देहरादूनः मुख्यमंत्री धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र को किया संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र दृ ‘नारी सम्मान- लोकतंत्र में अधिकार’ को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने सदन के सामने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन बिल को यथाशीघ्र लागू करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हुए सर्वसम्मत संकल्प व्यक्त करने का प्रस्ताव रखा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन की शुरुआत राज्य आंदोलनकारियों के साथ ही उत्तराखंड में नारी शक्ति का प्रतीक गौरा देवी, टिंचरी माई, बिशनी देवी शाह, जशूली शौक्याण, कुंती वर्मा, भागीरथी देवी, मंगला देवी, हंसा धनाई, सरला बहन, बेलमती चौहान, सुशीला बहन, कमला पंत जैसी महिलाओं को नमन करने के साथ किया। मुख्यमंत्री ने सदन से अपील करते हुए कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे उपायों का समर्थन करने में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी को देवी मानकर उसकी आराधना की जाती है। माँ दुर्गा, माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती के रूप में हम नारी के साहस, समृद्धि और ज्ञान के स्वरूप का वंदन करते हैं। उन्होने कहा कि भारत के इतिहास में रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले से लेकर अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला तक नारी शक्ति के असंख्य प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिलते हैं। नारी शक्ति अब केवल ’’सहभागिता’’ तक सीमित नहीं है, बल्कि ’’नेतृत्व’’ की भूमिका निभा रही है। चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता हो, क्रिकेट का विश्व कप जीतना हो, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से पास-आउट होना हो, या फिर सेना और वायु सेना में अग्रिम पंक्ति के मोर्चों पर काम करना हो, ये सब नारी शक्ति के उदाहरण हैं। इसी तरह उत्तराखंड भी अदम्य साहस की प्रतीक तीलू रौतेली, उत्तराखंड की लक्ष्मी बाई कही जाने वाली रानी जिया रानी और चिपको आंदोलन की अग्रदूत गौरा देवी नारी शक्ति का उदाहरण हैं।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम युगांतकारी कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नारी शक्ति के सामर्थ्य को समझते हुए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए थे। इस ऐतिहासिक अधिनियम के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। ये इन सदनों में केवल मातृशक्ति की संख्या बढ़ाने का प्रयास भर नहीं था, बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक युगांतकारी कदम था। प्रधानमंत्री ने इस विराट संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए समस्त देशवासियों के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों से भी सहयोग और समर्थन का आह्वान किया था। इसी कड़ी में अगले लोकसभा चुनावों तक देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने के उद्देश्य से 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस ऐतिहासिक संकल्प को साकार करने की दिशा में निर्णायक प्रयास किया। परंतु विपक्षी दलों ने मिलकर इस ऐतिहासिक और युग परिवर्तनकारी पहल को संसद में पारित नहीं होने दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोकसभा में संख्या बल के कारण जब बिल पारित नहीं हो पाया तो, विपक्षी दल के नेता तालियाँ बजा रहे थे। उस दृश्य को देखकर महाभारत की वो सभा याद आ गई, जिसमें द्रौपदी का अपमान किया गया था।

विपक्ष कर रहा भ्रम फैलाने का प्रयास
उन्होंने कहा कि विपक्ष अब महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। जबकि लोकसभा में ही गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर किया था कि परिसीमन के माध्यम से किसी भी राज्य की सीटों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा, इसीलिए सीटें बढ़ाने का प्राविधान बिल में रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार देने के बारे में कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पर जब पहली बार किसी ने सच्चे मन से महिलाओं के हित में कार्य करने का प्रयास किया तो उसे भी नहीं करने दिया। जबकि आदरणीय प्रधानमंत्री लोकसभा में ये स्पष्ट कह चुके थे की यदि ये बिल पास हो जाएगा तो इसका पूरा श्रेय वो विपक्ष को देने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अब देश की मातृशक्ति पूरी तरह से समझ चुकी है कि कौन उनके अधिकारों के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहा है।

केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में शपथ लेने के साथ ही नारी सशक्तिकरण को शासन की प्राथमिकता में रखकर कार्य करना प्रारम्भ कर दिया था। यही कारण है कि पिछले 11 वर्षों में जेंडर बजट में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण हेतु 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2015 में शुरू हुए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान से पिछले 11 वर्षों में लिंगानुपात और बालिका शिक्षा में उल्लेखनीय परिवर्तन आए हैं। पिछले 11 वर्षों में महिला-पुरुष लिंगानुपात में 12 अंकों की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, माध्यमिक स्तर पर स्कूलों में लड़कियों का कुल नामांकन अनुपात 3 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ा है। इतना ही नहीं, बीते 11 वर्षों में संस्थागत प्रसव 61 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत हो गया है। आज “सुकन्या समृद्धि योजना” के अंतर्गत बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 8.2 प्रतिशत की उच्च ब्याज दर के साथ टैक्स-फ्री बचत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस योजना के तहत अब तक 4 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है।

तीन तलाक से दिलाई मुक्ति
वहीं “प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना” के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही, “स्वच्छ भारत मिशन” के द्वारा घर-घर शौचालयों का निर्माण कर महिलाओं को गरिमा और सुरक्षा प्रदान की गई है। जिससे खुले में शौच की समस्या से मुक्ति मिली और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सम्मान दोनों की रक्षा हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को इस कुप्रथा से कानूनी संरक्षण प्रदान करने का काम किया है। जबकि पूर्व में सरकारों ने इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट तक बदलने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प का ही परिणाम है कि आज देश के सामान्य घरों की बेटियां रसोई से रायसीना हिल तक का सफर तय कर रही है। राष्ट्रपति आदरणीय द्रौपदी मुर्मू से लेकर ‘’ऑपरेशन सिंदूर’’ में अग्रणी भूमिका निभाने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी इसका उदाहरण हैं।

उत्तराखंड को मिलता फायदा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुछ लोग उत्तराखंड में भी महिला आरक्षण पर वही झूठ और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिसीमन के बाद उत्तराखंड विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 105 हो सकती थी, जिसमें से 35 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती थी। इसी तरह सांसदों कि संख्या भी 5 से बढ़कर 7 या 8 हो जाती, इससे हर किसी का फायदा ही था, फिर भी विपक्ष ने बिल पास नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि यदि सामान्य घरों से महिलाएं राजनीति में आ जाएंगी तो कुछ दलों की वंशवादी राजनीति की दुकानें बंद हो जाएंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी के पहले मंत्रीमंडल और राजीव गांधी की कैबिनेट में केवल एक- एक महिला मंत्री थीं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा मंत्रिमंडल में 7 महिला मंत्री हैं।

प्रदेश में मजबूत हो रही मातृशक्ति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार भी महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। इस वर्ष जेंडर बजट के अंतर्गत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश सरकार द्वारा ’’उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’’ के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है।
इसके साथ ही, ’’सशक्त बहना उत्सव योजना’’ और ’‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’’ के माध्यम से हमने राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर और शक्ति प्रदान करने का काम किया है। सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण और ‘’एकल महिला स्वरोजगार योजना’’ के माध्यम से महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान कर रही है। साथ ही साथ ’’मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने का काम भी किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी’’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है, वहीं, सहकारी समितियों में भी आज महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। खेल के क्षेत्र में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लोहाघाट में लगभग 256 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जा रहा है।

एक दिन जरूर पूरा होगा संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में सर्वप्रथम “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। यूसीसी से उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। अब यूसीसी की मांग पूरे देश में उठ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने धारा 370 हटाने, अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर निर्माण और दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारने का काम किया है। उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य भी अवश्य करेगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर दलगत हितों से ऊपर उठकर सकारात्मक और स्पष्ट रुख अपनाया जाए, ताकि देश की आधी आबादी को उनका उचित अधिकार मिल सके।

दिल्ली से दून ढाई घंटे में पहुंचे सीएम धामी, बोले ये है नए भारत की तेज रफ्तार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली दौरे के बाद सड़क मार्ग से लौटते हुए दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने दिल्ली से देहरादून का सफर महज करीब ढाई घंटे में पूरा किया, जो पहले की तुलना में बेहद कम समय है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान केंद्र सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश में जिस गति से सड़क और परिवहन सुविधाओं का विकास हो रहा है, यह उसी का परिणाम है। अब उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्लीदृदेहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर न केवल यात्रा समय को कम कर रहा है, बल्कि पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। इससे चारधाम यात्रा समेत राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच और अधिक सुगम होगी।

मुख्यमंत्री ने इसे नए भारत की नई रफ्तार बताते हुए कहा कि इस तरह की परियोजनाएं उत्तराखंड के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

सीएम ने बनबसा के गुदमी क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की जानकारी ली

नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जयंत सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चम्पावत जनपद के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना को एशियन हाईवे से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों धारचूला एवं झूलाघाट में सीमा व्यापार, आवागमन तथा आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किए जाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाया जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे सुगमता के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों की सुविधा हेतु चल रहे कार्यों को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री से चारधाम यात्रा में एलपीजी आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखने का किया अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में भेंट कर उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों एवं आपदाजन्य संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के निर्बाध, सुरक्षित एवं सुचारू संचालन हेतु व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पूर्ववत् 100 प्रतिशत बनाए रखने का अनुरोध किया। उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में अप्रैल से नवम्बर तक संचालित होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जिससे व्यावसायिक एलपीजी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इस अवधि में राज्य को लगभग 9,67,949 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जून से सितम्बर के मध्य मानसून अवधि में राज्य को प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। पर्वतीय भू-भाग एवं दुर्गम परिस्थितियों के कारण आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में एलपीजी गैस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने व्यावसायिक सिलेंडरों का अतिरिक्त 5 प्रतिशत (लगभग 48,397 सिलेंडर) आवंटन सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था मुख्यतः पर्यटन आधारित है, जिसमें धार्मिक पर्यटन, तीर्थाटन एवं साहसिक पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। चारधाम यात्रा राज्य की आस्था, सांस्कृतिक पहचान एवं आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन प्रदान किया तथा राज्य के हितों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।

मुख्य सचिव ने की स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा की। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई एवं मुख्य सचिव द्वारा दिशा निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कम्पलीट मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों एवं जनपदों के प्रवेश मार्गों पर ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिए अतिरिक्त फंड्स उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों एवं चारों धामों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस अतिरिक्त फण्ड का उचित उपयोग किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने पूरे प्रदेश सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा उपचारित जल को ग़ैर पेयजल कार्यों में उपयोग किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहाँ भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, उनसे उपचारित जल को आसपास के क्षेत्रों में ग़ैर पेयजल कार्यों में 100 प्रतिशत उपयोग में लाए जाने हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने प्रदेश के भीतर सभी कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स को शीघ्र तैयार कर संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम को भी शीघ्र से शीघ्र शुरू क्या जाए, ताकि डोर टू डोर कूड़ा उठान कार्य की निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, रणवीर सिंह चौहान एवं डॉ अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड पहुंचे आरबीआई गवर्नर, वित्तीय साक्षरता शिविरों का किया दौरा

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देहरादून जिले के भोपालपानी, बडासी और सोडा सरौली ग्राम पंचायतों के स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए क्रिसिल फाउंडेशन के सहसपुर स्थित वित्तीय साक्षरता केंद्र (सीएफएल) द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर का दौरा किया।

इस मौके पर उन्होंने वित्तीय साक्षरता के महत्व पर ज़ोर देते हुए नागरिकों को सशक्त बनाने की बात कही। उन्होंने वित्तीय जागरूकता, समृद्धि और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने, भारत सरकार की विभिन्न पेंशन तथा बीमा संबंधित सामाजिक योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने सीएफएल अधिकारियों से समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में रहने वालों को शिक्षित करने के लिए और अधिक प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि वित्तीय समावेशन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने प्रतिभागियों से ऐसे शिविरों के दौरान प्राप्त वित्तीय जागरूकता को अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों और पड़ोसियों के साथ साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों से भी बातचीत की।

शिविर में बिजनेस कोरेस्पोंडेंटों (बीसी) द्वारा बुनियादी बैंकिंग सुविधाओं सहित कई सेवाएं उपलब्ध कराई गई। शिविर स्थल पर सिक्के और नीट बदलने के लिए काउंटर भी स्थापित किए गए थे। इस मौके पर एक मोबाइल एटीएम वैन उपलब्ध थी तथा कुछ स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन भी किया, जिसमें गवर्नर ने काफी रुचि दिखाई और सराहना की।

इस मौके पर क्षेत्रीय निदेशक, आरबीआई, देहरादून अरविंद कुमार सहित भारतीय रिज़र्व बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ अधिकारी तथा ब्लॉक विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

गुरूग्राम में सीएम धामी ने डायरेक्ट सेलिंग मॉडल को बताया आत्मनिर्भर भारत का सशक्त माध्यम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुग्राम में आयोजित AWPL के भव्य “विजय पर्व” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से AWPL के उन प्रतिभाशाली एवं परिश्रमी साथियों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपने परिश्रम और समर्पण से सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि यह संस्थान डायरेक्ट सेलिंग मॉडल के माध्यम से अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा रहा है, जिससे ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं और लाखों लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित विशाल जनसमूह का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि डायरेक्ट सेलिंग मॉडल आज लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए AWPL के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ डॉ. संजीव कुमार तथा उनकी पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को “जॉब सीकर” के बजाय “जॉब क्रिएटर” बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और डायरेक्ट सेलिंग मॉडल इसी सोच का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि व्यक्तित्व विकास और क्षमताओं को निखारने का भी अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं एवं मातृशक्ति की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं इस प्रकार के प्लेटफॉर्म के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं और समाज में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 में केंद्र सरकार द्वारा डायरेक्ट सेलिंग क्षेत्र के लिए उपभोक्ता संरक्षण एवं स्पष्ट नियम लागू किए गए, जिससे इस क्षेत्र में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। इन नियमों से डायरेक्ट सेलर्स के अधिकार मजबूत हुए हैं तथा पूरे सेक्टर को एक संगठित एवं भरोसेमंद ढांचा प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है और देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश में निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत को विश्व स्तर पर विकास, विश्वास और अवसरों की भूमि के रूप में देखा जा रहा है।

उन्होंने “स्टार्टअप इंडिया”, “वोकल फॉर लोकल”, “मेक इन इंडिया”, “स्किल इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के अंतर्गत 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था निरंतर सशक्त हो रही है, जिसमें जीएसडीपी में 7.23% की वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य का वार्षिक बजट 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं तथा स्टार्टअप्स की संख्या 700 से बढ़कर 1750 से अधिक हो गई है। साथ ही हेलिपोर्ट और हेलिपैड की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बिजली उत्पादन तीन गुना से अधिक बढ़ा है तथा पर्यटन क्षेत्र में होटल उद्योग में लगभग 25% और होमस्टे में 50% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिला है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है तथा Ease of Doing Business और Startup Ranking में भी अग्रणी श्रेणियों में स्थान हासिल किया है। साथ ही, इनोवेशन इंडेक्स में हिमालयी राज्यों में दूसरा स्थान और नीति आयोग के SDG इंडेक्स में प्रथम स्थान प्राप्त करना राज्य की उपलब्धियों को दर्शाता है।

उन्होंने मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप प्रदेश की लगभग पौने तीन लाख महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर सशक्तिकरण की दिशा में अग्रसर हुई हैं।

उन्होंने कहा कि AWPL भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अंत में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में अपना सक्रिय योगदान दें तथा देश को आगे बढ़ाने के इस अभियान में सहभागी बनें।

मन की बात कार्यक्रम से मिलती है आगे बढ़ने की प्रेरणाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोथरोवाला, देहरादून में बड़ी संख्या में उपस्थित स्थानीय लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 133वें संस्करण को सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम देशवासियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री समाज के विभिन्न वर्गों के प्रेरक कार्यों, नवाचारों, स्टार्टअप, स्वच्छता, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण एवं लोक संस्कृति से जुड़े विषयों को प्रभावी रूप से सामने रखते हैं, जिससे लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम ने आमजन के प्रयासों को एक मंच प्रदान किया है। इससे देश के कोने-कोने में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों को पहचान मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वातावरण बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम अनवरत रूप से निरंतर जारी है, जो करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनत, परिश्रम और काम करने वाले लोगों को अवश्य फल मिलता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का मान, सम्मान, स्वाभिमान प्रत्येक क्षेत्र में बड़ रहा है। भारत बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरा है। हमारा देश विज्ञान, रक्षा, ए.आई के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। आज हम रक्षा उपकरणों, हथियारों का अन्य देशों को निर्यात भी करते हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। देश के सीमांत क्षेत्रों में भी अब रोड, रेल और आधुनिक सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड, विकसित भारत के संकल्प में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। बाबा केदार की भूमि से प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था, जिस संकल्प पर राज्य सरकार निरंतर आगे कार्य कर रही है और अब इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि हम उत्तराखंड की संस्कृति, आस्था और साधना को हमेशा संरक्षित रखें। राज्य सरकार, देवभूमि के दैवत्व को हमेशा अमर रखने का काम करेगी। राज्य सरकार ने सख्त दंगारोधी कानून, धर्मांतरण कानून, नकल विरोधी कानून, जैसे कई कानून लागू किए हैं जो अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा जहां डबल इंजन की सरकार है वहां विकास दुगनी रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, दायित्वधारी प्रताप सिंह पंवार, सरिता डंगवाल, मोहित शर्मा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हेमकुंट साहिब की आगामी यात्रा को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में मुख्यमंत्री को कराया अवगत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने भेंट की। उन्होंने आगामी यात्रा को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत भी कराया।

इस दौरान अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को 20 मई 2026 को श्री हेमकुंट साहिब यात्रा 2026 के पहले जत्थे के विदाई समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन-प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि हेमकुंड साहिब यात्रा को सफल, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि 20 मई 2026 को श्री हेमकुंट साहिब यात्रा 2026 के पहले जत्थे का विदाई समारोह आयोजित होगा। इस पहले जत्थे का नेतृत्व पारंपरिक रूप से पंज प्यारों द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया श्री हेमकुंट साहिब यात्रा 2026 के कपाट 23 मई 2026 को खुलने वाले हैं। लाखों श्रद्धालु इस पावन यात्रा में शामिल होकर गुरु गोबिंद सिंह जी की पावन तपोभूमि के दर्शन करेंगे।

केदारनाथ धाम में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, जहां राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु सुगम और सुरक्षित दर्शन कर सकें।

केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि केदारनाथ के कपाट खुले हुए तीसरा दिन है। साथ ही भगवान भैरवनाथ के कपाट भी खुल गए हैं। उन्होंने बताया अब तक करीब 1 लाख 10 हजार लोगों ने भगवान श्री केदारनाथ के दर्शन कर लिए हैं। वर्तमान समय में केदारनाथ धाम में व्यवस्थाएं बिल्कुल ठीक हैं। प्रत्येक श्रद्धालु को दर्शन का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कुछ अराजक तत्व द्वारा धाम को बदनाम किया जाना बेहद निंदनीय है।

केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य श्री उमेश चंद्र पोस्ती ने कहा कि बीकेटीसी एवं जिला प्रशासन के नेतृत्व में अब तक करीब 1 लाख 10 हजार लोगों ने बाबा केदार के दर्शन कर लिए हैं। उन्होंने कहा सोशल मीडिया के माध्यम से कई लोग असत्य और भ्रामक खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने देश-विदेश के श्रद्धालुओं से निश्चिंत होकर केदारनाथ धाम आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन, सब मिलकर दिन रात व्यवस्थाओं में जुटा हुआ है। केदारनाथ में किसी तरह की अव्यवस्थाएं नहीं है। मंदिर में दर्शन के लिए यात्रियों के लिए टोकन व्यवस्था की गई है। जिससे जल्दी दर्शन हो रहे हैं।

केदार सभा के सदस्य संजय तिवारी ने सभी श्रद्धालुओं का केदारनाथ में स्वागत करते हुए कहा कि अब बाबा भैरवनाथ के कपाट भी खुल गए हैं। उन्होंने कहा शासन, प्रशासन, केदार सभा एवं स्थानीय लोगों द्वारा केदारनाथ आने वाले यात्रियों के ठहरने, दर्शन और खाने के लिए बेहतर व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया में केदारनाथ धाम के बारे में चल रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं की गई है।