खेल महाकुंभ चैपियनशिप का शुभारंभ कर बोले सीएम, राज्य को खेलभूमि बनाना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के स्व. कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम, टनकपुर में ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर खेल महाकुम्भ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने पूर्ण अनुशासन, निष्पक्षता एवं खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने की शपथ ली। खिलाड़ियों द्वारा योगासन एवं उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल महाकुम्भ प्रदेश की प्रतिभाओं को गांव की मिट्टी से राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उचित मंच और संसाधनों के अभाव में प्रदेश की कोई भी प्रतिभाशाली खेल प्रतिभा पीछे न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खेल अनुशासन सिखाते हैं, आत्मविश्वास जगाते हैं, संघर्ष करना सिखाते हैं और गिरकर फिर उठने का साहस देते हैं। खेल स्वस्थ शरीर के साथ मजबूत चरित्र और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार खेलों को उत्तराखंड के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का महत्वपूर्ण आधार मानकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में खेल महाकुम्भ की शुरुआत प्रदेश के गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। आज खेल महाकुम्भ अपने दसवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। पिछले वर्ष 2 लाख 20 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने खेल महाकुम्भ में प्रतिभाग किया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष और अधिक संख्या में बच्चे एवं युवा इसमें प्रतिभाग करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष खेल महाकुम्भ को और अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया है। न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा, संसदीय एवं राज्य स्तर तक विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं। इस वर्ष लगभग 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष से खेल महाकुम्भ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों के परिश्रम, प्रतिभा और उनके सपनों का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खेल महाकुम्भ के मंच से निकलने वाली प्रतिभाएं भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सोच में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देश के गांवों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलने से भारत वैश्विक खेल मंच पर निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी उत्तराखंड में खेल और खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य की नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। साथ ही 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री खेल विकास निधि के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों एवं क्रीड़ा छात्रावासों में चयनित खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आवास, भोजन, खेल उपकरण, खेल किट, शिक्षा एवं चिकित्सा जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चौंपियन की तैयारी बचपन से ही शुरू होती है। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को मासिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है, ताकि छोटी उम्र से ही उनकी खेल प्रतिभा को सही दिशा और प्रोत्साहन मिल सके।

उन्होंने कहा कि 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से मासिक छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना की स्थिति में बीमा संबंधी व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के लिए मजबूत एवं आधुनिक आधारभूत ढांचा विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। हाल ही में हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ किया गया है। इसके साथ ही खटीमा में आधुनिक खेल सुविधाओं से युक्त स्टेडियम के निर्माण की घोषणा भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ के माध्यम से विभिन्न खेल विधाओं और स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जनपद की अपनी विशिष्ट खेल पहचान विकसित हो और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान किया कि वे पूरी ताकत, लगन, अनुशासन और निष्ठा के साथ मैदान में उतरें तथा अपने खेल के जुनून को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने, उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘खेल महाकुम्भ-2026’ उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प के बल पर उत्तराखंड को देश में ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने का हमारा ‘विकल्प रहित संकल्प’ अवश्य सिद्ध होगा।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों को पूर्ण समर्पण एवं खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के खेल जीवन की महत्वपूर्ण शुरुआती सीढ़ी हैं। यहां से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के बल पर विभिन्न स्तरों से आगे बढ़ते हुए राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिले।

खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं के विकास के साथ खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

खेल महाकुम्भ-2026 के अंतर्गत 01 से 10 सितम्बर तक न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं, 11 से 20 सितम्बर तक विधायक चौम्पियनशिप ट्रॉफी, 21 से 30 सितम्बर तक सांसद चौम्पियनशिप ट्रॉफी तथा 10 से 30 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों के बालक-बालिकाओं के साथ महिला ओपन एवं दिव्यांगजन महिला-पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों को भी विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, दायित्वधारी, अधिकारी, प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

अन्तरराज्यीय बस अड्डे की भूमि का सीएम ने किया औचक निरीक्षण

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जनपद भ्रमण के दूसरे दिन रविवार को टनकपुर में बनने वाले आइएसबीटी टर्मिनल की भूमि का निरीक्षण किया। परिवहन निगम की 106 बीघा भूमि पर 56 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भूमि का निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चम्पावत को आईएसबीटी के खूबसूरत तरीके से निर्माण कराए जाने और उसमे श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान डीपीआर और नक्शे को विस्तार से देखते हुए जिलाधिकारी से आवश्यक जानकारी ली।
इस दौरान अवगत कराया गया कि आई एस बी टी के निर्माण हेतु पेयजल निर्माण निगम ने डीपीआर तैयार कर ली है। इसके लिए शासन ने करीब 56 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। टनकपुर बस स्टेशन से लंबी दूरी की बसों के अलावा पर्वतीय मार्गाे पर भी बसे संचालित होती है। जिलाधिकारी ने बताया कि बस टर्मिनल बनने पर यहां करीब 200 बसें एक साथ खड़ी हो सकेंगी। वहीं स्टेशन में हाईटेक शौचालय व भवनों का भी निर्माण किया जाएगा। यात्रियों की हर सुविधा ध्यान में रखते हुए इस नये बस स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। दो बड़े एसी हाल के साथ कैटींन व दुकानें भी खोली जाएगी। वही मुख्य बाजार व रेलवे क्रासिंग के पास बस स्टेशन की करीब तीन बीघा जमीन में अंडर ग्राउंड पार्किंग व ऊपर मॉल बनाया जाएगा। इसके बनने के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी तथा डिपो की आय काफी अधिक मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने जिलाधिकारी से कहा कि बजट का ठीक तरह से उपयोग हो। बस टर्मिनल में अधिक से अधिक सुविधाएं हों,बच्चों के मनोरंजन के साथ ही विभिन्न सुविधाएं यहां पर हो इसके लिए इसकी डिजाइन अच्छे आर्किटेक्ट से तैयार किए जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि शारदा घाट पर बेहतर व्यवस्था की जाय। अधिक से अधिक श्रद्धालु यहॉ आएं, जिससे लोगों को रोजगार मिले और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि बस टर्मिनल के बनने के बाद लोग मां पूर्णागिरि के दर्शन कर वापस नहीं जाएंगे। बल्कि वह अन्न्य स्थानो पर घूमने के बाद मां शारदा की आरती कर अपने घरों को लौटेंगे। वहीं आने वाले समय में मां पूर्णागिरि में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाएगी।
इस मौके पर वन विकास निगम अध्यक्ष कैलाश चंद्र गहतोड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, सीडीओ आर एस रावत, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केएस बृजवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक संचालन पवन मेहरा, एसडीएम रिंकू बिष्ट, सुंदर सिंह आदि मौजूद रहे।

चंपावत को 8417.93 लाख की 30 विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को विधानसभा चंपावत के टनकपुर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में जिला प्रशासन एवं सेवायोजन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रोजगार मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने वृहद रोजगार मेले शुभारंभ करने के साथ ही चंपावत जिले की दोनों विधानसभा चंपावत व लोहाघाट अंतर्गत 8417.93 लाख की कुल 30 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने ए.पी.जे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत निर्मित लाइब्रेरी, प्रयोगशाला एवं स्मार्ट कक्षा का शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में महिला छात्रावास का निर्माण कार्य किए जाने एवं कॉलेज के अतिथि शिक्षकों को उच्च शिक्षा की भांति तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत मासिक स्तर पर मानदेय दिए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले में पंहुचे विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से जानकारी ली, साथ ही उन्होंने रोजगार हेतु विभिन्न क्षेत्रों से आए बेरोजगार युवाओं से भी वार्ता करते हुए कहा कि वह इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं। रोजगार मेले में जहां एक ओर उत्तराखंड राज्य एवं बाहरी प्रदेशों से बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है, वहीं संपूर्ण राज्य में आयोजित होने वाले इस तरह के रोजगार मेले से अनेकों युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। चंपावत विधानसभा में आयोजित इस मेले से कई युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। अपनी प्रतिभा एवं मेहनत के बलबूते पर हमारे युवा उत्तराखंड राज्य एवं देश के विकास में अपना अहम योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवी देवताओं की भूमि चंपावत हमेशा उनमें नई ऊर्जा प्रदान कराती है। उन्होंने कहा आज का दिन युवाओं के लिए बहुत विशेष है। आज प्रतिभावान युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने मेले में उपस्थित सभी युवाओं से अपील की कि वे रोजगार लेने के साथ-साथ रोजगार देने वाले बनें, यहां के युवा अपनी प्रतिभा से जिस भी क्षेत्र में जाएंगे, वहां अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जहां एक ओर निजी क्षेत्र में रोजगार देने का कार्य कर रही है वहीं सरकारी विभागों में नौकरी हेतु यूकेपीएससी द्वारा आगामी भर्ती हेतु कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा लंबे समय से न्ज्ञैैैब् में चल रही गड़बड़ियों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में अब किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूकेएसएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच एसटीएफ और विजिलेंस के द्वारा कराई जा रही है। अब तक उनके द्वारा 45 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जब तक अंतिम आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है तब तक यह जांच चलती रहेगी। उन्होंने कहा सभी रिक्त पदों में जल्दी से जल्दी भर्तियां करवाई जाएंगी। विभिन्न विभागों में रिक्त 19 हजार रिक्त पदों को जल्द ही भरा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है उनका उत्तराखंड राज्य से विशेष लगाव है। जिसके बदौलत आज उत्तराखंड में चौतरफा विकास देखने को मिल रहा है।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, अध्यक्ष वन विकास निगम उत्तराखंड कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, प्रदेश महामंत्री भाजपा विकास शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप पाठक, नगरपालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी आरएस रावत, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

टनकपुर में नदी में हो रहे भू कटाव का सीएम ने जायजा लेकर दिए निर्देश

दो दिवसीय दौर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी चंपावत गए हुए है। दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सीएम ने अधिकारियों के साथ कई जगहों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अहम निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के बूम स्थित शारदा घाट का औचक निरीक्षण किया एवं नदी से हो रहे भूमि कटाव का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को नदी से हो रहे कटाव रोकने हेतु तत्काल कार्रवाई करने की दिशा निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्या सुन मौके पर मुख्य सचिव से फोन में वार्ता कर शारदा नदी के बहाव को दूसरी दिशा में मोड़ने पर होने वाले चैनेलाइजेशन एवं तटबंद दीवारों के निर्माण जैसे कार्यों को शासन स्तर से जल्द मंजूरी दिलाए जाने एवं संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने हेतु निर्देशित किया।
इस दौरान विधायक चंपावत कैलाश गहतोड़ी, जिलाधिकारी विनीत तोमर, एसपी देवेन्द्र पींचा, बीजेपी जिलाध्यक्ष दीप पाठक मौजूद रहे।

पूर्णागिरि मेले के संचालन को विकास प्राधिकरण की स्थापना होगी

जनपद चम्पावत के एक दिवसीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टनकपुर में जन संवाद कार्यक्रम के दौरान आम जनता को संबोधित किया। सीएम ने लोहाघाट एवं चम्पावत विधानसभा की सड़कों के रख-रखाव व निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चम्पावत विधानसभा क्षेत्र हेतु टनकपुर रोडवेज वर्कशाप को केन्द्रीय वर्कशाप का दर्जा देने, नरियालगांव में नस्ल सुधार हेतु योजना को अपग्रेड किये जाने, पूर्णागिरि टनकपुर सड़क के दोनों ओर जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु सुरक्षा कार्य तथा पूर्णागिरी में पेयजल, रास्ता एवं शौचालय आदि अवस्थापना निमार्ण कार्य की व्यवस्था, चम्पावत में चाय बागान विकास, स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत टनकपुर व चम्पावत का सौन्दर्यीकरण, जिले में छोटी-छोटी झीलों का निर्माण, पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में अवस्थापना विकास तथा रोपवे का निर्माण पूर्ण कराने की घोषणा की।
पूर्णागिरि मेले के संचालन हेतु विकास प्राधिकरण की स्थापना, विधानसभा क्षेत्र टनकपुर व चम्पावत में पार्किंग, हाईटेक शौचालय एवं चम्पावत में बस अड्डे का निर्माण, गौड़ी नदी का संरक्षण एवं संवर्द्धन, टैªकिंग रूटों का निर्माण, चम्पावत नगर हेतु मास्टर प्लान व सीवर लाइन का निर्माण, चम्पावत में इकोपार्क का निर्माण, चम्पावत क्वैराला पंपिंग योजना में गति लाने, कठवापाती में सिडकुल की स्थापना के साथ गैडाखाली में हनुमान मंदिर के पास पुल का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने जनपद में नजूल भूमि फ्री होल्ड करने हेतु समय सीमा बढ़ाने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने लोगों से प्रत्येक परिवार द्वारा ‘एक व्यक्ति एक पेड़’ लगाकर प्रदेश को हराभरा करने हेतु संकल्प लेने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फैशन डिजाईन, प्लास्टिक इंजिनियरिंग संस्थान, हॉस्पिटैलिटी संस्थान इसी वित्तीय वर्ष से स्थापित किये जा रहे है, जिसमें शत-प्रतिशत रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि पंचेश्वर बांध के निर्माण से एनएचपीसी द्वारा पूरे देश में पैदा की जा रही बिजली से अधिक बिजली पैदा होगी साथ ही विकास के नये आयाम स्थापित होंगे, पर्यटन गतिविधियों में इजाफा होगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि बांध के निर्माण से कुछ परेशानियां होंगी लेकिन उन्हें दूर किया जायेगा।