बाहरी राज्यों से लौटे लोगों को राज्य में ही रोका जा सकता है…, इसकी रणनीति तैयार करे आयोग

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण हुए रिवर्स पलायन पर पलायन आयोग से अध्ययन रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से गांव वापस लौटे उत्तराखंड वासियों को किस तरह राज्य में रोका जा सकता है, इसे लेकर रणनीति तैयार की जाए। सीएम ने मंगलवार को अपने आवास पर मंत्रिपरिषद के साथ देश में लॉकडाउन से पैदा परिस्थितियों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा को अवसर के रूप में किस प्रकार बदला जाए हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचना होगा। लॉकडाउन की स्थिति के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी होने वाले निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। बदलते हालात में अर्थव्यवस्था को किस प्रकार मजबूती प्रदान की जाए, इसकी भी चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को लौटे हैं।

ये लोग रिवर्स माइग्रेशन की ओर अग्रसर हों, इसके लिए पलायन आयोग एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार करके पेश करे। आयोग इनसे वार्ता कर उनसे सुझाव भी प्राप्त करे। यहां लौटे लोगों को यहां पर बेहतर संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें रोका जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं लॉकडाउन के दौरान सरकार सामूहिक निर्णय लेगी। इस संबंध में कोई भी विभाग अपने स्तर से किसी भी प्रकार का आदेश निर्गत नहीं कर सकेगा।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम में तैनात सभी लोगों के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख की सम्मान निधि की व्यवस्था की गई है। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है जो इससे संबंधित प्रकरणों को देखेगी तथा किसी अनहोनी की स्थिति में उनके आश्रितों को यह धनराशि प्रदान करने की संस्तुति करेगी।

सीएम के निर्देश पर तीन माह तक प्रति माह प्रति कार्ड मिलेगा 7.5 किग्रा अतिरिक्त खाद्यान्न

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर राज्य खाद्य योजना में अप्रैल से जून 2020 तक तीन माह के लिए प्रति माह प्रति कार्ड 7.5 किग्रा अतिरिक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए 33.84 लाख रूपये की राशि जारी की गई है।

वर्तमान में राज्य खाद्य योजना के प्रचलित राशन कार्ड धारकों को 2.5 किग्रा चावल 11 रुपये प्रति किलो की दर से और 5 किग्रा गेहूँ 8.60 रूपये प्रति किग्रा की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। अब अप्रैल, मई व जून 2020 इन तीन महीनों के लिए 7.5 किग्रा खाद्यान्न प्रति माह प्रति कार्ड के स्थान पर 15 किग्रा खाद्यान्न प्रति माह प्रति कार्ड (7.5 किग्रा चावल व 7.5 किग्रा गेहूँ) पूर्व निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

सस्ता राशन विक्रेता भी कोरोना वॉरियर्स की श्रेणी में शामिल

23 लाख से अधिक परिवारों को सस्ता राशन उपलब्ध कराने वाले उत्तराखंड के विक्रेताओं को भी सरकार ने कोरोना वॉरियर्स की श्रेणी में रखा है। यदि संक्रमण से उनकी मौत होती है, तो उनके आश्रितों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलेगी। बता दें कि प्रदेश में नौ हजार से अधिक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें हैं। इन दुकानों के माध्यम से 23 लाख से अधिक परिवारों को हर महीने सस्ता राशन वितरित किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन में सस्ते गल्ले की इन दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक सस्ता राशन पहुंचाने के काम में ये दुकानें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सरकार ने इन विक्रेताओं को भी कोरोना वॉरियर्स की श्रेणी में शामिल किया है। सचिव खाद्य आपूर्ति सुशील कुमार का कहना है कि कोरोन वॉरियर्स को लेकर जारी शासनादेश में सस्ते गल्ले की दुकानों के विक्रेताओं को भी इसमें शामिल किया गया है।

सीएम की अपील, मोबाइल में डाउनलोड करें आरोग्य सेतु एप

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों से आरोग्य सेतु एप मोबाईल में डाउनलोड करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से कोरोना वायरस कोविड-19 के संदर्भ में जन साधारण के उपयोग के लिए आरोग्य सेतु मोबाईल एप बनाया गया है। यह एप्लीकेशन हिंदी व अंग्रेजी सहित 11 विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है।

यह एप्लीकेशन उपयोगकर्ताओं को उच्च कोरोना वायरस संक्रमण क्षेत्र के समीप होने की चेतावनी देता है। यह कोविड-19 ट्रेकर एप जीपीएस और ब्लूटूथ तकनीक के आधार पर किसी संक्रमित व्यक्ति के समीप आते ही उपयोगकर्ता को सतर्क करता है। इस एप से आवश्यक चिकित्सा सलाह भी ले सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सुरक्षित, हम सुरक्षित तो भारत सुरक्षित के सूत्र को अपनाना होगा। सभी व्यक्ति आरोग्य सेतु एप को अपने मोबाईल में डाउनलोड कर कोरोना से लङाई में सहभागी बनें।

होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डा. सैमुअल फ्रेडिक की जयंती पर सीएम ने दी शुभकामना

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल फ्रेडिक हैनीमैन की 265 वी जयंती पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

उन्होंने कहा कि होम्योपैथी विश्व भर में अपनी स्वीकार्यता एवं प्रभावकारिता की दृष्टि से एक अग्रणी चिकित्सा पद्धति के रूप में उभरी है। होम्योपैथी का इलाज कम खर्चीला एवं प्रभावशाली भी है। उन्होंने होम्योपैथी के सभी चिकित्सकों को डॉ हैनीमैन जयंती की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 में भी होम्योपैथी चिकित्सक अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

होम्योपैथी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। अनेक प्रकार के रोगों के इलाज के लिए होम्योपैथी काफी कारगर सिद्ध हुई है स्किन, चर्म रोग, पथरी, माइग्रेन एवं पेट से संबंधित रोगों के निदान के लिए होम्योपैथी की दवा लाभकारी सिद्ध हुई है। उत्तराखंड में होम्योपैथिक की अनेक औषधियां बनती है। उत्तराखंड में आयुष को एक सक्षम स्वास्थ्य सेवा के रूप में विकसित किए जाने के प्रयास किए जा रहे है।

14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन को बढ़ाने के लिए केंद्र को संस्तुति भेजेगा राज्य

शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कोरोना वायरस कोविड-19 के सम्बन्ध में कैबिनेट निर्णय के बारे में जानकारी साझा की। इसके तहत निम्न निर्णय लिए गए है-

1. भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्री और समस्त विधायको के वेतन में 30 प्रतिशत कटौती, कोविड-19 फंड के लिए की जाएगी तथा आगामी दो वर्षो में विधायक निधि के अंतर्गत एक-एक करोड रूपये की कटौती कोविड-19 फंड के लिए की जाएगी।

2. प्रदेश में कोरोना संक्रमित जामातियों की संख्या बढने के कारण कोरोना वाईरस कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन बढाने की संस्तुति केन्द्र सरकार को भेजी जाएगा।

3. खाद्यान सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सभी नागरिकों को पर्याप्त राशन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके तहत अंत्योदय योजना के अन्तर्गत 35 किग्रा राशन गेहूँ और चावल के रूप में 03 माह का राशन उपलब्ध रहेगा।

खाद्यान सुरक्षा योजना सफेद कार्ड धारक को प्रति यूनिट पांच किग्रा चावल, दाल फ्री उपलब्ध कराया जाएगा। उन दोनों कार्ड से अलग 40 लाख युनिट वाले 10 लाख राशन कार्ड धारकों को 7.5 किग्रा राशन की मात्रा को दोगुना कर 15 किग्रा राशन कार्ड धारकों को अप्रैल, मई, और जून तीन माह के लिए वितरण किया जाएगा। जिसके पास कोई भी राशन कार्ड नहीं होगा उन्हें राशन किट दिया जाएगा।

4. कोरोना वाईरस कोविड-19 के इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विभाग, टैक्निशियन संवर्ग विभिन्न पदों हेतु कुल 347 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

5. खाद्यान वितरण-कार्य के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया कि एनजीओ इत्यादि प्रशासन के माध्यम से कार्य करायें।

6. रोजाना आवश्यक सामग्री के खरीद हेतु दी गई समय सीमा को कम करने का अधिकार मुख्यमंत्री को सौंपा गया।

शासन के उच्चाधिकारियों को सीएम का निर्देश, अफवाह फैलाने वालों पर की जाए कार्रवाई

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में शासन के उच्चाधिकारियों से कोविड-19 के संबंध में अध्यतन जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही लॉक डाउन का पालन न करने वालों पर सख्ती से कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए निर्देश दिए कि जो भी प्रशासन का सहयोग न करे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। होम क्वारंटीन रखे गए लोगों पर विशेष नजर रखी जाए। अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। कोरोना डेडिकेटेड अस्पतालों में यथासंभव आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की हर सम्भव सहायता की जाए। सचिव स्वास्थ्य नितेश झा ने कहा कि चिकित्सकों की नियुक्ति पर लगातार काम चल रहा है। आवश्यक दवाओं का अपेक्षित स्टॉक राज्य सरकार के पास है।

मेयर गामा ने सौंपा 51 लाख रूपये का चेक
कोविड-19 के दृष्टिगत नगर निगम देहरादून ने 40 लाख रुपए का चेक नगर निगम बोर्ड फंड से एवं 11 लाख रुपए का चेक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन से मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए हैं। यह चेक मेयर सुनील उनियाल गामा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को सौंपा। इस अवसर पर नगर आयुक्त देहरादून विनय शंकर पांडे भी उपस्थित थे।

वहीं, भारतीय सेंसर बोर्ड के चेयरमैन एवं भारतीय सिनेमा के गीतकार प्रसून जोशी ने भी कोविड-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपए दिए हैं।

कोरोना वायरस बचाव कार्यों में जो सहयोग न करें, सख्त कार्रवाई की जाए

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की स्थिति के संबंध में अपने आवास पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाऊन खुलने की स्थिति में भीङ को रोकने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली जाए। कोरोना वायरस से बचाव कार्यों में जो लोग सहयोग नहीं करते हैं उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। लोग सरकार का साथ दें, इसके लिए सभी धर्मगुरूओं और समाज के प्रबुद्धजनों का सहयोग लिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा व एडीजी वी विनय कुमार उपस्थित थे।

सीएम ने की अपील, पांच अप्रैल के पीएम के आह्वान को बनाएं सफल
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर कोरोना वायरस के खिलाफ लङाई में एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए 05 अप्रैल 2020 को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए अपने घरों में लाईट बंद कर चार दीपक प्रकाशित करने का आग्रह किया है। यदि दीपक न हो तो मोमबत्ती, टार्च या मोबाईल की फ्लैश लाईट भी जला सकते हैं। हम सभी दीपक जलाकर कोरोना वायरस से लङने में अपनी एकजुटता और दृढ़ संकल्प का परिचय दें। परंतु हमें कुछ बातों का भी ध्यान रखना है। प्रधानमन्त्री ने केवल घरेलू लाईट बंद करने के लिए कहा है। बिजली के अन्य उपकरणों जैसे टीवी, फ्रिज आदि को बंद नहीं करना है। इसी प्रकार आवश्यक सेवाओं में भी लाइट बंद नहीं होगी। स्ट्रीट लाइट भी जली रहेंगी। अति उत्साह में पूरे सोसायटी, अपार्टमेंट या घर के मेन वितरण प्रणाली से बिजली आपूर्ति बंद न करें। घर से बाहर न निकलें और न ही इकट्ठे हों।

सीएम हुए फेसबुक लाइव, सभी के स्वस्थ रहने की कामना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने फेसबुक लाईव के माध्यम से प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर सभी के स्वस्थ रहने की कामना की। उन्होंने कहा कि हम सब जान रहे हैं कि कोरोना से लङने में हमारे अनेक ऐसे लोग बिल्कुल फ्रंटलाइन में लड़ रहे हैं। सब जानते हैं कि यह एक वैश्विक महामारी है ऐसे में जो भी हमारे वॉरियर्स है हम उनका सहयोग करें। 24-24 घंटे हमारे डॉक्टर ड्यूटी कर रहे हैं, हमारे पुलिस के जवान और तमाम जो उनके सहयोगी हैं वो रात दिन चौराहों पर खड़े होकर के मोहल्ले में घूम घूम कर सेवा अपनी दे रहे हैं। आप भी उनकी चिंता करें क्योंकि वह सारा जोखिम आपके लिए, मेरे लिए, हमारे लिए उठा रहे हैं । मुझे विश्वास है कि आप उनकी जरूर चिंता करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बार बार यह आग्रह किया है कि सोशल डिस्टेंस को हर हाल में बना कर रखना है नहीं तो हमारी सारी तपस्या बेकार हो जाएगी यह सब बेकार हो जाएगा और इसलिए इस वाक्य को हम ब्रह्म वाक्य समझ करके इसका पालन करेंगे तो इस बीमारी से हम लोग न केवल निजात पाएंगे बल्कि हम अपने पड़ोसी अपने प्रदेश व अपने देश को भी बचा पाएंगे।

पांच अप्रैल के आह्वान पर एकजुटता का दें परिचय
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सारी देश की जनता से कहा है कि पांच अप्रैल को हम अपने घरों में रात नौ बजे बत्ती बुझा कर और बाहर अपनी बालकनी में, दरवाजे पर खड़े होकर नौ मिनट हम लोग रोशनी करें। दिया जलाएं, लालटेन जलाएं, टोर्च जलाएं, मोमबत्ती जलाएं या फिर मोबाईल की फ्लैश लाइट को जलाएं और अपनी एकता का परिचय दें। हम कोरोना के खिलाफ एकजुट है, इस एकजुटता का परिचय हमको 5 अप्रैल रात्रि नौ बजे से नौ मिनट यानी कि 9ः09 हमको अपनी एकता का संदेश देना है कि हम सब सैनिक बनकर के कोरोना को इस देश से भगाएंगे।

सीएम ने जनता से मांगा सुझाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के गरीबों के लिए गरीब कल्याण पैकेज दिया है और उसका पैसा अकाउंट में आना शुरू हो गया है राज्य सरकार ने भी जो श्रमिक है उनके अकाउंट में पैसा डालना प्रारंभ कर दिया है। जब कभी बैंक में जाए पैसा लेने के लिए तो उसमें सामाजिक दूरी बनाकर रखेंगे। कम से कम डेढ़ मीटर की दूरी। कई जगह हमारे यहां वृद्ध आश्रम, अनाथ आश्रम है उनकी भी हम चिंता करें वहां पर कोई भूखा ना सोए उनका दायित्व भी हमारे ऊपर है। सीएम ने कहा कि समाज को जागरूक करें, कैसे हम उनको एजुकेट करें किस ढंग से हम अपनी व्यवस्था बनाए कैसे प्लानिंग करें इस संबंध में सुझाव आमंत्रित हैं।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर चार गुना होगी वसूलीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोना वायरस को रोकने में प्रशासनिक कार्यवाही का विरोध करने वालों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत कङी कार्रवाई की जाएगी। क्वारेंटाईन किए गए लोग अगर छुपते हैं या कोई उन्हें छुपाते हैं तो छुपने वाले व छुपाने वाले दोनों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ लोगों ने सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्हें सख्त हिदायत दी जाती है कि सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने पर चार गुना वसूली की जाएगी।

कुछ छिटपुट जगहों पर लोग अफवाहो के बहकावे में भी आए हैं। प्रदेशवासियों से अनुरोध है अफवाहो में न आएं और केवल सरकारी प्रामाणिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। स्वास्थ्य विभाग समय समय पर गाइडलाइन जारी करता है जिसे मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग कोरोना वायरस से लङाई में जुटे हैं। कुछ लोगों को इनकी तपस्या को बेकार करने नहीं दिया जाएगा।

कोरोना वायरस से निपटने को 85 करोड़ का बजट जारी
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर कोरोना वायरस से निपटने के लिए एसडीआरएफ मद से 85 करोङ रूपए जारी किए गए हैं। इसमें हर जिले को 5-5 करोङ रूपए कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की तैयारियों के लिए जबकि 20 करोङ रूपए चिकित्सा शिक्षा विभाग को कोरोना नोटिफाईड अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था के लिए दिए गए हैं।
वहीं उत्तराखंड परिवहन निगम को भी कर्मचारियों के वेतन व अन्य व्ययों की प्रतिपूर्ति आदि के लिए 20 करोङ रूपए दिये गए हैं।

मानव जाति को एकजुट होने का लेना होगा संकल्पः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों से कोरोना वायरस पर संयम और धैर्य रखने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर सहयोग करने का अनुरोध किया है।
सीएम ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लङाई में हम सभी अपने प्रधानमंत्री के साथ हैं। हमें खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए लॉकडाऊन का पालन करना ही है। बीमारी को शुरुआत में ही रोकना जरूरी है। पूरी मानव जाति को एकजुट होकर संकल्प लेना होगा। कुछ लोग शायद इसकी गम्भीरता को नहीं समझ रहे हैं, वे खुद की रक्षा के लिए ही सही, सरकार के प्रयासों को सहयोग करें और इस संबंध में जारी दिशानिर्देशों व नियमों का पालन करें। कोरोना वायरस से लङ रहे फ्रंट लाईन वारियर्स से प्रेरणा लें। ये लोग हमारी खातिर खतरा उठाकर भी बाहर हैं। सावधान रहें, सतर्क रहें, घर पर रहें, सुरक्षित रहें। हम ये जंग जरूर जीतेंगे।