अमित शाह से मिलने पहुंचे अनिल बलूनी और कार्यवाहक सीएम धामी


उत्तराखंड का नया सीएम कौन होगा इस पर माथापच्ची जारी है। टी-मैच की तरह नए सीएम की अटकलें पल पल बदलती जा रही हैं। इस बीच दिल्ली में अनिल बलूनी और कार्यवाहक सीएम पुष्कर धामी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे हैं। इस वीडियो के कई मायने निकाले जा रहे हैं।


दिल्ली में भाजपा नेताओं की बैठकों के दौर के बीच अनिल बलूनी और कार्यवाहक सीएम पुष्कर धामी का एक वीडियो सामने आया है। इसमें दोनों नेता संसद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार ये भी माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान द्वारा नए सीएम के लिए अनिल बलूनी का नाम फाइनल किया गया है। हालांकि इस बात की अभी तक पुष्टि नही हुई है। माना जा रहा है कि आज रात तक सीएम के नाम पर तस्वीर साफ हो सकती है। बहरहाल बलूनी समर्थकों की मानें तो उन्हें सीएम बनाने की अटकलें बढ़ गई हैं।

‘द कश्मीर फाइल्स’ देख बोले संगठन महामंत्री अजये, फिल्म मानवीय त्रासदी का जीवंत प्रमाण

कश्मीर की यथार्थ घटनाओं पर आधारित द कश्मीर फाइल्स जिस पर निदेशक विवेक अग्निहोत्री के समक्ष उस समय शालिनी खन्ना ने कई दृश्यों पर आपत्ति उठाई थी। आज वही फिल्म पूरे देश के साथ-साथ उत्तराखंड की जनता के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण फिल्म बनती जा रही है, जिसका कारण इस फिल्म को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ पहुंचना है। बड़ी संख्या में लोग इस फिल्म को देखने के लिए सिनेमा हाल में पहुंच रहे हैं जिनमें प्रबुद्धजन भी शामिल है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने भाजपा चुनाव अभियान मे लगी पूरी टीम के साथ फिल्म द कश्मीर फाइल देखने के बाद अजेय कुमार ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखकर इसे मानवीय त्रासदी का जीवंत प्रमाण बताया तथा कहा कि इस फिल्म में प्रत्यक्ष रूप से मानवीय घटनाओं का जो चित्रण किया गया है वह अपने आप में महत्वपूर्ण है। यह फिल्म 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन को दिखाती है। फिल्म का मुख्य नायक जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कृष्ण पंडित (दर्शन कुमार) एक युवा छात्र की कश्मीर यात्रा पर केंद्रित है जो राधिका मेनन (पल्लवी जोशी) से प्रभावित होकर अपने ही लोगों के नरसंहार के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। फिल्म पलायन के आसपास की घटनाओं को नरसंहार के रूप में चित्रित करती है जिसमें भारी संख्या में कश्मीरी हिन्दुओं का नरसंहार तथा महिलाओं के साथ बलात्कार जैसी घटनाओं का यथार्थ चित्रण है।

इस संदर्भ में भाजपा महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार ने द कश्मीर फाइल्सश् फिल्म देखने के बाद कहा कि यह फिल्म 1990 में घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित है। अजेय कुमार ने देहरादून के सिल्वर सिटी सिनेमाघर में भाजपा कार्यकर्त्ताओं के साथ फिल्म देखी। फिल्म में कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचार और दुर्दशा के हालातों को दिखाया गया है। फिल्म 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के पलायन की दर्दनाक कहानी बयां करती है। जब कश्मीरी पंडितों का नरसंहार किया गया था। इस फिल्म में निदेशक विवेक अग्निहोत्री ने कश्मीरी पंडितों के उसी दर्द को परदे पर उतारा है। अब इस फ़िल्म के जरिए लोग उस समय के कश्मीर के हालातों से परिचित हो सकेंगे।

अजेय कुमार की ओर से स्वयं फिल्म देखने के बाद उसके बारे में जानकारी दी गई। अजेय कुमार ने फिल्म देखने के बाद कहा, 1990 में कश्मीर घाटी में जो मानवीय त्रासदी हुई थी, फिल्म श्द कश्मीर फाइल्सश् उसका सजीव और मार्मिक चित्रण है। उन्होंने फिल्म निर्माताओं तथा कलाकारों का धन्यवाद किया जिन्होंने कश्मीर के हिंदुओं की पीड़ा, हालातों और जघन्य दास्तां को करीब से बड़े पर्दे पर उतारा। अजेय कुमार ने कहा कि जिस मार्मिकता तथा यथार्थ के साथ फिल्मांकन किया गया है वह अपने में सराहनीय है। अजेय कुमार के अनुसार फिल्म में किये गये यथार्थ चित्रण को जनता सराह रही है और नम आंखों से सिनेमा हाल से वापस लौट रही है।

उत्तराखंड भाजपाः राजनाथ सिंह मुख्य पर्यवेक्षक और मीनाक्षी लेखी सह पर्यवेक्षक नियुक्त

भारतीय जनता पार्टी ने उतराखंड सहित 4 राज्यों में विधायक दल के नेता के चयन के लिए प्रयवेक्षको की नियुक्ति कर दी है।

पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य पर्यवेक्षक तथा विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी सह पर्यवेक्षक बनाए गये है। राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा 4 राज्यों के लिए पर्यवेक्षको की सूची जारी कर दी गई है।

चुनाव में मुझे हर वर्ग का समर्थन मिला, तभी चौथी बार बम्पर वोटों से मिली जीतः प्रेमचंद

भाजपा प्रत्याशी व स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने चुनाव में भीतरघात करने वालों के लिए कहा कि ऐसे लोगों का भगवान भला करें। उनके लिए उन्होंने एक लाइन का प्रयोग भी किया, जो बुरी नजर वाले तेरा भी भला रही।

उन्होंने विरोधियों को लेकर कहा कि हमारी जनता बहुत ही जागरूक है, इसलिए विपक्षियों और अन्य दलों को सकारात्मक राजनीति करना चाहिए। तथ्यात्मक मुद्दों के साथ चुनाव में जाना चाहिए। मगर अफसोस की विपक्ष के साथी ऐसा नहीं करते, पांच साल गायब रहते है, एकाएक सक्रिय होकर क्षेत्रवाद, जातिवाद, शराब, धनलोभ और अनैतिक रूप से चुनाव लड़ते हैं, जो कि गलत है।

आगे उन्होंने कहा कि हर वर्ग का मुझे चुनाव में समर्थन मिला। मेरे लिए जनता ही मेरी भगवान है। इसके अलावा मेरे लिए देवतातुल्य कार्यकर्ता विपक्षियों के सामने चट्टान की तरह खड़े रहे। ऐसे कार्यकर्ता पार्टी के सिंबल होते है।

सीएम पद के लिए धामी ही है आधा दर्जन विधायकों की पहली पसंद

देहरादून। मुख्यमंत्री की रेस में पुष्कर सिंह धामी का नाम सबसे आगे चल रहा है। अब तक करीब 6 विधायक पुष्कर सिंह धामी के लिए सीट छोड़ने को तैयार हो गए हैं। इसमें कैलाश गहतोड़ी, जागेश्वर से विधायक मोहन सिंह मेहरा, भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा, बागेश्वर जिले के कपकोट से सुरेश गड़िया औऱ खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार शर्मा का भी नाम शामिल है।

साक्षी महाराज का बड़ा बयान, धामी पहली पंसद
वहीं 2022 अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चाओं में रहने वाले उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। शनिवार को उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ऋषिकेश रेलवे रोड स्थित अपने भगवान आश्रम में पहुंचे। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मैजिक चल रहा है। यह मैजिक अगले 50 वर्षों तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित चार राज्यों में भाजपा की बड़ी जीत इस बात का प्रमाण है।

साक्षी महाराज ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा ने सुशासन स्थापित किया है। जिसका नतीजा यह रहा कि इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई मिथक टूटे हैं। सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि वह पहले ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा की स्पष्ट बहुमत की सरकार बनाने का दावा कर चुके थे, जो आज सच साबित हुआ है। इतना जरूर है कि उत्तराखंड में जिस चेहरे को लेकर भाजपा विजई हुई वह चेहरा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गए।

उन्होंने अपनी व्यक्तिगत राय जाहिर करते हुए कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर पुष्कर सिंह धामी को ही देखना चाहते हैं, शेष निर्णय पार्टी संगठन को लेना है। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव पर किसान आंदोलन ने कोई प्रभाव नहीं डाला। उन्होंने कहा कि हम पहले ही कहते आए हैं कि यह आंदोलन किसानों का नहीं, बल्कि कुछ डिजाइनर किस्म के हैं व्यक्तियों का है। उन्‍होंने कहा कहा कि जो गाजीपुर बार्डर इस कथित किसान आंदोलन का केंद्र रहा, उसके आसपास की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा ने बड़े अंतराल से जीत दर्ज की है। ऐसे में कोई भी किसान आंदोलन की सच्चाई का अंदाजा लगा सकता है।

चंद घंटों में विस चुनाव का रिजल्ट, सुरक्षा मुस्तैद

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम आने में अब सिर्फ चंद घण्टों का इंतजार है। ऐसे में राज्यों में हलचल का माहौल बना हुआ है। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा है तो पुलिस-प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर कोई कमी छोड़ना नहीं चाह रहा।

उत्तर प्रदेश में 10 मार्च को होने वाली मतगणना को देखते हुए 70 हजार सिविल पुलिस वर्कर्स को तैनात किया जाएगा। वहीं पैरामिलिट्री की 245 कंपनियों और पीएसई की 69 कंपनियों को तैनात किया जाएगा।

यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि जो भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। सुरक्षाबलों की तैनाती संवेदनशील इलाकों में भी की जाएगी। लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कहा कि हमने ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। स्ट्रॉन्ग रूम सुबह 7 बजे इलेक्शन ऑब्जर्वर्स और उम्मीदवारों की मौजूदगी में खोले जाएंगे। काउंटिंग सुबह 8 बजे शुरू होगी। संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग की जाएगी।

मतगणना के दिन किसी तरह की गड़बड़ी या अफरा-तफरी न हो इसके लिए कानपुर पुलिस के कप्तान ने सख्त आदेश जारी किए हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर किसी ने मतगणना में बाधा डालने की कोशिश की तो उसे देखते ही गोली मार दी जाएगी।

दूसरी ओर उत्तराखंड में भी कल नतीजों का ऐलान किया जाएगा। हरिद्वार के डीएम विनय शंकर पांडे ने कहा, हरिद्वार में तीन स्तरीय सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। जिले में 11 विधानसभा सीटें हैं. सुरक्षा के मद्देनजर धारा 144 लागू कर दी गई है और जुलूस निकालने की मनाही है।

पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. करुणा राजू ने बताया कि कल 8 बजे मतगणना शुरू होगी। अधिकारियों को 3-4 चरण की ट्रेनिंग दी गई है। वोटर हेल्पलाइन एप पर निर्वाचन आयोग से जैसे-जैसे अनुमति मिलती रहेगी मीडिया के लिए डाटा जारी किया जाएगा। मतगणना स्थल पर थ्री लेयर सिक्योरिटी तैनात की गई है।

पोस्टल बैलेट संबंधी वीडियो की शिकायत भाजपा पहले ही कर चुकी है, कांग्रेस भ्रम न फैलायेः डॉ. देवेंद्र भसीन

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ देवेंद्र भसीन ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने वाली है इसलिए कांग्रेस जिसे विपक्ष में ही बैठना ह। नेता प्रतिपक्ष चुनने पर ध्यान दे तो बेहतर होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि हरीश रावत पोस्टल बैलट संबंधी जिस वीडियो को वायरल कर रहे हैं उसके बारे में भाजपा पहले ही डीडीहाट में कर चुकी है। अतः कांग्रेस इस मामले में भ्रम न फैलाए।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर देवेंद्र भसीन ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की भारी बहुमत से विजय होना तय है और सारे मिथक तोड़ते हुए प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने वाली है। ऐसे में कांग्रेस का विपक्ष में बैठना तय है। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वह मुख्यमंत्री पद को लेकर आपस में लड़ने के बजाय नेता प्रतिपक्ष को लेकर विचार करें तो बेहतर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वैसे कांग्रेस के लिए यह काम भी मुश्किल है, क्योंकि कांग्रेस के कई बड़े नेता अपने विधानसभा क्षेत्रों में हारने की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में चल रहा अंतर्द्वंद फिर एक बार जनता के बीच में आ गया है।

उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की विजय और कांग्रेस की पराजय को कांग्रेस नेता भी इस बात को अंदर से महसूस कर रहे हैं। इसीलिए अब कांग्रेस चुनाव में हार को लेकर बहाने खोज रही है। इसी के चलते कांग्रेस द्वारा कभी ईवीएम पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं तो कभी पोस्टल बैलट पर। जनता अपने निर्णय दे चुकी है जो भाजपा के पक्ष में रहने वाला है।

कांग्रेस के पोस्टल मतों में धांधली के आरोपों को भाजपा ने नकारा

भाजपा ने पोस्टल वैलेट में कांग्रेस के आरोपों को शिरे से ख़ारिज करते हुए इसे कांग्रेस की बौखलाहट बताया। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि नतीजे आने से पहले कांग्रेस असहज और घबराई हुई है। इसी लिए अपनी खराब स्थिति को देखते हुए अब तमाम तरह के बयांन और आरोप प्रत्यारोप लगा रही है। निर्वाचन आयोग ने राज्य में निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराया है और दिव्यांग तथा बुजुर्गाे के मत के लिए भी बेहतर व्यवस्था की थी, लेकिन कांग्रेस को किसी न किसी तरह बस अपनी सुविधा के अनुसार मीन मेख निकालने की आदत है। कहा कि कभी ईवीएम तो कभी पोस्टल बैलेट, पोलिंग या अन्य तरह से मशीनरी के दुरूपयोग जैसे आरोप लगाकर कांग्रेस हताशा में है।

कहा कि कांग्रेस इस समय भ्रामक स्तिथि से गुजर रही है। पूर्व सीएम हरीश रावत खुद मुख्यमंत्री की दौड़ में बने रहने को लेकर समर्थन जुटाओ अभियान में जुटे हैं तो प्रीतम सिंह पार्टी के घोषणा पत्र के ऑपरेशन में लगे है तो वही प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल अब पोस्टल वैलेट का नया राग अलाप रहे हैं। किसी को मतगणना तक सब्र नहीं है। हालांकि जिस तरह से बौखलाहट कांग्रेस में दिख रही है उससे उसे हार का डर सता रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने हरीश पर उत्तराखंडियत को अपमानित करने का आरोप लगाया

भाजपा ने पूर्व सीएम हरीश रावत पर मुख्यमंत्री पद के लिए स्वार्थवश गिड़गिड़ाकर उतराखंडियत का अपमान करने का आरोप लगाया है। पार्टी के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने रावत के मीडिया में आए शूड बी गिव ट्रायल बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि कल तक खुद को उत्तराखंड की चाहत बताने वाले अब अपने ही आलाकमान के सामने एक मौका देने की गुहार लगा रहे हैं। चौहान ने तंज़ कसते हुए कहा, रावत जी काठ की हांडी एक ही बार चूल्हे पर चढ़ती है जो 2014 में आपके सीएम बनते चढ़ चुकी है और उत्तराखंड कोई प्रयोगशाला नहीं है जहां सीएम ट्रायल पर बनाया जाएगा।

मनवीर सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि भाजपा पर 3-3 सीएम का तंज़ कसने वाले हरीश रावत अब मीडिया में सीएम पद के लिए अपनी ही पार्टी के नेताओं को 2.5- 2.5 साल सीएम का खुला ऑफर देते नज़र आ रहे हैं। वो कह रहे हैं कि उनको नज़रअंदाज़ करना पार्टी के लिए ठीक नहीं है और बाकी नेता मेरे आधे कार्यकाल के बाद अनुभव एकत्र कर सीएम बन सकते हैं। उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड के इतने वरिष्ठ नेता होते हुए भी हरीश रावत अपने दिल्ली दरबार के आगे सीएम पद के लिए गिडगिड़ाकर उत्तराखंडियत को अपमानित कर रहे हैं।

वह सीएम बनने की चाह में बौखला गए हैं तभी कहते हैं कि 2017 की चुनावी लड़ाई में वह बिना लड़े हारे हुए घोषित कर दिये, जबकि दो-दो सीटों से जनता उन्हे हार का सबक सिखाया था। चौहान ने कहा कि अभी रिजल्ट काफी दूर है और कांग्रेस को लेकर जनता का मत स्पष्ट है कि वह उसे मौका नहीं देना चाह्ती, लेकिन कांग्रेसी मुंगेरीलाल के सपने देखकर आत्ममुग्ध हो रही है। उसकी गलतफहमी 10 मार्च को जनता पूरी करने वाली है।

भाजपा ने दूष्टिपत्र जारी कर चुनाव अभियान को धार दी

देहरादून में आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भाजपा का दृष्टिपत्र जारी किया। भाजपा का दृष्टिपत्र इथिक्स, इकोलॉजी, इकोनॉमी के कॉन्सेप्ट पर आधारित है। घोषणापत्र में लव जेहाद जैसे मुद्दे शामिल किए गए हैं। रोजगार और कानून व्यवस्था के मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि भू कानून, गैरसैंण, परिसीमन जैसे भावनात्मक मुद्दों को तरजीह नहीं दी गई है। भाजपा को घोषणापत्र बनाने के लिए 70 हजार से ज्यादा सुझाव मिले थे।

आइये देखते हैं भाजपा के दृष्टिपत्र में क्या-क्या वादे किए गए हैं-
कानून व्यवस्था- भाजपा ने घोषणापत्र में लव जेहाद कानून को और कठोर करने का वादा किया है। इसके साथ ही महिला थानों की संख्या को दोगुना करते हुए 100 महिला पेट्रोलिंग कारों की शुरुआत की जाएगी। उधमसिंह नगर और हरिद्वार में तीन नई सशस्त्र पुलिस बटालियन बनाई जाएंगी। भाजपा ने पुलिस ग्रेड-पे को लेकर उचित कदम उठाने का वादा किया है। प्रदेश में दंगों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस बल को मजबूत करने, और पुलिसकर्मियों को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराने का वादा किया है। भाजपा ने हर जिले में भूमि पर अवैध कब्जा होने के कारण हो रहे भू एवं जनसांख्यिकीय परिवर्तन से संबंधित विषयों की जांच एवं समाधान के लिए एक अधिकार प्राप्त समिति का गठन करने की बात भी कही है।

महिला सशक्तिकरण- निर्धन परिवारों की महिला मुखियाओं को हर महीने 500 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। प्रमुख औद्योगिक शहरों में कार्यरत महिलाओं के लिए 10 नए महिला आवास बनाए जाएंगे। राज्य भर में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 500 करोड़ का विशेष कोष बनाया जाएगा।

युवा एवं रोजगार- युवाओं के रोजगार के लिए 50 हजार सरकारी नौकरियां होंगी। 24 हजार नौकरियां तुरंत दी जाएंगी। युवाओं के लिए मॉडल करियर सेंटर खोले जाएंगे। ऑनलाइन आधुनिकीकरण रोजगार कार्यालय के माध्यम से युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। प्।ै, प्च्ै, प्थ्ै अधिकारी, विशेषज्ञों द्वारा प्रतियोगी परीक्षार्थियों को प्रशिक्षण और सलाह दी जाएगी। राज्य भर में समर्पित सैनिक प्रशिक्षण स्टेडियम खोले जाएंगे।

ग्रामीण विकास- भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में स्मार्ट विलेज कार्यक्रम बनाया है। जिसके तहत राज्य के सभी गांवों को विकसित करने के लिए बीजेपी मिशन चलाएगी। 2025 तक प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए कम से कम एक एटीएम स्थापित किया जाएगा। हर ग्राम पंचायत में सुसज्जित सामुदायिक और मनोरंजन केंद्र खोले जाएंगे। पीएम वाणी योजना के तहत प्रत्येक गांव में वाई-फाई हॉट स्पॉट सुविधा मिलेगी। हर गांव में मजबूत वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली स्थापित की जाएगी। मनरेगा श्रमिकों के वेतन में वृद्धि और हर ग्राम पंचायत में एटीएम खोलने का भी जिक्र बीजेपी ने घोषणापत्र में किया है।

घोषणा पत्र जारी करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ये दृष्टिपत्र उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगा। डबल इंजन सरकार में उत्तराखंड क चहुंमुखी विकास हुआ है जो आगे भी होगा।

अन्य वादे-
-किसानों को पीएम किसान निधि के अतिरिक्त 2000 रुपए प्रतिवर्ष देंगे
-जनरल बिपिन रावत की याद में पूर्व सैनिक क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट बनाया जाएगा
-बागवानी के लिए 500 करोड़ और डेयरी के लिए 500 करोड़ रुपए देंगे -गढ़वाल के चारधाम की तरह कुमाऊं के मानस खंड मंदिर मिशन माला के तहत मंदिरों को व्यवस्थित करेंगे
-गरीब घर और गरीब महिलाओं को साल में तीन गैस सिलिंडर फ्री देंगे
-असंगठित मजदूरों को 6000 की पेंशन और पांच लाख का दुर्घटना बीमा किया जाएगा।