आठवें राज्यपाल के रुप में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने लीं शपथ

लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसम (सेवानिवृत्त) ने बुधवार को राजभवन में उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह चौहान ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं स्वावलंबी और बहादुर हैं। यहां की बेटियों को सैनिक स्कूलों व एनडीए के लिए प्रेरित कर राज्य में महिला सशक्तीकरण का नया अध्याय लिखा जाएगा। इससे पहले बुधवार को राजभवन में राष्ट्रगान के साथ शपथग्रहण समारोह की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव एसएस संधू ने किया।
 
मुख्य सचिव ने राज्यपाल की नियुक्ति का राष्ट्रपति की ओर से भेजा गया अधिपत्र पढ़कर सुनाया। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने भारतीय सेना की चार मराठा बटालियन रेजीमेंट द्वारा दिए गए सम्मान गार्ड का निरीक्षण किया। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, अरविंद पांडेय, गणेश जोशी, डॉ. धनसिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक समेत कई गण्यमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

पैतृक गांव से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
राज्यपाल के पैतृक गांव जालाल (अमृतसर) से भी कुछ ग्रामीण करीब तीन हजार गांववासियों की शुभकामनाएं लेकर राजभवन पहुंचे और शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए। अपने गांव के व्यक्ति के राज्यपाल बनने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। समारोह में राज्यपाल के परिजनों, स्कूल कॉलेज और सेना में सेवा के दौरान रहे मित्र और सहपाठी भी शामिल हुए।

सैन्य पृष्ठभूमि वाले पहले और प्रदेश के दूसरे सिख राज्यपाल
गुरमीत सिंह प्रदेश के पहले सैन्य पृष्ठभूमि वाले राज्यपाल हैं। सुरजीत सिंह बरनाला के बाद वह राज्य के दूसरे सिख राज्यपाल हैं। सुरजीत सिंह बरनाला उत्तराखंड के पहले राज्यपाल थे।

पूर्व सैनिक और उनका परिवार मेरी प्राथमिकता
राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिक, सैनिकों के बुजुर्ग माता-पिता और परिवार उनकी प्राथमिकता हैं। इनके स्वास्थ्य, पेंशन संबंधी समस्याओं के निस्तारण, पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना के लिए काम करेंगे।

पवित्र भूमि की सेवा करना सौभाग्य की बात
राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पवित्र भूमि है, इसकी सेवा करना सौभाग्य की बात है। यहां यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ चार धाम हैं। गंगा और यमुना का मायका है। नानकमत्ता साहिब, रीठा साहिब, हेमकुंड साहिब जैसे अनेक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हैं। उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया कि उनको उत्तराखंड का राज्यपाल बनने का मौका दिया।

मिलकर संवारेंगे राज्य
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य प्रकृति का खजाना है। इसका सौंदर्य आलौकिक है। उत्तराखंड में पर्यटन आधारित बिजनेस, जैविक कृषि, योग-आयुर्वेद, खाद्य प्रोसेसिंग पर आधारित लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर पहाड़ों में रोजगार और उद्यमिता के अपार अवसर पैदा किए जा सकते हैं। वर्तमान सरकार इस दिशा में अच्छा प्रयास कर रही है। आगे भी इसके लिए हर संभव सहयोग राज्य सरकार को हमेशा रहेगा। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि समय तेजी से बदल रहा है। यह टेक्नॉलोजी का युग है। राज्य दो अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से लगा है। इसलिए कनेक्टिविटी, पुल, सड़क, टनल का संपर्क भी महत्वपूर्ण है। समय के अनुसार विकास और तरक्की की नई इबारत लिखनी है। 

वीर शहीदों को किया याद
राज्यपाल ने प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा और परमवीर चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा के साहस, शौर्य और पराक्रम को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उत्तराखंड से राष्ट्र सुरक्षा के लिए सम्मानित 23 महावीर चक्र, 147 वीर चक्र, 6 अशोक चक्र, 19 कीर्ति चक्र प्राप्त करने वाले वीर योद्धाओं को नमन किया।

उत्तराखंड में राज्यपाल का विवरण
सुरजीत सिंह बरनाला-09 नवंबर 2000 से 07 जनवरी 2003
सुदर्शन अग्रवाल-08 जनवरी 2003 से 28 अक्टूबर 2007
बीएल जोशी-29 अक्टूबर 2007 से 05 अगस्त 2009
मार्गेट आल्वा-06 अगस्त 2009 से 14 मई 2012
डॉ. अजीज कुरैशी-15 मई 2012 से 07 जनवरी 2105
डॉ. केके पॉल-08 जनवरी 2015 से 25 अगस्त 2018
बेबी रानी मौर्य-26 अगस्त 2018 से 08 सितंबर 2021
ले.ज. गुरमीत सिंह (सेनि.)-09 सिंतबर 2021 से शुरु …

लाइन लॉस को कम करने के लिये तय की जाय जिम्मेदारी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में उर्जा एवं वैकल्पिक उर्जा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने उर्जा निगमों में कार्यों की गुणवत्ता एवं सुधारों के प्रति ध्यान देने के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाये जाने के लिये सामुहिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों की धीमी प्रगति के लिये अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित कर की परफारमेंस इंडिकेशन से इसे जोड़ा जाय।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि उर्जा निगमों के कार्यकलापों में तेजी लाये जाने तथा गुणात्मक सुधार के लिये टेक्निकल परफारमेंस आदि में व्यवस्था बनायी जाय। उन्होंने उर्जा निगमों के स्तर पर संचालित परियोजनाओं एवं योजनाओं में टेक्निकल परफारमेंस आडिट की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, संचालित विद्युत परियोजनाओं का पर्यवेक्षण के साथ एसओपी तैयार किये जाने, पुरानी विद्युत परियोजनाओं का अनुरक्षण एवं मरम्मत पर हुए व्यय तथा इससे उपलब्ध विद्युत क्षमता विकास का विवरण तैयार किये जाने के भी निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने शहरों के विस्तारीकरण के साथ पावर स्टेशनों की स्थापना के लिये भूमि की उपलब्धता आदि का मास्टर प्लान भी तैयार किये जाने, तथा प्रदेश के सामग्र इनर्जी प्लान के साथ लाइन लॉस को कम करने के लिये कारगर प्रयासों की भी जरूरत बतायी। उन्होंने इसके लिये अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विद्युत बिलों में गडबडी की शिकायतों को दूर करने के लिये 15 सितम्बर से 30 सितम्बर तक शिविर लगाकर बिजली बिलों के सम्बन्ध में जनता की शिकायतों का निराकरण करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने विद्युत योजनाओं से सम्बंधित कार्यों की टेण्डर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाये जाने पर भी ध्यान देने को कहा ताकि अधिक से अधिक प्रतिभागी इसमें भागीदारी कर सके। मुख्यमंत्री ने विद्युत स्टेशनों की स्थापना विद्युत लाइनों आदि से सम्बन्धित वन भूमि हस्तान्तरण के प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाये जाने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि प्रदेश में उद्योगों को बिजली कटौती का सामना न करना पडे इसकी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने अण्डर ग्राउण्ड केबलिंग एवं स्मार्ट मीटर योजना के क्रियान्वयन में भी तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार के स्तर पर लम्बित योजनाओं का विवरण तैयार करने के साथ ही लखवाड व्यासी जमरानी आदि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। इस सम्बन्ध में यदि आवश्यकता हुई तो केन्द्रीय उर्जा एवं सिंचाई मंत्रियों से भी मुख्यमंत्री द्वारा वार्ता की जायेगी।
सचिव उर्जा ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उर्जा के तीनों निगमों तथा उरेडा की कार्य प्रगति, संचालित परियोजनाओं एवं योजनाओं की स्थिति विद्युत उत्पादन खपत भावी योजनाओं तथा आय व्ययक से सम्बन्धित जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धु, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, अपर सचिव इकबाल अहमद, प्रबन्ध निदेशक दीपक रावत के साथ ही उर्जा निगमों एवं उरेडा, विद्युत सुरक्षा से सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

राजकुमार को शामिल कर भाजपा ने कांग्रेस पर फिर बनाई बढ़त

विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही उत्तराखंड में सियासत तेज हो गई है। बड़े नेताओं को पार्टी से जोड़ने की कवायद की कड़ी में रविवार दोपहर उत्तरकाशी जिले की पुरोला विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक राजकुमार भाजपा में शामिल हो गए। नई दिल्ली पार्टी मुख्यालय में उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। बता दें कि उत्तराखंड में लगभग चार-पांच माह बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले सभी पार्टियां लगातार कद्दावर नेताओं को अपने पाले में लाने की कवायद में जुटी हुई है। फिलहाल भाजपा इसमें सबसे आगे है। हाल ही में धनोल्टी विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद कुछ और विधायकों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। कहा गया कि एक अन्य निर्दलीय और एक कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इन चर्चाओं के बीच रविवार दोपहर पुरोला विधायक राजकुमार ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
राजकुमार बीते तीन दिनों से दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। पहले उनके शनिवार को भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि ऐसा नहीं हो पाया। इसके पीछे कारण यह बताया गया कि कुछ बिंदुओं को लेकर कांग्रेस विधायक और भाजपा के बीच सहमति नहीं बन पाई थी।
शनिवार देर रात तक विभिन्न बिंदुओं पर सहमति बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। रविवार सुबह सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई। इसके बाद दोपहर में पुरोला विधायक विधिवत रूप से भाजपा में शामिल हो गए। उनके भाजपा में आने से अब भाजपा में विधायकों की कुल संख्या 57 पहुंच गई है। हालांकि, भाजपा के गंगोत्री विधानसभा सीट के विधायक गोपाल सिंह रावत के निधन से भाजपा की एक सीट कम हो गई है। इस सीट पर उप चुनाव नहीं हुआ है।
आपको बता दें कि पुरोला से विधायक राजकुमार पहले भारतीय जनता पार्टी में ही थे। वे भाजपा से विधायक रह चुके हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनाए जाने पर वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से दो और केन्द्रीय विद्यालय की मंजूरी मांगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से उत्तराखण्ड राज्य के जनपद टिहरी गढ़वाल के अन्तर्गत नरेन्द्रनगर तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल के अन्तर्गत कोटद्वार में केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केन्द्रीय विद्यालय संगठन, देहरादून संभाग, क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा प्रस्ताव संयुक्त आयुक्त (कार्मिक) केन्द्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय) नई दिल्ली को प्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य की क्षेत्रीय जनता के हितों के दृष्टिगत उक्त स्थानों पर केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने की स्वीकृति देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय मंत्री से उधमसिंह नगर जिले के खटीमा तहसील के ग्राम महालिया में केन्द्रीय विद्यालय भवन के निर्माण में तेजी लाने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिछले चार वर्षों में स्कूली शिक्षा की क्वालिटी में सुधार के लिये महत्वपूर्ण पहल की गई है। समग्र शिक्षा में भारत सरकार द्वारा पर्याप्त सहायता दी जा रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भारत सरकार क्वालिटी एजुकेशन पर विशेष तौर पर फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से ’एक्सीलरेटिंग स्टेट एजुकेशन प्रोग्राम टू इम्प्रूव रिजल्ट्स’ योजना में उत्तराखण्ड को भी शामिल किये जाने का अनुरोध किया।

राज्यपाल को दी गई विदाई, सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में शनिवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें पौधा भेंट करने के साथ ही शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रदेश की जनता ने उन्हें जो सम्मान दिया है उसके लिये वे आभारी हैं, उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को वे कभी नहीं भूल सकती हैं। राज्यपाल ने कहा कि यहां के फलों, जड़ी बूटी व अन्य परम्परागत उत्पादों की प्रदर्शनी देश के विभिन्न भागों में आयोजित की जानी चाहिए, इससे राज्य को पहचान मिलेगी, उन्होंने राज्य की महिलाओं के कल्याण के लिये भी बहुत कुछ किये जाने की जरूरत बतायी। राज्यपाल ने कहा कि वे गंगोत्री व यमुनोत्री के दर्शनार्थ यहां आयेंगी। उन्होंने राज्य के लोगों के लिये शुभकामनायें भी दीं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सदैव एक अभिभावक की तरह उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने मुझे चूंकि मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई है इसका भी स्मरण उन्हें जीवन भर रहेगा। छोटे भाई की तरह उनका स्नेह भी उन्हें प्राप्त होता रहा है। उनके सभी से आत्मीय सम्बन्ध रहे। प्रदेश की जनता में वे काफी लोकप्रिय रहीं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उनका सम्बन्ध उत्तराखण्ड से सदैव बना रहेगा तथा उत्तराखण्ड भी उनका सहयोगी बना रहेगा। यहां से जाने के बाद भी उत्तराखण्ड के प्रति उनका स्नेह बना रहेगा, इसकी भी उन्होंने कामना की।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, सांसद नरेश बंसल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव एल. फैनई, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, मुख्य आयकर आयुक्त विपिन चंद्रा, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार के साथ ही अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

धामी सरकार का इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर, प्रोत्साहन राशि की घोषणा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालय दिवस पर आयोजित वेबिनार में प्रतिभाग किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से इलेक्ट्रिक वाहनों पर प्रोत्साहन राशि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए निजी इलेक्ट्रिक दो पहिया व चार पहिया वाहनों की खरीद पर पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह प्रोत्साहन राशि निजी प्रयोग में लाये जाने वाले प्रथम 5 हजार दो पहिया और प्रथम 1 हजार चार पहिया वाहनों के लिए अनुमन्य होगी। प्रोत्साहन की धनराशि दो पहिया वाहनों के लिए वाहन के मूल्य का 10 प्रतिशत अथवा रुपए 7500 जो भी कम हो और चार पहिया वाहनों के लिए वाहन के मूल्य का 5 प्रतिशत अथवा रुपये 50,000 जो भी कम हो, होगा। प्रोत्साहन की धनराशि बैक एंडेड सब्सिडी के रूप में डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक व वित्तीय संस्थाओं या डीलर को उपलब्ध करायी जायेगी।
इसी प्रकार इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग हेतु स्थापित किये जाने वाले चार्जिंग स्टेशन के विद्युत अधिभार को दो वर्षों तक के लिए घरेलू श्रेणी में रखा जायेगा। यह स्थापित होने वाले प्रथम 250 चार्जिंग स्टेशन के लिए अनुमन्य होगा। चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए समस्त व्यक्ति/संस्था अनुमन्य होंगे, जिनके पास पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा व स्थानीय नगर निकाय की अनुमति प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए हम सभी को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी होगी। इसके लिए जनसामान्य में जागरूकता जरूरी है। इस संबंध में हिमालयी राज्यों के साथ सम्मेलन पर भी विचार किया जा रहा है। विकास के साथ ही प्रकृति के साथ भी संतुलन बनाना होगा। प्रकृति के संरक्षण के लिए हिमालय का संरक्षण आवश्यक है। हिमालय हमारी विरासत और भविष्य दोनों ही है। आने वाली पीढ़ी के लिए सतत विकास की नीति पर बल दिया जाना चाहिए। हिमालय से सदानीरा नदियां प्रवाहित होती हैं, जिनके किनारे मानव सभ्यता विकसित हुई है। जलस्त्रोतों और वनों का संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। हिमालय पूरे विश्व और मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, प्रसिद्ध पर्यावरणविद स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा जी की स्मृति में ‘सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति संरक्षण पुरस्कार’ प्रारम्भ करने जा रही है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हिमालय भारत का प्रहरी है। यहां बहुमूल्य जड़ी बूटियां प्राप्त होती हैं। हिमालय दिवस को बड़े स्तर पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता है। स्कूली पाठ्यक्रमों में हिमालय संरक्षण संबंधी अध्याय होना चाहिए।
पर्यावरणविद पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि हिमालय संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ी है। आज देश भर में 200 से अधिक स्थानों पर हिमालय दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि पारिस्थितिकी और आर्थिकी को जोड़ते हुए उत्तराखण्ड के लिए स्टेट प्लान बनाया जाना चाहिए।
अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राज्य स्तर और जिला स्तर पर पर्यावरण योजना बनाए जाने पर कार्य किया जा रहा है। नदियों और जल स्त्रोतों के संरक्षण पर भी काफी काम किया गया है।
कार्यक्रम में हिमालय यूनाइटेड मिशन (हम) की पुस्तक ’हिमालय दिवस’ का विमोचन किया गया। हिमालय दिवस पर आयोजित इस वेबिनार में अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए बाजार उपलब्ध कराये-संधु

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराए जाने की दिशा में हर संभव प्रयास किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के बदलाव के कारण अन्य प्रदेशों के द्वारा विकसित बीजों की सफलता की सम्भावना कम होती है। फसलों की नई वैरायटी विकसित करने हेतु प्रदेश स्तर में ही प्रयास किए जाएं, इससे प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार विकसित बीजों की सफलता का प्रतिशत होगा। उन्होंने दालों, पोषक अनाजों और तिलहन की खेती को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के बहुत से उत्पाद बाय-डिफॉल्ट ऑर्गेनिक हैं, हमें इनकी मार्केटिंग पर ध्यान देने की आवश्यकता है। राज्य को जैविक प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए छोटे-छोटे क्षेत्रों में रासायनिक कीटनाशकों को प्रतिबन्धित करते हुए, इसकी शुरूआत करनी होगी। उन्होंने कहा कि किसी ब्लॉक या छोटे क्षेत्र को ऑर्गेनिक एरिया घोषित करने पर शुरुआत में उत्पादन में कमी आ सकती है, किसानों को ऑर्गेनिक खेती हेतु प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से सपोर्ट किया जाए।
मुख्य सचिव ने योजना के तहत वितरित स्ट्रॉ रीपर के आउटकम पर अध्ययन कराए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि स्ट्रॉ रीपर का वितरण सफल रहा है तो इनकी संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि अच्छी योजनाओं के लिए फण्ड की कमी नहीं होने दी जाएगी। इन योजनाओं पर आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार से भी फण्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि योजना के तहत चिन्हित जनपदों में चावल, गेहुं, मोटे अनाज, पोषक अनाज, तिलहन और गन्ने के उत्पादन को क्षेत्र विस्तार और उत्पादकता को बढ़ावा देने के साथ ही इंडिविजुअल फॉर्म लेवल पर मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने के लिए यह योजना लागू की गयी है। बताया गया कि उत्तराखण्ड राज्य ने कैटेगरी-2 में 2011-12, 2016-17 और 2017-18 के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त किया है। इस अवसर पर सचिव आर.मीनाक्षी सुन्दरम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम की घोषणा-पुलिस में खेल कोटे में भर्ती जल्द शुरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस मुख्यालय देहरादून में पुलिस विभाग द्वारा तैयार की गई ‘‘पब्लिक आई एप’’ तथा महिला सुरक्षा हेतु ‘‘मिशन गौरा शक्ति’’ एप का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ द्वारा पर्यावरण संरक्षण, कोविड जागरूकता, हानिकारक कूड़े के निस्तारण व जोखिम पूर्ण स्थानों के चिन्हीकरण के लिए चलाये जा रहे माउण्ट गंगोत्री-1 पर्वतारोहण अभियान का फ्लैग ऑफ भी किया। इंस्पेक्टर एसडीआरएफ अनीता गैरोला के नेतृत्व में 9 सितम्बर से 30 सितम्बर तक चलाया जायेगा। अभियोगों की विवेचना में गुणात्मक सुधार तथा सफल अनावरण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा विवेचकों को स्मार्ट एविडेंस टूलकिट टेबलेट प्रदान किये गये।

जल्द बनेगी एंटी ड्रग पालिसी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस की समीक्षा बैठक भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस में खेल कोटे की भर्ती शुरू की जायेगी। पीएसी के जवानों को बसों की व्यवस्था की जायेगी। उत्तराखण्ड में शीघ्र एंटी ड्रग पॉलिसी बनायी जायेगी। पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जायेगी। पुलिस विभाग के आरक्षियों के ग्रेड पे के संबंध में कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जल्द उचित समाधान निकाला जायेगा।

अपराधियों को पकड़ने हेतु पुरस्कार राशि बढ़ायेगी सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 को और सख्त बनाया जायेगा। बाहरी राज्यों से उत्तराखण्ड में आने वाले लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था किसी भी राज्य की सुरक्षा एवं समृद्धि का एक आवश्यक अंग है। उत्तराखंड पुलिस द्वारा राज्य में अच्छा कार्य किया जा रहा है।
इनामी अपराधियों को पकड़ने हेतु पुरस्कार राशि बढ़ायी जाएगी। कोरोना काल में पुलिस द्वारा मिशन हौंसला के तहत सराहनीय कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिस बनाने का जो विजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का है। उसको पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उत्तराखण्ड पुलिस को आधुनिक बनाने में जो भी आवश्यकता होगी उसे पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर एवं इंस्पेक्टर को कोविड-19 में उनके द्वारा किये जा रहे सराहनीय कार्यों एवं सेवाओं 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि जल्द दी जायेगी।

साइबर क्राइम को रोकने के लिये ठोस रणनीति बनाएं
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि साइबर क्राइम को रोकने के लिए लिए ठोस रणनीति बनाई जाय। यातायात के नियमों, रोड सेफ्टी के प्रति लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाय। ट्रैफिक लाइट एवं सीसीटीवी निगरानी की समुचित व्यवस्था की जाय। कार्यों के प्रति प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। थाना या चौकी स्तर के मामले जिले स्तर पर न आए। जिला स्तर के मामले मुख्यालय स्तर एवं शासन स्तर पर न आये। जिसकी जो जिम्मेदारी है, अपने स्तर पर शीघ्र उसका समाधान करें। महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, नशा मुक्ति एवं साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाय।

मिशन गौरा शक्ति अभियान
महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सजग एवं प्रभावी पहल के लिए उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा मिशन गौरा शक्ति अभियान चलाया जायेगा। इसके तहत छेड़खानी जैसी घटनाओं में प्रभावी कार्यवाही, बालिकाओं को आत्मरक्षा हेतु प्रशिक्षण एवं शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जायेगा। इसके तहत पीड़िता इमरजेंसी की स्थिति में डायल कर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती है। ऑनलाईन ऑडियो, वीडियो एवं टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकती हैं। आपात स्थिति में 112 पर कॉल कर सकते हैं। अपनी शिकायत पर संबंधित पर हुई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त कर सकती है। एप के माध्यम से पुलिस के अन्य ऑफिसियल सोशल मीडिया अकाउंट पर भी संपर्क कर सकती हैं।

पब्लिक आई एप
उत्तराखण्ड प्रदेश की जनता अपनी शिकायतों के साथ-साथ आसपास घटित हो रहे आपराधिक या विधि का उल्लंघन करने वाले कृत्यों की फोटो या वीडियो बनाकर पुलिस को भेज सकते हैं। शिकायतकर्ता अपने द्वारा पूर्व में की गई शिकायत व उस पर हुई कार्यवाही की प्रगति के बारे में जान सकते हैं। साइबर क्राइम के बारे में शिकायत दर्ज की जा सकती है। किसी भी प्रकार की ट्रेफिक समस्या या सड़क दुर्घटना के संबंध में फोटो या वीडियो बनाकर कार्यवाही हेतु अपलोड किया जा सकता है। आपात स्थिति में 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, अरविन्द सिंह ह्यांकी एवं पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नेटवर्क में सुधार लाने के लिए बीबीएनएल के महानिदेशक से चर्चा

अशोक कुमार मित्तल, आई.टी. एस. महानिदेशक दूरसंचार, दूरसंचार विभाग ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धु से मुलाकात करते हुए उत्तराखंड राज्य में दूरसंचार के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रणनीति पर चर्चा की। इस चर्चा में शहरी विकास प्राधिकरणों के उप कानूनों को उत्तराखंड राइट ऑफ वे पॉलिसी 2018 के अनुसार करने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप, पंचायत संस्थानों द्वारा भारतनेट नेटवर्क का उपयोग, जिला और राज्य स्तरीय दूरसंचार समितियों की नियमित बैठक, ट्रांसमिशन लाइनों के साथ ऑप्टिकल ग्राउंड वायर (ओपीडब्ल्यूजी) की तैनाती आदि शामिल है।
महानिदेशक (दूरसंचार) ने उत्तराखंड क्षेत्र में नेटवर्क कवरेज में सुधार के लिए दूरसंचार टावरों की अनुमति की शीघ्र मंजूरी के महत्व पर जोर दिया। ऑप्टिकल फाइबर केबल के दोषों की मरम्मत के लिए सड़कों की खुदाई के लिए बी.बी.एन.एल. (भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड) को अनुमति पर भी चर्चा की गई।
इस दौरान मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी आर. के सुधांशु को निर्देशित किया कि उत्तराखण्ड में दूरसंचार सुविधाओं के विकास से सम्बन्धित जो भी प्रस्ताव आते हैं। उनका सम्बन्धित जिलाधिकारियों के माध्यम से तत्काल निस्तारण करवायें। साथ ही उन्होंने इस सम्बन्ध में महानिदेशक दूरसंचार को स्थानीय डाटा भी उपलब्ध करवाने को कहा।
महानिदेशक (दूरसंचार) ने सचिव (आपदा प्रबंधन) एस ए मुरुगेसन से भी मुलाकात करते हुए उत्तराखंड राज्य में आपदा के दौरान दूरसंचार के बुनियादी ढांचे की बहाली और प्रबंधन की रणनीति के बारे में चर्चा की। उन्होंने बचाव, राहत और पुनर्वास पद्धति शुरू करने में दूरसंचार सेवाओं की भूमिका पर जोर दिया और उन्हें आपदाओं से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) 2020 के अनुसार दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल के बारे में जानकारी भी दी।

उत्तराखंड की राज्यपाल ने दिया इस्तीफा, यूपी में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा

उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राज्यपाल के सचिव बीके संत ने इसकी पुष्टि की है। बेनी रानी मौर्य उत्तराखंड की राज्यपाल के तौर पर बीती 26 अगस्त को अपने तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी हैं।
दो दिन पहले नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात के बाद से ही उनके इस्तीफा देने की चर्चाएं तेज होने लगी थीं। उन्हें उत्तर प्रदेश बीजेपी में बड़ी जिम्मेदारी देने की चर्चाएं हैं। वहीं, अब प्रदेश के नए राज्यपाल की जिम्मेदारी किसे मिलेगी इसको लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर दिया जोर
हाल ही में बेबी रानी मौर्य राज्यपाल पद पर तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद मीडिया से रूबरू हुई थीं। उन्होंने प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के मुद्दों पर जोर दिया था। उनका कहना था कि प्रदेश की महिलाएं मेहनती और जुझारू हैं। महिलाओं को राजभवन से जो बेहतर सहयोग किया जा सकता है उसके लिए आगे भी ठोस प्रयास किए जाएंगे।

उत्तराखंड की दूसरी महिला राज्यपाल थीं बेबी रानी मौर्य
तीन साल पहले उत्तराखंड में राज्यपाल की कमान संभालने वालीं आगरा निवासी बेबी रानी मौर्य प्रदेश की दूसरी महिला राज्यपाल थीं। उनसे पहले मारग्रेट आल्वा प्रदेश की राज्यपाल रह चुकी थीं।

ये है उनका सार्वजनिक-राजनीतिक जीवन
– वर्ष 1995 से वर्ष 2000 तक आगरा की महापौर।
– वर्ष 1997 में वर्तमान राष्ट्रपति और तत्कालीन अध्यक्ष राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा राम नाथ कोविंद के साथ बतौर कोषाध्यक्ष कार्य।
– वर्ष 2001 में प्रदेश, सामाजिक कल्याण बोर्ड की सदस्य।
– वर्ष 2002 में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य।

सम्मान
– वर्ष 1996 में सामाजिक कार्यों के लिए समाज रत्न।
– 1997 में उत्तर प्रदेश रत्न।
– 1998 नारी रत्न।

उत्तराखंड में अब तक रहे राज्यपाल, ये रहा कार्यकाल
सुरजीत सिंह बरनाला-09 नवंबर 2000-07 जनवरी 2003
सुदर्शन अग्रवाल-08 जनवरी 2003-28 अक्तूबर 2007
बनवारी लाल जोशी-29 अक्तूबर 2007-05 अगस्त 2009
मार्गरेट अल्वा-06 अगस्त 2009-14 मई 2012
अज़ीज़ कुरैशी-15 मई 2012-08 जनवरी 2015
कृष्ण कांत पॉल-08 जनवरी 2015-25 अगस्त 2018
बेबी रानी मौर्य-26 अगस्त 2018-08 सितंबर 2021