दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन में बड़ी तादाद में पहुंचे उत्तराखण्ड मूल के लोग, सीएम का किया स्वागत

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे तीरथ सिंह रावत का उत्तराखण्ड सदन में भव्य स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में सदन में मौजूद उत्तराखण्ड मूल के लोगों ने मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जनभवनाओं के अनुरूप कार्य करेगी। जनता जो चाहेगी वही किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देशन में उत्तराखण्ड का चहुमुंखी विकास किया जाएगा।

उत्तराखण्ड के प्रति प्रधानमंत्री के अपार लगाव की बदौलत ही यहां चारधाम ऑल वैदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट्, केदारनाथ-बदरीनाथ धाम पुनर्निर्माण समेत तमाम परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। उत्तराखण्ड विकास के नए आयाम छू रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बने अभी एक सप्ताह का ही समय हुआ है। इस दौरान उन्होंने जनभावनाओं के अनुरूप फैसले लिये। सबसे पहले कोरोनाकाल में जिन 4500 लोगों पर महामारी एक्ट के तहत मकदमे दर्ज किए गए थे, उन मुकदमों को सरकार ने वापस लिया। इनमें से अधिकांश मुकदमे उन लोगों पर दर्ज थे जो कारोनाकाल में जरूरतमंदों की मद्द में लगे हुए थे। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों की मनमानी से पहाड़ी क्षेत्र के लोग त्रस्त थे। हमारी सरकार ने देर लगाए बगैर पहाड़ी जिलों में प्राधिकारणों का अस्तित्व समाप्त कर दिया है। कुंभ स्नान के लिए देश-विदेश के सभी श्रद्धालुओं को कुंभ स्नान के लिए हरिद्वार आंमंत्रित किया गया है। कुम्भ मेले के लिए केन्द्र सरकार की गाइडलाइन का ध्यान रखा जाएगा परंतु अनावश्यक रोक टोक नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के प्रभाव से घर लौटे प्रवासी उत्तराखण्डियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए ब्याज रहित ऋण मुहैया करवाया जा रहा है। उनकी हर समस्या का समाधान सरकार करेगी। उन्होंने उत्तराखण्ड मूल के लोगों से आग्रह किया कि वे भी उत्तराखण्ड राज्य के विकास और जनकल्याण में अपना योगदान दें। इस मौके पर नैनीताल के सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री अरविन्द पाण्डेय, पूर्व सांसद बलराज पासी आदि उपस्थित थे।

चलते ट्रेन में लगी आग, बाल-बाल बची 35 सवारियां

आज दोपहर करीब 12ः50 मिनट पर कांसरो रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से देहरादून आ रही शताब्दी एक्प्रेस में आग लग गई। गनीमत रही रायवाला पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत 35 सवारियों को नुकसान होने से पहले ही सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस ने आग लगी हुई सी-5 बोगी को ट्रेन से अलग भी किया। वहीं आग लगने का कारण शाॅर्ट सर्किंट माना जा रहा है।

रायवाला पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि कांसरो रेलवे स्टेशन के समीप शताब्दी एक्सप्रेस में आग लर्ग है। सूचना पाकर मौके पर पुलिस फोर्स के साथ थाना प्रभारी अमरजीत सिंह रावत पहुंचे। पुलिस ने रेल कर्मियों के साथ मिलकर शताब्दी एक्सप्रेस नंबर 02817 की बोगी नंबर सी-5 में बैठी 35 सवारियों को उनके सामान सहित सुरक्षित बाहर निकाला। इतना ही नहीं सभी सवारियों को आगे की बोगियों में शिफ्ट भी कराया।

इसके अलावा पुलिस ने आग लगी हुई सी-5 बोगी को ट्रेन से अलग भी किया। साथ ही फायर सर्विस टेंडर को रेलवे व अन्य व्यक्तियों की मदद से रेलवे ट्रैक के नजदीक लाया गया। इसके बाद सी-5 बोगी मे लगी आग को बुझाया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि उक्त शताब्दी एक्सप्रेस 02017 आज सुबह दिल्ली से देहरादून के लिए निकली थी। 12 सवारी डिब्बे में 316 व्यक्ति सवार थे। बताया कि आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है।

एनकाउंटर को झूठ बताने वाले क्या माफी मांगेंगेः नरेश बसंल

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने उत्तराखंड के लाल अमर शहीद दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा व अन्य बाटला हाऊस इनकाउंटर मे शामिल पुलिस अधिकारीयो व जवानों की वीरता को सलाम व शहादत को शत-शत नमन किया और नमन् किया। बतादें कि 13 सितंबर 2008 में दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट हुए थे, में 39 लोग निर्दोष मारे गए थे।

सासंद राज्य सभा नरेश बंसल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बाटला हाउस एनकाउंटर केस में शामिल आंतकी आरिज खान उर्फ जुनैद को दोषी करार दिया है इससे यह साफ हो गया है कि एनकाउन्टर फर्जी नही था तथा जुनैद व उसके साथी ही दोषी थे।

सासंद बंसल ने कहा कि आतंकवादियों से लोहा ले रहे उत्तराखंड के लाल अमर शहीद दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा को आज इंसाफ मिला है। कोर्ट ने साफ कहा है,जुनैद दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा की शहादत का जिम्मेदार है।

उन्होंने उस समय एनकाउंटर को गलत तथा फर्जी बताने वाले,आतंकवादियों की मौत पर आंसू बहाने वालों से पुछा है कि क्या ममता बनर्जी, सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, दिग्विजय सिंह सहित जिन नेताओं ने एनकाउंटर को फर्जी बाताया था क्या वे सभी अब माफी मांगेंगे?

सासंद राज्य सभा नरेश बंसल जी ने सवाल किया है कि जो रोए थे आतंकवाद के जनाजे पर वो आतंकियो से क्या रिश्ता है बताएँ, यूँ ही देश को गुमराह करने का काम करतें रहें।

5400 करोड़ लागत से 250 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का हुआ लोकार्पण व शिलान्यास

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के लिए 5400 करोड़ रूपये की लागत से 250 किमी लम्बे राष्ट्रीय राजमार्गों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 5000 करोड़ के राजमार्गों का लोकार्पण और 400 करोड़ के राजमार्गों का शिलान्यास किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के अनुरोध पर राज्य का सीआरएफ की स्वीकृति को 10 गुना कर दिया है। प्रस्ताव मिलने पर इस वर्ष 250 करोड़ रूपए के कार्य की स्वीकृति दे दी जाएगी।

लोकार्पण किए गए राष्ट्रीय राजमार्गों में मुजफ्फरनगर-हरिद्वार एनएच 58 का 4 लेन निर्माण (लम्बाई 78 किमी लागत 1750 करोड़ रूपए), रूड़की-छुटमलपुर-गागलहेड़ी(एनएच 73), छुटमलपुर-गणेशपुर (एनएच 72 ए) का 4 लेन निर्माण (लम्बाई 54 किमी लागत 2200 करोड रूपए), हरिद्वार-देहरादून एनएच 58 एवं 72 का 4 लेन निर्माण (लम्बाई 37 किमी, लागत 1000 करोड़ रूपए), मुजफ्फरनगर-हरिद्वार एलिवेटेड संरचना मायापुरी एस्केप चैनल पर सेतु एनएच 58 (लम्बाई 01 किमी, लागत 50 करोड़ रूपए) शामिल हैं। इसी प्रकार रूद्रप्रयाग जिले में 1 किमी लम्बी टनल का निर्माण एवं अलकनंदा नदी पर एनएच 107, एनएच 7 को जोड़ने के लिए दीर्घ सेतु का निर्माण (लम्बाई 02 किमी, लागत 250 करोड़ रूपए), अल्मोड़ा जिले में एनएच 309 बी के अंतर्गत पैटशाल से पनुवानौला और दानिया से पनार के सुदृढ़ीकरण का कार्य (लम्बाई 45 किमी, लागत 50 करोड़ रूपए) और पौड़ी गढ़वाल जिले में एनएच 119 (नया 534) के अंतर्गत सतपुली से अगरोड़ा तक सुदृढ़ीकरण का कार्य (लम्बाई 33 किमी, लागत 100 करोड़ रूपए) का शिलान्यास किया गया।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बहुत सी अड़चनों के बाद इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सका है। हमने वचन दिया था कि कुम्भ से पहले यह काम कर लिया जाएगा। बड़ी खुशी है कि हम इसे पूरा करने में कामयाब रहे। इन राजमार्गों के पूरा होने से समय की काफी बचत होगी।

योजनाओं से ट्रेफिक में मिलेगी सुविधा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुजफ्फरनगर-हरिद्वार एनएच 58 से बाईपास निर्माण से पुरकाजी रूड़की व बहादराबाद शहर को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, समय व ईंधन की बचत होगी। कुम्भ नगरी हरिद्वार के लिए यात्रा सुगम होगी। रोजगार के नये अवसरों का सृजन होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

हरिद्वार-देहरादून एनएच 58 एवं 72 से हरिद्वार से देहरादून की यात्रा सुगम होगी। इसमें राजाजी टाईगर रिजर्व वन्य जीव के आवागमन के लिए तीन एलीफेंट कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। बाईपास निर्माण से डोईवाला को यातायात जाम से राहत मिलेगी।

रूड़की-छुटमलपुर-गागलहेड़ी(एनएच 73), छुटमलपुर-गणेशपुर (एनएच 72 ए) से उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के बीच सुगम आवागमन की सुविधा होगी। बाईपास निर्माण से रूड़की एवं छुटमलपुर को जाम से राहत मिलेगी। भगवानपुर व सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में व्यावसायिक वाहनों की बेहतर कनेक्टिवीटी होगी। मुजफ्फरनगर-हरिद्वार एलिवेटेड संरचना मायापुरी एस्केप चैनल पर सेतु से हरिद्वार में ट्रेफिक जाम से राहत मिलेगी।

रूद्रप्रयाग जिले में 1 किमी लम्बी टनल का निर्माण एवं अलकनंदा नदी पर एनएच 107, एनएच 7 को जोड़ने के लिए दीर्घ सेतु के निर्माण से बाईपास निर्माण से रूद्रप्रयाग में जाम से राहत मिलेगी और केदारनाथ व बदरीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधा मिलेगी। पौड़ी गढ़वाल जिले में एनएच 119 से सड़क की राईडिंग गुणवत्ता में सुधार होगा, संकीर्ण पुलों का चैड़ीकरण होगा और चारधाम यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित होगा।

चारधाम परियोजना में 450 किमी के काम पूरे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चारधाम परियोजना बहुत महत्वपूर्ण है। यह 12500 करोड़ की 825 किमी की परियोजना है। इसमें 53 पैकेज हैं। 647 किमी में इसका काम शुरू हो गया है। इसमें से 450 किमी के 7508 करोड़ रूपए के कार्य पूरे हो चुके हैं। सामरिक दृष्टि से यह मार्ग परियोजना बहुत महत्वपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस परियोजना में सड़कों का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय स्तर का वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है। दुर्घटना रोकने के लिए क्रेश बेरियर भी बनाए गए हैं। अभी तक 13 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा दिल्ली में मुलाकात के दौरान उन्हें भेंट की गई ऐंपण पर आधारित कलाकृति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी की ये भेंट प्राप्त करने के बाद उन्होंने निर्णय किया है कि चारधाम परियोजना के रोड साईड एमेनिटी में 2000 वर्ग फीट के पैवेलियन राज्य सरकार को देंगे ताकि वहां उत्तराखण्ड के पारम्परिक हस्तकला, और स्थानीय उत्पादों को विक्रय के लिए रखा जा सके। इनसे उत्तराखण्ड के हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।

कैलाश मानसरोवर का सड़क मार्ग जल्द होगा पूरा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर अच्छी सड़कें होती तो 2013 की आपदा में बहुत से लोगों का जीवन बचाया जा सकता था। चारधाम सड़क परियोजना को अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे वर्ष भर चारधाम यात्रा संचालित की जा सकेगी। चारधाम के लिए ऑल सीजन रोड़ का उनका सपना पूरा हो रहा है। उनका दूसरा सपना है कि उत्तराखण्ड से सड़क मार्ग से कैलाश मानसरोवर जाने का। मार्ग का 85 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। अगले 5-6 माह में यह सड़क पूरी हो जाएगी और वे स्वयं इस सड़क से मानसरोवर के दर्शन के लिए जाएंगे। चारधाम परियोजना हमारी आस्था, अस्मिता और स्वाभिमान का प्रोजेक्ट है। हमें पर्यावरण और विकास को साथ लेकर चलना है। एक पेड़ के बदले हम 10 पेड़ लगाएंगे।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे से हरिद्वार के लिए भी कनेक्टिविटी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली से देहरादून का सफर आने वाले समय में केवल 2 घंटे का होगा। दिल्ली से देहरादून एक्सप्रेस वे के तहत एक कनेक्टिविटी दिल्ली-हरिद्वार के लिए भी दी जाएगी। इससे दिल्ली-हरिद्वार का मार्ग भी 2 घंटे का हो जाएगा। सहारनपुर बाईपास से 2000 करोड़ की लागत से 49 किमी का 6 लेन का नया मार्ग बनाया जाएगा। जनवरी 2024 से पहले इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर की कुल लम्बाई 210 किमी और कुल लागत 13 हजार करोड़ रूपये होगी। पहले चरण में यह 6 लेन का होगा। नौ पैकेज में यह काम होगा, इसमें से 5 पैकेज का टेंडर भी हो गया है। शेष 4 पैकेज का टेंडर अप्रैल 2021 तक हो जाएगा।

उत्तराखण्ड के चल रहे सड़क प्रोजेक्टों की जानकारी दी
मुख्यमंत्री के अनुरोध पर यमुनाघाटी क्षेत्र को चारधाम परियोजना से जोड़ने के लिए डीपीआर बनाया जा रहा है। सांसद अजय टम्टा के अनुरोध पर जौलजीवी-मड़कोट-मुन्स्यारी-थापा से मिलम की सड़क खोलने के लिए बीआरओ को कह दिया गया है। सतपाल महाराज जी के अनुरोध पर धनोरीपुल, मिरापुल की मरम्मत और सल्ट महादेव से थैलीसैंण की मरम्मत का काम कर दिया गया है। मदन कौशिक के अनुरोध पर पावनधाम चैक से दुधाधारी चैक तक एलीवेटेड रोड और भूपतवाला में बन रहे अंडरपास में पिलर निर्माण किया जाएगा। डॉ धनसिंह रावत ने श्रीनगर में एलीवेटेड रोड व मैरीन ड्राइव के अनुरोध पर डीपीआर बना ली गई है।

कोटद्वार-सतपुली-ज्वाल्पा- श्रीनगर 2 लेन का डीपीआर बन गया है। रामेश्वर से अल्मोड़ा तक 2 लेन सड़क का निर्माण की डीपीआर बन गयी है। कालसी से बड़कोट बैंड 2 लेन सड़क का निर्माण की डीपीआर को सुधार के लिए भेजा गया है।

डाटकाली से आईएसबीटी तक सड़क मरम्मत कार्य, बागेश्वर से बिलना तक सड़क सुरक्षा कार्य, छारा में सड़क सुरक्षा कार्य अल्मोड़ा में बनारघाट में सड़क सुरक्षा कार्य, पाण्डुवाखाल से कर्णप्रयाग तक सड़क मरम्मत का कार्य, चोपता से कुण्डा तक सड़क मरम्मत का कार्य, चमोली से चोपता तक रामनगर से बुआखाल मोटरमार्ग पर दो पुलों का निर्माण, चम्पावत-लोहाघाट-पिथौरागढ़ सड़क मरम्मत कार्य, काकड़ीघाट से कुड़ाब तक चैड़ीकरण जल्द अवार्ड कर दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ उत्तराखण्ड में भी तेजी से विकास के काम हो रहे हैं। केन्द्र द्वारा स्वीकृत विभिन्न सड़क परियेजनाओं से उत्तराखण्ड में सड़क कनेक्टिविटी में काफी विस्तार हो रहा है। इससे न केवल चार धाम यात्रा सुगम होगी बल्कि उत्तराखण्ड में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा। इसका फायदा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को होगा। इससे लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

एनएचएआई के चैयरमैन एसएस संधु ने बताया कि पांवटा-देहरादून 4 लेन स्वीकृत हो चुकी है यहां से मसूरी के लिए वैकल्पिक मार्ग का प्लान भी तैयार किया जा रहा है। हरिद्वार रिंग रोड़ स्वीकृत हो चुकी है। खटीमा बाईपास भी प्लान किया गया है। रामपुर में बाईपास से नैनीताल के लिए समय की बचत होगी। मुरादाबार बाईपास से कार्बेट के लिए समय बचेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री जनरल(से.नि) वी.के. सिंह, केंद्रीय पशुपालन, डेयरी व मत्स्य राज्य मंत्री संजीव बालियान, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज, सांसद नरेश बंसल, अजय टम्टा, तीरथ सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद हाजी फजलुर्रहमान आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद का हुआ उद्धाटन

नई दिल्ली स्थित उत्त्तराखण्ड सदन में नवस्थापित “हिमाद्रि एम्पोरियम” का उद्घाटन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि एम्पोरियम का उद्देश्य उत्तराखंड के हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों का विकास, विपणन एवं विक्रय है। इस एम्पोरियम की स्थापना से सदन में आने वाले अतिथि एवं आगंतुक उत्त्तराखण्ड के विभिन्न उत्पादों से परिचित हो सकेंगे। आत्मनिर्भर भारत के लिए शिल्पकारों और बुनकरों को प्रोत्साहित करना जरूरी है। हमारी पूरी कोशिश है कि उत्तराखंड के हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों को अच्छी कीमत और मार्केट मिल सके। ऑनलाइन मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उद्योग विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद राज्य के शिल्प उत्पादों के विकास, संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में कार्य करती है। परिषद द्वारा राज्य के बुनकरों व शिल्पियों के कौशल एवं उनके उत्पादों के डिजाइन, गुणवत्ता एवं बाजार की मांग के अनुरूप विकास हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों, मेलों, कार्यशालाओं आदि के आयोजन व प्रतिभाग द्वारा प्रयास किए जाते रहे हैं।

परिषद द्वारा राज्य के उत्कृष्ट शिल्प उत्पादों का हिमाद्रि ब्रांड के अंतर्गत इस हेतु स्थापित विभिन्न एंपोरियमों के माध्यम से विपणन किया जा रहा है। इसी क्रम में नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड के शिल्प उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन हेतु हिमाद्रि एंपोरियम स्थापित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इसके साथ-साथ उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पटेल नगर स्थित जिला उद्योग केंद्र परिसर में भी इसी वर्ष नए हिमाद्री एंपोरियम का शुभारंभ किया जाएगा। जनपद देहरादून स्थित दून हाट, जनपद पिथौरागढ़ के बिण, जनपद चमोली के भीमतल्ला एवं जनपद उधम सिंह नगर के काशीपुर स्थित रूरल हाटों के माध्यम से भी राज्य के हथकरघा एवं हस्तशिल्प एवं लघु उद्यम उत्पादों के विपणन एवं प्रदर्शन हेतु स्थापित किये जा रहे है जिससे कि विभिन्न प्रांतों से उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों एवं आगंतुकों को राज्य के उत्पादों से परिचित होने का अवसर प्राप्त हो सके। कोविड-19 में उत्पन्न परिस्थितियों के दृष्टिगत परिषद द्वारा अमेजन के माध्यम से राज्य के बुनकरों तथा शिल्पियों के उत्पादों का ऑनलाइन विपणन का कार्य भी काफी समय से सफलतापूर्वक किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ राकेश कुमार, डॉ पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव मुख्यमंत्री, डॉ0 मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर सचिव मुख्यमंत्री, ईला गिरी, अपर स्थानिक आयुक्त, सुधीर चन्द्र नौटियाल, निदेशक उद्योग, रंजन मिश्रा वरिष्ठ व्यवस्था अधिकारी, केसी चमोली नोडल अधिकारी उद्योग आदि उपस्थित थे।

सीएम ने किया पुरकुल गांव में राज्य स्तरीय सैन्य धाम का शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुरकुल गांव में भारतीय सेना के जज्बे, शौर्य और बलिदान के प्रतीक राज्य स्तरीय सैन्य धाम का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि विभिन्न युद्धों व सीमान्त झडपों तथा आन्तरिक सुरक्षा में शहीद हुये सैनिकों व अर्द्ध सैनिक बलों की विधवाओं, आश्रितों को एकमुश्त 10 लाख रूपये के अनुदान को बढ़ाकर 15 लाख रूपये किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने उपनल के मुख्यालय का शिलान्यास भी किया। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस को ‘‘पराक्रम दिवस’’ के रूप में मनाये जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के पंचम धाम के रूप में आज सैन्यधाम का शिलान्यास किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब सैन्यधाम को पंचम धाम की संज्ञा दी गई उसके बाद इस दिशा में तेजी से प्रयास किये गये। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि यह सैन्यधाम जीवंत और जागृत हो। यहां कोई भी आये तो उसको इसकी वास्तविकता की पूर्ण अनुभूति हो। जो लोग यहां आयेंगे इस सैन्यधाम की मिट्टी पर पैर रखें तो उन्हें इससे प्रेरणा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं चाहता हूं कि भविष्य में उत्तराखण्ड में सरकार का शपथ ग्रहण इस शहीद स्थल (सैन्यधाम) में हो। प्रदेश की राजधानी में अन्य देशों एवं अन्य राज्यों से कोई देहरादून आते हैं तो सैन्यधाम में जरूर आयें। उन्होंने कहा कि राज्य के शहीदों के गांवों की मिट्टी और शिला इस सैन्यधाम में आनी चाहिए। राज्य की प्रमुख नदियों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों की मिट्टी सैन्यधाम में आये। गढ़वाल राइफल, कुमायूं रेजीमेंट और गोरखा रेजीमेंट में दुश्मनों के दांत खट्टे करने की ताकत एवं पहचान हैं। हमारे सैनिकों की प्रेरणा देशवासियों को प्रेरित करती रहे यह परिकल्पना सैन्यधाम के पीछे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि और वीरभूमि है। जब भी देश को जरूरत पड़ी हमारे जवानों ने देश की सेवा के लिए अपना सब कुछ अर्पित कर दिया और पूरी बहादुरी का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हमारे शहीद सैनिकों के घरों में यदि उनकी कोई निशानी हो तो उनके संरक्षण के लिए सैन्यधाम में एक संग्रहालय बनाया जायेगा। लोगों को प्रेरित करने वाली अनेक स्मृतियां यहां पर होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सेना में जाना चाहते हैं, उनके लिए यहां पर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। यहां पर एडवेंचर एवं उससे संबंधित गतिविधियां कर सकते हैं। देहरादून में इस भव्य सैन्यधाम को बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किये जायेंगे। विशेषज्ञ समिति इन सभी सुझावों को देखेगी, जो सुझाव सही लगेंगे। अपर मुख्य सचिव सैनिक कल्याण को सभी लोग अपने सुझाव भेज सकते हैं।
विधायक गणेज जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सैनिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर अपर मुख्य सचिव और जिला स्तर अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी तैनात किया है। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों व अर्ध सैनिकों के एक परिजन को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी में समायोजित करने की व्यवस्था की है। सचिवालय में प्रवेश के लिए सैनिकों और पूर्व सैनिकों को अलग से प्रवेश पत्र बनवाने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने आईकार्ड से ही सचिवालय में प्रवेश कर सकते हैं। वीरता पदक प्राप्तकर्ता सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली वार्षिकी राशि 30 वर्ष के स्थान पर अब आजीवन दिये जाने की व्यवस्था की गई है। पूर्व सैनिकों को राज्य सरकार की सेवाओं में समूह ‘ग’ की रिक्तियों में 5 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण अनुमन्य किया गया हैं।

विस्तारीकरण के नाम पर टिहरी बांध विस्थापितों को न किया जाए दुबारा विस्थापित- निशंक

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देहरादून हवाई अड्डा सलाहकार समिति की राज्य अतिथि गृह भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में समिति के अध्यक्ष देश के शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में हुई। बैठक में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देहरादून हवाई अड्डा सलाहकार समिति के समक्ष निदेशक डीके गौतम ने एयरपोर्ट के विकास कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के एजेंडे को रखा।
बैठक में डाॅ. निशंक ने देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण एवं विकास के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने देहरादून एयरपोर्ट को देश का नंबर वन एयरपोर्ट बनाने के लिए हर सम्भव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने सभी फ्लाइट प्रबंधकों को सुझाव दिया कि देहरादून से रात्रि 9 बजे भी फ्लाइट जानी चाहिए। जिससे आम जनमानस को सुविधा मिल सके। उन्होंने जीएमवीएन और केएमवीएन के साथ मिलकर पर्यटन के लिए एक अच्छी सी योजना बनाने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बहुत ही खूबसूरत जगह है इसके लिए एक हिमालय दर्शन योजना बनानी चाहिए। जिससे देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को हिमालय दर्शन का अवसर मिले। बैठक में डीके गौतम ने बताया की अभी आने वाले समय में एयर टैक्सी नामक एक योजना शुरू होने वाली है जो चंडीगढ़ से हिसार के लिए शुरू होगी। इसमें लगभग 3 लोग जा पाएंगे और जिसका किराया लगभग ढाई हजार के करीब होगा।
केन्द्रीय मंत्री डाॅ. निशंक जी ने कहा की एयरपोर्ट को सुंदर और नंबर वन बनाने के लिए हमें पूरा प्रयास करना होगा और एयरपोर्ट विस्तारीकरण, विकास कार्य का कार्य तेजी से हो, इसमें ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध विस्थापित पहले ही अपना घर बार छोड़कर यहां विस्थापित हुए हैं, विस्तारीकरण में दोबारा टिहरी बांध के विस्थापितों को घर ना छोड़ना पड़े, इस पर गहनता से विचार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक हिमालयन लाइब्रेरी, एयरपोर्ट के सौजन्य से किसी स्थान पर बने और सीएसआर फंड द्वारा स्थानीय स्कूलों का विकास किया जाए। जिस पर एयरपोर्ट डायरेक्टर ने माजरी इंटर कॉलेज को गोद लेने को बात कही। उन्होंनेे कहा कि हमारी प्राथमिकता स्थानीय लोगों के प्रति संवेदना होनी चाहिए। स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, किसी भी कारण से उनका रोजगार ना छीन पाए। वहीं, सलाहकार समिति सदस्य रविंद्र बेलवाल के द्वारा स्थानीय जन समस्याओं को लेकर केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया गया। जिस पर उन्होंने गंभीरता लेते हुए उक्त मार्ग को चैड़ा करने के लिए शीघ्र प्रयास करने के निर्देश दिए।
केन्द्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट पर बीएसएनल की कनेक्टिविटी में सुधार हेतु केन्द्रीय राज्य मंत्री संजय धोत्रे से फोन पर वार्ता की। बैठक में डायरेक्टर ने एयरपोर्ट बिल्डिंग की आख्या प्रस्तुत की। उसके बाद डाॅ निशंक ने निर्माणाधीन नई टर्मिनल बिल्डिंग का भी निरीक्षण किया और कार्य को शीघ्र पूरे करने के निर्देश दिए।
बैठक में सदस्य रविन्द्र बेलवाल, संजीव चैहान, पूर्व मित्तल, राजीव तलवार, मोहन सिंह बर्निया, राजेंद्र सिंह खाती, एसडीएम लक्ष्मी राज चैहान, मनवीर चैहान आदि उपस्थित रहे।

कोटद्वार से श्रीनगर के बीच बनेगी ऑलवेदर रोड

ऑलवेदर रोड की तर्ज पर कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी। एनएच के चैड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य चार चरणों में किया जाएगा। कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग बनेगा और इसके बनने से यूपी, दिल्ली के पर्यटकों को आवाजाही में सुगमता होगी। यह बातें वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने पत्रकार वार्ता में कहीं।

वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पौड़ी गढ़वाल जिले की लाइफ लाइन बनेगी। इस हाईवे के बनने से जिले में पलायन पर रोक लगेगी और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी, जबकि मेरठ से कोटद्वार तक एनएच को फोर लेन बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गत विधानसभा चुनाव के दौरान नितिन गडकरी ने एनएच को आलवेदर रोड की तर्ज पर निर्माण कराने की घोषणा की थी, जिसे सरकार जल्द पूरा करने जा रही है। कहा कि पहले चरण में सतपुली से अगरोड़ा के लिए वन भूमि क्लीयरेंस के साथ ही 82 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति मिल चुकी है। अगले तीन-चार दिनों में टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कहा कि कोटद्वार से दुगड्डा के लिए 196 करोड़, दुगड्डा से गुमखाल के लिए 225 करोड़, गुमखाल से सतपुली के लिए 250 करोड़ और अगरोड़ा से श्रीनगर के लिए 280 करोड़ के प्राक्कलन को भी जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। इस मौके पर वन मंत्री के ओएसडी विनोद रावत, पीआरओ सीपी नैथानी, सुरेंद्र सिंह गुसाईं, मुकेश नेगी आदि मौजूद रहे।

द्वितीय चरण में बनेंगी सुरंग
वन मंत्री ने कहा कि एनएच के चीफ और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल की बैठक में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया की जा रही है। द्वितीय चरण में दुगड्डा से सतपुली और सतपुली से खंडाह के लिए सुरंगें प्रस्तावित की जाएगी।

25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेंगे अनुराग रमोला

दून के अनुराग रमोला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए चुने गए हैं। महिलाएं बाल विकास मंत्रालय ने उनका चयन किया है। उत्तराखंड से वह इकलौता छात्र है। जिन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। 25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे संवाद करेंगे।

दून निवासी अनुराग रमोला के पिता सीएस रमोला नगर निगम में कार्यरत हैं। इस अवार्ड के लिए केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी में 16 वर्षीय 10वीं के छात्र अनुराग का चयन कला एवं संस्कृति की श्रेणी में किया गया है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव आस्था सक्सेना खटवानी ने राज्य की सचिव महिला एवं बाल विकास सौजन्य को पत्र लिखकर अनुराग के चयन की सूचना दी है। उन्होंने लिखा है कि अवार्ड विजेताओं के साथ 25 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉलिंग से बात करेंगे।

लोकपरंपरा व संस्कृति के रंगों से सराबोर हुई कुंभनगरी

हरिद्वारः कुंभ 2021 के लिए तैयार हो रही धर्म नगरी इस बार लोक परंपराओं व संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठी है। यहां दीवारों पर उकेरा गया धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं व पौराणिक सांस्कृति का वैभव भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा। सरकार की ओर से धर्मनगरी को सजाने-संवारने के साथ ही स्वच्छ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि “राज्य सरकार दिव्य और भव्य कुम्भ के लिए प्रतिबद्ध है। प्रयास किए जा रहे हैं कि कुंभ में यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालु उत्तराखण्ड की लोक व सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हों।“

प्रदेश में देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार गम्भीरता से प्रयास कर रही है। हरिद्वार कुंभ-2021 को भी इसके लिए मुफीद मौका माना जा रहा है। इसके लिए चित्रकला को जरिया बनाया गया है। कुंभ क्षेत्र में सरकारी भवनों समेत पुल, घाट आदि की दीवारों को धार्मिक मान्यताओं के पौराणिक चित्रों व संस्कृति के रंग बिखेरते चित्रों से सजाया गया है। इसके पीछे भी मंशा यही है कि देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं के मन में आस्था भाव का तो जागृत हो ही वह यहां की परंपरा, संस्कृति और पौराणिक विरासत से भी रूबरू हो सकें। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के ‘पेंट माई सिटी’ कैम्पेन से धर्म नगरी की फिजा ही बदल दी गई है। यहां दीवारों व खाली स्थानों पर देवभूमि की परंपराओं और संस्कृति के बखरे पड़ें रंग देखने लायक है। कहीं देवी-देवताओं, धार्मिक परम्पराओं के तो कहीं लोक संस्कृति के चित्र सजीवता लिए हुए हैं। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र को चित्रकला से सजाने में विभिन्न संस्थाओं का सहयोग रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप मेक माय सिटी कैंपेन से धर्म नगरी में परंपराओं और संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेंगे। कुंभ तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार का कुंभ दिव्य और भव्य होगा।