सीएम ने चंपावत में दिवंगत बोहरा के परिजनों को दी 10 लाख की आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत निवासी स्वर्गीय सोमेंद्र सिंह बोहरा के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उनके परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने ₹10 लाख की आर्थिक सहायता राशि का चेक स्वर्गीय सोमेंद्र के पिता गोपाल सिंह बोहरा को सौंपा।

उल्लेखनीय है कि 18 अप्रैल 2026 को एक दुखद हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के कारण सोमेंद्र सिंह बोहरा का असामयिक निधन हो गया था।

देवीधुरा चंपावत में सीएम धामी ने बच्चों से किया संवाद, जीवन के लक्ष्य भी जानें

अपने एक दिवसीय चम्पावत जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देवीधुरा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज पहुँचे, जहाँ उन्होंने छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों से शिक्षा, अनुशासन और जीवन के लक्ष्यों को लेकर संवाद करते हुए उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने देवीधुरा में आयोजित ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ के अंतर्गत आयोजित जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

नानकमत्ता में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन धरती, जहां गुरुओं का आशीर्वाद सदैव बना रहता है, वहां महाराणा प्रताप जैसे महान राष्ट्रनायक का स्मरण करना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं थे, बल्कि भारत की आन, बान और स्वाभिमान के अमर प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी गाथा है, जो आज भी हर भारतीय को ऊर्जा और गौरव से भर देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह संदेश देता है कि राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने थारू समाज की परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली को उत्तराखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और समग्र विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वन धन योजना, जनजातीय विकास मिशन और अन्य योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी जनजातीय समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अटल आवास योजना के अंतर्गत आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है तथा आवास निर्माण सहायता बढ़ाई गई है। उधम सिंह नगर में इस योजना के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार लाभान्वित हुए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय एवं छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। गदरपुर में 100 बेड का छात्रावास भी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने समाज को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और विकास के लिए सरकार हर स्तर पर कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पूर्व नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।

कार्यक्रम में विधायक रूद्रपुर शिव अरोरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, कार्यक्रम के संयोजक पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति मौजूद थे।

ओबीसी वेलफेयर पार्लियामेंट्री कमेटी के प्रतिनिधिमण्डल ने सीएम धामी से आवास पर की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में ओबीसी वेलफेयर पार्लियामेंट्री कमेटी के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओ.बी.सी संसदीय समिति सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओ.बी.सी वेलफेयर के लिए राज्य में विधिक और संस्थागत व्यवस्था है। विभिन्न योजनाओं के पॉलिसी रिव्यू, फीडबैक और फॉलोअप के माध्यम के योजनाओं का लाभ प्रत्येक ओबीसी परिवार को पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 90 जाति/उपजाति समुदाय ओबीसी की सूची में हैं। जिनके विकास के लिए राज्य सरकार, प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। राज्य की नीति और बजट को गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं को जरूरतमंदों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही है।

इस दौरान ओबीसी वेलफेयर पार्लियामेंट्री कमेटी की ओर से अध्यक्ष सांसद गणेश सिंह एवं अन्य सांसद विजय बघेल, डॉ. स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी (साक्षी महाराज), विद्युत बरन महतो, रोडमल नागर, श्री रमाशंकर विधार्थी राजभर, डॉ अशोक कुमार यादव, गिरधारी यादव, मस्तान राव यादव बीड़ा, राजेंद्र गहलोत, शुभाशीष खूंटिया, मयंककुमार नायक एवं डॉ. भीम सिंह मौजूद रहे।

इस दौरान संयुक्त सचिव लोकसभा अतुल आनंद, उप सचिव लोकसभा पुनीत भाटिया, मुख्यमंत्री के अपर सचिव मनमोहन मैनाली, जोनल मैनेजर पी.एन.बी अनुपम एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

कैंसर पीड़ित पति, दयनीय आर्थिक स्थिति, सर पर कर्ज, दो मासूम नौनिहालों की जिम्मेदारी के बीच असहाय संध्या को मिला डीएम दून का सहारा

मुख्यमंत्री के निर्देशों को धरातल पर उतारते हुए जिला प्रशासन देहरादून लगातार मानवीय संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई के साथ जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने का कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न जिला स्तरीय प्रोजेक्ट, सीएसआर फंड, रायफल क्लब मद तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से अनेक असहाय एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनमानस की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर संवेदनहीनता अथवा योजनाओं के लाभ से वंचित होने जैसी स्थिति नहीं आनी चाहिए। यदि किसी जरूरतमंद, असहाय अथवा पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचने में किसी प्रकार का गैप रह जाता है, तो जिला प्रशासन अपने स्तर पर उस कमी को पूरा करते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराए।
जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित एवं संवेदनशील समाधान हेतु प्रतिबद्ध जिला प्रशासन ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आर्थिक संकट से जूझ रहे एक कैंसर पीड़ित परिवार को बड़ी राहत प्रदान की है। इसी क्रम में हाल ही में रायपुर क्षेत्र की एक महिला, जिनके पति कैंसर से पीड़ित हैं और परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था, को जिला प्रशासन द्वारा बड़ी राहत प्रदान की गई। परिवार पर लगभग 71 हजार रुपये का ऋण बकाया था तथा लगातार इलाज एवं घरेलू खर्चों के कारण परिवार दयनीय स्थिति में पहुंच चुका था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से ऋण की सम्पूर्ण धनराशि जमा कराते हुए संबंधित परिवार को ऋणमुक्त कराया। साथ ही अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई
रायपुर विकासखण्ड के दूरस्थ ग्राम द्वारा मालदेवता निवासी संध्या रमोला ने जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष प्रस्तुत होकर प्रार्थना पत्र के माध्यम से अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उनके पति गले के कैंसर से पीड़ित हैं तथा उनका उपचार हिमालय अस्पताल में चल रहा है। गंभीर बीमारी और लगातार कीमोथेरेपी के चलते उनके पति कार्य करने में असमर्थ हो गए हैं, जबकि परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर निर्भर थी।
संध्या ने अवगत कराया कि उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक की आयु लगभग तीन वर्ष तथा दूसरे की छह वर्ष है। लगातार इलाज, दवाइयों एवं घरेलू खर्चों के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में 45 हजार रुपये तथा वर्ष 2025 में 37 हजार रुपये का ऋण स्वयं सहायता समूह संचालन एवं स्वरोजगार हेतु बैंक से लिया गया था, किंतु पति की बीमारी के चलते वह ऋण की किश्तें जमा नहीं कर पाईं। परिणामस्वरूप बैंक द्वारा लगभग 71 हजार रुपये जमा करने का नोटिस जारी किया गया तथा एजेंटों द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने से परिवार मानसिक तनाव से भी गुजर रहा था। इसी के चलते उन्होंने जिलाधिकारी से ऋण माफी एवं आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जिला प्रशासन के सीएसआर फंड से 71 हजार रुपये की धनराशि सीधे ऋण खाते में जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित बैंक को नो ड्यूज प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त रायफल क्लब मद से संध्या रमोला के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं का समाधान सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऐसे परिवार जो किसी कारणवश योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं अथवा आकस्मिक संकट का सामना कर रहे हैं, उन्हें जिला प्रशासन हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिव्यांगजन, गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, निराश्रित महिलाओं, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तथा आपात परिस्थितियों से प्रभावित नागरिकों को विभिन्न माध्यमों से सहायता प्रदान की जा रही है। प्रशासन की यह पहल शासन की जनकल्याणकारी सोच, संवेदनशील प्रशासनिक कार्यशैली एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आ रही है।

महानिदेशक सूचना ने जारी किए निर्देश, प्रत्येक शनिवार को मनाया जाएगा नो व्हीकल डे

शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने हेतु महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने सूचना विभाग में प्रत्येक शनिवार को “नो व्हीकल डे” के रूप में मनाने के निर्देश जारी किए हैं।

महानिदेशक सूचना ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की है कि प्रत्येक शनिवार को कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, साइकिल जैसे विकल्पों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास सामूहिक रूप से बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और यह पहल ऊर्जा संरक्षण के राष्ट्रीय अभियान को मजबूती प्रदान करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि विभाग स्वयं इस पहल को अपनाकर समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करेगा। “नो व्हीकल डे” के माध्यम से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

उत्तराखंडः राज्य सरकार के कार्मिकों का बढ़ा महंगाई भत्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्र सरकार की भांति, 01 जनवरी, 2026 से राज्य सरकार के कार्मिकों एवं पेंशनरों को मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत प्रतिमाह किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 50 करोड की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद चम्पावत के कोतवाली पंचेश्वर में टाईप द्वितीय के 06 आवासों एवं चाहरदीवारी के निर्माण हेतु ₹ 3.13 करोड़, जनपद नैनीताल के फायर स्टेशन हल्द्वानी में टाईप द्वितीय के 64, टाईप-तृतीय के 08 एवं टाईप चतुर्थ के 04 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 36.64 करोड तथा जनपद चम्पावत के थाना रीठासाहिब में टाईप द्वितीय के 06 एवं टाईप-तृतीय का 01 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 3.47 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा मौलेखाल बाजार, अल्मोड़ा में पार्किंग के निर्माण हेतु ₹ 5.91 करोड तथा जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र-थराली के अर्न्तगत ग्वालदम बाजार में वाहन पार्किंग निर्माण हेतु ₹ 61.57 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

दून डीएम का ऑपरेशन सफाई, 96 अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरस्त, एक्शन निरंतर जारी

जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई जा रही है। जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। जिसमें प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। संबंधित होमस्टे को विभागीय वेबसाइट से भी विलोपित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है।

जिले में होटल रूप में शहरी धनाडय अमीरों के होमस्टे पर डीएम ने कार्रवाई का डंडा चला दिया है। इसी क्रम में जिला प्रशासन की मजिस्टेªट टीमों ने अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 136 निरीक्षण करते हुए मानक विपरित संचालित मिले 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त करते हुए पर्यटन वेबसाइट से विलोपित की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने ऑपरेशन सफाई शुरू करते हुए प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79 अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरसत कर दिया है तथा आगे भी कार्रवाई गतिमान रहेगी। विगत कई माह से शहर में बढती आपराधिक घटना नशे एवं ओवर स्पीड में वाहन चलाना अदि घटनाएं बढी है। जिसका एक बडे़ कारण में से एक होमस्टे में रात भर नियम विस्द्ध बार संचालन आदि निकल कर सामने आए है, जहां लाउड डीेजे नशे गैर कानूनी गतिविधि के अड्डे बन रहे होमस्टे में उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के ठहरने से आमजन की जान का खतरा बना हुआ है। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए होमस्टे का सत्यापन एवं निरीक्षण किया जा रहा है। होमस्टे होटल में निर्धारित प्रक्रिया पालन किए बिना पर्यटक एवं उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग ठहराए जा रहे है। होमस्टे भी लीज पर संचालित हो रहे है जो जिले की कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे है। उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों द्वारा शहर में हुड़दंग मचाने तथा नशे की हालत में ओवर स्पीड, पिस्टल तमचों से फायरिंग की घटनाएं भी सामने आ रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, किंतु निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे का उपयोग होटल अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भांति किया जाना पाया गया, जिससे अव्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सहसपुर एवं रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच हेतु क्षेत्रवार समितियों का गठन किया गया। समितियों द्वारा निरीक्षण उपरांत 96 होमस्टे ऐसे पाए गए जो उत्तराखण्ड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे। इन सभी के पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की गई, जिसे स्वीकार करते हुए प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं पाई गई। अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई। होमस्टे का उपयोग बारात घर एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। कई स्थानों पर स्वामी का निवास नहीं पाया गया तथा इकाइयों को लीज/किराये पर संचालित किया जा रहा था। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था। विगत निरीक्षण में विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) उपलब्ध नहीं कराने सम्बन्धी घटनाएं प्रकाश में आई थी। कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं पाए गए।

SIR: 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग, कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य होंगे सम्पादित

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग ने तीसरे चरण में 19 राज्यों के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की घोषणा कर दी है। उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि आयोग द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग,कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य सम्पादित किए जाएंगे। 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संकलन करेंगे। उत्तराखण्ड में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इसी क्रम में 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में 11733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष वर्तमान में प्रदेश में राजनैतिक दलों द्वारा 21 हजार 808 बीएलए की तैनाती कर दी गई है।

रोजगार मेले में साक्षात्कार को पहुंचे अभ्यर्थियों को मंत्रियों ने शुभकामनाएं

सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के आईटी एवं अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवक एवं युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा (परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी) की अध्यक्षता तथा मुख्य अतिथि माननीय कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी (कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण) की उपस्थिति में IRDT Auditorium, Dehradun में रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा (परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी) द्वारा दीप प्रज्वलित कर रोजगार मेले का शुभारम्भ किया गया। तत्पश्चात मंत्री द्वारा रोजगार मेले में साक्षात्कार करने हेतु उपस्थित कम्पनियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। मंत्री द्वारा अपने उद्बोधन भाषण में रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

रोजगार मेले में आईडीआईटी-ऐस्कल के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं, भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों एवं अन्य युवक-युवतियों द्वारा प्रतिभाग किया। युवाओं के उत्साहपूर्ण प्रतिभाग के दृष्टिगत माननीय कैबिनेट मंत्री, सैनिक कल्याण द्वारा भविष्य में वृहत स्तर पर इस प्रकार के रोजगारोन्मुखी आयोजनों को निरंतर आयोजित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया, जिससे राज्य की युवा शक्ति को भविष्य में भी रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें तथा प्रदेश से पलायन को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी द्वारा रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं में से कम्पनियों द्वारा चयनित प्रतिभागियों को नियुक्तिपत्र प्रदान किये एवं साक्षात्कार हेतु उपस्थित कम्पनियों के प्रतिनिधियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

रोजगार मेले में लगभग 359 युवक-युवतियों द्वारा दिल्ली/एनसीआर एवं उत्तराखण्ड से आईटी एवं अन्य क्षेत्रों की 21 प्रतिष्ठित कम्पनियों के अंतर्गत रिक्त पदों पर प्रतिभाग किया गया, जिसमें से साक्षात्कार के उपरांत कम्पनियों द्वारा लगभग 195 युवक-युवतियों का चयन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन आईडीआईटी CALC के नोडल अधिकारी द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर आईटीडीए के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।