दून विवि के दीक्षारंभ समारोह में सीएम ने किया विभिन्न पुस्तकों का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय में आयोजित नवप्रवेशित विद्यार्थियों के दीक्षारंभ समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दून विश्वविद्यालय परिसर में ओपन एयर थियेटर एवं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर “Changing Paradigms in Business and Technology” एवं “Innovative Management Practices” नामक पुस्तकों का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि उत्तराखंड को उत्कृष्ट राज्य बनाने में छात्र छात्राओं की अहम भूमिका होगी। राज्य का भविष्य यहां के युवाओं के भविष्य पर निर्भर करता है। पढ़ाई के साथ युवा हर क्षेत्र में आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार नौजवानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने दीक्षारंभ (सत्रारम्भ) समारोह में आए छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में प्रवेश के साथ ही जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। जीवन में शिक्षा का महत्व प्राचीन काल से ही रहा है। उच्च शिक्षा में प्रवेश जीवन में ज्ञान के महत्व को इंगित करने का एक अभिनव क्षण है। यह पल आपकी स्मृतियों में जीवनभर ताजा बने रहेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सदियों से ही महान ऋषियों की कर्मस्थली रही है। जिन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में प्रचारित और प्रसारित किया। आज भी हमारे कई शैक्षणिक संस्थान न सिर्फ देश में अपितु वैश्विक स्तर पर अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं। उत्तराखंड की समृद्ध ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दून विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवावस्था जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है, इसके बल पर आप लोग चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित कर सकते हैं तथा अपनी सृजनशक्ति के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नित नये-नये कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं। वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सहयोग हेतु प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में कई कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। जनता से संवाद स्थापित कर उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। दून विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उत्तराखण्ड की लोक भाषाओं, बोलियों एवं साहित्य के संरक्षण, संवर्धन एवं शोध के क्षेत्र में कार्य करने हेतु डॉ० नित्यानन्द हिमालयी शोध एवं अध्ययन केंद्र भी स्थापित किया गया है। यह शोध केन्द्र प्रदेश की भाषाओं व साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही विदेशी भाषाओं में भी नए कोर्स शुरू किए गए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में शिक्षा, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिये अनेक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा युवाओं को समाज एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करने के लिये शिक्षा के साथ ही उनके कौशल विकास के लिये विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों में प्रवेश उत्सव के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। समर्थ पोर्टल के माध्यम से विभिन्न महाविद्यालयों में एडमिशन हेतु 71 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य में डिग्री कॉलेजों हेतु ई- ग्रंथालय की व्यवस्था की गई है। महाविद्यालय में अन्य कार्यक्रमों से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित ना हो इसके लिए शैक्षिक कैलेंडर भी जारी किया गया है। उत्तराखंड राज्य के सभी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह नवंबर माह में किए जाने का फैसला राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। राज्य में मेधावी छात्रों के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृति योजना दी जा रही है। उत्तराखंड राज्य के विश्वविद्यालय देश के सर्वोच्च विद्यालयों में शामिल हों, इसके लिए सरकार निरंतर कार्यरत है।

इस दौरान कार्यक्रम में विधायक विनोद चमोली, कुलपति दून विश्वविद्यालय सुरेखा डंगवाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

खंड शिक्षा अधिकारी दो सप्ताह के भीतर निदेशालय को भेजेंगें क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत संबंधी प्रस्ताव

राज्य में शिक्षा विभाग द्वारा चिन्हित मरम्मत योग्य विद्यालयों का जीर्णाेद्धार राज्य आपदा मद से किया जायेगा। इसके लिये खण्ड शिक्षा अधिकारी को अपने-अपने विकासखंड के अंतर्गत चिन्हित ऐसे विद्यालयों का प्रस्ताव दो सप्ताह के भीतर विद्यालयी शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराना होगा ताकि निदेशालय के माध्यम से प्रस्ताव आपदा विभाग को उपलब्ध कराया जा सके।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास में वित्त, आपदा एवं शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक ली। जिसमें प्रदेश के क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत आपदा मद से कराने व पूर्ण क्षतिग्रस्त विद्यालयों के नये भवनों का निर्माण राज्य सेक्टर से कराने का निर्णय लिया गया। डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश में सैकड़ों विद्यालय ऐसे हैं जिनकी मरम्मत का खर्चा रूपये एक लाख से लेकर रूपये पांच लाख तक आंका गया है। जिनका सर्वे विभाग द्वारा कुछ माह पूर्व कराया गया। जिसमें क्षतिग्रस्त विद्यालयों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त विद्यालयों को डी श्रेणी में रखा गया है जहां पर विद्यालय के नये भवन का निर्माण कराया जायेगा जिसका बजट राज्य सेक्टर से स्वीकृत किया जायेगा। जबकि अन्य विभिन्न श्रेणी के क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत आपदा मद से की जायेगी। जिसकी सैद्धांतिक सहमति वित्त एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दे दी गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभागीय कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के मरम्मत का प्रस्ताव दो सप्ताह के भीतर निदेशालय को उपलब्ध कराया जाय। इसके लिये खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के क्षतिग्रस्त विद्यालयों का प्रस्ताव तैयार कर संबंधित जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी को प्रेषित करेंगे। मुख्य शिक्षा अधिकारी अपनी संस्तुति के साथ प्रस्ताव शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध करायेंगे। निदेशालय से प्रस्ताव विभाग के माध्यम से आपदा प्रबंधन विभाग को उपलब्ध करायेगा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त आनंद वर्द्धन, सचिव आपदा डॉ. रंजीत सिन्हा, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा योगेन्द्र यादव, एम.एम. सेमवाल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा आर.के. उनियाल, एम.एस.बिष्ट, नाबार्ड के महाप्रबंधक अमित पाण्डे, प्रबंधक शशांक शेखर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को दिये जिला स्वास्थ्य समिति के पुनर्गठन के निर्देश

उत्तराखंड स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत राजकीय चिकित्सालयों में एएनएम के रिक्त 330 पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से शीघ्र तैनाती दी जायेगी। ब्लॉक स्तर पर रोगी कल्याण समिति का गठन किया जायेगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी जबकि जिला स्तर पर गठित जिला स्वास्थ्य समिति को पुनर्गठित किया जायेगा। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिये प्रदेशभर में जनजागरूकता अभियान चलाये जाएंगे। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज शासकीय आवास पर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बताया कि सूबे में स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती के दृष्टिगत विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में लंबे समय से रिक्त एएनएम के 330 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया गतिमान है जिसमें अधिक समय लगने के मध्यनजर इन पदों के सापेक्ष आउटसोर्स के माध्यम से एएनएम की तैनाती की जायेगी। इसके अलावा राजकीय चिकित्सा इकाइयों में चतुर्थ श्रेणी के 2500 पदों को भी आउटसोर्स से भरा जायेगा। जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश में वृहद स्तर पर जनजागरूकता अभियान संचालित किये जायेंगे इसके साथ ही खुशियों की सवारी योजना का प्रचार-प्रसार किया जायेगा ताकि गर्भवती महिलाएं संस्थागत प्रसव के लिये प्रेरित हो सके। इसके लिये सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को अपने अपने जनपद में जनजागरूकता अभियानों के संचालन एवं उनकी मॉनिटरिंग करने के स्पष्ट निर्देश दे दिये हैं। डॉ रावत ने बताया कि आर्थिक रुप से कमजोर मरीजों की सहायता एवं अस्पतालों के बेहतर संचालन के लिये ब्लॉक स्तर पर रोगी कल्याण समिति का गठन किया जायेगा जबकि जिला स्तर पर गठित जिला स्वास्थ्य प्रबंधन समिति का पुनर्गठन कर दोनों समितियों में जनसहभागिता सुनिश्चित की जायेगी। इसके साथ ही समिति में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।

बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह, निदेशक स्वास्थ्य डॉ सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ आशुतोष सयाना, सीएमओ देहरादून डॉ. संजय जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि मंत्री ने की अल्मोड़ा विकास भवन में जिला की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा

प्रदेश के कृषि, कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने कुमाऊं दौरे के दौरान आज अल्मोड़ा विकास भवन पहुंचकर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
विकास भवन पहुंचने पर जिलाधिकारी विनीत तोमर, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे ने मंत्री गणेश जोशी का पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। बैठक के दौरान मंत्री ने जनपद में मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने मंडुआ, झंगोरा, गहत, चौलाई जैसी फसलों के उत्पादन पर जोर देते हुए कहा कि यहां की परिस्थितियों के अनुसार मोटे अनाज के उत्पादन की जनपद में अपार संभावनाएं हैं, इसलिए अधिकारी इस ओर अधिक ध्यान दें। उन्होंने कहा कि मंडुवा के लिए एमएसपी (38.46 रुपए प्रति किलो) के तहत सरकारी खरीद होने से अब यह फसल किसानों के लिए आय भी अर्जित करेगी। उन्होंने कहा कि मांडुवा खरीद में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शामिल किया जा रहा है। जिसके तहत समूह की महिलाओं द्वारा मंडुवा खरीद पर 1.5 रुपए प्रति किलो का इंसेंटिव दिया जाएगा, जिससे किसानों को अपनी फसल का उचित दाम भी घर बैठे प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर महिलाओं की आजीविका बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है, इसलिए विभागीय अधिकारी इस और अधिक लगन से कार्य करें। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए योजनाओं का प्रचार तथा प्रसार बेहतर ढंग से करने के निर्देश दिए। उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने निर्देश दिए कि जिले में सेब के उत्पादन को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने एप्पल मिशन के अंतर्गत किसानों को सेब के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही पॉलीहाउस निर्माण में भी तेजी से लाभार्थियों का चयन कर पोलीहाउस बनाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का प्रचार प्रसार जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाए तथा जो भी विभागीय योजनाओं से संबंधित कार्यक्रम आयोजित होते हैं, उनमें जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। ग्राम्य विकास की समीक्षा के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने निर्देश दिए कि मनरेगा के तहत वृक्षारोपण के जो कार्य किए जाते हैं, उन पौधों की देखरेख का भी मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत फलदार पौधे का रोपण किया जाए।परियोजना निदेशक ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत 216104 लक्ष्य के सापेक्ष 152992 पौधे लगाए जा चुके हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी विनीत तोमर, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे, डीसीबी चेयरमैन ललित लटवाल, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पीडी पुष्पेंद्र सिंह समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

विशेष सहायता ऋण के लिए सीएम ने प्रधानमंत्री का जताया आभार

वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पूंजीगत निवेश 2023-24 के अन्तर्गत उत्तराखण्ड को विशेष सहायता (ऋण) के लिए 951 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य को प्रदान की गई इस विशेष सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया।

वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जिन महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए 2023-24 के लिए राज्य को विशेष सहायता स्वीकृत की गई है, उनमें जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की सुविधा के लिए 110 करोड़ रूपये, नैनीताल में मॉडल कॉलेज अपग्रेडेशन के लिए 61 करोड़ रूपये, 500 बेड के दून मेडिकल कॉलेज के लिए 60 करोड़ एवं दून मेडिकल कॉलेज कैम्पस के लिए 33.98 करोड़ रूपये की विशेष सहायता प्रदान की गई है। पीएमजीएसवाई स्टेट शेयर के लिए 56 करोड़ रूपये, रूड़की देवबंद रेल लाईन के लिए 55 करोड़ रूपये, सहसपुर में स्किल हब के लिए 25.91 करोड़ रूपये, फार्म मशीनरी बैंक के लिए 25 करोड़ रूपये, टनकपुर आईएसबीटी के लिए 25 करोड़ रूपये, देहरादून में बस डिपो/वर्कशाप के लिए 25 करोड़ रूपये एवं अल्मोड़ा सीवरेज स्कीम के लिए 20.16 करोड़ की विशेष सहायता प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त अन्य योजनाओं में भी विशेष सहायता के तहत भारत सरकार द्वारा धनराशि स्वीकृत की गई है।

सीएम के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं की बैठक ली

चमोली जैसे हादसों की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए प्रदेश में कार्यरत समस्त कार्यदायी संस्थाओं की एक उच्च स्तरीय बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में ली। बैठक में यह तथ्य संज्ञान में आया कि कार्यदायी संस्थाएं इलैक्ट्रिकल वर्क को सिविल वर्क के साथ जोड़ देती हैं। जबकि कार्यदायी संस्थाओं के पास इलैक्ट्रिकल वर्क के लिए पृथक से इंजीनियर उपलब्ध रहते हैं। एक ही एस्टीमेट बनाने तथा एक साथ कार्य कराने से इलेक्ट्रिकल वर्क के लिए अच्छे से कार्य करने तथा सुरक्षा के मानकों का पालन करने में समझौते की स्थिति आती है। सिविल कॉन्ट्रैक्टर्स ही इलेक्ट्रिकल कार्य को करवाते है। बैठक में इस व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए समस्त कार्यदायी संस्थाओं से सुझाव लिये गए।
कार्यदायी संस्थाओं से सुरक्षा मानकों पर चर्चा करते हुए एसीएस राधा रतूड़ी ने सख्त हिदायत दी कि सुरक्षा मानकों के लिए उच्चतम स्तर के मानदंड हैं, उन मानदण्डों के अनुसार ही उपकरणों का प्रयोग किया जाना चाहिए। एसीएस ने कड़े निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट या कार्य पूर्ण होने के उपरान्त भी सुरक्षा मानक निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप बने रहने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान में कार्यरत मजदूरों के अलावा उस भवन, प्रोजेक्ट या मशीनरी में कार्य पूर्ण होने के बाद लगाये जाने वाले श्रमिकों या कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण दिया जाना तथा सुरक्षा मानकों का समय समय पर परीक्षण करवाया जाना आवश्यक है। बैठक में इसे सुनिश्चित किये जाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यह तथ्य भी संज्ञान में आया कि सिविल और इलैक्ट्रिकल वर्क का एक ही एस्टीमेट बन जाने से इलैक्ट्रिकल कॉन्ट्रेक्टर्स जो छोटे ठेकेदार है या अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञ है, उनके कार्य से वंचित होने की भी समस्या आती है। इस व्यवस्था में परिवर्तन से उनकी दक्षताओं का उपयोग भी इलैक्ट्रिकल कार्यों में किया जा सकेगा। एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि जल्द से जल्द प्रदेश में कार्यदायी संस्थाओं के लिए सिविल वर्क एवं इलैक्ट्रिकल वर्क के लिए स्पष्ट अलग अलग व्यवस्था, सुरक्षा मानकों के लिए उच्चतम स्तर के मानदण्डों का पालन, मजदूरों व कार्मिकों के प्रशिक्षण एवं सुरक्षा मानकों के परीक्षण से सम्बन्धित नई नीति तैयार करते हुए उसे समस्त कार्यदायी संस्थाओं पर लागू किया जाने का उच्च स्तरीय निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में सचिव वी षणमुगम, अपर सचिव जगदीश कांडपाल तथा विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मोदी की उम्मीद पर खरे उतर रहे धामी, यूसीसी पर धामी का है अहम रोल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट कर उत्तराखंड के विकास में उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को स्थानीय भांग के रेशे की शॉल बेडू के उत्पाद तथा नंदा देवी राजजात की परम्परागत वाद्य यंत्रों ढोल, दमाऊं, रंणसिंघा युक्त प्रतिकृति भी भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में सड़कों पर परिवहन के दबाव को एक अत्याधुनिक एवं ग्रीन मास रैपिड ट्रांजिट प्रणाली द्वारा कम करने और जनमानस को सुरक्षित यातायात की सुविधा उपलब्ध कराये जाने के दृष्टिगत देहरादून मेट्रो नियो परियोजना प्रस्तावित की गई है। विस्तृत तकनीकी अध्ययन के उपरांत इस परियोजना की डीपीआर, जिसमें दो कॉरिडोर्स (कुल लम्बाई 22.424 किमी) तथा कुल लागत रू0 1852.74 करोड़ है, के प्रस्ताव पर भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त किये जाने के लिए आवासन एवं शहरी विकास कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से परियोजना के प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऑलवेदर रोड चारधाम सड़क परियोजना के लिया आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2023 के लिए केन्द्रीय सड़क अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के कार्यों हेतु प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से प्राप्त कुल 155 कार्यों के रू0 2550.15 करोड़ के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुरोध किया गया था। मंत्रालय द्वारा रू० 250 करोड़ के कार्यों में सहमति प्रदान की गयी है। मुख्यमंत्री ने अवशेष कार्यों की स्वीकृति दिलाए जाने का प्रधानमंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्षों से राज्य में पर्यटकों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से राज्य मार्गों में यातायात दवाब में बढ़ोत्तरी हुयी है। राज्य मार्गों को उच्चीकृत किया जाना नितांत आवश्यक है। इस सम्बन्ध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में ही 6 मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में उच्चीकत किये जाने की सैद्धांतिक सहमति दी गयी है। इसके अतिरिक्त 189 किमी के काठगोदाम-भीमताल ध्यानाचुली-मोरनोला-खेतीखान लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग को पर्यटन/सैन्य आवागमन एवं आम जनमानस के लिए नितान्त उपयोगी होने के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किया जाना निवेदित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर टनकपुर से पिथौरागढ़ तक दो लेन मार्ग का निर्माण चारधाम परियोजना के अन्तर्गत निर्मित है। पिथौरागढ़ से लिपुलेख तक की सीमा मार्ग को बीआरओ द्वारा विकसित कर दिया गया है। पिथौरागढ़-लिपुलेख मार्ग में स्थित गुंजी गांव से जौलिंगकांग तक के भाग को भी बी०आर०ओ० द्वारा निर्मित कर लिया गया है। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग, जोशीमठ, लप्थल-बारहहोटी तक 2-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग का काम भी लगभग पूर्ण हो चुका है। भारत-चीन सीमा में वर्तमान में कोई ऐसा मार्ग नहीं है जो जनपद पिथौरागढ़ के जौलिंगकांग आईटीबीपी पोस्ट को जनपद चमोली के लप्थल से आईटीबीपी पोस्ट को सीधे संयोजित करता है। अतः सामरिक रूप से अतिमहत्वपूर्ण टनल मार्गों के निर्माण से उक्त दोनों सीमा पोस्ट की दूरी 404 किमी कम होने के साथ-साथ पर्यटन एवं सीमा प्रबंधन की दृष्टि से भी उपयोगी होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड में स्थित पौराणिक मंदिरों में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को दृष्टिगत रखते हुये प्रथम चरण में 16 मंदिरों के समग्र विकास का कार्य किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में पूर्व से निर्मित 1 लेन सड़क मार्गों को 2 लेन में परिवर्तित किये जाने की कार्यवाही गतिमान है। भूमि अधिग्रहण, वनभूमि हस्तांतरण आदि की कार्यवाही राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से की जा रही है। प्रथम चरण में निर्माण कार्य हेतु लगभग रू0 1000 करोड़ की आवश्यकता होगी। उक्त धनराशि भारत सरकार के किसी भी मंत्रालय (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) से राज्य सरकार को उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से प्रदेश की विभिन्न विकास योजनाओं के साथ सड़कों एवं परिवहन के संबंध में भी चर्चा की तथा अवगत कराया कि सी.आर.आई.एफ से 250 करोड़ रूपये के कार्यों की सहमति सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा दी गई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आपदा की स्थिति की भी जानकारी दी तथा प्रदेश में सड़कों एवं पुलो के निर्माण एवं मरम्मत के लिए 2000 करोड़ की स्वीकृति तथा राज्य में पर्यटकों के आवागमन के दृष्टिगत 6 राजमार्गों को राष्ट्रीय राज्य मार्ग के रूप में अधिसूचित किये जाने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री को मानसून की स्थिति एवं आपदा की स्थिति से भी अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से सौंग बांध के निर्माण की भी स्वीकृति का अनुरोध करते हुए बताया कि इससे देहरादून शहर की 2050 तक की पेयजल समस्या का समाधान होगा। प्रधानमंत्री ने सौंग बांध के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत किए जाने के प्रति आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से इस वर्ष दिसंबर में प्रदेश में प्रस्तावित वैश्विक निवेश सम्मेलन में प्रतिभाग हेतु भी अनुरोध किया।

सहसपुर में वृहद अन्न भंडारण गृह का सहकारिता मंत्री ने किया भूमि पूजन

बहुद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति लि० सहसपुर के वृहत अन्न भंडारण गृह का भूमि पूजन वैदिक मंत्रोचार के साथ कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने किया। सहकारिता मंत्री के साथ आयोजन स्थल में सहसपुर के विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव सहकारिता डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम, निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पांडेय, नाबार्ड के सीजीएम वीके बिष्ट, अपर निबन्धक ईरा उप्रेती, अपर निबंधक आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, उपनिबंधक रामिन्द्री मंद्रवाल, जिला सहायक निबंधक सुमन कुमार, समिति के प्रशासक एडीओ पंकज सैनी सहित अनेक अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों ने भी भूमि पूजन में भाग लिया।

सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि केंद्र में पृथक सहकारिता मंत्रालय बनने से सहकारिता के क्षेत्र में प्रदेश प्रगति कर रहा है, राज्य में जन सेवा केंद्र जन औषधि केंद्र का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र में साइलेज का अच्छा काम हो रहा है अभी भी मांग के अनुरूप उत्पादन नहीं हो पा रहा है। साइलेज उत्पादन बढ़ाने के लिए सहसपुर में विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, साथ ही उत्पादन बढ़ाने के लिए हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर में किसानों को जोड़ा जा रहा है। सहकारिता मंत्री डॉ रावत ने कहा कि राज्य में सहकारी ग्राम स्थापित किए जा रहे हैं इसके साथ ही समितियों में उन्होंने सदस्यता वृद्धि किए जाने पर जोर दिया तथा क्षेत्र के कृषकों को अच्छे कार्य संपादन करने वाले किसानों को सम्मानित किए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।’

विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुंडीर ने इस मौके पर कहा कि सहकारिता द्वारा संचालित योजना में दीनदयाल उपाध्याय योजना से किसानों को लाभ मिल रहा है यह योजना बहुत अच्छी है गौरतलब है कि सहकारिता विभाग की समितियां और कोऑपरेटिव बैंक 0ः ब्याज दर पर किसानों को ऋण वितरण कर रहा है जिससे सहसपुर के किसानों ने अपनी आमदनी दोगुनी की है।

निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि सहकारिता देश में अन्न भंडारण क्षमता में वृद्धि किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एवं चीन में अन्न उत्पादन से अधिक भंडारण क्षमता है, भारत में उत्पादन से बहुत कम अन्य भंडारण क्षमता है।

मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड उत्तराखंड वीके बिष्ट ने कहा कि देश में अन्य भंडारण की क्षमता वृद्धि के लिए ( एआईएफ) योजना अंतर्गत सहकारी समितियों को न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी योजना के तहत सहसपुर में अन्न भंडारण गृह बनाया जा रहा है।

चोरी के सामान के साथ एक गिरफ्तार, एक फरार

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हार्डवेयर दुकान से रात के समय कीमती सामान चोरी करने पर पुलिस ने एक युवक को मोटरसाइकिल सहित लंढोरा हरिद्वार से गिरफ्तार किय है, जबकि एक युवक पुलिस की गिरफ्त से भागने में कामयाब रहा।

कोतवाल खुशीराम पांडेय ने बताया कि देवेंद्र बेलवाल पुत्र उमाकांत बेलवाल निवासी ग्राम खदरी ऋषिकेश ने तहरीर देकर बताया कि 4 जून 2023 की रात को उनकी श्यामपुर स्थित उमा हार्डवेयर की दुकान से एस्सेल, कजारिया, रेडवे, स्केच बाय कंपनी के टोंटी, वॉल मिक्सर, सिंगल लीवर, अन्य सामान चोरी हो गए है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए अज्ञात के खिलाफ चोरी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

कोतवाल ने बताया कि घटना स्थल तथा आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगालने तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार गिया गया है। उन्होनंे बताया कि आरोपी चोरी किए गए सामान को बेचने के लिए जा रहा था।

कोतवाल ने आरोपी की पहचान शेर खान पुत्र पुन्ना निवासी भुज्जाहेडी थाना पुरकाजी जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश के रूप में कराई है, बताया कि आरोपी से 02 वॉश बेसिन टौंटी रेडवे कंपनी, 10 एंगल कॉक रेडवे कंपनी, 12 टौंटी रेडवे कंपनी, 02 वॉश बेसिन टौंटी एस्सेल कंपनी मय पीवीसी कनेक्शन, 04 मिक्सर मय सेट एस्सेल कंपनी, 10 टौंटी छोटी बड़ी एस्सेल कंपनी, 10 एंगल बेसिन एस्सेल कंपनी, एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
जबकि पुलिस की नजरों से भागने में वसीम पुत्र बूंदू निवासी खड़का वाला थाना पुरकाजी जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश कामयाब रहा।

मोटा अनाज पौष्टिकता के साथ लाभप्रद भीः अग्रवाल

भाजपा महिला मोर्चा की ओर से श्री अन्न (मोटा अनाज) के प्रोत्साहन हेतु टिफिन बैठक का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और मोटे अनाज को बढ़ावा देने का आवाहन किया। इस मौके पर महिलाओं द्वारा टिफिन में मोटे अनाज से बने व्यंजन का लुत्फ भी उठाया गया।

सोमवार को छिद्दरवाला में आयोजित कार्यक्रम में डॉ अग्रवाल ने कहा कि मोटे अनाज को लेकर समाज में विभिन्न भ्रांतियां रहती थी, कि यह अमीर वर्ग का भोजन नहीं निर्धन और जिनके पास अनाज पर्याप्त मात्रा में नहीं है, ऐसे लोग इस मोटे अनाज यानी मिलेट को खाते हैं। डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया है और जब प्रधानमंत्री ने इसका प्रस्ताव रखा था तो विश्व के 72 देशों ने इसका समर्थन किया।

डॉ अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार प्रकट किया। कहा कि मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में मोटे अनाजों यानी मिलेट के उत्पादन और विपणन के लिए इस वित्तीय वर्ष में 73 करोड़ रूपये की व्यवस्था की है। कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड में मोटे अनाजों के प्रोत्साहन और उसके उत्पादन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए मोटे अनाजों को और करीब से उसके महत्व, उसकी गुणवत्ता से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि वास्तव में स्वास्थ्य की दृष्टि से मोटा अनाज विशेष लाभकारी है। हमारी सरकार का भी यही उद्देश्य है कि मोटे अनाज यानी मिलेट्स का किसान अधिक से अधिक उत्पादन करें। जिससे निश्चित ही किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी। मुझे विश्वास है कि उत्तराखंड जैसा छोटा राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसानों की आय को दोगुना करने की परिकल्पना को साकार करेगा।

जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का भी संकल्प है जब राज्य 2025 का होगा तो उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के साथ राज्य में मोटे अनाज यानी मिलेट्स के उत्पादन को भी दोगुना करेगा।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष भाजपा रविन्द्र राणा, ब्लाक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कविता शाह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विमला नैथानी, जिला महामंत्री महिला मोर्चा अनिता प्रधान, प्रदेश महिला मोर्चा आईटी सह संयोजक अंजली रावत, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा समा पंवार, सोनी प्रधान, ग्राम प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, भगवान महर, चंद्र मोहन पोखरियाल, सरदार बलविंदर सिंह, रोशन कुड़ियाल आदि उपस्थित रहीं।