बाल दिवस की सबसे मनमोहक तस्वीर जो हर किसी के दिल को छू गई

सीएम धामी को बच्चे बेहद पसंद हैं। जहां कहीं भी कार्यक्रमों में सीएम को बच्चे नजर आते हैं, वहां उन्हें लाड-प्यार करने से खुद को रोक नहीं पाते। अब इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और कि आज बाल दिवस भी था और जौलजीबी मेले का उद्धघाटन समारोह भी। इस दौरान अचानक ही जब पारंपरिक वेशभूषा में सजी एक नन्हीं सी बच्ची पर सीएम धामी की नजर पड़ी तो उनका बाल्य प्रेम उमड़ पड़ा और सीएम धामी ने बगैर देर किए इस बच्ची को गोद में उठा लिया। सीएम धामी के चेहरे पर आई मुस्कुराहट यह बताने के लिए काफी थी कि उन्हें नन्हें-मुन्ने बच्चे कितने प्रिय है और यह पहला मौका नहीं था जब सीएम धामी का बच्चों के प्रति यह प्रेम नजर आया हो। शिक्षा विभाग के कई कार्यक्रमों के दौरान सीएम न केवल उनसे खूब प्रेरक संवाद करते हैं बल्कि मौका मिलने पर उनके साथ फोटो खिंचाने और मौज-मस्ती करने से भी नहीं चूकते।
कहते हैं बच्चे मन के सच्चे। बच्चों का मन निश्छल होता है और उनका मन उन्ही लोगों के साथ खुश रहता है जो खुद निश्छल होते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बच्चों के साथ केमिस्ट्री देखने लायक होती है। धामी अंकल के साथ बच्चे चहक उठते हैं। धामी खुद भी बच्चों के बीच पूरी तरह रम जाते हैं। जब भी वे बच्चों के साथ होते हैं, उनकी चेहरे पर स्वाभाविक हंसी और मुस्कान सबको आकर्षित करती है। मुख्यमंत्री धामी भी बच्चों में घुलने मिलने और उनसे बातें करने का कोई अवसर नहीं गंवाते। धामी की सहजता, सरलता और हंसमुख चेहरा उन्हें बच्चों में लोकप्रिय बना रहा है। धामी के चेहरे की स्वाभाविक मुस्कान के तो प्रधानमंत्री मोदी भी कायल हैं। माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को यह कहकर संबोधित किया था कि जिनके चेहरे पर स्मित (मुस्कान) रहता है।
मुख्यमंत्री धामी का बच्चों के साथ संवाद एक तरफा नहीं होता है। जितना धामी बातचीत करते हैं उससे ज्यादा बच्चे अपने धामी अंकल को अपनी बात बताते हैं। मुख्यमंत्री धामी का बच्चों से स्नेह केवल बातें करने तक ही नहीं है। मुख्यमंत्री का मानना है कि बच्चों से ही देश का भविष्य सुरक्षित है। उनकी कोशिश रहती है कैसे बच्चों के लिए अधिक से अधिक काम किया जाए। वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना, छात्र छात्राओं को मोबाइल टैबलेट, खेल छात्रवृत्ति जैसी तमाम योजनाएं और निर्णय इसका उदाहरण हैं।

ऐतिहासिक जौलजीबी मेला और विकास प्रदर्शनी-2022 का सीएम ने किया शुभांरभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काली एवं गोरी नदी के संगम स्थल जौलजीबी में आयोजित ऐतिहासिक जौलजीबी मेला एवं विकास प्रदर्शनी-2022 का उद्घाटन रिबन काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जौलजीबी मेला क्षेत्र के आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में बहुत महत्व रखता है। यह मेला भारत, नेपाल एवं तिब्बत के पारस्परिक व्यापार को बढ़ावा देता आ रहा है। यह मेला भारत एवं नेपाल के रिश्तों को ऑक्सीजन देने का काम करता है। मुझे प्रसन्नता है कि यह मेला भारत एवं नेपाल देश के बीच संस्कृति, सभ्यता के साथ-साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाता आ रहा है। अपनी बचपन की यादों को ताजा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बचपन से ही यहां के रीति-रिवाज और संस्कृति को देखते आ रहे हैं। उन्हें बचपन से ही इस मेले से बहुत लगाव रहा है। उन्होंने जनता द्वारा किए गए भव्य स्वागत पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं आप लोगों का बेटा व भाई हूं। मैं जब भी यहां आया हूं मेरा हमेशा गर्मजोशी से स्वागत किया गया है, इसके लिए मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं तथा आप लोगों का भी हाथ जोड़कर स्वागत करता हूं।
मुख्यमंत्री ने सीमान्त क्षेत्र के विकास को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम मानते हैं कि सीमांत क्षेत्रों का ठीक प्रकार से विकास होना चाहिए, हम सीमांत क्षेत्रों में सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सीमान्त गांवों के विकास के प्रति बहुत गंभीर है। अब देश के सीमान्त गांव देश के अंतिम गांव न होकर देश के पहले गांव होंगे, उनका संपूर्ण विकास हमारी प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि हम जनपद के इस सीमान्त क्षेत्र के विकास के लिए काली नदी पर डबल लेन मोटर पुल का निर्माण कर रहे हैं, जिससे भारत और नेपाल देश के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। हम क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निर्माण व चौड़ीकरण कर रहे हैं, इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के बन जाने से कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्री इसी मार्ग से होकर जाएंगे, जिससे व्यापार बढ़ेगा तथा क्षेत्र का विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम क्षेत्र के आपदा प्रभावित एलधारा भूस्खलन क्षेत्र का ट्रीटमेंट वरूणावत पर्वत की तर्ज पर करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर जौलजीबी मेले हेतु रुपए 5 लाख दिए जाने एवं जौलजीबी संगम स्थल का सौंदर्यीकरण किये जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने संगम स्थल पर स्थित जालेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की।
इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, विधायक धारचूला हरीश धामी, जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह, गिरीश जोशी आदि उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ में बोले सीएम, जनपद में विकास कार्यों की प्रगति में सुधार की जरूरत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ स्थित विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जनपद में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में जो भी निर्माण कार्य गतिमान है उनमें तेजी लायी जाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पीएमजीएसवाई एवं एनएच के अधिकारियों को सड़क निर्माण व सड़क चौड़ीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पोर्ट कॉलेज लेलू के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। वहीं जिला कारागार पिथौरागढ़ के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने पंडित नैन सिंह सर्वेयर पर्वतारोहण ट्रेनिंग सेंटर मुनस्यारी को संबंधित विभाग को हैंड ओवर करने तथा शेष कार्यों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश भी संबंधित कार्यदाई संस्था के अधिकारी को दिए। उन्होंने सभी संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो निर्माण कार्य पूर्ण हो गए हैं उनके हैंडओवर की कार्रवाई आरम्भ कर दी जाए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनपद में विकास कार्यों की प्रगति में सुधार की जरूरत है, लिहाजा सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझें तथा विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करें ताकि जनपद की जनता उन विकास योजनाओं का शीघ्र लाभ ले सके। उन्होंने कहा कि कई वर्ष पूर्व शुरू हुए निर्माण कार्य भी अभी तक पूर्ण नहीं हुए हैं जोकि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पैसा चाहे राज्य सरकार का हो चाहे केंद्र सरकार का हो, उसका सुनियोजित ढंग से उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि उस धनराशि का जनता को समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि देश के माननीय प्रधानमंत्री देश के सीमांत जनपदों के विकास के प्रति गंभीर है, लिहाजा सभी अधिकारी सीमांत जनपद पिथौरागढ़ को एक आदर्श जनपद के रूप में विकसित करें।

इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा,विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, आयुक्त कुमाऊँ मंडल दीपक रावत, जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह आदि उपस्थित थे।

पिथौरागढ़ में शरदोत्सव और विकास प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देव सिंह मैदान, पिथौरागढ़ में नगर पालिका परिषद् बोर्ड द्वारा आयोजित शरदोत्सव एवं विकास प्रदर्शनी-2022 का शुभारम्भ किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि पिथौरागढ़ बॉस-गंगोलीहाट मोटर मार्ग के अवशेष कार्य के साथ रामगंगा नदी में मोटर पुल का निर्माण किया जाएगा। पिथौरागढ़ महाविद्यालय में विधि विभाग को प्रारम्भ किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जायेगी। जनपद पिथौरागढ़ के अन्तर्गत देव सिंह मैदान के सौन्दर्यीकरण का कार्य प्रारम्भ करने के लिये वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाती है और इसके प्रथम चरण के लिये 2 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जाती है। पिथौरागढ़ शरदोत्सव के सफल आयोजन हेतु पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी समान सहयोग राशि प्रदान की जायेगी साथ ही पिथौरागढ़ के प्राचीन मंदिरों को मानसखण्ड कोरिडोर में सम्मिलित किया जायेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह बहुत ही हर्ष का विषय है कि शरदोत्सव के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाशाली बच्चों और युवाओं को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आम लोगों को सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की अधिक से अधिक जानकारी देने का प्रयास भी शरदोत्सव के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर को माणा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उनके इस कथन को कि हमारे सीमांत गांव देश के अंतिम नहीं बल्कि पहले गांव है अपनी सहमति प्रदान कर हमारे सीमान्त गांवों को पहचान दिलाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये हमारी सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। वर्तमान में सीमाओं के अन्तिम गांवों को प्रथम गांवों की श्रेणी में मानकर विकास योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन किया जा रहा है। हमारे सीमान्त गांव सामरिक दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों के स्थानीय लोग केवल नागरिक नहीं है बल्कि हमारे सीमा प्रहरी भी है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण है। सीमाओं पर बसे गांवों पर पलायन देश की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। इसे लेकर हमारी सरकार सजग है। हमारी सरकार सीमान्त गांवों में रिवर्स पलायन हेतु गंभीर प्रयास कर रही हैं। रोजगार, स्वरोजगार एवं होम स्टे जैसी कई विकास योजनाओं को लेकर हम पलायन रोकने में प्रसासरत है। जिसके परिणामस्वरूप आज कई युवा अपने गांव में वापिस आकर उसे बसाने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे अन्य सीमान्त जिलों की तरह पिथौरागढ़ का विकास हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही दूरस्थ एवं सीमान्त क्षेत्रों में जैविक कृषि तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत धौलादेवी, मुनस्यारी, बेतालघाट, बेरीनाग के चाय बागानों को जैविक चाय बागान में परिवर्तित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने हेतु प्रतिबद्ध है। हम उत्तराखण्ड के विकास में नये संकल्पों के साथ प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य हित में सभी विभागों द्वारा रोडमैप तैयार किया गया है। नई कार्य संस्कृति के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की, कि राज्य हित में 10 से 5 तक कार्य करने की मानसिकता का परित्याग करना होगा, तभी हम राज्य के विकास में सहयोगी बन पायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से लोक सेवा आयोग को स्थानांतरित की गई है। आयोग द्वारा भी इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। हमारे युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों इस दिशा में हमारे प्रयास निरंतर जारी है।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बिशन सिंह चुफाल, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, राजेन्द्र रावत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सीएम ने सुनी 250 लोगों की समस्यायें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान प्रथम दिवस में पिथौरागढ़ स्थित लोनिवि विश्राम गृह में मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत आमजन की शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनपद के विभिन्न महिला संगठनों व महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, जनपद के प्रबुद्ध नागरिकों, पूर्व सैनिक संगठन के सदस्यों, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों, प्रधान संगठन के सदस्यों, मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों, सस्ता गल्ला विक्रेता संगठन के सदस्यों आदि से भेंटवार्ता कर उनकी समस्याओं को भी सुना।
मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 250 शिकायतें पंजीकृत हुई, जिनमें से अधिकांश शिकायतें आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने से संबंधित थी। इसके अलावा सड़क व पुल निर्माण, रोजगार आदि से सम्बधित शिकायतें भी लोगों द्वारा दर्ज कराई गई। मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस अवसर पर जनपद के विभिन्न महिला संगठनों एवं महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से भेंटवार्ता की गई तथा उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अपने स्वरोजगारपरक कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे जनपद की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर जनपद के प्रबुद्ध नागरिकों व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों से भेंटवार्ता कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान अवश्य किया जाएगा।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह आदि उपस्थित रहे।

देहरादून में रं कल्याण संस्था ने की सीएम से मुलाकात, बताई समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रं कल्याण संस्था के प्रतिनिधियों ने भेंट की। उन्होंने जनपद पिथौरागढ़ की तहसील धारचूला के सीमांत एंव संवेदनशील क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संस्था के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई विभिन्न समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्र के निवासी हमारी सीमाओं के पहरी भी है। उन्होंने रं कल्याण संस्था द्वारा समाज हित में किए जा रहे कार्यकलापों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी देश के सीमांत क्षेत्रों के अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही इन क्षेत्रों की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण की दिशा में पहल की गई है। राज्य सरकार द्वारा भी राज्य के सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिये प्रभावी कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर रं कल्याण संस्था के संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल, संस्था के अध्यक्ष बिशन सिंह बोनाल, डी एस गर्ब्याल, सी.एस. ग्वाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी भी उपस्थित थे।

हंस फाउंडेशन ने सीएम को सौंपा 11 करोड़ रूपये का सीएम राहत कोष का चेक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हंस फाउण्डेशन के संस्थापक माता मंगला एवं भोले जी महाराज ने भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने आपदा पीड़ितों के सहयोग के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु मुख्यमंत्री को 11 करोड़ रूपये का चेक सौंपा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हंस फाउण्डेशन के संस्थापक माता मंगला एवं भोले जी महाराज का आभार व्यक्त करते हुए हंस फाउण्डेशन द्वारा राज्य सरकार को समय-समय पर सहयोग दिया जाता है। राज्य में जब भी कोई आपदा आती है या जरूरतमंदों को कोई जरूरत होती है, तो हंस फाउण्डेशन सेवा के कार्यों में हमेशा आगे आता है। कोरोना काल में भी हंस फाउण्डेशन द्वारा अनेक तरह से सेवा के कार्य किये गये। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों में हंस फाउण्डेशन द्वारा राज्य सरकार को लगातार सहयोग दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राम रांथी (खोतिला) में आपदा प्रभावितों से भेंट की। साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय और हवाई निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा की घड़ी में हम सब आपदा प्रभावितो के साथ हैं और राहत पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा आपदा प्रभावितों के लिए रहने, खाने, और कपड़ों की उचित व्यवस्था की जाए, जिसका भुगतान सरकार के माध्यम से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री द्वारा 6 परिवारों को चेक के माध्यम से राहत राशि मुहैया कराई गई। जिसके अंतर्गत आपदा के दौरान मृत महिला के परिवार को चार लाख रुपए की राहत राशि दी गई। इसके अतिरिक्त अन्य आपदा प्रभावितों को शीघ्र ही राहत राशि उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जा रही है तथा शेष बचे आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र ही राहत राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने धारचूला में काली नदी के किनारे बने तटबंधों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से कहा कि आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाने का हर संभव कार्य तत्परता से किया जाना चाहिए। आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए सरकार हरसंभव कार्य करने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री के साथ धारचूला विधायक हरीश धामी, डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल, ब्लॉक प्रमुख सहित जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, मुख्य विकास अधिकारी अनुराधा पाल, उपजिलाधिकारी नंदन कुमार, उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य सहित अन्य विभागाधिकारी उपस्थित रहे।

पहाड़ी फल बेडू के उत्पादन को बढ़ाने पर पीएम ने दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात को सुना। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहाड़ी अंजीर कहे जाने वाले बेडू का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने पिथौरागढ़ प्रशासन के द्वारा बेडू के उत्पादन को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन व खनिज एवं वनस्पतियों के संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में बेडू स्वास्थ्य के लिए संजीवनी है, जिसके माध्यम से स्थानीय लोगों द्वारा अनेक रोगों का शमन किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष चौहान से फोन पर बात कर इस सराहनीय पहल के लिए जिला प्रशासन एवं जनपद वासियों को बधाई दी। जिला प्रशासन के सहयोग से पिथौरागढ़ में बेडू से जूस, जैम, चटनी, आचार एवं अन्य सामग्री बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात में प्रधानमंत्री ने जल के संरक्षण एवं संवर्धन, कुपोषण मुक्त भारत के लिए कुपोषण मुक्ति के प्रयासों एवं इसके लिए जागरूकता, मोटे अनाजों के उत्पादन के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने की बात कही। इस दिशा में राज्य सरकार सुनियोजित तरीके से कार्य करेगी।

राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया से मुलाकात की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भेंट कर राज्य में हवाई कनेक्टीवीटी के संबंध मे विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में फिक्स विंग कनेक्टीवीटी की आवश्यकता है। वर्तमान में तीन हवाई रूट पिथौरागढ़-पंतनगर, पिथौरागढ़-हिंडन और पिथौरागढ़-देहरादून के लिये एयरलाइन के चयन की प्रक्रिया रीजनल कनेक्टीवीटी स्कीम के तहत गतिमान है। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने अपने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिये कि 30 सितम्बर, 2022 तक इस सम्बन्ध में एयरलाईन्स को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के स्तर से कार्यादेश जारी कर दिया जाये ताकि पिथौरागढ़ की कनेक्टिविटी स्थापित हेतु अग्रेतर कार्यवाही हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव दिया गया है कि नैनी सैनी एयरपोर्ट के सामरिक महत्व को देखते हुए इसे 2 बी से 3 सी में अपग्रेड करने और स्वतंत्र प्रबंधन के लिए इसे एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया को हैंडओवर कर दिया जाए। इस विषय पर निर्णय हुआ कि एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया और उत्तराखण्ड सरकार अविलम्ब एम.ओ.यू की सेवा शर्ते तैयार करेंगी ताकि इस सम्बन्ध में शीघ्र निर्णय हो सके।
मुख्यमंत्री द्वारा पवन हंस को रीजनल कनेक्टीवीटी स्कीम के तहत पिथौरागढ़ के लिए हेली सेवा के सुचारू रूप से संचालन और अल्मोडा को हेली सेवा से जोङने के लिए निर्देशित करने का अनुरोध किया गया। इस पर केन्द्रीय मंत्री ने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिये कि 26 अगस्त, 2022 से प्रत्येक दिन पवन हंस की हवाई सेवा उपलब्ध करने के सम्बन्ध में नागरिक उड्डयन मंत्रालय स्तर से नियमित सेवा के सम्बन्ध में कार्यवाही की जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊँ की एयर कनेक्टीवीटी को बेहतर बनाने के लिए पंतनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित नये अलाइनमेंट का ओएलएस सर्वे करने का अनुरोध किया। इस सम्बन्ध में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 30 नवम्बर, 2022 तक परियोजना से सम्बन्धित ओएलएस सर्वे के निर्देश नागरिक उड्डयन मंत्रालय को दिये है, इसके साथ ही गौचर एवं चिन्यालीसौड दो छोटे एयरपोर्टाे की डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी केन्द्रीय मंत्री ने अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने देहरादून के साथ-साथ पन्तनगर एयरपोर्ट को भी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाये जाने की अपेक्षा केन्द्रीय मंत्री से की।
इस अवसर पर चेयरमैन एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इण्डिया संजीव कुमार, अपर सचिव नागरिक उड्डयन, भारत सरकार उषा पाडी, सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली, सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर, आदि उपस्थित रहे।