सीएस ने चंपावत में गोल्ज्यू कॉरिडोर का किया भ्रमण, सौंदर्यीकरण को दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत स्थित ऐतिहासिक गोल्ज्यू मंदिर एवं प्राचीन बालेश्वर मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

गोल्ज्यू मंदिर परिसर में उन्होंने प्रस्तावित गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता लोनिवो मोहन पलड़िया ने मुख्य सचिव को परियोजना के सभी घटकों, संरचनाओं और कार्ययोजना की विस्तृत प्रस्तुति दी।

मुख्य सचिव ने कॉरिडोर परिसर का स्वयं भ्रमण कर प्रस्तावित निर्माण, सौंदर्यकरण एवं सुगमता बढ़ाने वाले कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉरिडोर के समस्त विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में, उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ।

इसके उपरांत मुख्य सचिव बर्द्धन ने बालेश्वर मंदिर परिसर का निरीक्षण कर मंदिर एवं नौले के सौंदर्यीकरण की आवश्यकताओं का अवलोकन किया। उन्होंने पुरातत्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मंदिर के प्राकृतिक व सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए सौंदर्यीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि गोल्ज्यू मंदिर एवं बालेश्वर मंदिर दोनों ही सांस्कृतिक आस्था और लोक परंपराओं के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन धरोहरों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और बेहतर सुविधाओं के विकास से चम्पावत जिले में धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं और अधिक सशक्त होंगी, जिससे स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव बर्द्धन का चम्पावत दौरा, विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा, प्रगति में तेजी के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत एन०एच०पी०सी० बनबसा हेलीपैड पहुँचे, जहाँ कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।

एन०एच०पी०सी० सभागार बनबसा में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने चम्पावत जिले में संचालित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की प्रगति का व्यापक आकलन किया।

बैठक में शारदा कॉरिडोर, इनलैण्ड पोर्ट अथॉरिटी, टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन, बाढ़ प्रबंधन कार्य, टनकपुर/बनबसा वाटर सप्लाई स्कीम, आई०एस०बी०टी टनकपुर निर्माण, तथा ब्रिडकुल द्वारा बनाए जा रहे पुलों सहित विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने शारदा रिवर फ्रंट एवं एडजॉइनिंग प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को और सुदृढ़ बनाने, पूर्णागिरि रोपवे को शारदा कॉरिडोर के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा रोपवे निर्माण कंपनी को प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन के संदर्भ में चम्पावत और लोहाघाट के साथ-साथ अल्मोड़ा को जोड़ने हेतु विस्तृत एलाइमेंट तैयार करने के भी निर्देश दिए।

बाढ़ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को पारंपरिक तरीकों से हटकर कम लागत में प्रभावी प्रोटेक्शन मॉडल अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही 5 करोड़ से कम लागत वाले कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा के माध्यम से अनुमोदित करवाकर त्वरित गति से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने डिप्टेश्वर और कुर्मू झील परियोजनाओं की प्रगति के साथ साथ टनकपुर और बनबसा वाटर सप्लाई योजनाओं, आईएसबीटी टनकपुर तथा ब्रिडकुल के पुलों की प्रगति में और तेजी लाने को भी कहा।

इस दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, एन०एच०पी०सी० पावर स्टेशन प्रमुख ऋषि रंजन आर्य, शारदा कॉरिडोर से सत्यजीत राय एवं राजीव रंजन, एनएचएआई के पीडी जोगेंद्र शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

शारदा करिडोर, इको-टूरिज्म व आधारभूत ढांचों की समीक्षा हेतु मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज टनकपुर/शारदा बैराज, शारदा घाट, किरोड़ा नाला, बूम, बाटनागाड़ एवं श्यामलाताल क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण कर विकास एवं बाड़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की।

टनकपुर/शारदा बैराज के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने यहां पर्यटन एवं एरो स्पोर्ट्स की संभावनाओं की समीक्षा की।

शारदा घाट, टनकपुर स्थित शारदा कॉरिडोर परियोजना की जमीनी स्थिति का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने ब्रिडकुल के अधिकारियों से 480 मीटर लम्बे स्पान पुल की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा निर्माण कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने बूम व बाटनागाड़ क्षेत्रों में हो रहे भू-कटाव का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को पूर्ण चौनलाइजेशन के बाद प्रभावी बाड़ सुरक्षा कार्य करने के निर्देश दिए। शारदा नदी के तट पर पहुंचकर उन्होंने सिंचाई विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा।

माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने बाटनागाड़ क्षेत्र का निरीक्षण किया और मार्ग सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना अनुसार चम्पावत जनपद में विकसित किए जा रहे Spiritual Economic Zone एवं Eco Tourism को मजबूत करने हेतु मुख्य सचिव ने श्यामलाताल का निरीक्षण किया।

यहां उन्होंने कृषि, उद्यान एवं एनआरएलएम द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा लाल चावल, लाल धान, मधुमक्खी पालन, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और बाजार उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मुख्य सचिव को श्यामलाताल सहित सभी स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने चम्पावत के खेल प्रतिभाओं को किया सम्मानित

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत जनपद की उभरती खेल प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया।

इस अवसर पर विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों एवं कोच को मेडल एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्य सचिव ने चम्पावत की उभरती (नेशनल) प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए प्रिंस खोलिया (ब्रॉन्ज मेडल), दीपांशु जोशी (सिल्वर मेडल), अक्षत बोहरा (ब्रॉन्ज मेडल), अंशिका धामी (नॉर्थ इंडिया गोल्ड मेडल) और हर्षित थापा (जूनियर नेशनल ब्रॉन्ज मेडल) को एक साथ सम्मानित किया।

इसके साथ ही अर्जुन सिंह एवं तुषार भट्ट को विद्यालय स्तर से नेशनल प्रतियोगिताओं हेतु चयनित होने पर सम्मानित किया गया।

मुख्य सचिव ने खिलाड़ियों के व्यक्तिगत कोच ललित कुंवर एवं कराटे कोच विजय रावत को भी खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु शॉल एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन सिंह बिष्ट को भी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु मुख्य सचिव ने बूम फॉरेस्ट गेस्ट हाउस परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत हरसिंगार (पारिजात) का पौधा रोपा।

कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत ने भी इस अवसर पर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि खेल और पर्यावरण-दोनों ही क्षेत्र समाज को नई दिशा देते हैं, इसलिए युवाओं को स्वस्थ वातावरण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

इस दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने सहकारिता मेले में किया आदर्श चंपावत लोगो का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर में आयोजित सहकारिता मेले के अवसर पर ‘आदर्श चम्पावत’ लोगो का विधिवत विमोचन किया।

यह लोगो मुख्यमंत्री धामी की दूरदृष्टि और परिकल्पना पर आधारित है, जिसके माध्यम से चंपावत को शासन, विकास, जनसहभागिता और पर्यावरणीय संतुलन का ‘मॉडल जिला’ बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया जा रहा है।

लोगो की आधिकारिक व्याख्या
ऐतिहासिक मंदिर का प्रतीक-लोगो के केंद्र में दर्शाया गया मंदिर चंपावत की प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का प्रतीक है। यह संदेश देता है कि विकास की यात्रा में हमारी आस्था, परंपरा और गौरवशाली इतिहास सदैव मूल आधार रहेंगे।

हरियाली और पर्वतीय पृष्ठभूमि-लोगो में दर्शाई गई हरियाली और पर्वतीय आभा इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय समृद्धि को दर्शाती है। यह संकेत देती है कि “आदर्श चंपावत” का विकास सतत, पर्यावरण-सम्मत और प्रकृति-संरक्षण आधारित होगा।

गियर (यांत्रिक पहिए)- गियर जिले में बढ़ते औद्योगिक और तकनीकी नवाचार का प्रतीक हैं। यह इंगित करता है कि सरकार का उद्देश्य केवल पारंपरिक विकास नहीं, बल्कि रोजगार, स्टार्टअप, उद्यमिता और तकनीकी प्रगति को भी प्रोत्साहित करना है।

नदी में राफ्टिंग करते युवा-यह दृश्य एडवेंचर टूरिज़्म, युवा सशक्तिकरण और खेल भावना का प्रतीक है। यह मुख्यमंत्री धामी की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें युवा शक्ति को विकास की मुख्यधारा में जोड़कर आत्मनिर्भर चंपावत के निर्माण की परिकल्पना की गई है।

दोनों ओर खिले पुष्प-ये पुष्प सौंदर्य, शांति, संतुलन और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। यह इंगित करते हैं कि विकास तभी “आदर्श” कहलाएगा जब वह संवेदनशील, समावेशी और मानवीय मूल्यों पर आधारित होगा।

चारों ओर अंकित ऐपन कला-लोगो की परिधि में दर्शाई गई ऐपन कला चंपावत की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प की पहचान है। यह दर्शाती है कि “आदर्श चंपावत” की आत्मा उसकी सांस्कृतिक जड़ों और लोककला की जीवंतता में निहित है।

“आदर्श चंपावत” का लोगो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना, दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता का सजीव प्रतीक है। यह उस संतुलित विकास मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ संस्कृति की जड़ें मज़बूत हैं, प्रकृति की हरियाली संरक्षित है, तकनीक की प्रगति सतत है, और युवाओं की ऊर्जा विकास की आधारशिला है।

यही चार स्तंभ मिलकर “आदर्श चंपावत” को उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल जिला बनाने की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं।

कार्यक्रम उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने वरिष्ठ व्यापारी स्व. दिनेश चंद्र औली तथा उनके पुत्र अंकुर औली के निधन पर शोकाकुल परिवार से सीमेंट रोड स्थित उनके निवास पर पहुँचकर मुलाकात की और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री धामी ने सहकारिता मेले का शुभारंभ कर दिया ग्रामीण उद्यमिता को नया प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टनकपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के उपलक्ष्य में सहकारिता विभाग उत्तराखंड द्वारा आयोजित “सहकारिता मेला” का विधिवत शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान, टनकपुर में फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया और विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि आपसी सहयोग, सामाजिक समरसता और सामूहिक विकास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “सहकारिता आंदोलन राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ है, जिससे किसान, युवा और महिलाएँ आत्मनिर्भर बन सकते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सहकारिता की भावना को ग्राम्य जीवन से लेकर शहरी समाज तक पहुँचाने की दिशा में अत्यंत सराहनीय पहल हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहकारिता विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के कृषकों को प्रोत्साहन स्वरूप चार कास्तकारों को प्रत्येक को ₹1-1 लाख के चेक वितरित किए। दूधारू पशु पालन हेतु यह प्रोत्साहन राशि पान सिंह, किशन सिंह, संदीप सिंह सहित चार लाभार्थियों को प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आगे बढ़कर अन्य किसानों के लिए उदाहरण बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने जनपद चंपावत को ₹8810.90 लाख (लगभग ₹88.11 करोड़) की कुल 08 विकास योजनाओं की सौगात दी-जिनमें 03 योजनाओं का लोकार्पण और 05 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

लोकार्पण -कुल 03 योजनाएँ, लागत ₹2478.56 लाख
1. नायकगोठ-हनुमानगढ़ी मोटर मार्ग पर आर्च मोटर सेतु (₹1377.14 लाख)
विधानसभा क्षेत्र चंपावत के ग्राम नायकगोठ से हनुमानगढ़ी खेतखेड़ा थ्वालखेड़ा मोटर मार्ग पर निर्मित 125 मीटर स्पान आर्च मोटर सेतु का लोकार्पण किया गया, जिससे स्थानीय संपर्कता को नया बल मिलेगा।
2. चंपावत के आंतरिक संपर्क मार्गों का हॉट मिक्स द्वारा सुधार (₹992.12 लाख)
प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा चंपावत के आंतरिक मार्गों को सुदृढ़ करने का कार्य पूर्ण किया गया।
3. कलेक्ट्रेट भवन का कुमाऊँनी शैली में पुनर्निर्माण (₹109.30 लाख)
ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा पारंपरिक स्थापत्य शैली में कलेक्ट्रेट भवन का पुनर्निर्माण कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया।

शिलान्यास-कुल 05 योजनाएँ, लागत ₹6332.34 लाख
1. तहसील कार्यालय चंपावत भवन का निर्माण (₹1385.68 लाख)
उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, लोहाघाट द्वारा प्रस्तावित इस भवन से प्रशासनिक कार्यक्षमता को मजबूती मिलेगी।
2. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत तीन वाटरशेड विकास परियोजनाओं का शुभारम्भ
Champawa/WDC/PMKSY 20/4/2021-22 &1092-56 yk[k

Champawat/WDC/PMKSY 20/11/2021-22 —1332.24 लाख

Champawat/WDC/PMKSY 20/11/2021-22 —1563.52 लाख

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “इन परियोजनाओं से चंपावत के समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे ग्रामीण आजीविका सशक्त होगी, क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा।”

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश महामंत्री निर्मल महरा, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, पूरन महरा, हिमेश कलखुड़िया, शिवराज कठायत, गुंजन सुखेजा, सतीश पांडे, पुष्पा विश्वकर्मा, केदार बृजवाल, विकास शाह सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, मंगला त्रिपाठी संयुक्त निदेशक सहकारिता विभाग साहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी की टनकपुर में ‘एकता पदयात्रा’, युवाओं को स्वदेशी व नशा मुक्त भारत के लिए किया प्रेरित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने एक दिवसीय चंपावत भ्रमण कार्यक्रम के तहत को टनकपुर पहुँचे। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘एकता पदयात्रा’ में प्रतिभाग किया।

यह पदयात्रा डिग्री कॉलेज टनकपुर से प्रारंभ होकर गांधी मैदान तक सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री ने पैदल चलकर जनसमूह को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और स्वावलंबन का संदेश दिया।

डिग्री कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल भारत की एकता, अखंडता और दृढ़ संकल्प के प्रतीक हैं। स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान और देश की रियासतों के एकीकरण में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी, जो नवजवानों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल के जीवन से हमें राष्ट्रहित में समर्पण, अनुशासन और एकता का प्रेरणादायक संदेश मिलता है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को ‘नशा मुक्त भारत निर्माण’ का सामूहिक संकल्प भी दिलाया।

एकता मार्च में टनकपुर के युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक, स्थानीय छात्र-छात्राएँ, नौजवानों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ साथ स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। युवाओं ने ‘नशा मुक्त भारत’ और ‘स्वदेशी अपनाओ’ के नारों के साथ एकता और देशभक्ति का सन्देश दिया।

मुख्यमंत्री के आह्वान पर जनसमूह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का वातावरण व्याप्त हो गया, जिससे राष्ट्रीय एकता के इस पर्व को और भी अधिक गरिमामय बना दिया गया।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश महामंत्री निर्मल महरा, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, पूरन महरा, हिमेश कलखुड़िया, शिवराज कठायत, गुंजन सुखेजा, सतीश पांडे, पुष्पा विश्वकर्मा, श्री केदार बृजवाल, विकास शाह सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, मंगला त्रिपाठी संयुक्त निदेशक सहकारिता विभाग साहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

शारदा कॉरिडोर आस्था, धरोहर और विकास का संगमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा घाट, टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹185.20 करोड़ से बनने वाले शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा शारदा कॉरिडोर परियोजना हमारी आस्था, सांस्कृतिक, धरोहर और सतत विकास का केंद्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा शारदा कॉरिडोर का उद्देश्य बनबसा से माता रंकोची तक की घाटी को धर्म, प्रकृति और रोजगार के सुंदर संगम के रूप में विकसित करना है। यह भूमि अब केवल आस्था का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि यहाँ के लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और अवसरों की नई धारा भी प्रवाहित होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शारदा नदी के तट को पर्यावरण संवेदनशील, स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप देने के लिए शारदा घाट पुनर्विकास परियोजना के कार्य को प्रथम चरण के रूप (अनुमानित लागत ₹185.20 करोड़) में प्रारंभ किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत सुरक्षित स्नान घाट, आरती स्थल, स्वच्छता एवं विश्राम की सुविधाएँ, सुंदर घाट, सुगम पहुँच मार्ग, पैदल पथ, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आरती स्थल अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक से निर्मित होगा, जिसमें रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था और फ्लोर कूलिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएँ होंगी। बाढ़ प्रतिरोधी संरचनाओं से नदी के प्रवाह को नियंत्रित कर आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में नई गति लाएगी। उन्होंने इसे सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से एक अद्वितीय मॉडल बताया, जो पूरे क्षेत्र के लिए विकास का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा कॉरिडोर परियोजना के कुछ क्षेत्र वन भूमि में आते हैं, जिनके भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया वन विभाग के साथ प्रगति पर है। यह परियोजना यूआईआईडीबी के माध्यम से संचालित की जा रही है। डांडा और चूका जैसे राजस्व भूमि वाले क्षेत्रों का हस्तांतरण भी शीघ्र पूरा किया जाएगा, जिससे कार्यों में विलंब न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि और माता रंकोची क्षेत्र, जो शारदा कॉरिडोर के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनेंगे, वहाँ श्रद्धा के साथ-साथ वन, जीव-जंतु और प्रकृति शिक्षा का अनुभव भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पर्यावरण-संवेदनशील विकास का उदाहरण बनेगा, जहाँ नदी की पवित्रता, हरियाली और प्राकृतिक संतुलन सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि शारदा कॉरिडोर का विकास जन-सहभागिता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ किया जाएगा। हर निर्णय में स्थानीय नागरिकों की राय और भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, शारदा कॉरिडोर केवल भौगोलिक विकास नहीं है, यह हमारी आस्था और आत्मा का पुनर्जागरण है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा उदाहरण बनेगा, जहाँ परंपरा और प्रगति, आस्था और आधुनिकता एक साथ चलें।

गौरतलब है कि शारदा कॉरिडोर के ₹185.20 करोड़ से बनने वाले शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत किरोड़ा नाला पारिस्थितिक कॉरिडोर (₹109.57 करोड़)- क्षेत्र की जैव विविधता संरक्षण और आपदा प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने हेतु पारिस्थितिक कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा। सिटी ड्रेनेज योजना- चरण 1 (₹62.11 करोड़)रू शहरी जल निकासी प्रणाली को सुदृढ़ कर बाढ़ की घटनाओं में कमी और वर्षा जल प्रबंधन को व्यवस्थित किया जाएगा। थाक गाँव तक वैकल्पिक मार्ग (₹5.34 करोड़)-कोर्बेट के अंतिम शिकार मार्ग के रूप में प्रसिद्ध यह मार्ग तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम पहुँच मार्ग बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त कई अन्य कार्य भी इसमें सम्मिलित हैं।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी, अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

विकास योजनाओं का शुभारंभ कर बोले सीएम, चंपावत में खुलेगा कृषि विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा घाट, टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹20.50 करोड़ की 10 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंतनगर की तर्ज पर चंपावत में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने एवं छीनीगोठ क्षेत्र में बाढ़ राहत एवं सुरक्षा कार्य किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छीनीगोठ एवं आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ राहत एवं सुरक्षा कार्य कराए जाने से यह क्षेत्र मानसून में होने वाले क्षत्रि से बच सकेगा और कृषि भूमि व सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की तर्ज पर चंपावत में एक नया कृषि विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय से स्थानीय युवाओं को कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। यह कदम क्षेत्र में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देगा और पर्वतीय कृषि अर्थव्यवस्था को नई पहचान प्रदान करेगा। उन्होंने कहा ये दोनों घोषणाएं चंपावत को शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रही है। आज शिक्षा स्वास्थ्य कृषि उद्यान रोजगार देने एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। चंपावत जिले में भी विकास को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा चंपावत में विकास को आगे बढ़ते हुए इसे एक आदर्श जिले के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने बनबसा में 500 करोड़ से बनने जा रहे आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जनपद के बनबसा स्थित गुदमी क्षेत्र में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) द्वारा लगभग ₹500 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा यह परियोजना भारत-नेपाल के बीच सहयोग, व्यापार और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में बेहद सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस महत्वाकांक्षी परियोजना को उत्तराखंड सरकार के सहयोग से तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के आरंभ से ही पर्यावरणीय मंजूरी, प्रतिपूरक पौधारोपण और भूमि हस्तांतरण की सभी औपचारिकताएँ पूर्ण होती रही हैं। इस वर्ष पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा लगभग 84 एकड़ वन भूमि को अंतिम स्वीकृति मिल चुकी थी, जिसके बाद परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ₹500 करोड़ की लागत से बनने जा रहा यह आधुनिक लैंड पोर्ट भारत और नेपाल के बीच व्यापार एवं यात्री आवागमन के लिए एक समेकित, सुविधाजनक और सुरक्षित प्रणाली विकसित करेगा। यहाँ कस्टम, सुरक्षा, व्यापार एवं बॉर्डर से जुड़ी सभी प्रमुख एजेंसियाँ एक ही परिसर में कार्य करेंगी, जिससे सीमा प्रबंधन में अधिक तेज़, पारदर्शी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल अवसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक परिदृश्य को बदलने का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि रणनीतिक रूप से स्थित बनबसा लैंड पोर्ट सीमा पार व्यापार को भी सशक्त बनाएगा, कृषि व औद्योगिक उत्पादों के लिए एक औपचारिक प्रवेश द्वार तैयार करेगा और स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर उत्पन्न करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड पोर्ट के माध्यम से किसानों और छोटे उत्पादकों को सीमा पार बाजारों तक सीधी पहुँच मिलेगी, जिससे परिवहन लागत घटेगी और उत्पादों का मूल्य संवर्धन संभव होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल भारत और नेपाल के आपसी संबंधों को और मजबूत करेगी, जिससे पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पारस्परिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना भारत सरकार की क्षेत्रीय एकीकरण की दृष्टि और सुरक्षित, सतत सीमा विकास नीति के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि LPAI द्वारा डिज़ाइन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसके माध्यम से ऐसा पर्यावरण-अनुकूल मॉडल तैयार किया जाएगा जो आधुनिकता और प्रकृति संरक्षण का संतुलित उदाहरण बने।

मुख्यमंत्री ने भारत सरकार, भूमि पोर्ट प्राधिकरण और राज्य के सभी विभागों, एजेंसियों को आपसी समन्वय से कार्य करने की बात कही, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र हो सके। उन्होंने कहा कि बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना उत्तराखंड की सीमाओं को समृद्धि, सहयोग और अवसरों की नई पहचान देगी।