पिथौरागढ़ के दो शहीद आश्रितों का सरकारी सेवा में हुआ समायोजन

उत्तराखंड में शहीदों के आश्रितों के लिए सरकारी नौकरी में समायोजन योजना के तहत प्रदेश सरकार ने पिथोरागढ़ जनपद में दो आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन कर दिया है। जिला प्रशासन ने इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया। लाभार्थियों में एक शहीद की धर्मपत्नी व दूसरी बहन हैं।

प्रदेश में शहीदों की विधवाओं व आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन करने की योजना है। इसके तहत प्रदेश सरकार ने पिथोरागढ़ जनपद में दो महिलाओं को नौकरी पर समायोजित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें पिथोरागढ़ तहसील के मूनाकोट गांव निवासी शहीद लॉसनायक गोविंद प्रकाश चंद्र की धर्मपत्नी सुनीता चंद तथा गंगोलीहाट तहसील के ग्राम बड़ेना निवासी शहीद सिपाही राजेंद्र सिंह की सिंह बहन खीमा का समायोजन किया गया है। शासन स्तर से इसके लिए संबधित जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं। पिथोरागढ़ प्रशासन के मुताबिक शासन के निर्देशों के मुताबिक उक्त महिलाओं को राजस्व विभाग में समायोजन किया गया है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि देश रक्षा में अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों के बलिदान को भी नहीं भुलाया जा सकता। शहीदों की विधवाओं व आश्रितों की मदद के लिए हर संभव प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं। पिथोरागढ़ में दोनों शहीदों के आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। शहीद परिवारों की सेवा के लिए हमारी सरकार कृत संकल्पित है।

शहीदों के आश्रितों को सेवायोजित करने के लिए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का आभार जताया। कहा कि देश रक्षा में प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों का पूरा देश ऋणी रहेगा। बलिदान के इस ऋण को कभी नहीं चुकाया जा सकेगा। हमारी सरकार ने आश्रितों को सेवायोजित करने की जो योजना संचालित की है उसकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम ही होगी।

पंतनगर ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाए जाने को प्राधिकरण से मिलेंगी सेवाएं

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नागरिक उड्डयन और शहरी विकास हरदीप पुरी से भेंट की। मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उड़ान योजना में देहरादून-पिथौरागढ़-हिण्डन मार्ग और सहस्त्रधारा-चिन्यालीसौड़-गौचर मार्ग पर हवाई सेवाएं नियमित करने के लिए दोबारा टेंडर किए जाएंगे। जलजीवन मिशन में उत्तराखण्ड के सभी बड़े और छोटे शहरों को शामिल किया जाने की भी केंद्रीय मंत्री ने स्वीकृति दी।

मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंतनगर ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाए जाने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। जनपद पिथौरागढ़ स्थित नैनीसैनी हवाई पट्टी का भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हस्तगत किए जाने के लिए सर्वे किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उड़ान योजना के अंतर्गत कुमाऊं और गढ़वाल मण्डल में रूट बदले जाने और पॉइन्ट टू पॉइन्ट किए जाने का आग्रह किया जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति व्यक्त की। साथ ही केंद्रीय मंत्री ने राजकीय वायुयान बी-200 को किसी एनएसओपी सेवा प्रदाता को ड्राई लीज पर दिए जाने पर भी अपनी स्वीकृति दी।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में प्रस्तावित योजनाओं में केंद्रांश उत्तराखण्ड के लिए 90 प्रतिशत किए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि उत्तराखण्ड के 15 गंगा नगरों में से केवल हरिद्वार ही वर्तमान में अमृत योजना के अंतर्गत शामिल है। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में शेष 14 गंगा नगरों के लिए सेप्टेज प्रबंधन की योजनाओं की स्वीकृति 90 प्रतिशत केंद्रांश के साथ स्वीकृत की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधित योजना के लिए 35 प्रतिशत वायबिलिटी गैप फण्डिंग केंद्रांश के रूप में अनुमन्य है। उत्तराखण्ड की कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों को देखते हुए 90 प्रतिशत केंद्रांश अनुमन्य करने पर विचार किया जाए। साथ ही एक लाख से कम जनसंख्या के नगरों के लिगेसी वेस्ट के प्रस्तावों को भी स्वच्छ भारम मिशन 2.0 में अनुमोदित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के शहरों में निर्माण व विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन के प्लांट स्थापित किए जाने आवश्यक हैं। प्रथम चरण में राज्य के सभी जिला मुख्यालयों और नगर निगमों में स्थापित किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन 2.0 अथवा केंद्र पोषित विशेष योजना के अंतर्गत धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया।

कुमाऊ मंडल के तीन जनपदों की सीएम घोषणाओं की हुई समीक्षा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं चंपावत जिलों की मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की। बैठक में विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, चन्दन राम दास, कैलाश चन्द्र गहतौड़ी, वर्चुअल माध्यम से विधायक चन्द्रा पंत, विशन सिंह चुफाल उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम घोषणाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाय। स्थानीय स्तर पर समस्या के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विधायकगणों से समन्वय स्थापित किये जाए। हर माह मुख्यमंत्री सीएम घोषणाओं की समीक्षा करेंगे। कार्यों में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारियों को 15 दिनों में घोषणाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिये गये हैं। सीएम घोषणा पोर्टल पर भी सभी घोषणाओं को अपडेट रखने के निर्देश दिये गये।

जनपद पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री की 152 घोषणाओं में से 98 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। शेष पर कार्य प्रगति पर है। जनपद बागेश्वर में 58 घोषणाओं में से 36 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष पर कार्य चल रहा है। चम्पावत जनपद में 88 घोषणाओं में से 53 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, अवशेष पर कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि घोषणाओं को समय पर पूर्ण करने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाय। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर पेयजल, आवागमन एवं अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाय। शौचालयों के निर्माण के साथ ही उनके मेंटिनेंस की व्यवस्था भी की जाए। जल के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय।

पिथौरागढ़ः पिथौरागढ़ जनपद में मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत मुख्यतः बरम-कनार मोटर मार्ग, सिमल से नाग मोटर मार्ग, डुंगातोली से चुनरगांव मोटर मार्ग, बनकोट से भटृटीगांव मोटर मार्ग के नव निर्माण कार्यों, अनेक मोटरमार्गों के डामरीकरण सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। डिगरा मुवानी कलौन गाड एवं गुंजी पेयजल योजना की स्वीकृति दी जा चुकी है। ऑवला घाट से पिथौरागढ़ पेयजल योजना पूर्ण की जा चुकी हैं। डीडीहाट पेयजल योजना एवं मुनस्यारी नगर पेयजल योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है। पिथौरागढ़ को पर्यटक शहर के रूप में विकसित करने के लिए 85.80 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई। पिथौरागढ़ में पार्किंग के निर्माण, मदकोट एवं सेरा स्थित गर्म पानी के स्रोतों के विकास, मुनस्यारी को पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने, होम स्टे को बढ़ावा देने एवं हाई टैक शौचालय निर्माण की घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। थरकोट झील के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। ऐलागाड, तवाघाट एवं धारचुला में तटबंध निर्माण हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां दी जा चुकी हैं। पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में टेलीरेडियोलॉजी की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं।

बागेश्वरः बागेश्वर जनपद में सीएम घोषणाओं के तहत मुख्यतः पिण्डारी ग्लेशियर ट्रेकिंग रूट के दवाली में 60 मी. स्पान झूला पुल एवं सोराग से सुन्दर ढ़ुंगा तक नये ट्रेकिंग रूट की घोषणा पूर्ण हो चुकी है। बिलौना, कालापैरकापडी, म्यून्डा लिफ्ट सिंचाई योजना, विभिन्न सड़क मार्गों का नव निर्माण एवं डामरीकरण एवं पेयजल योजनाओं से संबंधित घोषणाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। बागनाथ मंदिर में धर्मशाला एवं बैजनाथ मंदिर गरूड़ में संग्रहालय निर्माण की घोषणा पूर्ण हो चुकी है।

चम्पावतः चम्पावत जनपद में मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत मुख्यतः जनपद मुख्यालय के सौन्दर्यीकरण, चम्पावत एवं टनकपुर में आधुनिक शौचालयों के निर्माण , जनपद में विभिन्न पार्कों के सौन्दर्यीकरण, वाणासुर एवं चम्पावत में ट्रेक रूट के विकास, चम्पावत में पार्किंग व बस अड्डा के निर्माण एवं विभिन्न सड़को के नव निर्माण एवं डामरीकरण के कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. के. सुधांशु, अमित नेगी, दिलीप जावलकर, हरबंस सिंह चुघ, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, कुमाऊं कमिश्नर अरविन्द सिंह ह्यांकी, शासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं सबंधित विभागों के निदेशक उपस्थित थे।

स्मार्ट सिटी के कार्यों को स्वीकृत हुई 03 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु 91 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने डोईवाला की प्रतीतनगर पेयजल योजना के लिये 25.65 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने की सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने धोरण पेयजल योजना के सुदृढीकरण के लिये 145.91 लाख तथा देहरादून की कृष्णानगर पेयजल योजना हेतु 109.47 लाख की भी स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री नदियों एवं झीलों के पुनर्जीवीकरण कार्य योजना के तहत जनपद पिथौरागढ़ के सोनगांव स्थित रणज्योति ताल के पुनर्जीवीकरण हेतु 75.50 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौड़ागढ़ के ही कनालीछीना में टीटरी नहर के पुनरोद्धार हेतु 150 लाख की धनराशि मंजूर की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के लिये विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत 03 करोड़ 50 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि से सूक्ष्म लघु एवं मध्यम विभाग के स्तर पर महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत उत्पादन स्वीकृत किये जाने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून स्मार्ट सिटी के कार्यों के संचालन हेतु केन्द्रांश की प्रत्याशा में राज्यांश के रूप में 03 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की र्है इससे स्मार्ट सिटी के कार्यों को गति मिल सकेगी।

आपदा प्रभावितों की पुनर्वास की व्यवस्था करेगी राज्य सरकारः त्रिवेंद्र

सीएम त्रिवेन्द्र सिंह पिथौरागढ़ जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्र तहसील बंगापानी के राजकीय इंटर कालेज बरम में आपदा प्रभावितों के लिए बनाए गए राहत शिविर में पहुंचे। यहां उन्होंने निरीक्षण के बाद आपदा प्रभावितों की समस्याएं सुनी। उन्होंने आपदा की घटना में मृतकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने शिविर में आपदा प्रभावितों को प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आपदाग्रस्त परिवारों की परिस्थिति उनके कष्ट वह समझ सकते हैं, जो भी प्रभावित हैं, जांच के उपरांत उनकी सुविधा अनुसार उनके पुनर्वास की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी। जिलाधिकारी पिथौरागढ़ द्वारा इस हेतु प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में विस्थापन की नीति नहीं थी अब पुनर्वास हेतु सरकार द्वारा नीति बना दी गई है। इन 2 वर्षों में 350 परिवारों को विस्थापन करने का कार्य भी किया गया। नीति बनने के उपरांत कार्य करने में सुविधा भी मिलेगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित व्यक्ति को रोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को मानकों के अनुरूप पूरी मुआवजा राशि दी जाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणाऐं भी की। जिसमें दारमा घाटी में विभिन्न सड़कों का निर्माण, नगर पालिका धारचूला क्षेत्रान्तर्गत तट बंध निर्माण के 2 करोड़ 50 लाख, सीमांत क्षेत्र की तीनों घाटियों व्यास, दारमा व चैदास में 5 मोबाइल टावर जो भी कंपनी स्थापित करेगी उसे राज्य सरकार 40 लाख रुपये वहन करेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान तक क्षेत्र में लगभग 300 सेटेलाइट फोन भी बांटे गए हैं। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज धारचूला का नाम दानवीर जसुली शोकयानी दताल के नाम रखने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त धारचूला घट काली नदी में सुरक्षा दीवार निर्माण कर बाईपास सड़क का निर्माण, खोतिला के गाँव के लिए स्लाइडिंग एरिया में सुरंग का निर्माण या अन्य विकल्पों से रास्ता निर्माण किया जाएगा।इसके अतिरिक्त धारचूला मिनी स्टेडियम में पर्वतारोहण हेतु दीवार का निर्माण, मुख्यमंत्री सड़क योजना से 28 करोड़ रुपये से सड़कों का निर्माण, नप्लचु से रोंगकांग तक सड़क का निर्माण व सामुदायिक मंच का निर्माण, तवाघाट-लिपुलेख सड़क निर्माण पूर्ण होने के उपरांत गुंजी में टैक्सी स्टैंड का निर्माण किए जाने की घोषणा, ग्राम सभा नाबि के मंदिर का सौंदर्यीकरण, दांतु, गो, फिलम मोटर मार्ग का निर्माण, तिदांग से सीपू तक मोटर मार्ग का निर्माण आदि घोषणाएं की।

भ्रमण के दौरान उत्तराखंड संविदा श्रम सलाहकार बोर्ड के माननीय अध्यक्ष शमशेर सत्याल, जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे, पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शिनी आदि उपस्थित रहे।

दैवीय आपदा पर सीएम ने जताया दुख, राहत कार्य युद्ध स्तर पर चलाये के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद पिथौरागढ की तहसील बंगापानी के अंतर्गत कई गांवों में भारी वर्षा, भूस्खलन एवं भू कटाव के हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की कोताही न बरती जाए। इस घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रभावित क्षेत्र में तुरंत एसडीआरएफ की एक टीम और भेजे जाने के निर्देश दिए। प्रभावितों को तत्काल अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराने के साथ ही साथ ही जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। जो लोग अभी तक लापता हैं, उनकी खोज के लिए तत्काल युद्ध स्तर पर खोज अभियान शुरू किया जाए।

उन्होंने जिलाधिकारियों को मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी आम जानता को नियमित रूप से अवगत कराने तथा संवेदनशील स्थलों, गांवों एवं भवनों आदि की स्थिति का आंकलन भी नियमित रूप से किये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कुमाऊँ एवं गढ़वाल आयुक्तों को भी इस प्रकार की घटनाओं के प्रति सजगता के साथ त्वरित कार्यवाही करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं आईजी. एसडीआरएफ को भी निरन्तर जिलाधिकारियों के सम्पर्क में रहने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान के भी निर्देश दिये हैं।

दो अधीक्षण अभियंताओं पर नेपाल सीमा में सड़क निर्माण पर लापरवाही का आरोप, निलंबित

(एनएन सर्विस)
शासन ने अंतरराष्ट्रीय और सामरिक महत्व के टनकपुर-जौलजीवी मोटर मार्ग के निर्माण में लापरवाही पर दो अधीक्षण अभियंताओं को निलंबित किया है। अधीक्षण अभियंता मयन पाल सिंह वर्मा व प्रभारी अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह पर आरोप है कि दोनों ने मार्ग की निविदा प्रक्रिया संपन्न न कर प्रक्रिया को टालने का प्रयास किया।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों के आवागमन और भारतीय सीमा की सुरक्षा के लिए टनकपुर-जौलजीवी मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। इस मार्ग के 30 किमी से 55 किमी का निर्माण ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी को आवंटित गया। ठेकेदार पर अनुबंध के दौरान फर्जी प्रमाणपत्र लगाने के शिकायत की जांच के बाद यह कार्य अगस्त 2017 में निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद इसके लिए दोबारा टेंडर आमंत्रित किए गए। इस पर ठेकेदार कोर्ट और फिर ट्रिब्यूनल में गया। आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल ने मामले में यथास्थिति रखने के निर्देश दिए, जिसे विभाग ने कमर्शियल कोर्ट में चुनौती दी।
जुलाई 2019 में ट्रिब्यूनल के यथास्थिति रखने के आदेश को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद पिथौरागढ़ में तैनात तत्कालीन अधीक्षण अभियंता मयन पाल ने अपने स्तर से 12 दिसंबर 2019 को निविदाएं आमंत्रित की। अपरिहार्य कारणों का उल्लेख करते हुए 24 दिसंबर 2019 को निविदाएं फिर से स्थगित कर दी गई। मुख्य अभियंता लोनिवि पिथौरागढ़ के निर्देशानुसार चार जनवरी 2020 को अधीक्षण अभियंता पिथौरागढ़ तृतीय वृत्त को फिर से निविदाएं आमंत्रित करने को पत्र भेजा गया। बावजूद इसके उन्होंने 12 जनवरी 2020 तक अपने कार्यकाल के दौरान इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। 13 जनवरी को यहां मनोहर सिंह को प्रभारी अधीक्षण अभियंता के रूप में भेजा गया। एक माह बाद, यानी 12 फरवरी 2020 को उन्होंने 12 दिसंबर 2019 को आमंत्रित निविदा में शुद्धिपत्र लगाया। इसमें निविदा आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 19 मार्च रखी गई।

यह भी पढ़े …
विकास दुबे के मूवमेंट पर उत्तराखंड की पुलिस भी रख रही नजर

इस बीच 18 मार्च को उन्होंने अपरिहार्य कारणों का उल्लेख करते हुए एक शुद्धि पत्र जारी किया और निविदा आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 26 मार्च 2020 रखी। इसी दौरान बीच 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन हो गया। इसका उल्लेख करते हुए प्रभारी अधीक्षण अभियंता ने केवल दो निविदादाताओं की हार्ड कॉपी प्राप्त होने का उल्लेख करते हुए 19 मई 2020 को फिर से निविदाएं निरस्त कर दीं। 28 मई को तीसरी बार निविदाएं आमंत्रित की गई।
इस बीच एक जून को आर्बिटेशन अवार्ड में ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी के पक्ष में निर्णय पारित हो गया। इस प्रकरण को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया। सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने दोनों अभियंताओं को शासकीय नियमों की अनदेखी करते हुए संबंधित ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के आरोप में निलंबित कर दिया। मयन पाल निलंबन अवधि में प्रभारी मुख्य अभियंता कार्यालय देहरादून तो मनोहर सिंह लोक निर्माण विभाग पौड़ी कार्यालय में संबद्ध रहेंगे।

अब कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई सुगम, चीन सीमा तक बनी सड़क

अब कैलाश मानसरोवर की यात्रा एक सप्ताह में की जा सकेगी। चीन सीमा तक सड़क बनने से इस यात्रा में यात्रियों को दिक्कतों का सामना कम होगा। इससे पूर्व इस यात्रा को करने में 21 दिन का समय लगता था। यात्रियों को आधार शिविर धारचूला से लगभग 80 किलोमीटर की यात्रा पैदल ही तय करनी पड़ती थी।

मगर, अब सीमांत तक सड़क बनने से अब कैलाश यात्री दिल्ली से सीधे लिपुलेख पहुंच सकेंगे।  इस सड़क के बनने से अब तक कठिन मानी जाने वाली यात्रा सुगम हो जाएगी। इसके अलावा छोटा कैलाश की यात्रा भी सुगम होगी।

छोटा कैलाश के यात्री गुंजी, कुटी और जौलिंगकांग तक वाहन से पहुंच सकेंगे। इसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीआरओ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अद्भुत और प्रशंसनीय है कि सीमा सड़क संगठन ने इस कठिन कार्य को पूरा किया।

घट्टाबगढ़-लिपुलेख सड़क के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर मौजूद रहे अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के सांसद अजय टम्टा ने चीन सीमा के लिए मुनस्यारी से बन रही धापा-बोगड्यार-मिलम मार्ग का मामला भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष उठाया। इस पर उन्होंने कहा कि 2021 मार्च तक इस मार्ग का भी निर्माण पूर्ण हो जाएगा।

अवैध मार्गों पर एसएसबी ने जवान दिन-रात कर रहे निगरानी

नेपाल के रास्ते भारत में कोरोना संक्रमितों को भेजने की साजिश की खुफिया रिपोर्ट के बाद प्रशासन, पुलिस व एसएसबी अलर्ट हो गई है। सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी ने भारत-नेपाल सीमा पर चैकसी बढ़ा दी है। दोनों देशों के मध्य आवाजाही के सात मार्ग वैध हैं, परंतु एक दर्जन से अधिक संदिग्ध रास्तों से अवैध आवाजाही का संभावना रहती है। ऐसे रास्तों पर एसएसबी के जवान दिन-रात निगरानी में लग गए हैं। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी वीके जोगदंडे के मुताबिक भारत-नेपाल सीमा 30 अप्रैल तक सील कर दी गई है।
उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के कालापानी से लेकर पंचेश्वर तक भारत और नेपाल की लंबी सीमा है। इस सीमा के भीतर झूलाघाट, ड्यौड़ा, जौलजीवी, बलुवाकोट, धारचूला, ऐलागाड़ और उच्च हिमालय में गब्र्याग में भारत-नेपाल के बीच वैध मार्ग हैं। दोनों देशों के बीच आवाजाही के लिए झूला पुल बने हैं। मध्य अवैध तरीके से टायर ट्यूब से नदी पार की जाती है। झूलाघाट से पंचेश्वर के मध्य तो दस स्थानों पर नेपाल की तरफ से नावें चलती हैं। इनमें पांच स्थानों पर नेपाल सरकार ने मान्यता दे रखी है और पांच स्थल अवैध हैं। नेपाल सरकार ने जिन स्थानों पर मान्यता दी है, भारत उसमें भी सहमत नहीं रहा है। लॉकडाउन के बाद दोनों देशों के बीच नाव से आवाजाही बंद है।
नेपाल से भारत में प्रवेश करने के लिए केवल काली नदी पार करनी है। काली नदी का जलस्तर अधिक होने तथा इसका प्रवाह तेज होने से इसे तैर कर पार करना काफी कठिन है। हालांकि तल्लाबगड़ से लेकर पंचेश्वर तक कुछ स्थानों पर तैराकी में पारंगत लोग नदी को तैर कर पार कर लेते हैं। अवैध कार्यों के लिए टायर ट्यूब का सहारा लिया जाता है। यहां तक कि टायर ट्यूब के सहारे सामान भी पार किया जाता है। इसमें भारत और नेपाल दोनों देशों के लोग शामिल रहते हैं। ऐसे में किसी के भी नेपाल से भारत में प्रवेश करना सरल है। आमतौर पर अप्रैल में गर्मी बढने से ग्लेशियरों के पिघलने से नदी का जलस्तर बढ़ जाता था। इस वर्ष मौसम अधिक गर्म नहीं है। जिससे ग्लेशियरों के नहीं पिघलने से नदी का जलस्तर उस तेजी के साथ नहीं बढ़ा है। जिले में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसबी के पास है। सीमा पर एसएसबी की बीओपी चैकियां हैं। इसके अलावा सीमा पर झूलाघाट, अस्कोट, जौलजीवी, बलुवाकोट, धारचूला और पांगला थाने हैं। खुफिया सूचना के बाद एसएसबी और पुलिस सतर्क है। सीमा पर अभी सभी स्थानों पर सड़क नहीं है, जिसका फायदा उठाया जा सकता है।

3267 मतों के अंतर से भाजपा की चंद्रा पंत ने कांग्रेस की अंजू लुंठी को किया पराजित

पिथौरागढ़ विधानसभा सीट पर पूर्व वित्त मंत्री स्व. प्रकाश पंत की पत्नी चंद्रा पंत ने विजय हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी को 3267 मतों से पराजित किया है। जीत के बाद भावुक होते हुए चंद्रा पंत ने कहा कि वह अपने पति के सपनों को आगे बढ़ाएंगी। पिथौरागढ़ के लिए स्व. पंत ने जो सपने देखे थे। उसे वह पूरा करने की कोशिश करेंगी।

चंद्रा पंत को 26086 और अंजू लुंठी को 22819 मत मिले। तीसरे प्रत्याशी समाजवादी पार्टी के मनोज कुमार भट्ट को मात्र 835 मत मिले। 11 राउंड में हुई मतगणना में कांग्रेस को 11 राउंड में से केवल एक राउंड में बढ़त मिली। जीत के बाद नव निर्वाचित विधायक चंद्रा पंत ने नगर में जुलूस निकालकर लोगों का आभार जताया।

पूर्व वित्त मंत्री स्व. प्रकाश पंत की असामयिक मौत के बाद इस सीट पर उपचुनाव के तहत गत 25 नवंबर को मतदान हुआ था। बृहस्पतिवार को मतगणना के बाद इस सीट का परिणाम घोषित किया गया। इससे पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच महाविद्यालय स्थित मतगणना केंद्र पर सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हुई।

पहले राउंड में भाजपा की चंद्रा पंत को को 88 मतों की बढ़त मिली। दूसरे राउंड में दोनों प्रत्याशियों को बराबर 2317-2317 मत मिले। तीसरे राउंड में भाजपा 367, चौथे राउंड में 278, पांचवें में 464 और छठे राउंड 249 मतों से आगे रही।

सातवें राउंड में कांग्रेस 152 मतों से आगे चली गई। आठवें राउंड में भाजपा 363, नौवें में 701, दसवें में 765 और 11वें राउंड में पांच मतों से आगे रही। भाजपा को पोस्टल बैलेट से 255, कांग्रेस को 116, सपा को नौ मत मिले। निर्वाचन अधिकारी तुषार सैनी ने भाजपा की विजयी प्रत्याशी चंद्रा पंत को प्रमाणपत्र प्रदान किया।

उम्मीदवार मिले वोट
भाजपा प्रत्याशी चंद्रा पंत 26086
कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी 22819
समाजवादी पार्टी प्रत्याशी मनोज भट्ट 835
नोटा 844