राम मंदिर आंदोलन में कोई षडयंत्र नहीं था, कोर्ट के निर्णय से यह साबित हुआ

सीबीआई की विशेष अदालत के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में निर्णय आने के बाद उत्तराखंड मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सत्य और न्याय की जीत बताया। बताया कि राम मंदिर आंदोलन एक लोकतांत्रित रहा, इसमें किसी भी प्रकार का कोई षडयंत्र नहीं था। यह कोर्ट के निर्णय से साबित हो गया है।

उत्तराखंड के भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने भी न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया। कहा कि सत्य की जीत हुई है। श्री राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे भगत ने कहा कि 28 वर्ष तक मुकदमा चलने के बाद यह निर्णय आया। श्री राम मंदिर का विषय राजनीति का नहीं अपितु आस्था का विषय है, जबकि अन्य दल इस पर राजनीति करते रह।

लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी सहित सभी आरोपियों को बाबरी विध्वंस मामले में क्लीनचीट

आखिरकार 28 साल के लंबे इंतजार के बाद बाबरी विध्वंस केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाया। छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के आपराधिक मामले में सभी आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया गया है। सीबीआई न्यायधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। फैसला सुनाते वक्त सीबीआई की विशेष अदालत के जज ने कहा कि बाबरी विध्वंस की घटना कोई पूर्व नियोजित नहीं थी। मस्जिद को ढाए जाने की घटना आकस्मिक थी।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना में साजिश के प्रबल साक्ष्य नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि वीडियो कैसेट के सीन भी स्पष्ट नहीं, कैसेट्स को सील नहीं किया गया और फोटोज की निगेटिव नहीं पेश की गई।

कोर्ट ने यह भी कहा कि 12 बजे विवादित ढांचा के पीछे से पथराव शुरू हुआ। अशोक सिंघल ढांचे को सुरक्षित रखना चाहते थे, क्योंकि ढांचे में मूर्तियां थीं। कारसेवकों के दोनों हाथ व्यस्त रखने के लिए जल और फूल लाने को कहा गया था। बता दें कि किसी ने कोर्टरूम में किसी ने जय श्री राम के नारे भी लगाए।

फैसला कानून और हाईकोर्ट के खिलाफ
वहीं, मुस्लिम पक्ष ने कहा कि यह फैसला कानून और हाईकोर्ट दोनों के खिलाफ है। जफरयाब जीलानी ने कहा कि विध्वंस मामले में जो मुस्लिम पक्ष के लोग रहे हैं उनकी तरफ से हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि एलआईयू की रिपोर्ट में पहले से थी 6 दिसम्बर 1992 को अनहोनी की आशंका, लेकिन उसकी जांच नहीं की गई।

यह आरोपी हुए बरी
लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश वर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण सिंह, कमलेश्वर त्रिपाठी, रामचंद्र, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमरनाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, स्वामी साक्षी महाराज, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धर्मेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ व धर्मेंद्र सिंह गुर्जर। यह सभी आरोपी वर्तमान में जीवित है। अब वह आरोपी जो इस दुनिया में नहीं है। इसमें अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया, विजयाराजे सिंधिया, मोरेश्वर सावें, महंत अवैद्यनाथ, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि महाराज, बैकुंठ लाल शर्मा, परमहंस रामचंद्र दास, डॉ. सतीश नागर, बालासाहेब ठाकरे, डीबी राय (तत्कालीन एसएसपी), रमेश प्रताप सिंह, महात्यागी हरगोविंद सिंह, लक्ष्मी नारायण दास, राम नारायण दास और विनोद कुमार बंसल शामिल है।

प्रसव पीड़ा होने पर रोडवेज बस में बुजुर्ग महिला ने कराई डिलीवरी, रोडवेज कर्मियों ने किया नामकरण

उत्तर प्रदेश की महोबा डिपो की रोडवेज बस में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया। तो रोडवेज कर्मियों ने उसका नाम महोबा डिपो ही रख दिया।

दरअसल, एक खानाबदोश महिला को जब असहनीय प्रसव पीड़ा हुई तो परिवार के लोगों ने एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन घुमाया। एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर परिवार के सदस्यों ने जिला अस्पताल जाने के लिए रोडवेज की बस को चुना। महिला को रोडवेज की बस दर्द उठना शुरू हो गया। इसी दौरान बस में मौजूद एक बुजुर्ग महिला का दिल पसीजा और बस में पर्दा डालकर उसने गर्भवती महिला का प्रसव करा दिया। बस में नवजात की किलकारियां गूंजी और सभी लोग खुश नजर आ रहे थे। रोडवेज कर्मियों ने भी अपने अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और बस को सीधे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां जज्बा और बच्चा को भर्ती कराया गया। चिकित्सक ने दोनों को खतरे से बाहर बताया है। वहीं, परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई और नवजात शिशु का नाम महोबा डिपो रख दिया।

बदमाश मुख्तार अंसारी को जेल से बाहर निकालों, नहीं निकालने पर योगी आदित्यनाथ को धमकी

यूपी की जेल में बंद बदमाश मुख्तार अंसारी को न छोड़े जाने पर सीएम योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी मिली है। यह मैसेज 9696755113 नंबर से यूपी 112 के नंबर पर मैसेज भेज कर दी गई। पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि मैसेज में सीएम के प्रति अभद्र बातें और मुख्तार को जेल से बाहर निकलने की बात लिखी है। धमकी देने वाले ने मैसेज में लिखा था कि मुख्तार को जेल से नहीं छुड़ाया गया तो सरकार मिटा दी जाएगी। बताया कि नंबर ट्रेस कर लिया गया है। जल्द आरोपी गिरफ्त में होंगे।

विकास दुबे की तरह मथुरा में भी पुलिस टीम पर फायरिंग

कानुपर में विकास दुबे द्वारा पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग जैसी घटना यूपी में पुनः दोहराई गई। इस बार मथुरा जिले में गोविंद नगर इलाके के मनोहरपुरा अहाते मोहल्ले में जुआरियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर कुछ लोगों ने हाथापाई करते हुए पथराव कर दिया। इसी बीच एक आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ। पथराव में चार सिपाही घायल हो गए तो बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। जानकारों के मुताबिक हमलावरों ने पुलिस टीम पर फायर कर खोखे में आग लगाने का प्रयास भी किया। सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी ने मौका मुआयना कर पुलिस टीम के साथ दबिश की, जिसमें एक आरोपी पकड़ा गया है।

बीते शुक्रवार की दोपहर को चैकी प्रभारी डीगगेट शिव शरण सिंह पुलिस बल व मोबाइल बाइक के साथ मनोहरपुरा क्षेत्र में जुआ और एक वांछित की तलाश में पहुंचे। थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह सहित पुलिस टीम ताश खेल रहे लोगों में से आरोपी डेला को पकड़कर ले जाने लगी। उसी वक्त मौजूद लोगों ने टीम पर पथराव कर दिया। इससे सिपाही राघवेन्द्र, सुनील, अनिरुद्ध व हरिओम चोटिल हो गए और पुलिस की बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। तभी कुछ उपद्रवियों ने वहां रखे खोखे में आग लगाने का प्रयास किया और पुलिस पर फायर भी किया। इससे पुलिस कर्मियों में भगदड़ मच गई। पुलिस पर हमले की सूचना पर एसपी सिटी उदय शंकर सिंह तत्काल कोतवाली, सदर, गोविंदनगर व क्यूआरटी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। भारी संख्या में पुलिस को आते देख उपद्रवी मौके से भाग गए।

योगी सरकार का ऐलान, रेप और छेड़खानी करने वालों के पोस्टर सड़क किनारे लगाए जाएंगे

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पर योगी सरकार सख्त है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध की जांच को आॅपरेशन दुराचारी शुरू करने को कहा है। इसके तहत महिलाओं के खिलाफ अपराध के दोषियों के राज्य की सड़कों, सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाए जाएंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिया है कि महिला पुलिसकर्मियों को ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा जाना चाहिए और उनकी तस्वीरों, नाम को क्राॅसिंग पर लगाया जाए, जिससे उनहें शर्मिदगी महसूस हो। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के लोगों को यह पता होना चाहिए कि यह कौन लोग है।

बीट प्रभारी, चैकी व थाना प्रभारी होंगे जिम्मेदारी
सीएम ने यह भी कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित कोई भी घटना होती है, तो संबंधित क्षेत्र का बीट प्रभारी, चैकी प्रभारी, थाना प्रभारी और सर्कल अधिकारी जिम्मेदार होगा।

विशेष कानून के जरिए यूपी में रूकेगा धर्मांतरण, सरकार अध्यादेश लाने को कर रही विचार

लव जेहाद और जबरन धर्मांतरण जैसी जघन्य अपराधों पर रोक लगाने के लिए यूपी सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पर अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है। ऐसी संभावना है कि धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए जल्द ही कानून आने वाला है।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक में लव जेहाद को लेकर नाराजगी जताई थी साथ ही संबंधित अधिकारियों को इसे रोकने के लिए रणनीति बनाने को कहा था। कहा था यह कार्य संगठित तरीके से किया जा रहा है, इसलिए यदि आवश्यक हो तो इसके लिए अध्यादेश भी लाया जा सकता है। राज्य में अब जव जेहाद के मामले को लेकर वर्तमान के कानूनों की समीक्षा की जा रही है।

बता दें कि यूपी में लव-शादी के नाम पर लड़कियों का धर्मांतरण कराया गया और और बाद में क्रूरता की हदें पार करते हुए उनकी हत्या की गई। सीएम योगी ने मामले को गंभीरता पाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। दिलचस्प बात यह है कि लव जेहाद, जबरन धर्मांतरण जैसे विषयों पर देश के राज्य मध्य प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में विशेष कानून हैं, मगर यूपी में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।

यूपी सीएम योगी नौकरियों में करने जा रहे बदलाव, नियमित होने से पूर्व होगी संविदा पर तैनाती

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ समूह ख और ग की नई भर्ती में बदलाव करने जा रहे है। बदलाव के अनुसार, नई भर्ती में पांच वर्ष तक संविदा पर ड्यूटी करनी होगी। काम में कोई शिकायत न होने पर पांच वर्ष बाद नियमित नियुक्ति दी जाएगी। हालांकि हर विभाग से सुझाव मांगे जा रहे हैं।

संविदा पर नियुक्ति पाए अभ्यर्थियों का छमाही मूल्यांकन होगा। इसमें नई नौकरी पाने वालों को हर बार 60 प्रतिशत अंक लाना जरूरी होगा। नई व्यवस्था के तहत पांच वर्ष बाद ही नियमित नियुक्ति की जाएगी। वहीं, 60 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले सेवा से बाहर होते रहेंगे।

समूची अयोध्या हुई राममय, हर जगह लहरा रही केसरिया पताका

अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए जिस तरह से समूचे क्षेत्र को सजाया जा रहा है, यहां हर घर में उल्लास, जश्न, भजन-कीर्तन का माहौल हो रहा है। इससे त्रेतायुग जैसा माहौल बना हुआ है। शास्त्र और पुराणों में उल्लेख के अनुसार त्रेतायुग में भी कुछ इसी तरह का माहौल था। राम राज्य वाले उस युग में हर कोई प्रेम, श्रद्धा और भजन-कीर्तन में मग्न रहता था। ईश्वर को सदैव स्मरण करना वहां की दैनिक दिनचर्चा थी। न किसी को कोई भय था और न ही अत्याचार होता था। हर जगह दीपक जगमगाते थे। आज एक बार फिर अयोध्या में वैसा ही माहौल देखा जा रहा है। भूमिपूजन से पहले अयोध्या राममय है। मंदिरों में रंग-रोगन, छतों पर केसरिया पताका, दीवारों पर रामायणकालीन नयनाभिराम दृश्य, जगह-जगह तोरण द्वार सजाए गए हैं। 

साकेत कालेज से हनुमानगढ़ी और श्रीरामजन्मभूमि तक पीएम जिस मार्ग से गुजरेंगे वहां के दोनों तरफ घर-दुकान से लेकर धर्मस्थल तक पीले रंग से रंग दिए गए हैं। श्रीरामजन्मभूमि के मुख्य कार्यक्रम स्थल को भव्य सजाया जा रहा है, इसके थाईलैंड से खास फूल मंगाए गए हैं। अवध विवि की छात्राएं फूलों-रंगों, कलश-रंगोली की कलाकृतियों से अयोध्या की मौलिकता की झांकी परिसर में सजा रही हैं। उधर, संत-धर्माचार्य और विहिप-संघ से जुड़े अतिथि अयोध्या पहुंचने लगे हैं। ट्रस्ट ने सभी अतिथियों को चार अगस्त तक कारसेवकपुरम में आने का आग्रह किया है। 
 

इस तरह रहेगा पीएम का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच अगस्त को 11 बजकर 15 मिनट पर साकेत कालेज के हेलीपैड पर उतरेंगे। यहां से हनुमानगढ़ी जाकर 7 मिनट तक पूजन करेंगे, फिर श्रीरामजन्मभूमि के गेट नं. 3 से रामलला के दगबार में 12 मिनट पूजन का कार्यक्रम है, यहां से सीधे गर्भगृह में भूमिपूजन करके राममंदिर की ईंट रखेंगे। यहां 45 मिनट तक संबोधन का कार्यक्रम भी है। वह दो घंटे से अधिक समय यहां पर रहेंगे, सूत्र बताते हैं कि पूजन के बाद हेलीपैड जाने से पहले सीएम योगी के साथ सरयूपूजन भी करने घाट तक जा सकते हैं।

आज आएगा अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला

सुप्रीम कोर्ट आज अयोध्या भूमि विवाद मामले में बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाएगा। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों की संविधान पीठ सुबह साढ़े 10 बजे इस मामले में फैसला सुनाएगी। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर 40 दिन तक चली मैराथन सुनवाई के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने 16 अक्तूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

केशवानंद भारती मामले में रिकॉर्ड 68 दिन तक चली सुनवाई के बाद अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई थी। वहीं, फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद कर दी गई है। इस बीच, अयोध्या मामले पर फैसले के मद्देनजर यूपी सरकार ने सोमवार तक सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

यह-यह है इंतजाम
कर्नाटक में धारा 144 लागू, सुप्रीम कोर्ट के बाहर धारा 144 लागू, मोहन भागवत करेंगे देश को संबोधित, अयोध्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती, हवाई सर्विलांस, हाई अलर्ट पर पंजाब, नितिन गडकरी ने की शांति बनाए रखने की अपील, रामलला के पुजारी ने की शांति बनाए रखने की अपील, फैसले से पहले पांच जजों की मौजूदगी में एक घंटे तक बैठक

इन जजों के फैसले पर है देश की नजर
अयोध्या विवाद में मामले की सुनवाई करने वाली संवैधानिक बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। इन्हीं जजों की पीठ शनिवार को फैसला सुनाएगी।