विवेकानंद ने परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़े हुए राष्ट्र के भीतर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को पुनः प्रज्वलित किया: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड देहरादून में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों को पुरस्कृत किया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले मंगल दलों को क्रमशः 01 लाख, 50 हजार एवं 25 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई। महिला मंगल दल धापला, नैनीताल को प्रथम, महिला मंगल दल सेमा, चमोली को द्वितीय तथा महिला मंगल दल बनाली, टिहरी गढ़वाल को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। जबकि युवक मंगल दल मोख मल्ला, चमोली को प्रथम, युवक मंगल दल सुंदरपुर रैक्वाल, नैनीताल को द्वितीय एवं युवक मंगल दल चौडीराय चम्पावत को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं एवं एन.एस.एस. अवार्ड विजेता युवाओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एन.एस.एस. द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 02 लाख 24 हजार 320 रुपये का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वामी विवेकानंद को नमन करते हुए कहा कि विवेकानंद जी ऐसे युगद्रष्टा ऋषि थे, जिन्होंने परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़े हुए राष्ट्र के भीतर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को पुनः प्रज्वलित किया। उनके द्वारा शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक उद्बोधन ने पश्चिमी जगत को न केवल भारत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित कराया बल्कि सम्पूर्ण विश्व को यह संदेश भी दिया कि सनातन संस्कृति के ज्ञान, विवेक और मूल्यों में ही समस्त मानवता का कल्याण निहित है। उनका युवा शक्ति पर अटूट विश्वास था और वे युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित न हो। युवा शक्ति हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। इस ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन से देश न केवल आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित भी हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नई स्टार्टअप नीति के माध्यम से राज्य में स्टार्टअप कल्चर को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं, इसलिए हमें अपने युवाओं को फ्यूचर रेडी बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सनातन संस्कृति, चेतना, दर्शन और आध्यात्म की भूमि रही है। स्वामी विवेकानंद जी ने उत्तराखंड की पावन भूमि के विभिन्न क्षेत्रों में भी तपस्या कर ज्ञान प्राप्त किया था। सरकार ने उन सभी स्थानों को चिन्हित कर राज्य में स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि स्वामी विवेकानंद बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने विश्व में सनातन मूल्यों और भारतीय संस्कृति की सर्वोच्चता स्थापित की। उनकी द्वारा दी गई शिक्षा और राष्ट्रीयता की भावना हमेशा प्रेरित करती रहेगी। रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशर खेल डॉ. आशीष चौहान उपस्थित थे।

मायावती आश्रम में है पुण्य आत्माओं का वासः सीएम

चंपावत दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज लोहाघाट स्थित अद्वैत आश्रम मायावती पहुंचे। अद्वैत आश्रम मायावती में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्यान केंद्र एवं स्वामी विवेकानंद पर आधारित म्यूजियम का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोहाघाट की गोद में बसा आश्रम एक रमणीक स्थान है। मायावती आश्रम में पुण्य आत्माओं का वास है यहां आना सौभाग्य की बात है। जिसकी कल्पना स्वामी विवेकानंद ने की थी, वह आश्रम आज भी भव्य और दिव्य दिखता है। यह शांति और ध्यान का केंद्र है। उन्होंने कहा स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए भारत के रूप में पूरा कर रहे हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भव्य दिव्य केदारपुरी एवं बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य चल रहा है।

इस दौरान उनके साथ स्वामी सहृदानंद महाराज, स्वामी एकदेवानंद महाराज, स्वामी विरेशानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, अध्यक्ष वन निगम कैलाश गहतोड़ी आदि मौजूद रहे।

विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति को विशिष्ट पहचान दिलाई

आज स्वामी विवेकानंद की जयंती पर अभाविप के द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य राजेंद्र पांडे के द्वारा स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श रहे हैं क्योंकि उन्होंने भारत के वेदों साहित्य और हिंदू धर्म का बहुत गहन अध्ययन कर उसका प्रचार प्रसार विदेशों तक किया। भारतवर्ष की महानता को संपूर्ण विश्व में प्रकाशित किया। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष एबीवीपी प्रवीन रावत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को उठो जागो और तब तक लक्ष्य ना मिल जाए तब तक कर्म करते रहो सफलता अवश्य मिलेगी की प्रेरणा दी। साथ ही स्वामी विवेकानंद बहुत अल्प समय में संपूर्ण विश्व में भारतवर्ष को वह पहचान दिला गए जो आज तक भी धूमिल नहीं पड़ी है।
इस अवसर पर प्रांत मंत्री काजल थापा ने कहा कि इस तरह की गोष्ठियों के द्वारा महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाता है और एक उत्कृष्ट समाज के निर्माण में भी सहायता मिलती है।
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं जिला प्रमुख विवेक शर्मा ने कहा कि हम जल्द ही एक ऐसी मुहिम चलाएंगे जिससे प्रत्येक युवा को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से रूबरू कराया जाएगा क्योंकि हमारा युवा विवेकानंद के विचारों को सबसे ज्यादा पसंद करता है जिसके लिए संगठन को कार्य करना होगा। इस अवसर पर विभाग प्रमुख अमित गांधी, विनोद चौहान प्रांत खेल प्रमुख, प्राची सेमवाल, वीरेंद्र चौबे, अंकुर अग्रवाल सहित एबीवीपी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अपने कॅरियर में देशभक्ति की भावना को भी करें शामिलः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ई-संवाद कार्यक्रम में राज्य के छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि देशभक्ति सभी सद्गुणों की जननी होती है। जिस भी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाएं, उसका उद्देश्य देशभक्ति होनी चाहिए। जो भी कैरियर बनाएं, मकसद एक ही होना चाहिए कि देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।

लक्ष्य पूर्ति तक आराम नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए हनुमानजी से सीखा जा सकता है। ‘रामकाज किन्हे बिना मोहे आराम कहां’। जब तक लक्ष्य पूर्ति न हो, आराम नहीं करना है। पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आज पुण्य तिथि है। हम उन्हें नमन करते हैं। वे सेना में अधिकारी बनना चाहते थे। देहरादून में साक्षात्कार के लिए आए परंतु उसमें सफल नहीं हुए। निराश हुए, तब ऋषिकेश गए, वहां एक संत से मार्गदर्शन लिया। इसके बाद उन्होंने पूरे मनोयोग से प्रयास किए और एक महान वैज्ञानिक बने। देश के राष्ट्रपति बने। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का विषय है। हमारे प्रदेश में एक आईएएस हैं जो पहले श्रमिक का काम करते थे। उन्होंने मेहनत की और आईएएस बने। सफल होने के लिए जरूरी है कि हमारे प्रयास पूर्ण मनोयाग से हों।

उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का मात्रात्मक प्रसार काफी हुआ है। अब विशेष तौर पर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्वालिटी एजुकेशन पर ध्यान देना होगा। आज का युग कड़ी प्रतिस्पर्धा का है। उच्च शिक्षण संस्थानों को वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बदलना होगा। इसी सोच के साथ सीपैट और ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर की स्थापना की गई। इसके अलावा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भी प्रारम्भ की जाएगी। जल्द ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट भी शुरू किया जाएगा। उत्तराखण्ड में स्नातकोत्तर और रिसर्च के लिए आवासीय साईंस कॉलेज की स्थापना पर भी विचार किया जा रहा है। राज्य में एक विद्यालय प्रतिभावान बच्चों के लिए खोला जाएगा। इसमें कक्षा 6 से 12 तक संचालित की जाएंगी। इसमें राज्य स्तरीय परीक्षा के बाद प्रवेश दिया जाएगा। आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के बच्चों से शुल्क लिया जाएगा जबकि निर्धन व प्रतिभावान बच्चों के लिए शिक्षा निशुल्क होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखकर बहुत प्रसन्न्ता होती है कि आज के बच्चे अपने कैरियर के संबंध में बहुत जागरूक हैं। उन्हें पता है कि किस क्षेत्र में भविष्य बनाना है। ई-संवाद में बच्चों ने अपनी बातें कहीं हैं। कोई डाक्टर बनना चाहता है तो कोई इंजीनियर और कोई सिविल सर्विसेज में जाना चाहता है। इसी प्रकार किसी ने वैज्ञानिक बनने की बात कही है। एक ने फाईन आर्ट में कैरियर बनाने की इच्छा व्यक्त की है। कोई शिक्षक बनकर और कोई सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहता है।

कैरियर के लिए पूरे मनोयोग से करें प्रयास, सरकार व समाज से मिलेगा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे पूर्ण मनोयाग से आगे बढ़ें और मेहनत करें। जरूरत पड़ने पर सरकार और समाज से आवश्यक सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली जिले के एक बच्चे का सेलेक्शन लंदन स्कूल ऑफ आर्टस में हुआ। उसे वहां भेजने की व्यवस्था की गई। इसी प्रकार निर्धन परिवार की एक छात्रा पढ़ाई के लिए न्यूजीलैंड जाना चाहती थी। पता चलने पर इसकी भी व्यवस्था की गई। जो भी पाना चाहते हैं, उसकी पूरी तैयारी करें। जब मदद की जरूरत पड़े, तो बताएं। सरकार के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर भी लोग मदद के लिए आते हैं।
ई-संवाद में विधायक पुष्कर सिंह धामी, यूसर्क के निदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत, अन्य वैज्ञानिक, शिक्षक, छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया।

प्रत्येक तीसरी लोकसभा में एक मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्यः अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नंबर वन बनाने के लिए मोदी सरकार लगातार कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश के प्रत्येक राज्य में एम्स खोलने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तीसरी लोकसभा में एक मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्य हम वर्ष 2024 तक पूरा करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
अपने संबोधन में उपाधि प्राप्त करने वाले चिकित्सकों एवं उनके परिजनों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश एम्स ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में कम समय में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत से कदम उठाए हैं, जिनमें अटल आयुष्मान योजना एवं प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के साथ ही देश में एम्स की संख्या को बढ़ाकर 22 करना जैसे कार्य शामिल हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के अनुसार अपनी जगह दूसरे के सुख का विचार करने वाला ही सच्चा ज्ञानी है। देश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। देश के नागरिक स्वस्थ हों, दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें, इसके लिए आप सभी को अपना महत्वपूर्ण योगदान देना होगा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है, जिससे अब तक लगभग एक करोड़ लोग लाभान्वित हुए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में एम्स की स्थापना हुई। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सुषमा स्वराज ने इस काम को आगे बढ़ाया। ऋषिकेश में एम्स की स्थापना उन्हीं के कार्यकाल में हुई थी, मुझे खुशी है इस बात की कि तेजी के साथ विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से उपाधि लेने वालों सम्मानित करने का मौका मिल रहा है यह भी हमारे लिए गौरव की बात है। कहा कि यहां स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसका लाभ सिर्फ उत्तराखंड कोई नहीं मिल रहा है, बल्कि देश के पश्चिम क्षेत्र को भी इसका लाभ मिल रहा है। आने वाले समय में देश को 22 और एम्स मिलने वाले हैं। अटल बिहारी वाजपेई ने छह एम्स से शुरुआत की थी। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस काम को तेजी के साथ आगे बढ़ाया है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि ऋषिकेश पूरे विश्व में योग की राजधानी है। अध्यात्म के शिखर का यह स्थान है। यहां दीक्षा समारोह का होना गौरव की बात है। उपाधि ग्रहण करने वालों को समाज में जाकर लोगों के जीवन की रक्षा करनी है। देश के विराट व्यक्तित्व गृह मंत्री अमित शाह के हाथों आप सभी को उपाधि मिल रही है, यह बड़े गौरव की बात है।

एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो. रविकांत ने युवा चिकित्सकों को दुनिया से सीखो और दुनिया को भी सिखाओ की सीख दी। उन्होंने कहा कि युवा चिकित्सकों को सदा स्मरण रखना चाहिए कि चिकित्सा व्यवसाय में रोगियों के लिए हर समय उपलब्ध होना, अपने कार्य में दक्ष होना और मिलनसार होना अनिवार्य है। एक डॉक्टर के कार्य की कुशलता इतनी ही नहीं है कि वह मरीज को कितनी जल्दी ठीक करता है, बल्कि मरीज का ठीक होना बहुत हद तक इस बात पर भी निर्भर करता है कि डॉक्टर का मरीज के साथ कैसा व्यवहार है। उन्होंने युवा चिकित्सकों से कहा कि प्रारंभिक वर्षों में आपका व्यवहार ही आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रोगी से बातचीत आपकी क्षमताओं का परीक्षण और सीखने का अनुभव प्रदान करेगी। उन्होंने युवा चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे वंचित तबके के लोगों पर विशेष ध्यान दें। अपकी डॉक्टरी तभी सभी सफल होगी, जब आपकी उत्कृष्टता का लाभ समाज के निचले तबके तक पहुंचेगा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, डॉ. हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, राज्य मंत्री धन सिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल रतूड़ी, विधायक एवं अध्यक्ष एम्स ऋषिकेश पद्मश्री डॉ. समीरन नंदी भी उपस्थित थे।

दूसरा दीक्षांत समारोह हुआ सम्पन्न
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 13 पीएचडी, पीजी, एमबीबीएस 2013, 2014, बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल देकर सम्मानित करेंगे। उन्होंने बताया कि कुल 252 विद्यार्थियों को डिग्री दी जानी है। साथ ही 132 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी दिए जाने हैं। एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिरकत की थी।