राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की 70वीं बैठक में कुंभ मेला हरिद्वार के लिए मिली 115.61 करोड़ की धनराशि

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की कार्यकारी समिति की 70वीं बैठक में हरिद्वार कुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित “एकीकृत स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट तथा जनस्वास्थ्य प्रबंधन योजना” के लिए 115.61 करोड की धनराशि स्वीकृत की गई है।

₹ 115.61 करोड की लागत वाली यह परियोजना पूर्णतः केंद्रीय क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित है। परियोजना का उद्देश्य कुंभ मेले के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

इस धनराशि से कुम्भ मेले के लिए 13,915 शौचालय, 8,065 यूरिनल तथा 2,000 स्नानगृह स्थापित किए जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 4,840 कूड़ादान, 31.38 लाख लाइनर बैग, 491 अपशिष्ट संग्रहण वाहन, 2 ट्रैश बूम, 15 घाट सफाई मशीनें, 190 स्प्रेइंग मशीन एवं ट्रैक्टर, 55 फॉगिंग मशीनें, 30 घास काटने की मशीनें, कीटनाशक, पीपीई किट, प्राथमिक उपचार किट तथा सड़क सफाई हेतु आवश्यक उपभोग्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

इस योजना में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ट्रांसफर स्टेशन सुविधाओं, गैस आधारित शवदाह गृह तथा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही निगरानी एवं प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने हेतु क्लाउड-आधारित डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा स्वीकृत की गई धनराशि से हरिद्वार में 2027 में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ठ तथा जन स्वास्थ्य प्रबन्धन के साथ ही निगरानी एवं प्रबन्धन को सुदृढ बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री का भी आभार व्यक्त किया।

अर्न्तराष्ट्रीय सेमीनार के आयोजन से उत्तराखण्ड की दालचीनी को वैश्विक स्तर पर मिलेगी पहचानः गणेश

कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास सस्थान सेलाकुई, देहरादून में दालचीनी प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों में नवाचार विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का शुभारम्भ किया।

कृषि मंत्री द्वारा अपने सम्बोधन में सिनामन पर अर्न्तराष्ट्रीय सेमीनार के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इससे उत्तराखण्ड की दालचीनी का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा। उन्होंने कहा कि महक कान्ति नीति के अन्तर्गत दालचीनी की खेती के विकास में वैज्ञानिक तरीके से कार्य किया जायेगा। इस सेमीनार में श्रीलंका, इण्डोनेशिया एवं भारत के प्रतिष्ठित सस्थानो से सिनामन के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, एरोमा उद्योगों से जुडे उद्यमियों के साथ-साथ राज्य में सिनामन की खेती कर रहे किसान सम्मिलित हुये है, जिससे किसानों को विशेषज्ञों के अनुभव का लाभ होगा तथा सिनामन की खेती में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकेगा।
इस अवसर पर डा० सुरेन्द्र नारायण पाण्डे, सचिव, कृषि एवं कृषक कल्याण द्वारा बताया गया कि महक कान्ति नीति के अन्तर्गत किसानों को सिनामन एवं अन्य सगन्ध फसलों की खेती हेतु नीति तैयार की गयी है। इस नीति के सफल क्रियान्वयन से राज्य में सगन्ध सेक्टर का टर्नओवर रु० 1180 करोड प्रतिवर्ष किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

निदेशक, परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान डॉ. नृपेन्द्र चौहान द्वारा राज्य में सगन्ध सेक्टर में किये जा रहे प्रयासों के सम्बन्ध में सक्षिप्त में अवगत कराया गया तथा साथ ही बताया गया कि वृहद स्तर पर सगन्ध खेती के विस्तार हेतु राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड महक कान्ति नीति 2026-36 तैयार की गयी जिसके अन्तर्गत आज की कार्यशाला के विषय दालचीनी की खेती जनपद नैनीताल एवं चम्पावत में 5200 है० क्षेत्रफल में किये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके अन्तर्गत 20800 किसानों को लाभान्वित किया जायेगा।

इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि के रुप में उपस्थित योगेश दूबे, अध्यक्ष फेगरेन्स एण्ड फ्लेवर एसोसियेशन ऑफ इण्डिया, मुम्बई, सुनीत गोयल, अध्यक्ष इन्शेसियल ऑयल एसोसियेशन आफ इण्डिया, नोयडा तथा रोहित सेठ, अध्यक्ष, सुगन्ध व्यापार संघ नई दिल्ली द्वारा काशीपुर, ऊधम सिंह नगर में स्थापित किये जा रहे एरोमा पार्क के प्रगति के सम्बन्ध में अपने सम्बोधनों में अवगत कराया गया और साथ ही उनके द्वारा एरोमा पार्क में मिलने वाले प्रोत्साहन योजनाओं के लाभ की सीमा को बढाने का अनुरोध किया गया।

कार्यक्रम में श्रीलंका से आये चिन्धका विदाना पथिराना, उपनिदेशक, नेशनल सिनेमन रिसर्च एंड ट्रेनिग सेटर, मुदिता जयतिलका, निदेशक, प्योर सिनेमन एक्सपोर्ट्स, श्रीलंका, डॉ. सेटियारी मरवान्तो. रिसर्च सेंटर फॉर एस्टेट क्रॉप्स, इंडोनेशिया के साथ-साथ देश के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानो जैसे स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया, आई०सी०ए०आर० एवं सी०एस०आई०आर के संस्थान, एफ०एस०एस०ए०आई०. डाबर इण्डिया लि० गाजियाबाद, हार्पेक श्रीनगर गढ़वाल आदि संस्थानों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। उक्त के अतिक्ति कृषि, उद्यान, रेशम, बायोटेक आदि विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सिनामन सेमीनार के तकनीकी सत्र में आज श्रीलंका एवं इण्डोनेशिया से आये विशेषज्ञों द्वारा अपने अपने देश में सिनामन की उन्नत प्रवर्धन एवं नर्सरी तकनीक तथा बाजार पर व्याख्यान दिया गया। तदोपरान्त अण्डमान एवं निकोबार स्थित आई०सी०ए०आर० संस्थान से आये विशेषज्ञ डा० अजित वमन द्वारा उन्नत एग्रोनोमिक प्रैक्टिसेस् से खेती एव प्रवर्धन पर अपने अनुभव साझा किये गये। सेमीनार के दौरान पारडी द्वारा स्टॉल पर्दशन के माध्यम से श्रीलंका, इण्डोनिशिया एवं भारत के अन्य राज्यो के सिनामन के उत्पादों का भी प्रर्दशन किया गया।

इस अवसर पर प्रताप सिह गुसाई, उपाध्यक्ष, राज्य औषधीय पादप बोर्ड उत्तराखण्ड, सोना सजवाण, उपाध्यक्ष, जडी-बूटी सलाहकार समिति, डॉ० आनन्द श्रीवास्तव, अपर सचिव, कृषि एवं कृषक कल्याण तथा संस्थान के समस्त वैज्ञानिक एवं कार्मिक आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा० पंकज बिजल्वाण द्वारा किया गया।

अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस अपनाएगा उत्तराखंड, परियोजनाओं की निगरानी और शिकायत निस्तारण होगा और मजबूत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में व्यापक सुधारों की तैयारी शुरू हो गई है। सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में रेरा की कार्यप्रणाली, परियोजनाओं की निगरानी, शिकायत निस्तारण, बिल्डरों के पंजीकरण तथा अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश दिए गए।

रेरा से संबंधित समीक्षा बैठक में कार्यों की प्रगति, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि देश के विभिन्न राज्यों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली, असम और हिमाचल प्रदेश में लागू रेरा व्यवस्थाओं का तुलनात्मक अध्ययन कर उत्तराखंड के लिए सर्वाेत्तम व्यवस्थाएं अपनाई जाएं। इसके लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य में लागू किए जाने वाले सुधारों का खाका तैयार किया जाएगा।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में रेरा के ऑनलाइन पोर्टल को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से एकीकृत करने का सुझाव भी दिया गया, जिससे परियोजना पंजीकरण और अनुमोदन प्रक्रियाएं अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकें।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में यह भी प्रस्तावित किया गया कि रेरा पंजीकरण के बाद जारी प्रमाणपत्र में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया जाए कि स्वीकृत मानचित्र में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने से पहले संबंधित परियोजना के कम से कम दो-तिहाई आवंटियों की सहमति लेना अनिवार्य होगा। इससे फ्लैट और प्लॉट खरीदारों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अलावा राज्य में बिल्डर और प्रमोटर पंजीकरण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर भी चर्चा हुई। प्रमोटरों द्वारा पूर्व में विकसित की गई परियोजनाओं का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे खरीदारों को डेवलपर के ट्रैक रिकॉर्ड की जानकारी मिल सके।

अवैध प्लॉटिंग पर रेरा की नजर, प्राधिकरणों के साथ साझा होगी कार्रवाई की सूचना

समीक्षा बैठक में राज्यभर में बढ़ रही अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति के निर्माण गतिविधियों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सचिव आवास ने कहा कि विभिन्न विकास प्राधिकरणों से ऐसे मामलों की सूचनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस पर रेरा स्तर से किस प्रकार प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है, इसके लिए विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी तय किया गया कि जिन निर्माणों के विरुद्ध विकास प्राधिकरणों द्वारा सीलिंग, ध्वस्तीकरण या अन्य कार्रवाई की जाती है, उनकी सूचना रेरा को भी उपलब्ध कराई जाए। इससे खरीदारों को संभावित जोखिम वाली परियोजनाओं की जानकारी मिल सकेगी और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी।

बैठक में परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय करने पर भी जोर दिया गया ताकि निवेशकों और खरीदारों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

रेरा के वर्तमान प्रभारी अध्यक्ष नरेश मठपाल ने बैठक में बताया कि 500 वर्ग मीटर से अधिक भूखंड क्षेत्रफल अथवा आठ से अधिक निर्मित इकाइयों वाली सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए विज्ञापन, बुकिंग, आवंटन तथा क्रय-विक्रय से पूर्व रेरा में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि परियोजना और एजेंट पंजीकरण के लिए प्राप्त आवेदनों के निस्तारण हेतु 30 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

रेरा की उपलब्धियों पर जानकारी देते हुए वर्तमान प्रभारी अध्यक्ष नरेश मठपाल ने बताया गया कि वर्ष 2017 में गठन के बाद से अब तक राज्य में 689 रियल एस्टेट परियोजनाएं पंजीकृत हो चुकी हैं। हिमालयी राज्यों में परियोजना पंजीकरण के मामले में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर है। वहीं 510 पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों के साथ राज्य पहले स्थान पर है।

शिकायत निस्तारण के क्षेत्र में भी रेरा का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। प्राधिकरण को अब तक 1342 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 86 प्रतिशत का निस्तारण किया जा चुका है। सीएम हेल्पलाइन और सीपीग्राम्स के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण भी किया गया है।

बैठक में बैंक अकाउंट डायरेक्शन-2025 के क्रियान्वयन की जानकारी भी दी गई। इसके तहत प्रत्येक रियल एस्टेट परियोजना के लिए तीन अलग-अलग बैंक खाते खोले जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे परियोजना निधियों की निगरानी और वित्तीय अनुशासन को मजबूत किया जा सके। बैठक में संयुक्त सचिव आवास धीरेंद्र कुमार सिंह, अनु सचिव नरेंद्र सिंह रावत, अनुभाग अधिकारी राहुल सुन्दरियाल सहित सदस्य पंकज कुलश्रेष्ठ, सहायक अभियंता आनंद शंकर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध- डॉ. आर. राजेश कुमार

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में राज्य सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। समीक्षा बैठक में हमने अन्य राज्यों की सफल व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उत्तराखंड में सर्वाेत्तम प्रथाओं को लागू करने पर चर्चा की है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परियोजना नियमानुसार संचालित हो और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद निवेश का वातावरण मिले। अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही रेरा की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, डिजिटल और समयबद्ध बनाया जाएगा ताकि निवेशकों, गृह खरीदारों और डेवलपर्स को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिल सके। राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को सुव्यवस्थित, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने के लिए आवश्यक सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

एसआईआर को लेकर 18 जून तक सौ प्रतिशत फार्म वितरण एवं डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के निर्देश

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदाडे ने आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जनपद देहरादून के निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विधानसभावार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) उपस्थित रहे।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी आरओ एवं ईआरओ को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल दो बार पोर्टल पर लॉगिन कर एसआईआर कार्यों की समीक्षा करें तथा प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि 18 जून 2026 तक शत-प्रतिशत फार्म वितरण का कार्य पूर्ण कर संबंधित विवरण पोर्टल पर अद्यतन किया जाए। साथ ही जो फार्म पूर्ण रूप से भरकर प्राप्त हो चुके हैं, उन्हें तत्काल पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

उन्होंने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष कार्ययोजना तैयार कर संबंधित आरओ एवं ईआरओ के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। कम प्रगति के कारणों का विश्लेषण कर संबंधित बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि हाउसिंग सोसायटियों, कार्यालय परिसरों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष शिविर आयोजित कर अधिकाधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने व्यापक जनजागरूकता के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार बढ़ाने तथा मतदाताओं को फार्म भरने हेतु प्रेरित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि फार्म वितरण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के साथ-साथ डिजिटाइजेशन कार्यों को भी प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप संपादित किया जाए। जिन मतदान केंद्रों पर प्रगति धीमी है, वहां संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए बीएलओ एवं तकनीकी स्टाफ के साथ समन्वय स्थापित कर विलंब के कारणों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 13,76,813 मतदाता हैं। अब तक 3,27,236 ईएफएस फार्मों का वितरण किया जा चुका है तथा 16,748 फार्मों का डिजिटाइजेशन पूर्ण हुआ है। शेष 10,49,577 ईएफएस फार्मों का वितरण 18 जून तक किया जाना है, जबकि 13,60,065 फार्मों का डिजिटाइजेशन किया जाना शेष है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा सिंह, उप जिलाधिकारी चकराता, तहसीलदार विकासनगर विवेक राजौरी, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र सिंह, तहसीलदार प्रदीप नेगी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित संबंधित आरओ एवं ईआरओ उपस्थित रहे। जबकि आरओ मसूरी/संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।

प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक कार्यकाल को लेकर राज्यभर में होंगे जनसंपर्क एवं जनकल्याण कार्यक्रम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश के सबसे अधिक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक अवसर पर राज्यभर में विभिन्न जनसंपर्क, जनजागरूकता एवं जनकल्याण कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनहित में किए गए कार्यों, विकास योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 12 से 14 जून तक प्रदेश में अचीवमेंट एग्जीबिशन का आयोजन किया जाए। प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा महत्वपूर्ण निर्णयों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए, ताकि आमजन को सरकार की विकास यात्रा और उपलब्धियों की समग्र जानकारी प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विकासखंड स्तर पर जन कल्याण शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों में आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, लखपति दीदी सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों एवं आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया जाए। साथ ही योजनाओं की जानकारी देने, पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने तथा जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि 12 जून को सभी जनपदों में जिला स्तरीय प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएं। इन प्रेस वार्ताओं के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों तथा प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की जाए, ताकि आमजन तक सही एवं व्यापक जानकारी पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुतीकरण तथ्यपरक, जनोपयोगी एवं सहज रूप में तैयार किया जाए तथा इसे विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने जनपदों एवं क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इन कार्यक्रमों में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों एवं विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों एवं विभिन्न वर्गों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, जनकल्याण एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनहित एवं विकास के संकल्पों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन पूर्ण समन्वय, व्यापक जनसहभागिता एवं प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ सुनिश्चित किया जाए।

नीट की पुनः परीक्षा को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक, 21 जून को होनी है परीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने 21 जून, 2026 को आयोजित होने वाली नीट पुनर्परीक्षा की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि नीट परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और लीक-प्रूफ आयोजित कराए जाने हेतु अत्यधिक सुरक्षा एवं निगरानी के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षार्थियों के लिए परिवहन विभाग की बसों में निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु शीघ्र शासनादेश जारी किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों बारिश की सम्भावना को देखते हुए सड़कें बंद होने पर बैकअप प्लान भी तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने 14 जून, 2026 को उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा के लिए भी सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक जांचें, संदिग्ध का वैरीफिकेशन, परीक्षार्थियों की चौकिंग आदि के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्य सचिव ने 21 जून, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं आवश्यक तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी जनपद स्तर पर आयोजन स्थलों के लिए आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराएंगे। साथ ही आयोजन स्थलों के पास वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी आवश्यक रूप से उपलब्ध करायी जाए।

इस अवसर पर अध्यक्ष उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जी.एस. मार्ताेलिया, प्रमुख सचिव अमित कुमार सिरोही, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन एवं धीराज सिंह गर्ब्याल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी एवं एसएसपी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने अधिकारियों को मानसून से पहले सभी तैयारियां पूर्ण करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मानसून सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून प्रारम्भ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, जनसुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण तैयारी रखें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के बाद 15 नवम्बर, 2026 तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शेष कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए। पुलों, कल्वर्टों एवं ड्रेनेज सिस्टम की जांच कर आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं तथा सभी नालों एवं जल निकासी मार्गों की सफाई मानसून से पूर्व सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने डेंगू, मलेरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनपदों में गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से प्राप्त कर नियमित रूप से अपडेट रखें। संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए निकटवर्ती अस्पतालों के आसपास ठहरने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर हेली एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भूस्खलन संभावित स्थलों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों, नदी तटों एवं भू-कटाव वाले क्षेत्रों का अद्यतन मानचित्र तैयार किया जाए। साथ ही ऐसे गांवों, स्कूलों, अस्पतालों एवं अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सूची भी तैयार की जाए जो आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हैं। चारधाम यात्रा मार्ग सहित राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर संवेदनशील स्थलों का विशेष निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण किया जाए। जेसीबी, पोकलैंड, डंपर, क्रेन एवं अन्य आवश्यक मशीनरी को पहले से ही संवेदनशील स्थानों पर तैनात रखा जाए। जहां मानसून के दौरान सड़कें बार-बार बाधित होती हैं, वहां वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सभी प्रभावी सचिव अपने-अपने जनपदों का भ्रमण कर मानसून के दृष्टिगत जनपदों में की गई तैयारियों का निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक एवं सूचना बोर्ड लगाए जाएं तथा प्रत्येक तहसील में राहत एवं बचाव सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र एवं जिला नियंत्रण कक्षों के बीच 24×7 समन्वय स्थापित किया जाए। मौसम संबंधी अलर्ट ग्राम स्तर तक त्वरित रूप से पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए तथा पर्यटकों एवं यात्रियों को समय पर मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने मानसून से पूर्व अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि जल निकासी एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान विद्युत, पेयजल, सड़क, दूरसंचार एवं अन्य मूलभूत सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित न हों। इसके लिए सभी संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। एसटीपी एवं पुलों के आसपास की विद्युत लाइनों का सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए।

कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण उत्पन्न होने वाली जाम की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में कैंचीधाम बाईपास कल से आवागमन के लिए प्रारम्भ किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को यातायात में बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ, यूएलएमएमसी तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के समन्वित प्रयासों, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे सतत नवाचारों का परिणाम है।

इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने मानसून सीजन के दृष्टिगत की गई सभी तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

बैठक में कैबिनेट मंत्री आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय कुमार रोहिला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, रविनाथ रमन, धीराज गर्ब्याल, रणवीर सिंह चौहान, सी. रविशंकर, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी के 12 साल के ऐतिहासिक विकास कार्यों का किया बखान

देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में आने के बाद विगत 12 वर्षों के दौरान उत्तराखंड में सड़क, रेल से लेकर हवाई सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व ने इस रफ्तार पर डबल इंजन लगाने का काम किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2016 में चारधाम सड़क परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के चारों धामों को ऑल वेदर रोड से जोड़ना है, करीब 12,000 करोड़ रुपए लागत की इस परियोजना का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिस कारण चारधामों सहित पहाड़ के बड़े हिस्से में आवाजाही सुगम हुई है। प्रधानमंत्री ने दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में एक और सौगात उत्तराखंड को दी है। 11,963 करोड़ रुपए की लागत से बने 210 किमी लंबे इस हाईवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे के अकल्पनीय समय में पूरा करना संभव हो पाया है। केंद्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में सितारगंजदृटनकपुर, पौंटा साहिबदृदेहरादून, भानियावालादृ ऋषिकेश, काठगोदामदृलालकुआंदृहल्द्वानी बाईपास तथा रुद्रपुर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।

आम आदमी ने भरी उड़ान
बीते 12 वर्षों के भीतर राज्य के दूर दराज के क्षेत्रों के लिए भी हवाई सेवाएं शुरु हुई हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के तीन बड़े एयरपोर्ट जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ का विस्तार किया जा चुका है। साथ ही आम आदमी के सपनों का पंख देने के लिए शुरु केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत भी प्रदेश में 18 हैलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में ही देहरादून एयरपोर्ट से अहमदाबाद, भुवनेश्वर, बैंगलोर, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पुणे, कुल्लू जैसे शहरों के लिए नियमित हवाई सेवा प्रारंभ हो चुकी है। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक हवाई सेवा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना संचालित कर रही है। इस योजना के तहत राज्य के पर्वतीय जिलों के लिए देहरादून और हल्द्वानी से हेली सेवा का संचालन किया जा रहा है।

पहाड़ में पहुंचने वाली है रेल
केंद्र में मोदी सरकार बनने बाद राज्य में रेल नेटवर्क में भी तेजी से विस्तार हुआ है। केंद्र सरकार के विशेष प्रयास से 125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का 72 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सक्रिय प्रयासों से केंद्र सरकार ने टनकपुर दृ बागेश्वर और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री तक रेललाइन के सर्वे पर भी सहमति प्रदान कर दी है। साथ ही प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का कार्यकाल उत्तराखंड के विकास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। विगत 12 वर्षों में उत्तराखंड में हर तरह की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। अब प्रदेश के किसी भी हिस्से से कुछ घंटों में बड़े शहरों तक पहुंच संभव है। राज्य सरकार भी प्रदेश में हर तरह के यातायात साधन विकसित करने का प्रयास कर रही है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक ऑडियो क्लिप का अनावरण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्रियान्वयन विभाग द्वारा तैयार की गई ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तक में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर संकलित किया गया है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के साथ-साथ स्वरोजगार, कौशल विकास, शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार नवाचार करें तथा शासनादेशों को भी आमजन की समझ के अनुरूप सरल भाषा में जारी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे अधिक समय तक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार लगातार नए कानूनों और नीतियों से देश की तरक्की को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड को विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है तथा केंद्र सरकार राज्य के विकास कार्यों के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इसके परिणामस्वरूप सड़क, रेल, हवाई संपर्क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की कार्यशैली के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है और प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, महक क्रांति योजना, एरोमा वैली, मिशन एप्पल तथा अन्य रोजगारपरक योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित कर रही है।

इस मौके पर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने कहा कि ये ऑडियो संस्करण, आकाशवाणी सहित अन्य रेडियो स्टेशन पर प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले विभाग मेरी योजना पुस्तक के चार संस्करण प्रकाशित कर चुका है। साथ ही इसका डिजिटल संस्करण भी जारी किया जा चुका है।

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।

सरकारी नौकरी में परीक्षा पास कर चयनित हुए अभ्यर्थियों को सीएम धामी ने दिए ज्वाइनिंग लेटर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग के अंतर्गत आज नवचयनित 221 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य में बीते साढ़े चार वर्षों में सरकार ने 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा यह पल युवाओं की वर्षों के परिश्रम और संघर्ष की सफलता का स्वर्णिम क्षण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के चेहरों पर मुस्कान बताती है कि राज्य सरकार, सही दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य के युवा वर्तमान के साथ भविष्य की भी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई स्टार्टअप नीति, राज्य में नया स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और युवा प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक और तकनीकी रूप मजबूत किया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से युवा आज अपने सपनों को लेकर पहले से कई अधिक आश्वस्त है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब युवाओं के सपनों और उनके माता-पिता के त्याग के साथ अन्याय होता था। पर आज रिकॉर्ड समय में भर्तियां पूरी हो रही हैं। पहले युवाओं को हताशा और निराशा मिलती थी, आज राज्य सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने का काम करती है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने देगी। उन्होंने कहा आज के दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पूरे 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जो अपने आप में एक ऐतिहासिक दिन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। राज्य सरकार ने देश में सबसे कड़ा कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आगे भी राज्य सरकार इसी रफ्तार, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर देती रहेगी। उन्होंने कहा विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाली पदों को भी तुरंत भरा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा सभी अभ्यर्थियों से सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र को अपना ध्येय मानकर हर गरीब, हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान करने की बात कही। उन्होंने कहा नए अभ्यार्थी केवल सरकारी कर्मचारी नहीं हैं बल्कि उत्तराखंड के विकास के सहभागी भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश, विकसित भारत-2047 के महान संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अमृतकाल में सभी ने मिलकर इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी निभानी है और राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देना है।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड में एक समय ऐसा था जब लोग सरकारी नौकरी का सपना देखा करते थे, पर आज टैलेंटेड युवा अपनी मेहनत से सरकारी नौकरी पा रहा है। तय समय में युवाओ को नियुक्ति पत्र भी मिल रहे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हजारों युवा को बिना किसी शिकायत के सरकारी नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के बच्चों के भविष्य को संवारने का काम किया है। उन्होंने बताया कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के प्रशिक्षण प्रखण्ड के अन्तर्गत चयनित 173 अनुदेशकों, 04 वैयक्तिक सहायकों एवं पशुपालन विभाग में चयनित 09 वैयक्तिक सहायक को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिना सिफारिश के नियुक्तियां हो रही हैं। आज मेहनती बच्चों को ही पारदर्शिता से नौकरियां मिल रही हैं। बीते 2 वर्षों में शहरी विकास विभाग में 215 लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। आज शहरी विकास विभाग में चयनित 35 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र वितरण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा आज युवा मुख्यमंत्री धामी पर भरोसा करते हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अणथ्वाल, भूपेंद्र कंडारी, सचिव नितेश झा, अपर सचिव सी. रविशंकर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।