कैबिनेट फैसलाः हरिद्वार, ऋषिकेश को मास्टर प्लान के तहत होंगे विकसित, छह माह में बनेगी डीपीआर

ऊर्जा विभाग में 2008 में केंद्र सरकार के द्वारा जल विद्युत नीति लायी गयी थी। उसे आज तक लागू नहीं किया गया था जिसे आज कैबिनेट बैठक में लागू किया गया।

12 प्रतिशत बिजली की बजाय अब 13 प्रतिशत बिजली जल विधुत परियोजनाओं से एक प्रतिशत जो अतरिक्त बिजली सरकार को मिलेगी उस पैसे से जल विद्युत परियोजना से प्रभावित लोगो को दिया जाएगा।

वित्त विभाग में कई अधिकारियों के अधिकार को बढ़ाया गया है।

मसूरी क्षेत्र को पूरा एक तहसील बनाये जाने की मंजूरी

पीडब्ल्यूडी विभाग के तहत नई नियमावली को दी गई मंजूरी

नई शिक्षा नीति के तहत पहली कक्षा में एडमिशन के लिए 1 अप्रैल को 6 वर्ष होने पर मुहर

लघु सिंचाई विभाग की सेवा नियमावली में बदलाव 75 की जगह 85 फ़ीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाने को मंजूरी

पुलिस दूरसंचार विभाग के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी,2 पद हुए स्वीकृत, 8700 ग्रेड पे के दो 2 पद हुए स्वीकृत

13 पीपीएस पदों को कैबिनेट ने दी मंजूरी

पशुपालन विभाग के तहत वेटरनरी कर्मियों को पहाड़ में सेवा देने के लिए कृत्रिम गर्भाधान के लिए बढ़ाई गई प्रति कृत्रिम गर्भाधान पर राशि

उत्तराखंड में होने वाली राष्ट्रीय खेलों के लिए हाई पावर कमेटी का किया गठन

एमएसएमई विभाग की नई पॉलिसी में किया गया बदलाव

पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ाई गई सब्सिडी

मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पहाड़ में ज्यादा रखी गई है सब्सिडी
कौशल विकास के तहत टाटा कम्पनी भी देगी आईटीआई संस्थानों में ट्रेनिंग

मॉडल आईटीआई के रूप में विकसित होंगे आईटीआई संस्थान

सरकार के साथ मिलकर टाटा ग्रुप चलाएगा आईटीआई संस्थान
चौरासी कुटिया स्वर्गाश्रम को फॉरेस्ट विभाग के साथ एचसीपी कंपनी करेगी विकास

हरिद्वार और ऋषिकेश शहरों में मास्टर प्लान के तहत किया जाएगा विकसित, 6 महीने में बन जाएगी डीपीआर

सभी धर्मों के लिए विवाह का रजिस्ट्रेशन हुआ अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने लिया फैसला

उत्तराखंड में ड्रोन पॉलिसी को कैबिनेट ने दी मंजूरी

उच्च शिक्षा विभाग के तहत छात्र वृत्ति योजना में किया गया संशोधन

अब फैकल्टी के अनुसार 10ः छात्रों को ही मिलेगी छात्रवृत्ति
उच्च शिक्षा विभाग के तहत प्रधानाचार्य के सीधी भर्ती के पदों को भी मिली मंजूरी

उच्च शिक्षा विभाग के तहत प्रधानाचार्य के सीधी भर्ती के पदों को भी मिली मंजूरी

पीएम श्री स्कूल योजना के द्वितीय चरण में अधिक से अधिक स्कूल हों शामिल

भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम-श्री योजना के अंतर्गत द्वितीय चरण के लिये विद्यालयों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिसमें सूबे के अधिक से अधिक स्कूलों को शामिल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों दे दिये गये हैं। इस संबंध में सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को पीएम-श्री पोर्टल पर आवेदन कर विद्यालयों की सम्पूर्ण जानकारी अपलोड करने को कहा गया है साथ ही चिन्हित विद्यालयों के भौतिक निरीक्षण की रिपोर्ट निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि भारत सरकार की महत्वकांक्षी पीएम-श्री योजना के अंतर्गत द्वितीय चरण में विद्यालयों के चयन की ऑनलाइन प्रक्रिया एक अगस्त से शुरू हो चुकी है। जिसके तहत 21 अगस्त तक विद्यालयों द्वारा चयन हेतु आवेदन किया जाना है। जिनका 31 अगस्त तक जनपद स्तर सत्यापन तथा 5 सितम्बर तक राज्य स्तर सत्यापन एवं चयन का कार्य पूरा किया जायेगा। इसके उपरांत 15 सितम्बर तक भारत सरकार द्वारा चयनित विद्यालयों की सूची जारी कर दी जायेगी। डॉ. रावत ने बताया कि इस योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत राज्य से 232 स्कूलों का चिन्हिकरण कर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था, जिनमें से भारत सरकार ने 142 विद्यालयों को अपनी स्वीकृत प्रदान की। उन्होंने बताया कि योजना के द्वितीय चरण में प्रदेश के अधिक से अधिक विद्यालयों को शामिल करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। जिसके तहत अपने अपने जनपदों में चिन्हित विद्यालयों की सम्पूर्ण सूचनाएं विद्यालय स्तर से नियत समय में पीएम-श्री पोर्टल पर अपलोड कराना होगा। साथ ही विकासखंड एवं जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा चिन्हित विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कर प्रामणीकरण रिपोर्ट राज्य स्तरीय अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गये हैं।

स्टेट एआरटी व सरोगेसी बोर्ड की द्वितीय बैठक में लिये गये अहम फैसले

राज्य में एआरटी व सरोगेसी क्लीनिक एवं बैंकों की स्थापना के लिये प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जायेगा। इसके लिये राज्य नोडल अधिकारी को अभी तक प्राप्त आवेदनों के सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दे दिये गये हैं। एआरटी व सरोगेसी एक्ट से संबंधित प्रकरणों की जानकारी प्राप्त करने एवं दुरूपयोग को रोकने के लिये एक हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया जायेगा जोकि स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नम्बर 104 से लिंक किया जायेगा। इसी के साथ राज्य स्तरीय बोर्ड में दो विशेष अमंत्रित सदस्य नामित किये जायेंगे।

सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में राज्य एआरटी एवं सरोगेसी बोर्ड की द्वितीय बैठक प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सम्मपन्न हुई, जिसमें एआरटी व सरोगेसी क्लीनिक तथा एआरटी बैंकों की स्थापना को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बोर्ड के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डा. रावत ने बताया कि राज्य में एआरटी क्लीनिक लेवल-1 के लिये 06 आवेदन तथा लेवल-2 के लिये 22 आवेदन विभिन्न मेडिकल संस्थानों से प्राप्त हुई। जबकि सरोगेसी क्लीनिक के लिये 07 आवेदन प्राप्त हुये हैं, जिनमें एम्स ़ऋषिकेश सहित अन्य निजी अस्पताल व नर्सिंग होम शामिल है। इसी प्रकार एआरटी बैंक के लिये प्रदेशभर से 08 आवेदन प्राप्त हुये हैं। बोर्ड बैठक में प्राप्त आवेदनों के आधार पर जिन संस्थानों द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करा दिया गया है उनका शीघ्र निरीक्षण करा कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश बोर्ड सचिव व राज्य नोडल अधिकारी को दे दिये गये हैं। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि एआरटी व सरोगेसी से संबंधित जानकारी, सुझाव प्राप्त करने तथा सरोगेसी के व्यवसायीकरण एवं दुरूपयोग को रोकने के लिये एक हेल्पलाइन नम्बर जारी किया जायेगा जो कि स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नम्बर 104 से लिंक रहेगा। इसके अतिरिक्त बैठक में सीएमओ की अध्यक्षता में शीघ्र जिला मेडिकल बोर्ड गठन की कार्यवाही पूर्ण करते हुये प्रत्येक जनपद में मेडिकल बोर्ड की पृथक लॉगइन आईडी खोलने के निर्देश दिये गये ताकि सरोगेसी व एआरटी का लाभ लेने वाले दम्पतियों को समय पर जिला मेडिकल बोर्ड की संस्तुति मिल सके। बैठक में निर्णय लिया गया है कि बोर्ड बैठक में प्रतिभाग के लिये आने वाले गैर सरकारी सदस्यों एवं निरीक्षण टीम के सदस्यों को टीए-डीए दिये जाने का निर्णय भी लिया गया। इसके अतिरिक्त बोर्ड में एक महिला व एक पुरूष को विशेष आमंत्रित सदस्य नामित करने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में बोर्ड सदस्य विधायक कैंट सविता कपूर, विधायक भगवानपुर ममता राकेश, प्रमुख सचिव न्याय नरेन्द्र दत्त, अपर सचिव स्वास्थ्य व सदस्य सचिव अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, डॉ. लतिका चावला, डॉ. मीनू वैश्य, डॉ. अनीता रावत, श्रीमती बिंदुवसिनी, सुश्री हेमलता बहन, लॉरेन्श सिंह, अरूणा नेगी चौहान, डॉ. सुनीता चुफाल, डॉ अमलेश सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

किन्नर रजनी रावत सहित 35 के खिलाफ बंधक और मारपीट का मुकदमा

किन्नरों के बीच हुए विवाद में शहर कोतवाली में किन्नर रजनी रावत सहित 35 के खिलाफ बंधक बनाने और मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि रजनी रावत ने उनकी पिटाई करने के बाद उन्हें बंधक बनाया और मोबाइल से डाटा भी डिलीट कर दिया। चौकी इंचार्ज धारा आशीष रावत ने बताया मामले की जांच की जा रही है।

चौकी इंचार्ज के अनुसार, पुलिस को दी शिकायत में किन्नर निशा चौहान ने बताया कि 27 जुलाई को उन्हें उनकी गुरु बिन्दु निवासी मलूकंचद ने फोन करके किसी काम के सिलसिले में हाथीबड़कला स्थित डेरे पर बुलाया था। डेरे पर रजनी रावत व उनके कुछ चेले पहले से ही मौजूद थे। किसी बात को लेकर निशा व रजनी रावत के बीच झगड़ा हो गया।

आरोप है कि रजनी रावत व उनके चेलों ने उन्हें बुरी तरह से पीटा। उन्हें खाली कागज पर साइन करवाए और पुलिस के पास शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। आरोप है कि उन्हें सारी रात डेरे में बंधक बनाकर रखा गया। उनका मोबाइल छीनकर डाटा डिलीट कर दिया।

नैनी सैनी हवाई अड्डे के संचालन को हुआ एमओयू हस्तांतरित

पिथौरागढ़ स्थित नैनी सैनी हवाई अड्डे का विकास, संचालन एवं प्रबंधन अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जायेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विभाग के मुख्य कार्याधिकारी सी. रविशंकर तथा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एक्जक्यूटिव डायरेक्टर एन.वी. सुब्बारायडू के मध्य एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनी सैनी एयर पोर्ट के संचालन, रखरखाव, विकास एवं प्रबंधन के लिये पूर्व में उन्होंने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपेक्षा की थी कि नैनी सैनी एयरपोर्ट के सामरिक महत्व को देखते हुए इसे अपग्रेड करने तथा इसके बेहतर प्रबंधन के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हैंडओवर कर दिया जाए। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा भेजे गये प्रस्ताव पर निर्णय लिये जाने हेतु एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अविलम्ब एम.ओ.यू की कार्यवाही पूर्ण करने की भी बात हुई थी। इसी के क्रम में आज यह एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित हुआ है। मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी व एक्जक्यूटिव डायरेक्टर से नैनी सैनी हवाई अड्डे से विमान सेवा के संचालन में शीघ्रता की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊं की एयर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पंतनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित नये अलाइनमेंट का ओएलएस सर्वे करने की भी एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों से अपेक्षा की।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी, एयरपोर्ट अथॉरिटी के ऑपरेशन हेड समीर सिंह, देहरादून एयरपोर्ट के निदेशक प्रभाकर मिश्रा आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड की चयन प्रक्रिया स्थगित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के द्वारा किए गए चयन एवं की जा रही चयन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। इस प्रकरण में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने आज मुख्यमंत्री से भेंट कर उनको शिकायत की थी जिसके फलस्वरूप मुख्यमंत्री ने तत्काल इस परीक्षा को स्थगित करने के निर्देश दिए। साथ ही सम्पूर्ण प्रक्रिया की गहनता से जांच कराने के भी निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में भर्तियों में धांधलियों को लेकर मुख्यमंत्री लगातार सख्त रुख अपना रहे हैं। राज्य में इसी कड़ी में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले दिनों जिन भी भर्तियों में धांधली की शिकायत मुख्यमंत्री को मिली उन पर तत्काल कार्रवाई की गई। गलत गतिविधियों में संलिप्त तमाम लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने आज मुख्यमंत्री से भेंट कर उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से की जा रही आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक चिकित्सा की भर्ती में धांधली का संदेह जताते हुए चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड की प्रक्रिया की गहनता से जांच करने की मांग मुख्यमंत्री से की।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के द्वारा किये गये चयन एवं की जा रही चयन प्रक्रिया को तत्काल स्थगित करते हुए सम्पूर्ण प्रक्रिया की गहनता से जांच के निर्देश दिए हैं।

प्रतिनिधिमण्डल में प्रान्त कोषाध्यक्ष रमाकान्त श्रीवास्तव. प्रांत सह संगठन मंत्री अंकित सुन्दरियाल, प्रदेश सह मंत्री ऋषभ रावत, विभाग प्रमुख कौशल कुमार, विभाग संगठन मंत्री नागेंद्र शामिल थे। अभाविप ने त्वरित कार्रवाई पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया है।

सीएम ने अल्मोड़ा में धर्मशाला और क्राफ्ट म्यूजियम के निर्माण हेतु प्रदान की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा में मुंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला और क्राफ्ट म्यूजियम के निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने धर्मशाला और क्राफ्ट म्यूजियम के निर्माण हेतु 69.82 लाख के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 41.89 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

आजादी के अमृत काल में जी-20 का प्रतिनिधित्व करना हमारे लिए गौरव की बातः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की में थिंक इण्डिया के सहयोग से आयोजित ’’जी-20 इम्पैक्ट समिटः अनशीलिंग द पोटेंशियल’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए एक राजनयिक अवसर नहीं, बल्कि यह एक जिम्मेदारी है, जो विश्व के भारत पर भरोसे का एक पैमाना है। उन्होंने कहा कि जी-20 ऐसे देशों का समूह है, जिनका आर्थिक सामर्थ्य विश्व की 85 प्रतिशत जीडीपी का तथा विश्व के 75 प्रतिशत व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें विश्व की दो-तिहाई जनसंख्या समाहित है, जो आजादी के अमृत काल में हमारे लिये गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के जी-20 की थीम वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर है, जो मूल रूप से भारतीय संस्कृति द्वारा विश्व को दिए गए सिद्धांत वसुधैव कुटुंबकम पर आधारित है, जिसका अर्थ है समस्त विश्व एक परिवार है। जी-20 के लोगो का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 का यह लोगो केवल एक प्रतीक चिन्ह नहीं बल्कि एक संदेश है, एक भावना है, जो हमारी रगो में है, यह एक संकल्प है, जो हमारी सोच में शामिल है। उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के मंत्र के जरिए विश्व बंधुत्व की भावना को हम सदियों से जीते आए हैं तथा हमारी प्राचीन संस्कृति का यह विचार इस लोगो और थीम में प्रतिबिंबित होता है। उन्होंने कहा कि इस लोगो में कमल का फूल, भारत की पौराणिक धरोहर, हमारी आस्था, हमारी बौद्धिकता, को चित्रित करता है तथा भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व करता है।

मुख्यमंत्री ने जी-20 के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुये कहा कि इसका उद्देश्य विविधता का सम्मान करते हुए दुनिया को एक मंच पर लाना है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के लोगों को भारत को जानने, समझने की उत्कट जिज्ञासा है। वे हमारी सांस्कृतिक धरोहरों का अध्ययन, वर्तमान की सफलताओं का आकलन तथा हमारे भविष्य को लेकर अभूतपूर्व आशाएं प्रकट कर रहे हैं। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम इन अपेक्षाओं से आगे बढ़कर दुनिया को भारत की क्षमताओं, दर्शन, सामाजिक और बौद्धिक ताकत से परिचित कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की तीनों बैठकों में उन्होंने बहुत कुछ सीखा, जहां पहली बैठक में उन्हें विश्व के महान वैज्ञानिकों से मिलने का मौका मिला वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक में अन्य विषयों के अलावा उन्होंने जाना कि किस प्रकार जापान ने भूकंपरोधी भवन बनाने की ऐसी तकनीक का विकास किया है, जो आपदा के समय में भी जापान के लोगो व मकानों को सुरक्षित रखती है, यह भारत और विशेष रूप से उत्तराखंड के लिए उपयोगी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डायनामिक लीडरशिप में आज भारत एक मजबूत अर्थव्यवस्था, नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी, समृद्ध लोकतंत्र, वैश्विक मंच पर शांतिदूत तथा मानवता के प्रयासों में अग्रदूत के रूप में स्थापित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत आज विश्व की पांचवी आर्थिक शक्ति बन गया है। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत को समृद्ध, शक्तिशाली तथा आर्थिक रूप से मजबूत नये नजरिये के रूप में देख रहा है। चाहे वह रूस-यूक्रेन युद्ध में अप्रवासी भारतीयों को सकुशल वापस लाने की बात हो, कोरोना काल में विश्व के अनेक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराने की बात हो, हर क्षेत्र में आज भारत अग्रणी की भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य को जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन करने का अवसर प्रदान किया तथा इस महत्त्वपूर्ण दायित्व को हमने अच्छी तरह निभाया। उन्होंने कहा कि जी-20 की तीन बैठकों के माध्यम से हमने देवभूमि से ’अतिथि देवों भव’ का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मैं खुद जब जी-20 की बैठकों में विभिन्न देशों के डेलीगेट्स से मिला और मैंने जब उनका भारत के प्रति प्रेम देखा तो वे पल मेरे लिए अविस्मरणीय थे।

आई.आई.टी. रूड़की का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान 176 वर्षों से भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में देश को गौरवान्वित करता आ रहा है तथा यहां से अध्ययन करने वाले अनेकों विद्यार्थी आज देश व विदेश के अनेकों महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं देते हुये अपने ज्ञान एवम् कुशलता से देश का नाम रोशन कर रहे हैं तथा शोध के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।

पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों का आह्वान किया कि उनके सामने अनेकों अवसर व चुनौतियां हैं तथा जो चुनौतियां हैं, उन्हें परिश्रम से, अवसर में, बदलने में उन्हें निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।

’’जी-20 इम्पैक्ट समिट अनशीलिंग द पोटेंशियल’’ कार्यक्रम को निदेशक भारतीय प्रौद्यागिकी संस्थान रूड़की प्रो0 के0के0 पन्त, प्रो0 एय0एच0 उपाध्याय, श्री सार्थक पाण्डया ने भी सम्बोधित करते हुये इस पर विस्तृत प्रकाश डाला।

इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष रूड़की शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र कपकोट में नर्सिंग कॉलेज खोले जाने की प्रदान की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा क्षेत्र कपकोट के ससोला में नर्सिंग कालेज खोले जाने एवं कपकोट में स्थित केदारेश्वर स्टेडियम की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्य किये जाने की स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने जनपद हरिद्वार में जलभराव के संबंध में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रदान की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद हरिद्वार के जलभराव वाले क्षेत्रों को आपदा ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में आगामी 03 माह तक विद्युत, जल व अन्य सरकारी देयकों एवं ऋणों की वसूली को स्थगित रखे जाने की सहमति, आपदाग्रस्त क्षेत्रों में तीव्रता से व्यापक सर्वेक्षण कराकर मानकानुसार तत्काल राहत राशि / मुआवजा का वितरण सुनिश्चित किए जाने की भी सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने भविष्य में इस प्रकार की आपदा की पुनरावृत्ति को रोकने एवं बचाव के लिए बाढ़ प्रबन्धन योजना पर कार्य किए जाने तथा इसके साथ ही जल निकासी की व्यापक योजना तैयार किए जाने की भी स्वीकृति प्रदान की है।
इसके साथ ही भविष्य में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए नदियों को चौनेलाईज कराये जाने का कार्य कराये जाने हेतु ठोस कदम उठाये जाने, आपदाग्रस्त क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्थायी बाढ़ राहत केन्द्रों का निर्माण कराए जाने संबंधी प्रस्तावों को मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने खटीमा में विभिन्न योजनाओं के लिए प्रदान की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्र-छात्राओं को उच्च स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उच्च स्तर का ज्ञान प्राप्त करने के लिए खटीमा क्षेत्र में पुस्तकालय तैयार करने, खटीमा में जलभराव से निजात के लिए ड्रेनेज प्लान तैयार किये जाने एवं चरणबद्ध रूप से नालों का निर्माण किये जाने के साथ ही विविध हस्तशिल्पों और हथकरघा क्षेत्र में आजीविका की व्यापक सम्भावना व विकास को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना तैयार किये जाने, खटीमा क्षेत्र के आईटीआई व अन्य विषयों के साथ क्षेत्र के हस्तशिल्प व हथकरघा की विशेष कलाओं के संरक्षण एवं विकास के प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित किये जाने हेतु स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने आरएसएस के पूर्व सह कार्यवाह मदन दास देवी को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भीमगोडा स्थित कृष्ण कृपा आश्रम में आयोजित श्रद्धाजंलि सभा मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सह कार्यवाह मदन दास देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मदन दास देवी के निधन से समाज की अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा तथा वे निरन्तर राष्ट्र के निर्माण में सन्नद्ध रहे, जो हमारे लिये प्रेरणा का स्रोत है।
श्रद्धांजलि सभा में महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, भाजपा राजधानी कार्यालय प्रमुख महेंद्र पांडेय, प्रफुल आकांत, डॉ. शैलेन्द्र आदि ने भी मदन दास देवी को श्रद्धांजलि दी ।

मदन दास देवी को श्रद्धाजंलि देने वालों में महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रविन्द्र पुरी, महंत रूपेंद्र प्रकाश, महंत राम मुनि, महंत जसविंद्र शास्त्री, महंत विष्णुदास, अनिल गुप्ता, सुनील, दयानन्द, आशीष चौहान, अधिवक्ता परिषद से हरि बोरिकर, उमेश दत्त शर्मा, श्री अमोल, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत व प्रेमचन्द्र अग्रवाल, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, हरिद्वार नगर विधायक मदन कौशिक, पदम सिंह, दिनेश सेमवाल, डॉ. शैलेन्द्र, अजय कुमार, सुरेश जोशी, रमेश गाड़िया, विक्रम, डॉ ममता सिंह, रितांशु कंडारी, नवीन पन्त, पूर्व मेयर हरिद्वार मनोज गर्ग, रोहन सहगल, डॉ. यतींद्र नागयन, विकास तिवारी आदि प्रमुख थे।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन कुँवर रोहिताश्व ने किया।
श्रद्धांजलि सभा के बाद पूर्व सह कार्यवाह स्वर्गीय मदन दास देवी जी की अस्थियों को पूर्ण विधि विधान से हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड से विसर्जित किया गया।
श्रीगंगा सभा की ओर से अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, सिद्धार्थ चक्रपाणि, उज्ज्वल पण्डित, अनमोल आदि तीर्थ पुरोहित मौजूद थे।