बिना हिल लाइसेंस पहाड़ों पर वाहन नहीं चला पाएंगे चालक

ऋषिकेश।
मंगलवार को नगर पालिका ऋषिकेश के स्वर्ण जयंती सभागार में गढ़वाल आयुक्त ने विभाग और जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों को 20 अप्रैल तक पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को ट्रैफिक की समस्या से न जूझना पड़े, इसके लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। यात्रा पड़ावों पर हर पांच किमी में शौचालय की सुविधा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा शौचालय ऐसे स्थानों पर बनवाने चाहिए जिससे लोगों को सुविधा मिल सके।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों की फिटनेस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। कहा कि फिटनेस के बिना कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी। बिना हिल लाइसेंस के वाहन चालक पहाड़ पर वाहन नहीं चला पाएंगे। तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए स्थानीय और जिले के अधिकारियों के नम्बर फ्लैश किए जाएंगे। चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों में दिशा-निर्देश, सहायता और शिकायत नंबर अंकित कराने के निर्देश दिए।
यात्रा मार्गों पर साईन बोर्ड लगाने, पुलिस सहायता केन्द्र स्थापित करने व बिजली की व्यवस्था दुरस्त करने के निर्देश दिये गये। मौके पर डीआईजी पुष्षक ज्योति, डीएम देहरादून रविनाथ रमन, डीएम हरिद्वार एसए मुरुगेशन, डीएम टिहरी इन्दुधर बौड़ाई, अपर आयुक्त हरक सिंह रावत, एसएसपी देहरादून स्वीटी अग्रवाल, एसपी देहात श्वेता चौबे, एसडीएम ऋषिकेश वृजेश कुमार तिवारी, एसडीएम नरेन्द्रनगर लक्ष्मीराज चौहान आदि मौजूद रहे।

केदारनाथ में रुक सकेंगे पांच हजार यात्री
प्रशासन ने केदारनाथ में पांच हजार यात्रियों की ठहरने की व्यवस्था की है। केदारनाथ की व्यवस्थाओं को लेकर बैठक में संतोष जताया गया। यात्रा रुट पर भी यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर जीएमवीएन अंतिम रुप दे रहा है। बताया कि केदारनाथ रूट पर भी ढाई हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।

एसडीआरएफ सहित फोर्स रहेगी तैनात
प्रशासन दुर्घटना को रोकने के लिए संभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टुकड़िया तैनात कर रहा है। इसके अलावा भी अन्य फोर्सस सहस्त्रधारा हैलीपैड व अन्य स्थानों में तैनात रहेंगे। आयुक्त ने बताया कि प्रशासन दुर्घटना न हो इसका प्रयास कर रहा है। लेकिन अगर होती है तो कम से कम जानमाल का नुकसान हो इसके लिए व्यवस्थायें दुरस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

108 चल रही है क्या
बैठक में स्वास्थ्य विभाग से एंबुलेंस की जानकारी मांगी गई तो विभाग ने 108 एबुंलेंस की जानकारी देना शुरु कर दिया। जिस पर आयुक्त ने पूछा कि 108 चल रही है क्या, दिखाई तो नही देती है। दरअसल यात्रा मार्गों के कई अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की अपनी कोई एबुंलेंस नही है। कई स्थानों में ड्राइवर नही है तो कई स्थानों में एबुंलेंस वाहन खराब पड़े है। विभाग सिर्फ 108 के भरोसे ही कार्य कर रहा है।

रोडवेज भी रवाना करेगा बसें
रोडवेज प्रशासन एक-एक धाम के लिए प्रतिदिन पांच बसें रवाना करेगा। आरटीओ के द्वारा जानकारी दी गई कि बसों की कमी नही होने के लिए रोडवेज को भी चारधाम यात्रा में शामिल किया गया है। जिससे रोडवेज की आया तो बढ़ेगी ही साथ में बसों का दबाब भी कम रहेगा।

तीर्थयात्रियों पर पुलिस की रहेगी नजर
डीआईजी पुष्पक ज्योति ने बताया कि पुलिस जवान यात्रियों के साथ गाईड की भूमिका में रहेंगे। यात्रियों के आचरण व व्यवहार पर भी पुलिस नजर रखेगी। मसलन, चारधाम यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसिया सतर्क है। किसी संदिग्ध की सूचना पर सीओ स्तर से धर्मशाला या होटल में चेकिंग अभियान भी चलाया जायेगा।

ट्रेफिक डायवर्ट करने पर जोर
ऋषिकेश के श्यामपुर क्षेत्र से छोटे वाहन शहर से भेजने व बड़े वाहनों को बाईपास से भेजने पर पुलिस विचार कर रही है। लेकिन बैठक में अधिकारियों ने श्यामपुर क्रांसिंग में साईन बोर्ड के माध्यम से लक्ष्मणझूला, रामझूला जाने वाले वाहनों को ऋषिकेश शहर से जाने व चारधाम यात्रा के लिए बाईपास मार्ग से जाने का सुझाव दिया। आयुक्त ने श्यामुपर क्रांसिंग में एचडीए के द्वारा हाईमास्ट लाईट लगाने के निर्देश भी दिये।

बेजुबानों के साथ नियम-कायदों का कत्ल न हो

ऋषिकेश।
बूचड़खाने खोलने के लिए कई कड़े नियम कानून बनाये गये है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग से लाईसेंस तो अनिवार्य है ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व ग्राम सभा की एनओसी की भी जरुरत है। लोगों को साफ मांस मिले और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे, इसके लिए भी कई नियम बनाये गये है। हैरानी की बात है कि प्रशासन के निरीक्षण में 14 दुकानों के लाईसेंस व ग्राम सभा से एनओसी तो सभी के पास मिली। लेकिन साफ सफाई, पशुओं के टीकाकरण और हानिकारक अपशिष्ट को नष्ट करने की समुचित व्यवस्था किसी के पास नही थी।
टीम के सदस्यों ने बताया कि आमतौर पर ग्राम सभा की ओर से अपशिष्ट को नष्ट कराने के लिए व्यवस्था की जानी चाहिये। लेकिन निरीक्षण में ग्राम सभा सिर्फ एनओसी देने तक ही सीमित रही है। टीम ने ग्राम सभा की ओर से बूचड़खानों के लिए स्लाटर हाउस की कमी भी पाई। अब इस ओर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेजने की तैयारी की जा रही है। टीम में तहसीलदार रेखा आर्य, नायब तहसीलदार केडी जोशी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीसी जोशी व पशु चिकित्सा अधिकारी भी मौजूद रहे।

हाथी देख घरों की छतों पर चढ़े ग्रामीण

ऋषिकेश।
सोमवार सुबह टस्कर हाथी गंगा नदी से कूल घाटी होते हुए रायवाला गांव में पहुंच गया। लगभग 6 बजे आबादी क्षेत्र में हाथी को देख लोग घर की छतों पर चढ गए। हाथी आबादी क्षेत्र के बीच से होते हुए सत्यनारायण मंदिर के समीप राजाजी पार्क के जंगलों में चला गया।
सोमवार सुबह हाथी को गांव में देख ग्रामीण सकते में आ गये। हाथी गेहूं के खेत में काटकर रखी गई गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाये बिना ही आबादी क्षेत्र से होकर निकला। स्थानीय निवासी राजेंद्र जोशी ने बताया कि सुबह होने के कारण हाथी लोगों की आवाजें सुनकर घबरा गया। क्षेत्र में गेंहू की फसल तैयार है। लेकिन हाथी ने किसी का कोई नुकसान नहीं किया। संभवत: वह झुण्ड से बिछुड़ गया होगा। वहीं मोतीचूर रेंजर महेंद्रगिरी गोस्वामी ने बताया कि गर्मी होने के कारण हाथी गंगा नदी तक मूवमेंट करते हैं। सुबह होने के कारण हाथी सीधे जंगल की ओर चला गया।

गुरु की जन्मस्थली पाकिस्तान को रवाना हुए श्रद्धालु

ऋषिकेश।
सोमवार को देहरादून रोड स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा से ऋषिकेश के सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब पाकिस्तान के लिए रवाना हुए। 31 श्रद्धालुओं का दल ऋषिकेश, हरिद्वार, अमृतसर होते हुए 12 अप्रैल को बाघा बॉर्डर पहुंचेगा। वहां से पाकिस्तान के लाहौर प्रांत के तलवंडी जिसे अब ननकाना साहिब कहा जाता है के लिए रवाना होगा। 22 अप्रैल को दल वापस लौटेगा।
सरदार गोबिन्द सिंह, कृपाल सिंह, अतर सिंह ने बताया कि पूर्व में चार बार ननकाना साहिब की यात्रा कर चुके हैं। पांचवीं बार यात्रा करने जा रहे हैं। श्रद्धालुओं ने कहा कि गुरु की जन्मस्थली के दर्शन करने का बार-बार मन करता है। दल में सत्येन्दर कौर, पुष्पिन्दर सिंह, जसविन्दर सिंह, राजविन्दर सिंह, मोहनी देवी, आतमा सिंह, आशा गुल्हाटी, मंजीत सिंह, कृपाल सिंह, मंजीत कौर, तेजेन्दर सिंह, सुरेन्द्र कौर, बनवारी लाल, हरपाल सिंह, वंदना, बलजीत कौर, पाल कौर, अतीचंदर सिंह आदि शामिल हैं।

इधर शादी, उधर बिचौलिए के साथ फुर्र हुई युवती

ऋषिकेश।
रविवार सुबह वनखंडी निवासी एक युवक ने एक बिचौलए के माध्यम से सहारनपुर की एक युवती के साथ मंदिर में फेरे लिए। शादी के बाद युवती दुल्हे के घर पहुंचने के बाद बिचौलिए के साथ झांसा देकर फरार हो गई। काफी देर बाद दुल्हन के न मिलने पर दूल्हे ने परिजनों के साथ तलाश शुरू की। दूल्हे ने दोस्तों की मदद से पूरा शहर छान मारा। सोमवार को दूल्हा शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचा और आपबीती बताई। बताया कि बिचौलिया उससे एक रिश्तेदार के यहां मिला था। उसने एक गरीब लड़की से शादी करवाने की बात कही। शनिवार को वह लड़की को लेकर ऋषिकेश आया। रविवार को युवती को दुल्हन की तरह सजाने के साथ करीब 50 हजार के जेवरात और इतने ही दुल्हन को सगुन के रूप देने के लिए बिचौलए ने दबाव बनाया जिसे दूल्हे के परिजनों ने दुल्हन को दिए। प्रशिक्षु आईपीएस और कोतवाली का कार्यभार देख रहीं निहारिका भट्ट का कहना है कि उन्हें पीड़ित युवक ने मौखिक जानकारी दी है। युवती की तलाश की जा रही है।

ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट में 105 किमी हिस्सा टनल का

देहरादून।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सीएम आवास स्थित कैम्प कार्यालय में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई ब्राडगेज लाईन प्रोजेक्ट के सम्बन्ध में कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम लि के साथ बैठक की। बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह रेलवे लाईन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। रेलवे लाईन से जहाँ एक ओर चारधाम यात्रा आसान होगी वहीं दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगा राज्य होने के कारण दूरस्थ क्षेत्रों से कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी। इसके लिये जरूरी है कि यह रेल प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने रेल विकास निगम लि के अधिकारियों से कहा कि इस प्रोजेक्ट में टनल बनाने एवं अन्य सभी कार्यों हेतु आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग किया जाए।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सम्बन्धित जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि रेलवे लाईन के कारण पुनर्वास एवं पुनस्थापन की अद्यतन समीक्षा अगले 2 माह में पूर्ण कर ली जाए। मुख्यमंत्री रावत ने पुनर्वास एवं पुनस्थापन हेतु कमिश्नर गढ़वाल की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जहा अपेक्षित है, उत्तराखण्ड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड, पिटकुल एवं लोनिवि द्वारा रेल प्रोजेक्ट में सहयोग दिया जाए।
अध्यक्ष, रेल विकास निगम लि सतीश अग्निहोत्री ने बताया कि इस रेल प्रोजेक्ट की कुल लम्बाई 125 किमी है जिसमें 105 किमी हिस्सा टनल वाला है। इसके साथ ही इसमें 98 किमी लम्बी एस्केप टनल भी बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में आधुनिकतम तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रूड़की देवबन्द नई रेल लाईन, हरिद्वार लक्सर दोहरीकरण एवं हरिद्वार देहरादून रेलवे लाईन में सुविधाओं के विकास से सम्बन्धित प्रोजेक्ट्स की अद्यतन जानकारी ली। बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव एस.रामास्वामी, सचिव शैलेश बगोली, अरिवन्द सिंह हयांकी, कमिश्नर गढ़वाल विनोद शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक आरके महाजन सहित सम्बन्धित विभागों के विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी उपस्थित थे।

परिसंपत्ति मामले में टाईम बांड करने पर सहमति बनीं

-यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने लिया निर्णय

लखनऊ।
सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। योगी जी ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री रावत का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों ने अपनेअपने राज्य में उनकी सरकार द्वारा प्रारम्भ किए गए कार्यों की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री रावत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी को उनके द्वारा लिए गए विभिन्न निर्णयों की प्रशंसा की। रावत ने कहा कि भ्रष्टाचार विकास के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा है। इसलिए उत्तराखण्ड में जीरो टालरेंस आन करप्शन की नीति अपनाई गई है। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार व उत्तराखण्ड सरकार की मंशा सकारात्मक है। केंद्र सरकार का भी सहयोगी रूख है। एक दूसरे के सहयोग से दोनों ही राज्यों में विकास कार्यों में तेजी आएगी। योगी ने रावत को यथासम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के मध्य लम्बित विभिन्न मामलों पर विस्तार से चर्चा की। यह तय किया गया कि लगभग सोलह वर्षों से अधिक समय से लम्बित चले आ रहे मामलों का निस्तारण टाईम बाउन्ड तरीके से किया जाए। सभी मामलों का एक कम्पलीट नोट तैयार किया जाए, जिसमें दोनों राज्यों का पक्ष दर्ज हो।
जल्द ही दोनों राज्यों के मुख्य सचिव स्तर की बैठक कर जिन मामलों में सहमति बन जाती है, उन पर अंतिम निर्णय ले लिया जाए। जहां आवश्यक होगा, वहीं संबंधित विभागीय मंत्रियों के स्तर पर सहमति बनाई जाएगी। वहां से भी निस्तारित नही होने वाले मामलों पर निर्णय मुख्यमंत्री स्तर से कराया जाए। दोनों ही पक्षों में सहमति बनी कि लम्बित विभिन्न मामलों को अब समयबद्ध तरीके से सुलझा लिया जाए। यदि कुछ ऐसे मामले फिर भी रह जाते हैं जिन पर मतभेद हों तो भारत सरकार के स्तर से निर्णय करा लिया जाए। वहां से होने वाला निर्णय दोनों पक्षों को मान्य होगा। बैठक में टिहरी बांध परियोजना से उत्पादित ऊर्जा में हिस्सेदारी, सिंचाई विभाग की परिसम्पत्तियों जिनमें आवासीय अनावासीय भवनों, खाली पड़ी भूमि, हरिद्वार कुम्भ क्षेत्र में भूमि शामिल है के हस्तांतरण, जमरानी बांध, विभिन्न जलाशयों, उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग पर बकाया बिजली के बिल, परिवहन विभाग के तहत पेसेंजर टैक्स के भुगतान, किच्छा बस स्टेशन के हस्तांतरण, पेंशन दायित्वों की पूर्ति सहित पर्यटन, वन, शिक्षा, सहकारिता आदि विभागों के मामलों पर भी चर्चा की गई। बैठक में उत्तराखण्ड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश व उत्तरप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

दो सप्ताह से प्यासे है इन्द्रानगर के लोग

ऋषिकेश।
गर्मियों की शुरूआत में ही क्षेत्र में पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है। रविवार को इंद्रानगर के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी सजवाण के नेतृत्व में जल संस्थान के खिलाफ खाली बाल्टियों के साथ प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि गांव में पिछले 10 दिनों से जलापूर्ति की समस्या बनी हुई है। लगभग 200 घरों में पानी की बूंद तक नहीं टपक रही है। जिसके कारण लोग अपने रोजमर्रा के कामकाज भी नहीं निपटा पा रहे हैं। बताया कि पेयजल संकट के संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की है। बावजूद इसके हालात नहीं सुधर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि यही स्थिति रही तो गर्मियों में हालात और भी खराब हो सकते हैं। चेताया कि इंद्रानगर क्षेत्र में सोमवार तक नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं हुई, तो मंगलवार को ग्रामीण संस्थान कार्यालय पहुंचकर तालाबंदी करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी विभाग की ही होगी।
प्रदर्शन में जगत सिंह नेगी, सरोज नेगी, सुशीला पोखरियाल, मुकेश कंडवाल, गीता शर्मा, देवेश्वरी देवी, सुषमा देवी, कुसुम, राज शर्मा, ओमवती, सुमित थपलियाल, मीना कंडवाल, कुसुम अग्रवाल, उषा देवी, राजीव गर्ग, संजय पाल, परमजीत, भूषण रयाल, भगवती देवी, माया, रेखा देवी, संजय झा, रूपा थापा, रमेश रानी, अंशिक, अनिका आदि शामिल थे।

नो पार्किंग जोन में धड़ल्ले से खड़े हो रहे वाहन

ऋषिकेश।
शहर के नो पार्किंग जोन में वाहन लगाये जा रहे है। बावजूद नो पार्किंग को लेकर पुलिस ने कई स्थानों में नो पार्किंग जोन को लेकर चेतावनी बोर्ड लगा रखे है। पुलिस बोर्ड को नजर अंदाज करके धड़ल्ले से वाहन पार्क करने से यातायात व्यवस्था चरमरा रही है। रविवार को शहर के मुख्य मार्गों में स्थानीय दुकानदार व लोगों ने अपने वाहन खड़े किये। जिससे यातायात व्यवस्था पर खासा असर पड़ा। त्रिवेणीघाट, रेलवे रोड, मुखर्जी मार्ग, क्षेत्र रोड, लाजपतराय मार्ग, हीरालाल मार्ग सहित नगर के आंतरिक मार्ग आढ़े तिरछे वाहनों से अटे रहे।
गौरतलब है कि पुलिस यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए सड़क में वाहनों को खड़ा नही करने की हिदायत दे रही है। कई लोग पार्किंग होने के बाद भी अपने घरों में गाड़ियां खड़ी नही कर रहे है। वहीं, बाजार की हालत भी दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। दुपहिया वाहनों की कतार सड़क में होने से जाम लग रहा है। विगत सप्ताह पुलिस ने शहर के सबसे व्यस्तम मार्ग त्रिवेणी घाट से वाहनों की आवाजाही को लेकर सड़क में दुपहिया वाहन नही लगाये जाने की हिदायत दी थी। लेकिन उसके अगले रोज से ही लोगों ने वाहन खड़े करने शुरु कर दिये थे। रविवार को आलम यह रहा कि नो पार्किंग जोन में भी लोगों ने धड़ल्ले से वाहनों को पार्क किया।

जयराम आश्रम में हनुमान जयंती उत्सव शुरू

ऋषिकेश।
हरिद्वार मार्ग स्थित आश्रम परिसर में रविवार को महंत ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने पूजा अर्चना के हनुमान जयंती उत्सव का शुभारंभ किया। इसके बाद यज्ञ में 101 ब्राह्मणों व सस्कृति विद्यार्थियों ने हनुमंत महामंत्र, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण का पाठ किया। ब्रह्मचारी ने बताया कि उत्तराखंड राज्य की खुशहाली और चार धाम यात्रा के निर्विघ्न आयोजन की कामना की है। बताया कि सोमवार को दो दिनी अखंड रामायण और सुंदरकांड का पाठ शुरू होगा। मंगलवार को यज्ञ में पूर्णाहुति डाली जाएगी। साथ ही नगर में वीर हनुमान और देवी देवताओं की झांकियों से सजी भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
मंगलवार दोपहर में श्रद्धालुओं की ओर से वीर हनुमान को सवामणी भोग अर्पित कर उसे प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और हनुमान की अर्चना से मानव जीवन के सभी मंगल कार्य संपन्न होते हैं। उत्सव में ट्रस्टी अशोक शर्मा, विनोद कुमार अग्रवाल, संजीव शर्मा, विनोद शर्मा, बृजमोहन बडोनी, प्रदीप शर्मा, सूर्यप्रकाश, वेदाचार्य मायाराम रतूड़ी, पंडित हंसराज, प्रवीण, सतेंद्र भट्ट, राजेश, राधे कृष्ण आदि शामिल थे।