पशु पालन को आर्थिकी का जरिया बनाने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मंगलवार को सचिवालय में मत्स्य, डेयरी विकास एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा की। इस बैठक में सभी जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रदेश में व्यावसायिक बकरी पालन हेतु बकरी घाटियां तैयार किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने बकरियों के उत्पादन, परिवहन व विपणन आदि में सुगमता हेतु वर्तमान में चल रही इससे सम्बन्धित सभी योजनाओं के लिये विशेष क्षेत्र चिह्नित कर उस क्षेत्र को बकरी घाटी कलस्टर के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक बकरी पालन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण आर्थिकी और मजबूत होगी।
कैबिनेट मंत्री ने डेयरी विकास विभाग के अंतर्गत आँचल के दूध एवं दुग्ध पदार्थों की बिक्री हेतु मिल्क बूथों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध समितियों के दुग्ध उत्पादकों को तकनीकी निवेश सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से आंचल दुग्ध उत्पादक सेवा केन्द्रों की स्थापना की जाय। उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को जनपदों में आँचल मिल्क बूथ स्थापित किये जाने हेतु सरकारी कार्यालयों एवं शहरी स्थानों में भूमि का चयन करते हुए उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने माह सितम्बर तक चारधाम यात्रा मार्गों में उक्त मिल्क बूथ एवं कैफे को स्थापित करने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मत्स्य पालन विकास विभाग के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में अमृत सरोवरों के निर्माण संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, जिला योजना एवं राज्य योजना के अन्तर्गत मात्स्यिकी विकास हेतु कन्वर्जन्स कर कार्यक्रमों का संचालन किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने रोजगार की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत मात्स्यिकी क्षेत्र के विकास हेतु सभी जनपदों के अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से रूचि लेकर इस योजना को आगे बढ़ने पर बल दिया।
बैठक में सचिव डा वी0बी0आर0सी0 पुरुषोत्तम एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी विभाग प्रत्येक वर्ष भर्ती वर्ष 1 जुलाई से 30 जून के अनुसार समय से अधियाचन भेजना सुनिश्चित करेंः सीएम

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने विभागों द्वारा आयोग को भेजी जाने वाली रिक्तियों के अधियाचन के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि सभी विभाग प्रत्येक वर्ष भर्ती वर्ष 1 जुलाई से 30 जून के अनुसार समय से अधियाचन भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागों को यह भी निर्देश दिए कि आयोगों को त्रुटिरहित अधियाचन भेजे जाएं।

मुख्य सचिव ने कार्मिक विभाग को निर्देश दिए कि त्रुटिरहित अधियाचन भेजे जाने के लिए पोर्टल बेस्ड व्यवस्था बनाई जाए। पोर्टल के माध्यम से अधियाचन भेजे जाने से त्रुटि होने की संभावना समाप्त हो जायेगी, साथ ही पोर्टल होने से समय की भी बचत होगी।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपना कैलेंडर भी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों के ढांचे भी बहुत पुरानी व्यवस्था पर चल रहे हैं, विभागों में बहुत से ऐसे पद भी हैं जिनकी आधुनिक परिस्थितियों में आवश्यकता नहीं है और लंबे समय से रिक्त भी चल रहे हैं, जबकि जिन पदों की आवश्यकता है उन पदों का सृजन ही नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा सिस्टम विकसित किया जाए कि प्रत्येक विभाग 2, 3 साल में अपने ढांचे की समीक्षा कर, आवश्यक पदों का सृजन करे और अनावश्यक पदों को समाप्त करे।

मुख्य सचिव ने लोक सेवा आयोग द्वारा की जाने वाली डीपीसी बैठकों हेतु सचिवालय में कमरे की व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि इससे अधिकारियों का भी समय बचेगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जिन विभागों द्वारा इस भर्ती वर्ष हेतु अधियाचन भेजे जाने हैं, और अभी तक नहीं भेजे हैं, अगले एक सप्ताह के भीतर अधियाचन आयोगों को भेज दें।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, रविनाथ रमन एवं वीवीआरसी पुरुषोत्तम सहित अन्य विभागीय उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

पशु धन और कृषि पर केन्द्र सरकार का विशेष ध्यान-संजीव बालियान

केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था काफी हद तक खेती-बाड़ी पर निर्भर है। किसान के लिये उनके खेत और पशु ही उनकी संपत्ति हैं। इसलिये केंद्र सरकार खेती और पशुपालन पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने पशुपालकों से पशुओं के प्रजनन में उन्नत तकनीक अपनाने के साथ जमीनी स्तर पर इसके क्रिर्यान्वयन के महत्व पर बल दिया।
उत्तराखंड में पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से पहल की है। प्रदेश में नस्ल सुधार के लिए पहली भेड़ एवं बकरी कृत्रिम गर्भाधान प्रयोगशाला को स्थापित किया गया है। शुक्रवार को बैराज रोड स्थित पशुलोक में स्थापित प्रयोगशाला का केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा और वनमंत्री सुबोध उनियाल ने उद्धाटन किया। डॉ. बालियान ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ लैब का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों से प्रयोगशाला से संबंधित अहम जानकारियां भी लीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भेड़ और बकरी अच्छी-खासी तादाद में हैं। उन्होंने कहा कि अब अच्छा सीमन और कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा होने से न सिर्फ नस्ल सुधार होगा, बल्कि बेहतर क्वीलिटी की ऊन मिलने से पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में उत्तराखंड आगामी 10 वर्षाे में महीन ऊन उत्पादक राज्य बनकर उभरेगा। इस मौके पर पशुपालन विभाग के सचिव बीवीआरसी पुरूषोत्तम, सचिव आरमीनाक्षी सुंदरम, पशुपालन विभाग निदेशक डॉ. प्रेम कुमार, अपर निदेशक डॉ. अविनाश आनंद, परियोजना समन्वयक डॉ. कमल सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केके मिश्रा मौजूद रहे।

तीन हजार भेड़-बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान
प्रयोगशाला में दिसम्बर 2019 में आस्ट्रेलिया से आयातित उच्च गुणवत्ता के मैरीनो मेढ़ो के तथा सिरोही, बरबरी, जमुनापारी, बीटल, जाखराना प्रजाति के बकरों के वीर्य का उत्पादन कर राज्य में व्यापक स्तर पर संचारित किया जाएगा। राज्य में भेड़-बकरियों में नस्ल सुधार का कार्य किया जाना है। इससे भेड़ के ऊन गुणवत्ता में वृद्वि के साथ-साथ भेड़ व बकरियों के वजन में वृद्वि होगी तथा भेड़ बकरी पालको की आजीविका व जीवन स्तर पर सुधार होगा। उत्तराखंड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के माध्यम से संचालित योजनान्तर्गत वर्तमान तक लगभग 3000 भेड़ व बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान किया गया है।

राज्य के प्रस्ताव को केन्द्र ने दी वित्तीय स्वीकृति, बहुरेंगे टिहरी के दिन

बहुपक्षीय विकास बैंकों की मदद से टिहरी झील और उसके जल ग्रहण क्षेत्र के समग्र विकास के राज्य सरकार के एक महत्वकांक्षी प्रस्ताव को केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके अंतर्गत प्रदेश सरकार को एशियन डेवलपमेन्ट बैंक तथा ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से कुल 2030 लाख अमरीकी ड़ॉलर का ऋण मिलेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत कोटी कालोनी, नई टिहरी, तिवाड़ गांव, डोबरा चांटी, टिहरी झील तथा मदन नेगी को कलस्टरों के रूप में विकसित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत टिहरी झील में चार स्थानों पर जल क्रीड़ा सम्बन्धित केन्द्र, टैन्ट कॉलोनी निर्माण, कोटी कॉलोनी से डोबरा-चांटी तक पर्यटन रोड का निर्माण, होम स्टे कलस्टरों का निर्माण, डोबरा चांटी पार्क, मल्टी लेवल कार पार्किंग, एकीकृत सूचना केन्द्र, मनोरंजन कॉम्पलेक्स, एक्वैटिक कॉम्पलेक्स, 3 स्टार बुटीक होटल, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, बायो डायर्वसिटी पार्क, योग एवं पंचकर्म केन्द्र, रोपवे निर्माण, तटीय क्षेत्र में वृहद वृक्षारोपण तथा लाइट एवं साउन्ड लेजर शो आदि विविध कार्य प्रस्तावित है। इस संबंध में एडीबी की टीम शीघ्र ही उत्तराखंड का दौरा करेगी।
इस परियोजना का उद्देश्य टिहरी को उत्तराखंड के ब्रांड टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने का है, जिसे स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत टिहरी शहर के एतिहासिक महत्व को पुर्नस्थापित करने, पर्यटन ढाँचे को मजबूत बनाने, बेहतर क्षमताओं से युक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा पलायन को कम करने का काम किया जायेगा। परियोजना के उद्देश्यों में पर्यटकों के टिहरी प्रवास की औसत अवधि को बढ़ाकर तीन दिन तक करना भी शामिल है।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा है, इस योजना के माध्यम से उत्तराखंड सरकार टिहरी को स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ एक वैकल्पिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना चाहती है। इस परियोजना से प्रत्यक्ष तौर पर लगभग चालीस हजार और परोक्ष रूप से लगभग दो लाख परिवार लाभान्वित होंगे। उन्हांेने कहा कि इस परियोजना के लिए हरित तकनीकी का प्रयोग किया जायेगा और अनिवार्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत सतत विकास उद्देश्यों के अनुरूप इस संवेदनशील क्षेत्र में सतत एवं उत्तरदायी पर्यटन को सुनिश्चित किया जायेगा।
उन्होंने कहा परियोजना के माध्यम से बाजार की मांग के अनुरूप क्षमता निर्माण करते हुए स्थानीय लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर मे सुधार लाया जायेगा। परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना ग्रामीण क्षेत्र को आर्गेनिक होमस्टे के रूप में विकसित कर उत्तरदायी पर्यटन की दिशा में आगे कदम बढ़ाना है। परियोजना में स्वास्थ्य व स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सेनिटेशन की व्यवस्था का प्रस्ताव भी है। सचिव, पर्यटन ने कहा कि परियोजना की वहनीयता को बढ़ाने के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जायेगा और उर्जा के अक्षय स्रोतों उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने की भी योजना है।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने वित्त मंत्रालय के समक्ष इस परियोजना का संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया था जिसमें टिहरी में पर्यटन अवस्थापना एवं सुविधाओं के विकास के साथ-साथ झील के चारों ओर एक रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रस्ताव को नीति आयोग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय के समर्थन के उपरान्त वित्त मंत्रालय द्वारा स्वीकृति दे दी गई है।

बजट में प्रदेश के विकास में हर क्षेत्र पर दिया गया है विशेष ध्यान

वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा के पटल में मंगलवार को उत्तराखंड सरकार का बजट 2022-23 रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए बजट में हर सेक्टर और वर्ग पर फोकस किया गया है। प्रदेश में गौसदनों की स्थापना के लिए बजट में विशेषतौर से ध्यान रखा गया है। समाज के हर वर्ग से राय लेकर ही बजट बनाया गया है, ताकि प्रदेश का विकास दोगुनी गति से हो सके।
बताया कि गौवंश के संरक्षण के लिए गौसदनों की स्थापना के लिए बजट के प्रावधानों में 6 गुना वृद्धि करते हुए 15 करोड़ स्वीकृत किए गए है। प्रदेश के गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों से पलायन पर प्रभावी प्रहार के लिए ठोस रणनीति बनाकर कार्य किया जाएगा। इसके लिए रिवर्स पलायन पर कार्य किया जाएगा। गांवों में कृषि, उद्योग, पर्यटन पर फोकस करते हुए पलायन रोका जाएगा।
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए 25 करोड़, सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के लिए 44.78 करोड़ मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना के लिए 20 करोड़ और सबसे ज्यादा दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 105.41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
धामी सरकार ने शिक्षा सेक्टर पर फोकस किया है। चंपावत स्थित शोबन सिह जीना विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में आईटी अकादमी और उत्कृष्टता केंद्र के संचालन के लिए पांच-पांच करोड़ रुपयों का प्रावधान किया है। सामान्य व पिछड़ी जाति के छात्रों को निशुल्क किताबें उपलब्ध करवाने के लिए 36.86 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया है।
कृषि क्षेत्र के विकास के साथ धामी सरकार ने अपना विजन साफ रखा है। बताया कि जीआई टैग प्राप्त कर वैश्विक बाजार की संभावना तलाशने की रणनीति बनाई जा रही है। स्थानीय फसलों का प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए 7.5 करोड़ रुपयों का प्रावधान है। मुख्यमंत्री एकीकृत बागबानी मिशन के लिए 17 करोड़ और दीन दयाल सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 55 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है।

बजट में क्या है खास, जानिए-
कुल वार्षिक बजट – 65,571.49 करोड़
स्थानीय फसल प्रोत्साहन – 7.5 करोड़
बागवानी मिशन – 17 करोड़
सीएम स्वरोजगार में 40 करोड़ का प्रावधान
दीन दयाल किसान कल्याण योजना 55 करोड़
अंतोदय को तीन फ्री सिलेंडर 55.50 करोड़
अटल आयुष्मान 310 करोड़
पलायन रोकथाम योजना 25 करोड़
सीमात क्षेत्र विकास कार्यक्रम 44.78 करोड़
यूनिफार्म सिविल कोड को 5 करोड़
सोबन सिंह जीना विवि चम्पावत परिसर के लिए पांच करोड़
मुक्त विवि में आईटी अकादमी को पाच करोड़
ओपन जिम के लिए 10 करोड़

अग्निपथ योजना से जुड़े नौजवानों को राज्य पुलिस में मिलेगी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘अग्निपथ योजना’ के माध्यम से नौजवानों के लिए भारतीय सेना के द्वार खोलने हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘अग्निपथ योजना’ के माध्यम से भारत की सैन्य ताकत को मजबूती मिलने के साथ ही युवाओं की कौशलता और प्रतिबद्धता में भी खासा सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को बलवीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि भारतीय रक्षा व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ सालों में कई बड़े सुधार देखने को मिले हैं। अग्निपथ योजना को लागू करने का जो निर्णय लिया गया है, उससे देश के नौजवान चार साल की सेवा सेना में दे सकेंगे। इस योजना से अग्निवीर तैयार किए जाएंगे, देश के नौजवान आर्म फोर्स में जा सकेंगे। उन्हें नई तकनीक से ट्रेंड किया जाएगा और देश को हाई स्किल आर्म फोर्स मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना को विश्व की बेहतरीन सेना बनाने की दृष्टि से यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती कराया जाएगा, इस दौरान अग्निवीरों को अच्छा वेतन मिलेगा। सेना की चार साल की नौकरी के बाद युवाओं को भविष्य के लिए अन्य अवसर दिए जाएंगे। चार साल की नौकरी के बाद सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत जो जवान चार साल बाद यहां से निकलेंगे, उत्तराखण्ड सरकार ऐसे अग्निवीरों को पुलिस की भर्ती में प्राथमिकता से अवसर देगी। 17 साल 6 माह से 21 साल के युवा, 10/12वीं के छात्र आवेदन कर सकेंगे। अगर कोई अग्निवीर देश सेवा के दौरान शहीद हो जाता है, तो उसके परिजनों को सेवा निधि के अन्तर्गत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ब्याज समेत मिलेगी, इसके अलावा बाकी बची नौकरी का भी वेतन दिया जाएगा। वहीं अगर कोई अग्निवीर डिसेबल हो जाता है, तो उसे 44 लाख रुपए तक की राशि दी जाएगी, इसके अलावा बाकी बची नौकरी का भी वेतन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा देश के सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। सैनिकों की अनेक लंबित मांगों की स्वीकृतियां प्रदान की। आज भारत रक्षा के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है।

सौर ऊर्जा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार उठा रही जरुरी कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखण्ड सरकार और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। सीएम आवास मे आयोजित कार्यक्रम में राज्य में नवीकरणीय एवं अन्य परियोजनाओं के विकास और शत प्रतिशत वित्तीय निवेश किये जाने के लिए यह एमओयू किया गया है।
उत्तराखण्ड सरकार की ओर से सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुन्दरम और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से मुख्य महाप्रबंधक नवीनीकरण ऊर्जा शैली अब्राहम व अधिशासी निदेशक अमित गर्ग ने हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एमओयू पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में रिन्यूबल एनर्जी विशेष तौर पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति होगी। ऊर्जा और पर्यटन राज्य के विकास के दो प्रमुख आधार हैं। प्रदेश में आर्थिक विकास के साथ-साथ उद्योगों और घरेलू क्षेत्र में ऊर्जा की मांग बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि उत्तराखण्ड ऊर्जा सरप्लस स्टेट बने। इसके लिये सौर ऊर्जा पर भी फोकस किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता, प्रक्रियाओं के सरलीकरण की है। जितना ज्यादा प्रक्रियाओं को सरल किया जाएगा उतना ही राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश होगा। हमें प्रोफेशनल एप्रोच अपनानी होगी। प्रदेश के विकास के लिये हमें इकोनोमी और इकोलॉजी में संतुलन रखते हुए आगे बढ़ना है। इस दृष्टि से रिन्यूबल एनर्जी बहुत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने बीपीसीएल को राज्य में सौर ऊर्जा में आगे आने के लिये धन्यवाद किया और कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य की ऊर्जा नीति में जरूरी होने पर सुधार किये जाएं और विशेष तौर पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक संस्थाओं और उद्यमियों को हर संभव सहयोग दिया जाए।
भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के सीएमडी अरूण कुमार सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड में रिन्यूबल एनर्जी के विकास के लिये बीपीसीएल काम करेगा। संसाधनों और टैलेंट की कमी नहीं है। हमें आपसी समन्वय और सहयोग से देश की प्रगति में योगदान देना है। उत्तराखण्ड में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा किया गया है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव उत्तराखण्ड राधा रतूङी, बीपीसीएल के सीएमडी अरुण कुमार सिंह, निदेशक सुखमल जैन, स्टेट हैड मिहिर जोशी, अपर सचिव रंजना, डॉ इक़बाल अहमद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

एमडीडीए सचिव ने पोस्टरों का लिया संज्ञान, खंडन किया

सचिव एमडीडीए बृजेश कुमार संत ने बताया प्राधिकरण के संज्ञान में आया है कि कुछ अज्ञात लोगों द्वारा शहर के कुछ स्थानों यथा शिमला बाईपास रोड पर पोस्टर लगा के एमडीडीए में जेई एवं सुपरवाइजर की भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किये जा रहे है। इस संदर्भ में सर्व साधारण को यह अवगत कराना है कि उक्त पोस्टर पूर्णतया भ्रामक एवं गलत है तथा कानूनन यह कार्य गलत एवं दंडनीय है। प्राधिकरण या कोई भी अन्य सरकारी संस्था इस तरह की किसी भी भर्ती के लिये उचित माध्यम यथा समाचार पत्र, सरकारी वेब साइट आदि का प्रयोग करती है। यह खंडन आम जनहित में जारी किया जा रहा है।

ऋषिकेश टैक्स बार के सदस्यों ने वित्त मंत्री से की मुलाकात

बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में टैक्स बार एसोसिएशन के नव गठित कार्यकारिणी ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान अग्रवाल को एसोसिएशन के सदस्यों ने मांग पत्र भी सौंपा।
शनिवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती और पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में कार्यकारिणी के सदस्य अग्रवाल से मिले। इस मौके पर अग्रवाल ने कार्यकारिणी के सदस्यों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया।
अग्रवाल ने टैक्स बार के सदस्यों को व्यापारियों और सरकार के बीच की अहम कड़ी बताया। कहा कि सरकार के राजस्व में वृद्धि और राज्य हित में एसोसिएशन के जो भी सुझाव दिए जाएंगे सरकार उन पर अवश्य गौर करेगी।
अग्रवाल ने समय पर व्यापारियों को टैक्स देने के लिए एसोसिएशन के सदस्यों को प्रेरित करने को कहा। जिससे सरकार के राजस्व में इजाफा हो और सरकार विकास कार्यों को और अधिक से अधिक कर सके। इस मौके पर टैक्स बार एसोसिएशन के सदस्यों ने एक मांग पत्र सौंपा। जिस पर अग्रवाल ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती, पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल, सचिव विकास ग्रोवर, सह सचिव राजकुमार राजपाल, कोषाध्यक्ष महेश पांडे, उपाध्यक्ष वीके चटर्जी, योगेश ब्रेजा, मुकेश राणा, एच उपाध्याय, प्रशांत गुप्ता, मोहित अग्रवाल, कार्यालय प्रभारी विनोद बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

एमडीडीए की बैठक में कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने अधिकारियों को दिये निर्देश

आज विधानसभा स्थित सभागार में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों के साथ शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बैठक की। उन्होंने ऋषिकेश में नगर निगम की भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग बनाने को माह दिसम्बर 2023 तक हर हालत में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही रिक्त पदों को भरने, अगले 20 दिन के भीतर अवैध प्लाट, भवन को चिन्हित करने के भी निर्देश दिए। वहीं, उन्होंने प्राधिकरण द्वारा नक्शा पास के लिए चार हजार आवेदन को तय समय के भीतर किये जाने पर प्रंशसा व्यक्त की।

बैठक में कैबिनेट मंत्री अग्रवाल द्वारा ये निर्देश दिए गये।
1- नगर निगम ऋषिकेश में जी प्लस छह मंजिला पार्किंग बनाने के लिए चार माह के भीतर कागजी कार्यवाही कर माह दिसंबर 2023 तक पूर्ण करने के कड़ाई से निर्देश दिए। इस कार्य को प्राथमिकता के साथ करने को कहा।
2- मसूरी मॉल रोड के सौंदर्यकरण के कार्य में सड़क बनाने के कार्य को फिलहाल रोकने के निर्देश दिए। कहा कि इससे टूरिस्टों को परेशानी होगी।
3- किसी भी पार्क या सौंदर्यकरण के कार्य को आकर्षित बनाया जाए। इस बात का ध्यान रहे सरकारी धन दुरुपयोग न हो। कामचलाऊ काम न करें।
4- डोईवाला में बस अड्डा के लिए जल्द से जल्द जमीन तलाश की जाए। इस मामले में जिलाधिकारी देहरादून की मदद ली जाए।
5- प्राधिकरण द्वारा बनाये गए फ्लैट्स विक्रय कराने के लिए प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाकर इसपर कार्य योजना तय की जाए।
6- यदि कोई आपत्ति न हो तो आवासीय नक्शा 15 दिन के भीतर पास किये जायें। इसी तरह व्यवसायिक नक्शा 30 दिन के भीतर पास करें। उसकी सूची प्राधिकरण की वेबसाईट पर भी डालें।
7- उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि प्राधिकरण अपनी कार्यशैली सुधारे। अवैध बिल्डिंग बनने से पूर्व कार्यवाही करें। उन्होंने 20 दिन का समय निर्धारित करते हुए कहा कि जिले की सभी अवैध बिल्डिंग की जानकारी दे। इस संदर्भ में 15 मई को पुनः बैठक करने को कहा।
8- मंत्री ने प्राधिकरण में रिक्त पदों को जल्द भरने के भी निर्देश दिये।
इस मौके पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बृजेश कुमार संत, अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा, अजय माथुर, अधीक्षण अभियंता हरि चंद सिंह राणा, अनुसचिव अनुजा सिंह, वित्त नियंत्रक स्मृति खंडूरी आदि मौजूद रहे।