमारी सरकार खरी उतर रही है। इन तीन वर्षों में, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार ने प्रदेश में ’’सेवा, सुशासन और विकास’’ की एक नई गाथा लिखने का प्रयास किया है। हमने अपने कार्यकाल में एक ओर जहां, शहरों से लेकर सुदूर गांवों को सड़कों से जोड़ने का प्रयास किया है, वहीं ’’उड़ान योजना’’ के माध्यम से प्रदेश के लगभग दर्जनभर नगरों के लिए हेली सेवाओं की शुरुआत कर प्रदेश की एयर कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया है। इसी प्रकार, हमनें प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं खेल सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने, उद्योग, पर्यटन, आयुष और खाद्य प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित लगभग 30 से अधिक नई नीतियों को लागू कर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करने के साथ ही रोजगार के अवसर सृजित कर पलायन की समस्या से निपटने की दिशा में भी काम किया है। इतना ही नहीं, हमारी सरकार द्वारा होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाएं लागू कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में लाखों गरीब परिवारों के लिए पक्का घर बनाने, निःशुल्क राशन वितरित करने, प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर प्रदान करने और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाने के साथ ही पति-पत्नी दोनों को पेंशन की सुविधा देने जैसे अनेकों निर्णयों एवं योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचकर उनका जीवन बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। आज जहां एक ओर, किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 8 लाख से अधिक किसान भाइयों को आर्थिक संबल मिल रहा है, वहीं किसानों को सभी प्रमुख फसलों पर बढ़ी हुई एमएसपी देकर उनकी आय में बढ़ोत्तरी भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, राज्य में दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगन्धित पौधों एवं फूलों की खेती के साथ-साथ मोटे अनाज की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे प्रदेश में किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के देना हो, किसानों के लिए नहर से सिंचाई को बिल्कुल मुफ्त करना हो, या फिर फार्म मशीनरी बैंक् योजना के अंतर्गत कृषि उपकरण खरीदने पर 80 प्रतिशत की सब्सिडी देनी हो। हम प्रदेश के किसानों को उन्नत एवं समृद्ध बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर बड़ी संख्या में लोग हमारे उधमसिंह नगर जिले में भी रहते हैं, दुर्भाग्य की बात थी कि इस समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित लिखा जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सेवक के रूप में राज्य की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने कहा था कि दशकों से बंगाली समाज के लोग यहां रहकर इसी मिट्टी की सेवा कर रहे हैं, इसलिए ये लोग भी हमारे अन्य नागरिकों की तरह ही हैं, इनके साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। हमने फैसला लिया कि इनके जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हैं, शब्द नहीं लिखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नजूल भूमि पर बड़ी संख्या में बसे हुए बंगाली समाज के परिवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिया, ताकि वो बेफिक्र होकर अपना पक्का मकान बना सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के आयोजन के साथ-साथ जी-20 की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बैठकों के आयोजन तथा 38वें राष्ट्रीय खेलों का अभूतपूर्ण आयोजन कर हमने ये साबित किया है कि उत्तराखंड अब किसी से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे इन सभी कार्यों, नीतियों और योजनाओं का परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों् के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, इतना ही नहीं, हमने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में प्रति व्यक्ति आय के मामले में 11.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है। प्रदेश का विकास और समृद्धि सुनिश्चित करने के साथ ही हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है, जिसके लिए प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू करने के साथ-साथ लैंड जिहाद, लव जेहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकता के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की जनता से किए गए वादे को निभाते हुए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है। ये कानून विशेष रूप से हमारी मुस्लिम बहनों को विभिन्न प्रकार के उत्पीड़नों से मुक्ति दिलाने में मील की पत्थर सिद्ध होगा। इतना ही नहीं, देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर परीक्षाओं में नकल की समस्या को जड़ से मिटाने के साथ ही नकल माफियाओं की रीढ़ तोड़ने का काम भी इन तीन वर्षों में किया है। पिछले तीन वर्षों में पूरी पारदर्शिता के साथ प्रदेश के 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना इस बात का सबूत है कि हमारी सरकार जो कहती है, उसे करने का पूरा प्रयास करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत और राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का वो ऐतिहासिक कार्य भी किया है, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि आज यदि हम उधमसिंह नगर जनपद की बात करें तो, जहां एक ओर रूद्रपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है, वहीं किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इसके साथ ही, हल्द्वानी से कई शहरों के लिए हेली सेवाएं शुरु करने के साथ-साथ हम पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा भी बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 170 करोड़ रूपए की लागत से गदरपुर बाईपास और 95 करोड़ रूपए की लागत से खटीमा बाईपास का निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही 1152 करोड़ रूपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा जहां एक ओर खटीमा और किच्छा में बस अड्डे का निर्माण किया जा रहा है। वहीं करोड़ों रूपए की लागत से जनपद के रूद्रपुर और चकरपुर मे खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण किया गया है। जहां पर अभी हाल ही में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान कई प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, आज जहां एक ओर, सितारगंज में मछली पालकों के लिए एक्वा पार्क बनाया जा रहा है, वहीं खुरपिया में एक स्मार्ट औद्योगिक नगर विकसित करने की प्रक्रिया भी गतिमान है। इस औद्योगिक नगर के स्थापित होने से न केवल उधम सिंह नगर बल्कि पूरे उत्तराखंड के हजारों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण लगभग 27 सौ करोड़ रुपए की लागत से कराये जाने को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात कि प्रधानमंत्री मोदी ने गोविन्द घाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे को विकास के 9 रत्नों में शामिल किया है। इस रोपवे के निर्माण के बाद हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, क्योंकि 19 किमी की पैदल चढ़ाई रोपवे से महज 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक हम उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी और आत्मनिर्भर नहीं बना लेंगे, तब तक चौन से नहीं बैठेंगे।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। उनमें 494.89 लाख की लागत से गौशाला निर्माण, 60.11 लाख की लागत से बिगवाड़ा शमशान घाट में स्व0 शहीद वीरेन्द्र सिंह सामन्ती स्मृति में चाहर दीवारी, मुख्य द्वार, क्रियाघर जीर्णाेद्धार एवं टाईलिंग कार्य, 49.72 लाख से नगर निगम क्षेत्रान्तार्गत सब्जी मंडी का जीर्णाेद्धार, 39.89 लाख से 5 ग्रीन पार्क सौन्दर्यकरण, 165.09 लाख से 4 हाईटेक शौचालय निर्माण, 1801.93 लाख से कलेक्टेªट परिसर में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण कार्यालय भवन निर्माण व 317.90 लाख की धनराशि से निर्माणाधीन किच्छा नवीन बस अड्डा के मुख्य द्वारा पर आवगमन व निकासी हेतु पुलिया निर्माण कार्याे का शिलान्यास एवं 601.49 लाख से निर्मित वेन्डिंग जोन, 171.23 लाख से वेस्ट प्लांट निर्माण कार्य, 34.15 लाख की धनराशि से ट्रांजिट कैम्प में स्ट्रीट लाईट, 43.87 लाख से एबीसी सेंटर कार्य, 171.83 लाख की लागत से एफएसटीपी सेंटर कार्य व नगर निगम रूद्रपुर कार्यालय में कमांड सेंटर एवं स्वच्छता एप व नगर निगम जोनल कार्यालय का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से संबंधित लिखित मांग पत्र भी सौंपा। महापौर विकास शर्मा ने रूद्रपुर की कई समस्याएं गिनाते हुए अटरिया माता मंदिर का सौंदर्गीकरण, बगवाड़ा से तीन पानी डाम तक जाने वाली सड़क के किनारे नाले को कवर कर सड़क का चौड़ीकरण करने, मुख्य बाजार में बचे हुए फुटपाथ और नाले का निर्माण करने, शिवनगर मोड़ पर शॉपिंग काम्म्पलेक्स का निर्माण करने, ट्रांजिट कैम्प में सिटी पार्क बनाने, गंगापुर रोड का चौड़ीकरण करने, रूद्रपुर को स्पोर्ट सिटी के रूप में विकसित करने, नगर निगम को एंबुलेंस उपलब्ध कराने सहित 20 सूत्रीय मांगें रखी।

इस अवसर पर विधायक काशीपुर त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर काशीपुर दीपक बाली, राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, प्रशासक जिला पंचायत रेनू गंगवार, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रामू जोशी, जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ0 प्रेम सिंह राणा, पूर्व मेयर रामपाल सिंह, आयुक्त कुमांऊ मण्डल दीपक रावत, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, सहित पार्षद व क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

उत्तराखंडः मुख्यमंत्री धामी ने किया पंचम राज्य ओलम्पिक खेलों का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मनोज सरकार स्पोर्ट्स स्टेडियम रुद्रपुर में 27 सितम्बर तक आयोजित होने वाले पंचम राज्य ओलंपिक खेलों का विधिवत शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री के हेलीपैड से रोड शो के दौरान स्टेडियम पहुंचने पर खिलाड़ियों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं ओलंपिक ध्वज फहराकर विभिन्न जनपदों से आये खेल दलों के मार्चपास्ट की सलामी ली तथा शुभांकर व मैडल का अनावरण कर खेलों का विधिवत शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों, जिला प्रशासन, राज्य ओलंपिक संघ को बधाई देते हुए कहा कि खेलों का यह आयोजन उत्तराखंड के खिलाड़ियों को ना सिर्फ अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देगा बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करने के लिए प्रेरित भी करेगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य खेलों की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करवाना एवं उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों सहित सभी मेहनती और समर्पित खिलाड़ियों को एक स्तरीय मंच प्रदान करना है। जिसके द्वारा वे अपने खेल को एक नई दिशा प्रदान कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेल के क्षेत्र में उत्तराखंड को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में खेलों और खिलाड़ियों को हर प्रकार से प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “नई खेल नीति“ लागू की है। इस नीति के तहत राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को “आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी देने की शुरुआत की गई है। इस साल मेडल लाने वाले प्रदेश के 31 खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में नियुक्ति दी है एवं मुख्यमंत्री खेल विकास निधि के माध्यम से पूर्व में दी जाने वाली नकद पुरस्कार धनराशि में लगभग शतप्रतिशत की वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों के खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, शिक्षा, आवास, भोजन एवं किट आदि प्रदान किए जा रहे हैं। “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ और “मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ के जरिए प्रदेश के उभरते हुए खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को खेल उपकरण खरीदने हेतु प्रति वर्ष 10 हजार रूपये की धनराशि प्रदान की जा रही है एवं राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को दी जाने वाली खेल किट की धनराशि को भी 3000 रूपए से बढ़ाकर 5000 किया गया है। इसी प्रकार प्रशिक्षकों को दी जाने वाली धनराशि में भी वृद्धि की गई है। इसी क्रम में दिव्यांग खिलाड़ियों तथा प्रशिक्षकों को भी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा “उत्तराखण्ड खेल रत्न और द्रोणाचार्य पुरस्कारों सहित हिमालय खेल रत्न पुरस्कार“ भी प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गई है, राज्य की सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया गया है। प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही राज्य में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत बनाया जा रहा है। नए खेल मैदानों का निर्माण एवं मौजूदा खेल मैदानों को राष्ट्रीय स्तर के मैदान के रूप में विकसित करना का कार्य भी जारी है। जिससे हमारे प्रदेश में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि 264 करोड़ रूपये की लागत से जल्द ही चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही, हम बहुत जल्द राज्य में “खेल विश्वविद्यालय“ भी अस्तित्व में आयेगा, जिससे हमारे खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, सुविधाएँ और अधिक अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को आगामी “राष्ट्रीय खेलों“ की मेजबानी करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। इस आयोजन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है साथ ही खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षण शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्होने कहा कि राज्य खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को निश्चित ही राष्ट्रीय खेलों में भी प्रतिभाग करने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से मेहनत के साथ राज्य खेलों में पदक हासिल करने के साथ ही आगामी राष्ट्रीय खेलों में भी अधिक से अधिक पदक प्राप्त कर राज्य का नाम रोशन करने की अपेक्षा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य खेलों का यह आयोजन आपके खेल करियर को नई दिशा और गति देने का माध्यम बनेगा। मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर में ओलंपिक संघ के कार्यालय हेतु भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी जिलाधिकारी को दिए।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट ने सभी खिलाड़ियों को 5वां राज्य ओलंपिक खेल 2024 की बधाई देते हुए कहा कि खेल हमे अनुशासन सिखातें है, खेल स्वास्थ्य एवं मानसिक और शारीरिक विकास के लिए भी अति आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करें ताकि भविष्य में मैडल जीत कर प्रदेश व देश का नाम रोशन कर सकें।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री, अनिल कपूर डब्बू, उत्तम दत्ता, अध्यक्ष राज्य ओलंपिक संघ महेश नेगी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिन्दल, गुँजन सुखीजा, महासचिव अमित नारंग, निवर्तमान मेयर रामपाल सिंह, जिलाधिकारी उदय राज सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित अनेक अधिकारी, कोच इंस्टेक्टर रेफरी आदि मौजूद थे।