आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिला

देहरादून।
बीजापुर गेस्ट हाऊस में मुख्यमंत्री हरीश रावत से राज्यमंत्री सुशील राठी के नेतृत्व में आंगनवाड़ी कार्यकत्री/मिनी कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री रावत ने कुछ बिन्दुओं पर सहमति जताते हुए कैबिनेट में रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में अन्य राज्यों की तुलना में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को अधिक मानदेय दिया जा रहा है।

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ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केन्द्र एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री रावत ने उनकी मांगों को लेकर केन्द्र सरकार से अनुरोध करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर संगठन की प्रान्तीय अध्यक्ष रेखा नेगी, प्रान्तीय महामंत्री सुमति थपलियाल, प्रान्तीय कोषाध्यक्ष विमला कोहली, जिला अध्यक्ष विमला रावत सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

पॉवर अवार्ड ट्रॉफी सीएम को भेंट की

देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत से मंगलवार को बीजापुर हाउस मे उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने भेंट की। उन्होंने पिछले माह 24 सितम्बर को गोवा में आईपीपीएआई द्वारा आयोजित पॉवर अवार्ड में उत्तराखण्ड को देश के 16 राज्यों में सबसे कम विद्युत दर वाला राज्य होने के फलस्वरूप मिली ट्रॉफी मुख्यमंत्री श्री रावत को भेंट की।
मुख्यमंत्री रावत ने उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग की सराहना करते हुए आयोग से राज्य में सस्ती बिजली की उपलब्धता के लिए करार पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की। उन्होने कहा कि दुसरे राज्यों की अपेक्षा उत्तराखण्ड में बिजली सस्ती है जिससे राज्य में औद्योगिक वातावरण के सृजन में बड़ी मदद मिल रही है। हमारे पास निरन्तर विद्युत उपलब्धता बनी रहे यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उन्होने राज्य में विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर बल दिये जाने के साथ ही इन परियोजनाओं में स्थानीय लोगो को अधिक से अधिक मौके दिए जाने पर भी बल दिया।

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आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने बताया कि राज्य में देश के 16 राज्यों में सबसे कम बिजली की दरे है, हमारी घरेलु विद्युत दर 3.55, कृषि के लिए दर 1.62 जबकि उद्योगों के लिए यह दर 5.40 रूपये है। उन्होंने बताया कि जहां हिमाचल 2.40 रूपये में विद्युत क्रय कर उसे 5.38 में उसकी बिक्री कर रहा है वही हमारा राज्य 2.83 की दर में विद्युत क्रय कर 4.70 में बेच रहा है। उन्होने कहा कि आयोग द्वारा सस्ती बिजली के करार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि राज्य को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध होती रहे।

वृश्चिक लग्न में होंगे भगवान केदारनाथ के कपाट बंद

-एक नवंबर को डोली शीतकालीन गद्दीस्थल के लिए होगी रवाना
-भगवान तुंगनाथ के कपाट सात नवम्बर को धनु लग्न में होंगे बन्द
-मद्महेश्वर के कपाट 22 नवम्बर को साढ़े आठ बजे वृश्चिक लग्न में होंगे बंद

रुद्रप्रयाग।
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में अग्रणी व पर्वतराज हिमालय की गोद में बसे भगवान केदारनाथ, द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर व तृतीय केदार के नाम से विख्यात भगवान तुंगनाथ धामों के कपाट बन्द होने की तिथियां विजयादशमी पर्व पर पंचाग गणना, पौराणिक परम्पराओं तथा रीति-रिवाजो के अनुसार शीतकालीन गद्दी स्थलों में घोषित की गई।
विजयादशमी पर्व पर भगवान केदारनाथ व भगवान मद्महेश्वर के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ व तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल तुंगनाथ मन्दिर मक्कूमठ में मन्दिर समिति के अधिकारियों, वेदपाठियों व हक-हकूकधारियों की मौजूदगी में तीनों धामों के कपाट बन्द होने की तिथि पंचाग गणना के अनुसार घोषित कर दी गयी। पंचाग गणना के अनुसार एक नवम्बर को प्रातः चार बजे से पूर्व श्रद्धालुओं द्वारा भगवान केदारनाथ का जलाभिषेक किया जायेगा तथा प्रातः चार से छः बजे तक भगवान केदारनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की जायेगी। जबकि छः बजे से साढे़ सात बजे तक भगवान केदारनाथ के स्वयं भूलिंग को अनेक प्रकार की पूजार्थ सामाग्रीयों से समाधि दी जायेगी तथा ठीक साढे आठ बजे वृश्चिक लग्न में भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिये पौराणिक परम्पराओं व रीति-रिवाजों के साथ बन्द कर दिये जायेंगे। कपाट बन्द होते ही भगवान केदारनाथ शीतकाल के छः माह के लिये समाधि लेकर विश्व कल्याण के लिये तपस्यारत हो जायंगे।
कपाट बन्द होने के बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपनी केदारपुरी से शीतकालीन गद्दी स्थल के लिये रवाना होगी तथा लिनचौली, रामबाड़ा, जंगलचट्टी, गौरीकुण्ड, सोनप्रयाग, सीतापुर यात्रा पडावों पर श्रद्धालुओं को आशीष देकर प्रथम रात्रि प्रवास के लिये रामपुर पहुंचेगी। दो नवम्बर को रामपुर से प्रस्थान कर शेरसी, बड़ासू, फाटा, मैखण्डा, नारायणकोटी, नाला यात्रा पड़ावों से होते हुए द्वितीय रात्रि प्रवास के लिये विश्वनाथ मन्दिर गुप्तकाशी पहुंचेगी। तीन नवम्बर को विश्वनाथ मन्दिर गुप्तकाशी से प्रस्थान कर भैंसारी, विद्यापीठ, जाबरी होते हुए अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर पहुंचकर विराजमान होगी तथा चार नवम्बर से भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजा ओंकारेश्वर मन्दिर में विधिवत शुरु होगी। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट भी सात नवम्बर को सुबह दस बजे धनु लग्न में शीतकाल के लिये बन्द कर दिये जायेंगे। कपाट बन्द होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने धाम से शीतकालीन गद्दी स्थल के लिये रवाना होगी और सुरम्य मखमली बुग्यालों से होते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिये चोपता पहुंचेगी।
आठ नवम्बर को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली चोपता से प्रस्थान होकर बनियाकुण्ड, दुगलबिट्टा, मक्कूबैंड होते हुए बणतोली पहुंचेगी। जहां पर विभिन्न गांवों के श्रद्धालुओं द्वारा भगवान तुंगनाथ को अर्घ्य लगाकर विश्व कल्याण व क्षेत्र की खुशहाली की कामना की जायेगी। बणतोली में अर्घ्य लगने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अन्तिम रात्रि प्रवास के लिये भनकुण्ड पहुंचेगी तथा नौ नवम्बर को भनकुण्ड से प्रस्थान कर आकाश कामनी नदी पहुंचने पर गंगा स्नान करेगी और शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ पहुंचने पर छः माह शीतकाल के लिये विराजमान होगी तथा दस नवम्बर से भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा मक्कूमठ में विधिवत शुरु होगी।

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द्वितीय केदार के नाम से विख्यात भगवान मद्महेश्वर के कपाट 22 नवम्बर को साढ़े आठ बजे वृश्चिक लग्न में शीतकाल के लिये बन्द कर दिये जायंगे। कपाट बन्द होने के बाद भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली अपने धाम से रवाना होकर मैखम्बा, कुनचट्टी, नानौ, खटारा, बनातोली होते हुये प्रथम रात्रि प्रवास के लिये गौण्डार गांव पहुंचेगी। 23 नवम्बर को गौण्डार से प्रस्थान कर द्वितीय रात्रि प्रवास के लिये राकेश्वरी मन्दिर रांसी पहुंचेगी। 24 नवम्बर से राकेश्वरी मन्दिर रांसी से प्रस्थान कर उनियाणा, राऊलैंक, बुरुवा, मनसूना यात्रा पडावों पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुये अन्तिम रात्रि प्रवास गिरिया गांव में करेगी। 25 नवम्बर को गिरिया से प्रस्थान कर फाफंज, सलामी, मंगोलचारी, ब्राह्मणखोली, डंगवाडी होते हुये अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में विराजमान होगी तथा 26 नवम्बर से भगवान मद्महेश्वर की शीतकालीन पूजा ओंकारेश्व मन्दिर में विधिवत शुरु होगी। जबकि भगवान मद्महेश्वर की डोली के ऊखीमठ आगमन पर लगने वाला त्रिदिवसीय मद्महेश्वर मेला 24 नवम्बर से शुरु होगा। इस मौके पर कार्याधिकारी अनिल शर्मा, प्रधान पुजारी राजशेखर लिंग, बागेश लिंग, शशिधर लिंग, पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित वैदपाठी यशोधर प्रसाद मैठाणी, विश्वमोहन जमलोकी, गिरिश देवली, सतश्वर प्रसाद सेमवाल, शिवशरण पंवार, राजीव गैरोला सहित मन्दिर समिति के अधिकारिया, कर्मचारी व हक-हकूकधारी मौजूद थे।

एनडी तिवारी को लेकर राजनीतिक पार्टियों में बेचैनी

देहरादून/हल्द्वानी।
पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने 18 अक्टूबर को हल्द्वानी में अपना जन्मदिन मनाने की घोषणा क्या कर दी, इसके भी राजनीतिक निहितार्थ निकाले जाने लगे। कांग्रेसी खेमे में बेचैनी तो समाजवादी पार्टी में भी सुगबुगाहट है। कयास लगाए जा रहे हैं कि तिवारी हल्द्वानी को अपने पुत्र रोहित शेखर के राजनीतिक कॅरियर का लांचिंग पैड बनाने की योजना बना चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी वर्तमान में भले ही कांग्रेस की सक्रिय राजनीति में नहीं हैं, लेकिन उनकी पहचान खांटी कांग्रेसी की है। हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार के साथ तिवारी की नजदीकियों की चर्चा भी रही।

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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपनी दोस्ती निभाते हुए पूर्व सीएम तिवारी के पुत्र रोहित शेखर को दर्जा मंत्री का ओहदा भी दिया। अब पूर्व सीएम तिवारी के लिए रोहित को नेता बनाने की जिम्मेदारी भी है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि तिवारी भी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के मुकाबले उत्तराखंड से शेखर के लिए राह निकालना अपेक्षाकृत अधिक अनुकूल होगा। खासतौर पर नैनीताल जिले में, जहां आज भी तिवारी की अच्छी-खासी पैठ है। अपने मूल जनपद नैनीताल पर तिवारी की निगाह अरसा पहले से ही है।
गत वर्ष भी तिवारी ने अपना जन्मदिन हल्द्वानी में ही मनाया था, जिसमें अलग-अलग समय पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत उन्हें जन्मदिन की शुभकामना देने आए थे। बेशक तिवारी ने अपने जन्मदिन आयोजन को नितांत व्यक्तिगत आयोजन बताया था और उसके राजनीतिक निहितार्थ न निकालने के संकेत दिए थे लेकिन तभी से राजनीतिक हलकों में चर्चा गरम हो गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तिवारी अगर कोई राजनीतिक कदम उठाते हैं तो सियासी समीकरणों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने ढोलक बजाकर आनन्द उठाया

नैनीताल।
प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नैनीताल पहुचे। श्री रावत तल्लीताल से मल्लीताल तक रामलीला झॉकी व दुर्गा माता डोला के साथ पैदल भम्रण कर जनसम्पर्क किया। उन्होंने झॉकी के साथ झोड़ा किया व ढोलक बजाकर आनन्द उठाया। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री मोटरसाइकिल से नैनीताल क्लब पहुॅचे जहॉ पर उन्होंने जनप्रतिधियों व कार्यकर्ता को सम्बोधित किया।
रावत ने दुर्गा महोत्सव व विजया दशमी की सभी को बधाई देते हुये कहा कि आज का दिन असत्य पर सत्य का दिन है, हमें अपनी संस्कृति को संजोह के रखना होगा। उन्होने कहा कि पिछले दो वर्ष पूर्व हमारे प्रदेश की कृषि विकास दर 3 प्रतिशत थी जो आज बढकर 5.5 प्रतिशत हो गयी है। हम भारत के उन 06 राज्यों मे शामिल हो चुके हैं जो विकास मे सबसे आगे है। हम 13 प्रतिशत वार्षिक विकास दर बनाये हुये है। इसे 2017 तक 18 प्रतिशत तक ले जाया जायेगा। उन्होने कहा कि 2014 मे हमारी प्रतिव्यक्ति आय मात्र 84 हजार थी, जो आज बढकर 1.73 लाख हो गयी है, जो देश की प्रतिव्यक्ति आय के लगभग दोगुनी है। हमें सभी को साथ लेकर विकास की मुख्यधारा से जोडते हुये समावेशी विकास करना होगा। ऐसे में जरूरी है कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को रोजगार मिले। लोग हस्तशिल्प से जुडे और उत्तराखण्ड का पुराना वैभव साकार हो सके। इसलिए प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों, कलाकारों, धार्मिक अनुष्ठान कराने वालों लोगों को आर्थिक विकास हेतु पेंशन दे रही है।
रावत ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 1000 किमी0 नई सडकों का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में 2017 तक 24 घन्टे विद्युत प्रदान किया जायेगा। उन्होने कहा कि सक्रिय स्वयं सहायता समूहों को 25 हजार सीडमनी के रूप में दी जायेगी, साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहो द्वारा उत्पादित सामग्री का विपणन हेतु जिलाधिकारियों द्वारा साप्ताहिक हाट बाजारों का आयोजन किया जायेगा, ताकि ग्रामीण महिलाओ द्वारा उत्पादित वस्तुओ को स्थानीय बाजार मिल सके। पहाडी क्षेत्रो में ईको टूरिज्म, हस्तशिल्प,जैविक खेती, फल,दालें आदि उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनाकर पलायन को रोके जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सभी प्रकार के भूमि के वर्गो को एक समान कर विनियमितीकरण किया जायेगा। मलिन बस्तीयों का भी विनियमितीकरण किया जायेगा साथ ही जनआवास के तहत 35 हजार गरीबों को घर भी आवंटित किये जायेगें। प्रदेश में लगभग 7 लाख 13 हजार गरीब पात्र लोगों को समाज कल्याण द्वारा पेंशन दी जा रही है, पेंशन धनराशि 800 रूपये से बढाकर 1000 रूपये कर दी गयी हैै। उन्होने कहा कि 2017 तक 10 लाख पात्र लोगो को पेंशन देने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तराखण्ड पहला प्रदेश है जहा पर पंेशन धनराशि सर्वाधिक है। उन्होने कहा जगरियां, डंगरिया, कलाकार, सगुन आंखर वालोे के साथ ही बौना लोगों को भी पेंशन लागू कर दी गयी है।

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मुख्यमंत्री को भारतीय मजदूर संघ, बाल्मीकि समाज, विद्यालय कर्मचारी संगठन, होटल कर्मचारी संगठन, बार ऐसोशिऐशन, एनएसयूआई, खुर्पाताल न्याय पंचायत, रामसेवक सभा,रामलीता कमेटी तल्लीताल, ग्राम प्रधान संगठन, कोटाबाग,कालाढुंगी, बगड़ के जनप्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन दिये गये। मुख्य मंत्री लौटते वक्त फ्लैट्स मैदान गये जहॉ पर उन्होंने दुर्गा महोत्सव में लगी दुकानों व रावण के पुतलों का अवलोकन किया।
कार्यक्रम को संसदीय सचिव/विधायक सरिता आर्या, डॉ0 महेन्द्र पाल, डीडी रूवाली, जया बिष्ट, पुष्कर सिंह मेहरा द्वारा सम्बोधित किया गया। कार्यक्रम में आयुक्त डी सेंथिल पाण्डियन, डीआईजी अजय रौतेला, जिलाधिकारी दीपक रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनमेजय खंण्डूरी, मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चन्द, अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल, बीएल फिरमाल, अपर पुलिस अधीक्षक यशवन्त चौहान,हरीश चन्द्र सती, खजान पाण्डेय, डॉ0 हरीश बिष्ट, गणेश मेहरा, राजेन्द्र सिंह नेगी, मारूति नन्दन साह, भावना नौलिया, खष्टी बिष्ट, हुकुम सिंह कुवंर, गोपाल बिष्ट, मनमोहन सिंह कनवाल, कृपाल मेहरा, बालम बिष्ट, हिमान्शु पाण्डेय, त्रिभुवन फर्त्याल,सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बडी संख्या में गणमान्य मौजूद थे।

कुमांऊ साहित्यिक महोत्सव का आगाज

रामनगर।
कुमांऊ साहित्यिक महोत्सव (केएलएफ) का दूसरा संस्करण आज से शुरू हो गया है। यह महोत्सव 13 अक्टूबर तक जिम जंगल रिट्रीट ग्राम ढेला रामनगर (जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान) में होगा। 14 व 15 अक्टूबर को धनाचुली में आरोहा में होगा।
यह देश का पहला वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय च्रिट्रीटज् और ट्रैवलिंगज् साहित्यिक महोत्सव है। पिछले वर्ष इस महोत्सव का प्रथम संस्करण धानाचूली से शुरू होकर नैनीताल में समाप्त हुआ था और इसे एक अभूतपूर्व सफलता के रूप में देखा गया था। यह महोत्सव एक व्यापक दूरदृष्टि का हिस्सा है जिसके तहत धनाचुली को एक आदर्श सांस्कृतिक ग्राम के रूप में विकसित करने का उद्देश्य है। महोत्सव का यह दूसरा संस्करण साहित्य, प्रकाशन, सिनेमा और राजनीति की दुनिया के प्रख्यात नामों की मेजबानी कर रहा है।
मंगलवार को अपराह्न 3 बजे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जस्टिस ऐके सिकरी जज सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया, टी.एम.कृष्णा, कुमांऊ साहित्यिक महोत्सव के जन्मदाता सुमंत बत्रा व दलीप अकोई ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। ऋषि सूरी ने सभी उपस्थित वक्ताओं का धन्यवाद दिया। कार्यक्रम की शुरुवात सेशन शिफ्टिंग नोशन ऑफ दा नेशन स्टेट से हुई। जिसमें डॉक्टर अभिषेक मनु सिंघवी, जीन एछेनोज़, पवन के वर्मा व तरुण विजय वक्ता थे। संचालक भूपेंद्र चौबे रहे. इसके पश्चात के सेशन में करमचंद पर चर्चा हुई जिसमें डॉक्टर मंजरी प्रभु, पियूष झा, रवि सुब्रमनियन व सुरेंदर मोहन पाठक वक्त रहे और संचालक विष धमीजा रहे। इसके बाद के सेशन में इन्तिज़ार हुसैन को श्रद्धांजलि दी गई और उनके कार्यों पर चर्चा हुई। जिसमें डॉक्टर रख्शंदा जलील, डॉक्टर सैफ मोहमूद व जेरी पिंटू ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में फिर अगला सेशन इन बिट्स-बाइट्स लिटरेचर इन दा फ़्लैश/फ़ास्ट ऐज रहा जिसमें अदिति माहेश्वरी गोयल, अनंत पद्मनाभन व रवि सिंह वक्ता रहे और संचालक किरण मंगल रही. उसके बाद सेशन रिलीज़ ऑफ़ ला लिट् रहा जिसमें जेम्स चौंपियन व रबी थापा ने अपने विचार रखे। दीप बेलवाल द्वारा आँखों देखि कानो सुनी भी अपने आप में रोचक रहा। दलित लिटरेचर पर चर्चा करते हुए सेशन वौइस् फ्रॉम दा वेल भी अपने आप में रोचक रहा जिसमें आशालता काम्बले, निरुपमा दत्त व उर्मिला पंवार वक्त रहे और संचालक जेरी पिंटू रहे। उसके बाद सरविविंग दा वाइल्ड रू योस्सी घिंसबर्ग सेशन चला. जेम्स चौंपियन और सुमंथा घोष की चर्चा भी रोचक रही। स्टार दन एंड नाउ सेशन भी सबने सराहा जिसमें असीम छाबरा, गौतम चिंतामणि, यासर उस्मान व स्तुति घोष वक्ता रहे और संचालक मयंक शेखर रहे. प्रथम दिवस की समाप्ति फ़ौज़िया दास्तानगो-फजल रशीद द्वारा दास्तानगोई से हुई।

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पहाड़ से बचने के चक्कर में अफसरों ने डूबो दिया एकमात्र जड़ी-बूटी शोध संस्थान

देहरादून।
एक तरफ राज्य सरकार जहां प्रदेश में जड़ी-बूटियों की खोज के लिये संजीवनी प्राधिकरण बनाने की बात कह रही है, वहीं राज्य का एकमात्र जड़ी-बूटी शोध संस्थान शासन की लापरवाही और देहरादून में रहने के मोह के चलते धीरे-धीरे सिमटता जा रहा है। आज स्थिति कुछ ऐसी है कि बिना स्थाई डायरेक्टर के चलने वाले इस संस्थान में महज संविदा के कुछ कर्मचारियों के साथ-साथ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी इस संस्थान को चला रहे हैं। वहीं आज तक इस संस्थान में स्थाई वैज्ञानिक को तैनात तक नहीं किया गया है जो संस्थान की दशा बताने के लिये काफी है।

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यह जड़ी-बूटी शोध संस्थान चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर से 12 किमी दूर मंडल में स्थित है। यह राज्य का एकमात्र जड़ी-बूटी शोध संस्थान जो यहां पहाड में होने वाली जड़ी-बूटियों के दोहन के साथ ही रोजगार परक बनाने के लिये खोला गया था वह उपेक्षित है। अधिकारी देहरादून में रहने का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब इस क्षेत्र में संस्थान खोला गया तो सरकार ने ग्रामीणों की सैकडों नाली जमीन इस शर्त के साथ ली गई थी कि यहां स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जायेगा. आज हालत यह है कि न ग्रामीणों के पास जमीन रही और न ही रोजगार मिल पाया। कईं बार इसको लेकर आंदोलन भी किये गये लेकिन हर बार सरकार की तरफ से आश्वासन मिला मगर संस्थान की स्थिति आज तक नहीं सुधर पाई है।

दोहरे प्रभार की व्यवस्था में संशोधन

देहरादून।
शिक्षा अधिकारियों के तबादलों में रह गई विसंगतियों के साथ ही दोहरे प्रभार की व्यवस्था में संशोधन होगा। कुछ जिलों में कनिष्ठ अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों से बड़ा जिम्मा दिया गया है। इन विसंगतियों को दूर करने को शासन ने 14 अक्टूबर को बैठक बुलाई है।
सरकार ने बीते माह के आखिरी हफ्ते में शिक्षा महकमे में सात संयुक्त निदेशक समेत 43 अधिकारियों के तबादले किए थे। इनमें सात अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार के रूप में दोहरी जिम्मेदारी दी गई है। दोहरे प्रभार के साथ कुछ अधिकारियों को कनिष्ठ होने के बावजूद उच्च पदों का जिम्मा सौंपे जाने की शिकायतें भी शासन को मिली हैं। ये शिकायतें अधिकतर जिला स्तर पर होने वाली तैनाती से जुड़ी हैं। सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान राज्य परियोजना कार्यालय में प्रभारी अपर निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती को देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी के पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह सीईओ हरिद्वार अजय कुमार नौडियाल को सीईओ चमोली के साथ ही डीईओ बेसिक चमोली का अतिरिक्त प्रभार, अशोक कुमार सिंह को प्रभारी सीईओ अल्मोड़ा के साथ डीईओ-बेसिक अल्मोड़ा की अतिरिक्त जिम्मेदारी, आनंद भारद्वाज को उप निदेशक विधि के साथ बेसिक शिक्षा निदेशालय में संयुक्त निदेशक का अतिरिक्त जिम्मा, डीईओ हरिद्वार पुष्पारानी वर्मा को प्रभारी सीईओ हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार, दलेर सिंह राजपूत को प्रभारी डीईओ माध्यमिक चंपावत के साथ सीईओ का अतिरिक्त प्रभार, रमेशचंद्र आर्य को प्रभारी सीईओ बागेश्वर के साथ डीईओ माध्यमिक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।

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दोहरे प्रभार में कई अधिकारियों को उच्च पद सौंपे गए हैं तो सीइओ पद पर तैनात अधिकारियों को वरिष्ठता क्रम में नीचे जिला शिक्षा अधिकारियों का दायित्व भी सौंपा गया है। वहीं एक ही पद पर दो अधिकारियों को तैनाती दी गई। रामनगर बोर्ड में प्रभारी अपर सचिव रामेंद्र कुशवाहा को उत्तरकाशी में डीईओ माध्यमिक के पद पर तैनात किया किया गया है। इसी पद पर चमोली जिले के डीइओ बेसिक राजेंद्र प्रसाद डंडरियाल को डीईओ माध्यमिक के पद पर उत्तरकाशी भेजा गया। विभाग के उच्चाधिकारियों के अनसार तबादलों में विसंगतियों को दूर किया जाएगा। इस संबंध में 14 अक्टूबर को शासन स्तर पर बैठक भी होगी।

हरिद्वार से दिल्ली तक निकलेगी गंगा-यमुना समरसता यात्रा

ऋषिकेश।
प्रेस क्लब सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में समता अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक व उत्तराखंड प्रभारी सचिदानंद शर्मा ने कहा कि 21वीं सदी में भी विकास के मुद्दे को छोड़ कर जाति के मुद्दों को पकडऩे वाला समाज विश्वगुरु नहीं बन सकता।
उन्होंने कहा कि समाज में जातिगत भेदभाव समाप्त कर समरसता बनाने के लिए यात्रा निकाली जा रही है। भारत वर्ष में शंकराचार्य जैसा पद किसी जाति या वर्ग के व्यक्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इस पद पर किसी भी जाति वर्ग का व्यक्ति योग्यता के आधार पर पदासीन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि नगरपालिका सभागार में 12 अक्टूबर को सामाजिक समरसता गोष्टी का आयोजन किया गया है। इसमें चिंतन धाम के आध्यात्मिक गुरु पवन गुरु, जूना अखाड़ा के महंत नारायणगिरी, रविदास पंथ के स्वामी वीर सिंह हितकारी, स्वामी जितेंद्र नंद सहित कई संत शामिल होंगे। 13 अक्टूबर को भारत माता मंदिर हरिद्वार से पूर्व शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज यात्रा को रवाना करेंगे। बहादरावाद में योग गुरु बाबा रामदेव यात्रा में शामिल होंगे। 15 अक्टूबर को दिल्ली में यमुना के तट पर यात्रा का समापन होगा।

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चोरी की बोलेरो और एक बाइक बरामद

रूद्रपुर।
एसएसपी सेंथिल अबुदई ने खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने गंगापुर रोड पर दक्ष चौराहा के समीप पहुंची जहां कुछ देर पश्चात बुलेरो व बाइक सवार संदिग्ध् लोग आते दिखाई दिए जिस पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहनों में सवार तीन लोगों को दबोच लिया। पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम पता ट्रांजिट कैंप व मूल मुबारकपुर थाना कैमरी रामपुर निवासी प्रवेश पुत्रा अशोक गंगवार, ग्राम घिरिया सालेपुर थाना पटवई जिला रामपुर निवासी दिनेश कुमार उर्पफ अनुज पुत्रा स्व.लीलाधर व भूतबंगला वार्ड 6 निवासी इंद्रजीत सिंह पुत्रा राधेश्याम बताया। पुलिस ने उनके पास से बुलेरो मैक्सी ट्रक संख्या यूक-06सीए/7492 बरामद की जो सुभाष कालोनी निवासी सतपाल सिंह पुत्रा रामपाल सिंह की थी जिसे गत 3अक्टूबर को रम्पुरा से चोरी किया गया था। उनके पास से एक बाइक भी बरामद की गयी। पकड़े गये वाहन चोरों की तलाशी लेने पर उनके पास 315 बोर का एक तमंचा व दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। एसएसपी ने बताया कि बरामद बाइक दिल्ली से चोरी की गयी है। उन्होंने बताया कि पकड़े गये प्रवेश गंगवार का आपराध्कि इतिहास है और वह गैंग लीडर है जिसके खिलापफ रूद्रपुर व थाना नबाबगंज जिला बरेली में भी मामले दर्ज हैं। वहीं दिनेश वाहन चोर कुलदीप सिंह का साथी है जिसे रामपुर पुलिस को तलाश है। वह पूर्व में भी बाइक चोरी कर बेच चुका है। वहीं इंद्रजीत सिंह भी कई बार वाहन चोरी के मामले में रम्पुरा पुलिस की गिरफ्रत में आ चुका है।

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एसएसपी ने बताया कि प्रवेश कक्षा 10 फेल है और किराने की दुकान चलाता है। कई बार सिडकुल की चोरियों में संदिग्ध् रह चुका है और घर से बेदखल है। रामपुर का रहने वाला दिनेश 14वर्षों से रूद्रपुर में रह रहा है और पहाड़ों में दवा सप्लाई करता था। घाटा होने के कारण चोरी करने लगा। इंद्रजीत अच्छे परिवार से ताल्लुक रखता है और उसके ट्रक सिडकुल चलते हैं। गलत संगत में पड़ने से वह चोरी करने लगा।
पकड़ने वाली टीम में ट्रांजिट कैंप थाना इंचार्ज सुशील कुमार, रम्पुरा चौकी प्रभारी प्रकाश दानू, एसआई भुवन चंद आर्या,कां. भुवन पांडे, प्रवीण गोस्वामी, अमित कुमार, जगदीश दुग्ताल, अब्दुल मलिक, संजय कुमार शामिल थे। एसएसपी ने पुलिस टीम को 2500 रूपए इनाम देने की भी घोषणा की।