9411112780 पर फोन कर महिला एवं छात्राएं करा सकती हैं शिकायत दर्ज

उत्तराखंड में असुरक्षित महसूस करने वाली महिलाओं और छात्राओं के लिए पुलिस मुख्यालय ने नई पहल शुरू की है। अपनी शिकायत को लेकर थाने जाने से परहेज करने वाली महिला एवं छात्राओं के लिए पुलिस ने महिला व्हाट्सअप हेल्पलाइन सेवा शुरू की हैं।
पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि महिलाएं और छात्राएं व्हाट्सएप नंबर 9411112780 पर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। मेसेज आने के बाद संबंधित क्षेत्र में तत्काल पुलिस सहायता मिलेगी। इस नंबर पर किसी भी घटना और समस्या से संबंधित मेसेज, फोटो अथवा पुलिस मुख्यालय में स्थापित महिला सुरक्षा सेल को भेज सकती हैं। महिला सुरक्षा सेल में तैनात पुलिस अधिकारी व्हाट्सएप पर आए संदेश पर संबंधित जनपद की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचेगी। डीजी क्राइम ने बताया कि महिलाएं पीछा करने और छेड़छाड़ करने वाले का फोटो और वीडियो भी सीधे भेज सकेंगी।

जेल में सजा काट रहे कैदी ने की आत्महत्या की कोशिश, बंदीरक्षकों ने बचाया

हरिद्वार की जिला जेल में बंद आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने दूसरे कैदियों के उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश की। मगर, यह कोशिश नाकाम रही। बंदीरक्षकों ने समय रहते उसे देख लिया और बचाने में कामयाब रहे। कैदी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।

बृहस्पतिवार को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी सुशील गुर्जर (50) पुत्र महेंद्र निवासी हरिद्वार ने जेल परिसर में पेड़ पर रस्सी के फंदे के सहारे लटककर आत्महत्या करनी चाही, लेकिन एक कैदी की उस पर निगाह पड़ गई।

कैदी ने तुरंत बंदीरक्षकों को इस बारे में जानकारी दी। आनन फानन में बंदीरक्षकों ने कैदी को उतारा और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कैदी ने अस्पताल में मीडिया कर्मियों को बताया कि उसको जेल में बंद कैदी परेशान करते हैं, जिसके चलते वह आत्महत्या करना चाह रहा था।

जिला अस्पताल में भर्ती कैदी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। जेल अधीक्षक अशोक कुमार से जब इस बाबत पूछा गया तो उनका कहना था कि कैदी अक्सर इस तरह के काम करता रहता है।

हरियाणा दंगे के बाद राम रहिम के अनुयायियों पर पुलिस रख रही नजर!

यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा में हुई हिंसा के बाद ऊधमसिंह नगर जिले में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संदिग्धों पर नजर रखने के साथ ही पुलिस ने उत्तरप्रदेश से सटे जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाना शुरू कर दिया है। साथ ही खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है।
आपको बत दे कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद पंजाब, हरियाणा में उनके समर्थक हिंसा व आगजनी पर उतर आए। इससे प्रशासन सतर्क हो गया। ऊधमसिंह नगर जिले में पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले के गदरपुर, बाजपुर और रुद्रपुर क्षेत्र में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के समर्थक होने के कारण खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस ने बार्डर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्धों से पूछताछ भी की। ऊधमसिंह नगर के एएसपी देवेंद्र पींचा का कहना है कि जिले में एहतियातन अलर्ट घोषित कर दिया गया है। खासकर बाजपुर और गदरपुर क्षेत्र में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है। विरोध स्वरूप सड़कों पर उतरने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्य में पुलिस पर लोगों का भरोसा बढ़ाः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुलिस लाईन में उत्तराखण्ड पुलिस के ट्रेनी आरक्षियों (कांस्टेबल्स) के पासिंग आउट परेड की सलामी ली। इस अवसर पर प्रशिक्षु पुलिस आरक्षियों और उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक समय में पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ी है। पुलिस का काम आगे बढ़ कर बहुत से अन्य सामाजिक सरकारों से जुड गया है। पुलिस पर लोगों का भरोसा भी बढ़ा है। राज्य में जहां राजस्व पुलिस की व्यवस्था लागू है, वहां भी लोगों द्वारा रेगुलर पुलिस की मांग की जाने लगी है। उत्तराखण्ड पुलिस में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस में महिलाओं की संख्या 11 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि राष्ट्रीय औसत 7 प्रतिशत है। पुलिस फोर्स में महिलाओं की भागीदारी के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश के शीर्ष पांच राज्यों में सम्मिलित हो गया है। इसका मतलब यह हुआ कि अब प्रदेश हर थाने में एक या उससे ज्यादा महिला पुलिस की तैनाती हो सकेगी। इससे महिला संबंधी अपराध की रोकथाम और उसके कुशल निवारण में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘जब मैं अपनी बेटियों को इस वर्दी में देख रहा हूं तो मुझे अपार प्रसन्नता हो रही है। आज मैं कह सकता हूं कि उत्तराखंड राज्य में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान खूब फल फूल रहा है। आप सारी बेटियां इस राज्य का गौरव है और आपसे उम्मीद है कि आप सब पूरी ईमानदारी और लगन से पुलिस महकमे में अपनी अलग पहचान बनाऐंगी।’’ उन्होंने कहा कि पुलिस का नशे के कारोबार के विरूद्ध एक कठोर अभियान चलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने सभी पास आउट आरक्षियों को उनके सफल कैरियर के लिये शुभकामनाएं भी दी।
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने बताया कि कुल 175 ट्रेनी आरक्षियों का प्रशिक्षण रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर देहरादून में हुआ। कुल सीधी भर्ती के 141 महिला आरक्षियों एवं 34 पुरूष रिक्रूट आरक्षियों को 09 माह का आधारभूत प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें प्रशिक्षण देने हेतु 27 पुलिस अधिकारीकर्मी नियुक्त रहे। देहरादून जनपद के अतिरिक्त रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर जनपद हरिद्वार, उधमसिंहनगर, चम्बा (टिहरी गढ़वाल), 31वीं वाहिनी पीएसी में भी कुल 792 प्रशिक्षु महिला आरक्षियों का प्रशिक्षण सम्पन्न कराया गया तथा इन सभी स्थानों पर भी पासिंग आउट परेड विभिन्न तिथियों में आयोजित की जा रही है। दीक्षांत परेड में प्रशिक्षण अवधि में सर्वांगसर्वोत्तम श्रेणी में महिला आरक्षी कविता और अंजना बेलवाल और पुरूष आरक्षी अंकित बिष्ट को पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर एडीजी अशोक कुमार, आईजी दीपम सेठ सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।