नई दिल्ली में निर्माणाधीन भवन उत्तराखंड निवास का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में निर्माणाधीन भवन ‘उत्तराखण्ड निवास’ का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य, गुणवत्ता बनाए रखते हुए तय की गई समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। बताया गया कि 3, गोपिनाथ बारदोलाई मार्ग, चाणक्यपुरी नई दिल्ली में जून 2020 से उत्तराखण्ड निवास का काम शुरू किया गया। भवन में तीन बेसमेन्ट होंगे।

भवन में भू तल को सम्मिलित करते हुए कुल सात तल बनाए जाएंगे। भवन उत्तराखण्ड वास्तुकला शैली में बनाया जायेगा। यह पांच सितारा ग्रीन भवन है। इसका अपना सीवेज सोधन संयत्र होगा। भवन में 50 किलो वाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट भी है। भवन का वास्ताविक निर्माण कार्य दिनांक जून 2020 से प्रारम्भ किया गया। भवन को माह दिसम्बर 2021 तक पूर्ण कर दिया जायेगा तथा रंगरोगन, फिनिशिगं का काम मार्च 2022 तक पूरा किया जाना है। सभी जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई है। इस दौरान मुख्य सचिव ओमप्रकाश, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ पराग मधुकर धकाते, इंजीनियर वी0सी0 पुरोहित, प्रबन्ध निदेशक, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, इला गिरी अपर स्थानिक आयुक्त, रंजन मिश्रा आदि मौजूद रहे।

कैफे में काम कर जीविका चलाने वाला युवक गंगा में बहा

दिल्ली के पहाड़गंज का एक युवक गंगा नदी में नहाने के दौरान अनियंत्रित होकर डूब गया। मौके पर पहुंची मुनिकीरेती पुलिस ने गंगा में रेस्क्यू अभियान चलाया। मगर, युवक का कुछ पता न चल सका। मौके पर जल पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने भी रेस्क्यू चलाया। मगर, सफलता नहीं लगी।

थाना प्रभारी राम किशोर सकलानी ने बताया कि नीमबीच पर गंगा में डूबे व्यक्ति के साथी हितेश ने बताया कि उनका सच्चा धाम आश्रम के निकट कैफे है। यह लड़का उनके कैफे में नौ अक्टूबर से काम कर रहा है। अपना बैग में मेरे कैफे में रखकर गंगा में नहाने गया था। पुलिस ने मौके पर बैग मंगवाया। इसमें आधार कार्ड मिला। जिसके आधार पर उसकी पहचान संदीप शर्मा पुत्र जगदीश चंद्र शर्मा निवासी निकट रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराही माता मन्दिर में बाजार पहाड़ गंज दिल्ली के रूप में हुई। मौके पर एसडीआरएफ की डीप ड्राइविंग टीम भी पहुंची और डीप टीम के ड्राइवर कांस्टेबल मातबर सिंह ने 20 फुट गहरी गंगा में जाकर डूबे व्यक्ति की खोज की। मगर, सफलता हाथ नहीं लगी।

मनीष सिसोदिया को दी गई प्लाज्मा थेरेपी, दिल्ली मैक्स अस्पताल में हैं भर्ती

दिल्ली के सरकारी अस्पताल लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को अब मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऐसा उनकी तबियत में सुधार न होने के कारण किया गया। था। मनीष सिसोदिया को अब डेंगू भी हो गया है। अब उन्हें चिकित्सकों ने प्लाज्मा थेरेपी दी है।

मनीष सिसोदिया को बुधवार को शरीर में ऑक्सीजन का स्तर घटने और बुखार की शिकायत होने पर एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिर गुरुवार की जांच में पता चला कि सिसोदिया को डेंगू भी हो गया है। सिसोदिया के ऑफिस की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि उनका प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहा है। सिसोदिया को मैक्स अस्पताल में भर्ती किया गया था। अब उन्हें प्लाज्मा थेरेपी के जरिए गिरते स्वास्थ्य को सुधारने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि सिसोदिया कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले केजरीवाल सरकार के दूसरे कैबिनेट मंत्री है। उनसे पहले स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जून में कोविड-19 से संक्रमित हुए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

कोरोना महामारी से नुकसान में चल रहे पर्यटन कारोबारियों के लिए सरकार की पहल, होटल और होम स्टे पर मिलेगी छूट

कोरोना महामारी से आर्थिक नुकसान पर चल रहे पर्यटन कारोबारियों को अब सरकार राहत देने जा रही है। सरकार ने राज्य में पर्यटन प्रोत्साहन कूपन योजना को अपनी मंजूरी दी है। होटलों और होम स्टे में तीन दिन तक ठहरने की बुकिंग करने पर सरकार की ओर से 25 प्रतिशत या अधिकतम एक हजार रुपये की छूट के लिए कूपन दिया जाएगा। इस कूपन पर होटल और होम स्टे में कमरे के बिल पर छूट मिलेगी।

देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पर्यटक श्रेणी में पंजीकरण करने वाले पर्यटकों को कम से कम तीन दिन ठहरने पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से अधिकतम एक हजार और कम से कम 25 प्रतिशत प्रतिदिन छूट का कूपन जारी किया जाएगा।

बता दें कि छूट का लाभ ऑनलाइन बुकिंग पर ही मिलेगा। कूपन के माध्यम से गढ़वाल मंडल पर्यटन विकास निगम, कुमाऊं मंडल पर्यटन विकास निगम के साथ ही निजी होटल और होम स्टे में कमरे के बिल में छूट दी जाएगी। देहरादून जिले में मसूरी, चकराता, ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र, हरिद्वार जिले में नगर निगम क्षेत्र, पौड़ी जिले में कोटद्वार को छोड़ कर पूरा जिला, नैनीताल जिले में हल्द्वानी ओर काठगोदाम क्षेत्र को छोड़ कर पूरे जिले में योजना लागू होगी। ऊधमसिंह नगर जिले में यह योजना लागू नहीं होगी।

14 सितंबर से श्रीदेव सुमन की परीक्षा, शिक्षकों को लाना होगा मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र

14 सितंबर से श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा शुरू होने जा रही है। परीक्षा में बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों को कोविड निगेटिव रिपोर्ट अपने साथ लानी होगी। साथ ही परीक्षा में तैनात रहने वाले शिक्षकों को भी मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र देना होगा। श्रीदेव सुमन विवि की परीक्षा के लिए गढ़वाल मंडल में 180 केंद्र बनाए गए हैं।
विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. आरएस चैहान ने बताया कि श्रीदेव सुमन विवि की स्नातक, स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर, स्नातक प्रथम वर्ष और बीएड की मुख्य परीक्षाएं 14 सितंबर से 12 अक्तूबर के बीच संपन्न होनी है। विवि की परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर ओएमआर शीट के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा के लिए डेढ़ घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
बताया कि परीक्षा केंद्र में बिना मास्क प्रवेश नहीं, कंटेनमेंट जोन से आने वाले छात्र को एडमिट कार्ड या कॉलेज का आईकार्ड लाना होगा, अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों को कोविड-19 रिपोर्ट अपने साथ लानी होगी। परीक्षा कक्ष, एंट्री गेट से लेकर वॉशरूम तक सैनिटाइज किया जाएगा। साथ ही सभी दरवाजों के हैंडल, रेलिंग, लिफ्ट बटन को भी सैनिटाइज करना होगा। बताया कि हर पाली की परीक्षा के बाद छात्रों की टेबल और कुर्सी को सैनिटाइज, परीक्षा कार्य में लगे पूरे स्टाफ को अपने स्वास्थ्य को लेकर सेल्फ डिक्लरेशन देना होगा। साथ ही पूरे स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य तौर पर करनी होगी।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट में गुणवत्ता, गति व पारदर्शिता का रखा जाए विशेष ख्यालः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलाधिकारियों से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन निर्माण के प्रगति के सम्बन्ध में समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के साथ समन्वय बनाकर हर तरह की प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि अवशेष कार्य को जल्द से जल्द टाईमलाईन सहित पूर्ण कर लिया जाए साथ ही कार्यों में गुणवत्ता, गति एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाय। मुख्य सचिव ने आर.वी.एन.एल. के अधिकारियों से कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जायेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल संस्थान जल्द से जल्द पाईप लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लें उसमें आ रही समस्याओं से समय-समय पर शासन को अवगत कराया जाए ताकि समस्याओं का निराकरण हो। रेल लाइन से संबंधित भूमि अधिग्रहण के कार्य के पश्चात् भूमि मुआवजा सम्बन्धी कार्य प्राथमिकता के आधार पर किये जाए। टनल निर्माण एवं अन्य निर्माण से होने वाले मलबा के निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अवशेष निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने निर्देश दिये कि रेलवे लाइन में बनने वाले टनलों में विशेषकर जो वन क्षेत्र में हो उन टनलों में सेंसरयुक्त गेट लगाये जाएं जिससे जंगली जानवरों के टनल में जाने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 के 03 स्थानों ब्यासी डायवर्जन, नरकोटा डायवर्जन व सुमेरपुर डायवर्जन के प्रकरणों पर भी चर्चा की गई।

सरकार की दरों से अधिक वसूली करने पर निजी अस्पताल पर होगी कार्रवाई

केंद्र सरकार की तय दरों के आधार पर प्रदेश के निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज का खर्चा 20 प्रतिशत कम लेंगे। यानी निजी अस्पताल केवल 80 प्रतिशत तक खर्च वसूल कर सकेंगे। इसके विपरीत यदि कोई निजी अस्पताल तय दरों से अधिक वसूली करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए नीति आयोग के सदस्य डॉ.विनोद पाल की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने इलाज की दरें तय की हैं। केंद्र की ओर से तय दरों का 80 प्रतिशत उपचार शुल्क निजी अस्पतालों की ओर से लिया जाएगा। इसमें 1200 और 2000 रुपये पीपीई किट का खर्च और बिस्तर, भोजन, निगरानी, नर्सिंग देखभाल, डॉक्टरों का परामर्श, कोविड जांच, ऑक्सीजन समेत अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। 

प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कोरोना इलाज की दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र की ओर से जो दरें तय की गई हैं, उसके आधार पर प्रदेश में निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज के लिए 80 प्रतिशत उपचार शुल्क लेंगे। शासन की ओर से जारी आदेश में भी 80 प्रतिशत के हिसाब से इलाज की दरें तय करने का उल्लेख किया गया है। 

निर्धारित दर से ज्यादा वसूला तो कोविड-19 एक्ट के तहत होगी कार्रवाई 

राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के उपचार की अनुमति देने के बाद इलाज की दरें तय कर दी हैं। कोरोना की गंभीर स्थिति और सुविधा के अनुसार निजी अस्पताल इलाज का खर्च मरीजों से वसूल सकेंगे। एनएबीएच से मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता वाले निजी अस्पतालों में आठ हजार से 18 हजार रुपये तक दरें तय की गई है। 
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बुधवार को इलाज के लिए तय दरों के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर निर्धारित दरों से ज्यादा इलाज का खर्च वसूलने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ कोविड-19 एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने केंद्र की ओर से नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पाल की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर इलाज की दरों को लागू किया है। नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हास्पिटल(एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में आईसोलेशन बेड का प्रतिदिन 10 हजार रुपये(1200 रुपये पीपीई किट खर्च समेत), बिना वेटीलेंटर के आईसीयू बेड का 15 हजार (दो हजार रुपये पीपीई किट समेत), आईसीयू वेटीलेंटर का 18 हजार रुपये तय किया है।
जिसमें दो हजार रुपये पीपीई किट का खर्च भी शामिल है। इसी तरह एनएबीएच से गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में आईसोलेशन बेड का आठ, हजार, आईसीयू का 13000, आईसीयू वेटीलेंटर का 15000 रुपये तय किया है। इसमें पीपीई किट का खर्च भी शामिल होगा। 
कोविड इलाज के लिए तय दरों में बेड, भोजन, निगरानी, नर्सिंग देखभाल, डॉक्टरों का परामर्श शुल्क, सैंपल जांच भी शामिल है। इसके लिए निजी अस्पताल मरीज से अलग से शुल्क नहीं लेंगे। इलाज में अस्पतालों को केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन का पूरा पालन करना होगा।

गढ़वाल विवि का परीक्षा कार्यक्रम जारी

गढ़वाल विवि में 19 सितंबर से स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होंगी। विवि के अनुसार, नए कार्यक्रम के तहत परीक्षा कार्यक्रम विवि की वेबसाइट में अपलोड कर दिया गया है। 
एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) और यूजीसी ने सभी विवि को 30 सितंबर तक परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में विवि की ओर से एक सितंबर और 10 सितंबर से परीक्षा शुरू कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन परीक्षा बार-बार टालनी पड़ी।
अब विवि ने एक बार फिर नई तिथि तय की है। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरसी भट्ट ने बताया कि विवि के परिसरों और संबद्ध शिक्षण संस्थानों में  19 सितंबर से बीए, बीएससी, बीकॉम, बीपीएड के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होेंगी। 

परीक्षा तिथियां
एलएलबी – 20 से 26 सितंबर
बीएध्बीएससी – 19 सितंबर से 9 अक्तूबर 
एमससी – 19 से 3 अक्तूबर
एमकॉम- 20 से 3 अक्तूबर
एमए- 28 से 10 अक्तूबर 
नेट – 16 से 25 सितंबर 
बीफार्मा – 19 से 29 सितंबर
एमबीए- 20 से 30 सितंबर
जर्नलिज्म एंड मॉस कम्युनिकेशन – 19 से 27 सितंबर
बीसीए, बीएससी (आईटी) और बीएससी (सीएस) – 19 से 27 सितंबर
एमएससी (आईटी) व एमएससी (सीएस) की परीक्षा- 19 से 1 अक्तूूबर

अनलॉक-चार में बाजार, धार्मिक स्थलों, मॉल, बाजार आदि को खोलने की अनुमति मिली

राज्य सरकार ने अनलॉक-चार की एसओपी जारी कर नीट और जेईई परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को छूट दी है। नई एसओपी में बाहर से आने वाले लोगों को तीन दिन की बजाय अब चार दिन की एनटीपीसीआर निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट पर छूट मिलेगी। स्मार्ट सिटी की वेबसाइट http://dsclservices-org-in/apply-php पर पंजीकरण की शर्त को बरकरार रखा गया है। 
मुख्य सचिव ओमप्रकाश की ओर से जारी की गई एसओपी में वे तमाम रियायतें हैं जो केंद्रीय गृह मंत्रालय की एसओपी में दी गईं थीं। बाजार, धार्मिक स्थलों, मॉल, बाजार आदि को खोलने की अनुमति दी गई है। प्रदेश में भी 21 सितंबर के बाद पहले के अधिकतम 50 लोगों की शर्त को हटाकर 100 कर दिया गया है। स्कूल, कॉलेज में छात्र 21 के बाद सशर्त जा सकेंगे। पार्कों आदि में 21 के बाद अधिकतम 100 लोग सुबह की सैर आदि कर पाएंगे। 
स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण की शर्त को बरकरार रखा गया है। यह भी साफ कर दिया गया है कि व्यक्ति और सामान की आवाजाही में किसी तरह का प्रतिबंध नहीं रहेगा। कंटेनमेंट जोन की पाबंदियों को बरकरार रखा गया है। वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलाओं आदि को पहले से मिल रही छूट जारी रहेगी। 
वहीं, राज्य से बाहर हाई कोविड लोड शहरों को जाने वालों को पांच दिन में वापस लौटने पर क्वारंटीन नहीं होना होगा। सात दिन से अधिक की वापसी पर इन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा। विदेश से आने वाले लोगों को सात दिन संस्थागत और सात दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा। 

– राज्य में बाहर से आने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा और स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। 
– कोविड हाई लोड शहरों से आने वालों को सात दिन संस्थागत और सात दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा। लेकिन, बिना लक्षण वाले और आरटीपीसीआर की निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट वालों को क्वारंटीन नहीं होना होगा। 
– ऐसे सभी लोग जो सात दिन के लिए अंतिम संस्कार या अन्य वजहों से आते हैं, उन्हें भी क्वारंटीन नहीं होना होगा।
– कोविड हाई लोड वाले शहरों से होकर हवाई जहाज से आने वालों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा।

बाहर से आने वाले और उद्योग प्रबंधन की सहमति वाले कर्मियों, विशेषज्ञों को क्वारंटीन नहीं होना होगा। इसी तरह वीवीआईपी मूवमेंट पर भी रोक नहीं है। सेना को क्वारंटीन से लेकर अन्य सभी इंतजाम अपने स्तर पर करने होंगे।

– प्रदेश में अधिक संक्रमण वाले इलाकों में कंटेनमेंट जोन बनेंगे और जिला प्रशासन अपनी विभागीय वेबसाइट पर जोन की सूचना प्रदर्शित करेंगे और इसकी सूचना राज्य सरकार के साथ ही केंद्र को भी दी जाएगी।
– 30 सितंबर तक शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे
– ऑनलाइन शिक्षा जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। 21 सितंबर से 50 प्रतिशत स्टाफ स्कूल आ सकेगा।
– कंटेनमेंट जोन से बाहर के स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक के छात्र 21 सितंबर से स्कूल आ सकेंगे। अभिभावकों की लिखित अनुमति लेनी होगी और स्कूल आना स्वैच्छिक होगा।

वहीं, 21 सितंबर से राजनीतिक सभा, खेल, धार्मिक गतिविधियों के लिए सौ तक की संख्या में लोग भाग ले सकेंगे। 20 सितंबर तक अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा और विवाह समारोह में 50 ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। इसके बाद सौ की संख्या की अनुमति होगी। 21 सितंबर से ओपन एअर थियेटर खुल सकेंगे।

– जिला प्रशासन कंटेनमेंट जोन के बाहर बिना राज्य सरकार की अनुमति के लॉकडाउन नहीं करेगा।
– सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराने के लिए धारा 144 लगाई जा सकेगी।
जेईई, नीट सहित अन्य परीक्षा के छात्रों और अभिभावकों को भी कराना होगा पंजीकरण
– इन सभी को स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इनको क्वारंटीन नहीं होना होगा। राज्य से बाहर से आने वाले और राज्य में जिलों के बीच आवागमन करने वाले छात्रों पर भी यह नियम लागू होगा। जिला प्रशासन इनके आने जाने की व्यवस्था करेगा।
– प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले लोगों को भी स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इनको भी क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।