असहाय सरिता को रायफल फंड से डीएम ने दी आर्थिक सहायता

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। आज आयोजित जनता दर्शन में कुल 170 शिकायतें प्राप्त हुईं।
जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन में आने वाले व्यथित, असहाय, बुजुर्ग, महिलाओं तथा जरूरतमंद लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई की जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ संबंधित शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
जनता दर्शन में बंजारावाला निवासी कल्पना ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्री विदुषी, जो फाईलफोर्ट पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा है, आर्थिक तंगी के कारण स्कूल की फीस जमा नहीं कर पाई है, जिसके चलते विद्यालय प्रबंधन उसे परीक्षा में बैठने से रोक रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर छात्रा को परीक्षा में सम्मिलित कराने तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा योजना के अंतर्गत उसकी स्कूल फीस जमा कराने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जवाहर कॉलोनी, बल्लूपुर निवासी शमशाद ने बताया कि वर्ष 2023 में एक दुर्घटना में उनका पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था और उनका उपचार चल रहा है। आय का कोई साधन न होने के कारण उन्होंने आर्थिक सहायता की मांग की। जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत करने तथा प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल फंड से आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
तहसील चकराता के ग्राम कांडोई निवासी अनिल कुमार ने अवगत कराया कि वर्ष 2017 में पीएमजीएसवाई कालसी द्वारा लाखामण्डल से नाडा मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था, जिससे उनकी कृषि भूमि और नहर को नुकसान पहुंचा। उन्होंने बताया कि नहर निर्माण हेतु शेष रू0 5.04 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से प्रकरण का संज्ञान लेते हुए समाधान प्रस्तुत करने को कहा। अधिकारियों द्वारा 12 मार्च तक समस्या के निस्तारण का लिखित आश्वासन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
खुड़बुड़ा निवासी सरिता गोयल ने भी अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। उनका पुत्र दिव्यांग है, जिसका उपचार कराने में वे असमर्थ हैं तथा उनके पति भी बीमार हैं। इस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल फंड से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी को सरिता के दिव्यांग पुत्र को स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत रू0 4000 प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि परिवार को आर्थिक संबल मिल सके और बच्चे का उपचार सुचारू रूप से हो सके।
जनता दर्शन में गढ़ीकैंट डाकरा निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग ने भी अपनी समस्या रखते हुए बताया कि वे हृदय रोग से पीड़ित हैं और हाल ही में उनका ऑपरेशन हुआ है। उन्होंने शिकायत की कि उनका पुत्र नशे की लत के कारण आए दिन घर में हुड़दंग करता है और उन्हें परेशान करता है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रकरण में गुंडा एक्ट के अंतर्गत वाद दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार धर्मपुर निवासी एक बुजुर्ग दंपति ने अपनी बहू द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। मामले में उनके भरण-पोषण के लिए वाद दर्ज किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना है तथा जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का निष्पक्ष, संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राजीव नगर निवासी व्यथित विधवा अरूणा ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनके पति की वर्ष 2008 में मृत्यु हो गई तथा मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन यापन करती है। उनका पेयजल का बिल रू0 34395 प्राप्त हुआ है जिसका भुगतान करने में असमर्थ है, जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को बिल सटलमेंट करने के निर्देश दिए तथा सटलमेंट धनराशि का भुगतान जिला प्रशासन के रायफल फंड से करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर मजिस्टेट प्रत्युष सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुरझाए हुए चेहरों पर अब दिखने लगी खुशियां, आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर के बच्चों ने खेली होली

जिलाधिकारी सविन बंसल के संवेदनशील एवं दूरदर्शी प्रयासों से सड़क पर भटकता और भिक्षावृत्ति व बालश्रम में संलिप्त बचपन अब शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर ऐसे बच्चों के जीवन में नई आशा की किरण बनकर उभरा है।
कभी मुरझाए हुए चेहरों पर अब त्योहारों की खुशियां दिखाई दे रही हैं। उनकी आंखों में भविष्य के सुनहरे सपने संजोए जा रहे हैं। आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में न केवल उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है, बल्कि उनके भविष्य की स्पष्ट दिशा भी तय की जा रही है।

जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल के तहत अब तक 174 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। रेस्क्यू अभियान के माध्यम से चिन्हित बच्चों को आधुनिक केयर सेंटर में लाकर काउंसलिंग, ब्रिज कोर्स, नियमित शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं मानसिक संबल प्रदान किया जा रहा है।
हारिश, कक्षा 6, साधुराम इंटर कॉलेज का छात्र है। वह शारीरिक रूप से अत्यंत सक्रिय है और सभी प्रकार की खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेता है।

वह मई माह 2025 में आईसीसी (ICC) से जुड़ा था। उससे पहले वह किसी भी विद्यालय में नामांकित नहीं था और उसे औपचारिक स्कूली शिक्षा का पूर्व अनुभव भी नहीं था।

आईसीसी से जुड़ने के बाद अगस्त 2025 माह में उसे कक्षा 6 में साधुराम इंटर कॉलेज में मुख्यधारा (Mainstream) में प्रवेश दिलाया गया।

विद्यालय में प्रवेश के पश्चात उसने नियमित उपस्थिति दर्ज कराई है तथा प्रत्येक खेल गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी सक्रियता और प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया है।

जिलाधिकारी के निर्देशन में संबंधित विभागों की समन्वित कार्यवाही से इन बच्चों को औपचारिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। इसके साथ ही सेंटर में संगीत, योग, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
त्योहारों में शामिल हो रहा है बचपन
हाल ही में सेंटर के बच्चों ने उत्साहपूर्वक होली का पर्व मनाया। रंगों के साथ खिलखिलाती हंसी यह संदेश दे रही थी कि अब यह बचपन उपेक्षा का नहीं, बल्कि अवसरों का प्रतीक है। तीज-त्योहारों में सहभागिता से बच्चों में आत्मविश्वास एवं सामाजिक जुड़ाव की भावना विकसित हो रही है।

जिला प्रशासन द्वारा निरंतर रेस्क्यू अभियान चलाकर बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों की पहचान की जा रही है। ऐसे बच्चे जो पारिवारिक, आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण इन गतिविधियों में संलिप्त थे, उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान कर शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में अग्रसर किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहां कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और शिक्षित जीवन का अधिकार है। प्रशासन का उद्देश्य केवल बच्चों को रेस्क्यू करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी नागरिक बनाना है।

आज जो बच्चे कभी सड़कों पर थे, वही अब विद्यालयों में नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं, खेल प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। उनकी बदलती जिंदगी अन्य जरूरतमंद बच्चों और समाज के लिए प्रेरणा बन रही है।
जिला प्रशासन की यह पहल समाज के सहयोग से और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से वंचित न रहे।

राज्य की कृषि, सरकारी भूमि पर गिद्ध नजर गढाये बैठे भू-माफिया बिल्डर्स पर जिला प्रशासन की स्ट्राइक

जनपद में न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित भूमि के अवैध क्रय-विक्रय से जुड़े गंभीर फर्जीवाड़े के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए क्रेता एवं विक्रेता के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। राज्य की सरकारी भूमि पर गिद्ध नजर गढाये बैठे भू-माफिया बिल्डर्स पर जिला प्रशासन कड़े प्रहार करने के मूड मेें है। चंडीगढ पंजाब बाहरी लोग राज्य की प्रतिबन्धित भूमि जिनपर न्यायालय द्वारा क्रय-व्रिकय पर रोक लगा रखी है ऐसी भूमि पर भू-माफियाओं की नजर है ऐसी भूमि को कूटरचित दस्तावेज से जमीन बेचने का मामला संज्ञान में आया है। जिस पर जिलाधिकारी ने एक्शन लेते हुए मुकदमा दर्ज कराया है तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस तरह के अन्य प्रकरणों पर कार्यवाही की जाए। ऐसे प्रकरणों पर जिला प्रशासन कड़ा एक्शन लेने के मूड में है।
जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि मौजा आमवाला तरला स्थित खसरा संख्या 94ख, 134, 135 एवं 136 की भूमि, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है, उसे कूटरचित (फर्जी) अभिलेख तैयार कर पंजीकृत कराया गया। शिकायतकर्ता द्वारा विलेख संख्या 8614/2025 एवं 8615/2025 के संबंध में आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया गया कि उक्त भूमि पीएसीएल (पर्ल्स एग्रो टेक कॉर्पाेरेशन लिमिटेड) से संबंधित प्रतिबंधित श्रेणी में आती है।
प्राथमिक जांच में पाया गया कि विक्रेता द्वारा संबंधित भूमि का वास्तविक विवरण छिपाते हुए रजिस्ट्री कराई गई। यह भी सामने आया कि भूमि विवादित होने के बावजूद क्रय-विक्रय कर दिया गया, जो न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। संबंधित भूमि का संबंध कथित रूप से गोल्डन फॉरेस्ट से जुड़ी परिसंपत्तियों से भी बताया जा रहा है, जिन पर पूर्व से विभिन्न स्तरों पर प्रतिबंध लागू हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर रजिस्ट्रार देहरादून एवं उप जिलाधिकारी सदर को विलेखों की पुनः जांच के आदेश दिए गए। यदि इन विलेखों के आधार पर दाखिल-खारिज के आदेश जारी हुए हैं, तो उन्हें तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा 83 के तहत कूट रचना कर पंजीकरण कराने के मामले में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध थाना कोतवाली में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सब-रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की संभावना व्यक्त की गई है। साथ ही, ऋषिकेश सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की तर्ज पर रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून का वृहद निरीक्षण भी शीघ्र किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि लेन-देन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन का जनदर्शन, जन सुरक्षा की गांरटी, मौके पर ही सभी कड़े व बड़े एक्शन

जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजित किया गया। जनता दर्शन में 163 शिकायत प्राप्त हुई। जनता दर्शन में भूमि विवाद, अतिक्रमण, भरपोषण, बैंक ऋण आर्थिक सहायता आदि शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करना सुनिश्चित करते हुए सम्बन्धित शिकायतकर्ता को कृत कार्यवाही से अवगत कराएंगे।
डकाल चौक इन्द्रानगर निवासी विधवा सुनीता ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि पति की मृत्यु हो गई है, आर्थिक स्थ्तिि बेहद खराब है 3 बच्चों का पालन-पोषण करने में दिक्कत आ रही है उन्होंन आर्थिक सहायता की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल क्लब फंड से आर्थिक सहायता तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी को विधवा पेंशन लगवानेे की स्वीकृति प्रदान करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए।
रेसकार्स निवासी बजुर्ग महिला ने गुहार लगाई उनके दो पुत्रों द्वारा उनके मकान में रहने नही दिया जा रहा है तथा हम बुजुर्ग दम्पति से गाली गलौज मारपीट करते हैं तथा घर में घुसने नही देते। बच्चों ने घर से निकाल दिया है रहने के लिए कोई जगह नही है, जिस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही भरणपोषण अधिनियम में वाद दर्ज करवाया। वहीं भरणपोषण अधिनियम के आज 05 से अधिक वाद दर्ज किए गए।
दौड़वाला निवासी 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला कान्तादेवी ने गुहार लगाई कि उनकी नातिन के पति द्वारा उनकी सम्पति नातिन के नाम करवाई तथा विश्वास में लेकर भूमि विक्रय कर दी। धोखे से हस्ताक्षर करवाकर उनके बैंक खाते में नॉमिनी बन गया। जब बुजुर्ग बैंक खाते से धनराशि निकालने गई तो बैंक खाता खाली था पता चला उनके खाते से धनराशि आनलाईन माध्यम से नातिन के पति के खाते डाली गई। वर्ष 2024 में संदिग्ध परिस्थिति में नातिन की मृत्यु हो गई। धोखे से उनकी समस्त सम्पत्ति हड़प ली जिस पर जिलाधिकारी उप जिलाधिकारी न्याय को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
कंुज विहार कारगी चौक निवासी दुर्गा प्रसाद नौटियाल ने अपने शिकायत बताया कि उनके क्षेत्र में सीवर लाईन बिछाने का कार्य किया गया किन्तु उनका मकान छोड़ दिया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा आपदा प्रबन्धन अधिकारी से यूयूएसडीए से कारण जानते हुए स्थिति स्पष्ट कर समाधान करने के निर्देश दिए।
विधाता एन्कलेव निवासी सुरेश चौहान ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके द्वारा वर्ष 2024 में विद्युत पोल शिफ्टिंग की फीस जमा कराने के उपरान्त भी विद्युत पोल शिफ्टिंग नही हुआ जिस पर जिलाधिकारी ने एक्शियन विद्युत से विलम्ब का कारण प्रस्तुत करते हुए निस्तारण करने के निर्देश दिए।
सेवानिवृत्त अध्यापिका सुशीला नेगी ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पुलिस पब्लिक स्कूल में वर्षों से शिक्षण कार्य कर रही हैं स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को प्रकरण पर जांच कर कार्यवाही करते हुए 20 फरवरी तक एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
छरबा निवासियों ने अपने शिकायती पत्र तहसील विकासनगर के छरबा बंजर झाड़ी, तालाबो विनोबाभावे ट्रस्ट की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की जिस पर उप जिलाधिकारी विकासनगर की अध्यक्षता में समिति गठित करते हुए 10 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
महालक्ष्मीपुर मोथोरोवाला निवासी आनंदमणी डिमरी ने अपनी शिकायत मेें बताया कि उनके क्षेत्र में एडीबी द्वारा बनाई गई सड़क में मानकों का उल्लंघन करते हुए उपयोग सामग्री गुणवत्तायुुक्त न होने के कारण सड़क खराब हो रही है। जिस पर जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट निदेशक यूयूएसडीए जांच करते हुए कार्यवाही हेतु लिखा है।
बुजुर्ग पिता ने डीएम से गुहार लगाई की उनका बेटा नशामुक्ति केन्द्र में है तथा राम फाईनेंस कम्पनी द्वारा उनके गेट पर वसूली नोटिस चस्पा किया है। पता करने पर ज्ञात हुआ कि फाईनेंस कम्पनी ने बिना किसी अभिलेखीय कार्यवाही के केवल बिजली के बिल पर उनके पुत्र को पर्सनल लोन दे दिया। उनके द्वारा ऐसी फाईनेंस कम्पनी जिनके द्वारा बिना अभिलेखीय कार्यवाही के लोन दिया जा रहा है पर कार्यवाही की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने प्रकरण पर डीजीसी सिविल से विधिक राय प्रस्तुत करने को लिखा।
सुद्धोवाला निवासी श्रमिक मुन्ना सिंह चौहान ने शिकायत करते हुए बताया कि ठेकेदार द्वारा उनकी मजदूरी नही दी गई तथा उनके औजार जब्त कर दिए है, जिस पर जिलाधिकारी सहायक श्रमआयुक्त को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आर्यनगर निवासी हरिराम दुबे ने शिकायत बताया कि वह राजकीय सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत थे तथा वर्ष 1966 में प्रीमियर मोटर्स राजपुर रोड में कार्यरत था प्रतिष्ठान के स्वामी द्वारा राजकीय सेवा में अनुसार समस्त वेतन व सुविधाए देने का आश्वासन दिया था प्रतिष्ठान का कार्यालय अब हरिद्वार बाईपास रोड में शिफ्ट हो गया है किन्तु प्रतिष्ठान द्वारा 1.55 लाख दिए उनके द्वारा देयकों का भुगतान करने की गुहार लगाई जिस पर सहायक श्रम आयुक्त को कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

सीएम के मार्गदर्शन में गोल्फकार्ट से लेस पहला पर्यटन स्थल होगा मसूरी: डीएम

मसूरी में रिक्शा अब हुए पुरानी जमाने की बात हो गई मसूरी को जल्द ही 40 नये गोल्फ कार्ट जल्द मिलने जा रहे। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूर्ण करते हुए सीएसआर फंड से 3.36 करोड़ धनराशि का प्रबन्ध कर लिया है। इससे पूर्व 14 गोल्फ कार्ट जिलाधिकारी के प्रयासों से मसूरी को पहले ही मिल चुके। वहीं अब 40 नये गोल्फकार्ट मिलने जा रहे जो कि मसूरी मॉल रोड कैमल बैक रोड पर चलने वाले स्थानीय रिक्शा का स्थान लेगें जिसके लिए रिक्शा चालकों को इसके लिए पूर्व में प्रशिक्षित किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा गोल्फकार्ट के लिए आरईसी फांडेशन लि0 (आरईसी) के अधिकारियों से चर्चा कर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सीएसआर फंड से धनराशि की मांग की जिस पर आरईसी से 3.36 करोड़ धनराशि सीएसआर फंड से दी जा रही है। जिला प्रशासन का मसूरी में गोल्फकार्ट संचालन कराना अपने आप में बेहतरीन प्रयास जिससे मसूरी में जाम से निजात तो मिलेगा ही साथ मसूरी वासियों एवं पर्यटकों को सुविधा तथा स्थानीय रिक्शा चालकों को रोजगाार मिलेगा।
जिला प्रशासन के प्रयासों से दिसम्बर 2024 को मूसरी को सुगम सुविधा एवं जाम से निजात दिलाने हेतु गोल्फकार्ट का शुभारम्भ किया गया था स्थानीय रिक्शा चालकों को गोल्फ कार्ट चलाने हेतु सम्बन्धित कम्पनी के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। नगर पालिका परिषद द्वारा प्रथम चरण में 4 गोल्फ कार्ट चलाए गए थे, वर्तमान में जिनकी संख्या 14 है। इन 40 नए गोल्फकार्ट आने से अब इनकी संख्या 54 हो जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर मसूरी माल रोड में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए माल रोड पर वाहनों का आवागमन पर रोक लगाते हुए, स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों की आवागमन हेतु सुगम सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट चलाने की जिला प्रशासन ने योजना है, जो की मसूरी में यातायात प्रबंधन की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
जनपद देहरादून के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहाड़ो की रानी मसूरी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने तथा स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों को सुगम आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल की गई है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में मसूरी में चरणबद्ध तरीके से गोल्फकार्ट संचालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे जाम की समस्या से निजात के साथ ही पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिला है। मसूरी में पूर्व में 14 गोल्फकार्ट संचालित किए जा चुके हैं। अब 40 अतिरिक्त गोल्फकार्ट शीघ्र ही शामिल किए जाने जा रहे हैं, जिससे इनकी कुल संख्या में और वृद्धि होगी। ये गोल्फकार्ट विशेष रूप से मसूरी मॉल रोड एवं कैमल्स बैक रोड पर संचालित किए जाएंगे, जहां पूर्व में स्थानीय रिक्शा संचालित होते थे।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्थानीय रिक्शा चालकों के रोजगार को संरक्षित रखते हुए जिला प्रशासन के प्रयासों से “2 रिक्शा चालक पर 1 गोल्फकार्ट” मॉडल पर सहमति बनी है। जिला प्रशासन एवं रिक्शा चालकों के मध्य समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि परंपरागत रोजगार प्रभावित न हो, बल्कि आधुनिक परिवहन प्रणाली के माध्यम से आय के अवसर बढ़ें। गोल्फकार्ट संचालन हेतु संबंधित कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा रिक्शा चालकों को विधिवत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) के माध्यम से आरईसी फांउडेशन लि0 के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के आधार पर आरईसी द्वारा 3.36 करोड़ रुपये की धनराशि सीएसआर फंड से स्वीकृत की गई है। यह धनराशि गोल्फकार्ट क्रय एवं संचालन व्यवस्था सुदृढ़ करने में उपयोग की जाएगी।

मसूरी को जाम से राहत दिलाने एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से दिसंबर 2024 में जिलाधिकारी ने प्रशासक रहते गोल्फकार्ट सेवा का शुभारंभ किया गया था। प्रथम चरण में नगर पालिका परिषद द्वारा चार गोल्फकार्ट संचालित किए गए थे। वर्तमान में इनकी संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है। माल रोड पर बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लागू किया गया है। स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों की सुविधा हेतु गोल्फकार्ट सेवा को प्राथमिक परिवहन माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन की यह पहल न केवल मसूरी को जाम की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षित यातायात व्यवस्था एवं स्थानीय रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

सीएम के संकल्पानुसार राज्य आंदोलनकारी चयन हमारी प्राथमिकता: डीएम

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में राज्य आंदोलनकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण सहित विभिन्न लंबित विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान राज्य आंदोलनकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं मांगें प्रस्तुत कीं। विशेष रूप से शपथ-पत्र के आधार पर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए जाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि संगठनों द्वारा प्रस्तुत शपथ-पत्रों एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर प्रकरण को प्रबल संस्तुति के साथ शासन को प्रेषित किया जाएगा, ताकि उचित स्तर पर निर्णय लिया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि आप हमारे राज्य के निर्मातागण आपकी समस्याओं का निस्तारण करना शासन-प्रशासन का परम दायित्व है। जिलाधिकारी ने समिति के गठन के संबंध में कहा कि सभी संगठन आपसी समन्वय एवं सर्वसम्मति से समिति सदस्यों के नाम प्रस्तावित कर प्रेषित करें। प्राप्त नामों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं एवं योगदान का सम्मान करता है तथा विषय के समाधान हेतु संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के संकल्पानुसार राज्य आंदोलनकारी चयन हमारी प्राथमिकता है। प्राप्त सुझाव, मानको में संशोधन चयन कमेटी निर्धारण आपके सौजन्य व विमर्श से ही किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि संवाद एवं समन्वय के माध्यम से ही समस्याओं का सकारात्मक समाधान संभव है तथा प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगा।

डीएम की निरीक्षण जांच का त्वरित संज्ञान, ऋषिकेश उप निबंधक निलम्बित

जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने बड़ा एक्शन लेेते हुए उप निबन्धक ऋषिकेश को निलिम्बत करते हुए मुख्यालय सम्बद्ध कर दिया है। विगत माह आमजन को रजिस्ट्रार कार्यालय में आ रही समस्याओं एवं शिकायतों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया था।
आमजन की पीड़ा व शिकायतों से प्रेरित डीएम सविन बसंल के सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश के औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमिताएं उजागर हुई थी जिनमें गहन स्टाम्प चोरी, फर्जी कार्मिक व सब रजिस्ट्रार के बगैर ही लिपिक द्वारा अनाधिकृत रूप विलेख पंजीकरण कार्यवाही सम्पादित करना,  कार्यालय में वर्षों से आमजन के मूल अभिलेख लम्बित पाये जाना,सम्पति मूल्य आंकलन का कोई ज्ञान न होना, करोड़ो की स्टाम्प चोरी हुई, औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीयां बरामद हुई थी। निरीक्षण के दौरान उपस्थित फरियादियों ने आपबीती सुनाते हुए  बताया कि मूल अभिलेख लौटाने; रजिस्ट्री की नकल देने में आमजन को कर रहे परेशान किया जा रहा है। कार्यालय में कई महीनों से मूल अभिलेख आवेदकों को वापिस नही किए गए तथा ना ही मुख्यालय को सूचना प्रेषित की गई। जबकि अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अलमारी में धूल खा रहे थे अर्जेंट रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से मिली लम्बित मिले। जिस पर यह एक्शन लिया गया। इस एक्शन से अन्य रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के अन्तर्गत उप निबंधक कार्यालय, ऋषिकेश का उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एवं जिला शासकीय अधिवक्ता (रा०) देहरादून की उपस्थिति में औचक निरीक्षण किया, जिसके परिणामस्वरूप उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एवं जिला शासकीय अधिवक्ता (रा०) की संयुक्त जॉच आख्या के आधार पर हरीश कुमार, उप निबंधक, ऋषिकेश के बिना किसी सूचना के अनुपस्थिति, संदर्भगत कार्यालय में तत्समय तैनात निबंधक लिपिक द्वारा पंजीकरण की कार्यवाही सम्पादित करना पाया गया। तथा फर्जी कर्मचारी से अनाधिकृत तौर से विलेखों का पंजीकरण निष्पादित कराया जाना, पंजीकृत दस्तावेजों को कार्यालय में महिनों / वर्षों तक विधि विरूद्ध तरीके से धारित/लंबित रखना, ग्राम माजरी ग्रांट, तहसील डोईवाला में दून घाटी विशेष महायोजना 2031 के अंतर्गत आरक्षित औद्योगिक भूमि का आवासीय दरों पर पंजीकरण की कार्यवाही चल रही थी। उप निबन्धक हरीश कुमार द्वारा वर्तमान में प्रचलित / विद्यमान नियमों / अधिनियमों का यथा-भारतीय स्टाम्प (उत्तराखण्ड संशोधन) अधिनियम 2015 की धारा 47क, भारतीय रजिस्ट्रेशन मैनुअल के नियम 325, नियम 195 व 196, सुराज भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा अनुभाग, उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या 368/28.04.2016 का संज्ञान नहीं लिया गया है, जिससे स्टाम्प अपवंचना के दृष्टिगत सरकार को गहन राजस्व क्षति हुई है।
निरीक्षण के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया में खुलेआम कानून उल्लंघन, फर्जी कर्मचारी से रजिस्ट्रियां कराना तथा वर्षों से संगठित रूप से स्टांप चोरी किए जाने के प्रमाण सामने आए हैं।  उप निबंधक की अनुपस्थिति में अवैधानिक रूप से रजिस्ट्रियां की जा रही थीं तथा पंजीकृत दस्तावेज महीनों-वर्षों तक कार्यालय में दबाकर रखे गए। कार्यालय में बाहरी व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्रेशन कार्य कराए जाने से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई है। जांच में दून घाटी विशेष महायोजना-2031 के अंतर्गत औद्योगिक भू-उपयोग वाली भूमि को आवासीय दर्शाकर दर्जनों छोटे भू-खण्डों में रजिस्ट्री कराए जाने का मामला भी उजागर हुआ है, जिससे न केवल स्टांप अपवंचना हुई बल्कि भूमि क्रेताओं के साथ भी धोखाधड़ी की गई।
निरीक्षण दौरान पाई गई कमियों पर जिला प्रशासन द्वारा उप निबन्धक के निलम्बन एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति शासन को प्रेषित की गई थी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन द्वारा उप निबन्धक को निलिम्बित करते हुए मुख्यालय से सम्बद्ध करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। जिला प्रशासन के इस एक्शन को राजस्व हितों से खिलवाड़, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत देखा जा रहा है तथा भविष्य में भी इस तरह के एक्शन देखने को मिल सकते हैं।

नगर निगम एवं जल संस्थान द्वारा क्षेत्र की 02 नालियों की गई टेपिंग, डीएम ने पूर्व में दिए थे निर्देश

जिला प्रशासन देहरादून द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना सीवर संयोजन के सीधे गंगा जी में जा रहे 14 घरों का ग्रे वॉटर बंद कर दिया है तथा 2 नालियों की टैपिंग कर दी गई है । विगत दिवस जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा चंदेश्वर नाला ऋषिकेश का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ढालवाला नाले में अपशिष्ट जल (ग्रे-वाटर) प्रवाहित होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम, ऋषिकेश एवं जल संस्थान (गंगा), ऋषिकेश के अधिकारियों को नाले में छोड़े जा रहे अपशिष्ट जल के सभी पाइप तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जल संस्थान (गंगा), ऋषिकेश एवं नगर निगम, ऋषिकेश के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि ढालवाला नाले के आसपास कुल 21 भवन स्थित हैं। इनमें से 14 भवनों का ग्रे-वाटर सीधे नाले में जा रहा था, जबकि शेष 07 भवनों का ग्रे-वाटर विधिवत सीवर लाइन से संयोजित पाया गया।
संयुक्त निरीक्षण के उपरांत जल संस्थान ऋषिकेश द्वारा नाले में ग्रे-वाटर प्रवाहित कर रहे 14 भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए गए तथा मौके पर ही उनके भवनों से नाले में जाने वाली अपशिष्ट जल निकासी को बंद कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में नगर निगम एवं जल संस्थान द्वारा क्षेत्र की 02 नालियों की भी टेपिंग कर दी गई है।
इस प्रकार अब ढालवाला नाला, चन्द्रेश्वर नगर में 14 भवनों एवं 02 नालियों से किसी भी प्रकार का ग्रे-वाटर खुले नाले में प्रवाहित नहीं हो रहा है। जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

डीएम का सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश में औचक निरीक्षण, विलेखों का निबंधन करते लिपिक पकड़ा गया

जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं एवं गंभीर अनियमितताओं पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने पूछा कि आपके सम्पति मूल्य आंकलन 47-ए का कोई ज्ञान नही तो स्टाम्प शुल्क कैसे किया तय, किसने तुम्हे निबंधक के बदले अधिकार दिए इस पर अपराधिक कार्यवाही की जाएगी।
डीएम का औचक निरीक्षण, सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई जिस पर कड़ा एक्शन तय है। सब रजिस्ट्रार के बगैर ही अवैधानिक रूप से लिपिक द्वारा विलेखों का निबंधन किया जाना पाया गया। औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीय बरामद हुई जिससे करोड़ो की स्टाम्प चोरी भी संभावना है जिस पर विस्तृत आख्या शीघ्र मांगी गई। कई महीनों से लम्बित मूल अभिलेख आवेदकों को वापिस नहीं किया गया, मूल विलेख पत्र अलमारी में धूल खा रहे थे। वापिस करने की अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अमलमारी में धूल खाते मिले। लम्बित मूल अभिलेख, कूटरचित विलेख पर डीएम ने कम्प्यूटर जब्त करवया तहसील प्रशासन के सुपुर्द किया। मूल अभिलेख लौटाने रजिस्ट्री की नकल देने को हजारो आमजन परेशान हो रहे थे। रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से लम्बित मिली। निरीक्षण दौरान कार्यालय में मिला घोस्ट कार्मिक, जिसका न कोई नियुक्ति पत्र न उपस्थिति पंजिका में नाम था इस जिपर जिलाधिकारी ने कार्मिकों का रिकार्ड तलब कर दिया है। वहीं उपस्थित फरियादियों ने अपनी आपबीती प्रशासन को सुनाई जिस पर उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी नेे निरीक्षण में पाया कि कार्यालय में 6 माह से अधिक अवधि के विलेख पत्र लंबित थे। औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित खसरा नंबर एवं सूची की जानकारी पूछे जाने पर उपस्थित कार्मिक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। विलेखों की प्रतिलिपि समय पर संबंधित क्रेताओं को उपलब्ध न कराए जाने तथा इस संबंध में मुख्यालय को सूचना प्रेषित किए जाने का कोई रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
उप निबंधक कार्यालय में घोस्ट कार्मिक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने समस्त कार्मिकों का विवरण तत्काल तलब किया। कार्यालय में पुराना डेटाबेस संचालित पाया गया, जिस पर संबंधित कार्मिक कोई ठोस व तार्किक कारण नहीं बता सके। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि सब रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में रजिस्ट्री की जा रही थी। बताया गया कि सब रजिस्ट्रार देहरादून मीटिंग में हैं, जबकि रजिस्ट्री केवल निबंधन लिपिक की उपस्थिति में की जा रही थी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। जिलाधिकारी द्वारा पुराने विलेख पत्र जप्त किए गए तथा कार्मिक उपस्थिति रजिस्टर भी तलब किया गया।
कार्यालय में रजिस्ट्री की नकल उपलब्ध कराने में अनावश्यक विलंब किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, रजिस्ट्री शुल्क लेने के लिए पृथक व्यवस्था नहीं पाई गई तथा समस्त भुगतान एक ही काउंटर पर लिए जा रहे थे, जो प्रक्रियात्मक त्रुटि को दर्शाता है। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कार्यालय के प्रातः 9ः30 बजे खुलने के बावजूद पहली रजिस्ट्री प्रातः 11ः15 बजे की गई। इस विलंब के संबंध में पूछे जाने पर भी उपस्थित कार्मिक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
जिलाधिकारी ने सभी अनियमितताओं को अत्यंत गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने, रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराने तथा दोषी कार्मिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों की अनदेखी कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर, तहसीलदार चमन सिंह आदि उपस्थित रहे।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने ली प्राधिकरण की समीक्षा बैठक, विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में आवास एवं नगर विकास से जुड़ी योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने पदभार ग्रहण करने के बाद *“मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए)”* की पहली समीक्षा बैठक ली। सचिवालय स्थित अपने कक्ष में आयोजित इस बैठक में उन्होंने प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*चल रही परियोजनाओं की गहन समीक्षा*
समीक्षा बैठक में मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की सभी गतिमान परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पार्किंग निर्माण, पार्कों का विकास, आवासीय योजनाएं, बाजार पुनर्विकास और अन्य शहरी विकास से जुड़े कार्य शामिल रहे। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए और निर्माण गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गति के साथ-साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

*मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया होगी और अधिक सरल व त्वरित*
समीक्षा बैठक में मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों और निवेशकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि तेज और सुगम प्रक्रिया से शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और अवैध निर्माण की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा।

*स्थलीय निरीक्षण कर खुद करेंगे परियोजनाओं की निगरानी*
आवास सचिव ने यह भी कहा कि वे स्वयं सभी महत्वपूर्ण और निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने से समस्याओं की पहचान आसान होती है और समय रहते उनका समाधान किया जा सकता है। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित की जा सकेगी।

*ऋषिकेश, देहरादून, आढ़त बाजार व इंदिरा मार्केट परियोजनाएं प्राथमिकता में*
समीक्षा बैठक में मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ऋषिकेश, देहरादून तहसील क्षेत्र, आढ़त बाजार और इंदिरा मार्केट से जुड़ी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। आवास सचिव ने इन सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों का सुव्यवस्थित विकास न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय व्यापार को भी मजबूती देता है।

*पार्कों में गंदगी फैलाने वालों पर लगेगी पेनल्टी*
आवास सचिव ने मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा विकसित और संचालित पार्कों के रखरखाव पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि पार्कों में गंदगी फैलाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर पेनल्टी की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है।

*मास्टर प्लान और लैंड पूलिंग नीति पर बनेगी विशेष कार्ययोजना*
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि आवास विभाग सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा। प्राधिकरण स्तर पर शासन में लंबित महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी विकास प्राधिकरणों के साथ माहवार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रदेश के कई शहरों के मास्टर प्लान लंबे समय से लंबित हैं, जिन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। साथ ही लैंड पूलिंग नीति के तहत लैंड बैंक बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि सरकारी आवासीय योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

*अधिकारियों ने दी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी*
बैठक से पूर्व प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने आवास सचिव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने प्राधिकरण की प्रमुख योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, सहायक अभियंता अजय मलिक, सहायक अभियंता सुनील गुप्ता, लेखपाल नजीर अहमद तथा वास्तुविद दृष्टि जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

*आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आवास एवं नगर विकास विभाग प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि सभी विकास योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हों। मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल किया जाएगा और लंबित मास्टर प्लान व लैंड पूलिंग नीति पर विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से अमल किया जाएगा।