पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज को मेडिकल टूरिज्म से जोड़ने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज को राज्य का एक आदर्श एवं बेहतरीन मेडिकल कॉलेज बनाने की कार्ययोजना पर गंभीरता एवं तत्परता से कार्य करने के निर्देश चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा कार्यदायी संस्था उत्तराखण्ड पेयजल निगम को दिए हैं।
सोमवार को विधानसभा भवन में आयोजित पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज की संशोधित प्रोजेक्ट की ईएफसी (व्यय वित्त समिति) की बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इसकी ईएफसी के प्रत्येक बिन्दु पर विस्तार से गहन चर्चा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट किया कि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की एक महत्वकांक्षी परियोजना है। इसे प्रदेश के एक आदर्श मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने के साथ ही मेडिकल टूरिज्म से भी जोड़ा जाएगा।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि कार्यदायी संस्था पेयजल निगम द्वारा पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज के प्रोजेक्ट को नेशनल मेडिकल कमीशन के मानकों के अनुरूप संशोधित कर दिया गया है। मुख्य सचिव ने पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज के टीचिंग हॉस्पिटल में एक रैनबसेरे के निर्माण के भी निर्देश दिए हैं।
उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज हेतु 768.89 करोड़ रूपये के संशोधित प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। पेयजल निगम द्वारा इस प्रोजेक्ट को नेशनल मेडिकल कमीशन तथा इण्डियन पब्लिक हेल्थ स्टैण्डर्ड की गाइडलाइन्स के अनुसार संशोधित किया गया है।
बैठक में सचिव डा0 आर राजेश कुमार, श्री एस एन पाण्डेय सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ः सीएम ने दारमा ब्यास घाटी की महिलाओं के साथ की चरखे व ऊन की कताई, पारंपरिक विधि से की कालीन बुनाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देव सिंह मैदान, पिथौरागढ़ में अयोजित ‘दीदी-बैंणा’ नारी शक्ति महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल ₹ 217.28 करोड़ की कुल 65 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें ₹ 82.82 करोड़ की कुल 37 योजनाओं का लोकार्पण एवं ₹ 134.45 करोड़ की 28 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विकास को समर्पित विभिन्न घोषणाएं कि जिसमें आंवला घाट फेज-2 पेयजल योजना का निर्माण कार्य किए जाने, फगाली गाड़ से पनार पुल तक वैकल्पिक सड़क मार्ग का निर्माण कार्य किए जाने, मोस्टामानू मंदिर का सौंदर्यकरण किए जाने, नैनी-सैनी से जाजरदेवल तक हॉटमिक्स सड़क व नाली निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन के साथ भगवान श्री राम दरबार एवं कन्या पूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने धारचूला की दारमा, व्यास घाटियों के वाइब्रेंट विलेज से आई महिलाओं के साथ बागेस्वरी चरखे एवं तकली से ऊन कताई की। साथ ही उन्होंने रांच में पारंपरिक विधि से कालिन भी बनाया। मुख्यमंत्री ने फिरका और बिंडा (मटका) के माध्यम से मट्ठा भी बनाया। साथ ही सिलबट्टे में हरा नून ( नमक) पीसा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिण सिडकुल आस्थान में 253 उद्यमियों को व्यवसायिक भूखंड आवंटन स्वीकृति पत्र प्रदान किए। उन्होंने पर्यटन विभाग/ जिला प्रशासन की कॉफी टेबल बुक का विमोचन करने के साथ ही मिलेट द्वारा निर्मित भीटोली का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने 6 मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, 6 अंतरराष्ट्रीय बालिका खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित माताओं एवं बहनों का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि अपनी जन्मभूमि पिथौरागढ़ में आना उनके लिए हमेशा भावुक क्षण होता हैं। उन्होंने कहा आज जिन 206 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास हुआ है, वो सभी जनपद के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। इस क्षेत्र के विकास के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों की भांति ही अपनी जन्मभूमि में माताओं बहनों का जो प्यार और दुलार उन्हें मिला है उससे वे अविभूत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद पिथौरागढ़ के विकास हेतु राज्य सरकार हर संभव कार्य कर रही है। पिथौरागढ़ में जल्द ही मेडिकल कॉलेज बनेगा। जिसके लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। मेडिकल कॉलेज हेतु लगभग 1 हजार से ज्यादा पदों की स्वीकृति पर मंत्रिमंडल द्वारा सहमति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा पिथौरागढ़ में पार्किंग पंपिंग योजनाएं प्रशासनिक भवन सड़कों के निर्माण कार्य में भी तेजी आई है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पिथौरागढ़ के मंदिरों को भी जोड़ा गया है। उन्होंने कहा नैनी सैनी हवाई अड्डे में 19 सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग सफल हुई है। डीजीसीए की अनुमति आने पर यह विमान नियमित पिथौरागढ़ से चलेगा। उन्होंने कहा विकास की दौड़ में हमारे सीमांत जनपद सबसे आगे रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की मातृ शक्ति अपनी प्रतिभा एवं कौशल से आगे बढ रही हैं। उत्तराखंड राज्य निर्माण में मातृ शक्ति का सबसे बड़ा योगदान रहा। महिलाएं परिवार के साथ ही समाज और प्रदेश हितों का भी ख्याल रखती हैं। मातृ शक्ति के सहयोग से ही समाज, राज्य, राष्ट्र का संपूर्ण विकास संभव है। महिलाएं जिस भी कार्य को अपने हाथों में लेती हैं, उसे स्वाभाविक तौर पर पूरा करती हैं। परिश्रम और मातृ शक्ति एक दूसरे के पूरक हैं। राष्ट्र की मातृ शक्ति शिक्षित होने से उस राष्ट्र का वर्तमान के साथ भविष्य भी सुरक्षित रहता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘’आत्मनिर्भर भारत’‘ के मंत्र को धरातल पर उतारने का कार्य कर रहे है। ’’बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ के मंत्र को पूरे उत्तराखंड की बहनों ने आत्मसात किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, जो नए भारत की शानदार तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ’’सुविधा और सुरक्षा’’ के सिद्धांत पर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। गांव-गांव में महिलाओं को घर, शौचालय, गैस, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और दूसरी आवश्यक जरूरतों पर भी सरकार पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है। आज देश एवं प्रदेश भर में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी योजना, नंदा गौरा मातृवंदना योजना और महिला पोषण अभियान जैसी विभिन्न योजनाएं प्रारंभ की हैं। उन्होंने कहा प्रदेश की जनता के हितों के लिए जो भी आवश्यक कदम हों, बिना देरी के उठाएं जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।साथ ही धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया गया है। प्रदेश में पहली बार सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई है। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी पहली कार्रवाई करने से राज्य सरकार पीछे नहीं हटी है उन्होंने कहा हम उत्तराखंड में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ माह पूर्व ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदि कैलाश और जागेश्वर धाम के दर्शन किये थे, जिसके फलस्वरुप आदि कैलाश और जागेश्वर धाम में पर्यटकों को संख्या बढ़ रही है। यह राज्यवासियों के लिए हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री जी उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों को देश व दुनिया में नई पहचान दिला रहे हैं। उन्होेंने कहा 22 जनवरी का दिन इतिहास में अमर होने जा रहा है। इस दिन राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा होगी। हम सभी के लंबे वर्षों का इंतजार खत्म होगा।

सांसद अजय टम्टा ने सभी अतिथियों व महिलाओं का स्वागत अभिनंदन करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार सभी जन समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने ,व प्रदेश देश का सर्वांगीण विकास के लिए कटिबंध है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के सहयोग व निर्देशन में नैनी सैनी एयरपोर्ट में 19 सीटर वायुयान की ट्रायल सफलता से हो चुकी है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के अथक प्रयासों व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से आदि कैलाश के रूप में हमें नए पर्यटन डेस्टिनेशन मिला है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

इस दौरान विधायक बिशन सिंह चुफाल, विधायक फकीर राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, दायित्व धारी गणेश भंडारी, पूर्व मंत्री बलवंत सिंह भोरियाल ब्लॉक प्रमुख सुनीता कन्याल ,बबीता चुफाल, विनीता बाफिला, अर्चना गंगोला, भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

रोड शो में उमड़ पड़ा पिथौरागढ, सीएम का पुष्प वर्षा कर जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ में सुरेंद्र सिंह बल्दिया स्पोर्ट्स स्टेडियम से देव सिंह मैदान तक आयोजित रोड शो में प्रतिभाग किया। इस दौरान क्लॉक टावर टकाना, गुप्ता तिराहा, केमू रोडवेज स्टेशन से देव सिंह मैदान तक आयोजित रोड शो में सम्मिलित होकर हजारों की संख्या में स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों, रंग कर्मियों, अधिवक्ताओं, पूर्व सैनिकों, विभिन्न क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। लोक वाद्य यंत्रों, पारंपरिक लोक नृत्य छोलिया, कलश यात्रा के बीच मुख्यमंत्री ने भी स्थानीय जनता पर पुष्प वर्षा कर सभी का आभार व्यक्त किया।

सीएम ने दी पिथौरागढ़ में बहुमंजिला पार्किंग निर्माण को विभिन्न स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ के तहसील/पंचायत बेरीनाग अंतर्गत छड़ौली में बहुमंजिला पार्किंग निर्माण हेतु 7 करोड़ 24 लाख धनराशि की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

पिथौरागढ़ जिले के जौलजीबी पीएचसी के लिए 10 पदों पर होगी भर्ती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य स्वास्थ्य विभाग पर्वतीय जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को युद्वस्तर पर मजबूत करने पर जुटा हुआ है। इसको लेकर सबसे पहले राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सा स्टाफ की कमी के साथ ही चिकित्सा उपकरणों की कमी दूर करने के निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार को दिए हैं।
इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने पिथौरागढ़ जिले के धारचुला विकासखंड के जौलजीबी गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संचालन के लिए 10 पदों के सृजन के लिए मंजूरी प्रदान की है। इन पदों में स्वास्थ्य अधिकारी, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और तीन पद चतुर्थ कर्मचारियों के लिए हैं।
स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने कहा है कि इन पदों पर नियुक्ति के लिए महामहिम राज्यपाल से अनुमति मिल गयी है। जौलजीबी में इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड के मानकों के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है। इसके लिए चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशालय ने विभाग से 10 पदों के सृजन के लिए अनुमति मांगी थी।
स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सरकार ने इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए इन पदों पर नियुक्तियों की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक चिकित्सा अधिकारी, चार स्टाफ नर्स, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्निशियन, एक सेनेटरी वर्कर कम वॉचमैन, दो मल्टीस्किल्ड ग्रुप डी की नियुक्ति करने का मंजूरी दी गयी है। यह पद फिलहाल अस्थायी होंगे। जरूरत के मुताबिक पदों का सृजन बढ़ाया जा सकता है और सेवाओं को समाप्त किया जा सकेगा। स्वास्थ्य सचिव ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर कार्य किया जा रहा है। इसको लेकर चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति के साथ जरूरी उपकरण भी खरीदे जा रहे हैं ताकि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर ही मरीजों को बेहतर ईलाज मिल सके।

मयूर महर से सीएम ने की फोन पर बात, उनकी नाराजगी दूर करने का किया प्रयास

पिथौरागढ़ की नैनी सैनी हवाई पट्टी से नियमित हवाई सेवा के संचालन और बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं को ठीक करने के मामले में आज मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक से फोन पर बातचीत कर राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्यवाही के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गंभीर है।
आपको बता दें कि विगत दिवस कांग्रेस विधायक मयूर महर पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाई पट्टी से नियमित हवाई सेवा व बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन में धरने पर बैठ गए थे। इस मामले में मुख्यमंत्री ने आज विधायक मयूख महर से फोन पर वार्ता की और बताया कि सरकार पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू करने और बेस हॉस्पिटल की सारी व्यस्थाओं को ठीक करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विधायक को कहा कि हॉस्पिटल को निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के साथ संबद्ध किया जाना है। मेडिकल कॉलेज के पदों की स्वीकृति और नियुक्ति के संबंध में भी कार्यवाही किये जाने की उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से हवाई सेवा के लिए एक एयरलाइन ने इस हेतु अपनी सहमति भी दे दी है। इसके लिए लाइसेंस दिये जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और उनके द्वारा लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है।

पीएम मोदी को मंत्रमुग्ध कर गई आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा

हाल में ही उत्तराखण्ड के एकदिवसीय कुमांऊ दौरे से लौटे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा उनके जीवन की ऐतिहासिक यात्राओं में शामिल हो गई है। यह बात देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने आधिकारिक एक्स हेंडल साझा की है। पीएम मोदी ने आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा से मंत्रमुग्ध होते हुए लिखा है कि “यदि कोई मुझसे पूछे – यदि आपको उत्तराखण्ड में एक जगह अवश्य देखनी चाहिए तो वह कौन सी जगह होगी, तो मैं कहूंगा कि आपको राज्य के कुमाऊं क्षेत्र में पार्वती कुंड और जागेश्वर मंदिर अवश्य देखने चाहिए। प्राकृतिक सुंदरता और दिव्यता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।”

प्रधानमंत्री मोदी अपने दूसरी पोस्ट में लिखते हैं कि “बेशक, उत्तराखण्ड में घूमने लायक कई प्रसिद्ध जगहें हैं और मैंने भी अक्सर उत्तराखण्ड का दौरा किया है। इसमें केदारनाथ और बदरीनाथ के पवित्र स्थान शामिल हैं, जो सबसे यादगार अनुभव हैं। लेकिन, कई वर्षों के बाद पार्वती कुंड और जागेश्वर मंदिर में लौटना विशेष रहा।“ इधर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट के जवाब में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों की ओर से आभार प्रकट करते हुए लिखा कि “आदरणीय प्रधानमंत्री जी आपके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखण्ड धार्मिक, आध्यात्मिक एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रहा है। आपके विजन के अनुरूप रोड, रेल और रोपवे निर्माण के माध्यम से श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाया जा रहा है।“

मुख्यमंत्री धामी आगे लिखते हैं कि “प्रधानमंत्री जी के आदि कैलाश, पार्वती कुंड और जागेश्वर धाम के ऐतिहासिक भ्रमण से न केवल इन पवित्र स्थलों को नई पहचान मिली है बल्कि स्थानीय लोगों की समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। मानसखंड मंदिर माला मिशन को वैश्विक पहचान दिलाने एवं देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति आपके असीम स्नेह व प्रेम हेतु समस्त प्रदेशवासियों की ओर से आभार“ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उत्तराखण्ड दौरे के दो दिन बाद साझा की गई पोस्ट उनके उत्तराखण्ड के प्रति लगाव को स्पष्ट दर्शाता है। पीएम मोदी ने आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा से देश दुनियां को न सिर्फ धर्म आध्यात्म का संदेश दिया बल्कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मानसखंड मंदिरमाला मिशन के विजन पर भी मुहर लगाई है।

पीएम ने 4 हजार 200 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को लगभग 4 हजार 200 करोड़ रूपये की सौगात दी। पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने राज्य की 23 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्य की जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें 21 हजार 398 पॉलीहाउस निर्माण, उच्च घनत्व वाले सघन सेब बागानों की योजना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2 लेन एवं ढलान उपचार के 5 कार्य, राज्य में 32 पुलों का निर्माण, एसडीआरएफ के तहत अग्नि सुरक्षा बुनियादी ढांचे और बचाव उपकरणों को मजबूत करना, देहरादून में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का अपग्रेडेशन, बलियानाला, जनपद नैनीताल में भूस्खलन की रोकथाम हेतु उपचार, 20 मॉडल डिग्री कॉलेजों में हॉस्टल और कंप्यूटर लैब का निर्माण, सोमेश्वर, अल्मोडा में 100 बिस्तरों वाला उप जिला अस्पताल, चंपावत में 50 बिस्तरों वाले अस्पताल ब्लॉक का निर्माण, रूद्रपुर में वेलो-ड्रोम निर्माण कार्य, स्पोर्ट्स स्टेडियम, हल्द्वानी में एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान का निर्माण, चार धाम की भांति मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों का विकास, मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत जागेश्वर धाम, हाट कालिका एवं नैना देवी मंदिर में अवस्थापना सुविधाओं का विकास शामिल हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें पीएमजीएसवाई के तहत 76 सड़कें, पीएमजीएसवाई के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 25 पुल, 9 जिलों में 15 ब्लॉक कार्यालय भवन, केन्द्रीय सड़क निधि के अन्तर्गत 3 सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य, कौसानी-बागेश्वर रोड, धारी-डोबा- गिरेचिना रोड, नगला-किच्छा एस एच रोड डबल लेन, राष्ट्रीय राजमार्गों को 2 लेन एवं सुदृढ़ीकरण करने का कार्य, एन एच 309 बी-अल्मोड़ा-पेट्सल-पनुआनौला- दन्या एन एच- टनकपुर-चल्थी, प्रदेश में 39 पुल एवं देहरादून में यूएसडीएमए भवन, 38 ग्रामीण पंपिंग पेयजल योजनाएं और 3 ट्यूबवेल आधारित पेयजल योजनाएं, 419 ग्रामीण ग्रेविटी पेयजल योजनाएं, थरकोट, पिथौरागढ़ में कृत्रिम झील, 132 केवी पिथौरागढ़-लोहाघाट-चंपावत ट्रांसमिशन लाइन के कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की सवा करोड़ देवतुल्य जनता की ओर से दो अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदारखंड में मंदिरों तथा पौराणिक स्थलों का विकास हो रहा है। उनकी मानसंखंड की इस यात्रा द्वारा इस क्षेत्र का भी संपूर्ण विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत पुनः विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है। आज जहां एक ओर देश में आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है, वहीं विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध के समय भारत द्वारा दिखाई गई कूटनीतिक परिपक्वता हो या जी-20 सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में विश्व के सभी प्रमुख देशों को एक मंच पर लाकर दिल्ली घोषणा पत्र पर सहमति स्थापित करना हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति की। यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना के पुनरुत्थान का कालखंड भी है। आज नया भारत न केवल एक राष्ट्र के रूप में संपन्न और समर्थ बन रहा है, बल्कि विश्व का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। पिछले 9 वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के लिए 1 लाख 50 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई, जिनमें से अनेक योजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नारायण आश्रम की प्रतिकृति, ऐपण स्टॉल और बोधिसत्व विचार श्रृंखला-एक नई सोच, एक नई पहल पुस्तक भेंट की।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सौरभ बहुगुणा, सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट आदि उपस्थित रहे।

आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को भारत की आध्यात्मिक भूमि आदि कैलाश पहुंचे। यहां शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर, 2023 को सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ जनपद में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से दाहिनी ओर करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुंचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किया। आदि कैलाश मंदिर में रं-समुदाय के लामा पुजारियों ने पौराणिक काल से प्रसिद्ध शिव-पार्वती की ‘माटी पूजा’ पूरे विधि विधान के साथ संपन्न की।

इसके बाद पीएम मोदी ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन भी किए। आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन कर प्रधानमंत्री अभिभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश के दर्शन कर उनका मन प्रसन्न और जीवन धन्य हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यहां कण-कण में देवी देवताओं का वास है। भगवान आदि कैलाश के दर्शन कर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नही आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे जानकारी दी।
प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हेलीपैड से गुंजी के लिए रवाना हुए।
प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ गई है।

पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फुट से अधिक ऊॅचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है और भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुंजी गांव में स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे बातचीत की। गुंजी गांव में दूर-दराज से पहुंचे लोग प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहित दिखे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने च्यूबाला पहनी रंगस्या (महिलाओं) से आशीर्वाद भी लिया। गुंजी में सेना के जवानों के साथ बातचीत कर प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने रं समाज कल्याण समिति के लोगों से भी भेंटवार्ता की। रं समाज कल्याण समिति के लोग पारम्परिक वेशभूषा में थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर स्वयं नगाड़ा भी बजाया।
प्रधानमंत्री ने भारत-तिब्बत व्यापार के प्रमुख केन्द्र गुंजी गांव में स्थानीय कला और उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, कुटी गांव, रांगकॉग गांव, नाबी, गुंजी, ओम पर्वत की फोटो गैलरी का भी अवलोकन किया।
गुंजी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह के रूप में ओम पर्वत की फोटो भेंट की। वही रं समाज द्वारा मानसरोवर का पवित्र जल भरा कलश भेंट किया गया।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड के पांचवें धाम के रूप में प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा अर्चना की तथा देश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11.40 बजे शौकियाथल पहुंचे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क मार्ग से जागेश्वर धाम पहुंचे। 124 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम में उन्होंने सर्वप्रथम जागेश्वर गर्भगृह में करीब 7 मिनट तक पूजा कर बाबा जागेश्वर के दर्शन किए। इसके पश्चात पुष्टिमता, महामृत्युंजय तथा केदारनाथ में पूजा अर्चना की। इसके पश्चात मंदिर परिसर की परिक्रमा करते हुए अर्धनारेश्वर वृक्ष का अवलोकन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तांबे से बना वाद्य यंत्र तुरही, ताम्र जागेश्वर तथा डमरू उपहार स्वरूप भेंट किया। फ्लीट मार्ग में प्रधानमंत्री ने स्थानीय लोगों का कार से उतरकर अभिवादन स्वीकार किया।

पीएम का दौरा विकास को गति देने वाला-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 12 अक्टूबर को प्रस्तावित पिथौरागढ़ भ्रमण के दृष्टिगत प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर चल रही तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने नैनी सैनी एयरपोर्ट पर वायुयान लैंडिंग व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने जनसभा स्थल पिथौरागढ़ स्थित एसएस वल्दिया स्पोटर्स स्टेडियम में मंच व्यवस्था, सीटिंग अरेंजमेंट,साउंड व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, टेण्ट, पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं त्रुटि रहित और समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह उत्तराखण्ड दौरा देवभूमि के विकास को और गति देने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न धार्मिक पर्यटन क्षेत्रों को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान देने का कार्य करेगा।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, जिलाधिकारी रीना जोशी, मुख्य विकास अधिकारी वरुण चौधरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ दौरे पर पहुंचे स्वास्थ्य सचिव, अधिकारियों को दिए अहम दिशा-निर्देश

राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार आजकल कुमांउ मंडल के चंपावत और पिथौरागढ़ जनपद के भ्रमण पर है। चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखने के बाद आज चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के सचिव डॉ आर राजेश कुमार पिथौरागढ़ जिले के एक दिवसीय भ्रमण पर रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिथौरागढ़ जनपद के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों-कर्मचारियों के संग समीक्षा बैठक कर अहम निर्देश दिये।
सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र इग्यारदेवी का निरीक्षण किया और वहां पर स्थित लैब का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिये। उसके बाद विकास भवन स्थित सभागार में प्रधानमंत्री के जनपद आगमन की तैयारियों से संबंधित जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा एचएस ह्यांकी से जिले के बाहर से आने वाली कार्डियक एंबुलेंस व स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की तैनाती की जगह के विषय में जानकारी ली व इस दौरान सभी कार्मिकों को एलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए।

’ऑर्गन डोनर में पिथौरागढ़ आगे, सचिव ने जताई खुशी’
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने जिले में सबसे अधिक ऑर्गन डोनर बनाए जाने पर खुशी जताई। वहीं जनपद में आयुष्मान योजना की धामी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने सुधार के निर्दश दिये। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि योजना में जनजागरूकता को लेकर व्यापक कंपेन चालया जाये। जनपद में 100 फीसदी आयुष्मान कार्ड का लक्ष्य लेकर पूरी व्यापक कार्य योजना बनाई जाये। हर घर आयुष्मान कार्ड की सुविधा को लेकर अधिकारी-कर्मचारी कार्य करें। योजना के महत्व के बारे में आम जनमानस को बतायें। इससे मिलने वाले लाभों को समझायें।

’मेडिकल कॉलेज के धीमे निर्माण पर जाहिर की नाराजगी’
इसके साथ ही स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने पिथौरागढ़ जनपद के निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने बारीकी से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था से निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तय समय पर पूरा होना चाहिए ताकि आम जनमानस को इसका पूरा लाभ मिले। स्वास्थ्य सचिव ने कार्यदायी संस्था को मजदूरों और मशीनरी की संख्या बढ़ाने के निर्दश दिये। साथ ही हिदायत दी कि निर्माणकार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाये।

भ्रमण कार्यक्रम में उनके साथ निदेशक कुमाऊं मंडल डा तारा आर्या, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज डा अजय आर्या, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा एचएस ह्यांकी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा आर के जोशी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा कुंदन कुमार, नवल चौधरी, मोनू मोहित पंत, चंदन बिष्ट आदि लोग उपस्थित रहे।