सीएम धामी ने किया सूचना विभाग के नववर्ष कैलेंडर का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सूचना विभाग, उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रकाशित नववर्ष 2026 के आधिकारिक कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैलेंडर के आकर्षक स्वरूप, उत्कृष्ट मुद्रण गुणवत्ता एवं विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह कैलेंडर राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी नीतियों के साथ-साथ सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णयों को प्रभावी ढंग से जनमानस तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित यह कैलेंडर केवल तिथियों का संकलन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की विकास यात्रा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता एवं जनसेवा के संकल्प को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। कैलेंडर के माध्यम से राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों को एक सुसंगठित एवं रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो आमजन के लिए जानकारीपूर्ण एवं प्रेरणादायी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग की टीम को इस उत्कृष्ट प्रकाशन के लिए बधाई देते हुए कहा कि विभाग ने सदैव सरकार और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाई है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि भविष्य में भी सूचना विभाग नवीन तकनीकों, रचनात्मक सोच और नवाचार के साथ जनहितकारी सूचनाओं का व्यापक एवं प्रभावी प्रसार करता रहेगा, ताकि सरकार की योजनाओं और नीतियों की सही जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।

इस अवसर पर अपर सचिव सूचना बंशीधर तिवारी, उपनिदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव एवं उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष गोविन्द सिंह उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने युवाओं को स्वदेशी अपनाने का किया आह्वान

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क देहरादून में स्वदेशी संकल्प दौड़ का शुभारंभ किया। इस अवसर मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनको नमन किया। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं को उन्होंने सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत का संदेश देश की मजबूत नींव के लिए युवाओं को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर अग्रसर है तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने वोकल फॉर लोकल के संदेश को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया जैसे अभियान सबको मिलकर आगे बढ़ाने होंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने, अनुशासन अपनाने, शिक्षा-कौशल विकास पर जोर देने तथा राष्ट्र कर्तव्यों का पालन करने का विशेष आह्वान किया।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, भाजपा के संगठन मंत्री अजेय कुमार पार्टी पदाधिकारी एवं भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद थे।

उत्तराखंड में धामी सरकार में 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि हुई अतिक्रमण मुक्त

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने का अभियान अनवरत जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अफसरों से कहा है कि एक-एक इंच सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त किया जाएगा। धार्मिक प्रतीकों की आड़ में सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार की इस कार्रवाई का विभिन्न वर्गों ने स्वागत किया है।

प्रदेश में पहली बार सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इसी प्रकार धार्मिक प्रतीकों की आड़ में अवैध तरीके से बनाए गए करीब 600 ढांचों को भी हटा दिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त रुख को देखते हुए सरकारी मशीनरी भी इस दिशा में खास सतर्क हो गई है। प्रदेश भर में अतिक्रमण हटाओ अभियान अब जोर पकड़ रहा है। अभी दो दिन पूर्व ही राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने घंटाघर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की ओर से पूर्व में इस संबंध में नोटिस जारी कर मजार के प्रबंधकों को सात दिन की मोहलत दी गई थी, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया, जिससे प्रशासन को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ी। इससे पूर्व हरिद्वार में भी इस प्रकार की कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त कर विधायकों ने सीबीआई जांच की संस्तुति देने का किया स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक खजान दास, किशोर उपाध्याय, सहदेव पुंडीर, आशा नौटियाल, रेनू बिष्ट, बृजभूषण गैरोला, शक्तिलाल शाह ने मुलाकात कर अंकिता भंडारी प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस वर्ष बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता 7 व 8 फरवरी को होगी आयोजित

ऋषिकेश बॉडीबिल्डिंग & फिटनेस एसोसिएशन की वार्षिक बैठक होटल हाई में संपन्न हुई।

अध्यक्ष विवेक तिवारी व संरक्षक कपिल गुप्ता ने कहा कि हमारा उद्देश्य युवाओं के शरीर को स्वस्थ रखना, युवाओं को नशे से दूर रखना है, क्योंकि बलवान शरीर ही बलवान समाज और एक सशक्त शक्तिशाली राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता की तिथियों की जानकारी देते हुए पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कोहली व प्रतीक कालिया और एसोसिएशन की महासचिव रवि नेगी ने बताया कि प्रतियोगिता 7, 8 फरवरी 2026 आशीर्वाद वाटिका हरिद्वार रोड पर का आयोजित कराई जाएगी। जिससे प्रतियोगियों का मनोबल बढ़ाया जा सके व युवाओं को प्रेरणा मिलें।

एसोसिएशन की पूर्व महासचिव प्रवीण सजवान ने बताया कि इस बार लकी ड्रा भी निकल जाएगा और लकी ड्रॉ सांस्कृतिक कार्यक्रम के संयोजक अरविंद नेगी व अश्वनी गुप्ता को बनाया गया।

इस मौके पर संगठन के संरक्षक, राज वर्मा, प्रवीण सजवाण एडवोकेट कपिल शर्मा, राकेश कुमार, नीरज चौहान, आदेश कुमार, अभिषेक रावत, अंकित जोशी, अभिषेक कुमार, गणेश रावत, गौरव मिश्रा, एडवोकेट अमित कश्यप, वंश बिष्ट आदि उपस्थित थे।

सीएम धामी की जनसेवा पहल का लाभ लेने प्रत्येक शिविर में पहुंच रहे सैकड़ों लोग

उत्तराखण्ड सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के माध्यम से शासन को सीधे जनता के बीच ले जाने का एक विस्तृत और प्रभावी प्रयास शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में 17 दिसंबर 2025 से यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके क्षेत्र में प्रदान करना और जनसमस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

यह अभियान 45 दिनों तक सभी 13 जनपदों में न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविरों के माध्यम से चलाया जा रहा है। इस दौरान सैंकड़ों शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों ने अपनी समस्याएँ प्रस्तुत की हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई मामलों का मौके पर समाधान किया गया और लंबित शिकायतों को संबंधित विभागों द्वारा शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्रम के तहत नागरिकों को सरकारी प्रमाण पत्रों के लिये आवेदन, सामाजिक सुरक्षा व आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ और रोजगार तथा आजीविका से जुड़ी सेवाएँ सीधे प्राप्त हो रही हैं। अभियान में अब तक लाखों नागरिकों ने भाग लिया है तथा सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ लिया है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी अनेक जगहों पर जाकर जनसेवा के इस अभियान का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। सीएम कार्यालय स्तर से पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

*राज्य सरकार की ये पहल सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जवाबदेही का मॉडल है। सरकार का लक्ष्य है कि आम आदमी को सरकारी सेवाओं के लिये कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े बल्कि प्रशासन स्वयं जनता के द्वार जाए एवं समस्याओं का समाधान करे। इस प्रक्रिया से शासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है तथा लोगों में सरकार के प्रति विश्वास और सकारात्मक भावना बढ़ी है। यह अभियान उत्तराखण्ड में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*

लोक संस्कृति के संरक्षण से मजबूत होगी देवभूमि की पहचान: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय इंटर कॉलेज छाम, टिहरी गढ़वाल में सांस्कृतिक विकास समिति द्वारा आयोजित प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा यूसीसी के तहत पंजीकरण करवाने वाले लोगों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान नागराजा की पवित्र भूमि को नमन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक-संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर तथा बद्रीनाथ–केदारनाथ धाम को भव्य रूप दिया गया है। राज्य सरकार भी राज्य में हरिद्वार – ऋषिकेश कॉरिडोर सहित विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को खेलभूमि के रूप में विकसित किया जा रहा है। खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग सहित विभिन्न साहसिक खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं तथा झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार, होम-स्टे, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजना एवं आयुष वेलनेस सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिसे बनाए रखने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किया है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों को जेल भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रही है।राज्य सरकार ने अब तक 10 हजार से अधिक सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया है एवं 6 हजार से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगारोधी कानून के तहत दंगाइयों से एक-एक पाई की वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों से समझौता नहीं करेगी तथा देवभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा बहन स्व. अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी थी और आज भी उनके साथ खड़े हैं। सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किया गया, जिसने लगभग ढाई वर्ष तक गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर तीनों आरोपियों को न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हुई। जब अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की, तो सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए हर स्तर पर सहयोग दिया और आगे भी राज्य सरकार उनके साथ खड़े रहेगी।

विधायक प्रीतम सिंह पंवार, विधायक किशोर उपाध्याय ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कहा मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राज्य में यूसीसी, नकल विरोधी कानून सहित अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

इस अवसर पर थौलधार ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र भंडारी, पूर्व प्रमुख ज्योत सिंह बिष्ट, संजय नेगी, विनोद उनियाल, ब्लाक भाजयुमो प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत, पूर्व प्रमुख ख़ेम सिंह चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

अब घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से मिलेंगी सत्यापित खतौनी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में राजस्व परिषद द्वारा राजस्व विभाग के विभागीय कार्यों से सम्बन्धित 6 वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इसमें ई-भूलेख ( अपडेटेड वर्जन), भू-नक्शा, भूलेख अंश, भू-अनुमति, एग्री लोन एवं ई-वसूली पोर्टल ( ई – आरसीएस पोर्टल) शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप विज्ञान, आईटी और एआई के माध्यम से आमजन को अधिक से अधिक सहूलियत प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा इन वेब पोर्टलों के शुभारंभ से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी, उनका जीवन सरल होगा एवं उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे समय की भी बचत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार – सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत राजस्व से जुड़ी नई सेवाओं का ऑनलाइन उपलब्ध होना महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी एवं नागरिक घर बैठे ही खतौनी सहित अन्य राजस्व संबंधी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अभिलेखों से संबंधित सेवाओं में विशेष रूप से खतौनी अब तहसील कार्यालय आने के बजाय घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित प्रति के रूप में, ऑनलाइन भुगतान कर प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों हेतु भूमि उपयोग/भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन की गई है। साथ ही भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) को सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क देखने की सुविधा प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 वेब एप्लीकेशन का नवीन संस्करण डिजिटल इंडिया की भावना, विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखण्ड के लक्ष्यों तथा समय की मांग के अनुरूप आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उन्नत किया गया है। इस पहल से प्रशासनिक पारदर्शिता एवं नागरिक सुविधा में वृद्धि होगी। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ ईज ऑफ लिविंग को भी बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि ई-भूलेख पोर्टल के तहत भूमि अभिलेखों से संबंधित सेवाओं में विशेष रूप से खतौनी अब तहसील कार्यालय आने के बजाय घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित प्रति के रूप में, ऑनलाइन नियत शुल्क का भुगतान पेमेंट गेटवे के माध्यम से कर, प्राप्त की जा सकती है। पूर्व में खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने हेतु आमजन को तहसील आना पड़ता था, जिससे समय एवं संसाधनों की अतिरिक्त खपत होती थी, जबकि अब यह सुविधा पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध है।

भूलेख अंश पोर्टल के तहत प्रदेश के भू-अभिलेखों में संयुक्त खातेदारी एवं गोलखातों में दर्ज खातेदारों एवं सहखातेदारों का पृथक-पृथक अंश निर्धारित डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार किये जाने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस कार्यवाही में भू-अभिलेखों में खातेदारों की जाति, लिंग एवं पहचान संख्या को भी संकलित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में भू-अभिलेखों का समेकित डाटाबेस तैयार किया जा सकेगा।

भू-अनुमति पोर्टल के तहत प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों हेतु भूमि उपयोग/भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से भू-कानून के अनुसार प्रदेश में उद्योग एवं जनपद हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर में कृषि व बागवानी हेतु भूमि कय की अनुमति को पूर्णतः डिजिटलाईज किया गया है।

एग्रीलोन पोर्टल के तहत प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों हेतु भूमि उपयोग/भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन किया गया है। किसानों को बैंक से अपनी भूमि के सापेक्ष कृषि एवं कृषि संबंधित गतिविधियों हेतु ऋण लेने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। अब किसान या भूमि स्वामी पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिये आवदेन कर सकता है। और ऋण अदायगी के उपरान्त बैंक द्वारा एन.ओ.सी जारी करने पर स्वतः ही चार्ज रिमूव भी हो जायेगा।

ई-वसूली पोर्टल के माध्यम से राजस्व वसूली की प्रक्रिया को पूर्णः डिजिटल बनाते हुए बैंक अथवा संबंधित विभाग अब अपने बकायेदारों से वसूली हेतु प्रकरणों को ऑनलाइन माध्यम से कलेक्टर को भेज सकेंगे, जिसमें पूरी वसूली प्रकिया की प्रत्येक स्तर पर ट्रेकिंग की जा सकेगी एवं भू-नक्शा पोर्टल के तहत भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) को सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क देखने की सुविधा प्रदान की गई है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव राजस्व एस.एन पांडेय, सचिव एवं आयुक्त राजस्व परिषद रंजना राजगुरु, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, स्टाफ ऑफिसर श्रीमती सोनिया पंत, एनआईसी के वरिष्ठ निदेशक (आईटी) मनीष वालिया, नरेंद्र सिंह नेगी, संयुक्त निदेशक (आईटी) चंदन भकुनी एवं राज्य के सभी जिला मुख्यालयों से जिलाधिकारी, मंडल आयुक्त तथा विभिन्न तहसीलों से संबंधित अधिकारीगण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

सीएस वर्धन ने लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि यह भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार की उच्च प्राथमिकता वाली परियोजना है, और इसे जल्द से जल्द पूर्ण किए जाने का कार्य दिया गया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही कोई ढिलाई न हो, इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी संस्थानों के साथ बैठक कर कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परियोजना के सम्बन्ध में विस्तार से सभी संस्थानों के स्तर से किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना से सम्बन्धित सभी प्रकार की ड्रॉइंग्स और केन्द्रीय जल आयोग से उनका पुनरीक्षण कार्य ससमय करा लिए जाए। उन्होंने परियोजना को समय से पूर्ण किए जाने हेतु सभी स्तरों की पर्ट चार्ट के साथ टाईमलाईन तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दक्ष मैनपावर, मशीन और निर्माण सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा हाईड्रॉ मैकेनिकल ड्रॉइंग्स शीघ्र उपलब्ध करायी जाए।

मुख्य सचिव ने परियोजना से सम्बन्धित सभी प्रकार के अध्ययन आवश्यक रूप से उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यूजेवीएनएल और जिला प्रशासन को लगातार परियोजना से जुड़े सभी स्टेक हॉल्डर्स और प्रभावितों से लगातार संवाद किया जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव ऊर्जा को अपने स्तर पर पाक्षिक रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं उनके स्तर से भी नियमित रूप से प्रगति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियों के लिए सम्बन्धित मंत्रालयों से भी लगातार संवाद कर फाईल प्रोसेसिंग में तेजी लाए जाने की बात कही।

बैठक में बताया गया कि यमुना नदी पर स्थित लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना के अंतर्गत बनाया जाने वाला बांध 204 मीटर ऊंचा और इसकी लाइव स्टोरेज क्षमता 330.40 एमसीएम है। इसकी 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, एमडी यूजेवीएनएल डॉ. संदीप सिंघल, सीडब्ल्यूसी के प्रतिनिधि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण पर अब होगी सीबीआई जांच, मुख्यमंत्री धामी ने जांच को दी संस्तुति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।