टिकटॉक को आ गया बाय-बाय करने का समय, स्वदेशी एप मित्रों हो रहा पॉपुलर

भारत में टिकटॉक का बाय-बाय करने का वक्त आ गया है। भारत के युवाओं की जुबां पर अब टिकटॉक नहीं बल्कि स्वदेशी निर्मित एप मित्रों का नाम है। अभी तक इस एप को 50 लाख से ज्यादा युवा गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर चुके है। इसे आईआईटी रूड़की के पूर्व छात्रों ने बनाया है। इसे टिकटॉक का क्लोन भी कहा जा रहा है।

आईआईटी के पूर्व छात्रों का कहना है कि एप लांच करते समय हमें ऐसे ट्रैफिक की उम्मीद नहीं थी। इसे बनाने के पीछे लोगों को सिर्फ भारतीय विकल्प देना था। आईआईटी रुड़की में वर्ष 2011 में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ब्रांच से पासआउट छात्र शिवांक अग्रवाल ने अपने चार साथियों के साथ मित्रों एप बनाया है।

11 अप्रैल को हुआ था मित्रों एप लांच
पेटीएम के पूर्व सीनियर वाइस प्रेजिडेंट दीपक के ट्वीट के बाद इसकी चर्चा हर किसी की जुबान पर है। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के एप डाउनलोड करने से नेटवर्क ट्रैफिक भी प्रभावित होने लगा। टीम मेंबर ने बताया कि वास्तव में 11 अप्रैल को एप लांच करते समय यह नहीं सोचा था कि इसे इतनी सफलता मिलेगी। टिकटॉक को पीछे छोड़ना जैसी कोई बात नहीं है। हमारा उद्देश्य लोगों को सिर्फ एक भारतीय विकल्प देना था। लोग इसका इस्तेमाल करना चाहेंगे या नहीं यह हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हमें लोगों से जो आशीर्वाद मिला, उससे हम बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि हमें किसी ने फंड नहीं दिया है, उनका फंड लोगों का प्यार ही है।

मित्रों स्वदेशी नाम, इसलिए देना उचित
टीम मेंबर ने बताया कि मित्रों का अर्थ मित्र ही है। एक तो यह भारतीय उपभोक्ताओं को भारतीय मंच के जरिए सेवा देने के लिए है। हम स्वदेशी नाम देकर भारतीय नामों के खिलाफ पूर्वाग्रहों को भी दूर करना चाहते हैं।

हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशासन की टीम ने किया परमार्थ निकेतन का निरीक्षण, हुआ चौकाने वाला खुलासा

51 वर्षों से बिना लीज अनुबंध के परमार्थ निकेतन चल रहा है। इसका खुलासा शनिवार को हुई पैमाइश के बाद हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी पौड़ी धीरज गर्ब्याल ने प्रशासन की एक टीम को पैमाइश करने के लिए परमार्थ निकेतन भेजा। इस दौरान राजस्व, सिंचाई और वन विभाग के अधिकारियों ने परमार्थ निकेतन स्थित गंगा घाट की पैमाइश की। इस दौरान सामने 51 वर्ष पहले ही परमार्थ निकेतन की वन विभाग से हुई लीज डीड की अवधि समाप्ति वाली बात निकलकर आई।

हाईकोर्ट ने पौड़ी डीएम को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में 16 दिसंबर को रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश एक याचिका के बाद दिया है। याचिका में यह आरोप है कि परमार्थ निकेतन ने सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किया है। पैमाइश के दौरान खुलासा हुआ कि वन विभाग ने परमार्थ निकेतन को 2.3912 एकड़ भूमि लीज पर दी थी। लीज की अवधि वर्ष 1968 में ही समाप्त हो चुकी है। इस तथ्य की पुष्टि राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रो ने की है। उन्होंने बताया कि परमार्थ निकेतन का वन विभाग के साथ केवल 15 वर्षों का अनुबंध हुआ था, लेकिन लीज अनुबंध खत्म होने के बाद अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पैमाइश करने वाली टीम में एसडीएम श्याम सिंह राणा, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुबोध मैठाणी, रेंज अधिकारी धीर सिंह, पटवारी कपिल बमराड़ा शामिल थे।

परमार्थ निकेतन का भूमि संबंधी विवाद वीरपुर खुर्द में भी जोर पकड़ रहा है। दरअसल यहां परमार्थ की ओर से संचालित गुरुकुल भी वन विभाग की भूमि पर संचालित है। आरोप है कि निकेतन ने यहां 27 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इस संदर्भ में पशुपालन विभाग ने भी कोर्ट में काउंटर दाखिल कर स्पष्ट किया है कि उक्त भूमि वन विभाग की है। इस मामले में डीएफओ देहरादून राजीव धीमान का कहना है कि परमार्थ निकेतन की ओर से वीरपुर खुर्द में संचालित गुरुकुल का लीज अनुबंध 1978 में समाप्त हो चुका है। फिलहाल यहां हुए अवैध कब्जे को खाली करवाने के मामले में अफसर अभी चुप्पी साधे हुए हैं। परमार्थ निकेतन के प्रभाव को देखते हुए अफसरों में भी कार्रवाई को लेकर संशय बना हुआ है।

उधर, टाईगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रों ने अनुसार केवल 15 वर्षों के लिए परमार्थ को लीज पर भूमि दी गई थी। वर्ष 1968 में परमार्थ निकेतन के साथ वन विभाग का लीज अनुबंध समाप्त हो गया था। वर्ष 2003 तक परमार्थ निकेतन टाईगर रिजर्व को कर शुल्क जमा करता रहा। लीज के नवीनीकरण के लिए आश्रम की ओर से कई बार कहा गया। वर्ष 1980 में वन अधिनियम के तहत लीज पर देने का प्रावधान खत्म कर दिया गया है। इस कारण लीज के नवीनीकरण का मामला रुक गया।

संघ के कार्यकर्ता से शुरू किया राजनीतिक सफर।

नरेश बंसल प्रदेश के प्रमुख व जाने-माने राजनेता हैं। वह भारतीय जनता पार्टी उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री हैं। उनका लम्बा सामाजिक व राजनैतिक जीवन रहा है, वह लगभग 45 वर्षो से भी अधिक समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में वह निरंतर संगठन के निर्देशानुसार कार्य कर रहे है तथा अपने कुशल नेतृत्व व बेहतर संगठन क्षमता एंव संगठन पद्धति के अनुसार हर कार्य करने की क्षमता रखने वाले माने जाते है। वह प्रदेश में संघ परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में स्थापित है।

प्रारम्भिक जीवन व संघ से जुड़ाव
नरेश बंसल का जन्म 3 फरवरी को निम्न मध्यम वर्ग के वैश्य परिवार में देहरादून में हुआ, उनके पिता स्व0 श्री लाला हुकुम चन्द जी मुनीम थे तथा माता ग्रहणी। वेे 8 वर्ष की आयु में वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सम्पर्क में आये और स्वयंसेवक बने। इनकी प्राईमरी शिक्षा नगर पालिका के स्कूल में तथा इंटरमीडिएट तक की सामान्य हिंदी माध्यम विद्यालय में हुई। शिक्षा के व्यय को जुटाने के लिये लिफाफे बनाने का काम, त्योहारो पर आतिशबाजी, रंगगुलाल एंव राखी आदि बेचने का कार्य तथा ट्यूशन पढ़ाकर बाकी की शिक्षा पूर्ण की। 14 वर्ष की आयु में उन्होने संघ का प्राथमिक शिक्षा वर्ग किया तथा बाद में संघ के तृतीय वर्ष (नागपुर) का शिक्षण लिया तथा डी0ए0वी0 कालेज देहरादून से एमव्म्कामव्म् तक की शिक्षा प्राप्त की। उन्होने नौकरी लगने के बाद घर की आर्थिक स्थिति में अपने पिता जी की पूर्णतया मदद की एंव भाई बहनों को पढ़ाया लिखाया और उनका विवाह सम्पन्न कराया।
संघ कार्य- गठनायक, गण शिक्षक, मुख्य शिक्षक, मंण्डल कार्यवाह, सायं कार्यवाह, नगर कार्यवाह, बौद्धिक प्रमुख, जिला सम्पर्क प्रमुख एवं जिला प्रचार प्रसार प्रमुख के विभिन्न दायित्वों का निर्वाहन 1967 से 2001 तक किया। 1989 से 2001 तक विभिन्न विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव में समन्वयक का दायित्व निर्वाह्न किया।

अन्य क्षेत्र-
1972 से 1977 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिशद में कार्य किया
1. इण्टर काॅलेज छात्र संघ महामंत्री 1972 में चुने गये।
2. 1972 से 1974 तक विधार्थी परिशद के नगर कोशाध्यक्ष का दायित्व सम्भाला।
3. 1977 में विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक का दायित्व।

आपातकाल में कार्यः-
1975 आपातकाल में सक्रिय भूमिका, सरकारी नौकरी में रहते हुए, भूमिगत संघ कार्य करना साहित्य का स्टैंसिंल काटना एवं साहित्य का वितरण एवं आपातकाल में संघ का कार्य कैसे बढे इसकी योजना बनाने का कार्य किया। 19 नवम्बर 1975 इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर आपातकाल लगाने के विरूद्ध वाॅल राईटिंग व टाईप कराकर पर्चो एंव साहित्यों का वितरण।
संघ द्वारा प्रकाशित पुस्तक (तानाशाही को चुनौती भाग-2) में आपातकाल में किये गये कार्य हेतु नाम प्रकाशित हुआ। फरवरी 1977 में सिंचाई विभाग से संघ से सम्पर्क के कारण सेवा समाप्ति का नोटिस।
जुलाई 1977 में वे नौकरी छोड़कर यूको बैंक में नियुक्ति।
जुलाई 1977 से 1980 तक नैनीताल जिले के गदरपुर में बैंक की सेवा के साथ संघ का कार्य किया। जिसमें खण्ड कार्यवाह, सहतहसील कार्यवाह का दायित्व निर्वाहन तथा तत्कालीन जिला प्रचारक श्री अशोक जी बेरी की प्रेरणा से ग्रामीण क्षेत्रों में किस्तों पर साईकिल लेकर शाखाओं का कार्य एवं विस्तार और शाखा लगाई।
यूको बैंक में छव्ठॅ का विस्तार एवं भारतीय मजदूर संघ का कार्य किया व उत्तर प्रदेश भारतीय मजदूर संघ का कार्यकारिणी सदस्य का दायित्व। छव्ठॅ के उत्तर प्रदेश के प्रदेश मंत्री का दायित्व का निर्वाह्न किया तथा भारतीय मजदूर संघ के नगर एंव जिला महामंत्री का दायित्व।
हिंदू जागरण मंच व विश्व हिन्दू परिषद में कार्यः-
1980 से 1986 तक हिन्दू जागरण मंच के नगर अध्यक्ष का दायित्व वहन किया।

उपलब्धिः-
1.प्रतिबन्धित रामनवमी की शोभायात्रा संघर्षों के बाद प्रारम्भ की।
2.1989 में डा0 हेडगेवार जन्म शताब्दी समिति का नगर महामंत्री का दायित्व,
3.1989 में श्रीराम शिलापूजन समिति का नगर संयोजक का दायित्व।

आपदा राहत एवं पुर्नवास कार्यः-
1991 में उत्तरकाशी में भूकम्प राहत कार्य के लिए बनी संघ परिवार की, डाव्म् नित्यानंद जी के मार्गदर्शन में, भूकम्प पीड़ित सहायता समिति के महामंत्री का दायित्व, बैंक से अवकाश लेकर निर्वाहन किया। जिसमें उत्तरकाशी के भूकम्प पीड़ितों को राहत एवं पुर्नवास एवं उनके रहने हेतु कार्य किया, तत्पश्चात उत्तरांचल दैविय आपदा पीड़ित सहायता समिति का गठन हुआ। जिसमें स्थापना से वर्श 2011 तक (20 वर्श तक) महामंत्री का दायित्व निर्वाहन किया, तत्पश्चात उपाध्यक्ष एवं वर्तमान समय में सदस्य के रूप में निर्वाहन कर रहे हैं। समिति ने संघ के प्रकल्प के रूप में ख्याति प्राप्त की।

शिक्षा के क्षेत्र में कार्यः-
सरस्वती शिशु मन्दिर का संचालन करने वाली बाल कल्याण समिति के पहले महामंत्री व वर्तमान में अध्यक्ष का दायित्व। प्रदेश शिशु मंदिर परिवारों की आर्थिक सहायता हेतु विद्याभारती शिक्षा विकास निधि न्यास में कोषाध्यक्ष।
पत्रकारिता एंव श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन –
1)श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के समय गठित उत्तरांचल संवाद समिति के कोषाध्यक्ष का दायित्व )
2)विश्व संवाद केन्द्र के संस्थापक ट्रस्टि का दायित्व।
3)1992 में बावरी ढांचा ध्वस्त होने पर बैंक से अवकाश लेकर भूमिगत होकर संघ कार्य व श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन मे सक्रिय भूमिका ।
इस दौरान स्वव्म् दंतोपंत ठेंगड़ी जी, स्वव्म् अशोक जी सिंघल, स्वव्म् गिरीराज किशोर जी आदि के साथ कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

राजनैतिक क्षेत्रः-
नवम्बर 2000 में उत्तराखण्ड अलग राज्य बनने पर 2001 में समर्पित कार्यकर्ता के रूप में शेष लगभग 14 वर्ष की नौकरी छोड़ बैंक से स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में माननीय रामलाल जी एंव माननीय शिवप्रकाश जी की प्रेरणा से सक्रिय राजनीति में प्रवेश।
1) अप्रैल 2001 से प्रदेश सहकारिता प्रकोष्ठ का महामंत्री एवं विशेष आमंत्रित सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी भाजपा उत्तराखण्ड।
2) 2002 के विधानसभा चुनाव में लक्ष्मण चैक विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी व पूर्व मुख्यमंत्री श्री नित्यानन्द स्वामी जी के चुनाव संयोजक के रूप में कार्य किया।
3) मार्च 2002 में प्रदेश सदस्यता प्रमुख भाजपा उत्तरांचल का दायित्व निर्वाहन किया।
4) 4 नवम्बर 2002 से 4 नवम्बर 2009 तक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में 7 वर्ष तक प्रदेश महामंत्री (संगठन) भाजपा उत्तराखण्ड का दायित्व निर्वाहन किया।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) रहते उपलब्धिः-
1) राज्य गठन के बाद सफलतापूर्वक एवं बहुत प्रयास के बाद 2006 में राश्ट्रीय कार्य-समिति भाजपा का सफलतापूर्वक आयोजन एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की विशाल जनसभा का सफल आयोजन।
2) 2007 में उत्तराखण्ड की सत्ता में भाजपा सरकार की वापसी।

उत्तराखण्ड़ सरकार में दायित्वः-
2009 से 2012 तक तत्कालीन प्रदेश भाजपा सरकार में अध्यक्ष आवास एंव विकास परिषद का दायित्व।
वर्तमान में उपाध्यक्ष राज्य बीस सू़त्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष का दायित्व।
2009 से 2012 तक भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में कार्य।
2012 में विधानसभा चुनाव में प्रदेश चुनाव अभियान समिति के सचिव का दायित्व।
2012 में केन्द्र के आदेश पर राज्य सभा के लिये नामांकन,बाद में नाम वापस लिया।
2014 में लोकसभा चुनाव में केन्द्र के कैम्पेन कमेटी के संयोजक श्री नरेन्द्र मोदी जी की अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में 3क् सभा सम्पन्न करायी एंव अन्य केन्द्रीय नेताओं के कार्यक्रम व जनसभाओं का कार्य।
2004, 2009 एंव 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश के स्टार प्रचारक की सूची में सम्मिलित व चुनाव में प्रमुख सहभागिता।
2007, 2012 एंव 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के स्टार प्रचारक की सूची में सम्मिलित व चुनाव में प्रमुख सहभागिता।
2001 से वर्तमान समय तक विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में जाकर कार्य किया।
केन्द्रीय एवं प्रदेश भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ कार्य करने का अवसर मिला एवं दी गई जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
2012 से 2015 तक प्रदेश महामंत्री भाजपा उत्तराखण्ड का दायित्व निभाया।
2015 से वर्तमान तक प्रदेश महामंत्री भाजपा उत्तराखण्ड का दायित्व।
2014 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश में प्रमुख भूमिका व स्टार प्रचारक एंव ऋषिकेश में एंव देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी की विशाल जन सभा का संयोजन किया।
2017 विधानसभा चुनाव से पूर्व देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की विशाल परिर्वतन महारैली के संयोजक का दायित्व।
2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचारक व प्रदेश कार्यालय प्रभारी के रूप में चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण सहभागिता।
2019 में त्रिशक्ति सम्मेलन में संयोजक का दायित्व।

अन्य प्रमुख उपलब्धियां-
1)अमर उजाला द्वारा “उत्तराखण्ड उदय श्री“ सम्मान से सम्मानित,
2) हयूमन राईट्स एंव विभिन्न संस्थाओ द्वारा उत्कृष्ट सामाजिक जीवन के लिये सम्मानित
3)विभिन्न धार्मिक एंव सामाजिक संस्थाआंे के संरक्षक, बोर्ड मेम्बर व कार्यकारिणी सदस्य।
पूरे उत्तराखण्ड़ में भाजपा संगठन कार्य की दृष्टि से लगातार प्रवास एवं कार्यकर्ताओं से मेलजोल एवं सभी की समस्याओं के सही निवारण का प्रयास।
संघ की रीति-नीति एंव शिक्षा-दीक्षा को आयाम बनाकर अभी तक का कार्य किया एंव अपने जीवन में भी इसको पूर्णतः सम्मलित किया।

प्रेरणा स्रोतः-
1967 से डा0 नित्यानंद जी के सम्पर्क में पाँच दशक तक रहे तथा वह मार्गदर्शक एंव प्रेरणा स्त्रोत रहे। श्री विद्या सागर जी, श्री इंद्रजीत जी, मा0 ओम प्रकाश जी, स्व0 तिलक राज कपूर जी, श्री दिनेश जी, श्री सूर्य कृष्ण जी, स्वव्म् श्री कौशल किषोर जी, माव्म् ब्रह्मदेव जी (भाईजी), श्री श्याम लाल जी, स्वव्म् श्री ज्योति स्वरूप जी, श्री इंद्रेश जी, श्री चंपत जी, श्री विजय कौशल जी (प्रसिद्ध कथावाचक) श्री राजेन्द्र जी, श्री रामलाल जी, श्री शिव प्रकाश जी, श्री कैलाश जी, श्री विजय कुमार जी, श्री कृपाषंकर जी, श्री सुधीर जी, श्री हरीश जी, श्री आलोक जी, आदि वरिष्ठ प्रचारको के साथ कार्य करने का सौभाग्य मिला तथा इन सभी के कुशल मार्गदर्शन में तथा संघ की रीति-नीति एंव शिक्षा-दीक्षा को आयाम बनाकर अभी तक का कार्य किया एंव अपने जीवन में भी इसको पूर्णतः सम्मलित किया।

पाकिस्तान को नहीं मिल पायेगा भारत का पानी

केंद्रीय जल संसाधन एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पाकिस्तान के ऊपर कड़ा एक्शन लिया है। ने कहा कि देश की तीन नदियों का जल अब पाकिस्तान नहीं ले पाएगा। उन्होंने कहा कि नदियों के पानी को बांध बनाकर भारत में ही रोक दिया जाएगा, जिससे हरियाणा में कृषि कार्य करने में मदद मिलेगी और पानी की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को लागत मूल्य का डेढ़ गुना दाम देने का जो विश्वास दिया है उसे पूरा करके दिखाएंगे।

सोमवार को गडकरी हरियाणा के रोहतक में आयोजित तीसरे एग्री लीडरशिप समिट में किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में तीन बांधों का निर्माण किया जाएगा ताकि नदियों का भारत के हिस्से के पानी को पाकिस्तान की ओर बह कर जाने से रोका जा सके। अभी यह पानी बहकर पाकिस्तान चला जाता है जिसकी वजह से भारत इसका इस्तेमाल नहीं कर पाता।

जल संसाधन एवं परिवहन मंत्री गडकरी ने कहा कि बांधों से पानी को यमुना नदी से होते हुए हरियाणा लाया जाएगा। इस पानी के आने से राज्य में सिंचाई से वंचित भूमि की सिंचाई हो सकेगी तथा पानी की किल्लत दूर हो पाएगी। गडकरी ने यहां तीसरे कृषि शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन कहा कि यह पानी अन्य राज्यों जैसे राजस्थान में भी ले जाया जाएगा।

हरियाणा और राजस्थान को मिलेगा पानी

गडकरी ने कहा कि सरकार उत्तराखंड में तीन बांध का निर्माण करने जा रही है। इसके बाद भारत की तीन नदियों के हिस्से को पानी को पाकिस्तान में जाने से रोका जा सकेगा और उसे बांध बनाकर यमुना नदी में लाया जाएगा। इसके बाद इस पानी को हरियाणा और राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा।

खत्म होगी सिंचाई की समस्या

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विभाजन के समय भारत को तीन नदियां (सतलुज, रावी व ब्यास) मिली थीं और पाकिस्तान को तीन नदियां (सिंधु, झेलम व चेनाब) मिली थी, लेकिन फिर भी भारतीय नदियों का पानी पाकिस्तान जाता रहा। उन्होंने कहा कि डिप इरिगेशन से किसानों को अधिक पानी मिलेगा, जिससे वो ज्यादा उत्पादन कर सकेंगे।

पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मिला यह सम्मान

पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 अजीत पाठक को जनसंपर्क के क्षेत्र में सराहनीय कार्यों के लिए एमिटी यूनिवर्सिटी जयपुर ने मानद प्रोफेसर के सम्मान से नवाजा है। पीआरएसआई की उपलब्धि पर देश भर के सोसाइटी से जुड़े सदस्यों सहित पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया देहरादून चौप्टर ने हर्ष जताया है।

शनिवार को जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एमिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ0 असीम चौहान ने पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 अजीत पाठक को मानद प्रोफेसर की उपाधि से सम्मानित किया। इस अवसर पर जनसंपर्क के क्षेत्र में पीआरएसआई की उपलब्ध्यिों और गतिविधियों को बेहद अहम बताते हुए डॉ0 असीम ने कहा कि आज के तकनीकी युग में जनसंपर्क के बिना विकास को गति प्रदान करने की बात अधूरी है। वहीं डॉ0 पाठक ने एमिटि यूनिवर्सिटी का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी पीआरएसआई टीम को समर्पित है।

रविवार को दून के एक होटल में पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया देहरादून चौप्टर की बैठक में अध्यक्ष विमल डबराल ने डॉ0 पाठक को शुभकामनायें देते हुए कहा कि सम्मान और पुरस्कार किसी भी कार्य की दिशा में प्रोत्साहन देने वाले होते हैं।

पीआरएसआई देहरादून चौप्टर के सचिव अनिल सती ने हर्ष जताते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 अजीत पाठक को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई योजनागत तरीके से अपने कार्य को अंजाम दे रही हैै। बीते वर्ष दिसंबर 2017 में पीआरएसआई देहरादून चौप्टर को विशाखापट्नम में आयोजित 39वीं पीआरएसआई कॉन्फ्रेन्स के दौरान सर्वश्रेष्ठ इमर्जिंग सम्मान प्राप्त हुआ है जिससे सभी सदस्यों में जनसंपर्क कार्यों के प्रति सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

पीआरएसआई देहरादून चौप्टर के कोषाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड में ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेन्स के आयोजन को लेकर प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री ने भी प्रदेश सरकार की ओर से उक्त आयोजन के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।

पदमावत के विरोध में औवेसी का नाम भी जुड़ा

पदमावती से हुयी पदमावत संजय लीला भंसाली की फिल्म को भले ही सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिल गई हो, लेकिन फिल्म का विरोध जारी है। विरोध करने की सूची में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के लीडर असदुद्दीन ओवैसी का नाम भी जुड़ गया है। ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को राजपूतों से सीख लेने की सलाह दी है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भंसाली की फिल्म को बकवास बता मुसलमानों को राजपूतों से सीख लेने की नसीहत दी है। वहीं ओवैसी ने अपने समर्थकों से फिल्म न देखने की बात कही है।

एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुये महाकाल सेनाध्यक्ष संजय सिंह राठौर ने कहा कि डेढ़ साल से आंदोलन चल रहा है। किसी भी हालत पर ये फिल्म को गुजरात में प्रदर्शित नहीं होने देंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संजय सिंह ने सवाल उठाते हुये कहा कि खिलजी को चित्तौड़ जीतने में छह माह लगे थे। आखिर छह दिन में सुप्रीम कोर्ट कैसे अपना फैसला सुना सकता है। उन्होंने कहा कि मेरी गुजरात सरकार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री से विनती है कि लुका-छिपी के खेल से हमें हथियार पकड़ने कि लिए मजबूर न करें।
वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा वो पद्मावत बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मशविरा कर रहे हैं। शिवराज ने कहा, हमने अपने एडवोकेट जनरल को सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की स्टडी करने को कहा है। मैंने इसे अभी तक नहीं देखा है।


प्रसून जोशी को धमकी

गुरुवार को देश के कुछ हिस्सों में उग्र प्रदर्शन के बाद करणी सेना ने सेंसर बोर्ड के चीफ प्रसून जोशी को धमकी दी है। सुखदेव सिंह ने कहा कि वह प्रसून जोशी को राजस्थान में घुसने नहीं देंगे।

1826 महिलाओं की जौहर की धमकी
गुरुवार को करणी सेना के प्रमुख महिपाल मकराना ने कहा था कि 24 जनवरी को राजपूत महिलाएं चित्तौड़गढ़ में जौहर करेंगी। अभी तक जौहर के लिए 1826 महिलाएं राजी हुई हैं। ये जौहर फिल्म के विरोध में चित्तौड़गढ़ की सर्व समाज समिति और श्रीराजपूत करणी सेना कराएगी। दूसरी ओर करणी सेना ने लोगों से सिनेमाघरों पर कर्फ्यू लगाने को कहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में ये फिल्म रिलीज नहीं हो सकती। राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाने जा रहे हैं।

पूर्व की सरकार घोषणा करती थी, हम काम करने वालेः मोदी

राजस्थान के उदयपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी बोले भारत सरकार सदैव बाढ़ पीड़ितों के साथ है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार सिर्फ घोषणाएं करती थी, अमल नहीं, लेकिन मेरी सरकार काम करने में विश्वास करती हैं। पीएम ने यहां 15 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उदयपुर पहुंचकर हाइवे प्रॉजेक्ट्स का जायजा लिया। उनके साथ केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी नजर आए। प्रधानमंत्री राजस्थान ने 15,000 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। पीएम मोदी कुल करीब कुल 873 किमी लंबाई की 11 पूरी हो चुकी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं राजसमंद, भिलवाड़ा, पाली, नागौर, बारमेर, सिकर, चुरू, जोधपुर और जैसलमेर में हैं। इन 11 परियोजनाओं में कोटा में चम्बल नदी पर बना छह लेन वाला केबल स्टेड ब्रिज भी शामिल है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी कुल करीब 556 किमी की छह राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भूमिपूजन भी करेंगे।

केन्द्र सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करेंः हाईकोर्ट

पशुओं की खरीद-फरोख्त के बारे में केन्द्र सरकार के नए नोटिफिकेशन पर मद्रास हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई चार सप्ताह की रोक के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। राजस्थान हाईकोर्ट के जज महेश चन्द्र शर्मा ने बुधवार को अपनी सेवानिवृति से पूर्व प्रदेश की बहुचर्चित हिंगोनिया गौशाला मामले में सुनवाई की।
जज शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि केन्द्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने में राज्य सरकार प्रयास करे। इसके साथ ही गोकशी करने वालों को आजीवन कारावास का प्रावधान कानून में शामिल कराया जाए। वहीं हिंगोनिया गौशाला में भ्रष्टाचार की जांच राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से कराई जाए। उन्होंने ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को प्रत्येक तीन माह में गौशाला को लेकर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश देने के साथ ही प्रदेश के स्वास्थ्य शासन सचिव एवं जयपुर नगर निगम आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को माह में एक बार गौशाला का दौरा करने के लिए भी कहा। जज शर्मा ने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव और महाधिवक्ता को इस काम के लिए नियुक्त किया जाए कि वे केन्द्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने के पक्ष में दलील रखें। हाईकोर्ट ने इस मामले में एक कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि जयपुर स्थित नगर निगम की हिंगोनिया गौशाला में चारे की खरीद सहित अन्य मामलों में अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट में लम्बे समय से मामला चल रहा था। जस्टिस शर्मा इस मामले की सुनवाई कर रहे थे और बुधवार को सेवानिवृत होने से पूर्व इस मामले में फैसला भी सुनाया। हिंगोनिया गौशाला में करीब माह पूर्व करीब 100 गायों की मौत को लेकर भी विवाद हुआ था। ये गायें देखभाल के अभाव,भूख,प्यास और मिट्टी के साथ कीचड़ में फंसने से मरी थी।

विदेशियों की बंद कार से बैग चोरी

मोबाइल, आईडी व पासपोर्ट चोरी करने का लगाया आरोप
हरिद्वार।
दिल्ली से हरिद्वार घुमने आये आधा दर्जन विदेशी नागरिकों की बंद कार से एक बैग चोरी हो जाने से पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दिन दिल्ली से इनोवा कार में आधा दर्जन विदेशी नागरिक हरिद्वार घुमने के लिए आये थे। जिनके कार चालक रणवीर पुत्र सुभाष निवासी झुझनू राजस्थान ने कार को धोबी पार्किग में खड़ी कर दी। जहां से विदेशी पैदल ही घुमने के लिए हरकी पौड़ी सहित अन्य स्थलों पर निकल पडे। बताया जा रहा हैं कि जब वह शाम को कार पर पहुंचे, तो उन्होंने कार में रखे दो बैगांे से एक बैग चोरी होने आरोप लगा दिया।
कार चालक ने विदेश नागरिकों को काफी समझाने का प्रयास किया कि वह केवल दस मिनट के लिए चाय पीने के लिए गया था। कार को लॉक करके गया था और लौट कर आया तो कार लॉक थी। जिस पर विदेशी नागरिकों ने चालक की एक नहीं सुनी और मामले की शिकायत पुलिस से की। विदेशी नागरिकों को संदिग्ध हालत में कार से बैग चोरी होने की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पुलिस विदेशी नागरिकों सहित चालक से भी जानकारी ली। रोचक बात यह हैं कि विदेशी नागरिक कार में दो बैग छोड कर जाने की बात कह रहे थे। कार में केवल एक बैग ही मौजूद मिला, जिसमें दो लाख की कीमत का कैमरा व डॉलर सहित अन्य समान मौजूद था। जबकि गायब बैग में तीन मोबाइल, आईडी, पासपोर्ट सहित अन्य समान होने की बात कही जा रही है। यहां पर गौर करने वाली बात हैं कि बिना कार का लॉक व शीशा टूटे आखिर कार से बैग कैसे चोरी हो सकता है। पुलिस ने कार चालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है।