उत्तराखंडः बद्रीनाथ धाम में यात्री संख्या के सभी पुराने रिकॉर्ड टूटे

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में चारधाम यात्रा लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के बाद अब बद्रीनाथ धाम में दर्शनार्थियों की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। धाम के यात्रा इतिहास में यहां पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 17 लाख 79 हजार 805 पहुंच चुकी है। जबकि धाम के कपाट बंद होने में अभी डेढ़ से पौने दो महीने का समय शेष है।

23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा 22 सितंबर को 153 दिनों में ही आस्था का नया रिकॉर्ड बना चुकी है।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड राज्य के स्थापना वर्ष 2000 में बद्रीनाथ धाम में कुल दर्शनार्थियों की संख्या 06 लाख 95 हजार 332 थी। वर्ष 2007 में यह आंकड़ा बढ़कर 07 लाख 68 हजार 107 पहुंच गया। वर्ष 2008 और 2010 में यह संख्या 10 लाख पार हुई लेकिन 2014 में भीषण आपदा भक्तों की राह में रोड़ा बन गई। श्रद्धालुओं की संख्या 01 लाख 59 हजार 575 पर सिमट गई।

वर्ष 2018 और 2019 में क्रमशरू 10,48,051 और 12,44,993 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे। लेकिन फिर कोरोना संक्रमण के चलते यह आंकड़ा डेढ़ से दो लाख के बीच सिमट गया। वर्ष 2020 में मात्र 1,55,055 और 2021 में 1,99,409 तीर्थयात्री दर्शन को पहुंचे।

धामी सरकार के कुशल यात्रा प्रबंधन और यात्री सुविधाओं का विस्तार होने से 2022 से भगवान बद्रीविशाल जी के भक्तों की संख्या लगातार रिकॉर्ड बनाती गई है। वर्ष 2022 में 17,63,578, 2023 में 17,80,429, 2024 में 17,74, 264 और 2025 में सर्वाधिक 17,78,298 श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन को पहुंचे। अब मौसम सुधरने के साथ ही यहां हर रोज यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को 6,685 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

कोट——-
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए धामों और पड़ावों में यात्री सुविधाओं पर खास फोकस किया गया है। स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही सरकारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल में आयोजित माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री धामी ने माँ नंदा-सुनंदा के श्रीचरणों में नमन कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने महोत्सव में उपस्थित माताओं-बहनों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बच्चों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

नंदा देवी महोत्सव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं का उत्सवरू मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नैनीताल का नंदा देवी महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का उत्सव है। माँ नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपरा, लोकगीत, झोड़ा-चांचरी, ढोल-दमाऊं सहित लोक संस्कृति की विविध परंपराएं इस महोत्सव के माध्यम से जीवंत होती हैं। जिस समाज को अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व होता है, वही समाज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि नैनीताल अपनी खूबसूरत झील, पहाड़ों और हरी-भरी वादियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन यह केवल पर्यटन नगरी ही नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म की भी भूमि है। यहां माँ नैना देवी का पावन धाम, हनुमानगढ़ी तथा कैंची धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। मुक्तेश्वर में देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। प्रकृति और अध्यात्म का यह संगम नैनीताल को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

“ विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश में प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संवारने का कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हुए विकास कार्यों से आस्था के प्रमुख केंद्रों को नई पहचान मिली है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार भी “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र में भी मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से प्रमुख पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही हमारी प्राचीन विरासत के मूल स्वरूप को संरक्षित रखना है। माँ नैना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

धार्मिक पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, मातृशक्ति को स्वरोजगार के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा। इससे उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराएं देश-दुनिया तक पहुंचेंगी।

उन्होंने कहा कि नैनीताल जनपद के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कनेक्टिविटी सहित आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पहाड़ में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े और विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचे।

देवभूमि की भूमि, संस्कृति और पहचान की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विकास के साथ देवभूमि की जमीन, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य में भूमि संबंधी कानूनों को मजबूत किया गया है। वर्ष 2025 में किए गए संशोधन के तहत 11 पर्वतीय जिलों में बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा कृषि एवं उद्यान श्रेणी की भूमि खरीद पर रोक का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि की संस्कृति, पहचान और संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसी गतिविधियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।

समान नागरिक संहिता से महिलाओं के अधिकार हुए मजबूत

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की गई है। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता 27 जनवरी 2025 से प्रभावी है।

35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में मिला अवसर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे मेहनत करने वाले युवाओं के हित सुरक्षित रहें।

उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार का अवसर मिला है। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित जनसमूह से संवाद करते हुए पूछा कि पिछले पांच वर्षों में कितने युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, जिस पर जनसमूह ने “35 हजार” का उत्तर दिया।

मातृशक्ति के उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूहों, एकल महिला स्वरोजगार तथा अन्य माध्यमों से स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए उचित स्थान और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऐसे केंद्र उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां वे अपने उत्पादों को उचित मूल्य पर बेच सकें। इससे मातृशक्ति को अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को उचित बाजार और उचित मूल्य मिलने से महिलाओं की आय बढ़ेगी तथा वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

माँ नंदा-सुनंदा की आरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री
महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी माँ नंदा-सुनंदा की आरती में भी शामिल हुए। उन्होंने विधिवत आरती कर माँ नंदा-सुनंदा का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिलें, मातृशक्ति सशक्त बने, हमारी संस्कृति एवं विरासत सुरक्षित रहे और उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।

उन्होंने माँ नंदा-सुनंदा से प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि माँ की कृपा उत्तराखंड पर सदैव बनी रहे और देवभूमि निरंतर खुशहाल एवं समृद्ध बने। उन्होंने महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए सभी आयोजकों एवं इससे जुड़े लोगों को बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

भगवान बदरीविशाल से प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आस्था पथ सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ ही धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पारंपरिक गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित की जा रही सुविधाओं से धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में धाम की पारंपरिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक स्वरूप के संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में प्रतिभाग किया। महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 150 से अधिक संत-साध्वी तथा 1200 से अधिक हरिभक्त शामिल हुए। इस अवसर पर श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के पूज्यपाद महंत स्वामी श्री देवप्रसाददास स्वामी, पूज्यपाद सद्गुरुवर्य धर्मवल्लभदास स्वामी सहित बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम आना अपने आप में एक विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभूति है। भगवान बदरीविशाल की कृपा और आशीर्वाद से इस पावन धाम में संतों एवं श्रद्धालुओं के बीच आयोजित कथा महोत्सव में सहभागी होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम भारत की सनातन चेतना और आध्यात्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। भारतीय शास्त्रों में भी इस पवित्र धाम की महिमा का विशेष वर्णन मिलता है। यह भूमि सदियों से तप, साधना और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्राचीन विरासत, सनातन संस्कृति और आस्था के केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार के साथ ही उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया था। राज्य सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड को प्रकृति ने अनुपम सौंदर्य के साथ ही अद्वितीय आध्यात्मिक संपदा भी प्रदान की है। चारधाम, पवित्र गंगा-यमुना, हिमालय और हेमकुंड साहिब सहित अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल देवभूमि की विशिष्ट पहचान हैं। सरकार का प्रयास है कि इन तीर्थस्थलों का विकास श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप सुव्यवस्थित तरीके से हो और उनकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा भी अक्षुण्ण रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन समाज और राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणादायी रहा है। इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों से हमारी सनातन परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित संतों एवं श्रद्धालुओं का आभार भी व्यक्त किया।

इस अवसर पर राज्य मंत्री हरक सिंह, माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री विनोद कनवासी, अरुण मैठाणी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा दौरान यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यात्रा एवं बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर मौसम एवं भूस्खलन की स्थिति की निरंतर निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में आवश्यक सुविधाएं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था ऐसी हो कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम में भीड़ एवं आवागमन को देखते हुए धाम से लगभग 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने, डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने तथा खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही सुव्यवस्थित रखने तथा सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा एवं भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों एवं डंडी-कंडी की आवाजाही व्यवस्थित रखी जाए
आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण एवं गड्ढामुक्त करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी करने तथा स्यानाचट्टी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ – मारवाड़ी मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे शीघ्र खोलने के लिए आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने चारों धामों में मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था रखने तथा घोड़े-खच्चरों की लीद का समुचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों एवं दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, विद्युत, प्रकाश एवं शटल सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक वसूली अथवा अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देकर हेली सेवाओं का संचालन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। यात्रा मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी करते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। 14 सितम्बर 2026 की शाम 7 बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें यमुनोत्री में 7,08,407, गंगोत्री में 7,89,773, श्री केदारनाथ में 14,98,544, श्री बदरीनाथ में 17,36,619 तथा श्री हेमकुंड साहिब में 3,22,817 श्रद्धालु शामिल हैं।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रूद्रेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा करने पर सीएम का आभार जताने पहुंचे पुरोला के नागरिक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्य सेवक सदन में विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल ने भेंट की। उन्होंने विल्ला नौगांव, विधानसभा पुरोला के अंतर्गत 65 गांवों के आराध्य देवता श्री रुद्रेश्वर महादेव के डांडा देवराणा मंदिर, के सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री घोषणा के तहत ₹1.79 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ ही स्थानीय स्तर पर आस्था और परम्परा से जुड़े मंदिरों एवं मेलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परम्परायें उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान हैं तथा इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता है।

विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि डांडा देवराणा स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र के 65 गांवों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्थाएं जुड़ी हुई हैं। मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं अवस्थापना सुविधाओं के विकास से क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और विकास के साथ-साथ स्थानीय आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। रुद्रेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत धनराशि से मंदिर परिसर में विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य किए जा सकेंगे, जिससे क्षेत्र के लोगों एवं श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।

उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा डांडा देवराणा रुद्रेश्वर महादेव मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने के लिए भी उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि राजकीय मेले का दर्जा मिलने से इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक मेले को व्यापक पहचान मिलेगी और क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराओं तथा धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई गति प्राप्त होगी।

इस अवसर पर रुद्रेश्वर मंदिर समिति के केंद्रीय अध्यक्ष एवं मंदिर समिति के सदस्य तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान, भाजपा नेता जगनमोहन चंद, सरदार सिंह राणा, पूर्व मंडल अध्यक्ष बचन चौहान एवं वर्तमान मंडल अध्यक्ष अनिल चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल तत्काल प्रभाव से निलंबित, बीकेटीसी में अनुशासनहीनता पर बड़ी कार्रवाई

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अनुशासन एवं प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

समिति द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नौटियाल के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर 03 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया।

प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जांच समिति की प्रारंभिक आख्या का परीक्षण करने पर आरोप प्रथम दृष्टया पुष्ट पाए गए। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है। समिति ने यह भी माना कि कर्मचारी को वर्तमान पद पर बनाए रखने से जांच प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

इन्हीं तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए जांच की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही उन्हें बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया है। इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी तथा उन्हें जांच एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही में अपेक्षित सहयोग देना अनिवार्य होगा।

बीकेटीसी ने स्पष्ट किया है कि समिति प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं अनुशासन सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता के मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सीएम के आदेश पर बदरीनाथ धाम चढ़ावा मामले पर उच्चस्तरीय समिति गठित

श्री बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे आदि के संबंध में प्राप्त कथित अनियमितताओं की शिकायतों एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड शासन ने मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।

समिति के अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल होंगे। समिति में प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी तथा कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।

सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या एवं संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी।

जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकेगी। साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी।

केदानाथ धाम में जिन 6 ब्लॉक्स का कार्य शुरू किया जाना है, उन्हें तत्काल शुरू कराया जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण और पुनर्विकास कार्य एवं बद्रीनाथ मास्टर प्लान कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण से सम्बन्धित कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने प्रत्येक कार्य के भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के साथ ही पूर्ण होने की समयसीमा की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि केदानाथ धाम में जिन 6 ब्लॉक्स का कार्य शुरू किया जाना है, उन्हें तत्काल शुरू कराया जाए। उन्होंने निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण कराए जाने हेतु प्रत्येक कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को केदारनाथ धाम यात्रा क्षेत्र के लिए एक व्यापक एवं एकीकृत कूड़ा प्रबंधन योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के कूड़े के डिस्पोजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी वित्तीय, तकनीकी और अन्य सहयोग की आवश्यकता होगी, वह उपलब्ध करायी जाएगी।

मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ मास्टरप्लान फेज 1 और फेज 2 के कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने प्रत्येक कार्य की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की जानकारी ली एवं प्रत्येक कार्य के पूर्ण होने की समयसीमा के अनुसार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट में निहित सभी प्रकार के कंटेंट और आर्ट वर्क को साथ साथ शुरू कराया जाए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ धाम एवं बद्रीनाथ धाम में जो भी असेट्स एवं सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं, उनके ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए फ्रेमवर्क तैयार कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इनके संचालन के लिए संस्थाएं पूर्व निर्धारित रहेंगी तो हैंड ओवर करने के उपरांत मेंटेनेंस आदि की जिम्मेदारी निर्धारण में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार एवं सम्बन्धित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

हेमकुंट साहिब की यात्रा सुरक्षित, श्रद्धालुओं ने कहा कुछ लोग उड़ा रहे अफवाह

हेमकुंट साहिब की यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों ने पुलिस – प्रशासन के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा है कि यात्रा सकुशल चल रही है। कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया व्यूज के लिए अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ रहे हैं।

पंबाज से अपने परिवार के साथ हेमकुंट साहिब दर्शन के लिए आई श्रद्धालु सुखबीर कौर ने बताया कि वो 19 जून को यात्रा पर निकली थी। इस दौरान उन्हें कई लोगों ने यात्रा को लेकर सतर्क किया। मंगलवार को वापसी में गोविंदघाट पहुंची सुखवीर कौर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें पूरी यात्रा में कहीं कोई दिक्कत नहीं आई। स्थानीय प्रशासन से लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पूरी क्षमता से यात्रा संचालित कर रही है। चिकित्सा सुविधा से लेकर, रहने खाने तक की पर्याप्त सुविधा है। उन्होंने बताया कि यात्रा में स्थानीय लोग भी भरपूर सहयोग कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया व्यूज के लिए यात्रा को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य श्रद्धालुओं से भी यात्रा कर दर्शन लाभ करने की अपील की है।

यात्रा सम्पन्न कर चुके अन्य तीर्थयात्रियों ने भी वीडियो बयान में कहा है कि यात्रा सकुशल चल रही है, भारी भीड़ के बावजूद सभी सुविधाएं मिल रही है। इसमें पुलिस प्रशासन पूरा सहयोग कर रहा है। तीर्थयात्रियों ने कहा कि यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाई जा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि यात्रा पहले की तरह शांतिपूर्वतक ढंग से चल रही है। जिसमेँ स्थानीय लोग भी पूरा सहयोग कर रहे हैं।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने की चारधाम यात्रा की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आपदा नियंत्रण कक्ष, आईटी पार्क जाकर चारधाम यात्रा की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा को लेकर व्यवस्था चाकचौबन्द किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारों धामों में श्रद्धालुओं को दर्शन सुगमता एवं सरलता से हों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, बीकेटीसी एवं हितधारकों को आपसी सामंजस्य से सभी आवश्यक सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर पिछले वर्षों की भांति रात्रिकालीन दर्शन की व्यवस्था को सुचारू किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यात्रा के विभिन्न पड़ावों में निचले क्षेत्रों में होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को रखे जाने के निर्देश देते हुए होल्डिंग एरिया में सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आने वाले मानसून सीजन को लेकर भी जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी होल्डिंग एरिया को अभी से एक्टिवेट कर लिया जाए। साथ ही, सभी सम्बन्धित जनपद भारी वर्षा और भूस्खलन आदि के दृष्टिगत होल्डिंग एरिया एवं निकासी योजना तैयार रखें। उन्होंने युकाडा को भी अपनी निकासी योजना तैयार रखे जाने के निर्देश दिए, ताकि एयरलिफ्ट कराए जाने की परिस्थिति में पहले से व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें । उन्होंने सम्बन्धित सभी जनपदों को राशन सहित अन्य आवश्यक सामग्री का भी समुचित स्टॉक रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के साथ ही स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिए। कहा कि 60 वर्ष से अधिक एवं बहुत छोटे बच्चों को लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं एवं बीमार लोगों को यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए लगातार प्रचार प्रसार भी किया जाए।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल एवं एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।