ऋषिकेश के द्वितीय महंत अशोक प्रपन्नाचार्य का निधन, शोक की लहर

(एनएन सर्विस)
आज प्रात: 7:30 बजे श्री भरत मन्दिर के महन्त अशोक प्रपन्नाचार्य महाराज ने अतिंम सांस ली। उनके देहावसान की खबर से पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गयी। शहर के साथ ही देहरादून और अन्य स्थानों से लोगो ने उनके आवास पहुचकर परिवार को सान्त्वना दी। शहर के कई व्यापारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
आपको बता दे कि श्री महन्त का जन्म 10 फ़रवरी 1942 को तत्कालीन महंत परशुराम जी के घर उनके बेटे ज्योति प्रसाद शर्मा के यहा हुआ। अशोक प्रपन्नाचार्य परिवार में बड़े पुत्र थे उनसे बड़ी एक बहन व छोटी बहन व छोटे भाई श्री हर्षवर्धन शर्मा हैं। उनके दादा श्री भरत मन्दिर के गद्दी नसीन मंहन्त परशुराम जी महाराज जोकि नगर पालिका परिषद ऋषिकेश के प्रथम अध्यक्ष भी रहे। उनके पश्चात अशोक प्रपन्नाचार्य श्री भरत मन्दिर ऋषिकेश की गद्दी वर्ष 1956 में शुषोभित हुए। इसके साथ ही श्री भरत मन्दिर द्वारा संचालित शिक्षण संस्थाओं श्री भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज, श्री भरत मन्दिर संस्कृत महाविद्यालय, ज्योति विशेष विद्यालय के साथ ही उत्तराखंड एवं अन्य स्थानों की धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन व संवर्द्धन में सराहनीय भूमिका रही।
अशोक प्रपन्नाचार्य श्री भरत मंदिर एजुकेशन सोसाइटी व शिक्षण संस्थाओं के संचालक मंडल के अध्यक्ष पद पर सुशोभित रहे।
पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शान्तिप्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश व कई अन्य संस्थाओं को वृहत्तर भूखंड प्रदान कर क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के प्रवेश द्वार खोले व नगरीय क्षेत्र के साथ गढ़वाल के नागरिकों की स्वास्थ्य सुविधाओं के संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वर्ष 1962 के भारत चीन युद्ध में भारतीय सेनाओं को शिविर कैम्प संचालित करने के लिये महन्त अशोक प्रपन्नाचार्य ने श्री भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज के विशाल प्रांगढ को प्रदान करने के साथ ही रायवाला में सेना को छावनी बनाने का सुझाव प्रदान किया था।
स्वाधीनता संग्राम में भी श्री भरत मंदिर परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महंत अशोक प्रपन्नाचार्य जी के चाचा शान्ति प्रपन्न शर्मा कई वर्षों तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायक व उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन, उद्योग व ऊर्जा मंत्री पद पर रहे। ऋषिकेश में आईडीपीएल की स्थापना का सुझाव तत्कालीन केन्द्र सरकार को उनके द्वारा ही प्रदान किया गया था।
स्वर्गीय मंहन्त अशोक प्रपन्न शर्मा के छोटे भाई हर्षवर्धन शर्मा क्षेत्र के सार्वजनिक, सामाजिक सेवा जीवन के साथ शिक्षण संस्थाओं के संचालन में प्रबंधकीय व्यवस्था देखते हैं।
उत्तरकाशी भूकंप,केदारनाथ आपदा व कोरोना महामारी में लॉक डाउन के दौरान स्व० मंहन्त जी व उनके परिवार द्वारा राहत कार्यों में बड़े स्तर सहायता प्रदान की।
स्वर्गीय मंहन्त अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं आपके दो पुत्र वत्सल शर्मा व वरुण शर्मा हैं। वे भी सामाजिक, शिक्षण संस्थाओं व धार्मिक संस्थाओं के संचालन व संवर्धन में सक्रिय हैं। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि अशोक प्रपन्नाचार्य महाराज विगत कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे, उनका अंतिम संस्कार ऋषिकेश चंद्रेश्वर घाट मुक्ति धाम पर अपराह्न 3 बजे सम्पन्न होगा।

दो अधीक्षण अभियंताओं पर नेपाल सीमा में सड़क निर्माण पर लापरवाही का आरोप, निलंबित

(एनएन सर्विस)
शासन ने अंतरराष्ट्रीय और सामरिक महत्व के टनकपुर-जौलजीवी मोटर मार्ग के निर्माण में लापरवाही पर दो अधीक्षण अभियंताओं को निलंबित किया है। अधीक्षण अभियंता मयन पाल सिंह वर्मा व प्रभारी अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह पर आरोप है कि दोनों ने मार्ग की निविदा प्रक्रिया संपन्न न कर प्रक्रिया को टालने का प्रयास किया।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों के आवागमन और भारतीय सीमा की सुरक्षा के लिए टनकपुर-जौलजीवी मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। इस मार्ग के 30 किमी से 55 किमी का निर्माण ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी को आवंटित गया। ठेकेदार पर अनुबंध के दौरान फर्जी प्रमाणपत्र लगाने के शिकायत की जांच के बाद यह कार्य अगस्त 2017 में निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद इसके लिए दोबारा टेंडर आमंत्रित किए गए। इस पर ठेकेदार कोर्ट और फिर ट्रिब्यूनल में गया। आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल ने मामले में यथास्थिति रखने के निर्देश दिए, जिसे विभाग ने कमर्शियल कोर्ट में चुनौती दी।
जुलाई 2019 में ट्रिब्यूनल के यथास्थिति रखने के आदेश को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद पिथौरागढ़ में तैनात तत्कालीन अधीक्षण अभियंता मयन पाल ने अपने स्तर से 12 दिसंबर 2019 को निविदाएं आमंत्रित की। अपरिहार्य कारणों का उल्लेख करते हुए 24 दिसंबर 2019 को निविदाएं फिर से स्थगित कर दी गई। मुख्य अभियंता लोनिवि पिथौरागढ़ के निर्देशानुसार चार जनवरी 2020 को अधीक्षण अभियंता पिथौरागढ़ तृतीय वृत्त को फिर से निविदाएं आमंत्रित करने को पत्र भेजा गया। बावजूद इसके उन्होंने 12 जनवरी 2020 तक अपने कार्यकाल के दौरान इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। 13 जनवरी को यहां मनोहर सिंह को प्रभारी अधीक्षण अभियंता के रूप में भेजा गया। एक माह बाद, यानी 12 फरवरी 2020 को उन्होंने 12 दिसंबर 2019 को आमंत्रित निविदा में शुद्धिपत्र लगाया। इसमें निविदा आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 19 मार्च रखी गई।

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इस बीच 18 मार्च को उन्होंने अपरिहार्य कारणों का उल्लेख करते हुए एक शुद्धि पत्र जारी किया और निविदा आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 26 मार्च 2020 रखी। इसी दौरान बीच 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन हो गया। इसका उल्लेख करते हुए प्रभारी अधीक्षण अभियंता ने केवल दो निविदादाताओं की हार्ड कॉपी प्राप्त होने का उल्लेख करते हुए 19 मई 2020 को फिर से निविदाएं निरस्त कर दीं। 28 मई को तीसरी बार निविदाएं आमंत्रित की गई।
इस बीच एक जून को आर्बिटेशन अवार्ड में ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी के पक्ष में निर्णय पारित हो गया। इस प्रकरण को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया। सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने दोनों अभियंताओं को शासकीय नियमों की अनदेखी करते हुए संबंधित ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के आरोप में निलंबित कर दिया। मयन पाल निलंबन अवधि में प्रभारी मुख्य अभियंता कार्यालय देहरादून तो मनोहर सिंह लोक निर्माण विभाग पौड़ी कार्यालय में संबद्ध रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने दिया, सीमांत क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को सुधारने पर जोर

(एनएन सर्विस)
उत्तराखंड सरकार ने चीन और नेपाल सीमा की सामरिक महत्व की सड़कों को लेकर समीक्षा की। सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़कों के निर्माण को तय समय में पूरा करने और मानसून में सड़कों पर यातायात को बनाए रखने के लिए हरसंभव कोशिश करना तय किया गया। 
सामरिक महत्व को देखते हुए सीमा सड़क की समीक्षा बैठक को गोपनीय रखा गया। शासन के आला अफसरों से लेकर सूचना विभाग ने तक जानकारी देने से इनकार किया। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में सीमा सड़क संगठन के अधिकारी भी शामिल थे। तय किया गया कि केंद्र के संबंधित मामलों पर केंद्रीय स्तर पर बातचीत की जाएगी। यह भी कहा गया कि मानसून में भूस्खलन से सीमा की सामरिक महत्व की सड़कें अगर बंद होती हैं तो इन सड़कों को जल्द से जल्द खोला जाए।
यह भी बताया गया कि इस तरह के मामलों में चीन सीमा से लगी चमोली जिले की नीति घाटी में मलारी मार्ग के लिए 35 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण होना है। इसमें राजस्व विभाग से कहा गया है कि मुआवजे की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसी तरह नेपाल सीमा से लगी सड़कों के प्रस्ताव पर भी सीएम ने तेजी से काम करने को कहा है। बैठक में सीमांत क्षेत्र विकास योजना के तहत सीमांत क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए अधिक प्रस्ताव बनाने पर जोर दिया गया।
बाद में सचिवालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत में सीएम ने कहा कि सामरिक महत्व की सड़कों को मानसून में बंद न होने देने के लिए अधिकारियों को कहा गया है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार के साथ ही राजस्व, लोक निर्माण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, बीआरओ के अधिकारी शामिल थे। 

झांसे में आ गए पंडित जी, गंवाए 15699 रूपये

(एनएन सर्विस)
ऑनलाइन शॉपिंग साइट अमेजन से पंडित महेन्द्र कुमार को भूख की दवा मंगाना भारी पड़ गया। पंडित जी को कस्टमर केयर के नाम से आए फोन में तीन बार ओटीपी मांगा गया। जिसमें करीब 15699 रूपये खाते से उड़ा लिए गए। अब पंडित जी कोतवाली के चक्कर काट रहे है।
दरअसल आवास विकास निवासी महेन्द्र कुमार पुत्र राजेन्द्र प्रसाद पुरोहित कर्मकांड का कार्य करते हैं। बीती दो जुुलाई को उन्होंने एक ऑनलाइन शॉपिंग साइट से भूख बढ़ाने की दवाई मंगवाने के लिए आवेदन किया। तभी उन्हें एक फोन आया, फोन करने वाले ने स्वयं को कस्टमर केयर दिल्ली ब्रांच से बताया और साइट पर अकाउंट बनाने के लिए दस रूपये डालने को कहा। इसके लिए उन्होंने पंडित जी के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा। इसे पंडित जी ने बता दिया।
इसके बाद उनके खाते से 9999 रूपये कट गए। पंडित जी ने फोन करने वाले को कहा कि आपने मेरे खाते से रूपये क्यों निकाले। तो इस पर फोन करने वाले व्यक्ति ने सॉरी कहकर रूपये वापस करने की बात कही और एक बार फिर ओटीपी भेजा। अबकी बार पुनः पांच हजार रूपये निकाल लिए गए। इसी तरह तीसरी बार 700 रूपये निकाल लिए गए। इसके बाद फोन कट गया। पंडित जी मामले को लेकर एक शिकायत लिखी और कोतवाली पुलिस को सौंपी। वहीं, साइबर सेल मामले की जांच में जुट गया है।

मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता के लिए डीएसओ को दी जिम्मेदारी

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित जिला पूर्ति अधिकारी की जिम्मेवारी तय की जाएगी। योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की गड़बड़ी या कोताही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सचिव खाद्य, अपने स्तर पर इसकी नियमित रूप से समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को नवम्बर माह तक विस्तारित किया गया है। इससे देश के करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार का संकल्प है कि कोई गरीब भूखा न सोए। पिछले लगभग 4 माह में हर व्यक्ति को राशन उपलब्ध कराया गया है। राज्य में लौटे प्रवासियों के लिए भी राशन की व्यवस्था की गई।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य के 61.94 लाख व्यक्तियों को अप्रैल, मई व जून माह का खाद्यान्न दिया गया है। इसमें प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल और प्रति परिवार 1 किलो दाल निशुल्क वितरित की गई है।
अब योजना का विस्तार करने से जुलाई से नवम्बर तक 5 माह और यह लाभ पात्र व्यक्तियों को मिलता रहेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत नियमित खाद्यान्न भी वितरित किया जाता रहेगा।
बताया गया कि आत्मनिर्भर भारत योजना में लगभग 12 हजार प्रवासियों को मई व जून माह में प्रति माह 5 किलो चावल प्रति व्यक्ति और 1 किलो दाल प्रति परिवार निशुल्क उपलब्ध कराई गई है। वन नेशन वन राशन कार्ड 1 जुलाई से लागू की जा चुकी है। इसके तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशनकार्ड धारकों को अन्य राज्यों में और अन्य राज्यों के राशनकार्ड धारकों को राज्य में लाभ मिलेगा।

मोदी रिट्रीट योगा होटल की महिला यात्री की ट्रेवल हिस्ट्री छुपाई, निकली पाॅजीटिव

(एनएन सर्विस)
ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने प्रशासन को गुमराह करने पर होटल मोदी रिट्रीट योगा के मैनेजर और महिला यात्री पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के नियमों का उल्लंघन पाते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि होटल मोदी रिट्रीट योगा में एक महिला दिल्ली रेड जोन से आई। लेकिन महिला यात्री सहित होटल के मैनेजर ने रेड जोन से आने की सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को नहीं दी। पुलिस को जब इस मामले का पता चला तो होटल मैंनेजर सतीश से दिल्ली से ऋषिकेश आने का ई-पास मांगा गया तो वह उचित जवाब नहीं दे सका। मैंनेजर की ओर से न ही महिला यात्री शीतल को क्वारंटीन किया गया। बता दें कि उक्त महिला की कोविड रिपोर्ट दो जुलाई को पॉजीटिव आई है।
इस बावत जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों की अवहेलना करने पर होटल के मैनेजर और महिला यात्री के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल ने आरोपियों की पहचान मैनेजर सतीश पुत्र धर्मपाल निवासी अमर एंटा पंचरुखी तहसील पालमपुर कांगड़ा हिमाचल प्रदेश और महिला यात्री शीतल के रूप में कराई है।

आर्थिक घेराबंदी देख चीन घबराया, जल्द ही प्ले स्टोर से हटेंगी सभी एप

(एनएन सर्विस)
भारतीय क्षेत्र लद्दाख में घुसपैठ कर रहे चीन को सीमा में सबक सिखाने के साथ ही भारत ने अब उसे आर्थिक मोर्चे पर घेरते हुए 59 चीनी ऐप पर बैन लगा दिया है और गूगल को अपने प्ले स्टोर से उस सभी ऐप को हटाने का आदेश भी दे दिया है। भारत की इस कार्रवाई से चीन घबरा गया है और इसपर दुख जताते हुए स्थिति पर नजर रखने की बात कर रहा है। अभीतक गलवान में रौब दिखा रहे चीन भारत के इस ऐक्शन के बाद अब अंतरराष्ट्रीय कानून की दुहाई तक देने लग गया है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने भारत के चीनी ऐप्स पर बैन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, चीन को काफी चिंता है और वह स्थिति की समीक्षा कर रहा है। बता दें कि दोनों देशों के बीच लद्दाख में एक महीने से ज्यादा वक्त से तनाव चल रहा है। गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे जबकि चीन के 40 जवान मारे गए थे।
उन्होंने कहा, हम कहना चाहते हैं कि चीनी सरकार हमेशा से अपने कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय नियमों को पालन करने को कहती रही है। भारत सरकार को चीनी समेत सभी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों की रक्षा करने की जिम्मेदारी है।
बता दें कि केन्द्र सरकार ने सोमवार को 50 से ज्यादा चाइनीज ऐप्स को बैन करने का बड़ा फैसला लिया था। बैन किए गए ऐप्स की लिस्ट में ढेरों पॉप्युलर ऐप्स शामिल हैं और TikTok, UC Browser और Shareit जैसे नाम हैं। ऐप्स को बैन किए जाने की वजह इनका चाइनीज होना ही नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा और एकता को बनाए रखने के लिए जरूरी कदम मानते हुए ऐसा किया गया है। केन्द्र सरकार के आदेश के बाद करीब 59 ऐप्स को जल्द ही गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर से हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

80 करोड़ लोगों को अगले पांच माह तक और मिलेगा निःशुल्क राशनः पीएम मोदी

(एनएन सर्विस)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर में 80 करोड जरूरतमंद लोगों को अगले पांच महीने तक मुफ्त राशन देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का इस साल नवम्घ्बर के अंत तक विस्तार कर दिया गया है।
कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद घोषित इस योजना के अंतर्गत गरीब परिवारों के हर सदस्य को हर महीने पांच किलोग्राम गेहूं या चावल और एक किलोग्राम साबुत चना मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना को नवम्बर तक बढ़ाने पर सरकार को 90 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च करनी होगी।
राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले तीन महीनों में करीब बीस करोड़ गरीब लोगों के जनधन खातों में 31 हजार करोड रुपए अंतरित किए गए हैं। इसी तरह नौ करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए भेजे गए हैं। गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान पर 50 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश एक-राष्ट्र, एक-राशन कार्ड की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे रोजगार के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले गरीब मजदूरों को बड़ा फायदा होगा।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोरोना महामारी की वजह से मृत्युदर पर नजर डाली जाए तो यह बात स्पष्ट हो जाती है कि अन्य देशों के मुकाबले भारत, इस महामारी से निपटने में बड़ी मजबूत स्थिति में रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि समय पर लॉकडाउन लागू करने के फैसले से कई जानें बचाई जा सकीं। उन्होंने कहा कि जब से देश में अनलॉक-वन शुरू हुआ है, कुछ लोग अपने व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनलॉकडाउन के दौरान भी नियमों पर उसी तरह से अमल किया जाना चाहिए जिस तरह लॉकडाउन के दौरान किया गया था। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लोगों को अनुशासन बनाए रखना चाहिए और जो लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं उन्हें रोका जाना चाहिए, उन्हें जागरूक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से राज्य के लोगों को मिल रहा बड़ा फायदाः सीएम

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को नवम्बर माह तक बढ़ाए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना को 5 माह बढ़ाए जाने से देश के 80 करोड़ गरीबों को बड़ी राहत मिलेगी। आने वाला समय त्यौंहारों का है। प्रधानमंत्री जी की इस घोषणा से गरीब भाई-बहन, खुशी के साथ त्यौहार मना सकेंगे।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में अप्रैल-मई और जून माह में हर महीने 80 करोड़ गरीबों को प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं या 5 किलो चावल जबकि प्रति परिवार 1 किलो दाल प्रति माह निशुल्क उपलब्ध कराई गई। अब इस योजना को जुलाई से नवम्बर तक बढ़ाने से सरकार के इस संकल्प को बल मिलेगा कि कोई गरीब भूखा न सोए। योजना का 5 माह और विस्तार करने से 90 हजार करोड़ रूपए खर्च होंगे जबकि पहले के तीन माह भी जोड़ दिए जाएं तो इस योजना पर कुल खर्च 1 लाख 50 हजार करोड़ रूपए बैठता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से उत्तराखण्ड के लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। अब नवम्बर तक इस योजना को बढ़ाने से राज्य के इन परिवारों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हम सभी के अभिभावक हैं। देश हित में उन्होंने हमेशा सही समय पर सही फैसले लिए। उनके फैसलों के केंद्र बिंदु में इस देश के गरीबों का कल्याण होता है। लॉकडाउन को लेकर उन्होंने सही समय पर साहसिक फैसला लिया जिसके फलस्वरूप लाखों लोगों की जान बची।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 130 करोड़ भारतीय अपने प्रधानमंत्री के साथ हैं। हम सभी को मिलजुलकर आगे बढ़ने का संकल्प लेना है। प्रधानमंत्री जी देशवासियों के हित में जो भी सम्भव है, कर रहे हैं। हमें भी अपने प्रधानमंत्री का साथ देना है। हमें केवल इतना करना है कि कोरोना को लेकर तमाम सावधानियां बरतनी हैं। मास्क का अनिवार्यता से प्रयोग करना है, दो गज की दूरी बनाए रखनी है और हाथों को नियमित रूप से धोना है। जब तक कोरोना की वेक्सीन तैयार नहीं होती तब तक यही इसकी दवा है। उन्होंने कहा कि अनलॉक-2 में राज्य में काफी सहूलियतें दी जा रही हैं, प्रदेशवासियों के लिये चारधाम यात्रा खोल दी गई है। होटल व्यवसाय को गति देने के लिये पर्यटक प्रदेश में आकर होटल में ठहर सकते हैं। इसके लिये उनका 48 घंटे पूर्व का कोरोना टेस्ट नेगेटिव होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के दृष्टिगत प्रदेश में सभी चीजों का आंकलन किया जा रहा है। इस महामारी के कारण सामाजिक आर्थिक एवं मानसिक दिक्कतें भी उत्पन्न हुई है। हम सबको इसका सतर्कता से सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में प्रदेश में कोरोना के मामलों में ठहराव व गिरावट आयी है। इस दिशा में हम सचेत हैं तथा राज्य में आने वालों की सतत रूप से चेकिंग की जा रही है तथा उनकी ट्रैवल हिस्ट्री देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस महामारी का सामना करने के लिये हमारे डाक्टर तथा फ्रंट लाइन वर्कर सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

उत्तराखंड में पलायन रोकने के लिए कृषि ही मददगारः सुबोध उनियाल

(एनएन सर्विस)
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की 26 वीं बैठक में उत्तराखण्ड के उद्यान, कृषि एवं रेशम विकास विभाग मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, परन्तु अभी भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि औषधीय खेती एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। कृषि उत्पादों का निर्यात भारत सरकार की प्राथमिकताओं में है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने के साथ ही उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने हेतु प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि नई नई फसलों को विकसित किए जाने की आवश्यकता है। इससे उत्पादकता बढ़ेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को इंश्योरेंस के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों में छोटे छोटे किसानों की संख्या अधिक है। उनको ध्यान में रखते हुए योजनाओं को तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यों में सिंचाई के दायरे को बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। नए अध्यादेशों एवं फसल बीमा योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों को पहुंचे इसके प्रयास किए जाएं, ताकि हमारे किसान आत्मनिर्भर भारत बनाने में अपना योगदान दें सकें।
उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में कृषि महिला आधारित है, इसलिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा वुमन फ्रेंडली खेती की ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैविक कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए वनों के वेस्ट मटीरियल से खाद बनाने हेतु योजनाओं पर बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य में जैविक उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु सब्जी और फल फसलों में कीट नियंत्रण के लिए जैविक शोध कार्यक्रम चलाए जाने पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने राज्य के उत्पादों जैसे रेड राईस, राजमा, मंडुवा आदि की उन्नत किस्मों पर भी अनुसंधान किए जाने की आवश्यकता बताई।
कृषि मंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों के साथ ही कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाले बीजों पर भी रिसर्च किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्तर्राष्ट्रीय बॉर्डर क्षेत्रों हेतु उचित जलवायु अनुसार फसलों पर अधिकाधिक शोध कराए जाएं ताकि सीमांत क्षेत्रों के किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़े। इससे पलायन भी रोका जा सकेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में नींबू वर्गीय फलों हेतु कल्मी पौध रोपण के लिए आईसीएआर एवं उद्यान विभाग उत्तराखण्ड द्वारा नींबू वर्गीय फलों के नेटवर्क परियोजना को लागू किए जाने की मांग की। उन्होंने राज्य में आलू उत्पादन की अपार सम्भावनाओं के दृष्टिगत केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखण्ड राज्य में भी क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र स्थापित करने की भी मांग की।
इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम एवं अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।