हरक सिंह भाजपा और मंत्रिमंडल से बर्खास्त

भाजपा ने बड़ा कदम उठाते हुए काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को मंत्रीमंडल से बर्खास्त कर दिया। साथ ही छह साल के लिए पार्टी से भी निष्कासित कर दिया। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आज यह कार्रवाई की गई। हरक पिछले काफी दिनों से विधानसभा चुनाव में मनमाफिक टिकट के लिए दबाव की राजनीति कर रहे थे। उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं को देखते हुए आज भाजपा ने यह कदम उठा लिया। अपनी बहु अनुकृति रावत के लिए लैंसडौन सीट से टिकट की मांग खारिज होने से नाराज हरक आज दोपहर दिल्ली रवाना हो गए थे। माना जा रहा था कि हरक कांग्रेस में शामिल हो सकते है।
सूत्रों के अनुसार पार्टी के नेताओं ने हरक से बातचीत का प्रयास भी किया, लेकिन उनके बढ़ते कदमों को थमते न देख भाजपा ने कड़ा फैसला लेने का निर्णय कर लिया। देर रात संपर्क करने पर सीएम कार्यालय ने हरक की मंत्रीमंडल से बर्खास्तगी की पुष्टि की।

भाजपा के अनुशासन की बार बार मखौल उड़ा रहे थे हरक
कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत पिछले पाँच सालों से बार बार भारतीय जनता पार्टी के अनुशासन की मखौल उड़ा रहे थे। यही कारण रहा कि अब कांग्रेस में जाने की चर्चाओं के बीच भाजपा को उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। दरअसल डॉ हरक सिंह रावत पिछले पांच सालों में कई बार पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर चुके थे।
डॉ हरक सिंह रावत को लेकर भाजपा के ग्रास रुट कार्यकर्ताओं में पहले से ही नाराजगी थी। उनके साथ ही कॉंग्रेस से आये नेताओ को पार्टी में ज्यादा ही तवज्जो दिए जाने से पार्टी में अंदरखाने खासी नाराजगी थी। आम कार्यकार्ता बाहर से आए नेताओं को कभी भी तवज्जो नहीं चाहते थे।
इसके बावजूद डॉ हरक सिंह रावत और उनके सहयोगी पार्टी को पांच सालों तक चलाते रहे। भाजपा नेतृत्व ने हर सम्भव कोशिश की की हरक सिंह रावत को पार्टी से जोड़ा रखा जाए लेकिन अब पानी सर से ऊपर होने और उनके कांग्रेस में शामिल होने के निर्णय के बाद पार्टी को उनके खिलाफ कदम उठाना पड़ा।

कैबिनेट छोड़ इस्तीफा देकर निकल गए थे
डॉ हरक सिंह रावत कुछ दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित हो रही कैबिनेट की बैठक छोड़ निकल गए थे। उनकी नाराजगी का कारण उस समय कोटद्वार मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव न आना था लेकिन जानकारों का कहना है कि हरक उस वक्त भी लैंसडाउन सीट से अपनी बहू के लिए टिकट की मांग कर रहे थे। हरक की नाराजगी की वजह से भाजपा में हडकंप मच गया था और 24 घंटे तक हरक को मानाने के प्रयास किए जाते रहे। मुख्यमंत्री और हरक के बीच वार्ता के बाद उस मामले का अंत हो पाया था।

बहू के लिए टिकट मांग दिखा रहे थे बागी तेवर
अपने साथ लैंसडोन से बहू अनुकृति गुसाईं के लिए टिकट की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत लगातार बागी तेवर अपनाए हुए थे। भाजपा कोर कमेटी की बैठक में पहुंचने की बजाय दिल्ली के चक्कर काट रहे थे। पार्टी पर लगातार दबाव बनाए हुए थे। हरक सिंह रावत हमेशा दबाव की राजनीति के लिए जाने जाते रहे हैं।
वे भाजपा पर लगातार हर बार किसी न किसी चीज के लिए दबाव बनाए हुए थे। पहले उन्होंने कोटद्वार मेडिकल कालेज के नाम पर कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देने की धमकी देकी र भाजपा को असहज किया। हालांकि उस दौरान हरक को मना लिया गया। मेडिकल कालेज को मंजूरी देने के साथ 25 करोड़ की स्वीकृति भी दी गई।
इसके बाद भी हरक पार्टी पर दबाव बनाए हुए थे। इस बार दबाव अपने लिए केदारनाथ सीट और बहू अनुकृति गुसाईं के लिए लैंसडोन सीट का बनाया जा रहा था। भाजपा में बात न बनती देख, वो कांग्रेस में बहू के लिए विकल्प तलाशने लगे। उनकी यही तलाश उन पर भारी पड़ी।

भाजपा का कड़ा संदेश
भाजपा के इस फैसले के अनुशासन के लिहाज से कड़ा संदेश माना जा रहा है। पिछले काफी समय से हरक बगावती तेवर अपनाए हुए थे। पिछले दिनों कैबिनेट बैठक में इस्तीफे की धमकी दे चुके रावत लगातार कांग्रेस नेताओं के संपर्क में भी थे। हरक के आगे हर बार घुटने टेकने से खुद भाजपा के भीतर पसंद नहीं किया जा रहा था। हरक को बर्खास्त कर भाजपा ने साफ कर दिया है कि अब वो किसी दबाव में आने वाली नहीं है।

20 सीटों पर उम्मीदवार बदलने के मूड में भाजपा

उत्तराखंड विधानसभा के लिए प्रत्याशियों के नाम तय करने में भाजपा नेतृत्व को तगड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि चुनाव समिति की बैठक में 50 विधानसभा क्षेत्रों से आए नामों पर तकरीबन सहमति हो चुकी है। लेकिन 20 विधानसभा सीटों पर माथापच्ची के बाद असमंजस की स्थिति है। अब इसे केंद्रीय नेतृत्व और संसदीय बोर्ड पर छोड़ा गया है।
प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में विधानसभा वार आए नामों पर विचार हुआ। मंत्रियों, वरिष्ठ विधायकों की सीटों पर एक-एक नाम, ऐसी सीटें जिसमें पार्टी के पास सकारात्मक फीड बैक है पर एक से दो नाम का पैनल बनाया गया है। जिन सीटों पर पार्टी की स्थिति कमजोर है या कांग्रेस के कब्जे वाली हैं, वहां तीन-तीन नामों के पैनल भेजे गए हैं। इन्हीं सीटों पर पार्टी सहमति के बिंदू नहीं पहुंच पाई है।

गढ़वाल मंडल विधानसभा सीट –
थराली- पूर्व विधायक स्व. मगन लाल शाह की पत्नी विधायक हैं और टिकट मांग रही हैं लेकिन पार्टी वहां ज्यादा मजबूत प्रत्याशी तलाश रही है।
पौड़ी-विधायक मुकेश कोली के खिलाफ पार्टी के खेमा लामबंद है। पार्टी सर्वे के नतीजे भी कोली के लिए सहज नहीं बताए जा रहे।
कोटद्वार-हरक सिंह रावत के कांग्रेस में लौटने के बाद स्थिति बदल गई है।
पुरोला-इस सीट पर कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी माल चंद कांग्रेस में चले गए हैं।
घनसाली-संगठन के सर्वे में विधायक शक्तिलाल शाह की स्थिति बहुत मजबूत नहीं बताई जा रही।
टिहरी-चर्चा है कि पार्टी इस सीट पर कांग्रेस से एक बड़े चेहरे को मैदान में उतार सकती है।
झबरेड़ा-पार्टी की सर्वे रिपोर्ट और कार्यकर्ताओं का फीड बैक विधायक देश राज कर्णवाल के अनुकूल नहीं माना जा रहा।
पिरान कलियर-यह सीट कांग्रेस के कब्जे वाली है और पार्टी अभी तय नहीं कर पा रही है कि किस चेहरे पर दांव लगाया जाए।
राजपुर रोड-इस सीट पर खजानदास विधायक हैं और इस बार पार्टी के भीतर सीट पर नए विकल्प की चर्चा हो रही है।
गंगोत्री-इस सीट पर पार्टी प्रत्याशी चयन को लेकर असमंजस में है। पूर्व विधायक की पत्नी टिकट मांग रही हैं।
भगवानपुर-इस सीट पर पार्टी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री सुबोध राकेश को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन वह पार्टी छोड़कर बसपा में चले गए। पार्टी यहां मजबूत प्रत्याशी की खोज में है।

’कुमाऊं मडंल में ये सीटें फंसी’
नैनीताल-इस सीट पर संजीव आर्य विधायक थे, लेकिन पार्टी छोड़ने के बाद अब भाजपा को इस सीट पर टक्कर के प्रत्याशी की तलाश है। पार्टी कांग्रेस नेत्री सरिता आर्य को साधने की कोशिश कर रही है।
जागेश्वर-कांग्रेस के कब्जे वाली सीट पर पार्टी को मजबूत प्रत्याशी चाहिए।
अल्मोड़ा-इस सीट पर रघुनाथ सिंह चौहान विधायक हैं। क्षेत्र में पार्टी उनका विकल्प तलाश रही है।
रानीखेत-यहां कांग्रेस के करन माहरा विधायक हैं। भाजपा इस सीट पर मजबूत चेहरे की तलाश में है।
गंगोलीहाट-भाजपा की मीना गंगोला विधायक हैं। यहां भी पार्टी ज्यादा मजबूत विकल्प खोज रही है।
काशीपुर-काशीपुर में भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा अपने बेटे को प्रत्याशी बनाना चाहते हैं। लेकिन पार्टी के अन्य दावेदार भी टिकट मांग रहे हैं।
बाजपुर-विधायक यशपाल आर्य के भाजपा छोड़ देने के बाद परिस्थितियां बदली हैं और पार्टी मजबूत विकल्प खोज रही है।
रामनगर-रामनगर सीट पर भी पार्टी को मजबूत विकल्प की तलाश है।
हल्द्वानी-इस सीट पर भी भाजपा में टिकट को लेकर मारामारी है।

डोईवाला सीट पर त्रिवेंद्र का नाम टॉप पर
सूत्रों के मुताबिक, डोईवाला विधानसभा सीट पर नामों का जो पैनल बनाया गया है उसमें पहले स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री व सिटिंग विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम बताया जा रहा है। लेकिन उनके नाम पर अंतिम फैसला पार्टी की बैठक और संसदीय बोर्ड में ही होगा।

भाजपा जल्‍द करेगी प्रत्‍याशियों की लिस्‍ट जारी

उत्तराखंड भाजपा मुख्यालय में पार्टी के प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक हुई। बैठक में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रत्याशी चयन को दावेदारों के पैनल पर चर्चा की गई। मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने शनिवार को कोर ग्रुप की बैठक के बाद कहा कि वह खटीमा से चुनाव लड़ेंगे। उन्‍होंने कहा कि विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी जल्‍द ही प्रत्‍याशियों की सूची भी जारी करेगी। बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी ने बताया कि बैठक में चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई और बदली परिस्थितियों में चुनाव प्रचार किस तरह होगा, इसकी रणनीति तय की गई। इसके अलावा चुनाव से सम्बंधित अन्य विषयों पर भी विमर्श किया गया। उधर, सूत्रों ने बताया कि बैठक में विधानसभा सीटों के लिए तैयार पैनल पर भी विमर्श हुआ और सूची को शार्टलिस्ट किया गया।

रविवार को पार्टी नेतृत्व को सौंपी जाएगी दावेदारों के पैनल की सूची
बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि दावेदारों के पैनल की सूची रविवार को दिल्ली में पार्टी नेतृत्व को सौंपी जाएगी। वहां रविवार को पार्टी के केंद्रीय नेताओं के साथ बैठक भी है। उन्होंने यह भी कहा कि हम अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। भाजपा की प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन के मद्देनजर सभी 70 सीटों के लिए पैनल को अंतिम रूप दे दिया गया। प्रदेश भाजपा मुख्यालय में समिति की बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। अब यह पैनल दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड को सौंपा जाएगा, जो टिकट का निर्धारण करेगा।
बैठक में केंद्रीय मंत्री और प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत व विजय बहुगुणा, भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र भंडारी व सुरेश भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज व धन सिंह रावत, राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल आदि मौजूद हैं।

कांग्रेस ने उत्तराखंड में भी लागू किया एक परिवार एक सीट का फार्मूला

कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने उत्तराखंड की सभी 70 सीटों पर सहमति बनाकर संभावित उम्मीदवारों का पैनल तय कर लिया है। संभावना है कि शनिवार देर रात तक पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है। पार्टी फिलहाल 40 नामों की ही घोषणा करने जा रही है।

सीटिंग विधायकों का नाम पहली सूची में
स्क्रीनिंग कमेटी के बाद कांग्रेस ने राज्य की 70 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार पहली सूची में सीटिंग विधायकों के अलावा पिछले चुनाव में एक या दो हजार वोट के अंतर से हारे नेताओं का नाम शामिल रहेगा। इसके गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, यशपाल आर्य, संजीव आर्य समेत कुछ नाम ऐसे हैं, जिन पर किसी को कोई संशय नहीं है। इस सूची में उन नेताओं का नाम भी शामिल हो सकता है, जो बुरे दौर में भी पार्टी के साथ मजबूती के साथ खड़े रहे। इनमें कई पूर्व विधायकों और मंत्रियों का नाम शामिल है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि स्क्रीनिंग कमेटी की अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं, जो बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई हैं। राज्य की 70 विधानसभा सीटों में से अधिकांश सीटों पर एक उम्मीदवार और कुछ सीटों पर दो उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर लिया गया है। जिसे शनिवार को सीईसी के सामने रखा जाएगा। शनिवार देर शाम तक पहली लिस्ट आ सकती है।

कांग्रेस ने उत्तराखंड में भी लागू किया एक परिवार एक सीट का फार्मूला
कांग्रेस नेतृत्व ने एक परिवार एक सीट का फार्मूला उत्तराखंड में भी लागू किया है, लेकिन भाजपा से लौटे आर्य परिवार की दोनों सीटें वर्तमान विधायक के नाते पक्की मानी जा रही हैं। ऐसे में हरीश रावत लड़ेंगे तो बेटे आनंद और बेटी अनुपमा का टिकट फंस जाएगा। किशोर उपाध्याय पर भी नेताओं की अलग-अलग राय है। लिहाजा उन पर भी फैसला नेतृत्व को लेना है।

चुनाव आयोग ने इंडोर मीटिंग की अनुमति दी, लेकिन 22 तक रैली और रोड शो की मनाही

चुनाव आयोग ने 22 जनवरी तक चुनावी राज्यों, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में चुनावी रैलियों और रोड शो पर रोक लगा दी है। हालांकि, आयोग ने पार्टियों और उम्मीदवारों को कुछ राहत देते हुए इंडोर मीटिंग की अनुमति दी, लेकिन इसमें शर्त होगी कि इन बैठकों में केवल 300 लोग या फिर हॉल या वेन्यू की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही मीटिंग कर सकते हैं।
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को अधिकतम 300 व्यक्तियों या 50 प्रतिशत हॉल की क्षमता के साथ इनडोर बैठकें आयोजित करने की अनुमति दी है। आयोग ने राजनीतिक दलों को आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों और कोविड-19 पर व्यापक दिशानिर्देशों का पालन करने का भी निर्देश दिया।
चुनाव आयोग ने राज्य और जिला प्रशासन को चुनाव आचार संहिता और महामारी नियंत्रण उपायों से जुड़े सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
8 जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड मणिपुर, गोवा और पंजाब के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए, चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक सार्वजनिक रैलियों, रोड शो और इसी तरह के फिजिकल प्रचार कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने का एक अभूतपूर्व कदम उठाया था। अब यह प्रतिबंध एक और हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया है।
आयोग ने चुनाव प्रचार के लिए 16-सूत्रीय दिशानिर्देशों को भी लिस्टेड किया था, जिसके तहत सार्वजनिक सड़कों और चौराहे पर श्नुक्कड़ सभाओंश् (कोने की बैठकों) पर प्रतिबंध लगा दिया था।
इसमें डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए लोगों की संख्या को पांच तक सीमित कर दिया गया था। साथ ही मतगणना के बाद प्रत्याशीओं के विजय जुलूसों पर भी रोक लगा दी गई।

कांग्रेस ने किशोर को अनुशासन हीनता के चलते सभी पदों से मुक्त किया

आज बुधवार को कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को चुनाव संबंधित समितियों समेत सभी पदों से हटा दिया है। इस संबंध में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने आदेश जारी कर दिया है। किशोर उपाध्‍याय पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने और भाजपा के नेताओं से मुलाकात कर कांग्रेस की सरकार के खिलाफ मुहिम को कमजोर करने का आरोप लगाया गया है।

रात के अंधेरे में भाजपा नेताओं से मिले
उत्‍तराखंड विधानसभा चुनाव के मौके पर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के रात के अंधेरे में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री और चुनाव प्रभारी से मुलाकात ने राजनीति को गर्मा दिया है। इससे कांग्रेस भी असहज नजर आ रही थी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने ऐसी किसी संभावना से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि किशोर भाजपा जैसी सांप्रदायिक पार्टी में जाएंगे, ऐसा नहीं लगता।

कांग्रेस छोड़ने की चर्चाएं तेज
बता दें कि प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने चार जनवरी की रात भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार से उनके फ्लैट में मुलाकात की थी। इस दौरान वहां केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रल्हाद जोशी भी मौजूद थे। इस मुलाकात के बाद किशोर उपाध्याय के भाजपा में जाने की चर्चाएं तेज हो गईं थीं। दरअसल, बीते दिनों किशोर उपाध्‍याय भाजपा राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी से भी मिले थे। उनके भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद कांग्रेस छोड़ने की चर्चाएं तेज हो गए थी।

कांग्रेस चुनाव घोषणापत्र समिति की हुई वर्चुअल बैठक
कांग्रेस चुनाव घोषणापत्र समिति की वर्चुअल बैठक हुई। बैठक में समिति अध्यक्ष नवप्रभात व संयोजक सूर्यकांत धस्माना समेत सदस्यों ने शिरकत की। यह तय किया गया कि चुनाव घोषणापत्र में उपनल कर्मचारियों की मांगों को भी जगह दी जाएगी।

उत्तराखंड में 14 फरवरी को चुनाव, 10 मार्च को परिणाम

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों का ऐलान आज चुनाव आयोग ने कर दिया है। उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान होगा। 21 जनवरी को अधिसूचना जारी होगी। 28 जनवरी को नामांकन का अंतिम दिन होगा। नामांकन पत्रो की जांच 29 जनवरी और नाम वापसी के लिए 31 जनवरी का दिन निर्धारित किया गया है। पांचों राज्यों के परिणाम 10 मार्च को आयेंगे। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि किसी भी राज्य में रैलियों और रोड शो के आयोजन की परमिशन नहीं होगी। इसके अलावा किसी नुक्कड़ सभा का आयोजन भी सार्वजनिक स्थानों पर नहीं किया जा सकेगा। साइकिल रैली और बाइक रैली जैसी चीजों पर भी रोक रहेगी। कई नियमों का ऐलान करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चन्द्रा ने कहा कि उम्मीदवार ऑनलाइन नामांकन भी दाखिल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि गोवा, पंजाब और उत्तराखंड में एक फेज में चुनाव होगा।
यूपी में पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा। 14 फरवरी को दूसरे मतदान का चुनाव होगा। पंजाब और उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान होगा। यूपी में 20 फरवरी को तीसरे चरण का मतदान होगा। यूपी में 23 फरवरी को चौथे चरण का मतदान होगा। यूपी में 27 फरवरी को पांचवे चरण का मतदान होगा। मणिपुर में दो चरणों में मतदान होगा। चुनाव आयुक्त ने कहा कि मीडिया का चुनाव में अहम रोल है। मीडिया हमारा दोस्त है। आपके जरिए हमारी बातें लोगों तक पहुंचती है। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। वहीं, उत्तराखंड सहित तीन राज्यों में उम्मीदवार 40 लाख ही चुनाव खर्च कर पाएंगे। डिजिटल और वर्चुअल तरीके से चुनाव प्रचार होगा। पदयात्रा और रोड शो, साइकिल रैली और बाइक रैली नहीं होगी। 15 जनवरी तक इन पर रोक रहेगी। चुनाव आयुक्त ने कहा कि जीत के बाद जश्न या विजय जुलूस की इजाजत नहीं होगी। डोर टू डोर कैंपने के लिए पांच लोगों की ही इजाजत रहेगी। कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। किसी भी तरह के नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयुक्त ने कहा हम मेडिकल एक्सपर्ट्स से सलाह भी ले चुके हैं। सभी चुनाव कर्मी फ्रंटलाइन कर्मी हैं। पोलिंग बूथ पूरी तरह से सैनिटाइज होगा। पोलिंग की टाइमिंग एक घंटे से ज्यादा होगी। चुनाव आयोग ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान की अपील की है।
पांच राज्यों में मतदान की घोषणा के बाद चुनाव की अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चुनाव आयुक्त ने बताया कि 80 प्लस और दिव्यांग और कोविड प्रभावित के लिए पोस्टिंग बैलेट की व्यवस्था बनेगी। उम्मीदवारों के लिए आपराधिक जानकारी देना जरूरी होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 5 जनवरी को मतदाता की सूची डाली गई थी। 24.9 लाख मतदाता की पहली बार वोट डालेंगे।

अचानक सेवाओं से हटाने पर कर्मचारियों का हंगामा, कनक धनाई ने संभाली कमान

शनिवार को ऋषिकेश एम्स परिसर में एम्स प्रशासन मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा। उत्तराखंड जनएकता पार्टी के संस्थापक सदस्य एवम ऋषिकेश विधानसभा सीट से प्रत्याशी कनक धनाई, निष्काषित 98 कर्मचारियों समेत सैकड़ों की संख्या में लोग एम्स परिसर में एकत्र हो विरोध के नारे लगाने लगे।
बता दें कि एम्स में रोजगार में भ्रष्टाचार एवम इलाज में अव्यस्थाओं को लेकर लोग आए दिन परेशान रहते हैं। एम्स से त्रस्त कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से एम्स प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। ऐसे में 98 कर्मचारियों को एक साथ नौकरी से निकाल दिया गया, उपरोक्त सूचना जैसे ही धनाई तक पहुंची वे तुरंत 98 निष्काषित कर्मचारियों समेत एम्स प्रसाशन का घेराव करने पहुंच गए एवम कर्मचारियों को निकाले जाने के स्पस्टीकरण को लेकर नारेबाजी करने लगे। इतने में उजपा के तमाम समर्थक एवम इलाज कराने आये हुए लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। लंबे समय की इंतज़ार के बाद जब कोई प्रतिक्रिया नही दी गई तो भीड़ प्रशासनिक कक्ष के बाहर पहुंचकर नारेबाजी करने लगी। स्थिति अनियंत्रित होती देख मौके पर पुलिस बल भी पहुँच गया। काफी देर तक बातचीत का आश्वाशन देकर भी जब कोई बातचीत करने हेतु नही आया तो प्रदर्शन उग्र हो गया। पुलिस ने भी जब स्थिति हात से निकलती देखी तो भारी मात्रा में पीएससी बुलानी पड़ी। परिस्थिति को भांपते हुए मौके पर तहसीलदार समेत उप जिला प्रशाशन भी पहुंच गया।
इस मौके पर कनक धनाई ने कहा कि एम्स में रोजगार में हो रही दलाली, स्वास्थ्य सुविधाओं में अव्यवस्थाओं एवम पार्किग में मची लूट को लेकर हम लंबे समय से समाधान एम्स अभियान चला रहे हैं। ऐसे में जैसे ही निकाले गए कर्मचारियों में से ही किसी ने सूचना दी कि टीडीएस कंपनी द्वारा 98 अटेंडेंट को एक साथ हटा दिया गया है तो हम सभी निष्काषित कर्मचारियों के साथ सुबह ही एम्स प्रशासन से जवाब मांगने आ गए। परंतु हमे बस लटकाया जा रहा है कोई संतोषजनक निष्कर्ष नहीं निकाला जा रहा, आवाज को दबाने हेतु पुलिस बल का सहारा लिया जा रहा है। परंतु हम सभी लोग बिना अपना हक लिए यहां से हटने वाले नहीं हैं।
एम्स प्रशासन की ओर से कार्यवाही हेतु 1 हफ्ते का समय मांगा गया है तथा यह निश्चित हुआ है कि 30 जनवरी तक 98 की अटेंडेंट की तनख्वाह यथावत मिलती रहेगी तथा निकाले गए अटेंडेंट को टीडीसी कंपनी उत्तराखंड में किसी भी विभाग में रोजगार मुहैया कराएगी।
मौके पर गुरुमुख सिंह, सोम अरोड़ा, हिमांशु पंवार, चंद्रकांत कलूडा़, रवि कलूडा़, शिवम प्रजापति, अभिषेक शर्मा, शिव प्रसाद रतूड़ी, नितिन पोखरियाल, अभिषेक रावत, निखिल वर्मा, सचिन सेमवाल समेत उजपा के तमाम कार्यकर्ता तथा इलाज कराने आये लोग एवम उनके परिजन प्रदर्शन में मौजूद रहे।

तेजी से बढ़ने से लगे हैं कोरोना के मामले, आज आए कोरोना के 814 नए मामले, नई एसओपी जारी

उत्‍तराखंड में कोरोना के मामले अब तेजी से बढ़ने लगे हैं। कोरोना संक्रमण के लिहाज से उत्तराखंड में स्थिति बिगड़ती जा रही है। राज्य में आज शुक्रवार को कोरोना के 814 नए मामले मिले हैं। वहीं 147 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। जबकि सक्रिय मामले दो हजार के पर पहुंच गए हैं। देहरादून जनपद में आज 325 नए मामले आए हैं। देहरादून में सक्रिय मामले 866 पहुंच गए हैं। वहीं, हरिद्वार में 233 और नैनीताल में 119 मामले सामने आए हैं।
राज्‍य में आज एक दिन में 814 मामले सामने आए। अगर जिलों की बात करें तो देहरादून में 325, नैनीताल 233 और हरिद्वार में 119 कोरोना के मामले सामने आए हैं। ये तीन जिले ऐसे हैं, जहां कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा हैं। वहीं, उधमसिंह नगर में 35, पौड़ी गढ़वाल में 21, अल्‍मोड़ा में 14, चंपावत में 13, टिहरी गढ़वाल में 12, पिथौरागढ़ में 11, उत्‍तरकाशी में 10 और बागेश्‍वर में 10 मामले आए हैं। उधर, रुद्रप्रयाग में छह और चमोली में पांच मामले आए हैं।

आज का हेल्‍थ बुलेटिन
आज मिले संक्रमित 814
आज स्‍वस्‍थ्‍य हुए 147
आज हुई मौत 00
सक्रिय मामले 2022
रिकवरी प्रतिशत 95.40 फीसद
आज सैंपल पाजिटिविट रेट 5.59 फीसद

केन्द्र सरकार की ओर से जारी एसओपी-
1. Night Curfew: राज्य में Night Curfew रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।
(Curfew अवधि में जिन सेवाओं से जुड़े व्यक्तियों, दुकानों कार्यालयों को COVID Appropriate Behaviour & COVID Safety Protocols के तहत कार्य करने की छूट संलग्नक-1 के अनुसार प्रदान की जायेगी।
2. Market Opening: समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान (बाजार) प्रातः 06:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक खुले रहेंगे।
3. राज्य के समस्त जिम, शॉपिंग मॉल सिनेमा हॉल, स्पॉ, सैलून, मनोरंजन पार्क थियेटर, ऑडिटोरियम आदि व इनसे सम्बन्धित समस्त गतिविधियाँ कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे।
4. राज्य में स्वीमिंग पूल / वाटर पार्क दिनांक 16 जनवरी, 2022 तक बन्द रहेंगे।
5. राज्य में स्थित खेल संस्थान स्टेडियम एवं खेल के मैदान खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोले जायेंगे खेल संस्थान स्टेडियम एवं खेल के मैदान को कोविड प्रोटोकॉल के साथ खोलने के उपयुक्त मानक प्रचलन विधि खेल विभाग द्वारा अपने स्तर से जारी की जायेगी।
6. समस्त सार्वजनिक समारोह (Event) (मनोरंजन / शैक्षिक सांस्कृतिक आदि) गतिविधियों की दिनांक 16 जनवरी, 2022 तक अनुमति नहीं होगी।
7. विवाह समारोह एवं शव यात्रा में Venue (बन्द अथवा खुले स्थान) के 50 प्रतिशत क्षमता के अनुसार व्यक्तियों को सम्मिलित होने की अनुमति होगी। इस दौरान काविड प्रोटोकॉल का कडाई से अनुपालन किया जायेगा।
8. राजनैतिक रैली / धरना प्रदर्शन की दिनांक 16 जनवरी, 2022 तक अनुमति नहीं होगी।
9. होटल, रेस्तरां, भोजनालयों और ढाबों को केवल 50 प्रतिशत क्षमता एवं कोविड प्रोटोकॉल के तहत Dining के संचालन के लिए अनुमति होगी। खाद्य पदार्थों की Takeaway / होम डिलीवरी के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।
10. होटलों में स्थित Conference Hall, Spa and Gym का उपयोग COVID Protocol के अनुपालन के साथ 50 प्रतिशत क्षमता में किये जाने की अनुमति होगी।
11. School: राज्य में आगनवाड़ी केन्द्र एवं कक्षा 12 तक के सभी शैक्षणिक संस्थान दिनांक16 जनवरी, 2022 तक बन्द रहेंगे, इस दौरान online class के माध्यम से कक्षाएं जारी रहेंगी।
12. भारत सरकार एवं राज्य सरकार की निकायों द्वारा आयोजित परीक्षाओं के संचालन की अनुमति होगी।
13. Entry Restriction: बाहरी राज्यों से उत्तराखंड राज्य में आने वाले वह व्यक्ति जिनके पास COVID Vaccination (दोनो डोज) का प्रमाण पत्र नहीं है उन सभी व्यक्तियों को अधिकतम 72 घंटे पूर्व की RT PCR/ TrueNat/ CBNAAT/ RAT COVID Negative Test Report के साथ ही राज्य में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जायेगी।
14. COVID Appropriate Behaviour / Sanitization: देश भर में ‘Omicron’ के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए जनपद के समस्त सार्वजनिक स्थानों पर्यटक स्थलों, बाजार, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन मण्डी, शॉपिंग मॉल एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर COVID Appropriate Behaviour जैसे कि सामाजिक दूरी, मास्क पहनना एवं हाथों को Sanitize करने आदि का कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित किया जाएगा। उक्त का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध सख्ती से कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
15. IEC Activities: कोविड-19 के New Variant ‘Omicron’ से बचाव हेतु प्रत्येक जनपद में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया
Vaccination: राज्य में सभी पात्र व्यक्तियों का Covid Vaccination-Double Dose को शत प्रतिशत आच्छादित करने की कार्यवाही की जायेगी।
17. General Directives for COVID-19 Management:
राज्य में COVID-19 प्रबंधन के निम्नलिखित निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जायेगा –
सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थल एवं सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले व्यक्तियों को मास्क का उपयोग अनिवार्य होगा। सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तियों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए 6 फिट की दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा।
सार्वजनिक स्थानों पर थूकना गैरकानूनी होगा जिसके लिए निर्धारित जुर्माने के साथ दंड का प्रावधान होगा।
सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटखा, तंबाकू आदि का सेवन प्रतिबंधित होगा।
18. कमजोर व संवेदनशील व्यक्तियों की सुरक्षा:
निम्नलिखित श्रेणी के व्यक्तियों को आवश्यक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से ही घर से बाहर जाने की सलाह दी जाती है :
65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति ।
Persons with co-morbidities.
गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
10 वर्ष से कम आयु के बच्चे।
19. दंड के प्रावधान :
COVID Curfew का उल्लंघन करने वाले किसी व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 (Section 51 to 60), महामारी अधिनियम 1897 एवं IPC की धारा 188 प्रावधानों के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
अतः उपर्युक्त दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने हेतु
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें।
उक्त आदेश दिनांक 09 जनवरी, 2022 से अग्रिम आदेशों तक प्रभावी होंगे।

आप ने पहली उम्मीदवारों की लिस्ट की जारी, पहली लिस्ट में 24 उम्मीदवारों के नाम

आप पार्टी ने नए साल के पहले हफ्ते में अपनी पहली उम्मीदवारों की लिस्ट आज जारी कर दी है। इस मौके पर आप प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने ट्वीट कर लिखा है।
उत्तराखंड में प्रत्याशियों की पहली सूची सभी क्रांतिकारी साथियों को हार्दिक बधाई, आइये सब मिलकर उत्तराखंड नवनिर्माण का सपना पूरा करें।
आप पार्टी ने पहली लिस्ट में 24 प्रत्याशियों के नाम जारी किए हैं जिनमें आप के सीएम प्रत्याशी कर्नल कोठियाल का नाम भी शामिल है। आप प्रभारी द्वारा जारी की गई इस लिस्ट में लगभग सभी विधान सभा प्रभारियों को ही अपना प्रत्याशी घोषित किया गया है।
कर्नल अजय कोठियाल गंगोत्री, शिशुपाल सिंह रावत रामनगर, भूपेश उपाध्याय कपकोट, दीपक बाली काशीपुर, बसंत कुमार बागेश्वर (एससी), प्रेम सिंह भगवानपुर (एससी), अमित जोशी अल्मोड़ा, डिम्पल सिंह राजपुर रोड (एससी), यूनुस चौधरी जसपुर, सुरेश सिंह बिष्ट सल्ट, प्रशांत राय रानीपुर, विजय शाह घनसाली (एससी), नवनीत राठी मंगलौर, राजेश बिष्ट लोहाघाट, मदन महर चंपावत, समित टिक्कू हल्द्वानी, मनोहर लाल पहाड़ी पौड़ी (एससी), राजे नेगी ऋषिकेश, हरीश चंद्र आर्य सोमेश्वर (एससी), दिगमोहन नेगी चौबट्टाखाल, प्रवीण बंसल विकासनगर, ई. शादाब आलम पिरान कलियर, नरेश शर्मा हरिद्वार ग्रामीण, अजय जायसवाल सितारगंज से उम्मीदवार बनाये गये है।
आप प्रभारी ने बताया कि जल्द ही पार्टी अन्य नामों की घोषणा भी कर देगी। उन्होंने आगे कहा कि आप पार्टी ने पहले ही प्रदेश की जनता से वादा किया था कि वो अपने उम्मीदवारों के नाम सबसे पहले सार्वजनिक करेंगे ताकि उम्मीदवार जनता के बीच जा सकें और पार्टी का प्रचार करते हुए वोट मांग सकें। उन्होंने दोनों दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो दल पहले हमें चेहरों को लेकर ताने मारते थे आज उन्हीं दलों को यह समझ नहीं आ रहा है कि वो टिकट किसे दें लेकिन आप पार्टी का हर आम चेहरा ही जनता का चेहरा होता है और जनता का प्यार और समर्थन को देखते हुए जल्द ही अन्य नामों की घोषणा कर दी जाएगी।