स्वास्थ्य मंत्री ने विधायक संग की सीएम धामी से मुलाकात, यह रहा प्रमुख कारण…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल तथा टिहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोर उपाध्याय ने शिष्टाचार भेंट की।

भेंट के दौरान टिहरी जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी जैसे महत्वपूर्ण एवं भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील जनपद में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा संस्थान की स्थापना न केवल स्थानीय जनता के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बल्कि पूरे गढ़वाल मंडल के स्वास्थ्य ढांचे को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप इस दिशा में सकारात्मक एवं ठोस कदम आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार एवं आधुनिकीकरण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के दूरस्थ, पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों तक भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था प्रभावी रूप से पहुंच सके। इसके लिए चिकित्सा अवसंरचना के विकास, मेडिकल एवं नर्सिंग शिक्षा के विस्तार, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिले हैं। आयुष्मान भारत योजना, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार तथा मेडिकल शिक्षा संस्थानों की संख्या में वृद्धि जैसे अनेक प्रयासों से आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। राज्य सरकार इन प्रयासों को और अधिक गति प्रदान करते हुए प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री को टिहरी जनपद की स्वास्थ्य आवश्यकताओं, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार तथा मेडिकल कॉलेज स्थापना से संबंधित प्रस्तावों एवं संभावनाओं की जानकारी दी। विधायक किशोर उपाध्याय ने भी टिहरी क्षेत्र की जनभावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को क्षेत्र की दीर्घकालिक आवश्यकता बताया।

मुख्यमंत्री ने दोनों जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों एवं प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक एवं जनोन्मुख बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा इस दिशा में आवश्यक सभी कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएंगे।

मुख्य सचिव ने विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, पुस्तकालय एवं खेल सुविधाओं का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दूसरे दिन टिहरी गढ़वाल के बौराड़ी क्षेत्र में स्थित राजकीय मॉडल प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र ढुंगीधार, श्रीदेव सुमन पुस्तकालय एवं बौराड़ी स्टेडियम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मुख्य सचिव द्वारा निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं मूलभूत सुविधाओं का सतत अनुश्रवण कर आवश्यक सुधार समयबद्ध रूप से किए जाएं, श्रीदेव सुमन पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, अभिलेखों एवं पांडुलिपियों का समुचित संरक्षण करते हुए अध्ययन हेतु बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएं तथा बौराड़ी स्टेडियम एवं प्रस्तावित खेल सुविधाओं के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी केन्द्र ढुंगीधार में बच्चों की संख्या, उपलब्ध खेल सामग्री तथा बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य एवं पोषण पदार्थों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण किट वितरित की तथा केन्द्र में बच्चों का वजन भी माप करवाया। उन्होंने एएनएम एवं आशा कार्यकर्त्रियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा बच्चों के घरों तक पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण सुनिश्चित करें।

इसके उपरांत मुख्य सचिव ने राजकीय मॉडल प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना, बच्चों के लिए उपलब्ध फर्नीचर, उपस्थिति पंजिका एवं अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा दी गई जानकारी पर उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की।

मुख्य सचिव ने श्रीदेव सुमन पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय की व्यवस्थाओं, पुस्तकों के रखरखाव, अभिलेखों, पंजीकरण व्यवस्था तथा दुर्लभ एवं प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्हें अवगत कराया गया कि उक्त पुस्तकालय को पुरानी टिहरी से विस्थापित कर वर्तमान स्थान पर स्थापित किया गया है। पुस्तकालय में राजशाही काल से लेकर आधुनिक विषयों तक की समृद्ध पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है, जिससे साहित्य प्रेमियों, शोधार्थियों एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।

इसके पश्चात मुख्य सचिव ने बौराड़ी स्टेडियम का निरीक्षण किया तथा प्रस्तावित बैडमिंटन हॉल के निर्माण स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य सचिव, स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय, नगर पालिका परिषद टिहरी अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने डाइजर क्षेत्र में जैकरेण्डा के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी वी.पी. सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव, जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी पंकज तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाटर स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर इंस्टीट्यूट, टिहरी गढ़वाल में आयोजित 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए पुलिस बलों के खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं खेल प्रेमियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राज्य को पहली बार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि राज्य को साहसिक खेलों और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में देशभर की 19 टीमों के 440 से अधिक महिला एवं पुरुष खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं, जो कैनोइंग, रोइंग एवं कयाकिंग की विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवान देश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जनविश्वास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल फिटनेस को बढ़ाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता भी विकसित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेल आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत, नदी बचाव और तटीय सुरक्षा जैसे कार्यों में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इन खेलों में दक्षता कई बार जीवन रक्षक साबित होती है और आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों ने देश में खेल संस्कृति को मजबूत किया है और युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा किया है। राज्य सरकार भी खेलों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने हाल ही में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है और राज्य देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी उभर रहा है। राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है तथा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन राज्य के विकास, पर्यटन संवर्धन और खेल प्रतिभाओं के उन्नयन में सहायक सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी इशिता सजवान, अध्यक्ष नगर पालिका टिहरी गढ़वाल मोहन सिंह रावत, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, एडीजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, आईजी नॉर्दन फ्रंटियर आईटीबीपी मनु महाराज, आईजी सीआरपीएफ दिनेश उनियाल, आईजी आईटीबीपी एकेडमी गिरीश चंद्र उपाध्याय, जिलाधिकारी टिहरी नीतिका खण्डेलवाल और एसएसपी श्वेता चौबे मौजूद थे।

उत्तराखंड के टिहरी में केंद्रीय विद्यालय की होगी स्थापना, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के मदननेगी में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा मदन नेगी, टिहरी गढ़वाल में नए केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। यह विद्यालय सिविल सेक्टर के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से मदननेगी एवं आसपास के क्षेत्र में नोनीहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर शैक्षिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाने एवं उनके भविष्य को संवारने के लिए संकल्पित है।

नए केन्द्रीय विद्यालय का संचालन प्रारंभिक चरण में कक्षा 1 से 5 तक (प्रत्येक कक्षा में एक सेक्शन) किया जाएगा, जिसे आवश्यकता एवं स्वीकृति के अनुसार आगामी वर्षों में क्रमिक रूप से विस्तारित किया जाएगा।साथ ही प्रवेश प्रक्रिया सभी आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होने के 30 दिनों के भीतर प्रारंभ कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि यह निर्णय भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति के क्रम में लिया गया है, जिसके तहत देशभर में 85 नए केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने हैं। मदान नेगी, टिहरी गढ़वाल स्थित यह विद्यालय उन्हीं स्वीकृत विद्यालयों में शामिल है।

आज विश्व के 180 से अधिक देशों में मनाया जा रहा योग दिवस: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट मुनिकीरेती में आयोजित अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नही समग्र जीवन पद्धति है। योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का काम करता है। उन्होंने देश प्रदेश के युवाओं से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवा आमतौर पर थकावट महसूस करते है इसमें योग उनका सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है, राज्य सरकार ने योग नीति 2025 बनायी है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय की स्थापना की जा रही है। योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का प्राविधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा ये अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार आयोजित इस 7 दिवसीय भव्य योग महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के विविध सत्रों के साथ-साथ रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक तथा अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे कई विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे प्रतिभागियों को योग के विविध आयामों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, आज वो पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त आधार बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग के महत्त्व को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ में रखा था। उसी का परिणाम है कि आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियाँ, शांत वातावरण, स्वच्छ जलवायु और आध्यात्मिक ऊर्जा योग साधना के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। विश्वभर से हजारों-लाखों साधक प्रति वर्ष उत्तराखंड आकर योग और ध्यान का अभ्यास करते हैं। हमारे लिए यह भी अत्यंत गर्व की बात है कि आज पूरी दुनिया में ऋषिकेश को “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना भी की जा रही है। इसके साथ ही, ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा नागरिकों को आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है। यही नही उत्तराखंड आयुष नीति के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के संवर्धन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, इसके साथ ही राज्य में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने संबंधी उत्तराखंड खोज योजना का रिमोट दबाकर लोकार्पण भी किया।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग हमारी प्रचीन पद्धति में शुमार है। हमारे ऋषि मुनियों ने योग और तप बल से कई सिद्धियां हासिल की है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज योग से करोडों़ लोग निरोग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान मे योग की मुख्य भूमिका है।

प्रबंध निदेशक गढ़वाल मण्डल विकास निगम प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में 2500 से अधिक रजिट्रेशन हो चुके है। इस योग महोत्सव को 150 योग संस्थाओं के सहयोग से सफल बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में गुरु कुल कांगड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये के योग साधको द्वारा योग की विभिन्न क्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मुनिकीरेती नीलम बिजल्वाण, अध्यक्ष नगर निगम ऋषिकेश शम्भू पासवान, अध्यक्ष नगर पंचायत तपोवन विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, स्वामी चिदानन्द मुनि, महंत रविन्द्र पुरी, भारत भूषण, योगाचार्य ऊषा माता सहित हजारों की संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।

लोक संस्कृति के संरक्षण से मजबूत होगी देवभूमि की पहचान: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय इंटर कॉलेज छाम, टिहरी गढ़वाल में सांस्कृतिक विकास समिति द्वारा आयोजित प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा यूसीसी के तहत पंजीकरण करवाने वाले लोगों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान नागराजा की पवित्र भूमि को नमन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक-संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर तथा बद्रीनाथ–केदारनाथ धाम को भव्य रूप दिया गया है। राज्य सरकार भी राज्य में हरिद्वार – ऋषिकेश कॉरिडोर सहित विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को खेलभूमि के रूप में विकसित किया जा रहा है। खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग सहित विभिन्न साहसिक खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं तथा झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार, होम-स्टे, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजना एवं आयुष वेलनेस सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिसे बनाए रखने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किया है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों को जेल भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रही है।राज्य सरकार ने अब तक 10 हजार से अधिक सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया है एवं 6 हजार से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगारोधी कानून के तहत दंगाइयों से एक-एक पाई की वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों से समझौता नहीं करेगी तथा देवभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा बहन स्व. अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी थी और आज भी उनके साथ खड़े हैं। सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किया गया, जिसने लगभग ढाई वर्ष तक गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर तीनों आरोपियों को न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हुई। जब अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की, तो सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए हर स्तर पर सहयोग दिया और आगे भी राज्य सरकार उनके साथ खड़े रहेगी।

विधायक प्रीतम सिंह पंवार, विधायक किशोर उपाध्याय ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कहा मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राज्य में यूसीसी, नकल विरोधी कानून सहित अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

इस अवसर पर थौलधार ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र भंडारी, पूर्व प्रमुख ज्योत सिंह बिष्ट, संजय नेगी, विनोद उनियाल, ब्लाक भाजयुमो प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत, पूर्व प्रमुख ख़ेम सिंह चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने टिहरी जनपद के पिलखी क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने आज मुलाकात की | मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी | मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनपद टिहरी गढ़वाल के पिलखी क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पिलखी (Type-B) को 30 शैय्यायुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) के रूप में उच्चीकृत किया गया है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है | इस उच्चीकरण के साथ, शासन द्वारा कुल 36 पदों (26 नियमित + 10 आउटसोर्सिंग) का सृजन किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में कोई बाधा न आए और क्षेत्र की जनता को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों। ये सभी पद अस्थायी रूप से 28 फरवरी 2026 तक स्वीकृत किए गए हैं, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ाया भी जा सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा “हमारी सरकार का लक्ष्य है कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को उसी स्तर पर विकसित किया जाए, जैसा मैदानों में उपलब्ध है। पिलखी क्षेत्र के लिए 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति वहाँ के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगी। पदों का सृजन स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी उपलब्ध कराएगा।”

उन्होंने आगे कहा “पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार ‘हर घर स्वास्थ्य, हर व्यक्ति स्वस्थ’ के संकल्प के साथ तेजी से काम कर रही है। पिलखी क्षेत्र में यह निर्णय लोगों की लंबी प्रतीक्षा को समाप्त करेगा और निकट भविष्य में बेहतर चिकित्सा ढाँचे का लाभ मिलेगा।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा “सरकार का संकल्प स्पष्ट है—प्रदेश का कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। घनसाली क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और पिलखी स्वास्थ्य केंद्र को चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जाएगा। आवश्यक पदों की तैनाती, भवन सुधार एवं चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।”

इस अवसर पर घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा संयोजक मण्डल से संजीव आर्य, विक्रम कपाल, अनुग्रह लाल शाह, अनुग्रह लाल शाह, गोविन्द दिगारी, सुनीता पवार, कमला पंवार, अनुग्रह कपाल व अंकित नौडियाल उपस्थित रहे |

बड़ी खबरः धामी सरकार ने टिहरी के सुरसिंधार नर्सिंग कॉलेज को दी पीजी की मान्यता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या 311/2025 के क्रम में आज स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में टिहरी जनपद के सुरसिंहधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. कॉलेज के रूप में विकसित किए जाने से संबंधित समस्त बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों से अब तक की प्रगति, उपलब्ध अवसंरचना, वित्तीय-प्रशासनिक स्वीकृतियों की स्थिति और निरीक्षण रिपोर्ट के निष्कर्षों की जानकारी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विशेषज्ञ नर्सिंग जनशक्ति तैयार करने और पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करते हुए प्रस्ताव को समय पर आगे बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए।

सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. की मान्यता
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 311/2025 के अनुपालन में शासन द्वारा 14 अगस्त 2025 को संबंधित प्रस्ताव के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियाँ जारी की जा चुकी हैं। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि टिहरी जनपद के चंबा क्षेत्र में स्थित सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. कॉलेज का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसके लिए सभी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर 12 नवम्बर 2025 को जारी विभागीय पत्र के माध्यम से राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी की स्थिति के मूल्यांकन हेतु एक निरीक्षण समिति का गठन किया गया था, जिसे परिसर का भौतिक सत्यापन कर अपनी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

निरीक्षण के बाद मिली सकारात्मक रिपोर्ट
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि गठित समिति ने 14 नवम्बर 2025 को राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी का स्थलीय निरीक्षण कर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि कॉलेज परिसर में उपलब्ध भवन, कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय, मल्टीपरपज़ हॉल तथा एम.एससी. नर्सिंग शिक्षा के लिए आवश्यक अतिरिक्त कक्षाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। समिति ने यह भी उल्लेख किया कि कॉलेज के पास जिला चिकित्सालय बौराड़ी (100 बेड) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरेंद्रनगर (50 बेड) क्लीनिकल पोस्टिंग के लिए उपलब्ध हैं, जो प्रशिक्षण की अनिवार्य शर्तों को पूरी तरह पूरा करते हैं। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि वर्तमान में संस्थान के पास कुल 71,900.33 वर्गफुट क्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें 32,452.97 वर्गफुट का शैक्षणिक क्षेत्र और 39,447.36 वर्गफुट का हॉस्टल क्षेत्र शामिल है। समिति ने संपूर्ण अवसंरचना को मानकों के अनुरूप और पी.जी. कॉलेज संचालन के लिए उपयुक्त पाया। जिसके बाद इसको पीजी की मान्यता दे दी गई है।

एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम की 15 सीटों की संस्तुति
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि निरीक्षण के आधार पर समिति ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी में एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम शुरू करने के लिए 15 नई सीटों की संस्तुति की है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि संस्थान में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन, स्टाफ, कक्षाएँ और प्रशिक्षण ढाँचा मौजूद है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी। उन्होंन कहा मुख्यमंत्री घोषणा की पूर्ति की दिशा में यह कदम टिहरी क्षेत्र में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि साबित होगा। इस समीक्षा बैठक में डॉ एके आर्य, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, डॉ रविन्द्र सिंह बिष्ट, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा, मनीषा ध्यानी, रजिस्ट्रार सहित विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

मां कुंजापुरी मेले के उद्धाटन पर सीएम धामी ने की घोषणाएं, नहरों, भवनों, सड़कों और मंदिरों के सौंदर्यीकरण को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल पहुंचकर नौ दिवसीय 49वें श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर मेले के शुभारम्भ की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने विकास प्रर्दशनी का उद्घाटन, विभिन्न विभागों द्वारा स्थापित स्टालों का निरीक्षण तथा अमर शहीदों की मूर्तियों एवं स्वतंत्र संग्राम शहीद स्मारक पर मल्यार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ढालवाला में अवशेष बाढ़-सुरक्षा कार्यों का निर्माण कार्य (लगभग 400 मीटर), कुम्भ मेला, 2027 के अन्तर्गत मुनिकीरेती में खारास्रोत गदेरे में सतह पार्किंग एवं एप्रोच रोड़ का निर्माण, नरेन्द्रनगर में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त नहरों का पुनर्निर्माण कार्य,नगर पंचायत तपोवन में सामुदायिक भवन का निर्माण, नरेन्द्रनगर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय की स्थापना, बाल्मिकी बस्ती में 6 आवासों का पुनर्निर्माण, पावकी देवी (दोगी) में सामुदायिक भवन का निर्माण, नरेन्द्रनगर कुम्हार खेड़ा में सामुदायिक भवन का विस्तार, कुम्हार खेड़ा सामुदायिक भवन तक मार्ग का पक्की करण, नगर पालिका मुनि की रेती-ढालवाला में पन्त की दुकान से चीनी गोदाम तक मार्ग का पुनर्निर्माण, श्रीदेव सुमन उप जिला अस्पताल में एनेस्थिशिया वर्क मशीन (ऑटोमेटिक वैंटीलेटर) की स्वीकृति, नरेंद्रनगर में एक ए.एन.एम. ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना, भुवनेश्वरी देवी मंदिर हार्डीसेरा एवं पावली देवी मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए उचित धनराशि की स्वीकृति, गुल्लरबोगी में पार्किंग निर्माण, ह्वेल नदी में मानसेरा, भगोड़ी, भैंतोला तोक में चेक डैम का निर्माण की मांग को मुख्यमंत्री घोषणाओं में सम्मिलित करने की बात कही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को मेले की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां कुंजापुरी का आशीष एवं कृपा दृष्टि हम सब पर बनी रहे। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। 1974 से निरंतर आयोजित किया जा रहा यह मेला व्यापार, क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को गति प्रदान करने वाला है। भारत की पहचान, उसकी सनातन संस्कृति और जीवन मूल्यों पर छिपी हुई है। हमारी संस्कृति केवल रीति रिवाज का विषय नहीं है एक सकारात्मक दिशा देने वाले विचारधारा है, जो हमें नए-नए तरीके से प्रेरित करने का काम करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मा. प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी के नेतृत्व में भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और धरोहर को संवारने एवं सहजने का कार्य बेहतर तरीके से किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं अपनी पहचान को बनाए रखने के लिए निरंतर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन सबसे बड़ी समस्या है, इसे रोकने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण योजना पर कार्य किया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में व्यापक पहचान मिल रही है। फार्म मशीनरी बैंक, फिल्म नीति, एप्पल मिशन, होमस्टे आदि नीतियों के माध्यम स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में उत्तराखंड पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता कानून को लागू किया है। इसके साथ ही सशक्त नकल विरोधी कानून लाकर पिछले 4 सालों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां प्रदान की गई है। धर्मांतरण निवारण और अवैध अतिक्रमण ध्वस्तीकरण जैसे कार्यों का उल्लेख किया, जिससे राज्य को नया मुकाम और पहचान मिली है। राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए अग्रसर है।

प्रदेश के वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा एवं निर्वाचन एवं संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मां कुंजापुरी मेला हमारी संस्कृति, परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ ही देश प्रदेश की संस्कृति से रूबरू होने के लिए बड़ा मंच उपलब्ध कराता है। यह मेला सभी के सहयोग से निरंतर खेल एवं विकास के ओर आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन विनीता बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, मेयर नगर निगम ऋषिकेश शंभू पासवान, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय रावत, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, डीएम टिहरी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय-वित्त समिति की बैठक आयोजित हुई। व्यय-वित्त समिति की बैठक के दौरान ऋषिकेश में जानकी सेतु के पास राफ्टिंग मैनेजमेंट सेंटर के निर्माण कार्य एवं डोईवाला-दूधली मोटर मार्ग के डबललेन कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राफ्टिंग मैनेजमेंट सेंटर के डिजाइन में पहाड़ी संस्कृति और ग्रीन बिल्डिंग को शामिल किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि राफ्टिंग मैनेजमेंट सेंटर को सेल्फ सस्टेनेबल बनाया जाए ताकि इसके संचालन एवं रखरखाव के लिए फंड्स की व्यवस्था होती रहे।

बैठक के दौरान बताया गया कि राफ्टिंग मैनेजमेंट सेंटर निर्माण की कुल लागत 4404.27 लाख है। इसके निर्माण के बाद राफ्टिंग पॉइन्ट्स पर ड्रोन एवं सीसीटीवी कैमरों से लाइव वीडियो मॉनिटरिंग के साथ ही परमिट, समय-सारणी और क्राउड कंट्रोल जैसे कार्य किए जाएंगे। बैठक में 1306.64 लाख की लागत के डोईवाला-दूधली मोटर मार्ग के डबललेन कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गयी।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं श्रीधर बाबू अद्दांकी सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।