सीएम ने 100 दिन के कामकाज की विस्तार से दी जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हम अपने प्रत्येक संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जनता से जो भी वादे किए गए, उन्हें पूरा किया जाएगा। वर्तमान सरकार के कार्यकाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के 100 दिन विकास, समर्पण और प्रयास के रहे हैं। उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही राज्य सरकार के कार्यों एवं नीतियों पर भरोसा करते हुए बढ़ चढ़कर आर्शीवाद दिया। जनता ने हम पर जो विश्वास दिखाया, उस पर हमारी सरकार खरा उतरेगी। हमने 100 दिन में अच्छा कार्य किया है और आगे भी अच्छा कार्य करने के साथ नया कीर्तिमान बनायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षा के अनुसार उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिये सभी के सहयोग से काम किया जा रहा है। 21वीं सदी का तीसरा दशक निश्चित तौर पर उत्तराखंड का दशक होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में एक नई कार्य संस्कृति एवं कार्य व्यवहार आया है। हम उत्तराखण्ड में भी कार्यसंस्कृति में सुधार ला रहे हैं। राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारीकरण हमारे मूल मंत्र हैं। अपणि सरकार पोर्टल, ई-केबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम डैश बोर्ड उत्कर्ष, सीएम हेल्पलाईन 1905, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिये 1064 शुरू की गई है। सचिवालय में सोमवार को नो मीटिंग डे रखा गया है ताकि शासन के अधिकारी लोगों से मिलने के लिये उपलब्ध रहें। जिला स्तरीय अधिकारियों को भी निर्देश दिये गये हैं कि वे सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालयों में आम जनता से मिलने के लिये उपलब्ध रहेंगे। अधिकारी व कर्मचारी समय पर कार्यालय आएं, इसके लिये बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है। सरकारी सेवाओं की डोरस्टेप प्रदान करने के लिये नई पहल की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने हर वादे को पूरा करने में जुटे हैं। हमारी सरकार ने उत्तराखंड राज्य के लिए ’यूनिफॉर्म सिविल कोड’ का ड्राफ्ट तैयार करने हेतु कमेटी का गठन करा है, जो की जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस यूनिफॉर्म सिविल कोड का दायरा सभी नागरिकों के लिये समान क़ानून चाहे वे किसी भी धर्म में विश्वास रखते हों, होगा। हम गरीब परिवारों को तीन सिलेण्डर मुफ्त उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। इसके लिये बजट में प्राविधान भी किया गया है। चारधाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिरों और गुरूद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं का विस्तार की योजना है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कुमायूं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने की योजना है। इसके लिये प्रधानमंत्री से भी अनुरोध किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे नेटवर्क निर्माण के लिये पर्वत माला परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। सुरकण्डा देवी रोपवे का संचालन प्रारम्भ कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम प्रहरी योजना के अंतर्गत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिये सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने की आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की धनराशि को 5 लाख रूपए से बढ़ाकर 10 लाख रूपए किया है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि को मंजूरी दी गई है। हमारी सरकार ने आंगनबाड़ी और आशा बहनों के साथ ही पर्यावरण मित्रों और शिक्षा मित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के 8 वर्ष के कार्यकाल में उत्तराखण्ड के लिये सवा लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं। इनमें बहुत सी योजनाओं पर काम तेजी से हो गया है या चल रहा है। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विजन, नेतृत्व एवं संकल्प का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर भी काम हो रहा है। 16,216 करोड़ रूपए की 125 किमी लम्बी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। परियोजना को 2024-25 तक पूरा करने का लक्ष्य है। टनकपुर-बागेश्वर और डोइवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेललाइन के सर्वे के साथ ही हरिद्वार-देहरादून रेललाइन के दोहरीकरण का कार्य की भारत सरकार द्वारा सहमति दी गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के साथ ही टनकपुर-पिथौरागढ़ की सड़क कनेक्टीवीटी में सुधार के लिए चारधाम ऑलवेदर सड़क परियोजना पर काफी कुछ काम किया जा चुका है।
केंद्र सरकार से पौंटा साहिब-देहरादून, बनबसा-कंचनपुर, भानियावाला-ऋषिकेश, काठगोदाम-लालकुंआ-हल्द्वानी बाईपास और रूद्रपुर बाईपास परियोजनाओं की महत्वपूर्ण सौगात मिली हैं। देहरादून में नियो मेट्रो रेल की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। उत्तराखण्ड पहला राज्य हैं जहां उड़ान योजना में हेली सर्विस शुरू की गई है। पिछले कुछ वर्षों मे एयर कनेक्टीवीटी को बहुत मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें 526 करोड़ की लागत से बाह्य सहायतित परियोजना ‘उत्तराखण्ड इंटिग्रेटेड हार्टिकल्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ औद्यानिकी के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। 38 छोटे नगरों में पेयजल के लिए 1600 करोड़ की लागत से ‘उत्तराखण्ड अर्बन वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट’ और 2021 करोड़ लागत की सौंग परियोजना महत्वपूर्ण पेयजल योजनाएं हैं। 952 करोड़ की लागत से उत्तराखण्ड क्लाईमेट रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किया गया है। भारत सरकार द्वारा 1750 करोड़ की परियोजना ‘डेवलपमेंट ऑफ बेस्ट इन क्लास ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर इन देहरादून एण्ड मसूरी’ स्वीकृत हो गई है। जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना से नैनीताल व ऊधमसिंहनगर के तराई क्षेत्र लाभान्वित होंगे। सौंग बांध परियोजना से देहरादून में वर्ष 2053 तक अनुमानित आबादी के लिए पेयजल आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के लिये निविदा भी आमंत्रित कर दी गई हैं। रूपए 1930 करोड़ से टिहरी लेक डेवलपमेंट का काम किया जा रहा है। ऋषिकेश में अर्न्तराष्ट्रीय कन्वेन्सन सेन्टर तथा वैलनेस सिटी को नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा चयनित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत योजना अन्तर्गत 7 शहरों में 593 करोड़ रूपए की कुल 151 योजनाएं (सीवरेज, पेयजल योजना, ड्रेनेज, पार्क निर्माण योजना) पर काम चल रहा है।उत्तराखण्ड में अनेक उच्च स्तरीय संस्थाएं लाए हैं। इनमें ऊधमसिंहनगर में एम्स का सैटेलाईट सेंटर, देश का पहला ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर, सीपेट, कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन नेचुरल फाईबर प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में हमने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोरोना महामारी का डटकर मुकाबला किया, वहीं विकास की गति को भी आगे बढ़ाया है। कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर में हमारे कोविड-वारियर्स द्वारा सराहनीय काम किया गया। चिकित्सा कर्मियों के साथ ही राजस्व, पुलिस, पीआरडी, आंगनबाड़ी आदि कोरोना वारियर्स को प्रोत्साहन व सम्मान राशि द्वारा हमारी सरकार ने इनके मनोबल को बढ़ाने का काम किया है। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन, परिवहन व संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़, चिकित्सा क्षेत्र के लिए 205 करोड़ जबकि महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को 118 करोड़ रूपए का कोविड राहत पैकेज दिया की व्यवस्था की गई। प्रदेश में कोविड से प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया गया है।
राज्य के युवाओं को देश से बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के लिये राज्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के गठन की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना प्रारम्भ की गई है। इस बजट में इसके लिये 25 करोड़ रूपए धनराशि का प्राविधान भी किया गया है। ऑनलाईन पढ़ाई को और सुगम बनाने के लिए राज्य के राजकीय स्कूलों के कक्षा 10 और 12 के छात्र-छात्राओं और गवर्नमेण्ट डिग्री कॉलेजों के छात्रों को टैबलेट उपलब्ध कराना प्रारम्भ कर दिया गया है।
राज्य में निशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है।हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 80 हजार से अधिक मरीज मुफ्त में उपचार करा चुके हैं। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के उपचार पर अब तक 755 करोड़ से अधिक का व्यय किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित है। सीमांत तहसीलों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की है। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे, वहीं स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री स्वरोजगार अति सूक्ष्म उद्यम योजना के तहत 50 हजार रूपए तक का ऋण बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना में लगभग 55 हजार गरीबों को आवास दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है। होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। हमारी सरकार, किसानों को तीन लाख रूपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है।जिन किसान भाईयों के पास कृषि उपकरण नहीं हैं, उनके लिए ‘‘फार्म मशीनरी बैंक’’ योजना शुरू की है। इसके लिए 80 फीसदी तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। चाय बागान धौलादेवी, मुन्स्यारी, बेतालघाट को जैविक चाय बागान में परिवर्तीत किया जा रहा है। गोवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिये हमारी सरकार ने गौ सदनों की स्थापना के लिये बजट प्राविधान को इस वर्ष छः गुना कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई है। स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर को अंतराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राज्य के 08 वर्ष से 14 वर्ष तक के उदीयमान खिलाड़ियों को 1500 रूपए प्रतिमाह खेल छात्रवृत्ति का प्राविधान किया गया है। ग्रामीण स्तर पर ओपन जिम के लिये 10 करोड़ रूपए का बजट में प्राविधान किया गया है।
पिछले लगभग पांच वर्षों में उत्तराखण्ड ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सतत् विकास लक्ष्य सूचकांक में वर्ष 2018 में हम 10वें स्थान पर थे और अब हमारा स्थान चौथा हो गया है।तमाम सामाजिक-आर्थिक सूचकांकों में हम देश के अग्रणी राज्यों में हैं। उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विभाग को रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के सफल संचालन में वर्ष 2020 में मोस्ट प्रो-एक्टीव स्टेट से सम्मानित किया गया है। इन्स्पायर अवार्ड हेतु नामांकन में विद्यालयवार प्रतियोगिता के आधार पर पूरे देश में उत्तराखण्ड प्रथम स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुसार वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का नम्बर एक राज्य बनाने के लिये हम विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हम अपने प्रत्येक संकल्प को पूरा करने के लिये प्रतिबद्ध है। हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हम समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करेंगे।

जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि को आगे बढ़ाने का अनुरोध

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में 47वीं जीएसटी कॉउंसिल की दो दिवसीय बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में उत्तराखंड के वित्त मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल शामिल हुए। बैठक के बीच डॉ अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की। उन्होंने जीएसटी परिषद को जीएसटी लागू होने के बाद उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति की जानकारी दी और जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस सन्दर्भ में डॉ अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी दिया।
बुधवार को बैठक के दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री से हुई मुलाकात में वित्त मंत्री डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य के गठन के समय वर्ष 2000-2001 में प्राप्त संग्रह 233 करोड़ था, नया राज्य गठन होने के बावजूद उत्तराखंड लगातार इस ओर वृद्धि प्राप्त कर रहा था। वर्ष 2016-17 में प्राप्त संग्रह राज्य गठन के समय से लगभग 31 गुना बढ़कर रू0 7,143 करोड़ हो गया था। इस अवधि राजस्व प्राप्ति के दृष्टिगत राज्य लगभग 19 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहा था और वृद्धि दर के आधार पर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल था। जबकि जीएसटी लागू होने के उपरान्त राज्य के राजस्व में अपेक्षित वृद्धि दर्ज नहीं की जा सकी है।
वित्त मंत्री ने इसके प्रमुख कारण भी गिनाये। उन्होंने कहा कि संरचनात्मक परिवर्तन, न्यून उपभोग आधार, एसजीएसटी के रूप में भुगतान किए गए करों का आईजीएसटी के माध्यम से बहिर्गमन, वस्तुओं पर वैट की तुलना में कर की प्रभावी दर कम होना, राज्य में सेवा का अपर्याप्त आधार तथा जीएसटी के अन्तर्गत वस्तुओं तथा सेवाओं पर कर दर में निरन्तर कमी होना हैं।
वित्त मंत्री डॉ. अग्रवाल ने कहा कि राज्य द्वारा प्राप्त वास्तविक राजस्व के कम रहने के कारण राज्य की जीएसटी प्रतिपूर्ति की आवश्यकता में निरंतर वृद्धि हुयी है। यह सम्भावित है कि क्षतिपूर्ति अवधि की समाप्ति के उपरान्त वर्ष 2022-23 में ही राज्य को लगभग सीधे तौर पर रू 5000 करोड़ की हानि होने की संभावना है। जो उत्तराखंड के भौगोलिक और आर्थिक दृष्टि से सही नही है।
वित्त मंत्री डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य की चीन और नेपाल के साथ एक लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है, जिसके कारण राज्य का अत्यधिक सामरिक महत्व है। सीमांत पर्वतीय राज्य होने के कारण सुविधाओं के अभाव में पलायन राज्य की एक मुख्य समस्या रहा है। सीमांत क्षेत्रों से पलायन राष्ट्रीय सुरक्षा के परिप्रेक्ष्य में अत्यन्त संवेदनशील है इसीलिए राज्य में आधार संरचना का विकास किया जाना अत्यधिक आवश्यक है। इस प्रकार राज्य में आधार संरचना विकसित किये जाने तथा अन्य विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राजस्व संसाधनों की आवश्यकता है।
वित्त मंत्री डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी क्षतिपूर्ति पर राज्य की अत्यधिक निर्भरता होने के कारण क्षतिपूर्ति व्यवस्था के अभाव में राज्य के विकास एवं जन कल्याणकारी कार्य प्रतिकूल रूप से प्रभावित होंगे।
वित्त मंत्री डॉ. अगवाल ने इस बात पर जोर दिया कि जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि जून, 2022 के पश्चात भी अग्रेत्तर वर्षों के लिये बढ़ाया जाना राज्य के हित में आवश्यक है। इस संदर्भ में डॉ अग्रवाल ने ज्ञापन भी दिया।
इस मौके पर केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिया। वहीं, डॉ अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को वर्षाकाल के बाद चारधाम यात्रा पर आने का निमंत्रण भी दिया, जिसे केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार भी किया।

केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नही-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ में चल रहे सभी कार्य सुचारू रूप से चलते रहें, इसके लिए आवश्यक सामग्री और स्किल्ड-अनस्किल्ड लेबर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण सामग्री पहुंचाने हेतु भी फुल प्रूफ प्लान तैयार किया जाए ताकि किसी छोटी से छोटी सामग्री की कमी से कोई कार्य बाधित न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री के ट्रांसपोर्टेशन के लिए घोड़े-खच्चरों आदि की कमी नहीं हो, इसके प्रयास किए जाएं। चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या कम होने से बहुत से घोड़े खच्चर के संचालकों को निर्माण सामग्री के ढुलान में लगाए जाने हेतु प्रयास किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्किल्ड लेबर के साथ अनस्किल्ड लेबर को लगाकर स्किल्ड करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने हेतु कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्री और ट्रांसपोर्टेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेबर को रहने खाने की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए, साथ ही उनके बिलों का समय से भुगतान किया जाए।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग भी उपस्थित रहे।

देश के विकास में मिशन कर्मयोगी का रहेगा विशेष योगदान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में आयोजित अमृत महोत्सव डिजिटल प्रदर्शनी एवं आजादी का अमृत महोत्सव सेमिनार का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की एवं परिसर में 22 राज्यों द्वारा लगाए गए हस्तकला स्टालों का अवलोकन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व प्रेरणा से “मिशन कर्मयोगी“ के अन्तर्गत एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के साथ समृद्ध भारतीय संस्कृति की व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने हेतु डिजिटल प्रदर्शनी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि आप लोग “आजादी का अमृत महोत्सव“ वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर “मिशन कर्मयोगी“ के तहत अपना काम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा आगामी 25 वर्ष में यह देश जितना विकास करेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका आप सभी अधिकारियों की होगी। भारतीय सिविल सेवकों को और भी अधिक रचनात्मक, सृजनात्मक, विचारशील, नवाचारी, अधिक क्रियाशील, प्रगतिशील, ऊर्जावान, सक्षम, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी समर्थ बनाते हुए भविष्य के लिए तैयार करना “मिशन कर्मयोगी“ का मुख्य लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर हम आज उत्सव मना रहे हैं, जिसे प्रधानमंत्री ने आजादी का अमृत महोत्सव नाम दिया गया है। उन्होंने कहा यह समय ना केवल इस देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर बलिदानियों को नमन करने का है बल्कि उनके सपनों को साकार करने का भी है। उन्होंने सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा की हम और हमारी आने वाली पीढ़ियां उनके द्वारा किए संघर्ष की सदा सर्वदा ऋणी रहेंगी। उन्होंने कहा आजादी का यह अमृत महोत्सव ना केवल उनके द्वारा किए गए त्याग को पुनः स्मरण करने का अवसर है बल्कि उनके सपनों को याद करते हुए नवीन संकल्पों को लेने का भी अवसर है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी भारत के जन-जन को कर्तव्य के लिए जागरूक करके, इस देश में बहुत बड़ा बदलाव ला सकते है। उन्होंने कहा आप सभी को इस देश के अलग अलग हिस्सों में जाकर कर्तव्य भावना का विस्तार करना है, जन-जन में कर्तव्य बोध जागृत करना है। फल या लाभ की चिंता किए बिना कर्म को कर्तव्य भाव से, सेवा भाव से करने में ही आंतरिक शांति मिलती है। बिना फल की अपेक्षा किए, ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाओ, इसमें यह भाव छिपा है कि यदि आप फल की इच्छा को केंद्र में रख कर किसी कर्तव्य का वहन करेंगे तो कहीं ना कहीं आप पर एक अवांछित दबाव बना रहेगा। सामाजिक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए दो महत्वपूर्ण कारक होते हैं, पहला नेतृत्व कौशल और दूसरा कुशल प्रबंधन।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपनी सनातन संस्कृति और भारत की पुरातन पद्धतियों का उचित अध्ययन करें तो ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान हमारे पूर्वजों ने नहीं सुझाया है। हमारी समृद्ध संपदाओं के आधार पर तय की गई नीतियों के कारण ही आज विश्व भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। उन्होंने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री जी का भी कथन है कि अमृतकाल के इस दौर में हमें रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म को अगले स्तर पर लेकर जाना है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विभिन्न क्षेत्रों की कार्यशैली में बदलाव आया है। उन्होंने कहा आज प्रत्येक योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू हो रही हैं एवं प्रत्येक वर्ग के ध्यान में रखकर योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार पहुंचे इसके लिए कई कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा हम उत्तराखंड में निरंतर गुड गवर्नेंस पर फोकस कर रहे हैं और जन सरोकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा आज भी मैं अपने को विद्यार्थी मानता हूं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि को अपनी कार्यपद्धति का सिद्धांत बनाया है और इसी मूल मंत्र को आधार बना कर जनसमस्याओं को सुलझाया जा रहा है। उन्होंने कहा आप सभी भी आने वाले समय में सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण मंत्र के साथ जन सेवा करेंगे ऐसी मैं अपेक्षा करता हूं। उन्होंने कहा हम उत्तराखंड के सतत और सर्वांगीण विकास का विकल्प रहित संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं और अपने इस संकल्प को हम समयबद्ध अवधि में निश्चित ही सिद्ध कर के दिखाएंगे। उन्होंने कहा हमारा राज्य जब अपने 25वें वर्ष में प्रवेश करेगा अर्थात रजत जयंती मनाएगा, तब यह राज्य देश के श्रेष्ठ राज्य में होगा।
सचिव गोविंद मोहन ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों के विकास के साथ ही अपने महान वीरों के बलिदान को याद करना भी है। उन्होंने कहा विभिन्न परिस्थितियों के बावजूद हमारे देश ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। जो कुछ हमने हासिल किया है वह सराहनीय कार्य है। उन्होंने अगले 25 वर्ष को भारत का अमृत काल बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन अनुसार देश में 50,000 से ज्यादा कार्यक्रम आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत किए गए हैं एवं प्रत्येक 30 मिनट में एक कार्यक्रम देश में आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के निदेशक श्रीनिवास कटिकितला, संयुक्त निदेशिका राधिका रस्तोगी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के फैकल्टी मेम्बर्स एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा व रॉयल भूटान सिविल सर्विसेज के 2020 व 2021 बैच के प्रशिक्षु अधिकारीगण एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पशु धन और कृषि पर केन्द्र सरकार का विशेष ध्यान-संजीव बालियान

केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था काफी हद तक खेती-बाड़ी पर निर्भर है। किसान के लिये उनके खेत और पशु ही उनकी संपत्ति हैं। इसलिये केंद्र सरकार खेती और पशुपालन पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने पशुपालकों से पशुओं के प्रजनन में उन्नत तकनीक अपनाने के साथ जमीनी स्तर पर इसके क्रिर्यान्वयन के महत्व पर बल दिया।
उत्तराखंड में पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से पहल की है। प्रदेश में नस्ल सुधार के लिए पहली भेड़ एवं बकरी कृत्रिम गर्भाधान प्रयोगशाला को स्थापित किया गया है। शुक्रवार को बैराज रोड स्थित पशुलोक में स्थापित प्रयोगशाला का केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा और वनमंत्री सुबोध उनियाल ने उद्धाटन किया। डॉ. बालियान ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ लैब का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों से प्रयोगशाला से संबंधित अहम जानकारियां भी लीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भेड़ और बकरी अच्छी-खासी तादाद में हैं। उन्होंने कहा कि अब अच्छा सीमन और कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा होने से न सिर्फ नस्ल सुधार होगा, बल्कि बेहतर क्वीलिटी की ऊन मिलने से पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में उत्तराखंड आगामी 10 वर्षाे में महीन ऊन उत्पादक राज्य बनकर उभरेगा। इस मौके पर पशुपालन विभाग के सचिव बीवीआरसी पुरूषोत्तम, सचिव आरमीनाक्षी सुंदरम, पशुपालन विभाग निदेशक डॉ. प्रेम कुमार, अपर निदेशक डॉ. अविनाश आनंद, परियोजना समन्वयक डॉ. कमल सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केके मिश्रा मौजूद रहे।

तीन हजार भेड़-बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान
प्रयोगशाला में दिसम्बर 2019 में आस्ट्रेलिया से आयातित उच्च गुणवत्ता के मैरीनो मेढ़ो के तथा सिरोही, बरबरी, जमुनापारी, बीटल, जाखराना प्रजाति के बकरों के वीर्य का उत्पादन कर राज्य में व्यापक स्तर पर संचारित किया जाएगा। राज्य में भेड़-बकरियों में नस्ल सुधार का कार्य किया जाना है। इससे भेड़ के ऊन गुणवत्ता में वृद्वि के साथ-साथ भेड़ व बकरियों के वजन में वृद्वि होगी तथा भेड़ बकरी पालको की आजीविका व जीवन स्तर पर सुधार होगा। उत्तराखंड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के माध्यम से संचालित योजनान्तर्गत वर्तमान तक लगभग 3000 भेड़ व बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान किया गया है।

राज्य के प्रस्ताव को केन्द्र ने दी वित्तीय स्वीकृति, बहुरेंगे टिहरी के दिन

बहुपक्षीय विकास बैंकों की मदद से टिहरी झील और उसके जल ग्रहण क्षेत्र के समग्र विकास के राज्य सरकार के एक महत्वकांक्षी प्रस्ताव को केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके अंतर्गत प्रदेश सरकार को एशियन डेवलपमेन्ट बैंक तथा ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से कुल 2030 लाख अमरीकी ड़ॉलर का ऋण मिलेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत कोटी कालोनी, नई टिहरी, तिवाड़ गांव, डोबरा चांटी, टिहरी झील तथा मदन नेगी को कलस्टरों के रूप में विकसित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत टिहरी झील में चार स्थानों पर जल क्रीड़ा सम्बन्धित केन्द्र, टैन्ट कॉलोनी निर्माण, कोटी कॉलोनी से डोबरा-चांटी तक पर्यटन रोड का निर्माण, होम स्टे कलस्टरों का निर्माण, डोबरा चांटी पार्क, मल्टी लेवल कार पार्किंग, एकीकृत सूचना केन्द्र, मनोरंजन कॉम्पलेक्स, एक्वैटिक कॉम्पलेक्स, 3 स्टार बुटीक होटल, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, बायो डायर्वसिटी पार्क, योग एवं पंचकर्म केन्द्र, रोपवे निर्माण, तटीय क्षेत्र में वृहद वृक्षारोपण तथा लाइट एवं साउन्ड लेजर शो आदि विविध कार्य प्रस्तावित है। इस संबंध में एडीबी की टीम शीघ्र ही उत्तराखंड का दौरा करेगी।
इस परियोजना का उद्देश्य टिहरी को उत्तराखंड के ब्रांड टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने का है, जिसे स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत टिहरी शहर के एतिहासिक महत्व को पुर्नस्थापित करने, पर्यटन ढाँचे को मजबूत बनाने, बेहतर क्षमताओं से युक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा पलायन को कम करने का काम किया जायेगा। परियोजना के उद्देश्यों में पर्यटकों के टिहरी प्रवास की औसत अवधि को बढ़ाकर तीन दिन तक करना भी शामिल है।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा है, इस योजना के माध्यम से उत्तराखंड सरकार टिहरी को स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ एक वैकल्पिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना चाहती है। इस परियोजना से प्रत्यक्ष तौर पर लगभग चालीस हजार और परोक्ष रूप से लगभग दो लाख परिवार लाभान्वित होंगे। उन्हांेने कहा कि इस परियोजना के लिए हरित तकनीकी का प्रयोग किया जायेगा और अनिवार्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत सतत विकास उद्देश्यों के अनुरूप इस संवेदनशील क्षेत्र में सतत एवं उत्तरदायी पर्यटन को सुनिश्चित किया जायेगा।
उन्होंने कहा परियोजना के माध्यम से बाजार की मांग के अनुरूप क्षमता निर्माण करते हुए स्थानीय लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर मे सुधार लाया जायेगा। परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना ग्रामीण क्षेत्र को आर्गेनिक होमस्टे के रूप में विकसित कर उत्तरदायी पर्यटन की दिशा में आगे कदम बढ़ाना है। परियोजना में स्वास्थ्य व स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सेनिटेशन की व्यवस्था का प्रस्ताव भी है। सचिव, पर्यटन ने कहा कि परियोजना की वहनीयता को बढ़ाने के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जायेगा और उर्जा के अक्षय स्रोतों उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने की भी योजना है।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने वित्त मंत्रालय के समक्ष इस परियोजना का संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया था जिसमें टिहरी में पर्यटन अवस्थापना एवं सुविधाओं के विकास के साथ-साथ झील के चारों ओर एक रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रस्ताव को नीति आयोग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय के समर्थन के उपरान्त वित्त मंत्रालय द्वारा स्वीकृति दे दी गई है।

अग्निपथ योजना का विरोध रोकने के लिए सीएम भी उतरे मैदान में, गिनाई खूबियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा स्थित पंत भवन में केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के सम्बन्ध में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। एक तरफ जहां दुनिया के कई बड़े देश विभिन्न संकटों से घिरे हुए हैं। वहीं भारत न केवल हर चुनौती से सफलतापूर्वक पार पा रहा है बल्कि विश्व का मागदर्शन भी कर रहा है। आज कूटनीति से लेकर आर्थिक मोर्चे तक भारत की नीतियों को आदर्श माना जा रहा है और विकसित देश भी इनका अनुसरण करने को बाध्य हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में व्याप्त आर्थिक संकट से हम सभी भली भांति परिचित हैं। लेकिन इन हालातों के बीच एक भारत ही है जो अपने नागरिकों और विशेषकर युवाओं को आशा की किरण दिखाने में सफल हो रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा अगले 18 माह में दस लाख नौकरियां देने के निर्णय ने युवाओं के सपनों को उड़ान देने का कार्य किया है।
इस महाअभियान की शुरुआत ’अग्निपथ’ योजना को प्रारम्भ कर की गयी है। जिसके तहत सेना में ’अग्निवीरों’ को नियुक्त किया जाएगा। इससे ना केवल देश के युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा बल्कि हमारी सेनाएं भी और अधिक युवा व सशक्त होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान वीर भूमि के रूप में भी है। उन्होंने अग्नि पथ योजना के लिए प्रदेश की सवा करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैनिक पुत्र होने के नाते स्वंय भी अपने को गौरवान्वित महससू कर रहा हूं कि मुख्य सेवक के रूप में इस योजना को उत्तराखण्ड में लागू करने का अवसर प्राप्त होगा। इस योजना के तहत 17 वर्ष से 21 वर्ष के युवाओं को सेना में भर्ती किया जाएगा और इसकी शुरुआत आगामी 90 दिनों में हो जाएगी।
भारतीय सेना इस योजना के लागू होने के पश्चात आने वाले समय में और अधिक जोश के साथ तिरंगे की आन-बान और शान को बढ़ाने का कार्य करेगी। साथ ही इस योजना द्वारा देश को ऐसे युवाओं की एक बड़ी सौगात भी मिलेगी जो अनुशासित होंगे, राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत होंगे और जिनके लिए राष्ट्र सर्वाेपरि होगा।
ऐसे ही युवा, नए भारत की नींव रखेंगे और जिस नींव पर उस नए भारत का निर्माण होगा जो पुनः विश्व गुरु कहलाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में भर्ती होने का सपना रखने वाले उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए तो ये योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होने वाली है। इस योजना के ऐलान के बाद मुझे प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से युवाओं के संदेश मिल रहे हैं जिनमें उन्होंने राष्ट्र सेवा की दिशा में किए गए इस अनुपम प्रयास के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। इस योजना को लेकर देश का युवा अत्यंत उत्साहित है।
एक अग्निवीर ने तो मुझे दो लाइनें भी लिख कर भेजी हैं जिसे मैं आप सभी के साथ साझा करना चाहता हूं। उन्होंने लिखा कि-
“अग्निमय हूं, अग्निरूप मैं अग्नि से आकंठ हूं हां मैं अग्निवीर हूं……
धधक रही राष्ट्र भक्ति की ज्वाला हृदय में धधक रही राष्ट्र भक्ति की ज्वाला हृदय में
मैं उसी में आसक्त हूं, हां मैं अग्निवीर हूं…. हां मैं अग्निवीर हूँ……“
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना से उत्तराखण्ड का जुड़ाव सर्वविदित है, हमारे यहां के वीर सैनिकों की शौर्य गाथाओं से भारतीय सेना का इतिहास भरा पड़ा है। यहां के हर घर से कोई न कोई वीर सैनिक अवश्य ही भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहा होता है।
अतः हमने यह तय किया है कि अग्निपथ योजना के अंतर्गत मां भारती की सेवा के उपरांत अग्निवीरों को राज्य सरकार उत्तराखण्ड पुलिस आपदा प्रबन्धन, चार धाम यात्रा प्रबन्धन सहित अनेक सेवाओं में प्राथमिकता प्रदान करेगी, तत्सम्बन्धी नियम शीघ्र ही तय किये जायेंगे।
प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास व उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु हमारी सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और हम निरंतर इस दिशा में प्रयासरत रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा को अग्निवीर बन राष्ट्र व राज्य का नाम रोशन करेंगे और अपने शौर्य व पराक्रम का परचम चारों दिशाओं में फहराएंगे।

सोशल मीडिया में गृह मंत्री के फर्जी पत्र की जांच शुरु, केस दर्ज

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की जांच बैठा दी गई है। इस पत्र में भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता रही नुपूर शर्मा के एक रिश्तेदार को जेड सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा गया है। बुधवार को यह पत्र सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ।
केंद्रीय मंत्री शाह की तरफ से मुख्यमंत्री धामी को लिखे गए इस कथित पत्र में 13 जून की तिथि अंकित है। जिसमें कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति आरएसएस और हिन्दु राष्ट्रीय विचारधारा के साथ ही नुपूर शर्मा का भी रिश्तेदार है। नुपूर शर्मा के साथ ही उनके रिश्तेदार को भी धमकियां मिल रही है लिहाजा तत्काल संबंधित व्यक्ति को जेड सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
इस पत्र के वायरल होते ही पीआईबी ने इसे ट्विटर पर टैग करते हुए फर्जी बताया। उधर, मुख्यमंत्री धामी ने फर्जी पत्र की गंभीरता को देखते हुए दोषी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कारवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की अपर मुख्य सचिव राधा रतूङी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम को इस तरह का कोई पत्र नहीं भेजा है, यह पूरी तरह फर्जी है।
उन्होंने बताया कि एसटीएफ में सोशल मीडिया इंटरवेशंन सेल गठित है। जिसका मकसद सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक एंव गलत सूचना प्रसारित होने पर तत्काल प्रभाव से विश्लेषण कर वैधानिक एवं उचित कारवाई करना है। इस सेल को यह पत्र हुआ है, जिसके आधार से संबंधित व्यक्ति की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि शरारत करने वालों ने इस पत्र का रुपांतरण इस तरह से किया है जिससे समाज में कानून व्यवस्था बाधित हो। बताया कि एसटीएफ को मुकदमा दर्ज कर कारवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विदित है नुपूर शर्मा का एक रिश्तेदार दून में रहते हैं जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं।

गृहमंत्री का फर्जी पत्र वायरल करने में केस
गृहमंत्री अमित शाह का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित पत्र वायरल करने के मामले में एसटीएफ ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एसटीएफ उत्तराखंड का सोशल मीडिया इंटरवेंशन सेल कार्यरत है।
जिसका उदेश्य सोशल मीडिया पर भ्रामक या गलत सूचना प्रसारित होने पर तत्काल विश्लेषण कर वैधानिक कार्रवाई करना है। ऐसी पोस्टों को हटना भी है जिससे कानून व्यवस्था की समस्या बनें। इस सेल को गृहमंत्री का संशय पैदा करने वाला फर्जी पत्र मिला। इसे वायरल करने को लेकर केस किया गया है।

चारधाम आने वाले तीर्थ यात्रियों को मिलेगा बीमा कवर

बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर परिसर में दुर्घटना होने पर तीर्थ यात्रियों को एक लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रयासों से यह संभव हो पाया है। बदरीनाथ-केदार मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि आध्यात्मिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से बीमा की प्रीमियम राशि युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को दी गयी है। उन्होंने बताया कि मानव उत्थान सेवा समिति के संस्थापक पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज हैं। बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज एवं मानव उत्थान सेवा समिति का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि पहली बार चारधाम आने वाले तीर्थयात्रियों को बीमा कवर दिया जा रहा है।
मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड ने बताया कि मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी जोशीमठ, उखीमठ, बड़कोट और भटवाड़ी को पत्र लिखकर सूचित किया है। उन्होंने लिखा है कि मंदिर परिसर में किसी दुर्घटना पर तीर्थ यात्रियों को यह बीमा कवर दिया जायेगा है। उन्होंने बताया कि बीमा राशि का भुगतान बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के माध्यम से युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा दिया जाएगा।

दीपक बाली ने भाजपा की सदस्यता लीं, आप को लगातार दूसरा झटका

आम आदमी पार्टी को भाजपा के द्वारा लगातार झटके मिल रहे है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के सीएम उम्मीदवार रहे कर्नल अजय कोठियाल के बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाली भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। गौर करने वाली बात है कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अजय कोठियाल को किनारे लगाकर आप ने दीपक बाली के नेतृत्व में नए सिरे से प्रदेश पदाधिकारियों की टीम बनाई थी।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक सहित प्रदेश पदाधिकारियों की उपस्थिति में बाली ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। दीपक बाली को बीजेपी में शामिल कराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाली आप में थे लेकिन वह हमेशा से राष्ट्रवादी रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आप का दो चेहरा है, जो वो दिखावा करती है, असल में है नहीं। करीब डेढ़ माह पहले उत्तराखंड में आप की कमान संभालने वाले दीपक बाली ने भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेज दिया है। काशीपुर के बड़े कारोबारी बाली करीब दो साल पहले आप में शामिल हुए थे।
बीते विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी ने उत्तराखंड में चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके अलावा वह काशीपुर सीट से पार्टी के उम्मीदवार भी रहे, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। 29 अप्रैल को उन्हें उत्तराखंड यूनिट का अध्यक्ष बनाया गया था।