मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने लिया बेरोजगारों के ज्ञापन का संज्ञान, संसोधन के साथ होगी नर्सिंग भर्ती

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नर्सिंग की भर्ती में मानकों में संशोधन के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने नर्सिंग प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं के ज्ञापन का संज्ञान लेकर सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र आगामी कैबिनेट में लाया जाए। जिससे नर्सिंग की भर्ती में मानकों में आवश्यक संशोधन किया जा सके और ज्यादा से ज्यादा नर्सिंग प्रशिक्षित युवा उसमें शामिल हो सकें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश के बाद राज्य में 1200 से ज्यादा पदों पर नर्सिंग स्टाफ की भर्ती होने जा रही है। लेकिन भर्ती के लिए 30 बेड के अस्पताल से एक साल के अनुभव और फार्म 16 की अनिवार्यता के कारण कई नर्सिंग प्रशिक्षित युवा इस भाग लेने से वंचित हो रहे थे। इस पर नर्सिंग प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन देकर मानकों में ढील देने की मांग की थी। जिससे अधिक से अधिक नर्सिंग प्रशिक्षित युवा इसमें भाग ले सकें।

कोरोना को हराकर आज से काम काज शुरू करते ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहला निर्णय नर्सिंग भर्ती के मानकों में संशोधन का लिया। नर्सिंग बेरोजगार संगठन की ओर से दिए ज्ञापन का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि 30 बेड के अस्पताल में एक साल के अनुभव की शर्त को हटा दिया जाए। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार नर्सिंग भर्ती के लिए अब 30 बेड के अस्पताल में एक साल के अनुभव की शर्त को हटाया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के सम्मुख रखेंगे। इस संशोधन के बाद फार्म 16 की अनिवार्यता भी स्वत ही खत्म हो जाएगी। साथ ही 30 बेड के अस्पताल में एक साल के अनुभव की शर्त भी हट जाएगी। कैबिनेट निर्णय के बाद नर्सिंग प्रशिक्षित बेरोजगार इसके लिए नर्सिंग भर्ती के लिए पात्र हो जाएंगे।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने आंकड़े जारी कर कहा बेरोजगारों के हाथों को दिया काम

देहरादून। भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवा बेरोजगारो के हाथो को काम दिया है नौकरियो की बंदरबांट नही की है। उन्होंने कहा कि वह अपने दावे पर कायम है कि सरकार ने 4 साल में सरकारी, गैर सरकारी में स्थाई और अस्थाई रूप से 7 लाख से अधिक लोगो को रोजगार दिया है। इसके लिए उन्होंने आंकड़े भी जारी किये।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भगत ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के रोजगार सम्बन्धी बयान पर चुटकी लेते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में नौकरियो की बंदरबांट के आरोप भी सामने आये थे। तब चहेतो को रेवड़ियों की तरह सरकारी नौकरियों के बंटने के भी आरोप लगे हैं। तब पिछले दरवाजे से हुई नियुक्तियों पर हंगामा भी हुआ था।

भगत ने कांग्रेस शासनकाल मे बेरोजगारों के साथ छलावा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने बेरोजगारों को नही अपने चहेतों को सरकारी नौकरियां दी है। इसमें विधान सभा में 158 नियुक्तियों सहित अन्य कई विभागों में कई ऐसे मामले सामने आये जिसमे कहा गया कि मनमाफिक चहेतो को रोजगार दिया।

भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंन्द्र सिंह रावत की सरकार पूर्ण पारदर्शिता से सबका साथ सबका विकास की भावना से कार्य कर रही है। भाजपा सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि अभी रोजगार का यह आंकड़ा और बढ़ेगा,क्योकि सरकार ने युवाओ को रोजगार देने के लिए वृहद रोड मैप बनाया है।

सरकार के बेहतर कामकाज पर कटाक्ष के बजाय विपक्ष रचनात्मक रूप से सुझाव दे और आगे आये। उन्होंने रोजगार और विकास के नजरिये से कांग्रेस को आइना दिखाते हुए कहा कि कांग्रेस के सामने आत्ममंथन का समय है कि आज के मुकाबले उसके कार्यकाल में रोजगार और विकास की क्या स्थिति थी।

भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने भाजपा सरकार के बेरोजगारों को दिए गए वर्षवार आंकड़े देते हुए कहा कि 2017 से 2020 तक युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंन्द्र सिंह रावत ने सभी विभागों में नए पदों का सृजन कर युवाओं को रोजगार देने का कार्य किया है ।

उन्होंने सृजित पदों के आंकड़ों का ब्यौरा भी दिया। जिनमें प्रमुख रूप से चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में 562 पद, चिकित्सा में 1473 पद, उद्योग विभाग में 160675 पद, ग्रामीण विकास विभाग में 153360 पद, वन विभाग में 89280 पद, लोक निर्माण विभाग में 58163 पद, परिवहन विभाग में 58078 पद, पेयजल विभाग में 41630 पद, पर्यटन विभाग में 41630 पद, कौशल विकास एवं सेवायोजना में 30102 पद, माध्यमिक शिक्षा में 8611पद, सिंचाई विभाग में 8170 पद, शहरी विकास विभाग में 7630 पद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग में 6509 पद, आबकारी विभाग में 6043 पद, सैनिक कल्याण विभाग में 5509 पद, लघु सिंचाई में 4656 पद, ऊर्जा विभाग में 4289 पद, गन्ना किसान एवं चीनी उद्योग में 2847 पद, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति में 2703 पद, महिला सशक्तिकरण में 2596 पद, स्वास्थ्य विभाग में 2585 पद, डेरी विकास विभाग में 2481पद, सहकारिता में 2276 पद, मत्स्य विभाग में 2016 पद,

इसी कड़ी में भगत ने कहा उनकी सरकार द्वारा अन्य कई प्रशासनिक विभागों में पद सृजित हुए बेरोजगारों को रोजगार देने का कार्य किया गया है।

भगत ने नए सृजित पदों के भी आंकड़े साझा किये जिसके अंतर्गत 2017 से 2020 चिकित्सा क्षेत्र में 1810 पद, वित्त विभाग में 1583 पद, उच्च शिक्षा विभाग में 1247 पद, संस्कृत शिक्षा विभाग में 75 पद, गृह विभाग आयुष विभाग में 75 पद, सूचना प्रौद्योगिकी में 485 पद, तकनीकी शिक्षा में 473 पद, रेशम विकास विभाग में 426 पद, पशुपालन विभाग में 421पद, उद्यान विभाग में 318 पद, निर्वाचन विभाग में 272 पद, महिला कल्याण विभाग में 254 पद, जलागम प्रबंधन में 174 पद, सचिवालय प्रशासन में 138 पद, राज्य संपत्ति विभाग में 136 पद, ग्रामीण निर्माण विभाग में 110 पद, समाज कल्याण विभाग में 96 पद, सूचना विभाग में 33 पद, आवास विभाग में 27 पद, नागरिक उड्डयन में 24 पद, संस्कृत विभाग में 14 पद, कृषि विभाग में 12365 पद, वन एवं पर्यावरण विभाग में 45 पद, सचिवालय प्रशासन (अधिष्ठान अनुभाग) में 122 पद, उत्तराखंड न्यायिक सेवा सिविल जज में 28 पद, अर्थ एवं संख्याधिकारी में 14 पद, असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय में 877 पद।

भगत ने कहा कोविड के दौरान मनरेगा में पिछले साल की तुलना में 84000 अतिरिक्त परिवारों (200000 अतिरिक्त श्रमिकों) को रोजगार दिया गया। पिछले वर्ष की तुलना में 170 का अतिरिक्त व्यय भी त्रिवेंद्र सरकार द्वारा किया गया है ।

कहा कि त्रिवेंद्र सरकार सरकार ने कैंपा के माध्यम से 40000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना भी तैयार कर ली है। कहा की अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 2014 से 2017 तक केवल 8 परीक्षाएं आयोजित हुई जिनमें 801 पदों पर चयन हुआ, वहीं साल 2017 से 2020 तक 59 परीक्षाएं आयोजित की गई जिनमें 6000 पदों का चयन हुआ वर्तमान में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 7300 पदों पर अधियाचन और भर्ती प्रक्रिया जारी है। भगत ने आंकड़े के साथ रोजगार देने का दावा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 4 सालों में 712837 रोजगार सृजित कर बेरोजगारों को रोजगार दिया है।

नए साल पर यूपी सीएम का युवाओं को तोहफा, प्रतियोगी परीक्षा की दी जाएगी फ्री कोचिंग

नए साल 2021 की शुरूआत में ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने युवाओं को तोहफा दिया है। योगी सरकार ने आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को फ्री कोचिंग देने का वायदा किया। बताया कि मंडल स्तर से इसके प्रथम चरण की शुरूआत होगी। इसके बाद जिला स्तर पर भी यह सुविधा शुरू होगी।

गोरखपुर में अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोचिंग कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जल्द नया सॉफ्टवेयर लाया जाएगा। योजना की शुरुआत भारतीय प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा के लिए कोचिंग से होगी। उसके बाद अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी शुरू की जाएगी। योगी ने कहा कि यही नहीं इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी तैयारी निशुल्क कराई जाएगी। ताकि उत्तर प्रदेश के युवा देश की प्रतिष्ठित नौकरियों के लिए स्वयं को अग्रिम पक्ति में पाएं। योगी ने कहा कि इससे छात्रों का पलायन रुकेगा। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं एवं प्रदेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपना जिला और प्रदेश नहीं छोड़ना पड़ेगा।

स्पीकर प्रेमचंद ने दिए.सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए छोटी सब्जी मंडी खोलने के निर्देश

ऋषिकेश में छोटी सब्जी मंडी पर बना सवाल अब समाप्त होगा। पुरानी जगह पर रोस्टर प्रक्रिया के तहत सब्जी मंडी संचालित होगी। आज इसके निर्देश विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कैंप कार्यालय में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को दिए। बैठक में उप जिलाधिकारी वरुण चैधरी एवं तहसीलदार अभिनव शाह मौजूद रहे।

स्पीकर ने अधिकारियों से कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते सब्जी विक्रेताओं के सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है दुकाने न खुलने के कारण उन्हें अपना परिवार को पालना मुश्किल हो गया है। सब्जी मंडी खोले जाने में इस प्रकार की व्यवस्था की जाए कि सरकारी दिशानिर्देशों का भी पालन हो एवं गरीब फुटकर विक्रेताओं अपनी दुकान भी खोल सके।

विधानसभा अध्यक्ष ने समस्या का समाधान करते हुए भी कहा कि सब्जी फुटकर विक्रेता रोस्टर व्यवस्था के अनुरूप दुकान खोलें, जिसकी जिम्मेवारी उन्होंने फुटकर फल सब्जी विक्रेता समिति के अध्यक्ष राजीव गुप्ता को दी। इसके अनुरूप एक दुकान छोड़कर एक दुकान खोली जानी है।

आपको बता दें कि फुटकर फल एवं सब्जी विक्रेता समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल से मिलकर अपनी समस्या का समाधान करने का आग्रह किया था।विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया था कि प्रशासन ने कोविड-19 के प्रकोप से बचाव हेतु जीवनी माई मार्ग से फुटकर फल व सब्जी मंडी को बंद कर दिया था तब से अधिकांश सब्जी विक्रेता काम न होने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं ।उस दौरान फुटकर फल एवं सब्जी विक्रेताओं की समस्या को सुनकर स्पीकर ने जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव को दूरभाष पर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष राजू गुप्ता, बबलू गुप्ता, राकेश गुप्ता, हेमंत कुमार, गोविंद गुप्ता, कैलाश चंद, ऋषि गुप्ता, कश्यप गुप्ता, ललित मिश्रा, नगर निगम पार्षद रीना शर्मा, अनिल गुप्ता, राधाकृष्ण गुप्ता, विनोद वर्मा, राजेंद्र चैरासिया आदि उपस्थित थे।

स्वास्थ्य विभाग में नौकरी के लिए हो जाएं तैयार, स्टाफ नर्स की भर्ती को 14 दिसंबर से करें आवेदन

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने स्टाफ नर्स के 1238 पदों पर भर्ती की विज्ञप्ति जारी कर दी है। लंबे समय से भर्ती का इंतजार करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह सुनहरा मौका है। भर्ती के लिए 14 दिसंबर सोमवार से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो रहे हैं, जबकि 11 जनवरी को आवेदन और परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख घोषित की है। इसके अलावा 12 जनवरी को आवेदन पत्र को प्रिंट आउट कर सकत है। 25 जनवरी को ऑनलाइन स्कूटनी के बाद रिजेक्ट किए गए आवेदन पत्रों की सूची अपलोड की जाएगी। 30 जनवरी को रिजेक्ट किए गए आवेदन कर्ताओं द्वारा संबंधित प्रमाण पत्र वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तारीख है। 20 फरवरी को लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र ऑनलाइन जारी होंगे, जबकि 7 मार्च को स्टाफ नर्स भर्ती की लिखित परीक्षा होगी।

सीएम के निर्देश पर सरकारी विभागों में पदों की तस्वीर जल्द आएगी सामने

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर शासन सभी विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं को ब्योरा खंगालने में जुट गया है। इससे यह जानकारी हाथ लग जाएगी कि भविष्य में कितने और पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जा सकती है।

प्रदेश में इस समय विभिन्न विभागों में पद रिक्त चल रहे हैं। इनकी कुल संख्या को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। शासन कई बार रिक्त पदों को लेकर विभागों से जानकारी लेता रहता है लेकिन शासन को आधी अधूरी ही जानकारी मिलती है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समय-समय पर भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर जानकारी लेते रहे हैं। अभी तक लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के पास भर्ती आवेदनों की जानकारी सरकार के पास है।

प्रदेश में इस समय तकरीबन 45 विभाग हैं। इन विभागों में रिक्त पदों के संबंध में विस्तृत जानकारी शासन को नहीं मिल पाई है। जिनकी जानकारी मिली है उनमें से राजस्व, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, उच्च शिक्षा, न्याय, वन व राज्य कर विभागों में सबसे अधिक पद रिक्त चल रहे हैं। सरकार इन्हें कई बार रिक्त पदों को भरने के निर्देश जारी कर चुकी है।

अब शासन सभी विभागों से रिक्त पदों को भरने के संबंध में अभी तक की गई कार्रवाई का ब्योरा तलब कर रहा है। विभागों से कहा गया है कि वे बताएं कि कितने पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन लोक सेवा अथवा अधीनस्थ चयन आयोग को भेजे गए हैं। इस पर क्या कार्रवाई हुई है। अभी तक विभाग में कितने पद रिक्त चल रहे हैं और इन्हें भरने के लिए विभाग की क्या योजना है। माना जा रहा है कि सारी जानकारी मिलने के बाद शासन को प्रदेश में रिक्त पदों को लेकर एक सही तस्वीर मिल जाएगी।

त्रिवेन्द्र सरकार ने होमगार्ड के पद बढ़ाने की घोषणा की

होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने होमगार्डों को कारागार के बंदी रक्षकों की भर्ती और विभाग के समूह ग के पदों में 25 फीसद आरक्षण देने की घोषणा की। साथ ही हरिद्वार में नागरिक सुरक्षा इकाई का गठन और होमगार्ड के पदों में इजाफा करने का भी एलान किया।

होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा का स्थापना दिवस ननूरखेड़ा स्थित मुख्यालय में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में होमगार्ड के जवानों ने अनुशासन के साथ कदमताल कर आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपरिहार्य कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में काबीना मंत्री सुबोध उनियाल उनके प्रतिनिधि के तौर पर कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। काबीना मंत्री ने ही रैतिक परेड की सलामी ली। रैतिक परेड में कुल छह प्लाटून शामिल हुईं, जिनमें पांच सशस्त्र पुरुष और एक सशस्त्र महिला प्लाटून थीं। परेड में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के विभिन्न जनपदों से आए होमगार्ड शामिल हुए। परेड कमांडर गढ़वाल कमांडेंट गौतमय कुमार, सेकेंड इन कमांड निरीक्षक उत्तरकाशी चंद्रकांत बिष्ट और परेड एडजुटेंट वैतनिक प्लाटून कमांडर पौड़ी शशि बोरा ने परेड को लीड किया। वैतनिक प्लाटून कमांडर टिहरी विजयपाल सिंह ने परेड मेजर की भूमिका निभाई। परेड के बाद मुख्यमंत्री की घोषणाओं को कमांडेंट जनरल होमगार्ड्स एवं निदेशक नागरिक सुरक्षा पुष्पक ज्योति ने पढ़ा। काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका का विमोचन भी किया।

सहयोग राशि प्रदान की
इस अवसर पर काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने ड्यूटी पर शहीद होमगार्ड विजय तिवारी की पत्नी कांति तिवारी को 10 लाख रुपये की बीमा धनराशि व सेवापृथक होमगार्ड सुरेश चंद्र को एक लाख की सहायता राशि कल्याण कोष से प्रदान की।

उत्कृष्ट कार्य पर मिला सम्मान
काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने उत्कृष्ट कार्य के लिए होमगार्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री प्रशंसा प्रमाण-पत्र से नवाजा। सम्मान प्राप्त करने वालों में डिप्टी कमांडेंट जनरल अमिताभ श्रीवास्तव, डिप्टी कमांडेंट जनरल राजीव बलोनी, कुमाऊं मंडल कमांडेंट ललित मोहन जोशी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नरेंद्र सिंह बिष्ट, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्यामेंद्र कुमार साहू, वैतनिक प्लाटून कमांडर चंद्रकांत बिष्ट, अवैतनिक प्लाटून कमांडर राजपाल राणा, अवैतनिक प्लाटून कमांडर टेकचंद, मुख्य वार्डन नागरिक सुरक्षा देहरादून सतीश अग्रवाल, प्रभागीय वार्डन नागरिक सुरक्षा उमेश्वर सिंह रावत शामिल रहे।

आईडीपीएल संस्थान को बचाने को चलाया हस्ताक्षर अभियान

उत्तराखंड से पलायन रोकना है तो आईडीपीएल संस्थान को पुनर्जीवित करना होगा। इससे न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि पलायन भी रूकेगा। प्रदेश के युवा यही रहकर राज्य की उन्नति के लिए काम करेंगे।

आज स्वदेशी जागरण ऋषिकेश की ओर से आईडीपीएल बचाओ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। आईडीपीएल हाट बाजार में चले अभियान में जीएमवीएन निदेशक आशुतोष शर्मा ने प्रधानमंत्री और रसायन व उर्वरक मंत्रालय के प्रभारी मंत्री से निवेदन किया।

कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को सस्ती व गुणवत्तापूर्ण दवाइयां भी मुहैया हो सके। इससे पीएम के आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी गति मिलेगी।

मौके पर मंच के नगर संयोजक सुनील कुमार शर्मा, जिला संघर्ष वाहिनी प्रमुख अनिल फर्सवान, ग्रामीण संयोजक सौरभ मिश्रा, ग्रामीण संघर्ष वाहिनी प्रमुख अभिषेक राठौर, जिला संयोजक सूरज बिजल्वाण, जिला सह संयोजक मदन लाल, सूरज थपलियाल, जिला मीडिया प्रभारी यशपाल गंगावत, बेचन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

देहरादून में रोबोटिक लैब की होगी स्थापना, सीएम ने की घोषणा

केन्द्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी रविशंकर प्रसाद ने वर्चुअल माध्यम से एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईटीडीए, देहरादून में कोएसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि देहरादून में जल्द ही एक रोबोटिक लैब की स्थापना की जायेगी जिसके लिए भूमि भी उपलब्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं सूचना तकनीकी राज्यमंत्री, भारत सरकार संजय धोत्रे ने ई-वेस्ट स्टूडियो का उद्घाटन भी किया।
केन्द्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं देवभूमि उत्तराखण्ड से बहुत प्यार करता हूं और वहां के लोगों का बहुत सम्मान करता हूं। उत्तराखण्ड आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं भारत की सभ्यतागत संस्कृति का केन्द्र है। इन्क्यूबेशन का मतलब है, सृजना। उत्तराखण्ड से वेद की शुरूआत हुई है, श्री केदारनाथ, श्री बदरीनाथ, गंगा एवं यमुना का जहां उद्गम स्थल हैं उस उत्तराखण्ड राज्य से आज टेक्नॉलाजी को इंक्यूबेट कर रहे है। संस्कार, संस्कृति से टेक्नॉलाजी तक ये उत्तराखण्ड का परिचय होना चाहिए। उत्तराखण्ड के लोगों में कार्य करने की असीमित क्षमता एवं समर्पण की भावना है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अगुवाई में उत्तराखण्ड राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एसटीपीआई के अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह इन्क्यूबेसन सेंटर बेहतर एवं आधुनिक बने। स्टार्टअप के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में प्रबल संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड के देहरादून एवं हल्द्वानी में बीपीओ बनाये गये हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘चुनौती’ नाम से एक नई योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य छोटे शहरों के बच्चों में भी सृजनात्मकता का विकास हो। उन्होंने कहा कि देहरादून में एक रोबोटिक सेंटर बनाया जाय। यह भारत का महत्वपूर्ण रोबोट सेंटर बनना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया जायेगा। उत्तराखण्ड का एक ब्रांड अध्यात्म है तो दूसरा रोबोटिक बनना चाहिए। आज उत्तराखण्ड के 46 अस्पताल ई-अस्पताल बन चुके हैं। ऋषिकेश एम्स अच्छा कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया का उद्देश्य आम लोगों को टेक्नॉलॉजी के माध्यम से मजबूत बनाना है। इसके लोगों को अनेक फायदे हो रहे हैं। टेक्नॉलाजी के माध्यम से आम आदमी के जीवन को बदला जा सकता है। भारत नेट फेज 1 में उत्तराखण्ड के 1800 ग्राम पंचायत कनेक्ट हो चुके हैं। फेज 2 में भी राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया जायेगा। हरिद्वार में 310 ग्राम पंचायतों सीएससी सेंटर के माध्यम से 50 हजार लोगों को वाईफाई सुविधा दी गई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र के शिलान्यास के लिए केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीडीए द्वारा सभी इलेक्ट्रिक वेस्ट का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है। टीम वर्क से इलेक्ट्रानिक वेस्ट को बैस्ट में बदलने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। आईटी पार्क ने 2019-20 में 150 करोड़ रूपये का व्यापार किया है। इससे 2500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र बनने से स्टार्टअप को जो प्ले एण्ड प्लग की फैसिलिटी चाहिए वो उन्हें उपलब्ध होगी। इससे स्टार्टअप को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र उत्तराखण्ड में निवेश को आकर्षित करने तथा प्रमुख आईटीध्आई.टी.ई.एस गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन देने में मददगार होगा। इससे स्टार्टअप एवं उद्यमियों के लिए अतिरिक्त इंक्यूबेसन सुविधा उपलब्ध कराने एवं राज्य में आईटी साफ्टवेयर, सेवाओं के निर्यात व उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में भी सहायता मिलेगी। इससे राज्य में रोजगार के नये अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भारत नेट-2 के प्रसार से उत्तराखण्ड में पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य के नौजवान हौनहार एवं प्रगतिशील विचारधारा तथा रचनात्मक सोच वाले हैं। भारत नेट फेज 2 परियोजना के तहत की 2 हजार करोड़ रूपये की इस योजना से 5991 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुंचाया जायेगा। आज हमारे नौजवान ऑनलाईन बिजनेस की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ड्रोन एप्लीकेशन के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड में अच्छा कार्य हो रहा है। राज्य में अनेक ड्रोन के पायलेट तैयार हो रहे हैं। आने वाले समय में राज्य को इसका बहुत लाभ होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से काशीपुर में आरक्षित 100 एकड़ भूमि में इलेक्ट्रॉनिक एवं मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर के लिए सहयोग एवं राज्य में भारत नेट भेज 2 का जल्द कार्य शुरू करवाने का अनुरोध किया।
आईटीडीए के निदेशक अमित कुमार सिन्हा ने ई-वेस्ट स्टूडियो के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि ई-कचरा पुनर्चक्रण और निपटान के बारे में जन जागरूकता के उद्देश्य से बना यह स्टूडियो पूरी तरह से पुनर्चक्रण किये हुए ई-कचरे से तैयार किया गया है। जिसमें आंतरिक ड्रोन रेसिंग ट्रैक भी बनाया गया है। इस स्टूडियो को बनाने के लिए एकत्रित किये गए ई-कचरे को पुनः उपयोग कर 25 कंप्यूटर तैयार किये गए जिन्हे की जनपद के 10 प्राथमिक विद्यालयों को भेंट किया गया।
इस अवसर पर सूचना तकनीकी राज्यमंत्री, भारत सरकार संजय धोत्रे, सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी आर.के. सुधांशु, एवं निदेशक आईटीडीए अमित कुमार सिन्हा, वर्चुअल माध्यम से सचिव इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार अजय प्रकाश साहनी एवं महानिदेशक एसटीपीआई डॉ. ओंकार राय आदि उपस्थित थे।

किसानों को समय से भुगतान हो सरकार कर रही प्रयासः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को शुगर कम्पनी लि. डोईवाला के पराई सत्र 2020-21 का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन सालों में सरकार का प्रयास रहा है कि किसानों को भुगतान समय पर एवं पारदर्शिता के साथ हो। धान का किसानों को ऑनलाइन पेमेंट किया और 24 घण्टे के अन्दर भी भुगतान किया। खाद का भी डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया। दुग्ध उत्पादकों को भी ऑनलाइन पेमेंट किया जा रहा है। सरकार ने कोशिश की कि किसानों को उनका पैसा सीधे उनके खाते में मिले। कोविड के कारण लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस वर्ष राज्य सरकार ने ढ़ाई सौ करोड़ रूपये किसानों को अनुदान के रूप में दिया। गन्ना किसानों का शत प्रतिशत भुगतान किया गया है। हरिद्वार जनपद में एक प्राइवेट शुगर मिल बंद पड़ी थी। राज्य सरकार ने अपनी गारंटी पर मिल को ऋण दिया। 22 हजार किसान इस मिल में कार्य कर रहे थे। आज उस शुगर मिल में किसानों का 80 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। राज्य सरकार ने किसानों के हित में हर सम्भव प्रयास किये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डोईवाला के इस प्लांट का आधुनिकीकरण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ने की आधुनिक किस्म को अपनाना जरूरी है। उत्पादकता बढ़ाने एवं मिलों को बचाये रखने के लिए आधुनिक प्रयोगों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र विकास के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। समग्र विकास के लिए दोनों का विकास जरूरी है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को 3 लाख रूपये तक एवं स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिकी के विकास के लिए हर न्याय पंचायत पर ग्रोथ सेंटर बनाये जा रहे हैं। अभी तक 100 से अधिक ग्रोथ सेंटर बनाये जा चुके हैं। 16400 किसान इस मिल से जुड़े हैं, यह अच्छी बात है कि इस बार मिल की रिकवरी अब तक की सबसे अच्छी रिकवरी रही।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि देश में गन्ना किसानों का शत प्रतिशत भुगतान करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य है। किसानों के प्रति राज्य सरकार कितनी गंभीर है, यह इस बात को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस मिल के आधुनिकीकरण से गन्ना किसानों को तो फायदा होगा ही, मिल से अनेक लोगों के रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस अवसर अध्यक्ष गन्ना विकास समिति भगत राम कोठारी, भाजपा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुण्डीर, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष खेम पाल सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी धीरेन्द्र सिंह पंवार, आशा कोठारी, सचिव गन्ना विकास चन्द्रेश यादव, डोईवाला शुगर मिल के अधिशासी निदेशक मनमोहन सिंह आदि उपस्थित थे।