धारचूला में आपदा प्रभावित क्षेत्र पहुंचकर सीएम ने लिया स्थिति का जायजा, प्रभावित परिवारों से मिलकर जताई शोक संवेदना


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ जनपद के सीमांत तहसील धारचूला के आपदा प्रभावित क्षेत्र ग्राम जुम्मा पंहुचकर विगत दिनों क्षेत्र में हुई भारी वर्षा से हुई क्षति का जायजा लिया गया तथा आपदा प्रभावितों से मिले व उनका हाल जाना। इस दौरान उन्होंने जुम्मा के जामुनी तोक में आपदा से लापता व्यक्तियों की खोजबीन हेतु चलाए जा रहे रेस्क्यू कार्य का भी जायजा लिया गया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान का जायजा भी लिया गया। उन्होंने जुम्मा के एलागाड़ स्थित एसएसबी कैम्प में जुम्मा के जामुनी एवं सिरौउयार तोक के आपदा प्रभावितों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दुःख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है। इस दौरान प्रभावित परिवारों को प्रति मृतक 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रति मृतक मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से भी परिवार को सहायता के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने आपदा पीड़ितों को आस्वस्त कराया कि सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उनकी हर संभव मदद की जाएगी।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री पर्यटक आवास गृह धारचूला पहुंचकर स्थानीय लोगों से मिले और उनकी समस्याएं भी सुनी। इससे पूर्व जुम्मा में आपदा की घटना में मृतक व्यक्तियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शान्ति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। इसके उपरांत उन्होंने धारचूला नगर के नो गांव(तरकोट), मल्ली बाजार के आपदा पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर सम्भव मदद करने की बात करते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का भू गर्भीय परीक्षण कराते हुए सुरक्षा के कार्य कराए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय जनता की समस्याएं भी सुनी। उन्होंने बरम के गोगोई में भू कटाव को रोके जाने हेतु सुरक्षा दीवार का निर्माण करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि दुःख की घड़ी में सरकार प्रभावितों के साथ खड़ी है। हर सम्भव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी एक माह हेतु क्षेत्र में हैलीसेवा को बढ़ा दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से हवाई सेवा सुचारू किए जाने हेतु भी प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि धारचूला काली नदी किनारे तटबन्ध निर्माण हेतु सिंचाई विभाग द्वारा तैयार 42 करोड़ की धनराशि के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान हेतु शासन से कार्यवाही की जाएगी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में आपदा से बंद क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्रता से खोलना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तीन मांह हेतु खाद्यान्न की आपूर्ति की जा चुकी है,जहां खाद्यान्न की कमी होगी उन क्षेत्रों में हैलीकॉप्टर से खाद्यान्न पंहुचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने आपदा के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए त्वरित कार्य हेतु जिलाधिकारी एवं उनकी समस्त टीम की सराहना करते हुए कहा कि आपदा विभाग 24 घंटे कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का पहला देश है जहां सबसे अधिक वैक्सीनेशन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कोरोना कम हुआ है पर खत्म नहीं हुआ है। सभी लोगों से अपील है कि वह कोविड नियमों का अनुपालन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि अगले 4 महीने में प्रदेश में शत प्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन कर लिया जाएगा। केन्द्र से उत्तराखंड को 20 लाख वैक्सीन उपलब्ध करा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी कार्यों को सरलीकरण करते हुए उनका समाधान कर त्वरित निस्तारण करना सुनिश्चित करें ताकि निचले स्तर की समस्याओं के निस्तारण हेतु लोगों को तहसील, जिला एवं राज्य स्तर तक न आना पड़े। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भू गर्भीय परीक्षण कर सुरक्षा एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि धारचूला के ग्वाल गांव में सुरक्षा के कार्य किए जाएंगे। व्यास खोतिला के भू कटाव की सुरक्षा हेतु धनराशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी घोषणा कर रही है उसे धरातल पर अवश्य ही साकार कर रही है। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद अजय टमटा ने कहा कि सरकार इस दुःख की घड़ी में आपदा प्रभावितों के साथ है। उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
भ्रमण के दौरान सांसद अजय टम्टा, जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान, पुलिस अधीक्षक सुखबीर सिंह, क्षेत्र प्रमुख धन सिंह धामी, अध्यक्ष नगर पालिका राजेर्श्वरी देवी, प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी आशीष पुनेठा आदि मौजूद रहे।

बचाव और राहत कार्यों को सीएम ने युद्ध स्तर पर करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ के तहसील धारचूला के ग्राम जुम्मा में भारी वर्षा से हुए नुकसान के बारे में कुमाऊं कमिश्नर सुशील कुमार एवं अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ फिंचाराम से वर्चुअल माध्यम से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में मौजूद जिलाधिकारी आशीष चौहान से फोन पर राहत व बचाव कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कुमाऊं कमिश्नर एवं जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र से लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर लाया जाय। प्रभावितों को रहने के साथ ही खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं बच्चों को दूध की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित किया जाय की प्रभावित क्षेत्र में कोई न फंसे।
मुख्यमंत्री ने कुमाऊं कमिश्नर को निर्देश दिए की प्रभावित क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को जल्द शुरू करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाय। लोक निर्माण विभाग की टीम से जल्द रास्ते का मलवा हटाया जाय। एनएच के जो भी रूट बाधित हो रहे हैं, उनको शीघ्र खुलवाने के लिए जेसीबी एवं अन्य करण की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने कुमाऊं कमिश्नर एवं जिलाधिकारी पिथौरागढ़ से बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली । प्राप्त जानकारी के अनुसार 3 लोगों के मृत्यु एवं 4 लोगों के लापता होने की सूचना है। प्रशासन एवं एसएसबी की टीम घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष चौहान प्रभावित क्षेत्र में हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फोन से जिलाधिकारी से लगातार अपडेट ले रहे हैं। मौसम साफ होते ही मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे।
इस अवसर पर केबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक चंद्रा पंत, खजान दास, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आपदा प्रबंधन रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. आनन्द श्रीवास्तव, पिथौरागढ़ से वर्चुअल माध्यम से एडीएम फिंचाराम चौहान मौजूद थे।

पिथौरागढ़ः आपदा प्रभावितों को पुनर्वास को स्वीकृत हुए 1.60 करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ के तहसील धारचूला, मुनस्यारी, तेजम एवं बंगापानी के 38 आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन हेतु रूपये 1.60 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री द्वारा यह स्वीकृति राज्य स्तरीय पुनर्वास समिति की सहमति के पश्चात् प्रदान की है।

प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत की गई धनराशि में धारचूला के अत्यन्त संवेदनशील ग्राम धारपांगू के 09 परिवारों को कुल रूपये 37.80 लाख, ग्राम बाता के तोक फगुंवाबगड़ व कोट्यूड़ा के एक-एक परिवार को रूपये 8.50-8.50 लाख, ग्राम जम्कू तोक बॉस के 04 परिवारों को कल रूपये 17 लाख, तहसील मुनस्यारी के ग्राम मालूपाती के 11 परिवारों को कुल रूपये 46.75 लाख, सेरासुईधार के 03 परिवारों को कुल रूपये 12.75 लाख, तहसील तेजम के ग्राम लोदीबगड़ के 07 परिवारों को कुल रूपये 29.45 लाख, तहसील बंगापानी के ग्राम मेतली तोक चामी के दो परिवारों के पुनर्वास हेतु कुल रूपये 8.50 लाख की धनराशि सम्मलित है।

पिथौरागढ़ में आपदा के दौरान हैलीकॉप्टर रहेगा तैनात, मुख्यमंत्री ने प्रदान की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिवृष्टि एवं अन्य दैवीय आपदा के समय तत्काल राहत कार्यों हेतु पिथौरागढ़ में दो माह के लिये हैलीकॉप्टर तैनाती की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये है कि जब हेलीकाप्टर की आपदा राहत कार्यों के लिए आवश्यकता न हो तब हैलीकॉप्टर का उपयोग रियायती दरों पर भुगतान के आधार पर जन सामान्य हेतु वैकल्पिक यातायात के रूप में किया जाए। परंतु ऐसा तभी किया जाए जब हेलीकाप्टर की आपदा राहत कार्यों में जरूरत नहीं हो।

आपदा में प्रयुक्त घंटों के अतिरिक्त घंटों में हैलीकॉप्टर का उपयोग रियायती दरों पर भुगतान के आधार पर जन सामान्य हेतु वैकल्पिक यातायात के रूप में करने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रतिव्यक्ति निर्धारित रूपये तीन हजार की किराये की दर को मंजूरी प्रदान की है। इस हैलीकॉप्टर को निर्धारित शर्तों के अधीन दो माह के लिये पिथौरागढ़ में तैनात किये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

पिथौरागढ़ः समीक्षा बैठक में बोले सीएम, लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराएं


पिथौरागढ़ के भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम, उपचार एवं उससे बचाव आदि हेतु किए जा रहे कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। इस हेतु सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच कराएं। जो भी लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण को खत्म करने हेतु कार्य किया जाय। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान जल जनित रोग,डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें, साथ ही जनता को इसके प्रति जागरूक भी करें।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिला चिकित्सालयों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, इसके उपरांत सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से उपलब्ध कराया जाय। उन्होंने कहा कि सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी गांव में जाकर लगातार दवा की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराने के साथ ही समारोहों में अधिक संख्या में लोगों की उपस्थिति पाए जाने पर पुलिस कार्यवाही करें।

बैठक में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर की गई पूर्व तैयारियां की भी जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाय। इस हेतु सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैम्प चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी सड़क निर्माण विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बन्द सड़कों को तत्काल खोले जाने हेतु आपसी सहयोग से कार्य करें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, लोक निर्माण विभाग,सिंचाई समेत विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। अधिकारी मुख्यालय में न बैठकर फील्ड में जाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं। कार्य धरातल पर दिखने चाहिए।अधिकारी अपने दायित्वों का सही निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें। बैठक में माननीय पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल एवं सांसद अजय टमटा एवं विधायक पिथौरागढ़ एवं गंगोलीहाट व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी जिले के विकास के संबंध में अपनी बात रखने कद साथ ही समस्या रखी गई।

बैठक में जिलाधिकारी आनन्द स्वरूप ने जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के अतिरिक्त आगामी मानसून काल के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु की गई पूर्व तैयारी के साथ ही जिले में संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। बैठक में आयुक्त कुमाऊं अरविंद ह्यांकी द्वारा भी कोविड संक्रमण के नियंत्रण हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त अन्य बिंदुओं को माननीय मुख्यमंत्री के सम्मुख रखा गया।उन्होंने कहा कि कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में ऑक्सीजन सिलेंडर की समस्या को देखते हुए पिथौरागढ़, चंपावत एवं बागेश्वर जिलों को 100-100 अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं।आगामी मानसून काल के मद्देनजर और अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की जा रही है।

बैठक में पेयजल, ग्रामीण निर्माण विभाग विशन सिंह चुफाल, सांसद अल्मोड़ा अजय टमटा, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, विधायक पिथौरागढ़ चंद्रा पंत, गंगोलीहाट मीना गंगोला, अध्यक्ष उत्तराखंड भवन सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड शमशेर सत्याल, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत, आयुक्त कुमाऊँ अरविंद सिंह ह्यांकी, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं अजय रौतेला, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आनन्द स्वरूप, पुलिस अधीक्षक सुखबीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अनुराधा पाल, अपर जिलाधिकारी आर डी पालीवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी एचसी पंत, जिलाध्यक्ष भाजपा वीरेन्द्र वल्दिया आदि उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ में सीएम ने आक्सीजन जसनरेस हाल का शिलान्यास, मरीजों से भी जाना हाल

दो दिवसीय जनपद पिथौरागढ़ के भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिले में कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु किए गए प्रबंधन एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री जनपद मुख्यालय पंहुचते ही सीधे जिला बेस चिकित्सालय गए। जहाँ उन्होंने कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण करने के साथ ही ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भवन एवं एवं आरटीपीसीआर लैब के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बेस चिकित्सालय में भर्ती कोविड पॉजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली। बेस चिकित्सालय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा 26 लाख 92 हजार रुपये की बेस चिकित्सालय में बनने वाले ऑक्सीजन जसनरेस हॉल का भी शिलान्यास किया गया गया।

बेस चिकित्सालय के निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री वहॉ से जिला चिकित्सालय पंहुचे। जहाँ उन्होंने चिकित्सालय का निरीक्षण करने के साथ ही चिकित्सालय में भर्ती कोविड पॉजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में तथा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में प्रमुख चिकित्साधीक्षक से जानकारी ली गई। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जिला चिकित्सालय में नव निर्मित ऑक्सीजन जनरेशन भवन का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी पिथौरागढ़ ने अवगत कराया कि आगामी 25 मई से ऑक्सीजन जनरेशन यूनिट स्थापित करने का कार्य संबंधित फर्म द्वारा किया जा रहा है। जो अगले सप्ताह तक सुचारू हो जाएगा।

जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री व सांसद अजय टमटा ने पीपीई किट पहनकर कोविड वार्ड एवं आईसीयू वार्ड में जाकर भर्ती कोरोना मरीजों से वार्ता की तथा उनके स्वास्थ्य का हाल जाना एवं उन्हें साहस दिलाते हुए शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं दी ।

मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं भोजन आदि व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस महामारी के दौर में सभी चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ समेत प्रशासन रात-दिन कार्य कार्य कर रहे है वह उल्लेखनीय व महान कार्य हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी वह इसी प्रकार कार्य करते हुए जिले को कोरोना मुक्त करें।

जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री विकास भवन पंहुचे जहां उन्होंने 7 करोड़ 7 लाख 45 हजार रुपये की लागत से निर्मित 8 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 4 करोड़ 52 लाख 61 हजार रुपये की लागत के कुल 3 कार्यों का शिलान्यास किया गया। जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उसमें 98.02 लाख की गड़वालखोली पेयजल योजना,107.22 लाख से निर्मित डिगरा मुवानी पेयजल योजना,87.92 लाख से निर्मित रई इन्फिल्टरेशन वेल पेयजल योजना,166.95 लाख से निर्मित राजकीय इंटर भवन का निर्माण, 43.38 लाख से निर्मित रॉक क्लाइम्बिंग साईट भाटकोट में एडवेंचर पार्क, 48.69 लाख से विकास खण्ड विण में निर्मित वन स्टॉप सेंटर, 13.11 लाख से जिला महिला चिकित्सालय में निर्मित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरगोविंद पंत की स्थापित मूर्ति, 142.16 लाख से मसमोली से तड़ीगांव तक मोटर मार्ग में डामरीकरण के द्वितीय कार्य का लोकार्पण किया गया। शिलान्यास कार्यों में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 309.04 निर्मित गोगना मोटर मार्ग में द्वितीय चरण का कार्य, 66.71 लाख की लागत से निर्मित होने वाले आपदा प्रबंधन प्राधिकरण केन्द्र तथा 76.86 से अल्मोड़ा-हाट-जाख-धौलेत मोटर मार्ग में सुधारीकरण का कार्य सामिल है।

भ्रमण के दौरान मंत्री पेयजल, ग्रामीण निर्माण विभाग विशन सिंह चुफाल, सांसद अल्मोड़ा अजय टमटा, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, विधायक पिथौरागढ़ चंद्रा पंत,विधायक गंगोलीहाट मीना गंगोला, उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सत्याल, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत,आयुक्त कुमाऊँ अरविंद सिंह ह्यांकी,पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं अजय रौतेला, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आनन्द स्वरूप, पुलिस अधीक्षक सुखबीर सिंह,मुख्य विकास अधिकारी अनुराधा पाल, प्रभागीय वनाधिकारी विनय कुमार भार्गव,अपर जिलाधिकारी आर डी पालीवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी एच सी पंत जिलाअध्यक्ष भाजपा वीरेंद्र वल्दिया आदि उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ के दो शहीद आश्रितों का सरकारी सेवा में हुआ समायोजन

उत्तराखंड में शहीदों के आश्रितों के लिए सरकारी नौकरी में समायोजन योजना के तहत प्रदेश सरकार ने पिथोरागढ़ जनपद में दो आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन कर दिया है। जिला प्रशासन ने इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया। लाभार्थियों में एक शहीद की धर्मपत्नी व दूसरी बहन हैं।

प्रदेश में शहीदों की विधवाओं व आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन करने की योजना है। इसके तहत प्रदेश सरकार ने पिथोरागढ़ जनपद में दो महिलाओं को नौकरी पर समायोजित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें पिथोरागढ़ तहसील के मूनाकोट गांव निवासी शहीद लॉसनायक गोविंद प्रकाश चंद्र की धर्मपत्नी सुनीता चंद तथा गंगोलीहाट तहसील के ग्राम बड़ेना निवासी शहीद सिपाही राजेंद्र सिंह की सिंह बहन खीमा का समायोजन किया गया है। शासन स्तर से इसके लिए संबधित जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं। पिथोरागढ़ प्रशासन के मुताबिक शासन के निर्देशों के मुताबिक उक्त महिलाओं को राजस्व विभाग में समायोजन किया गया है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि देश रक्षा में अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों के बलिदान को भी नहीं भुलाया जा सकता। शहीदों की विधवाओं व आश्रितों की मदद के लिए हर संभव प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं। पिथोरागढ़ में दोनों शहीदों के आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। शहीद परिवारों की सेवा के लिए हमारी सरकार कृत संकल्पित है।

शहीदों के आश्रितों को सेवायोजित करने के लिए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का आभार जताया। कहा कि देश रक्षा में प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों का पूरा देश ऋणी रहेगा। बलिदान के इस ऋण को कभी नहीं चुकाया जा सकेगा। हमारी सरकार ने आश्रितों को सेवायोजित करने की जो योजना संचालित की है उसकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम ही होगी।

पंतनगर ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाए जाने को प्राधिकरण से मिलेंगी सेवाएं

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नागरिक उड्डयन और शहरी विकास हरदीप पुरी से भेंट की। मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उड़ान योजना में देहरादून-पिथौरागढ़-हिण्डन मार्ग और सहस्त्रधारा-चिन्यालीसौड़-गौचर मार्ग पर हवाई सेवाएं नियमित करने के लिए दोबारा टेंडर किए जाएंगे। जलजीवन मिशन में उत्तराखण्ड के सभी बड़े और छोटे शहरों को शामिल किया जाने की भी केंद्रीय मंत्री ने स्वीकृति दी।

मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंतनगर ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाए जाने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। जनपद पिथौरागढ़ स्थित नैनीसैनी हवाई पट्टी का भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हस्तगत किए जाने के लिए सर्वे किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उड़ान योजना के अंतर्गत कुमाऊं और गढ़वाल मण्डल में रूट बदले जाने और पॉइन्ट टू पॉइन्ट किए जाने का आग्रह किया जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति व्यक्त की। साथ ही केंद्रीय मंत्री ने राजकीय वायुयान बी-200 को किसी एनएसओपी सेवा प्रदाता को ड्राई लीज पर दिए जाने पर भी अपनी स्वीकृति दी।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में प्रस्तावित योजनाओं में केंद्रांश उत्तराखण्ड के लिए 90 प्रतिशत किए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि उत्तराखण्ड के 15 गंगा नगरों में से केवल हरिद्वार ही वर्तमान में अमृत योजना के अंतर्गत शामिल है। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में शेष 14 गंगा नगरों के लिए सेप्टेज प्रबंधन की योजनाओं की स्वीकृति 90 प्रतिशत केंद्रांश के साथ स्वीकृत की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधित योजना के लिए 35 प्रतिशत वायबिलिटी गैप फण्डिंग केंद्रांश के रूप में अनुमन्य है। उत्तराखण्ड की कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों को देखते हुए 90 प्रतिशत केंद्रांश अनुमन्य करने पर विचार किया जाए। साथ ही एक लाख से कम जनसंख्या के नगरों के लिगेसी वेस्ट के प्रस्तावों को भी स्वच्छ भारम मिशन 2.0 में अनुमोदित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के शहरों में निर्माण व विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन के प्लांट स्थापित किए जाने आवश्यक हैं। प्रथम चरण में राज्य के सभी जिला मुख्यालयों और नगर निगमों में स्थापित किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन 2.0 अथवा केंद्र पोषित विशेष योजना के अंतर्गत धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया।

कुमाऊ मंडल के तीन जनपदों की सीएम घोषणाओं की हुई समीक्षा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं चंपावत जिलों की मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की। बैठक में विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, चन्दन राम दास, कैलाश चन्द्र गहतौड़ी, वर्चुअल माध्यम से विधायक चन्द्रा पंत, विशन सिंह चुफाल उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम घोषणाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाय। स्थानीय स्तर पर समस्या के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विधायकगणों से समन्वय स्थापित किये जाए। हर माह मुख्यमंत्री सीएम घोषणाओं की समीक्षा करेंगे। कार्यों में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारियों को 15 दिनों में घोषणाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिये गये हैं। सीएम घोषणा पोर्टल पर भी सभी घोषणाओं को अपडेट रखने के निर्देश दिये गये।

जनपद पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री की 152 घोषणाओं में से 98 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। शेष पर कार्य प्रगति पर है। जनपद बागेश्वर में 58 घोषणाओं में से 36 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष पर कार्य चल रहा है। चम्पावत जनपद में 88 घोषणाओं में से 53 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, अवशेष पर कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि घोषणाओं को समय पर पूर्ण करने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाय। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर पेयजल, आवागमन एवं अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाय। शौचालयों के निर्माण के साथ ही उनके मेंटिनेंस की व्यवस्था भी की जाए। जल के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय।

पिथौरागढ़ः पिथौरागढ़ जनपद में मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत मुख्यतः बरम-कनार मोटर मार्ग, सिमल से नाग मोटर मार्ग, डुंगातोली से चुनरगांव मोटर मार्ग, बनकोट से भटृटीगांव मोटर मार्ग के नव निर्माण कार्यों, अनेक मोटरमार्गों के डामरीकरण सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। डिगरा मुवानी कलौन गाड एवं गुंजी पेयजल योजना की स्वीकृति दी जा चुकी है। ऑवला घाट से पिथौरागढ़ पेयजल योजना पूर्ण की जा चुकी हैं। डीडीहाट पेयजल योजना एवं मुनस्यारी नगर पेयजल योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है। पिथौरागढ़ को पर्यटक शहर के रूप में विकसित करने के लिए 85.80 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई। पिथौरागढ़ में पार्किंग के निर्माण, मदकोट एवं सेरा स्थित गर्म पानी के स्रोतों के विकास, मुनस्यारी को पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने, होम स्टे को बढ़ावा देने एवं हाई टैक शौचालय निर्माण की घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। थरकोट झील के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। ऐलागाड, तवाघाट एवं धारचुला में तटबंध निर्माण हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां दी जा चुकी हैं। पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में टेलीरेडियोलॉजी की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं।

बागेश्वरः बागेश्वर जनपद में सीएम घोषणाओं के तहत मुख्यतः पिण्डारी ग्लेशियर ट्रेकिंग रूट के दवाली में 60 मी. स्पान झूला पुल एवं सोराग से सुन्दर ढ़ुंगा तक नये ट्रेकिंग रूट की घोषणा पूर्ण हो चुकी है। बिलौना, कालापैरकापडी, म्यून्डा लिफ्ट सिंचाई योजना, विभिन्न सड़क मार्गों का नव निर्माण एवं डामरीकरण एवं पेयजल योजनाओं से संबंधित घोषणाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। बागनाथ मंदिर में धर्मशाला एवं बैजनाथ मंदिर गरूड़ में संग्रहालय निर्माण की घोषणा पूर्ण हो चुकी है।

चम्पावतः चम्पावत जनपद में मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत मुख्यतः जनपद मुख्यालय के सौन्दर्यीकरण, चम्पावत एवं टनकपुर में आधुनिक शौचालयों के निर्माण , जनपद में विभिन्न पार्कों के सौन्दर्यीकरण, वाणासुर एवं चम्पावत में ट्रेक रूट के विकास, चम्पावत में पार्किंग व बस अड्डा के निर्माण एवं विभिन्न सड़को के नव निर्माण एवं डामरीकरण के कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. के. सुधांशु, अमित नेगी, दिलीप जावलकर, हरबंस सिंह चुघ, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, कुमाऊं कमिश्नर अरविन्द सिंह ह्यांकी, शासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं सबंधित विभागों के निदेशक उपस्थित थे।

स्मार्ट सिटी के कार्यों को स्वीकृत हुई 03 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु 91 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने डोईवाला की प्रतीतनगर पेयजल योजना के लिये 25.65 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने की सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने धोरण पेयजल योजना के सुदृढीकरण के लिये 145.91 लाख तथा देहरादून की कृष्णानगर पेयजल योजना हेतु 109.47 लाख की भी स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री नदियों एवं झीलों के पुनर्जीवीकरण कार्य योजना के तहत जनपद पिथौरागढ़ के सोनगांव स्थित रणज्योति ताल के पुनर्जीवीकरण हेतु 75.50 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौड़ागढ़ के ही कनालीछीना में टीटरी नहर के पुनरोद्धार हेतु 150 लाख की धनराशि मंजूर की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के लिये विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत 03 करोड़ 50 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि से सूक्ष्म लघु एवं मध्यम विभाग के स्तर पर महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत उत्पादन स्वीकृत किये जाने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून स्मार्ट सिटी के कार्यों के संचालन हेतु केन्द्रांश की प्रत्याशा में राज्यांश के रूप में 03 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की र्है इससे स्मार्ट सिटी के कार्यों को गति मिल सकेगी।