राज्य के विकास में अपनी अग्रणी भूमिका निभाये पत्रकार-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चंपावत जिला पत्रकार संगठन के निर्वाचित पदाधिकारियों अध्यक्ष कमलेश भट्ट, उपाध्यक्ष भगवान राम उर्फ हयात राम, सचिव दीपक धामी एवं कोषाध्यक्ष दिनेश भट्ट के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन भली भांती कर जिले के विकास में अपनी सहभागिता व सहयोग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कलम की ताकत हमेशा क्रांति लाई है और समाज व देश को आगे बढ़ाने का काम किया है, लोगों के अंदर राष्ट्र की भावना जागृत करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। हमारा संकल्प वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इसमें मीडिया अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जनपद के पत्रकारों के अनुरोध को स्वीकारते हुए कहा कि पत्रकारों की सुविधा के लिए चंपावत मुख्यालय में प्रेस क्लब बनाने के लिए प्रस्ताव बनाया जाएगा। साथ ही पत्रकारों की सुविधा के लिए जो भी आवश्यक कार्य होंगे किए जायेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, नगरपालिका अध्यक्ष चंपावत विजय वर्मा, टनकपुर विपिन कुमार, लोहाघाट गोविंद वर्मा, ब्लाक प्रमुख चंपावत रेखा देवी, बाराकोट विनीता फर्त्याल, पाटी सुमंलता, ज्येष्ठ प्रमुख मोनिका बोहरा, भाजपा प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश तिवारी, हरगोविंद बोहरा, गोविंद सामंत एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।

दो दिवसीय सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चम्पावत के जवाहर नवोदय विद्यालय में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यूकॉस्ट) देहरादून एवं जिला प्रशासन चम्पावत के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर महोत्सव में विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु 5 वैज्ञानिकों व व्यक्तियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विज्ञान महोत्सव अपने आप में अति महत्वपूर्ण है, यह ऐसा पहला विज्ञान आधारित महोत्सव है जो दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ रहे छात्र छात्राओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमान्त 6 जनपदों से आये सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समस्त वैज्ञानिक और प्रबुद्ध जनों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का मुख्य विषय पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान है। पारम्परिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान, विकास के दो ऐसे घटक हैं जो विज्ञान आधारित विकास के लिए सुदृढ़ नींव का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रथम सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव राज्य में वैज्ञानिक अवधारणा को पुष्ट करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि राज्य के हर दूरस्थ क्षेत्र तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जन जन तक विज्ञान पहुंचे और हर बच्चे में वैज्ञानिक सोच विकसित हो, यही हमारा ध्येय है और यही इस विज्ञान महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य भी है। महोत्सव में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं (पोस्टर मेकिंग, ड्रामा, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, कविता पाठ आदि) के माध्यम से सभी बच्चे अपनी अभिरुचियों से रूबरू अवश्य होंगे। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इस दौर में हमारे बच्चे देश और दुनिया से कंधे से कंधा मिलाते हुए आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की पावन भूमि से कहा था कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और इसी को साकार करने की दिशा में हम लगातार कार्य कर रहे हैं। उत्तराखण्ड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए और आदर्श उत्तराखंड तथा आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने के लिए इस विज्ञान महोत्सव जैसे कार्यक्रम सुदृढ़ नींव का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि चम्पावत की भौगोलिक परिस्थितियां पूरे उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं। यहाँ पर मैदानी, उच्च एवं मध्य हिमालयी क्षेत्र है इसीलिए सरकार ने आदर्श उत्तराखण्ड के लिए सबसे पहले चम्पावत जनपद को मॉडल जनपद के रूप में विकसित करने का प्रण लिया है। जिसके लिए राज्य सरकार के सभी विभाग अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं और यूकॉस्ट इसमें नोडल एजेंसी का कार्य कर रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शोध, अनुसंधान और नवाचार पर विशिष्ट ध्यान दे रही है। राज्य में वैज्ञानिक सोच को जागृत करने, विज्ञान शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु और नवाचार अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य के हर क्षेत्र तक अनुसंधान और शोध गतिविधियों को पहुँचाने हेतु लैब्स ऑन व्हील का कांसेप्ट राज्य के हर जनपद के लिए लाया गया है, ताकि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक भी शोध और अनुसंधान गतिविधियां पहुंच सकें। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में जागरूकता हेतु हल्द्वानी में यूकॉस्ट और एरीज साथ मिलकर ’एस्ट्रो पार्क’ का निर्माण कर रहे हैं जो पारम्परिक और आधुनिक ज्ञान एवं विज्ञान का मिश्रण होगा। अल्मोड़ा में एक उप क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का भी निर्माण किया जा रहा है जहाँ पर विज्ञान आधारित गतिविधियां और कार्यक्रम संचालित होंगे। चम्पावत में विज्ञान केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है ताकि क्षेत्र में विज्ञान आधारित शिक्षा और जागरूकता का संचार हो।
महोत्सव में आयोजित संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा सीमांत जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों से भी संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को जाना तथा उन्हें आश्वस्त किया, जिसमें बागेश्वर से आई बाल वैज्ञानिक प्रिया महर द्वारा बागेश्वर में खोली गई अटल टिंकरिंग लैब को अन्य जनपदों में भी खोले जाने, चमोली से आई निकिता चमोली एवं उत्तरकाशी से आई अंकिता रावत द्वारा उनके जनपद में भी इसी प्रकार का विज्ञान महोत्सव का आयोजन कराए जाने, रूद्रप्रयाग जिले से आई मधु रावत द्वारा उनके जिले में टिंकरिंग लैब खोले जाने, पिथौरागढ़ से आए बाल वैज्ञानिक लक्ष्य रौतेला द्वारा अंतरिक्ष क्लब तथा लैब की स्थापना किए जाने व चम्पावत की प्रियंका उप्रेती द्वारा इस प्रकार के विज्ञान महोत्सव लगातार आयोजित करने की बात मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी।
इस दौरान इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जवाहर नवोदय विद्यालय में मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण किए जाने, जिम कक्ष का निर्माण व खेल मैदान का विस्तारीकरण करने की घोषणा की।
इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ दुर्गेश पंत द्वारा आयोजित दो दिवसीय विज्ञान महोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, जिलाध्यक्ष भाजपा निर्मल माहरा, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए वैज्ञानिक प्रबुद्धजन जनप्रतिनिधि बाल वैज्ञानिक, यूकॉस्ट के अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

मामा सीएम धामी को देख खिल उठे बच्चों के चेहरे

बनबसा स्पोर्ट्स स्टेडियम में राम दल द्वारा आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सभी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के उपरांत फाइनल मैच का शुभारंभ किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम से समाज में फैल रहे नशे को समाप्त करने में इस प्रकार के आयोजन साकार होंगे तथा हम जन-जन को इस नशा मुक्ति अभियान से जोड़ते हुए वर्ष 2025 तक प्रदेश को नशा मुक्त प्रदेश बनाए जाने के संकल्प को साकार करने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में नई खेल नीति लागू की गई है जिससे प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। साथ ही इसका लाभ गरीब तबके के प्रतिभावान को भी मिल रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विश्व में आज हर खेल के मैदान में भारत का डंका बज रहा है और हर जगह भारत का झंडा लहरा रहा है।
इस अवसर पर आयोजक राम दल के अध्यक्ष कमलेश भट्ट, जिला पंचायत सदस्य बनबसा रेणु अग्रवाल, जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, नवीन बोरा, राम सिंह जेठी, पुष्कर कापड़ी, एम आर चंन्द, योगेश चंन्द, प्रशासन के उच्चाधिकारी आदि मौजूद रहे।

सीएम ने टनकपुर में सुनी लोगों की समस्यायें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को टनकपुर स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ’मुख्य सेवक आपके द्वार’ के अंतर्गत ’जन संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए जनता की समस्याएं सुनी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के तत्काल निस्तारण हेतु निर्देशित किया। इस दौरान कई संगठनों व लोगों ने अपनी समस्याओं को सीएम के समक्ष प्रमुखता से रखा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जो समस्या जिला स्तर पर हल हो सकती है उनका समाधान निर्धारित समय पर होना चाहिए। वह समस्या अनावश्यक शासन या उनके स्तर पर नहीं आनी चाहिए, जिला स्तर पर होने वाले कार्यों की फाइल सचिवालय स्तर में आने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शारदा घाट का निर्माण नमामि गंगे के अंतर्गत हो इसके लिए हम लगातार प्रयासरत हैं, उन्होंने जिलाधिकारी को नियमित माँ शारदा की आरती करने हेतु नमामि गंगे के अंतर्गत प्रस्ताव दिए जाने को निर्देशित किया। उन्होंने कहा मां पूर्णागिरि धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालु हमारे चंपावत लोहाघाट पिथौरागढ़ के साथ ही अन्य जिलों में घूमे इसके लिए हम मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पौराणिक मंदिरों एवं स्थानों को जोड़कर एक सर्किट के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा पूर्णागिरि को रोपवे से जोड़ने का कार्य जल्द ही किया जाएगा। दूरदराज सीमांत गांव के विकास हेतु सरकार गांव में चौपाल कार्यक्रम की व्यवस्था करने जा रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खूना निवासी फकरुद्दीन को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता का चेक भी प्रदान किया।

शारदा घाट में बाढ़ नियंत्रण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को टनकपुर स्थित शारदा घाट पहुंचकर सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे बाढ़ नियंत्रण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत आदि शक्ति मंदिर के समीप घाट निर्माण कार्य एवं घस्यारा मंडी के समीप निर्माणधीन तटबंध सहित विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने शारदा घाट में विधिवत पूजा अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली की कामना की।
इस दौरान जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, पालिकाध्यक्ष विपिन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री हेमा जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

प्राकृतिक मड थेरेपी को बढ़ावा देने के लिए सीएम ने भी किया मड बाथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नवयोग ग्राम, टनकपुर में प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर सूर्याेदय सेवा समिति द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) एवं योग संगोष्ठी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पुरातन एवं प्राकृतिक मड थेरेपी को बढ़ावा देते हुए मड बाथ (गीली मिट्टी से स्नान) भी किया, साथ ही उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा पद्धति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अध्यापको एवं छात्र-छात्रों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की भूमि प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण भूमि है, प्राकृतिक संसाधनों को अपनाकर प्राकृतिक चिकित्सक मानव जीवन को रोग मुक्त करती है। उन्होंने कहा ऋषियों और संतो की तपस्थली उत्तराखण्ड सदैव से ही विश्व कल्याण के लिए ज्ञान का प्रचार प्रसार करती रही है। यह योग, आयुष, आध्यात्म की भूमि है, उन्होंने कहा आध्यात्मिक और धार्मिक चेतना की जागृति का जो संगम हमारी देवभूमि में देखने को मिलता है वह अद्भुत है। प्राचीन काल से ही आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग का ज्ञान इसी धरती से हमारे ऋषियों द्वारा विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा राज्य सरकार भी प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने एवं इसके प्रचार- प्रसार, करने के लिए प्रतिबद्ध और सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सबसे बड़ा सुख उसके निरोगी रहने का है। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि यह सुख प्रत्येक नागरिक को प्राप्त हो, साथ ही हमारी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से जुड़े। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान का परिचय संपूर्ण विश्व को करा रहा है। आज पूरी दुनिया ने हमारी प्राचीन संस्कृति के मूल आधार “योग“ को अपनाया है और इसका महत्व समझा है। इसी का ही परिणाम है कि आदरणीय प्रधानमंत्री के आह्वान पर आज विश्व के सभी देश योग दिवस मना रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य एवं केंद्र सरकार साथ मिलकर प्रदेश में योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के विकास हेतु हर वह जरूरी निर्णय ले रही है जो हमारे राज्य को आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा हमने अपने वादे के अनुसार समान नागरिक संहिता के लिये समिति का गठन किया, समिति द्वारा जल्द ही फाइनल ड्राफ्ट बनाकर पूरा कर लिया जाएगा। हमारे राज्य के साथ ही देश के अन्य राज्य भी अब समान नागरिकता संहिता पर कार्य कर रहे हैं। भ्रष्टाचार पर रोक के लिए 1064 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। उन्होंने कहा विभिन्न विभागों से रिक्त पड़े पदों की सूची मांगी गई है, ताकि जल्द से जल्द भर्ती कराई जा सके। उन्होंने कहा विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, उन्होंने कहा प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ाने एवं योग्यता के आधार पर नौकरी दिए जाने पर कार्य किया गया है।
इस दौरान जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, पालिकाध्यक्ष विपिन वर्मा, लीलाधर पांडेय, देवीदत्त जोशी, डॉ विक्रम सिंह, डॉ नवदीप जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

प्रथम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का सीएम करेंगे शुभारंभ

प्रदेश के सीमांत, दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र के बच्चों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने के साथ-साथ वैज्ञानिक अवधारणा को पुष्ट करने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विकासखंड और जनपद स्तर पर कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के समापनार्थ निर्णायक समारोह, प्रथम राज्य स्तरीय सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 के रूप में दिनांक 19 और 20, नवंबर 2022 को चम्पावत में जवाहर नवोदय विद्यालय में होगा, इस बाल विज्ञान महोत्सव को उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) आयोजन कर रहा है, सहभागी के रूप में जिला प्रशासन चम्पावत भी है, ऐसा कहना है यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत का।
प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य के 6 सीमांत जनपद उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ के लगभग 250 स्कूली बच्चे पिछले कुछ हफ्तों में चयनित हुए हैं, जो इस बाल विज्ञान महोत्सव में प्रतिभाग करेंगे। इस दो दिवसीय महोत्सव का मूल उद्देश्य राज्य के दूरस्थ विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पारम्परिक ज्ञान के प्रति संवेदनशील बनाते हुए उनमें वैज्ञानिक सोच का विकास करना और आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का राज्य मे वृहद लोकव्यापीकरण करना है।
इस महोत्सव का उद्घाटन 19 नवम्बर 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे और समापन 20 नवम्बर 2022 को बच्चों को पुरस्कृत करके महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह करेंगे।
यूकॉस्ट के प्रबंधक जनसम्पर्क अमित पोखरियाल ने बताया कि इस अनोखे बाल विज्ञान महोत्सव में प्रतिभागियों को विज्ञान प्रदर्शनी, वैज्ञानिक कार्यशाला, दूरबीन के माध्यम से आकाश अवलोकन, तारामंडल शो, विज्ञान फिल्म शो आदि के माध्यम से आमंत्रित वैज्ञानिकों के साथ चर्चा करने, उनके व्याख्यान सुनकर उनसे मार्गदर्शन लेने का अवसर भी प्राप्त होगा। महोत्सव में जूनियर वर्ग कक्षा 6 से 8 तक एवं सीनियर वर्ग कक्षा 9 से 12 तक के छात्र- छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता (स्थानीय पारंपरिक ज्ञान प्रणाली), नाटक (पर्यावरण संरक्षण जागरूकता) विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कविता पाठन (हिन्दी एवं स्थानीय भाषा), कविता पाठन अंग्रेजी का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और चिंतक इस महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे हैं। महोत्सव में उपस्थित छात्र- छात्राएं तथा शिक्षक- शिक्षिकायें उन सम्मानित विशेषज्ञों के साथ संवाद और मार्गदर्शन के लिए इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

सीएम ने बनबसा चंपावत में लगाया जनता दरबार, वुनी समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि कॉलेज ऑफ एजुकेशन बनबसा में आयोजित मुख्य सेवक जनता मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग कर स्थानीय जनता की समस्याएं सुनी। जनता मिलन कार्यक्रम में लोगों द्वारा विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। कुछ समस्याएं सड़क निर्माण, जल भराव, पेयजल, स्वरोजगार, सौर ऊर्जा, शौचालय निर्माण आदि की भी समस्याएं रखी। जन समस्या शिविर में विभिन्न लोगों द्वारा अपनी अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।

मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं के निस्तारण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्याओं को ससमय निस्तारण करें जिससे किसी को भी अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्या जिस स्तर की हो उसका समाधान उसी स्तर पर होना चाहिए। बेवजह वह समस्या उच्च स्तर पर न आए। अगर ऐसा होता है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जायेगी।

इस दौरान प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष शशांक रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप पाठक, भाजपा प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेनू अग्रवाल, उपाध्यक्ष बीसूका संतोष थपलियाल, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी आरएस रावत अन्य लोग मौजूद रहे।

सरकार से मिल रही सब्सिडी का उठाया फायदा, समय के साथ श्रम की भी हुई बचत

असौज या आश्विन तथा कार्तिक मास पहाड़ की महिलाओं के कंधों पर भारी बोझ लेकर आता रहा है। असौज में घास काटने में सुबह से शाम तक महिलाएं पालतू मवेशियों के लिए सालभर की घास काटती हैं। घास काटने के बाद सुखाकर उसके लूट्टे लगाए जाते हैं। करीब दो माह तक महिलाएं व बेटियां धूप में घास काटती हैं तो इससे उनको अत्यधिक श्रम करना होता है। मगर अबकी बार विकास खंड स्तर पर घास काटने वाली मशीनों ने मानो महिलाओं के जीवन को आसान बना दिया तो काम का बोझ भी एक तिहाई हो गया है। यह बोझ कम हुआ घास काटने की मशीन से।
चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत गंगनौला की प्रधान कमला जोशी व पूर्व प्रधान ललित मोहन जोशी के प्रयासों ने ग्राम पंचायत के तोक गांव चनोड़ा, गल्लागांव, रुपदे, अनुसूचित बस्ती बचकड़िया, गंगनौला की महिलाओं के जीवन में नया सवेरा आ गया।
पूर्व प्रधान ललित को पता चला कि ब्लॉक के माध्यम से समूहों को 90 प्रतिशत सब्सिडी में घास काटने की मशीन मिल रही है। जुलाई माह में उन्होंने उन पुरुषों के नाम से दो समुह बनाये, जो भूमिधर किसान हैं। इसके बाद समूहों के माध्यम से घास काटने की मशीन खरीदी गई। सब्सिडी के बाद घास काटने की मशीन के लिए प्रति चार हजार तो ट्रेक्टर के लिए 15 या 19 हजार जमा कराए गए। मशीन मिलने के बाद घास कटाई शुरू हुई तो महिलाओं के काम का बोझ 25 प्रतिशत से भी कम रह गया। हाथ से चलाने वाली मशीन को पुरुष चलाने लगे तो एक दिन में 20 महिलाओं के बराबर घास कटने लगी। अब तक ग्राम पंचायत में 40 मशीनें क्रय हो चुकी हैं तो 5 ट्रेक्टर आ गए हैं।

एक लीटर पेट्रोल से 20 महिलाओं की बराबरी
घास काटने की मशीन एक लीटर पेट्रोल की कटाई से एक दिन में 200 से अधिक तक घास की गठिया बन जाती हैं। जो 20 महिलाओं के बराबर श्रम है। गांव की लक्ष्मी जोशी, अनिता, भैरवी राय, कविता जोशी, उर्मिला आदि महिलाओं का कहना था कि इस मशीन ने उनके काम का बोझ बेहद कम हो गया है। पुरुष ही घास काटते हैं, उन्हें सिर्फ समेटना पड़ता है। जिन घरों में मशीन चलाने के लिए पुरूष नहीं हैं, आपसी सहभागिता से घास काटी जा रही है। पहले तक असौज माह हमारे लिए बेहद कष्टकारी होता था। अब घास के साथ खेत जुताई के लिए बैल पालने की जरूरत नहीं है। इससे बंजर खेतों को भी आबाद करने का अवसर मिल गया है। चनोड़ा के योगेश जोशी कहते हैं, पहले घास काटने में घर की महिलाओं को एक माह तक व्यस्त रहता पड़ता था, लेकिन अब उनका काम सीमित हो गया। जो पुरुष पहले कभी घास के खेतों तक नहीं जाते थे, अब मशीन लेकर घास काटकर महिलाओं के काम को कर रहे हैं। गंगनौला के साथ ही पास के गांव भूमलाई, ईड़ाकोट, कोयाटी में भी घास काटने की मशीन ने कामकाजी महिलाओं के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है।

सीएम ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को वितरित किये संयुक्त आजीविका ऋण के चेक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक द्वारा उत्तराखण्ड में वित्तीय समावेशन तथा सीएसआर के तहत की जा रही पहल कार्यक्रम के तहत चम्पावत पुलिस को 10 मोटर साइकिल को हरी झंडी दिखाकर रवाना की। मुख्यमंत्री ने बैंक की चम्पावत शाखा का वर्चुअली लोकार्पण करने के साथ ही विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को संयुक्त आजीविका ऋण के चेक भी वितरित किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड में पब्लिक प्राइवेट फाइनेंस को लेकर यह एक नई शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत का मंत्र तभी सार्थक हो सकता है जब समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन-प्रशासन बैंक स्वास्थ्य शिक्षा के सुविधा हो। जब उनतक यह सुविधा पहुँचेगी तभी देश के नागरिक आत्मनिर्भर बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वित्तीय संसाधन और उनके लिए किए जाने वाले प्रयास उत्साहजनक हैं, उन्होंने कहा कि समाज में कई ऐसे लोग भी हैं जो बुनियादी स्तर पर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब का प्रयास होना चाहिए कि समाज को आगे बढ़ाए। सरकार जनकेंद्रित होकर उत्तराखंड के विकास में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सोच नेतृत्व और कार्यशैली का ही परिणाम है कि भारत आज मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश दुनिया में कोविड महामारी के दौरान विकसित से विकसित देशों की अर्थव्यवस्था भी डगमगा गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व के बूते देश ने ना सिर्फ़ कोरोना महामारी से डटकर मुकाबला किया बल्कि कम समय में ही दो-दो स्वदेशी टीके बनाकर हर देशवासी को कोरोना की दो नहीं तीन-तीन निशुल्क डोज की भी सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश के प्रत्येक देशवासी के जनधन खातों को लेकर जिस सोच के साथ अभियान चलाया था उसका परिणाम पिछले कई सालों से दिख रहा है। जनधन खातों में न सिर्फ योजनाओं की सब्सिडी सीधे जा रही है बल्कि देश में हर आय और हर तबके के व्यक्ति डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का रोजगार और उद्यमिता पर विशेष फोकस है मुख्यमंत्री ने बैंक के उच्च अधिकारियों से अपेक्षा करते हुए कहा है कि वे स्वनिधी योजना पर विशेष ध्यान दें और उत्तराखंड को इसका मॉडल बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ औपचारिकता भर ना हो बल्कि उसे मिशन मोड में लेकर आगे बढ़ाया जाए तभी लक्ष्य की पूर्ति हो सकेगी।
राज्य में वित्तीय संस्थानों, विशेषकर बैंकों द्वारा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों पर ध्यान देने के प्रयास भी उत्साहजनक रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक के कामकाज को देखने वाले श्री गोविंद सिंह अल्मोड़ा जिले के सुदूर इलाके से आते हैं, अतः वे इन इलाकों की समस्याओं को भली भांति समझते हैं। उनके बैंक ने उन लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए एक बेहतर प्रणाली विकसित करने में मदद की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए लोक केंद्रित पहल शुरू करने में सबसे आगे रही है। जब उत्कर्ष जैसे बैंक इन पहलों में सरकार का सहयोग करने के लिए आगे आते हैं, तो यह साझेदारी समाज के लिए अत्यंत लाभकारी होती है। हमारी सरकार ने हमेशा आजीविका के अवसरों को बढ़ाने, आय के विविध और स्थायी स्त्रोतों को प्रदान करने, रोजगार और उद्यमिता को सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाया जा सके। हम बैंकों, कॉरपोरेट्स और अन्य व्यवसायों को उत्तराखंड में स्थापित और विस्तारित करने के लिए कृत संकल्पित हैं। उत्तराखंड को ’अवसरों और विकास का राज्य बनाने में हम सब एक साथ मिलकर उत्तराखंड के चहुमुखी विकास के लिए काम करें। ऐसा विकास जो समावेशी हो, टिकाऊ हो और उत्तराखंड राज्य को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने में समर्थ हो।
उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोविंद सिंह ने बताया कि वे उत्तराखण्ड की परिस्थितियों से परिचित हैं। उत्तराखण्ड ने हमें बहुत कुछ सीखने के साथ संघर्षों से सामना करने एवं आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिलाओं को स्वरोजगार से सम्बन्धित योजनाओं का भी संचालन किया जा रहा है। बैंक की तेईस राज्यों में 739 शाखाएं हैं जिसमें 21 उत्तराखण्ड में हैं।