अटैचमेंट को लेकर डीजीपी सख्त, मूल तैनाती के होंगे आदेश

उत्तराखंड के सभी पुलिसकर्मियों के पास एक माह के भीतर स्मार्ट कार्ड होंगे। इसके लिए डीजीपी ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला प्रभारी और सेनानायक इस काम को अपने पर्यवेक्षण में करेंगे।
दरअसल, बीते 12 सालों से पुलिस के आईडी कार्ड का काम बेहद धीमा है। फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों के कार्ड दौरान नहीं बन पाए थे। इनकी संख्या तीन से चार के आसपास बताई जा रही है। आईकार्ड न होने से पुलिसकर्मियों को बाहरी जनपदों और राज्यों में दबिश देने में भी समस्या सामने आती थी। लेकिन, अब डीआईजी ने सभी के कार्ड बनाने के लिए एक माह का समय दिया है।

पुलिस में खत्म होगा अटैचमेंट का खेल
पहाड़ की ड्यूटी से बचने के लिए लंबे समय से अटैच चले आ रहे पुलिसकर्मियों को मूल तैनाती पर जाना ही होगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने अटैचमेंट वाले प्रकरणों की समीक्षा करानी शुरू कर दी है। वाजिब कारण वालों को छोड़कर सभी को पहाड़ चढ़ाने की तैयारी की जाएगी।
दरअसल, मैदान में समयावधि पूरी होने के बाद कर्मचारियों का पहाड़ पर ट्रांसफर किया जाता है। लेकिन, बहुत से कर्मचारी कई मजबूरियां बताकर विभिन्न दफ्तरों में अटैच हो जाते हैं। यह अटैचमेंट अग्रिम आदेशों या समस्या हल होने तक किया जाता है।
बावजूद, इसके तमाम कर्मचारी अब भी दफ्तरों से अटैच होकर मैदान में ड्यूटी कर रहे हैं। इस मामले में अब डीजीपी ने मुख्यालय में मौजूद कर्मचारियों का डाटा और उनके अटैचमेंट की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ताकि, इन कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल पर भेजा जा सके।

आईजी ने भी दिए थे निर्देश
पिछले दिनों रेंज स्तर पर आईजी अभिनव कुमार ने भी अटैचमेंट की स्थिति साफ करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कई कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल पर भेजने के निर्देश भी दिए थे। उन्होंने नाराजगी जताई थी कि बहुत से कर्मचारी सहूलियत का बेवजह फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अटैचमेंट एक सुविधा होती है, जिसका अनुचित लाभ लिया जाना गलत है।
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा पहाड़ पर ट्रांसफर हुए लोगों को जल्द ही मूल तैनाती पर भेजा जाएगा। इसके लिए सभी को निर्देशित किया जा चुका है। इसके लिए समितियां भी काम कर रही है। ट्रांसफर, पोस्टिंग को लेकर वर्तमान में नौ समितियां हैं।

त्रिवेन्द्र सरकार ने होमगार्ड के पद बढ़ाने की घोषणा की

होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने होमगार्डों को कारागार के बंदी रक्षकों की भर्ती और विभाग के समूह ग के पदों में 25 फीसद आरक्षण देने की घोषणा की। साथ ही हरिद्वार में नागरिक सुरक्षा इकाई का गठन और होमगार्ड के पदों में इजाफा करने का भी एलान किया।

होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा का स्थापना दिवस ननूरखेड़ा स्थित मुख्यालय में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में होमगार्ड के जवानों ने अनुशासन के साथ कदमताल कर आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपरिहार्य कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में काबीना मंत्री सुबोध उनियाल उनके प्रतिनिधि के तौर पर कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। काबीना मंत्री ने ही रैतिक परेड की सलामी ली। रैतिक परेड में कुल छह प्लाटून शामिल हुईं, जिनमें पांच सशस्त्र पुरुष और एक सशस्त्र महिला प्लाटून थीं। परेड में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के विभिन्न जनपदों से आए होमगार्ड शामिल हुए। परेड कमांडर गढ़वाल कमांडेंट गौतमय कुमार, सेकेंड इन कमांड निरीक्षक उत्तरकाशी चंद्रकांत बिष्ट और परेड एडजुटेंट वैतनिक प्लाटून कमांडर पौड़ी शशि बोरा ने परेड को लीड किया। वैतनिक प्लाटून कमांडर टिहरी विजयपाल सिंह ने परेड मेजर की भूमिका निभाई। परेड के बाद मुख्यमंत्री की घोषणाओं को कमांडेंट जनरल होमगार्ड्स एवं निदेशक नागरिक सुरक्षा पुष्पक ज्योति ने पढ़ा। काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका का विमोचन भी किया।

सहयोग राशि प्रदान की
इस अवसर पर काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने ड्यूटी पर शहीद होमगार्ड विजय तिवारी की पत्नी कांति तिवारी को 10 लाख रुपये की बीमा धनराशि व सेवापृथक होमगार्ड सुरेश चंद्र को एक लाख की सहायता राशि कल्याण कोष से प्रदान की।

उत्कृष्ट कार्य पर मिला सम्मान
काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने उत्कृष्ट कार्य के लिए होमगार्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री प्रशंसा प्रमाण-पत्र से नवाजा। सम्मान प्राप्त करने वालों में डिप्टी कमांडेंट जनरल अमिताभ श्रीवास्तव, डिप्टी कमांडेंट जनरल राजीव बलोनी, कुमाऊं मंडल कमांडेंट ललित मोहन जोशी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नरेंद्र सिंह बिष्ट, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्यामेंद्र कुमार साहू, वैतनिक प्लाटून कमांडर चंद्रकांत बिष्ट, अवैतनिक प्लाटून कमांडर राजपाल राणा, अवैतनिक प्लाटून कमांडर टेकचंद, मुख्य वार्डन नागरिक सुरक्षा देहरादून सतीश अग्रवाल, प्रभागीय वार्डन नागरिक सुरक्षा उमेश्वर सिंह रावत शामिल रहे।

राज्यपाल ने ‘राज्य स्थापना दिवस’ की 20वीं वर्षगांठ पर पुलिस रैतिक परेड की सलामी ली

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राज्य स्थापना दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

राज्यपाल ने विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’’ प्राप्त 06 पुलिस अधिकारियों और ‘‘राष्ट्रपति के जीवन रक्षा पदक’’ से सम्मानित दो पुलिस कार्मिकों को अलंकृत भी किया। इनमें पुष्पक ज्योति, पुलिस महानिरीक्षक, श्रीधर प्रसाद बडोला, (से.नि.) पुलिस उपाधीक्षक, श्री प्रकाश चन्द्र शर्मा (से.नि.) उपनिरीक्षक, धनराम आर्य (से.नि.) पीसी विशेष श्रेणी पीएसी, आदित्यराम डिमरी (सेनि) उप निरीक्षक एस.डी.आर.एफ. तथा हीरा सिंह राणा (से.नि.) सहायक सेना नायक को राष्ट्रपति पुलिस पदक और विनोद प्रसाद थपलियाल, उप निरीक्षक, ममलेश सिंह, आरक्षी को राष्ट्रपति के जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया है।

उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और शांति की स्थापना में उत्तराखण्ड पुलिस अच्छा कार्य कर रही है। कोविड महामारी के समय में भी पुलिस ने अग्रिम मोर्चे पर रहकर जनता की सहायता की है। कर्तव्य निवर्हन करते हुए लगभग 1600 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी कोविड बीमारी से संक्रमित हुए। लेकिन इसके बाद भी हमारी पुलिस, डाक्टर्स, नर्सेज और सभी कर्मचारी अपने कर्त्तव्य का पालन कर रहे हैं। उत्तराखण्ड निर्माण में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है। हमें महिलाओं के समग्र कल्याण एवं सशक्तीकरण हेतु हर संभव कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि ड्रग्स हमारी युवा पीढ़ी के लिये बहुत बड़ा खतरा है। प्रदेश में एण्टी ड्रग्स टास्क फोर्स बनाई गई है। इस टास्क फोर्स को अपनी पूरी क्षमता से कार्य करना होगा, जिससे देवभूमि से नशे के सौदागरों का समूल नाश हो। उत्तराखण्ड में वर्ष 2022 तक हर घर तक नल से जल देने पर काम चल रहा है। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने संबोधन में 21वें राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य निर्माण के सभी ज्ञात अज्ञात शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। डी.जी.पी ए.के.रतूड़ी ने अपने संबोधन में उत्तराखण्ड पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी दी।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका ‘‘विकसित होता उत्तराखण्डः बातें कम, काम ज्यादा’’ का विमोचन किया। इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस विभाग द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया।

मौके पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक मुन्ना सिंह चैहान, कुंवर प्रणव सिंह ‘चैम्पियन‘, हरबंस कपूर, विनोद चमोली, गणेश जोशी, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव नितेश झा, सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा, सचिव सूचना दिलीप जावलकर, सचिव राज्यपाल बृजेश कुमार संत, महानिदेशक सूचना डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट आदि उपस्थित थे।

अब रक्षकों की वर्दी पर लगे कैमरे रखेंगे कैदियों पर नजर

उत्तराखंड की जेलों की निगरानी के लिए तीन करोड़ रूपये आवंटित हुए है। इस मद से बंदीरक्षकों की वर्दी पर बाॅडी वार्न कैमरा लगाए जाएंगे। इससे न सिर्फ जेल परिसर के चप्पे-चप्पे की निगरानी होगी। साथ ही कैदियों की भी पूर्ण निगरानी हो सकेगी। पिछले दिनों अस्थाई जेलों से कैदियों के फरार होने के मामले आए थे। इसके बाद अब जेलों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जोर दिया जा रहा है। जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना काफी पहली थी, लेकिन अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।

आईजी जेल के मुताबिक सभी जेलों को तीन करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अब बंदी रक्षक सामान्य तरीके से पहरा नहीं देंगे। उनकी वर्दी पर अब अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। ताकि, वे कहीं भी जाएं हर प्रकार की गतिविधि पर उनकी नजर रहे। पहरा देने से लेकर बंदियों से बातचीत करने तक हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके साथ ही मुलाकातियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। 

आईजी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे प्रदेश की सभी 11 जेलों में लगाए जाएंगे। लेकिन, इसके लिए सबसे पहले पांच जेलों को चुना गया है। इनमें देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, सितारगंज और नैनीताल शामिल हैं।

मास्क और सोशल डिस्टेंस की माॅनेटरिंग की जिम्मेदारी ले एसडीएम और सीओः सीएम

कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आने वाले कुछ माह और चुनौतीपूर्ण होंगे। इस चुनौती से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए। पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में कोविड पाॅजिटव केस कम आये हैं, लेकिन ऐसे समय में और सतर्कता बरतने की जरूरत है। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का सभी जगह पूर्ण रूप से पालन हो, ताकि संक्रमण को रोका जा सके। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की नियमित माॅनेटरिंग की जाय। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाय। किसी क्षेत्र में इस तरह की शिकायत आती है, तो सबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही भी की जाय। कोविड से बचाव के लिए आम जन के व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा। कोविड के सबंध में सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रामक प्रचार करने वालों पर एफआईआर की जाय। ऐसे लोगों पर सख्त कारवाई भी की जाय। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में कोविड की बैठक के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से यह निर्देश सभी जिलाधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न माध्यमों से जन जागरूकता अभियान चलाया जाय। कोविड से बचाव हेतु जागरूकता के लिए प्रमुख हस्तियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के वीडियो एवं आॅडियो संदेश बनाये जाय। इससे समाज पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। कोविड से बचाव के लिए जागरूकता के लिए आॅनलाईन लेख प्रतियोगिता, कार्टून प्रतियोगिता एवं इस तरह की अन्य गतिविधियां की जाय। इन प्रतियोगिताओं के लिए जनपद एवं राज्य स्तर पर पुरस्कार भी दिये जाय। धार्मिक स्थलों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर कोविड से बचाव हेतु सुरक्षात्मक उपायों के लिए स्थाई होर्डिंग लगाई जाय। अब अनेक गतिविधियों के लिए छूट मिल चुकी है। राज्य में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह सुनिश्चित किया जाय कि पर्यटकों के साथ सबका शालीनता पूर्वक व्यवहार हो। पर्यटक स्थलों पर थर्मल स्क्रीनिंग और सैंपल टेस्टिंग के लिए बूथ बने।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि को-माॅर्बिड एवं डाइबिटीज के मरीजों के कोविड से बचाव के लिए विशेष सुरक्षात्मक उपाय भी किये जाय। हाई रिस्क लोगों की शत प्रतिशत सैंपलिंग की जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि जो लोग एंटीजन टेस्ट में सिंपटमैटिक हैं, उन सबका आरटीपीसीआर या ट्रू-नाॅट टेस्ट हो। होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों की नियमित निगरानी की जाय। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घरों में जाकर पूरी जानकारी ली जाय, स्वास्थ्य किट की भी पूरी जानकारी मरीजों को दी जाय। सभी विभागों द्वारा कोविड से बचाव के उपायों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाय।

रायवाला पुलिस ने बिना लाइसेंस होटल में शराब पिला रहे संचालक को किया अरेस्ट

जनपद देहरादून के थाना रायवाला में बिना लाइसेंस होटल में ग्राहकों को शराब पिलाने पर होटल मालिक व संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया हैं। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए मालिक को अरेस्ट भी किया हैं।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में अवैध रूप से शराब की बिक्री-तस्करी तथा अवैध रूप से होटलों-ढाबों में अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थानाध्यक्ष हेमंत खंडूरी के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। इस दौरान रायवाला बाजार स्थित नारंग रेस्टोरेंट में ग्राहकों को अवैध रूप से बिना लाइसेंस के शराब पिलाने पर होटल के मालिक व संचालक शुभम नारंग पुत्र राकेश नारंग निवासी प्रतीत नगर रायवाला देहरादून को अरेस्ट किया गया है।

डीजीपी अनिल रतूड़ी 30 नवंबर को होंगे रिटायर, डीजी अशोक कुमार बनेंगे नई डीजीपी

उत्तराखंड के मौजूदा डीजीपी अनिल रतूड़ी का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है। उनके रिटायर होने के बाद डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार नई डीजीपी का पद्भार ग्रहण करेंगे। आईपीएस अशोक कुमार वर्ष 1989 बैच के है। अशोक कुमार 30 नवंबर, 2020 से 15 नवंबर 2023 तक डीजीपी रह सकते हैं और तीन साल का कार्यकाल किसी डीजीपी के लिए रिकॉर्ड कार्यकाल होगा। उनके बाद वरिष्ठता के आधार पर 1995 बैच के अधिकारी पीवीके प्रसाद का नंबर आता है।

सितारगंज जेल के तीन कोरोना कैदी जिला अस्पताल से भागे

देहरादून और हरिद्वार की अस्थाई जेल से कैदियों की भागने की घटना के बाद अब तीसरी घटना सितारगंज के जिला अस्पताल की है। सितारगंज जेल के तीन कैदी उधमसिंह नगर के जिला अस्पताल से भाग गए हैं। हैरानी वाली बात यह है कि यह तीनों कैदी ही कोरोना पाॅजीटिव है। पुलिस अब सीसीटीवी खंगालने में जुट गई है।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस का संक्रमण जेलों में भी पहुंच चुका है। उधमसिंह नगर जिले की सितारजंग जेल में 35 से अधिक कैदी कोरोना पॉजिटिव आये थे। इस पर उनको उपचार के लिए जिला अस्पताल में बने आइसोलेट वार्ड में भर्ती कराया गया था। इन कैदियों की निगरानी में पुलिस भी तैनात थी। फिर भी वे पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। फरार कैदी हत्या सहित अलग-अलग मालों में सजा काट रहे थे।

हत्या सहित अन्य वारदात में शामिल आनंद, गौरव पाल ओर देवेंद्र दानू अस्पताल से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब तीन कैदी कम मिले तो पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना पर एसपी क्राइम प्रमोद कुमार, एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा, सीओ अमित कुमार, थानाध्यक्ष पंतनगर मदन मोहन जोशी और सिडकुल चैकी इंचार्ज अनिल उपध्याय पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और जानकारी ली। साथ ही फरार सजायाफ्ता कैदियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

कचहरी परिसर में वकील पर फायरिंग, भगदड़ की रही स्थिति

हरिद्वार जनपद के रूड़की में दिन दहाड़े दो अज्ञात बदमाशों ने एक वकील पर फायरिंग कर दी। फायरिंग रामनगर की नई कचहरी परिसर में चली। गोली की आवाज से मौके पर भगदड़ सी मच गई। गोली चलाने वाले दो अज्ञात बदमाश मौके से फरार हो गए। वहीं, वकील की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

वकील मेधार्थी मलिक पर दो बदमाशों ने फायर झोंक दिया। सूचना पुलिस को मिली तो मोके पर तत्काल पहुंची और वकील को निजी चिकित्सालय ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने घायल वकील को सिविल अस्पताल रूड़की में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार वकील की हालत खतरे से बाहर है। स्थानीय कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। साथ ही मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे है।

महिला प्रोफेसर की हत्या में पड़ोसी अरेस्ट, पूछताछ में निकली अवैध संबंधों की बात

डोईवाला में रिटायर प्रोफेसर महिला की हत्या की गुत्थी अब सुलझ गई है। रिटायर महिला की हत्या उसके ही पड़ोसी व फुटवियर की दुकान चलाने वाले तनुज असवाल पुत्र मेहरबार सिंह ने की। आरोपी ने अरेस्ट होने के बाद बताया कि मृतका उन्हें बार-बार अवैध संबंध बनाने का दबाव बना रही थी। लोकलाज के कारण आरोपी ने महिला के हाथ, पांव और मुंह दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को जौलीग्रांट चैक से अरेस्ट किया है।

हत्या का खुलासा करते हुए एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि मृतका पुतल घोष और पड़ोसी तनुज के बीच करीब आठ माह से प्रेम प्रसंग चल रहा था। यहीं नही सुनार गांव में फुटवियर की दुकान चलाने वालो यह व्यक्ति महिला द्वारा बार-बार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने से तंग आ गया था।
इसके चलते आरोपी ने मंगलवार की रात घर में घुसकर महिला के हाथ, पांव और मुंह दबाकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 12 किलो सोना भी बरामद किया गया। जबकि मृतका के घर से मिला 11 से 12 किलो सोना सील कर दिया गया है।