बजट के अभाव में लटका जानकी सेतु का निर्माण

ऋषिकेश।
बुधवार को डीएम टिहरी इन्दुधर बौड़ाई ने निमार्णाधीन शिवपुरी-जाजल मोटर मार्ग का निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता लोनिवि मोहमद आरिफ खान ने बताया कि मोटर मार्ग बनने से शिवपुरी से जाजल तक मात्र 23 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी और यह मार्ग वैकल्पिक मोटर मार्ग के रूप में भी कार्य करेगा। मोटर मार्ग के 10 से 15 किमी के निर्माण के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध हो गई है। शेष 10 किमी मोटर मार्ग वन अधिनियम के तहत स्वीकृत होना है। बौड़ाई ने वन अधिनियम के लंबित प्रकरण को प्राथमिकता के आधार पर हल करने, इसके लिए कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। अवमुक्त धनराशि से निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। इससे पूर्व डीएम ने मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम को जोड़ने वाले जानकी सेतु के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। लोनिवि के अधिकारियों ने बताया कि बजट के अभाव में निर्माण कार्य लटका हुआ है। डीएम ने लोनिवि को जानकी सेतु के लिए अब तक के मिले बजट से हुए निर्माण कार्य की रिपोर्ट तैयार करने और शासन से धनराशि जारी करने को लेकर प्रस्ताव देने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम नरेन्द्रनगर लक्ष्मीराज चौहान, लोनिवि, ऊर्जा निगम, जल संस्थान आदि विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

गैरहाजिर अध्यापक निलंबित
डीएम टिहरी इन्दुधर बौड़ाई ने प्राथमिक विद्यालय मठियाला का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में एक अध्यापक बिना अवकाश स्वीकृत कराये ही अनुपस्थित थे। डीएम ने अवकाश स्वीकृत कराये बिना अनुपस्थित रहने पर अध्यापक खुशाल सिंह रावत को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।

स्वामी भक्तियोग महाराज का निधन

ऋषिकेश।
मुधवन आश्रम के 67 वर्षीय स्वामी भक्तियोग महाराज का मंगलवार रात चंडीगढ़ स्थित फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वह बीते कुछ समय से बीमार चल रहे थे। बुधवार को उनके अंतिम दर्शन को आश्रम में लोग पहुंचे।
26 अक्तूबर 1950 को पंजाब में जन्मे स्वामी भक्तियोग 1986 में ऋषिकेश आये। उन्होंने ऋषिकेश में मधुवन आश्रम की स्थापना करने के साथ लोगों को भक्ति के प्रति प्रेरित किया। शहर में प्रभातफेरी निकालने के साथ जगन्ननाथ यात्रा की शुरुआत की गई। जिसमें शहरवासी बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। उनके निधन से शहर में शोक छा गया। बुधवार को आश्रम में अंतिम दर्शन को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शाम के समय उन्हें आश्रम परिसर में ही समाधि दी गई। इस अवसर पर उद्यमी बचन पोखरियाल, चन्द्रवीर पोखरियाल, पालिकाध्यक्ष मुनकीरेती शिवमूर्ति कंडवाल, चेतन शर्मा, अशोक अग्रवाल, सुरेन्द्र पंत, आरके अग्रवाल, हनुमान दास सहित बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

अश्लील मैसेज भेजने पर मुकदमा

डोईवाला।
डोईवाला थाने में एक महिला ने देहरादून के एक व्यक्ति पर अश्लील मैसेज भेजने की शिकायत दर्ज करायी है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर देहरादून निवासी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बुधवार को एक महिला ने डोईवाला थाने में शिकायत दर्ज करायी। उन्होंने देहरादून निवासी विपिन राणा पुत्र पूरण सिंह राणा निवासी 1167 इंदिरा नगर, बसंत विहार देहरादून की ओर से अपने मोबाइल पर अश्लील वॉट्सअप मैसेज उन्हें भेजने की बात कही। पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि मैसेज के लिए मना करने और शिकायत करने पर उक्त व्यक्ति की ओर से जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
पुलिस ने महिला की शिकायत पर विपिन राणा के खिलाफ थाना डोईवाला में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर आईपीसी की धारा 67 आईटी एक्ट और धारा 504/506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक डोईवाला कर रहे है।

सरकार बदली तो समय आयीं पेंशन

दयाशंकर पाण्डेय
समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जाने वाली पेंशन लाभार्थियों के खाते में आनी शुरू हो गई है। मार्च तक की पेंशन के तीन हजार रुपये बुधवार को कई लाभार्थियों के खातें में आ गए। लाभार्थियों ने समय से पेंशन खाते में आने पर खुशी जताई है।
सरकार बदलने का पहला असर समाज कल्याण विभाग के पेंशन लाभार्थियों को देखने को मिल रहा है। समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धा, विकलांग और विधवा को आजीविका चलाने के लिए हर माह पेंशन दी जाती है। लेकिन लंबे समय से विभाग की ओर से पेंशन के लाभार्थियों को समय से पेंशन नहीं मिल पा रही थी। बुधवार को ऋषिनगरी के कई पेंशन लाभार्थियों को उनके खाते में तीन हजार रुपये जमा होने का एसएमएस आया।
पेंशन लाभार्थी सुषमा, प्यारी देवी, सरस्वती देवी, मुन्नी, दुलारी आदि ने बताया कि समाज कल्याण विभाग से कभी भी समय पर पेंशन नहीं आती है, लेकिन सरकार बदलने के बाद तीन माह (जनवरी से मार्च) तक के तीन हजार रुपये बुधवार को खाते में डिपॉजिट हुए है। समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने विभाग के भ्रष्टाचार को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। अधिकारियों को समय से पेंशन जारी करने के निर्देश दिये थे।

गौरादेवी कन्याधन के फॉर्म गायब करने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

भारतेन्दु शंकर पाण्डेय।
गौरादेवी कन्याधन योजना के गायब आवेदनों के विषय में उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त आलोक कुमार जैन ने निर्णय लिया कि लापरवाही बरतने वाले कार्मिक किशन राम, सहायक समाज कल्याण अधिकारी, अल्मोड़ा तथा आयोग के समक्ष भ्रामक एवं सत्य से परे बायन दर्ज कराने वाले कार्मिक रजनीश पंत, वरिष्ठ सहायक पर विभागीय कार्यवाही की जाये।
निदेशक, समाज कल्याण विभाग ने सहायक समाज कल्याण अधिकारी की एक वार्षिक वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोकने तथा दोनों कार्मिकों के कृत्यों के कारण उन्हें भर्त्सना प्रविष्ठि दण्ड स्वरूप प्रदान की। किसन सिंह कुमैया, निवासी ग्राम चांदीखेत, अल्मोड़ा ने उनकी पुत्री कु. मधु कुमैया को गौरा देवी कन्यादेवी योजना के अंतर्गत वर्ष 2013 में आवेदन समय से करने पर भी जिला समाज कल्याण अधिकारी, अल्मोड़ा द्वारा उसे लाभान्वित न किये जाने के कारण आयोग में दिनांक 10 मार्च, 2016 को शिकायती पत्र दाखित किया। इस मामले में दिनांक 24 मई 2016, 18 अक्टूबर 2016, 28 दिसम्बर 2016 तथा 06 अप्रैल 2017 को आयोग ने क्रमबद्ध रूप से सुनवायी की, जिस दौरान समाज कल्याण विभाग को अपना पक्ष रखने हेतु पर्याप्त समय दिया गया।
विभाग के प्रतिनिधि द्वारा विकासखण्ड स्तर पर आवेदिका के आवेदनपत्र को प्राप्त किया गया परंतु यह प्रार्थनापत्र जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्राप्त नहीं होने के कारण आवेदिका को योजना का लाभ से वंचित रखा गया। विभाग का बड़ा ही गैर जिम्मेदाराना रूख रहा जबकि उसके प्रतिनिधि को आवेदन समय से प्राप्त हो गया था। अतः यह उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के अंतर्गत निर्धारित समय बद्धता का खुला उल्लंघन था। प्रकरण पर विभाग ने अपनी गलतियों को छुपाने की चेष्टता की और तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी को मृत बताकर पटाक्षेप करने का प्रयास भी किया। गहन छानबीन एवं जांच के उपरांत विभाग द्वारा की गयी लीपापोती एवं आयोग को गुमराह किये जाने के प्रयासों का पर्दाफाश हुआ।
मुख्य आयुक्त ने चार सुनवाईयों के दौरान इस प्रकरण पर यह ऐतिहासिक निर्णय पारित किया कि इस प्रकरण से संबंधित छात्रा और उसकी साथी छात्राओं के आवेदनपत्र, जो विभागीय त्रुटियों एवं गतिविधियों के कारण गायब/खो गये है, उन्हें विभागीय कार्मिक पुनः सम्पर्क कर तैयार करायें और इसका बोझ आवेदकों पर कदापि न डाला जाये। यद्यपि प्रकरण मात्र एक आवेदिका से सम्बंधित था परंतु मुख्य आयुक्त के गंभीर प्रयासों एवं मामले की तह तक जाने के कारण आवेदिका सहित 17 अन्य छात्राओं, जिनके आवेदनपत्र विभाग ने गायब/खो दिये थे, के आवेदनपत्रों को पुनः तैयार कराकर उन्हें गौरादेवी कन्याधन योजना का लाभ प्राप्त कराया गया। यह प्रकरण समाज कल्याण विभाग के लिए अपनेआप में गहन चिंतन एवं कार्यप्रणाली के सृदृढीकरण हेतु एक उदाहरण के रूप में उभरा है।

मेड ने उठाये मेयर पर सवाल

देहरादून।
छात्रों के संगठन मेकिंग ए डिफ्रेंस बाए बीईंग द डिफ्रेंस यानि मैड ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिये देहरादून की सिकुड़ती जल धाराओं जैसे रिस्पना, बिंदाल और सुसवा नदियों के पुनर्जीवन के संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से हुई अपनी मुलाक़ात और उनकी संस्था मेड के लिए मेयर विनोद चमोली के रवैय्ये के बारे में मीडिया को तमाम जानकारियां दी है।
आपको बता दे कि मेड संस्था हमेशा शहर की सफाई और सुंदरता बनाये रखने के लिए काम करता रही है। इसी कड़ी में संस्था के सदस्यों ने सीएम के साथ एक बैठक में राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के ज़रिये तैयार की गई रिपोर्ट की एक प्रति साझा की है। जिसमें रिस्पना को बारह मासी नदी का दर्जा दिया गया था और बिंदाल में भी अस्सी के दशक तक हमेशा जल होने की बात की गई थी। गौरतलब है कि इस रिपोर्ट के जरिए राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान रुड़की ने एक करोड़ रुपए की मांग की थी ताकि पुनर्जीवन और आगे के शोध किए जा सकें। आपको बता दें कि मैड संस्था के कई अभियानों के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक इस मांग पर कोई अमल नहीं किया है और नदियों के पुनर्जीवन के लिए राज्य सरकार एक करोड़ रुपए की राशि खर्च करने को अब तक तैयार नहीं थी। इसके संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्सुकता दिखाई और मांग को गंभीरता से लेने की बात कही।साथ ही संस्था के संस्थापक अभिजय नेगी ने मेयर विनोद चमोली के रवैय्ये पर भी सवाल खड़े किये हैं। अभिजय का कहना है कि मेयर साहब हमेशा से उनके प्रयासों को छात्रों की फोटो राजनीति कहते आये हैं।

मेरा रवैय्या ज़रा भी सख्त नही है मेरा मक़सद सिर्फ उन स्टूडेंट्स को ट्रैक पर लाना है जो डिस्ट्रिक्ट हो चुके हैं या फिर अपनी राह भटक गए हैं।
विनोद चमोली मेयर नगर निगम देहरादून।

प्राईवेट स्कूलों की दंबगई के आगे घुटने टेकने को मजबूर अभिभावक

गौतम जोशी।
पुरे देश में प्राईवेट स्कुलो कि दंबगई और मनमानी चरम पर है। प्राईवेट स्कुलो ने अपने आय के साधन बढाने के लिए विद्यालय में पढने वाले विद्यार्थीयो को अपना मोहरा बना रखा है जिसकी कि आड में प्राईवेट स्कुल काफी मोटा मुनाफा कमा रहे है।किताबो और ड्रेस के माध्यम से अभिभावको से हजारो रूपये कि रकम ठगी जा रही है। विरोध करने पर उनके बच्चो को स्कुलो से निकाला जाता है। अपने बच्चे के अच्छे भविष्य के कारण अभिभावको को ये प्राईवेट स्कुलो का जुल्म सहना पडता है।
प्राईवेट स्कुलो कि मनमानी कि सिकायते लगातार प्रशासन और शासन से लगाई जा रही है।जिसको गम्भीरता से लेते हुए आज उपजिलाधिकारी कोटद्वार ने खण्ड शिक्षा अधिकारी के साथ मिलकर दुगडडा ब्लाक के सभी प्राईवेट स्कुलो के साथ वार्ता रखी जिसमें उपजिलाधिकारी और खण्ड शिक्षा अधिकारीयो ने प्राईवेट स्कुलो को सख्त हिदायत दि कि फीस वृद्धी,ड्रेस और डेवल्पमेंट चार्ज कि शिकायते नही आनी चाहीए। इस दौरान उपजिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय का नया स़़त्र सुरू हो गया है और लगातार अभिभावको के द्वारा शिकायते आ रही थी कि प्राईवेट स्कुल मनमानी कर रहे है। फीस वृद्धी कि जा रही है और साथ ही स्कुलो कि ड्रेस और किताबे विद्यालय से ही मिल रही थी जिसको लेकर प्राईवेट स्कुलो के साथ वार्ता कि गई जिसमें स्कुलो कि हिदायत दि गई कि वह एसएमसी का गठन करे। एसएमसी का गठन होने से विद्यालयो कि मनमानी पर लगाम लगेगी।उपजिलाधिकारी और खण्ड शिक्षा अधिकारी ने तीस अप्रेल तक किसी भी हालात में एसएमसी गठन करने के आदेश दिये है। अगर विद्यायल निर्धारित समय पर एसएमसी का गठन नही करते है तो वि़द्यालय के विरूद्ध विधिवत कार्यवाही कि जायेगी।

गोला में खनन को लेकर वर्क ऑर्डर तैयार

हल्द्वानी।
सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी के बाद सरकार ने खनन को लेकर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। कुमाऊ की सबसे बड़ी नदी लालकुआं की गौला नदी में गुरुवार से फिर खनन निकासी शुरू हो जाएगी होगी। खनन सुचारू करने के लिऐ वन विभाग ने गेटों पर खोदी खाईयां पाटने के साथ ही वन कर्मियों की तैनाती कर दी है। कांटों पर कंप्यूटर फिट किए जा रहे हैं इसके साथ ही ई- रवन्ना प्रणाली को अपडेट करना शुरू किया जा रहा है। सभी गेटों पर फिर से सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं साथ ही किसी भी प्रकार का कोई अवैध खनन, नहीं हो इसके लिए वन विभाग व वन विकास निगम के कर्मचारियों को हिदायत दी गई है। वही वनक्षेत्राधिकारी गोला नदी चन्दन सिंह अधिकारी का कहना है कि कई निकासी गेटो पर अवैध खनन नहीं हो जिसके लिए कर्मचारियों को सख्त हिदायत दे दी गई है। किसी भी वाहन को अवैध खनन में लिप्त पाया गया तो उसका रजिस्टेशन रद्द किया जायेगा।

मलासी सम्मान से नवाजीं गई कुसुम जोशी

ऋषिकेश।
मुनिकीरेती स्थित आश्रम परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वामी शंकर तिलक महाराज ने मैती स्वयंसेवी संस्था की संस्थापक अध्यक्ष कुसुम जोशी को स्व. द्वारिका प्रसाद मलासी सम्मान प्रदान किया। उन्हें बतौर सम्मान उत्तरीय, माता की चुनरी और स्मृति चिह्न दिया गया। इसबीच शादी विवाह और मांगलिक समाराहों में कॉकटेल के खिलाफ संघर्ष और मैती आंदोलन की तर्ज पर पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय जोशी के उल्लेखनीय कार्यों पर प्रकाश डाला गया। स्वामी शंकर तिलक ने उनके प्रयासों को समाज के लिए अनुकरणीय बताया। कार्यक्रम में कुसुम जोशी ने नशा विरोधी अभियान के दौरान आई दिक्कतों को भी साझा किया।
रामायण प्रचार समिति के पंडित रवि शास्त्री ने कहा कि कुसुम जोशी जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान जरूरी है। इससे युवा पीढ़ी को भी मार्गदर्शन मिल सकेगा। कहा कि अन्य संस्थाओं को भी सामाजिक बुराईयों के विरूद्ध आगे आना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अगनानंद सरस्वती और संचालन डा. सुनील दत्त थपलियाल ने किया। इस अवसर पर मनोज मलासी, जयेंद्र पुंडीर, सुरेंद्र गुसाईं, हर्षित उनियल, स्वतंत्रता चैतन्य, पवित्रता चैतन्य, गौरी चैतन्य, गुरू मंडला, चेतली चैतन्य, बानवी आदि उपस्थित थे।

हनुमान जंयती पर निकाली शोभायात्रा

ऋषिकेश।
मंगलवार को सुबह 10 बजे आश्रम से विभिन्न झांकियों से सजी वीर हनुमान की भव्य शोभायात्रा नगर भ्रमण के बाद वापस आश्रम में पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में साधना में लीन हनुमान, राम दरबार, अशोक वाटिका, संजीवनी बुटी लाते हनुमान, विराट हनुमंत की झांकियां सबके आकर्षण का केंद्र रही। यात्रा का नगर के मार्गों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। साथ ही दर्शनों का लाभ उठाया। इसके बाद अन्नक्षेत्र परिसर में श्रद्धालुओं ने संकट मोचक हनुमान को सवामणी भोग लगाया।
इस अवसर पर जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि वीर हनुमान सेवा, समर्पण, बुद्धिमता एवं मर्यादा के देवता माने हैं। उधार चरित्र, सहज सेवाभाव, निष्ठा के कारण ही उन्हें महावीर की संज्ञा दी गई। उन्हें कलयुग में लोकमंगल का देवता भी कहा जाता है। वीर हनुमान का जीवन चरित्र मानव समाज के लिए अनुकरणीय है। ब्रह्मचारी ने अनुयायियों को माता, पिता और गुरू की सेवा का महत्व भी बताया।
हनुमान जयंती उत्सव में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज, ऋषेश्वरानंद महाराज, संजय शास्त्री, सतपाल ब्रह्मचारी, बचन पोखरियाल, विनोद अग्रवाल, गौरी शंकर पोद्दार, अशोक रस्तोगी, अनीता ममगाईं, शिव सहगल, कर्मवीर शर्मा, प्रदीप शर्मा, खैराती लाल सिंघला, गौरीशंकर शर्मा, लाला हेमराज, पंकज शर्मा, अशोक शर्मा, राहुल शर्मा, पीडी शर्मा आदि मौजूद थे।