सीएम ने किया लच्छीवाला नेचर पार्क रिडेवलपमेंट कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने लच्छीवाला नेचर पार्क के रिडवलपमेंट कार्यों का निरीक्षण करते हुए इसे प्रकृति से जुडा अपनी विशिष्टता वाला नेचर पार्क बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक वातावरण एवं जलश्रोत से परिपूर्ण यह स्थल सभी आयु वर्ग के लोगों को प्राकृतिक सौन्दर्य की अनुमति कराने में मददगार होगा। उन्होंने कहा कि इसके सौन्दर्यीकरण आदि के लिये 5 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था की गई है। शीघ्र यह नेचर पार्क अपने भव्य स्वरूप में देश के पर्यटकों के सामने आये इसके लिए पार्क के अधीन विकसित की जाने वाले सभी गतिविधियों को भव्यता के साथ अन्तिम रूप दिया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्क बच्चों के लिये प्रकृति से जुड़ने में भी मददगार होगा। उन्होंने कहा कि पार्क के अन्दर विकसित की जाने वाली नेचर ट्रेल, केनोपी वाक, मल्टीमीडिया फाउन्टेन पार्क देश की अपनी तरह की होगी। चिल्ड्रन जिम, टाय ट्रेन, म्यूजियम पार्क, हर्बल एवं एरोमेटिक गार्डन आदि गतिविधियां लोगो के आकर्षण का केन्द्र बनेगी। पार्क के रिडेवलपमेंट के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को कन्जरवेटर शिवालिक एवं निदेशक देहरादून जू पी पात्रो ने विस्तृत रूप से अवगत कराया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने डोईवाला में निर्मित होने वाले तहसील भवन एवं डोईवाला, डिग्री कॉलेज परिसर में निर्मित किये जा रहे गल्र्स हास्टल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यो में गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए इन्हें पर्वतीय शैली में निर्मित किये जाने की बात कही। उन्होंने 04 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले तहसील भवन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में भी विकसित करने को कहा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव सुरेश चन्द्र जोशी आदि उपस्थित थे।

हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट के निरस्त करने पर तीर्थनगरी में हुई आतिशबाजी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की बेदाग छवि को धूमिल करने के विपक्ष के षड्यंत्र का दूसरे ही दिन में पर्दाफाश हो गया। लोगों ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए आतिशबाजी व मिष्ठान वितरण कर अपनी खुशी जाहिर की।

गढ़वाल मंडल विकास निगम के निदेशक आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में त्रिवेणी घाट चैक पर युवा जन एकत्रित हुए। आशुतोष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की बेदाग छवि व पारदर्शितापूर्ण शासन चलाने की उनकी शैली से विपक्ष व उत्तराखंड के हितों की अनदेखी करने वाले बहुत परेशान हो चुके हैं भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति ने इन लोगों के बुनियाद हिला दी है जिसके चलते यह लोग उनके खिलाफ साजिश करने में लगे हुए हैं और हर बार इनके मंसूबों पर पानी फिर जाता है।

उन्होंने ऐसे साजिश करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह अपनी ऐसी निकृष्ट हरकतों से बाज नहीं आए तो उनके विरुद्ध सड़कों पर मोर्चा खोला जाएगा। मौके पर पूर्व राज्यमंत्री संदीप गुप्ता, टैक्सी यूनियन के महामंत्री विजेंद्र कंडारी, पूर्व सैनिक व समाजसेवी जनार्दन नवानी, वरिष्ठ भाजपा नेता विपिन शर्मा, शैलेंद्र चैहान, नीतू शर्मा, गजेंद्र सिंह बिष्ट, घाट रोड लघु व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण सिंह, जिला अध्यक्ष राहुल पाल, वरिष्ठ अधिवक्ता चंदन सिंह राणा, युवा मोर्चा के मंडल ऋषिकेश के अध्यक्ष अक्षय खेरवाल, गज्जू सिंह, धर्मपाल सिंह, कुंवर सिंह, विक्रम सिंह, मनीष मौर्य आदि उपस्थित रहे।

केदारनाथ स्थित ईशानेश्वर मंदिर के नव निर्माण में मुंबई के दानी मनोज सोलंकी ने जताई इच्छा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में बोर्ड के संचालन से सम्बन्धित विषयों के साथ ही बोर्ड द्वारा तैयार किये विभिन्न ड्राफ्ट रूल को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसे शासन को उपलब्ध कराया जायेगा। इसमें पुजारियों, न्यासी, तीर्थ पुरोहितो, पण्डो व हक हकूक धारियों के अधिकारों का विनिश्चय एवं संरक्षण से सम्बन्धित नियमावली भी शामिल है। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड के लोगो (प्रतीक चिन्ह्) की डिजाइनों पर भी चर्चा हुई। जिनमें कतिपय संशोधन के पश्चात अन्तिम निर्णय लिया जायेगा।
बैठक में श्री बद्रीनाथ धाम में मन्दिर एवं समीपवर्ती स्थलों के विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया कि बद्रीनाथ धाम में यात्रियों की संख्या में प्रतिवर्ष हो रही वृद्धि के कारण इस क्षेत्र का विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण आवश्यक है ताकि भविष्य में यात्रियों को दर्शन, यातायात एवं ठहरने की समुचित व्यवस्था हो सके इसके लिए देवस्थानम बोर्ड को इसकी व्यवस्था सौंपे जाने पर विचार किया गया। बोर्ड के स्तर पर इससे सम्बन्धित कार्यवाही सुनिश्चित कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित करने पर सहमति बनी। बोर्ड अपने स्तर पर इसके लिये तकनीकि एवं विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था भी कर सकेगा। इसके साथ ही बैठक में तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मन्दिर एवं सभा मण्डप आदि के जीर्णोद्धार पर भी सहमति बनी इसके लिये यू.एस.ए. के दानी पंकज कुमार द्वारा धनराशि व्यय करने की इच्छा जतायी है।
केदारनाथ स्थित ईशानेश्वर मन्दिर के नव निर्माण के लिये भी स्वीकृति प्रदान की गई इस मन्दिर के निर्माण के लिये मुम्बई के दानी मनोज सोलंकी ने इच्छा व्यक्त की है। श्री केदारनाथ मन्दिर के पूरब द्वार की मरम्मत पर भी सहमति बनी जिसके लिये धनराशि दानी हरियाणा के श्री यतिन घई ने दान की सहमति दी है।

बैठक में केदारनाथ मे रावल पुजारी आदि के कक्षों की मरम्मत भविष्य में ऊखीमठ मन्दिर के जीर्णोद्वार, बहुमूल्य पाण्डुलिपियों को डिजिटाइल किये जाने, कार्तिक स्वामी मन्दिर को देवस्थानम बोर्ड के अधीन लाये जाने तथा थैलीसैण्ड स्थित विन्देश्वर मन्दिर के जीर्णोद्वार किये जाने पर सहमति प्रदान की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष, उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड त्रिवेन्द्र ने यात्रा मार्गो सहित मन्दिर परिसरो में देवस्थानम बोर्ड के साइनेज होर्डिंग आदि लगाये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ मन्दिरों के पुजारियों, पण्डों, पुरोहितों, वाद्य यंत्र वादको आदि का विवरण तैयार किया जाय ताकि जरूरत पड़ने पर इन लोगों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने कहा कि ये लोग हमारी संस्कृति के संवाहक हैं।
उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि 25 अक्टूबर तक चारधाम में 1.72 लाख यात्री दर्शनार्थ आये हैं तथा 2 लाख द्वारा रजिस्ट्रेशन किया गया है, जबकि बद्रीनाथ मन्दिर को 7.55 करोड़ तथा केदारनाथ मन्दिर को 75 लाख की आय हुई है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड सतपाल महाराज, विधायक महेन्द्र भट्ट, गोपाल रावत, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, सचिव वित्त श्रीमती सौजन्या, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, देवस्थानम बोर्ड के अनिल ध्यानी, प्रमोद नोटियाल, डॉ0 हरीश गौड आदि उपस्थित थे।

कैंसर की रोकथाम में सहायक होगा कैन एप्प

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कैंसर की रोकथाम हेतु कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन द्वारा निर्मित कैनएप्प को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि यह एप कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए कारगर साबित हो सकता है। इसे राज्य की स्थानीय बोलियों में भी बनाया जाय।

कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. सुमिता प्रभाकर ने कहा कि इस एप में स्तन कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए चार बाधाओं को दूर करने में कारगर होगा। जागरूकता की कमी, पर्याप्त जानकारी की कमी, कैंसर की रोकथाम के लिए उपकरणों की कमी और रिकॉर्ड न होने के कारण स्तन कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। कैनएप स्तन कैंसर का जल्द पता लगाने के लिए कारगर होगा। यह एप स्तन कैंसर के लक्षणों, जोखिम कारकों, शुरूआती जांच के तरीकों के बारे में नवीनतम जानकारी प्रदान करता है। इसमें डॉक्टर की विजिट का रिमाइंडर, आगामी परीक्षण के रिमांडर की सुविधा उपलब्ध है। परीक्षण के दौरान पाये जाने वाले किसी भी असामान्य लक्षण का रिकॉर्ड एप में बनाया जा सकता है, जो पूरी तरह ग्राफिकल है। यह एप गढ़वाली, हिन्दी, अंग्रेजी और अवधी भाषा में बनाया गया है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल, कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन के सचिव प्रवीण डंग, मधुकांत कौशिक, परम दत्ता, ललित आनंद एवं समीर दत्ता उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को सीएम त्रिवेंद्र ने सुना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के अनुसार त्योहारों के समय कोरोना का ध्यान रखते हुए मर्यादा का पालन करना है।

प्रधानमंत्री ने त्योहारों में कोरोना काल में पूरे मनोयोग से लगे कोरोना योद्धाओं एवं सफाई नायकों को खुशियों के पर्वों को मनाने के लिए अपने साथ शामिल करने की अपील की है। उन्होंने मन की बात में सीमा पर तैनात सैनिकों को भी याद किया। हम सभी भारत माता के इन सपूतों के सम्मान में भी घर में एक दीपक जरूर जलाएं। हमारे जवान राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सीमाओं पर पूरे साल 24 घंटे ड्यूटी करते हैं। कहा जाता है कि राजा को शास्त्रों एवं राज्य की रक्षा के लिए शस्त्रों की जरूरत होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपील की है कि वोकल फॉर लोकल को बढावा देने के लिए बाजार से सामान खरीदते समय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आत्मनिर्भरता के लिए स्थानीय उत्पादों की दिशा में अधिक ध्यान देना होगा। देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी खादी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। मार्शल आर्ट और नये इनोवेशन की ओर भी ध्यान देना होगा। सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती, 31 अक्टूबर को ‘‘राष्ट्रीय एकता दिवस’’ मनाया जाएगा। सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकजुटता के लिए समर्पित किया।

उत्तरांचल कला दर्पण का सीएम ने किया विमोचन
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास में संस्कार भारती द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘‘उत्तरांचल कला दर्पण’’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि संस्कार भारती की स्मारिका में कला तथा संस्कृति से संबंधित लेखों, विभिन्न ऐतिहासिक एवं पुरातत्व से जुड़ी जानकारियों, लेखों, कविताओं एवं चित्रण के माध्यम से विभिन्न पहलुओं का ध्यान दिया गया है। यह स्मारिका पाठकों को रोचक एवं तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध करायेगी।

इस स्मारिका के मुख्य संपादक सतीश कुमार माथुर ने कहा कि इस स्मारिका का प्रकाशन पुरातत्व वेत्ता तथा चित्रकार डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में किया गया है। संस्कार भारती विविध ललित कलाओं के प्रयोग से समाज में सद्गुण, प्रेम, सौहार्दता, सहयोग, एकता और विश्वास का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास कर रही है।

सीएम त्रिवेंद्र ने शहीद कोष के लिए 75 लाख रूपए की राशि की स्वीकृत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को पुलिस लाईन, देहरादून में पुलिस स्मृति परेड में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के शहीद पुलिस व अर्द्धसैन्य बलों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि आज के दिन अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अर्द्ध सैनिक बल व पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व राज्यों की पुलिस बल व अर्द्धसैनिक बलों का है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए पुलिस कर्मियों अपने जीवन की आहुति को भी तत्पर रहते हैं। विगत एक वर्ष में भारतवर्ष में 265 अर्द्धसैनिक बलों एवं पुलिस कर्मी शहीद हुए हैं, जिसमें उत्तराखंड पुलिस के 6 वीर शहीद हुए हैं। ड्यूटी के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले ये पुलिस कर्मी हम सब के लिए प्रेरणा के स्रोत है। सम्पूर्ण भारतवासी अपने शहीद पुलिस कर्मियों व अर्द्ध सैनिक बलों को हार्दिक श्रद्धांजलि देते हुए नतमस्तक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन हम इन पुलिस कर्मियों के परिजनों के प्रति भी अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करते हैं। आज पूरा विश्व आतंकवाद और कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। हमें इन चुनौतियों का डटकर सामना करना है। इनसे निपटने के लिए एक सुनियोजित रणनीति के तहत कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने शहीद कोष हेतु रुपए 75 लाख की राशि स्वीकृत करने और सहायक उपनिरीक्षक व निरीक्षक के वर्दी भत्ता में रु0 1000 की वृद्धि की घोषणा की।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक हरवंश कपूर, मुन्ना सिंह चैहान, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, गणेश जोशी, पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी, राधा रतूड़ी ने भी शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

सीएम ने नाबार्ड से सौंग बांध निर्माण, ग्रोथ सेंटरों के विकास के लिए मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा राज्य के विकास में विभिन्न वित्तीय एवं विकासात्मक सहयोग से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में बैठक हुई। बैठक में नाबार्ड के चेयरमैन डॉ0 जी0आर0 चिंतला, सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, सहकारिता मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत के साथ ही मुख्य सचिव ओम प्रकाश उपस्थित थे। मौके पर नाबार्ड द्वारा प्रकाशित पैक्स-एक बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र योजना मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राज्य के विकास में नाबार्ड द्वारा दिये जा रहे सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राज्य में ट्राउट मछली पालन की दिशा में काफी कार्य हुआ है। इसके साथ पोल्ट्री, मसरूम उत्पादन की भी राज्य में काफी संभावनायें हैं। उन्होंने सौंग बांध के निर्माण, ग्रोथ सेन्टरों के विकास एवं ग्राम लाइट योजना को बढ़ावा देने में भी नाबार्ड से सहयोगी बनने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौंग बांध की लागत 1200 करोड़ है। इसके बनने से प्रतिवर्ष 90 करोड़ की बिजली की बचत होने के साथ ही देहरादून को आगामी 60 वर्षो तक ग्रेविटी आधारित पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 670 पेक्स को बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र के रूप में संचालित करने के लिये सहयोग की अपेक्षा की।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के सहकारी बैंक को स्थिति अन्य पहाड़ी राज्यों से बेहतर है इसका फायदा सहकारी बैंक ले सकते हैं जिसके तहत नाबार्ड 500 से लेकर 1000 करोड़ रूपए केवल 2-90 प्रतिशत की ब्याज दर से दे सकता है। साथ ही इसके तहत जो अनुपात बनाए रखना होता है उसमें भी नाबार्ड छूट् दे सकता है। आत्म निर्भर भारत के तहत कृषि आधारभूत सुविधा निधि के तहत कृषकों के लिए फसल कटाई उपरांत के प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। यदि पैक्स नाबार्ड की स्कीम पैक्स- बहु उद्देशीय सेवा केंद्र तथा कृषि आधारभूत सुविधा निधि का लाभ मिलकर लेते हैं तो उन्हें केवल 01 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध हो पायेगी। उन्होंने नाबार्ड की एलईडीपी तथा एमईडीपी योजनाओं के माध्यम से सुविधा देने पर अपनी सहमति जताई। कृषक उत्पादक संगठन के लिए प्रोहत्सन करने के साथ-साथ ओएफपीओं के गठन पर भी जोर दिया ताकि जिन लोगो के पास जमीन नहीं है उन्हें भी फायदा मिल सके।

देश का पहला फुल वर्चुअल होम स्कूल का सीएम ने किया उद्धाटन

देश के पहले फुल वर्चुअल होम स्कूल सीज ग्लोबल इंसीट्यूट का उद्घाटन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। उत्तराखंड से संचालित होने वाले पहले फुल वर्चुवल इंसीट्यूट के जरिए भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक गणित, विज्ञान तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत, संस्कृति, कला और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। अब संस्कृत को भी कैम्ब्रिज बोर्ड के माध्यम से एफिलेएटेड विश्व भर के स्कूल पढ़ा पायेंगे। उत्तराखंड तथा समस्त भारत के लिए यह गर्व का विषय है। संस्थान के इस वर्चुवल कार्यक्रम में अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका समेत देश विदेश के कई लोग जुड़े हुए थे।

उदघाटन अवसर पर संस्थान की संस्थापक रीना त्यागी ने कहा कि जब बच्चे को बिना किसी दिलचस्पी के किसी विषय को सीखने के लिए मजबूर किया जाता है, तो वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता है। वर्चुअल होम स्कूल स्कूली शिक्षा के विकल्प के रूप में कार्य करता है। और इससे बच्चे का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। यह बच्चे के आत्मविश्वास को मारता है और उसे नकारात्मकता से भर देता है। एक बच्चा एक विषय में कमजोर हो सकता है लेकिन दूसरे में मजबूत ह रो सकता है। ऐसे में माता-पिता के पास बच्चे की रूचि के अनुरूप क्षेत्र चुनने का विकल्प होता है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि होम स्कूलिंग में परीक्षाएँ तनाव मुक्त होती हैं, और बच्चे में अपनी तैयारी के अनुसार परीक्षा देने का लचीलापन होता है। माता-पिता अपने बच्चे के अभिनव विचारों और स्कूल में शिक्षकों की तुलना में अनुसूची में बदलाव के लिए अधिक खुले हो सकते हैं। पहले, स्कूलों को शिक्षा का प्राथमिक स्रोत माना जाता था, लेकिन हर बच्चा उसी तरह चीजों को समझने में सक्षम नहीं था, माता-पिता ने अपने बच्चे को शिक्षा के वैकल्पिक स्रोत के रूप में होमस्कूलिंग का विकल्प चुना है। वर्चुवल उद्घाटन अवसर पर डा संदीप मारवाह, डा राधा सिंह, साउथ अफ्रीका से डा स्टीव रार्मन, अमेरिका से डा माइक लोकेट समेत कई लोग सीज ग्लोबल इंसीट्यूट के वर्चुवल होम स्कूल के उद्घाटन अवसर पर जुड़े रहे। स्कूल से जुड़े लोगों ने सहयोग के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

आज घर गरीब की पहुंच प्रधानमंत्री कार्यालय तकः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बलवीर रोड, देहरादून में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत रिस्पना एवं बिन्दाल नदी के इन्टरसेप्शन कार्य एवं एक नग एसपीएस के निर्माण एवं अनुरक्षण कार्यों हेतु अनुमानित 63.75 करोड़ के कार्यों का भूमि पूजन एवं राजपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत बलवीर रोड पर 1.48 करोड़ की लागत के रेन बसेरे का उद्घाटन किया। रिस्पना एवं बिन्दाल नदी पर होने वाले कार्यों में 177 नालों तथा रिस्पना नदी के तटवर्ती घरों के 2901 सीवर पाइपों को टैप कर शोधन करना, 32.40 किमी केरियर लाईन का कार्य, बिन्दाल नदी पर एक नग आई एण्ड डी संरचना, एक नग सीवर पम्पिंग स्टेशन का निर्माण एवं 15 वर्षों का अनुरक्षण एवं रखरखाव का कार्य किया जायेगा। ये कार्य नमामि गंगे योजना के तहत किये जायेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राजपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए सड़कों के निर्माण हेतु 10 करोड़ रूपये देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि रेन बसेरे के रूप में लोगों के लिए बलवीर रोड में एक अच्छा सुविधा केन्द्र बना है। इससे बस्ती और आस-पास के लोगों को काफी सुविधा होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गंगा की निर्मलता और अविरलता का जो सपना है, उन सपनों को पूरा करने का कार्य उत्तराखण्ड आने वाले चार माह में पूर्ण कर देगा। 135 नाले जो गंगा में गिरते थे, उनमें से 128 नाले टैप किये जा चुके हैं, शेष सात नाले भी जल्द टैप किये जायेंगे। उत्तराखण्ड में जो एसटीपी बने हैं, वे अत्याधुनिक किस्म के हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज जो भी कार्य देश में हो रहे हैं, वे अत्याधुनिक तकनीक पर हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने कार्यों से भारत को विश्व पटल पर एक अलग पहचान दिलाई है। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं परम्पराओं की पहचान दुनिया को करवाई है। पूरे देश में हर घर शौचालय, लोगों को जन धन खातों से जोड़ने, हर घर में गैस कनेक्शन देने का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। उन्होंने 2024 तक देश में हर घर नल एवं शुद्ध जल देने का लक्ष्य रखा है। ये सभी सुविधाएं इन मलिन बस्तियों में होंगी तो, ये मलिन बस्तियां गौरव बस्तियां बन जायेंगी। प्रदेश की मलिन बस्तियों को गौरव बस्तियां बनाने का कार्य राज्य सरकार कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि जब तक गरीब व्यक्ति की पहुंच सरकार तक नहीं होगी, तब तक देश का पूर्ण विकास नहीं हो सकता। आज हर गरीब की पहुंच प्रधानमंत्री कार्यालय तक है। प. दीनदयाल उपाध्याय के सपने को पूरा करने का कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही सौंग बांध का शिलान्यास किया जायेगा।

राज्य सरकार कार्मिकों की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से गुरूवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड कार्मिक एकता मंच के अध्यक्ष रमेश चन्द्र पाण्डे एवं अन्य पदाधिकारियों ने भेंट की। मंच के पदाधिकारियों ने कोरोना काल के दौरान कार्मिकों के वेतन से की जा रही कटौती को बन्द करने व प्रदेश पर लगे हड़ताली तमगे को हटाने के लिए कार्मिक संघों और विभागाध्यक्षों के बीच संवाद कायम करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति सदैव तत्पर रही है। प्रदेश के विकास में कार्मिकों की महत्वपूर्ण भागीदारी रहती है। उन्होंने कर्मचारी संगठनों का आह्वाहन किया कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आपसी संवाद एवं समन्वय को माध्यम बनाये। आपसी संवाद एवं सहयोग से ही समस्याओं के समाधान की राह प्रशस्त होती है। प्रदेश की जनता की भलाई व राज्य हित हम सबके लिए सर्वोपरि होना चाहिए।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड कार्मिक एकता मंच द्वारा अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से भेंट की। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में हड़ताल की स्थिति न आने देने के लिए कार्मिक एकता मंच द्वारा की जा रही पहल की सराहना करते हुए कहा कि कार्मिक संघों और विभागाध्यक्षों के बीच हर तीसरे माह बैठक सुनिश्चित करायी जायेगी। इस अवसर पर आयोजित बैठक में बेसिक से एलटी में समायोजित पदोन्नत शिक्षकों को चयन प्रोन्नत वेतनमान दिये जाने के मामले में शिक्षा व वित्त सचिव को मंच के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रोन्नत वेतनमान की व्यवस्था में उत्तम व अतिउत्तम श्रेणी पर आपत्ति उठाते हुए मंच ने कहा कि पदोन्नति की प्रक्रिया के लिए प्रविष्टयों का जो मापदण्ड निर्धारित है, उसी को एसीपी के लिए भी आधार बनाया जाय। इस पर सहमति हुई और वित्त विभाग को संशोधन हेतु निर्देश दिए गए।

बैठक में राज्य के दिब्यांग कार्मिकों की पदोन्नति हेतु अलग गैलरी होने के कारण उनकी वरिष्ठता सूची पृथक से बनाये जाने की मांग की गयी जिस पर सहमति हुई। बैठक में दिब्यांग कार्मिकों के वाहन भत्ते की राशि को पुनरीक्षित किये जाने पर भी सहमति हुई। बैठक में बन निगम कार्मिकों से आडिट आपत्ति के नाम पर की जा रही वसूली के मामले में शीघ्र उच्च स्तरीय बैठक बुलाने पर भी सहमति हुई।

बैठक में शासन की ओर से सचिव वित्त सौजन्या, उप सचिव कार्मिक महावीर सिंह, अनुभाग अधिकारी संदीप शर्मा थे जबकि एकता मंच की ओर से महासचिव दिगम्बर फुलोरिया, दिनेश गुंसाई, बीएस रावत, प्रदीप पपनै, ई अजय बेलवाल, बीपी सिंह थे।